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‘तानाजी’ के एेतिहासिक किरदार को निभाएंगे अजय देवगन

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छत्रपति शिवाजी महाराज के मुख्य सहायक माने जाने वाले महान योद्धा ‘तानाजी’ पर बनने वाली फिल्म में अजय देवगन मुख्य भूमिका करेंगे। इस फिल्म का निर्देशन ओम राउत करेंगे, फिल्म का टाइटल ‘ताना जी-द अनसंग वरियर’ रखा गया है। अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर इस फिल्म के निर्माण की घोषणा की, इसका निर्माण अजय देवगन की प्रोडक्शन कंपनी और वॉयकॉम कंपनी मिलकर करने जा रहे हैं।

तानाजी के बारे में कम लोग जानते होंगे कि इस मराठा सूबेदार तानाजी मालुसरे ने मराठा साम्राज्य की रक्षा करने के लिए मुगल सेना के साथ लोहा लिया और उनके कब्जे में आए दो अहम किलों को फिर से छीनने में कामयाबी पाई थी। तानाजी को छत्रपति शिवाजी के सबसे भरोसेमंद सूबेदारों में से माना जाता था।

अगले साल फिल्म की शूटिंग शुरू होने की उम्मीद है और 2019 में दीवाली के आसपास इसे रिलीज करने की योजना है। इस वक्त अजय देवगन 1 सितम्बर को रिलीज होने जा रही मिलन लथूरिया की फिल्म ‘बादशाहो’ के प्रमोशन में बिजी हैं। इसी साल दीवाली पर उनकी फिल्म ‘गोलमाल’ की चौथी कड़ी भी रिलीज होगी। 

‘डैडी’ का प्रमोशन करेंगे असली डैडी

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‘डैडी’ के नाम से मशहूर मुंबई के अंडरवर्ल्ड सरगना और राजनेता अरुण गवली अपनी जिंदगी पर बनी फिल्म का प्रमोशन करेंगे, जिसे अर्जुन रामपाल ने ‘डैडी’ नाम से बनाया है। अरुण गवली इन दिनों एक केस में जेल में बंद हैं और उनको पेरोल पर रिहा कराने की कोशिश हो रही हैं। गवली के वकीलों की ओर से पैरोल की अर्जी जेल प्रशासन को दी गई है, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन गवली के परिवार से लेकर अर्जुन रामपाल तक सब ये उम्मीद कर रहे हैं कि अरुण गवली को पैरोल मिल जाएगा और जेल से बाहर निकलने के बाद अरुण गवली अपनी फिल्म का प्रमोशन करेगा।

ये फिल्म पहले जुलाई में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अरुण गवली की बेटी गीता के कहने पर फिल्म की रिलीज डेट को बढ़ाकर सितंबर तक किया गया, ताकि रिलीज से पहले अरुण गवली खुद अपनी ये फिल्म देख सके। फिल्म के ठंडे प्रमोशन को देखते हुए अर्जुन रामपाल भी इस बात के लिए सहमत हो गए कि अगर अरुण गवली फिल्म के प्रमोशन से जुड़ते हैं, तो फिल्म की रिलीज को स्थगित करना ठीक रहेगा। 

कहा जा रहा है कि अरुण गवली के पैरोल पर अगले सप्ताह पर कोई फैसला आने की उम्मीद है। अर्जुन रामपाल एक्टिंग के साथ साथ फिल्म के लेखन से भी जु़ड़े हुए हैं और उनका मानना है कि दो महीनों में उन्होंने खुद ही फिल्म की पटकथा लिखकर तैयार की थी। 

कहर बनकर बरसी बरखा, सब कुछ हो गया तबाह

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मालधन में आई बाढ़ ने ग्रामीणों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। रात-दिन तिनका-तिनका जोड़कर किसी तरह आशियाना बनाकर जरुरत का सामान जुटाया, लेकिन बाढ़ की उफनाई लहरों ने पल भर में सब कुछ तबाह कर दिया। अब ग्रामीण खुले आसमान के नीचे भूखे-प्यासे रहकर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। साथ ही आसमां में घिर रही काली घटाएं देखकर डर से सहमे हैं।

