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DID फेम राघव जुयाल कर रहे है,कांग्रेस प्रत्याशी शैलेन्द्र रावत का चुनाव प्रचार

बीजेपी के टिकट बंटवारे के बाद टिकट नही मिलने के कारण यमकेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे बीजेपी के बागी नेता शेलेन्द्र रावत ने कांगेस का दमन थामा है। भेदभाव और परिवारवाद के खिलाफ  बीजेपी पर  जमकर निशाना साध रहे,शेलेन्द्र रावत का खंडूरी फेक्टर पीछा नही छोड़ रहा है। पहले कोटद्वार से भुवनचन्द्र खंडूरी तो अब यहाँ यमकेश्वर से उनकी बेटी ऋतू खंडूरी उनके लिए बड़ी चुनौती है। शैलेन्द्र रावत ने कहा की छेत्र की जनता से उनको बड़ा ही प्यार मिल रहा है अब छेत्र में धुंवाधार प्रचार शुरू कर दिया है।

इस प्रचार में उत्तराखंड के चमकते सितारे राघव जुयाल भी उनके समर्थन में यमकेश्वर से चुनाव प्रचार में लगे है,जिस से युवा वोटर बडी  संख्या में प्रचार अभियान से जुड़ रहे , इस बार क्षेत्र की जनता बीजेपी से 15 सालों का हिसाब किताब करेगी और क्षेत्र से इस वनवास को दूर करेगी गौरतलब है इस छेत्र में कांग्रेस की बागी उम्मीदवार रेनू बिष्ठ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में है और कड़ा मुकाबला रितु खंडूरी से होना है।

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चुनावी प्रचार में कांग्रेस को पछाड़ती बीजेपी?

उत्तराखंड में चुनावी माहौल चरम पर है, मतदान में करीब एक हफ्ते का समय रह गया है। लेकिन इस बार चुनावों का रंग कुछ फीका सा लग रहा है। खासतोर पर सत्तारूढ़ कांग्रेस प्रचार में बीजेपी से कुछ पिछड़ती दिख रही है। राज्यभर में बीजेपी के कई होर्डिंग बैनर दिख रहे हैं, साथ ही पार्टी ने राज्य की सभी 70 सीटों पर चुनावी रथ के ज़रिये लोगों तक पहुंचने का काम किया है। ऐसे में कांग्रेस के तेवर कुछ नर्म दिख रहे हैं।

हांलाकि कांग्रेसी  नेता जे. एस. बाली ऐसा नहीं मानते। उनके मुताबिक “हम चुनावी प्रचार में पीछे नहीं है, हम ग्रास रुट लेवल पर काम कर रहे हैं लोगो से मिलकर उनकी परेशानी भी जान रहे हैं। हमारा मकसद लोगो की समस्याओं का निवारण करना है ना की पैसे का दुरूपयोग करना है। जितने भी पार्टी के बैनर व होर्डिंग लगाए गए है वह सीमित संख्या में है । जबकि बीजेपी की खोखली उपलब्धियों और आरोपों से शहर के तमाम होर्डिंगस पटे पड़े है जिससे से साफ़ जाहिर होता है कि बीजेपी विकास की नहीं दिखावे की राजनीति करती है।” कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया बीजेपी ने सभी 70 विधानसभाओ में डिजिटल वैन दौड़ाकर यह जग जाहिर कर दिया है की उनके पास जनता से सीधे संवाद करने का बिल्कुल भी समय नहीं है जबकि कांग्रेस छोटी छोटी सभाएं कर जनता से सीधी जुड़ रही है। 

उधर बीजेपी ने कांग्रेस पे निशाना साधते हुए बोला की कांग्रेस चुनावी कैंपेन मे पीछे होती जा रही है इसलिए हम पर झूठे आरोप लगा रही है। बीजेपी अपने विशन और उपलब्धियों से लोगों को रू ब रू करने के साथ कांग्रेस की विफलताएं भी गिना रही है।बीजेपी ने कुछ नए अंदाज में चुनावी प्रचार में जुटी है बीजेपी ने इस बार सांस्कृतिक चुनावी रथ का भी प्रयोग कर रही है। इन रथों मे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से कांग्रेस की विफलताओ को दिखाने के साथ साथ नुकड़ नाटक के माध्यम से कांग्रेस सरकार की खामियां व मोदी सरकार की उपलब्धियां बताईं जा रही है। बीजेपी के प्रवक्ता विनय गोयल ने कहा कि “हमारे पास लोगों तक सच को दिखाने के लिए कई माध्यम हैं और उन्हीं के प्रयोग से कांग्रेस के पिछले 5 सालों में उत्तराखंड में भ्र्ष्टाचार को लोगो तक पहुचाया जा रहा है। कांग्रेस के पास ऐसी कुछ उपलब्धियां नही है जो वह लोगो को दिखाएे इसीलिए वह किसी तरह की होर्डिंग व बैनर लगाने में असमर्थ है”  

