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स्कूली छात्र बने पुलिस के मेहमान

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आज सुबह ऐडिफाई वर्ल्ड स्कूल के बच्चों द्वारा थाना क्लेमेंट टाउन का भ्रमण किया गया। बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली एवं रोज़ाना वर्किंग के बारे में बताया गया। बच्चों को यातायात के नियमों तथा थाने के अभिलेखों के बारे में बताया गया एवं पुलिस कैसे कार्य करती है इस संबंध में बच्चों को थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन द्वारा लेक्चर दिया गया।

बच्चों ने पुलिस की पाठशाला में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं भविष्य में बड़े होकर पुलिस के रूप में जनता की सेवा करने के की इच्छा जताई।

नेपाल सीमा पर नशे का कारोबार, 40 लाख की अफीम पकडी

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पड़ोसी देश नेपाल से अवैध रूप से सीमा पार कर लाई जा रही 40 लाख रुपये मूल्य की 4.45 किलो प्रतिबंधित अफीम के साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल और पुलिस की संयुक्त टीम ने बैलबंद गोठ के समीप एक नेपाली व्यक्ति को दबोच लिया।

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क्षेत्राधिकारी प्रयाग सिंह कफलिया ने बताया कि, ‘बुधवार को सायं छह बजे एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की प्रभारी मंजू पाडेय और थानाध्यक्ष राजेश पाडे पुलिस टीम के साथ नेपाल सीमा के करीब बेलबंद गोठ पर तलाशी अभियान चला रहे थे। इस बीच नेपाल से आ रही स्कूटी संख्या यूके 06एम-5447 को पुलिस ने रोककर उसकी तलाशी ली। स्कूटी की डिक्की के भीतर संदिग्ध चीज मिली। पुलिस ने इस संदिग्ध वस्तु का पता लगाया तो यह अफीम निकली। इसका वजन लेने पर यह 4 किलो 45 ग्राम निकला।’

अफीम के साथ पकड़े गये व्यक्ति की पहचान मोहन बहादुर, निवासी दोधारा चांदनी, जिला कंचनपुर, नेपाल के रूप में हुई। पुलिस ने अफीम के साथ पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18/20/16 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में बताया कि नेपाल से लाई जा रही इस अफीम की डिलीवरी दिल्ली में होनी थी। जहा से इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचा कर ऊंचे दामों पर बेचा जाना था

इतिहास से रुबरु कराएगी फिल्म ‘रागदेश’

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तिग्मांशु धूलिया की पीरियड फिल्म ‘रागदेश’ 28 जुलाई को रिलीज होगी। 1940 से 1945 के बीच के कालखंड की कहानी को तिग्मांशु ने शानदार तरीके से पिरोया है, खास बात यह है कि फिल्म को उन्हें अपने गृह राज्य उत्तराखंड में शूट किया है। तिग्मांशु ने उत्तराखंड की वादियों को पीरियड फिल्म के जरिये एक नए कैनवास पर उतारा है, जो बड़े पर्दे पर देखना शानदार होगा। हाल ही में तिग्मांशु ने राज्य सरकार से फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग की, हालांकि, अभी सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

इसमें ‘रंग दे बसंती’ फेम कुणाल कपूर, ‘सुल्तान’ व ‘सरकार-तीन’ फेम अमित साध, मोहित मारवाह और स्थानीय अभिनेता अभिनव थापर की अदाकारी से सजी ‘रागदेश’ में आजाद हिद फ़ौज के आजादी के संघर्ष की गाथा से दर्शक रुबरु होंगे। फिल्म में 1940 के दशक में भारत की आजादी को लेकर किए गए संघर्ष को दिखाया गया है। ‘रागदेश’ में जर्नल कियानी की भूमिका निभाने वाले देहरादून निवासी अभिनव थापर बताते हैं कि ‘रागदेश’ उत्तराखंड में शूट हुई आज तक की सबसे बड़ी बॉलीवुड फिल्म होगी। फिल्म वर्ष 1940 से 45 के बीच घटित सत्य घटनाक्रमों पर आधारित है। इसमें लाल किला ट्रायल्स, दूसरा विश्व युद्ध, बर्मा संघर्ष, नेताजी सुभाष चंद्र बोस व उनकी आजाद हिंद फौज के गठन की गाथा फिल्म का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर बनने वाली यह अपने तरीके की एक अलग फिल्म है। ‘रागदेश’ को प्रमुख रूप से देहरादून के मालदेवता, डीएवी पीजी कॉलेज, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला जेल, टी-एस्टेट, राजपुर क्षेत्र में फिल्माया गया है।