मालधन में बाढ़ ने सबसे ज्यादा रमेश चंद्र, श्यामवती, मोहनवती, राम अवतार, महेंद्र सिंह के घर को नुकसान पहुंचाया। बाढ़ का पानी घर में भरने से अनाज, बर्तन, बिस्तर, टीवी, फ्रिज व अन्य सामान खराब हो गया। प्रभावित परिवारों ने शुक्रवार को पॉलीथिन डालकर खुले आसमां के नीचे दिन गुजारा। खाने-पीने की व्यवस्था नहीं होने की वजह से पड़ोस के लोगों ने प्रभावित परिवारों को भोजन कराया। अब उन्हें रात की चिंता सता रही है। रमेश चंद्र परिवार के आठ सदस्यों को लेकर प्लास्टिक की पन्नी डालकर रह रहे हैं। जो सामान बचा पाए उसे टै्रक्टर ट्रॉली के नीचे रखा हुआ है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि जो राहत राशि दी गई, उससे ढंग से परिवार के सदस्यों के लिए पॉलीथिन भी नहीं खरीदी जा सकेगी। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है कि अब आगे जीवन बसर किस तरह हो पाएगा। उन्होंने प्रशासन से उनके रहने के लिए व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

नदारद शिक्षकों का काटा वेतन

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कुमाऊं मंडल में कर्इ शिक्षकों पर शिक्षा विभाग की गाज गिरी है। विभाग ने औचक निरीक्षण के दौरान गैर हाजिर पाए गए 39 शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। साथ ही उन्होंने जिलों के अधीनस्थ अधिकारियों से इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है। दरअसल कुमाऊं मंडल में एक और तीन जुलाई को मंडल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्राथमिक से माध्यमिक तक के विद्यालयों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान बेसिक स्कूलों में 13, जबकि माध्यमिक स्कूलों के 26 शिक्षक बिना अवकाश के स्कूलों से नदारद मिले। जिसे लेकर अपर शिक्षा निदेशक ने कहा कि पठन-पाठन में किसी तरह की कोताही और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गैर हाजिर शिक्षकों का वेतन रोकते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर गायब शिक्षकों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता उनका वेतन नहीं लौटाया जाएगा।

एडी कुमाऊं डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि शासन ने अब बेसिक शिक्षकों की चरित्र पंजिका में अनुशासनहीनता का उल्लेख करने का निर्णय लिया है। सरकार की मंजूरी के बाद विभाग में इस नियम को प्रभावी कर दिया गया है। अब तक माध्यमिक शिक्षकों की चरित्र पंजिका में इस तरह की एंट्री की जाती थी। उन्होंने ये भी बताया कि राज्य सरकार ने कुमाऊं मंडल में आवासीय संस्कृत विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए जमीन चयन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों से जमीन के चयन को लेकर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

एडीएम और एसडीएम को बनाया बंधक

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राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान का दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर बात न बनी तो बवाल हो गया। आंदोलनकारियों की दोबारा जांच की बात पर लोग भड़क उठे। उन्होंने एडीएम व एसडीएम को कमरे में कैद कर बंधक बना लिया। डेढ़ घंटे तक अफसरों के बंधक रहने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा रहा। नगर पंचायत सभागार में पिछले 19 दिनों से सम्मान के मुद्दे पर राज्य आंदोलनकारी अनशन पर बैठे हैं। इस अवधि में चिह्नीकरण को ठोस समाधान तो नहीं निकला। प्रशासन ने एक के बाद दूसरे भूख हड़ताल पर बैठे तीन आंदोलनकारियों को जबरन उठा कर अस्पताल भर्ती करा दिया। इधर कुंदन राम आमरण अनशन पर बैठ गए।

