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चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा

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काशीपुर, नगर क्षेत्र में पिछले काफी दिन से हुई चोरियां, लूट व अवैध वसूली की वारदातों का अपर पुलिस अधीक्षक डा. जगदीश चन्द्र ने खुलासा करते हुए पांच डकैतों, एक वाहन चोर समेत दो शातिर चोरों व पुलिस बनकर अवैध वसूली करने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर एक छोटा हाथी समेत चोरी किया गया सामान एवं अवैध असलहा बरामद करने का दावा किया है।

बतादें कि नगर क्षेत्र में पिछले काफी दिनों से चोरों ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ चोरियों की वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नाक में दम कर दिया था। एएसपी डा. जगदीश चन्द्र ने इन वारदातों को गंभीरता से लेते हुए सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में कई पुलिस टीमों का गठन कर मामलों के खुलासे के निर्देश दिये थे। पुलिस टीमों ने इन मामलों में कई लोगों से पूछताछ की, परंतु पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पायी।

एएसपी ने आज अपने कार्यालय में कई वारदातों का खुलासा करते हुए बताया कि कोतवाली प्रभारी चंचल शर्मा, कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी दिनेश फत्र्याल, एसआई महेश जोशी, जसविन्दर सिंह, कां. रमेश शर्मा, दीवान सिंह, कैलाश गोस्वामी, हरीश सनवाल, कुलदीप सिंह, देवेन्द्र सिंह ने बीती रात गश्त के दौरान रेलवे माल गोदाम के पास दबिश देकर पांच संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेते हुए उनसे पूछताछ की तो उनकी पहचान यूपी के बरेली, थाना इज्जतनगर के रहने वाले थे।

पूछताछ में पांचों युवकों ने थाना कुण्डा क्षेत्रा स्थित सोल फार्मा प्रा. लि. से मेपफेनिक ऐसिड पाउडर व अन्य पाउडर को कंपनी में मौजूद गार्ड को बंध्क बनाकर उक्त कंपनी से पाउडर से भरा ट्रक लूटकर ले जाने की योजना बनाया जाना स्वीकार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने उक्तलोगों के कब्जे से एक 315 बोर तमंचा, 2 जीवित कारतूस, 3 चाकू व एक टार्च बरामद की है। एएसपी ने बताया कि पकड़े गये युवक यहां मुरादाबाद रोड व अन्य फैक्ट्रियों में कर्मचारी रह चुके हैं तथा आर्थिक तंगी व फैक्ट्री बंद होने के चलते युवकों ने जरायम के धंधे को अपना लिया। उन्होंने बताया कि पकड़े गये युवकों में से एक युवक भी बी फार्मा भी किये हुए है।

एएसपी डा. चन्द्र ने नगर में बीती 10 जुलाई की रात तहसील गेट के सामने स्थित बंसल ब्रदर्स हार्डवेयर व बीती 16/17 जुलाई की रात रामनगर रोड स्थित न्यू प्रकाश रेडियम की दुकान में हुई चोरियों का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस टीम ने मोहल्ला अल्लीखां की अौर तीन लोगों को गिरफ्तार किया जिन के पास एक चाकू बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि तीनों ने पूछताछ के दौरान उक्त दोनों दुकानों में चोरी करना स्वीकार किया है। पुलिस टीम ने उक्त चोरों की निशानदेही पर हार्डवेयर की दुकान से चोरी हुई 10 कीमती टोटियां व रेडियम की दुकान से चोरी किया गया एलईडी चार, सीडी प्लेयर दो, परफ्यूम पांच, स्क्रीन एक, मोबाइल चार्जर बरामद करने का दावा किया है। एएसपी ने बताया कि पकड़ा गया मंगूरा एक शातिर चोर है तथा इससे पूर्व  में भी वह कई बार चोरियों के आरोप में जेल जा चुका है। चोरों को गिरफ्तार करने वालों में एसआई जसविन्दर सिंह, जयपाल सिंह, कां. कुलदीप सिंह, महिपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह, संदीप कुमार शामिल है।