गोमुख में गंदगी फैलाने वालों से वसूला जाएगा जुर्माना

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गौमुख में यात्री या पर्यटकों ने गंदगी फैलाई तो पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए डीएम डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

दरअसल गंगोत्री से गोमुख के बीच कई रमणीय स्थल हैं। इसके अलावा तपोवन, नंदनवन आदि कई ट्रैकिंग स्थल हैं, जहां हर साल सैकड़ों पर्वतारोही जाते हैं। हर साल यात्रा सीजन पर सैकड़ों यात्री जल भरने गोमुख जाते हैं। कुछ यात्री व पर्यटक कई बार वहां प्लास्टिक व अन्य सामान छोड़ देते हैं जिसके कारण वहां गंदगी फैलती है। यह गंदगी वहां कई वर्षों तक ऐसे ही पड़ी रहती है, जिसके कारण ग्लेशियर आदि को भी नुकसान पहुंचता है।

ऐेसे में जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क को निर्देश दिए कि गंगोत्री से गौमुख जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों द्वारा अगर गन्दगी फैलाई जाती है तो प्रति पर्यटक व यात्री से 5000/- रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आवाजाही करने वालों पर स्वच्छता को लेकर कड़ी निगरानी रखें। 

हैदराबाद में शूटिंग कर रही कंगना हुई घायल

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झांसी की रानी, लक्ष्मीबाई की जिंदगी पर बनने जा रही फिल्म की शूटिंग के दौरान हैदराबाद में तलवारबाजी की शूटिंग कर रही कंगना बुधवार को घायल हो गईं। तलवारबाजी का सीन करते हुए कंगना के सिर पर चोट लग गई और उनके सिर से खून निकलने लगा, उनको तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनको 15 टांके आए हैं।

डॉक्टरों ने दो सप्ताह तक कंगना को पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी है, कंगना अभी अस्तपाल में ही भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कंगना को अस्पताल से छुट्टी के बारे में अगले दो-तीन दिनों में कोई फैसला लिया जाएगा। फिलहाल डॉक्टरों ने उनकी सेहत को बेहतर बताया है।

फिल्म की यूनिट के मुताबिक, कंगना को बताया गया था कि ये सीन खतरनाक हो सकता है और उनको बॉडी डबल इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन कंगना ने इससे मना कर दिया और खुद सीन करने के लिए तैयार हो गईं। फिल्म के निर्माता कमल जैन के मुताबिक, ‘कंगना जल्दी से जल्दी सेट पर लौटना चाहती हैं। हो सकता है कि अगले सप्ताह ही कंगना फिर से इस फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू कर दें।’ इस फिल्म में कंगना के अलावा अंकिता लोखंडे और सुरेश ओबेरॉय को हाल ही में टीम का हिस्सा बनाया गया है।

साउथ के डायरेक्टर कृष इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं। इस फिल्म के कटेंट को लेकर फिल्मकार केतन मेहता के साथ कंगना का विवाद भी चल रहा है। 

गुलदार ने किया एक व्यक्ति का शिकार

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उत्तरकाशी नौगांव भंकोलि में गुलदार ने बुधवार की देर रात एक व्यक्ति को निवाला बना लिया। ग्रामीणों को घटना की जानकारी सुबह मिली, मृतक का अध खाया शव घटना स्थल से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में मिला। इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोेगों में भारी आक्रोश है।

भंकोलि के रहने वाला सरदार सिंह, गांव से दो किमी दूर गैरोगी तोक स्थित छानियों में रहता थे। उसकी पत्नी उमा देवी गांव गई हुई थीं। गुरुवार सुबह गांव से जब लोग गैरोगी छानी पहुंचे तो छानी का दरवाजा खुला हुआ मिला। सीढ़ी पर खून के निशान देखते ही लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। निशानदेही पर सरदार सिंह का शव करीव 200 मीटर दूर मिला, घटना से लोगों में आक्रोश है। ग्रामीण का कहना है कि वन विभाग को घटना की जानकारी नौ बजे दी गई थी, लेकिन विभाग के कर्मचारी दो बजे घटना स्थल पर पहुंचे।