यहां डीएम सविन बंसल ने वार्ता को पहुंचना था। मगर एडीएम केएस टोलिया को भेजा गया। अनशनकारियों को मनाने का दौर शुरू हुआ। हल्की गहमागहमी के बीच बात ठीक ठाक होती रही। तभी एडीएम ने साक्ष्यों के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों की जांच दोबारा करने की बात कही। इस पर बखेड़ा खड़ा हो गया। आपा खोए आंदोलनकारियों ने कमरा भीतर से बंद कर उन्हें बंधक बना लिया। इससे बाहर मौजूद तहसीलदार नितेश डागर व पुलिस कर्मी सकते में आ गए। भीतर हो हल्ला मचने पर थाने से पुलिस फोर्स मंगा ली गई। तीसरी मंजिल स्थित कक्ष को घेर लिया गया। रात्रि आठ बजे तक दोनों अधिकारी बंधक बने रहे।

रूपकुंड महोत्सव की तैयारियां शुरू

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preparations for roopkund festival begins

चमोली जिले के ऐतिहासिक धार्मिक एवं स्थानीय लोगों की अास्था से जुड़ा रूपकुंड महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह की अध्यक्षता में एक बैठक संपन्न हुई। जिसमें आगामी 26 से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के लिए रूपरेखा तैयार की गई।

बैठक जिला पंचायत अध्यक्षा ने कहा कि बेदनी में आयोजित होने वाला रूपकुंड महोत्सव हमारी धार्मिक अस्था से जुड़ा है, जो मां नंदा राजजात यात्रा का एक मुख्य पड़ाव भी है। हर साल यहां मां राजराजेश्वरी की लोकजात यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है। जिला पंचायत अध्यक्षा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तीन दिनों तक चलने वाले मेला अवधि के दौरान विभागीय संशाधनों एवं सुविधाओं से मेला समिति को पूरा सहयोग करें। उन्होंने पुलिस, लोनिवि, पेयजल, वन, स्वास्थ्य, उरेडा, उद्यान, स्वजल, पर्यटन आदि विभागों को आवश्यक सहयोग करने के निर्देश दिये।

थराली विधायक मगन लाल शाह ने कहा कि स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़े इस मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए हरसंभव प्रयास किये जाएंगे। मेला समिति को आर्थिक सहायता के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्य पर्यटन मंत्री से भी वे वार्ता करेंगे। उन्होंने अपनी विधायक निधि से भी आर्थिक सहयोग करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख थराली राकेश जोशी, मेला समिति के अध्यक्ष जीत सिंह दानू, उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह, उपजिलाधिकारी थराली सीएस डोभाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी एसएस यादव, ईई लोनिवि डीएस रावत, डीएचओ एसएल शाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इन्डो नेपाल बार एसोसिएसन मीट, न्याय व्यवस्था पर चर्चा

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हाईकोर्ट बार एशोसिएसन की ओर से इंडो नेपाल लॉयर्स मीट का आयोजन किया गया। इस मौके पर नेपाल बार एशोसिएसन के अधिवक्ताओं का एक दल हाईकोर्ट बार सभागार पहुंचा। इस दौरान नेपाल प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल की विधिक न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी दी।

इंडो नेपाल लॉयर्स मीट में शिरकत करने पहुंचे नेपाल बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल का हार्इकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सय्यद नदीम मून और सचिव संदीप तिवारी ने भारतीय संविधान की प्रति देकर जोरदार स्वागत किया। बैठक में नेपाल बार के अध्यक्ष गोपीलाल देवाशीष, सचिव राजेन्द्र सीलवाल, शेष शंकर उप्रेती, विनोद मिश्रा, मुन्ना विक्रम खाती, बामदेव अधिकारी और रमेश काफले हिस्सा लेने पहुंचे। नेपाल से आये प्रतिनिधि मण्डल द्वारा चर्चा के दौरान नेपाल के विधिक न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी दी गर्इ।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में नेपाल में एक अंतरिम संविधान अस्तित्व में है और संविधान सभा द्वारा इसका निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। बार को यह भी बताया गया कि नेपाल में भी भारत की तरह न्यायिक व्यवस्था है, लेकिन उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में बार का एक सदस्य होता है  जो भारत में नहीं है। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट बार के प्रतिनिधि मण्डल को नेपाल आने का आमंत्रण भी दिया।

