किस्से-कहानियों को लेखन से जीवंत करते हैं लेखक: राज्यपाल

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देहरादून। देहरादून में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय कला एवं साहित्य उत्सव ‘वैली आॅफ वर्ड्स’ में स्वर्गीय डाॅ. आनंद स्वरूप गुप्ता के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘काॅट बाय द पुलिस’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रदेश के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पॉल ने परिचर्चा का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि पुस्तक पुलिस अधिकारी रहे स्व डाॅ. आंनद स्वरूप गुप्ता के जीवन के बारे में बहुत ही बेहतरीन तरीके से जानकारी प्रदान करती है। यह पुस्तक जरूर पढ़ी जानी चाहिए। डाॅ. गुप्ता एक ईमानदार, कार्यकुशल व विचारशील पुलिस अधिकारी थे। पुलिस सुधार में उनका महत्वपूर्ण योदान रहा है। पुलिस से संबंधित कई महत्वपूर्ण संस्थाओं की स्थापना में उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी होते हुए भी वे दार्शनिक, कवि, रचनाकार थे और उनकी आध्यात्किता में भी रुचि थीे। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुभाष जोशी, डाॅ. आनंद स्वरूप गुप्ता के पुत्र व वरिष्ठ अधिकारी रहे मधुकर गुप्ता, दीपक गुप्ता, रणजीत गुप्ता, हर्ष गुप्ता सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
रस्किन बांड पर आधारित पुस्तक का भी किया विमोचन
दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार व लेखिका डाॅ. जसकिरण चोपड़ा द्वारा लिखित पुस्तक ‘फिक्शन एंड फिल्म: रस्किन बॉन्ड्स रोमेंटिक इमेजिनेशन’ का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन राज्यपाल डा. केके पॉल ने किया। राज्यपाल ने कहा कि इस पुस्तक में रस्किन बांड के लेखन के विविध पहलुओं को अच्छे तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इसमें रस्किन के बचपन के साथ ही उनके युवा जीवन व लेखक के तौर पर जीवन को वर्णित किया गया है। रस्किन बांड का लेखन हम सभी को आकर्षित करता रहा है। दून व मसूरी को उन्होंने अपने लेखन में जीवंत किया है। डाॅ. जसकिरण की इस पुस्तक से रस्किन बांड के साहित्य पर आधरित फिल्म व टीवी सीरियल की विस्तार से जानकारी मिलती है। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक आम पाठकों के साथ ही रिसर्च स्काॅलरों के लिए उपयोगी होगी।