उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ही नहीं यहां के व्यापारिक और व्यावसयिक ही नहीं आयकर विभाग की नज़र में वे लोग हैं जिन्होंने पांच लाख से ज्यादा लेन-देन किए हैं। ऐसे लोगों पर विभाग की निगाह टेढ़ी है। आयकर विभाग ने देहरादून उन बैंक खाता धारकों को नोटिस भेजी है जिन्होंने नोटबंदी के बाद अपने खातों में मोटी रकम जमा की है। इनमें कुछ लोगों को मैनुअल तथा कुछ लोगों को इन नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुछ नोटिस केन्द्र से आ रहे हैं तथा कुछ स्थानीय स्तर से भेजे जा रहे हैं।
आयकर विभाग की उन लोगों पर विशेष निगाह है जिन्होंने पांच लाख या उससे अधिक की राशि खातों में डाली है। जानकार बताते हैं कि नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इन संदर्भों में सचेत थे और प्रयास कर रहे थे कि ऐसे लोगों को घेरा जाए जो आयकर विभाग की दृष्टि में अभी नहीं आए हैं। विभाग द्वारा ऐसे लोगों के बैंक खातों की समग्र जानकारी के बाद उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस मिलने के बाद से ही ऐसे लोगों में काफी हड़बड़ाहट है जिन्होंने इस तरह के लेनदेन खातों के माध्यम से किए हैं।
आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर देहरादून में भी विभिन्न बैंक खातों में भारी मात्रा में पैसा जमा हुआ है। इसकी पोल तब खुली, जब बैंकों ने आयकर विभाग को इन खातों की जानकारी भेजी। अब खाताधारकों से कुछ जानकारियां मांगी जा रही हैं। इनमें लगभग दो हजार लोग शामिल हैं। आयकर विभाग द्वारा उप निदेशक अजय सोनकर और मोहनलाल जोशी की ओर से यह नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिसों के माध्यम से विभाग ने यह जानकारी चाही है कि उपभोक्ता इस राशि का स्रोत बताए कि यह राशि कहा से आई। जिन लोगों के स्रोत पुष्ट होंगे उन्हें छोड़कर शेष लोगों पर विभाग कार्रवाई ही कर सकता है। इतना ही नहीं शिक्षा, व्यापार जगत, प्रॉपर्टी, चिकित्सा के साथ-साथ कई अधिकारियों पर भी विभाग की नजर है।
इसी संदर्भ में, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं करों के जानकार हरवीर सिंह कुशवाहा का कहना है कि इस संदर्भ में यदि विभाग उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की, तो सरकार की छवि जनता के बीच धूमिल होगी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनमें कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने ढाई लाख से कम भी जमा किया है।
अधिवक्ता कुशवाहा कहते हैं कि जिन लोगों ने बिक्री अथवा कारोबार से पैसा जमा किया अथवा जिन लोगों ने पुरानी बचत जमा कर रखी थी, उन्होंने भी जमा किया है। ऐसे में यदि विभाग ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की और अधिकारी ने लोगों के जवाब पर विश्वास नहीं किया तब आदमी का गुस्सा बढ़ेगा। उन्होंने कहा है कि उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से काले धन के बजाय लोगों का आक्रोश बढ़ेगा। इन प्रकरणों से सरकार और विभाग को बचना चाहिए।
देहरादून में दो हजार लोग आयकर विभाग के रेडार पर
पांच महीने से देहरादून चरस पहुंचाने वाला युवक गिरफ्तार
विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आते देख पुलिस प्रशासन सख्त हो गई है। इसी परिपेक्ष्य में बीती रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नशे के विरुद्ध थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने एक 34 वर्षीय युवक के पास से 500 ग्राम चरस बरामद किया। बरामद चरस की अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 50,000 रुपये बताई जा रही है। अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस द्वारा पूछताछ पर अभियुक्त ने अपना पता इरशाद, निवासी ग्राम मिर्जापुर थाना मिर्जापुर जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है। उसने बताया कि वह मिर्जापुर में राजमिस्त्री का काम करता है जिससे परिवार की गुजर बसर नही हो पाती इसलिए पैसों के लालच में लगभग पांच महीने से मिर्जापुर से देहरादुन चरस लाकर बेचने का काम करने लगा।
अभियुक्त द्वारा उक्त बरामद चरस प्रेमनगर में एक हॉस्टल में डिलीवर करने की बात स्वीकार की गई है, जिसके सम्बन्ध में जाँच की जा रही है। अभियुक्त द्वारा पूछताछ पर देहरादुन में अन्य नशा तस्करों के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई जिन पर कार्यवाही की जाएगी। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
सीएम रावत द्वारा इस्तेमाल शब्द बाहुबली,राजनीति में है निगेटिव-पीेएम मोदी
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में भारत माता की जय के नारों के साथ जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने रुद्रपुर को मिनी हिंदुस्तान कहकर संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने रुद्रपुरवासियों को बधाई देकर कहा कि मेरे सामने उत्तराखंड नहीं बल्कि लघु हिंदुस्तान है । मोदी ने कहा कि आज विश्व के लोग योग सीखने के लिए भारत आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विजय श्री की शुरुआत हो रही है।
उत्तराखंड को हरदा टैक्स से मुक्त करना हैःपीएम मोदी ने कहा कि हमें उत्तराखंड को हरदा टैक्स से मुक्त करना है। 11 मार्च को पूरा उत्तराखंड विजय दिवस मनाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देश के बुजुर्गो को सस्ती दवाई और युवाओं को रोजगार देना चाहती है। हमें देवभूमि को आगे बढ़ाने का अवसर दें। हिन्दुस्तान में ऐसा कोई परिवार नहीं है जो चारधाम यात्रा नहीं करना चाहता हो,लेकिन लोग यहां के हाल देख कर डर जाते हैं लेकिन चारधाम रास्तों का विस्तार करने के बाद यात्रा में लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए समर्पित है।मुझे साफ दिखाई दे रहा कि उत्तराखंड में हमारी सरकार बनेगी। उत्तरखंड में हमें एक मौका और दें। उन्होंने कहा कि अटल जी ने उत्तराखंड बनाया है। भाजपा सरकार यहां की हर समस्या को प्रमुखता से हल करेगी। मेरे सामने उत्तराखंड नहीं बल्कि लघु हिन्दुस्तान है। रुद्रपुर की पल- पल की खबर पूरे हिन्दुस्तान में फैलती है। आम बजट में हमने छोटे व्यव्साय के फैसले किए हैं और आगे भी प्रमुखता के साथ ऐसे फैसले लेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यूपी के नतीजों से हमें संदेश मिल गया है। उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ईमानदारों को परेशान नहीं करती है, जिन्होंने देश को लूटा है उन्हे देश को लौटाना होगा। पीएम ने कहा कि राजनीति में बाहुबली शब्द की आलोचना होती है। अखबार में आ जाएं कि उक्त बाहुबली को टिकट दिया गया है तो लोग उस से नफरत करते हैं। उत्तराखंड में राजनेता खुद को बाहुबली कहलाने में शर्म नहीं खाते।
बीजेपी के फायर ब्रैंड नेता पहुंचे उत्तराखंड चुनाव प्रचार करने