वहीं इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता पुष्पा जोशी, एमसी पंत, विनोद तिवारी, विवेक शुक्ला, पंकज कपिल, बीएस रावत, वीरेंद्र रावत, मुकुल, मनोज लखचोरा, मुकुल डांगी, नीरज उप्रेती समेत कर्इ अधिवक्ता मौजूद रहे।

एनएच घोटाले की अबी तक नहीं शुरू हुई सीबीआई जांच

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एनएच घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की घोषणा किये हुये करीब महीना भर होने को आया है पर अबी तक मामले की जांच सीबीआई ने शुरू नहीं की है।इसका सरकारी कारण अधिसूचना जारी नहीं होना बताया जा रहा है। इस कारण एसआईटी ही अपनी विवेचना जारी रखे हुए है।

एनएच 74 के मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी अब जल्द ही डबल लॉक में रखे दस्तावेज हासिल कर लेगी। दस्तावेज की क्या प्रक्रिया अपनाई जाए? इसके लिए अफसरों की बैठक अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के दफ्तर में हुई। बैठक में तय किया गया कि पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में दस्तावेजों की प्रमाणित फोटोकापी एसआईटी को सौंपी जाएगी। जांच में पारदर्शिता लाने को डबल लॉक परिसर में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो हर गतिविधि को कैद करेंगे।

एनएच घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने उन सभी आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए हैं, जिनकी जांच आगे बढ़ाने के लिए जरूरत थी। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी प्रताप शाह के दफ्तर पहुंची एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय एवं सीओ नवीन चंद्र ने अफसरों के साथ बैठक करके डबल लॉक में रखे दस्तावेज निकालने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर चर्चा की। बैठक में मौजूद मुख्य कोषाधिकारी भूपेंद्र कांडपाल ने बताया कि कोषागार परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी प्रताप शाह ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी उनकी सत्यापित फोटोप्रति उपलब्ध कराई जाएगी। मूल दस्तावेज डबल लॉक में ही रहेंगे। एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय ने बताया कि एसआईटी शीघ्र ही दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच को गति देगी। बैठक में एसएलएओ एबी नबियाल, अपर जिलाधिकारी नजूल जदगीश कांडपाल भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि सोमवार से एसआईटी डबल लॉक में रखे दस्तावेज को कब्जे में लेना शुरू करेगी।

गौरतलब है कि एनएच 74 में मुआवजा वितरण में करीब तीन सौ करोड़ का घोटाला हुआ है। एक सिंडीकेट ने जमीनों को भू उपयोग परिवर्तित कराकर दस गुना तक अधिक मुआवजा लिया। इसमें आधा दर्जन पीसीएस अफसर निलंबित हो चुके हैं। 

आधार कार्ड में खामियों से अटकी 30 फीसद पेंशन

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आधार कार्ड

आधार कार्ड में गलत जानकारी दर्ज होने के कारण केंद्र से मिलने वाले पेंशन के 30 फीसद आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से भेजी गई कुल दो लाख आवेदनों में से 60 हजार आवेदनों के साथ लगाए गए आधार कार्ड केंद्रीय डाटा से मैच नहीं हो पाए। आधार कार्ड बनाने और इनके सत्यापन करने वालों की गलती का खामियाजा राज्य के 60 हजार निशक्तों को भुगतना पड़ा।