उनका कहना था कि क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से गुलदार का आतंक है। गुलदार 15 दिनों में एक गाय, एक बछड़ा व तीन बकरियों को मार चुका है और विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने गुलदार को आदम खोर घोषित करने की मांग की है।

दून में रसोई पर भारी रही कांवड़ यात्रा

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बीते एक सप्ताह से कांवड़ यात्रा के कारण दून में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। हरिद्वार प्लांट से रास्ते बंद होने के बाद करनाल से भी पर्याप्त मात्रा में गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, इस कारण दून में कई दिन से गैस की किल्लत हो रही है।

हरिद्वार के लंढौरा प्लांट से इंडियन ऑयल कंपनी हर रोज 30 गाड़ी गैस की आपूर्ति करता है। इसमें से 18 गाड़ी देहरादून व 12 गाड़ी रसोई गैस गढ़वाल के अन्य जिलों के लिए भेजी जाती हैं। कांवड़ यात्रा के कारण हरिद्वार से दून आने वाले रास्ते बंद हैं। इसलिए तेल कंपनी ने दून की सप्लाई को करनाल जिले से जोड़ दी थी, लेकिन अब तक करनाल से पर्याप्त गैस नहीं मिल पा रही। इसके चलते शहरी की अधिकांश एजेंसियों पर सुबह से ही नो स्टॉक की स्थिति आ गई थी। अभी दो दिन और यह स्थिति रह सकती है।

आधार से लिंक होंगे मनरेगा के खाते

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पौड़ी गढ़वाल के विभिन्न ब्लॉकों में मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारकों के बैंक खातों को आधार नंबर से लिंक करने के लिए ब्लॉक स्तर पर आधार सीडिंग शिविर लगाये जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा। सीडीओ ने इस अभियान के लिए कार्ययोजना तैयार कर दी है, जिसमें खंड विकास अधिकारियों तथा बैंकर्स के संयुक्त प्रयासों से खातों में आधार नंबर जोड़कर जॉब कार्ड धारकों को आधार बेस्ड भुगतान प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा, सीडीओ ने सीडिंग कार्य को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों व बैंकर्स के साथ बैठक कर इस अभियान की रणनीतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केेंद्र सरकार के निर्देशों के बाद जिले में सभी जॉब कार्डधारकों के बैंक खातों को आधार से जोड़ा जाना है,  जिले में 1 लाख 16 हजार के सापेक्ष 1 लाख 8 हजार मनरेगा जॉब कार्डधारकों के खातों को आधार से जोड़ा जा चुका है। जबकि 63 हजार जॉब कार्ड धारकों को आधार बेस्ड भुगतान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अवशेष के लिए विशेष आधार सीडिंग शिविर आयोजित किये जा रहे हैं।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि, ‘पूर्व में कई जॉब कार्डधारकों के एक से अधिक या अन्य लोगों के खातों का विवरण जॉब कार्ड में दिया गया था, लेकिन अब आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में ही उनकी मजदूरी का भुगतान सीधे तौर पर किया जायेगा। विशेष सीडिंग अभियान के दौरान पिछले दो वर्षों से जॉब कार्ड का उपयोग न करने वालों का चिह्निकरण कर उन्हें निरस्त किया जाएगा।ब्लाक स्तर पर 25 व 26 जुलाई को विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसके बाद न्याय पंचायत व अवशेेष जॉब कार्ड धारकों के लिए समापन शिविर पुनः ब्लाक मुख्यालयों में आयोजित किये जायेंगे।’

विजय कुमार जोगंडे ने आधार नंबर को बैंक खातों में जोड़ने के लिए बैंकर्स की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि बैंकर्स ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर जॉब कार्डधारकों के खातों को आधार से जोड़ेंगे, इस मौके पर मौके पर परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, पीई दीपक रावत, डीपीआरओ एमएम खान, लीड बैंक अधिकारी नंद किशोर एवं विभिन्न बैंकों के बैंकर्स, बीडीओ भाष्करानंद भट्ट, रामेश्वर सिंह चौहान, आशाराम पंत समेत एडीओ पंचायत आदि उपस्थित रहे।