राजपुर के कांग्रेसी प्रत्याशी राजकुमार ने कहा की ” फिलहाल प्रचार सामग्री काफी कम मिली है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही जरूरत का सामान मिल जायेगा। पार्टी सभी का ख्याल रख रही है लेकिन सामग्री कम होने के कारण काफी परेशानी हो रही है।” बहरहाल 2014 के लोकसभा चुनावों में ये बात साफ हो गई थी कि लोगों तक पहुंचने के लिये तमाम तरह के नये पुराने माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ गया है। खासतौर पर उस समय नरेंद्र मोदी के रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने ही इन नये तरीको की कमान संभाल रखी थी। अब किशोर कांग्रेस का प्रचार देख रहे हैं लेकिन फिलहाल प्रचार में वो धार नहीं दिख रही है जिसके लिये वो मशहूर हैं।

तीन विधानसभा क्षेत्रों में वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल सिस्टम का होगा प्रयोग

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया है कि उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव में राज्य के तीन विधानसभा क्षेत्रों 18-धरमपुर, 26-बी.एच.ई.एल. रानीपुर एवं 66-रूद्रपुर में वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रतूड़ी ने बताया कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तराखण्ड के 3 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों (18-धरमपुर, 26-बी.एच.ई.एल. रानीपुर, 66-रूद्रपुर) को ऐसे विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है जहां वोट के पेपर टेªल के मुद्रण के लिए उक्त निर्वाचन क्षेत्रों में प्रयोग की जाने वाली सभी मतदान मशीनों के ड्रॉप बॉक्स के साथ प्रिंटर संलग्न किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके अनुपालन में आगे की कार्रवाई हेतु सम्बन्धित निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। उक्त निर्वाचन क्षेत्रों में वीवीपीएटी के प्रयोग के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए एवं निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को इस के बारे में सूचित किया जाए।

हरीश रावत ने लोगों को मजबूर किया पार्टी छोड़ने के लिए अब जनता चुनाव में जवाब देगी – सुबोध उनियाल

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प्रदेश में मतदान के लिए अब कुछ ही दिन बचे है ऐसे में चुनावी माहौल अपने चरम पर है , आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चल रहा है, सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी विधानसभाओं में जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे है। बात करे नरेंद्रनगर विधानसभा की तो यहाँ पर भी सीट के लिए माहौल भी पूरा गरमा रखा है,अपनी पार्टी के बागी ओम गोपाल रावत से सुबोध उनियाल को कड़ी टक्कर मिल रही है। इस विधानसभा में कांग्रेस का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर जबकि असली मुकाबला सुबोध उनियाल और ओम गोपाल के बीच है। नरेंद्र नगर से बीजेपी प्रत्याशी सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता कर हरीश सरकार पर जमकर आरोप लगाया, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश रावत ने उत्तराखंड से कांग्रेस का नमोनिशान मिटा दिया है। नरेन्द्र नगर के सभी कार्यो को हरीश रावत ने रोका है। उनियाल ने कहा कि राज्य में ऐसा अकेला विधायक हूं जिसने हमेशा विकास को तरहीज दी है और आगे भी नरेन्द्र नगर को लेकर अर्बन डेवलेपमेंट की सोच के साथ कई योजनाए है।

गौरतलब है कि सुबोध उनियाल पिछले साल कांग्रेस का हाथ छोड़ अन्य बाघी विधायकों के साथ बीजेपी में सामिल हो गये थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का करीब माना जाता है। देखना होगा कि उनियाल बीजेपी के बागी ओम गोपाल की चुनौती को कितना टक्प्कर दे पाते हैं।