चुनावी रणभूमि सजते ही लगातार स्टार प्रचारक प्रदेश का रुख कर रहे है, एक तरफ कांग्रेस लगातार जान सभा को संबोधित कर रही है तो वहीँ दूसरी तरफ मोदी कैबिनेट की फायर ब्रांड स्मृति ईरानी भी नरेंद्रनगर के ढालवाला क्षेत्र में पहुँची, जहाँ उन्होंने बीजेपी के कार्यकर्तायों और आम जनता को संबोधित किया। स्मृति ईरानी के सभा में स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ जुटी। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना सादते हुए कहा प्रदेश कि प्रगति को कांग्रेस ने पूरी तरह से रोका है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उत्तराखंड का विकास धीमा कर रखा है।

वहीं बीजेपी यूपी से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश के बाबू ग्राम छेत्र में जनसभा को संबोधित करने पहुँचे। ऋषिकेश से भाजपा प्रत्याशी प्रेम चन्द अग्रवाल के समर्थथन में उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस सरकार पर निशाना लगाते हुए कहा कि कंग्रेस सरकार उत्तराखंड की उपेक्षा करने का काम करती है, उन्होने कहा कि कांग्रेस ने ऋषिकेश का विकास रोक दिया है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के पास चार धाम और एम्स जैसी सुविधाऐं है लेकिन फिर भी उत्तराखंड विकास की राह पर धीमा है। उन्होंने कहा कि यहाँ गंगा की धारा खनन माफियाओं के द्वारा सूखा दी गयी है, अब वक्त आ गया है कि प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार को लाया जाये ताकि उत्तराखंड विकास की राह पर आगे बढ़ सके।
उम्र छुपाते ये उत्तराखंडी नेता
यदि आप सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते है तो आप के लिए आवेदन पत्र में जन्म तिथि का विवरण जरुरी हैं लेकिन चुनाव लड़ने के लिए नेताओं के लिए यह जरुरी नहीं हैं। और हो भी क्योँ क्योंकि प्रदेश का भविष्य इन्हीं नेताओं के हाथों में सुरक्षित हैं। बात करते हैं चुनाव आयोग द्वारा लिए जाने वाले शपथ पत्रो की।
उत्तराखंड, के नामांकनों की अगर बात करें तो पिछले पांच सालों में कई नेताओं की तो उम्र महज तीन या चार साल ही बढ़ी है। जबकि वे पांच साल तक विधायक रह चुके हैं। एक नज़र उन नेताओं पर जिन्हें अपनी उम्र ही नहीं पता हैं या फिर वे पांच सालों में शपथ पत्र के हिसाब से महज तीन ही साल की उम्र बढ़ाने में सफल हुए हैं।
पुरोला विधान सभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी मालचंद तो शपथ पत्र में अपनी उम्र का जिक्र करना ही भूल गए। वहीँ रामनगर से कांग्रेस के प्रत्याशी रणजीत रावत ने इस बार अपनीं उम्र 57 दर्ज की हैं जबकि उनकी उम्र 2012 चुनाव में 51 थी यानि विगत पांच साल में उनकी उम्र में शपथ पत्र के हिसाब से एक बर्ष और बढ़ गई।
वही कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी ज्वाइन करने वाले यशपाल आर्य की उम्र जो 2102 मैं 60 साल थी अचानक पार्टी बदलते ही 67 हो गई है।
जागेश्वर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी एवं विधान सभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल की आयु में भी महज चार वर्षों का ही इजाफा हुवा हैं। कुंजवाल की उम्र 2012 में 67 साल थी।
पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर द्वाराहाट सीट से चुनाव जीतने वाले मदन सिंह बिष्ट ने 2012 में अपनी उम्र 51 साल दर्शायी थी। लेकिन पांच साल में उम्र केवल तीन साल ही बढ़ी है। इस बार उन्होंने अपनी उम्र 54 साल बताई है। अल्मोड़ा से 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे मनोज तिवारी पांच साल पहले 42 साल के थे। अब वह 45 साल के हैं।