दून अस्पताल में अब आसान होगा कैंसर का उपचार

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दून अस्पताल में अब कैंसर रोग का इलाज करना आसान होगा। इसके लिए अस्पताल में ‘पेट स्केन’ मशीन स्थापित की जाएगी, अस्पताल जल्द ही मशीन खरीदने जा रहा है। अस्पताल की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।

‘पेट स्केन’ मशीन की बात करें तो यह मशीन अभी तक दिल्ली के चुनिंदा अस्पतालों में ही स्थापित है। आमतौर पर कैंसर विशेषज्ञ सीटी स्केन और एमआरआई के जरिए शरीर में फैले हुए कैंसर का पता कर पाते हैं, लेकिन ये दोनों ही जांचे कैंसर के लिए उतनी सटीक साबित नहीं होती, जबकि ‘पेट स्केन’ मशीन के जरिए सिर से पांव तक का कैंसर का सही आकंलन हो पाता है। सही आकंलन होने से कैंसर विशेषज्ञ उपचार भी सटीक कर पाते हैं।

दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि, ‘दून अस्पताल विशेषज्ञों की मदद से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने जा रहा है। शासन की स्वीकृति के बाद अगर ये मशीन दून अस्पताल में लग गई तो मरीजों को फिर किसी भी जांच के लिये दिल्ली या बड़े प्राइवेट अस्पतालों का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’

डॉ टम्टा ने बताया कि, ‘मशीन की अनुमानित लागत दस करोड़ के करीब है। साथ ही ‘रोबोटिक ऑपरेशन थियेटर’ का भी प्रस्ताव भेजा गया है, अगर ये दोनों ही प्रस्ताव पर काम हो गया तो दून अस्पताल मरीजों के लिए और बेहतर हो सकेगा। पहाड़ के इलाकोें के मरीजों के लिए यह मशीन संजीवनी की तरह कार्य करेगी। 

कुमांऊ के बाद गढ़वाल में किसान ने की आत्महत्या

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राज्य में जहां एक तरफ सरकार किसानों की कर्ज माफी को सिरे से खारिज कर रही है वहीं प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कुमाऊं के बाद गढ़वाल में भी एक किसान ने जहर खाकर जान देने की घटना लामने आई है।किसान के घर वालों का कहना है कि बैंक बार-बार कर्ज के लिए तकादा कर रहे थे, इसलिए किसान तनाव में था।

गढ़वाल में किसान की आत्महत्या का यह पहला मामला है। वहीं,टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका ने ऐसी किसी जानकारी से इन्कार किया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो मामला संवेदनशील है, लेकिन जांच से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है। घटना टिहरी जिले के चंबा ब्लाक के स्वाड़ी गांव की है। राजकुमार (47 वर्ष) बुधवार को घर नहीं लौटा तो परिजन ने समझा कि संभव है किसी दोस्त के घर रुक गया हो, लेकिन गुरुवार सुबह भी जब वह नहीं आया तो परिजनों ने ग्रामीणों के साथ तलाश शुरू की। राजकुमार का शव खेत में पड़ा मिला। उसके मुंह से झाग निकल रहा था और पास में नुआन की खाली शीशी थी। ग्राम प्रधान घनानंद सुयाल ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। चंबा के थाना प्रभारी यूएस भण्डारी ने बताया कि पहली नजर में ये मामला आत्म हत्या का लगता है। किसान की पत्नी रोशनी देवी से पूछताछ में पता चला कि राजकुमार ने उत्तरांचल ग्रामीण बैंक से 40 हजार और कॉआपरेटिव बैंक से 25 हजार का कर्ज लिया था।

बताया गया कि बैंक लगातार कर्ज लौटाने के लिए तकादा कर रहे थे। इससे वह तनाव में था। ग्राम प्रधान घनानंद के अनुसार हो सकता है इसी वजह से किसान ने जान दी। राजकुमार के चार लड़कियां और तीन लड़के हैं।

इससे पहले उत्तराखंड में दो महीने के भीतर कर्ज में डूबे पांच किसानों की मौत हो चुकी है, इसमें से तीन ने आत्महत्या की, जबकि दो किसानों की हार्ट-अटैक से मौत हुई।