उत्तराखण्ड में ट्यूलिप की खेती होगी सफल और लाभदायक: राज्यपाल

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नाजुक, आकर्षक और महंगे फूलों में शुमार विदेशी पुष्प ‘ट्यूलिप’ ने राजभवन में अपना सौंदर्य बिखेरा है। कई रंगों में खिले अर्ली वैराइटी के ‘ट्यूलिप्स’ ने उत्तराखण्ड के ठंडे इलाकों में इसकी व्यावसायिक खेती सफल होने की सम्भावनायें जगा दी है।
उत्तराखण्ड के राज्यपाल डाॅ0 कृष्ण कांत पाल ने इन सम्भावनाओं को तलाशने की दृष्टि से पहली बार दिसम्बर, 2015 में राजभवन में ‘ट्यूलिप’ उगाने का प्रायौगिक प्रयास शुरू किया था। इसके बल्ब्स राष्ट्रपति भवन के सौजन्य से प्राप्त हुए थे। जिसमें अच्छे फूल आए थे। 2016 में भी यह प्रयोग दोहराया गया। प्रयोग को प्रतिवर्ष सफल होते देख राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में इस ‘एक्जाॅटिक फ्लावर’ की खेती को ‘फ्लोरीकल्चर’ का हिस्सा बनाने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा सकता है।
ट्यूलिप की व्यावसायिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यान विभाग को विशेष प्रयास भी करने होंगे। घरेलू एवं अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में लगातार बरकरार ट्यूलिप की मांग को देखते हुए उत्तराखण्ड में इसकी व्यावसायिक खेती लाभदायक सिद्ध हो सकती है। राजभवन में इस वर्ष वसन्तोत्सव 2017 की पुष्प प्रदर्शनी में पुष्प उत्पादकों और पुष्प प्रेमियों के आकर्षण का केन्द्र होंगे राजभवन में खिलने वाले ‘लेट वैराइटी’ के ट्यूलिप्स।

कांग्रेस सरकार ने लिखा देश का काला इतिहास : अमित शाह

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बीजेपी ने चुनाव प्रचार में अपने तमाम नेताओं का ज़ोर झोंक दिया है। इसी कड़ी में मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पौड़ी जिले में जनसभा को संबोधित किया। लोगों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने राज्य की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाते हुए कहा कि राहुल बाबा पूछते हैं ढाई साल का हिसाब हम 2019 में उन्हें पूरा हिसाब देंगे। अमित शाह ने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी ने देश को बोलने वाला प्रधानमंत्री दिया है। आपके मौनी बाबा की आवाज केवल आप और आपकी माताजी के कानों तक ही पड़ती थी।

देश में कांग्रेस के 10 साल के शासन को भी शाह ने काला इतिहास बताया। टू ज़ी घोटाला, आदर्श घोटाला, सबमरिन घोटाला, कोयला घोटाला का जिक्र करते हुए शाह ने यूपीए सरकार को घोटालों कीा सरकार कहा।

वहीं मोदी सरकार को शाह ने भ्रष्टाचार मुक्त औऱ गरीबों की हिमायती सरकार बताया।नोटबंदी को सरकार की कामयाबी कहते हुए शाह ने कहा कि इसकी वजह से राजनीतिक दलों की चुनावी राजनीति से काले धन को बाहर किया जा सका।

वहीं हरीश रावत सरकार पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि रावत सरकरा ने राज्य के लोगों को केवल ढगा है। उन्होने कहा कि सरकार ने सिर्फ परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री रमेस पोखरियाल निशंक और बीजेपी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

रश्मि देसाई फिर हुई घायल

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टीवी एक्ट्रेस रश्मि देसाई एक बार फिर घायल हो गईं। अपने शो दिल से दिल तक के सेट पर शूटिंग के दौरान रश्मि देसाई की आंख पर चोट लग गई। उनको एक सीन में रॉड चलानी थी, जो गलती से घूम गई और उनकी आंख के ऊपर लग गई, जिससे उनको चोट लग गई। उनको फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उनकी आंख पर छह टांके लगाए। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर वह आराम करने के लिए घर लौट गईं। ये पहला मौका नहीं था, जब उनको चोट लगी हो। इसी शो के सेट पर कुछ दिनों पहले सीढ़ियो से फिसलकर जख्मी हो गई थी और उस वक्त उनके पैरों में चोट लगी थी। शो की यूनिट के मुताबिक, अगले सप्ताह तक रश्मि के सेट पर लौट आने की उम्मीद है। उनका ये शो बिग बॉस 10 के बाद कलर्स पर शुरू हुआ, जिसमें उनके साथ जसमिन और सिद्धार्थ शुक्ला मेन लीड में हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लिया चुनाव की तैयारियों का जायजा