पिथौरागढ़ से 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते मयूख महर तब 56 साल के थे। इस बार के शपथ पत्र में उन्होंने अपनी उम्र 59 साल बताई है। यानि पांच साल विधायक रहने के बाद उम्र में कुल इजाफा तीन साल। बीएचइएल रानीपुर से भाजपा के टिकट पर जीतने वाले आदेश चौहान ने पिछली बार अपनी उम्र 38 वर्ष दिखाई थी। इस बार वे अपनी उम्र ही भूल गए।
बहरहाल नेता तो अपना उम्र के बारे में सही जानकारी देने में चूक गये लेकिन दखना ये है कि चुनाव आयोग कितनी गंभीरता से इस चूक को लेता है।
इलेक्शन 2017 से जुड़ा फेसबुक
फेसबुक से लिंक हुआ राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को जागरुक करने के लिए निर्वाचन आयोग की एक और पहल।देश को डिजीटल बनाने के लिए मुहिम चल रही है और इसी कड़ी में फेसबुक ने युवा वोटरों को जागरुक करने के लिए एक आप्शन दे दिया है।
मतदान का प्रतिशत बढ़ाने को फेसबुक ने भी मतदाताओं को ऑप्शन दिया है। फेसबुक में दिए ऑप्शन में पर क्लिक करने पर राष्ट्रीय सेवा मतदाता पोर्टल की वेबसाइट जाकर खुलता है जहाँ पर मतदाता अपना पोलिंग बूथ देख और उसकी जानकारी ले सकता है। इसमें आपको अपने नाम के साथ कुछ और जानकारियों के साथ जिला निर्वाचन छेत्र की जानकारी देनी होगी। जिसके बाद आपका पोलिंग बूथ किस जगह है आप जान सकते हैं।

वोट के लिए पहाड़ चढ़ रहे प्रत्याशी
भारत चीन सीमा से लगे भारत के सरहदी इलाके चमोली में प्रत्याशियों के पसीने छूट रहे, उन्हें वोट मांगने के लिए 20 से लेकर 25 किमी की दूरी नापनी पड़ रही है। बार-बार मौसम खराब हो रहा है लिहाजा कभी बर्फ तो कभी बरसात का भी सामना करना पड़ रहा है ऐसे में प्रत्याशियों के लिए यह चुनाव प्रचार पहाड़ चढ़ने से कुछ कम नही।
डुमक, कलगोठ तथा किमाणा ऐसे गांव है जहां 15 से 24 किमी खड़ी चढ़ाई नाप कर गांव पहुंचा जा सकता है। डुमक के जगत सिह सनवाल बकरियों के लिए दवा लेने गोपेश्वर पशु चिकित्सालय पहुंचे थे। बताते है कि गांव तक बडी मुश्किल से प्रत्याशी पहुंच रहे है। पाखी से जब डुमक कलगोठ आ रहे तब उन्हें पता चल रहा है कि हम आदम अवस्था में कैसे रह रहे है। उर्गम घाटी भरकी, भेटा, पिलखी, पला, जखोला, किमाणा, रेगडी, करछों जैसे दुरस्थ गांवों में कुछ प्रत्याशी पहुंचे है। भर्की के दुलब सिंह, देवग्राम से राम सिंह व बडगिंडा के रघुवीर सिंह बताते है कि गांव तक सड़क आती तो हमारी समस्या का भी निदान होता और प्रत्याशियों का भी इतना पसीना नहीं बहाना पड़ता। उर्गम घाटी से ही चुनाव लड़ रही अरूणा कहती है कि प्रत्याशियों को अब पता चल रहा है पहाड़ के गांव का दर्द जब चुनाव के दौरान पैदल आना पड़ रहा है। हमारे यहां तो महिलाऐं सडक़ और स्वास्थ्य न होने के कारण प्रसव के दौरान छटपटाती रहती है।

545 मतदेय स्थलों वाले तीनों विधान सभा क्षेत्र बदरीनाथ थराली व कर्णप्रयाग में 70 मतदेय स्थल ऐसे है जो मतदान के दौरान मौसम परिवर्तित होने के कारण हिमाच्छादित रह सकते है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन्हें चिह्नित कर दिया है। तीन दिन पहले ऐसे मतदेय स्थलों पर मतदान कराने वाली टीम व अधिकारी पहुंचेगे। बदरीनाथ में 26 ऐसे मतदेय स्थल है जिनमें कलगोठ, किमाणा, डुमक, ईराणी, झीझी, पाणा, कलसीर, डुमक, जखोला, पगनो आदि है। थराली विधान सभा निर्वाचन में तोरती, हरमल, बमियाला, सुतोल, बुरा, रामणी, पगना, घेस, वाण आदि सहित 25 मतदेय स्थल ऐसे है जो हिमाच्छदित हो सकते है। कर्णप्रयाग विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में पज्याणा, चैरा, सेण, डोटल, बरतोली, कंडारी, घोट, समेत 19 मतदेय स्थल ऐसे चिहिंत किये गये है जो हिमाच्छादित हो सकते है।
जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी बीके सुमन ने बताया कि दूरस्थ मतदेय स्थलों पर पहुंचने के लिए तीन दिन पहले टीम रवाना होगी कही पर खच्चरों और कुलियों से भी ईवीएम पहुंचायी जायेगी। बदरीनाथ के दुरस्थ क्षेत्रों मे बदरीनाथ 417 थराली 399 व कर्णप्रयाग 194 कुली लगाये गये है। कुछ स्थानों पर खच्चर भी लगाये गये है। टार्च, छतरी और विंड चटर भी ऐसे दुरस्थनों के लिए दिए गये है।
रेनकोट प्रकरण में पीएम पर जमकर बरसे सचिन पायलेट
प्रदेश में इन दिनों स्टार प्रचारकों की भरमार लगी है देश की राजधानी को छोड़ कर स्टार प्रचारक के रूप में नेता पहाड़ पर उतर रहे है,चाहे बात बीजेपी की करें या फिर कांग्रेस की उत्तराखंड में जीत के लिए सभी पार्टी पूरी मेहनत कर रहे है । इसी सिलसिले में केंद्र में पूर्व केबिनेट मंत्री और राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलेट नरेंद्रनगर के ढालवाला छेत्र में आये जहाँ उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। सचिन पायलट ने रेनकोट प्रकरण पर बोलते हुए मोदी कटघरे में खड़ा किया और आरोप लगाए की प्रधानमंत्री लगातार अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, “लगातार कांग्रेस वरिष्ठ नेताओ का अपमान किया और कर रहे है, “बीजेपी पर चुटकी लेते हुए सचिन पायलेट ने कहा, “उत्तराखंड में बीजेपी का हाल तो देखिये इनके पास चुनाव लड़ने के लिए कोई चेहरा ही नहीं है, चेहरा न होने के चलते यहाँ के कई नेता कोट पहनकर सीएम पद के लिए बैठे हुये है ,हरीश रावत इन सब पर भारी पड रहे है।उन्होंने यह भी उजागर किया है कि, “बिना चेहरे के भाजपा कैसे कांग्रेस मुक्त होगी ये सोचने वाली बात है। सचिन पायलेट ने नरेन्द्र नगर से प्रत्याशी हिमांशु बिल्जवान को वोट देने की अपील की और कहा, “युवा शक्ति देश को बदल सकती है ज्यादा से ज्यादा युवा जब विधान सभा में पहुचेगे तभी विकास की नयी धारा बहेगी।”
सितारगंज सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बनीं
ऊधम सिंह नगर जनपद की सितारगंज सीट पूर्व मुख्यमंत्री और बागी विजय बहुगुणा के पुत्र सौरभ बहुगुणा के चुनाव लड़ने से बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गयी है। वहीँ कांग्रेस ने भी बहुगुणा परिवार को हराने के लिये अपनी पूरी ताकत झोक दी है। इसलिए बीजेपी और कांग्रेस के स्टार प्रचारक का रुख सितारगंज हो गया है। जहां एक तरफ बीजेपी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सितारगंज में सौरभ बहुगुणा के लिए एक जनसभा को संबोधित किया और मीडिया से वार्ता करते हुए निशंक ने कहा की रावत सरकार में अपराध का ग्राफ बड़ा है । भारतीय अपराध अनुसन्धान ब्यूरो के अनुसार उत्तराखंड में 59 प्रतिशत बच्चों – महिलाओं और एस सी – एस टी के प्रति अपराध बढ़ा है। कांग्रेस सरकार ने उत्तराखंड को अपराध नगरी बना दिया है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि ये राजनीति की विडंबना ही कही जायेगी कि कुछ समय पहले तक जिस मुख्यमंत्री को बीजेपी भ्रष्टाचार का पर्याय बता रही थी आज उन्हीं के सुपुत्र को जीत दिलाने के लिये खुद बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री और शीर्ष नेता ऐड़ी चोटी का दम लगाये हुए हैं।