उत्तराखंड में केंद्र और राज्य सरकार से वृद्धा, दिव्यांग, विधवा व किसान पेंशन प्राप्त करने वाले पात्रों की कुल संख्या 6.70 लाख है। इनमें से दो लाख पात्रों को केंद्र सरकार और शेष को राज्य सरकार की ओर से पेंशन प्रदान की जाती है। मौजूदा व्यवस्था में उन्हीं पात्र आवेदकों को पेंशन प्रदान की जा रही है, जिनके आधार आवेदन के साथ लिंक हैं। केंद्र सरकार से पेंशन पाने के लिए पात्र राज्य के सभी दो लाख आवेदकों ने अपने आधार आवेदन के साथ लिंक किए थे। केंद्र सरकार को भेजे गए इन आवेदनों की जांच में सामने आया कि 60 हजार लोगों की आधार कार्ड में गलत जानकारी दर्ज है। कुछ आधार कार्डों में फोटो गलत पाई गई, तो कुछ में दर्ज जानकारी पेंशनधारक के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही। केंद्र ने इन सभी की पेंशन रोक दी है। विभाग की मानें तो इनमें अधिकांश आवेदकों ने आधार कार्ड की छाया प्रति संलग्न करने के बजाय केवल आधार नंबर दर्ज किया है। ऐसे में आधार नंबर के आधार पर जांच की गई, तो रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाया। केंद्र सरकार की पेंशन रोके जाने के बाद राज्य सरकार से दी जाने वाली पेंशन में भी इस समस्या से सामना हो सकता है। राज्य से पेंशन पाने वाले 4.70 हजार पात्रों के आधार के साथ भी यह समस्या आना तय माना जा रहा है।
अपर सचिव समाज कल्याण मनोज चंद्रन का कहना है कि केंद्र सरकार ने करीब 30 फीसद लोगों के आधार मैच नहीं होने के कारण पेंशन रोक दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी की जाने वाली पेंशन में भी यह समस्या आ सकती है। इसलिए पेंशन धारकों से अपील है कि वे अपने आधार में दर्ज जानकारी को दुरुस्त करा लें और आवेदन के साथ सही आधार ही संलग्न करें।

कोटद्वार पहुंचने पर अनुकृति गुसाईं का किया स्वागत

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मिस ग्रैंड इंटरनेशनल के लिये चुने जाने के बाद पहली बार अनुकृति गुसाईं के अपनी जन्मभूमि कोटद्वार पहुंचने पर क्षेत्र लोगों एवं स्कूली बच्चों ने धूमधाम से उनका स्वागत किया। अनुकृति गुसांई ने कोटद्वार पहुंचकर सिद्धबली बाबा के दर्शन किए।शुक्रवार को कोटद्वार ऑडिटोरियम में अनुकृति के स्वागत में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसका शुभारम्भ स्कूली बच्चो के द्वारा वेदमन्त्रों के पाठ एवं सरस्वती वन्दना से हुआ। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम किये गए। कार्यक्रम में अनुकृति गुसाईं ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति उनके रग रग में बसी हुई है और वह पहाड़ की संस्कृति को देश एवं विदेशों में पहचान दिलाने के लिए प्रयास करती रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगो का उन्हें बहुत सहयोग मिला है और अब वह वियतनाम में अक्टूबर में होनी वाली प्रतियोगिता मिस ग्रैंड इंटरनेशनल की तैयारी कर रही है जिसका खिताब जितना उनका सपना है।

कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक हरक सिंह रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, अभिलाषा भारद्वाज, सुनील गोयल, धर्मवीर गुसाईं सहित एसडीएम कोटद्वार राकेश चन्द्र तिवारी, सीओ कोटद्वार जोध राम जोशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के बाद अनुकृति गुसाईं के द्वारा कोटद्वार स्थित प्राचीन सिद्धबलि बाबा मंदिर में दर्शन किये। अनुकृति गुसांईं फेमिना मिस इंडिया में टॉप पांच में रही है। अब वियतनाम में अक्टूबर माह में होने वाली प्रतियोगिता मिस ग्रैंड इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।