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विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग पूरी तरह सख्त है। देहरादून सचिवालय में सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन में कार्यरत मतदान कर्मियों, पुलिस जवानों को शत-प्रतिशत मतपत्र दिलवाने, फोर्स उपलब्धता व अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर दोनों आयुक्त एवं समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक के साथ कान्फ्रेंसिंग की गई।

वीडियों कान्फ्रेंसिंग द्वारा मुख्य निर्वाचन आधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग के उपायुक्त संदीप सक्सेना से प्रदेश में चिहिन्त 4 विधान सभा में इस बार की जा रही वीवीपेट मशीनों के सफल संचालन हेतु अतिरिक्त इंजीनियर्स की मांग करते हुए आयोग से अनुमति ली है कि कतिपय वीवीपेट मशीनों के खराब हो जाने की स्थिति में मतदान को जारी रखा जाय। इस पर उपायुक्त द्वारा प्रकरण को उनके द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के संज्ञान में लाने को कहा गया।उपायुक्त द्वारा 13 फरवरी 2017 तक संवेदनशील मतदान केंद्रों की वेब कास्टिंग नेटवर्किंग की जांच कर लेने की अपेक्षा की गई है तथा अवगत कराया गया है कि आयोग 13 फरवरी 2017 को प्रक्रिया का स्वयं परीक्षण करना चाहेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा डयूटी पर लगे मतदान कर्मियों एव पुलिस जवानों को उनकी विधानसभा का मतपत्र ही जारी करने हेतु विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देते हुए व्यावहारिक रूप से मतदान प्रक्रिया को समझाया गया। उन्होंने समस्त जिला निर्वाचन अधिकारी से विभिन्न जिलों में निर्वाचन ड्यूटीरत मतदान कर्मियों के लिए डाकमत पत्र प्रत्येक दशा में 10 फरवरी तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
आरक्षित मतदान एवं पुलिसकर्मी को देय हल्का नाश्ता आदि विषयक नगद भुगतान के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन में लगे समस्त कर्मी जवानों को यह सुविधा देय होगी। इसके लिए जी0ओ0 भी जारी करने के निर्देश अधीनस्थ को दिये हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश को अर्धसैनिक बल की 70 कम्पनी 12 फरवरी तक उपलब्ध हो जायेगी। उन्होंने समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों से अपेक्षा की कि पैरा मिलिट्री जवानों की तैनाती में भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखा जाय तथा हाई एल्टीटयूड में तैनात किये जाने वाले मतदान कार्मिक एवं सुरक्षा बलों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं।
इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनोद शर्मा, आयुक्त कुमाउ डी0 सैंथिल पांडियन, बिग्रेडियर राजीव गुप्ता, आईजी दीपम सेठ, डीआईजी पुष्पक ज्योति ने भी पुलिस प्रबन्धन की जानकारी दी।

उत्तराखंड में वर्ष 2016 से अब तक 18 बार आया भूकंप

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सोमवार रात आए भूकंप से पूरा प्रदेश कांप उठा। भूकंप का केंद्र रुद्रप्रयाग जिले का कालीमठ क्षेत्र था। 10 बजकर 33 मिनट और आठ सेकंड पर आए 5.8 परिमाण वाले भूकंप के झटके सभी जिलों में महसूस किए गए। कोई जनहानि नहीं हुई है। हालांकि एक महिला समते दो लोग घायल हुए हैं।
वहीं मौसम विज्ञान केन्द्र देहरादून के अनुसार भूकंप के आकड़ों पर नजर डाले तो उत्तराखण्ड में वर्ष 2016 में 17 बार भूकंप आया है। जिसमें 15 फरवरी चमोली 3.5, 21 फरवरी उत्तरकाशी 3.5, 11 अप्रैल पिथौरागढ 3.7 ,05 मई पिथौरागढ 4.1, 08 जून पिथौरागढ 3.5 ,10 जुलाई चमोली 3.9, 13 अगस्त पिथौरागढ़ 2.7, 19 अगस्त उत्तरकाशी 3.8 ,26 सितम्बर रुद्रप्रयाग 3.7, 14 अक्टूबर पिथौरागढ़ 3.3, 27 अक्टूबर अल्मोड़ा 3.2, 23 नवम्बर देहरादून, 3.4, 01 दिसम्बर पिथौरागढ 5.2, 12 दिसम्बर उत्तरकाशी 2.8, 14 दिसम्बर देहरादून 3.9, 14 दिसम्बर उत्तरकाशी 3.4, 19 दिसम्बर उत्तरकाशी 3.4 जिला चपेट में रहा है।