जहां एक तरफ कांग्रेस और बीजेपी सितारगंज में अपनी अपनी होड़ में लगे है वहीं बसपा सुप्रीमों मायावती को भी इस सीट से उम्मीदें हैं।बीते दिनों मायावती को 2 बड़ी जनसभाओं में से एक जनसभा सितारगंज में भी थी।इस बार सितारगंज कि जनता किसका दामन पकड़ती है और किसको दरकिनार करती है,यह देखना रोमांचक होगा।
स्टार प्रचारकों के तूफानी दौरों से बदलने लगा हरिद्वार का चुनावी समीकरण
चुनाव प्रचार में स्टार प्रचारकों के तूफानी दौरों के साथ ही सभी सीटों पर समीकरण बदलने लगे हैं। कुछ विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा, कांग्रेस और बसपा प्रत्याशियों का गणित फेल कर रहे हैं। जनपद हरिद्वार की 11 विधानसभा सीटों पर सबसे रोचक मुकाबला ग्रामीण पर देखने को मिलेगा। जहां कांग्रेस पार्टी की ओर से हरीश रावत भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद से सीधी टक्कर ले रहे हैं। वहीं हरिद्वार की नग्र विधानसभा में भाजपा के मदन कौशिक का चुनावी प्रबंधन के आगे कांग्रेस के ब्रहमस्वरूप ब्रह्मचारी का गणित डगमगा रहा है। कांग्रेस को हरिद्वार नगर की सीट पर कब्जा करने के लिये प्रबंधन में सुधार करना होगा। चुनावी वातावरण दिलचस्प हो चला है। वहीं ज्वालापुर सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी बृजरानी ने भाजपा के सुरेश राठौर और कांग्रेस के सपी सिंह इंजीनियर को सर्दी में पसीना दिला रखा है।
उत्तराखंड में आगमी 15 फरवरी को मतदान होगा। चुनाव की तिथि नजदीक आने के साथ ही चुनाव की सरगर्मी तेज हो चली है। भाजपा, कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में जीत दर्ज करने के लिये लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं । इसी के साथ ही स्टार प्रचारकों की रैली और रोड शो शुरू हो गये हैं। भाजपा के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की रैली के बाद से कांग्रेस के युवराज का रोड शो प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भाजपा प्रत्याशियों को जीत दर्ज कराने के लिये हरिद्वार में रैली संबोधित करने वाले हैं। इन दिग्गजों के चुनावी रणक्षेत्र में कूदने के बावजूद निर्दलीय प्रत्याशियों की पकड़ भाजपा और कांग्रेस को भारी पड़ रही है। हरिद्वार सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की जनता में कमजोर पकड़ और विफल चुनावी मैनेजमेंट चुनावी दौड़ में मदन कौशिक से काफी पीछे ले जा रहा है। वही, रानीपुर सीट पर भाजपा के आदेश चैहान को काग्रे्रेस के अंबरीष कुमार से कड़ी चुनौती मिल रही है।
अंबरीष के साथ बनिया बिरादरी की कजुटता रेस में आदेश से आगे ले रही है। वही, ग्रामीण सीट पर कांग्रेस के हरीश रावत को भाजपा के यतीश्वरानंद के साथ-साथ निर्दलीय मुकर्रम अंसारी के मैदान में आने से चुनावी गणित उलझा दिया है। इसके अलावा ज्वालापुर सीट की बात करें तो भाजपा के सुरेश राठौर, कांग्रेस के सपी सिंह इंजीनियर के गणित को निर्दलीय प्रत्याशी बृजरानी ने फेल कर दिया है। इस सीट पर जीत का दंभ भरने वाले पार्टी नेताओं को निर्दलीय बृजरानी के आ जाने से पसीने आ रहे है। हरिद्वार जनपद की सभी 11 सीटों पर रोचक मुकाबला तय है। इन सभी सीटों पर चुनावी गणितज्ञों की राय मौजूदा हालात से मेल नहीं खा रही है।



























