सालों से जंगलों मे रहने को मजबूर हैं ये उत्तराखंडी

उत्तराखंड में मतदान में अभी कुछ ही दिन बाकी है ऐसे में सालों से उत्तराखंड के जंगलो में रह रहे वन गुज्जर समुदाय की भी अपनी परेशानिया हैं। एक तरफ तो उत्तराखंड में दोनों राष्ट्रीय पार्टियां अपने अपने मेनिफेस्टो में जनता के लिए बड़े बड़े वादे कर विकास की नयी योजनाओ के सपने दिखा रही है। ऐसे में लोक तंत्र के महापर्व में कुछ ऐसे परिवारों की दशा आपको दिखाते है जो सालों से जंगलो के बीच रह कर अपने सपनो को बुन रहे है,और गणतंत्र के चुनावी महापर्व में अपनी भागीदारी निभा कर भी विकास से अछूते रह रहे हैं। इनके लिए न तो राज्य सरकार के पास कोई योजना है न केंद्र सरकार के पास। हालांकि टाइगर रिजर्व बनने से पूर्व यहाँ से कई परिवारों का विस्थापन हो गया है लेकिन अभी कुछ परिवार विस्थापन की राह देख रहे है। गौरतलब है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में  रह रहे वन गुज्जरों के कई परिवारों को पार्क से विस्थापित करने के बाद भी यहाँ 221  परिवार ऐसे है जो यहाँ रहने को मजबूर हैं या यह कहे यहाँ से हटने को तैयार नहीं।

विस्थापन का इंतज़ार करते हैं ये वन गुर्जर

1983 में राजाजी पार्क के गठन के बाद से ही इस पार्क के भीतर रहने वाले वन गुज्जर पार्क महकमे के लिए एक बड़ी समस्या बने हुए है। इन गुज्जरों को पार्क से बेदखल करने के लिए राजाजी पार्क के प्रसाशन ने साल 1998 में इनकी गणना करवाई थी। उस गणना के बाद 1392 गुज्जरों के परिवारों को यहाँ से विस्थापित कर हरिद्वार के गेंड़ीखाता व् पथरी में भूमि दी गई थी मगर इनमे से 168 परिवार ऐसे थे जो यहाँ से नहीं गए उनका अरोप था की पार्क महकमे द्वारा उनके कई परिवारों को भूमि नहीं दी गई। इस सम्बन्ध में पार्क ने फिर से वर्ष 2001 में उन बचे 168 परिवारों की गणना की मगर दस सालों में उन परिवारों की संख्या बड कर 1600 के आसपास हो गई। धीरे धीरे उनमे से कई परिवार पार्क से विस्थापित हो गए , उसके बाद लगभग चार सौ से ऊपर परिवार यंहा रह रहे थे जिसमे से कुछ परिवार वन विभाग से वार्ता के बाद अब जल्द ही गांडीखाता में विस्थापित हो गए  और बाकी के 228 परिवारो को जल्द ही शाह मंसूर में विस्थापित करने की प्रक्रिया होनी बाकी है। इन परिवारों को नयी सरकार से काफी उम्मीद है अब ये गुज्जर परिवार अपने बच्चो के भविष्य के लिए सरकार से मांग कर रहे है कि पार्क में छूटे हुए परिवारों को जल्द विस्थापित किया जाए।

हर बार वोट के समय नेता इन परिवारों से वोट तो मंगाते है लेकिन इन परिवारों की बाद में कोई सुध नहीं लेता ,बदलते ज़माने के साथ ये वन गुज्जर भी बदलना चाहते है जंगलो का मोह , पशुओ का संसार और दो जून की रोटी इनको जंगलो तक ही सिमित कर देती है