आईटीआई थाना पुलिस ने उ.प्र. से चोरी कर लाये गये एक छोटा हाथी को चोर समेत बरामद करने का दावा किया है। पकड़ा गया चोर उक्त छोटे हाथी को रामपुर में बेचने जा रहा था। एएसपी डा. चन्द्र ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में वाहन चोरियों की रोकथाम के लिए थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दढिय़ाल रोड पर घेराबंदी कर चैकिंग के दौरान उ.प्र. के जिला सम्भल थाना बनियाठेर के अल्लीपुर बुजुर्ग बड़ा गांव के हृदयेश राघव को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से टाटा कम्पनी का छोटा हाथी संख्या यूपी 21बीएन1769 व तलाशी में एक 315 बोर तमंचा मय जीवित कारतूस बरामद किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान हृदयेश का एक साथी मुरादाबाद निवासी लालू पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पूछताछ में हृदयेश ने उक्त छोटे हाथी को बीती 20 जुलाई को मुरादाबाद से चोरी करना व अब उसे काशीपुर होते हुए स्वार या रामपुरा में बेचे जाने के लिए ले जाना स्वीकार किया है। एएसपी ने बताया कि हृदयेश के खिलाफ  मुरादाबाद के थाना मझौला पुलिस में मोटरसाईकिल समेत वाहन चोरियों के 14 मुकदमें दर्ज हैं, जिनमें से सात का निस्तारण हो चुका है तथा सात मुकदमें अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है। टीमें में एसआई अशोक फत्र्याल, एचसीपी अशोक चौधरी, का. खीम सिंह, ध्यान सिंह, एसओजी के देवेन्द्र सिंह भी शामिल है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने उक्त मामलों के खुलासे के दौरान एक और खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें क्षेत्र में पिछले लंबे अर्से से एक युवक द्वारा पुलिसकर्मी बनकर वाहनों से अवैध वसूली करने की जानकारी मिल रही थी, इस मामले की तफतीश में लगे एसआई जयपाल सिंह चौहान, का. सतीश भट्ट, जगमोहन नेगी ने बीती रात करीब पौने बारह बजे आनन्दपाल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 470 रूपये नगद, एक डंडा व एक टार्च बरामद किये हैं। एएसपी डा. चन्द्र ने बताया कि आनन्दपाल फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ट्रकों आदि से वसूली कर रहा था।

ग्रामीणों ने खुद बना डाली गांव तक सड़क

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कई सालों से सरकार से सड़क की मांग करते आ रहे ग्रामीणों को जब सरकार से ना-उम्मीदी नजर आयी तो उन्होंने स्वयं ही सड़क बनाने का जिम्मा उठाते हुए गांव तक सड़क पहुंचा दी।
वाकिया जनपद चमोली के विकास खंड दशोली के सल्ला रैतोली गांव का है। ग्रामीण एक लंबे समय से पीपलकोटी-सल्ला-रैतोली-कम्यार मोटर मार्ग निर्माण की मांग करते आ रहे थे। 2004 में स्पेशल कंपोनेंट प्लान से यह सड़क स्वीकृत भी हुई लेकिन बन नहीं पायी। उसके बाद भी ग्रामीण सड़क की मांग करते चले गये। जब सरकार की ओर से उन्हें कोई आशा नजर नहीं आयी तो गांव के ग्राम प्रधान नरेंद्र बंडवाल ने कुछ उत्साही युवकों की एक टीम खड़ी कर श्रमदान से सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा, जो युवाओं को बहुत भाया और उन्होंने अपने परिवार के अन्य लोगों को भी इसके लिए तैयार किया और आपस में चंदा कर सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया।
गांव के सभी लोगों ने इसमें सहयोग करते हुए एक माह के भीतर गांव तक पहुंचने के लिए 500 मीटर सड़क काट डाली। गांव के ग्राम प्रधान नरेंद्र बंडवाल ने बताया कि गुरुवार को सड़क के माध्यम से गांव तक वाहन भी पहुंच गया है। गांव में वाहन के पहुंचने पर ग्रामीणों में काफी उत्साह है और अपनी मेहनत से सभी लोग खुश नजर आ रहे हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस कार्य में उन्हें गांव के पूर्व प्रधान हरेंद्र पंवार, दिनेश राणा, खीमानंद कुकरेती, अशोक पंवार, सुरेंद्र सिंह, दिनेश, पानसिंह पाल, दिनेश मिश्रा सहित कई अन्य लोगों का भरपूर सहयोग मिला है।

एक अगस्त से शुरू होगा दूसरे चरण का अतिक्रमण महाअभियान

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राज्य सरकार राजधानी, देहरादून को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए महाअभियान का दूसरा चरण एक अगस्त से शुरू करेगी। इससे पहले 25 जुलाई से 31 जुलाई तक चिन्हीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण में रिस्पना पुल से प्रिंस चौक होते हुए बुद्धा चौक तक अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा।

अतिक्रमण अभियान के दूसरे चरण में चिन्हीकरण का काम शुरू होने जा रहा है। अगले चरण में देहरादून नगर के रिस्पना पुल से आराघर-प्रिंसचौक-कोर्टरोड, बुद्धा चौक के अतिक्रमण हटाने के लिए चिन्हीकरण का काम होना है। जो 25 से 31 जुलाई के बीच किया जाएगा, इसके बाद एक अगस्त से महाअभियान के तहत कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्रशासन, पुलिस, लोनिवि, एमडीडीए की संयुक्त टीम बना कर निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट को 25 जुलाई से पहले सौंपने के निर्देश दिए है। साथ ही पहले चरण में होने वाले निर्माण कार्यों को शुरू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। इसमें सड़कों के किनारे रोड पर फुटपाथ व नालियों आदि का काम भी शुरू होना है।

लगातार हो रही बारिश के चलते फिलहाल कार्य को रोका गया है। दूसरे चरण के अतिमक्रमण अभियान में बरसात का अहम रोल माना जा रहा है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि, ‘दूसरा चरण 25 जुलाई से शूरू कर दिया जाएगा, पहले चिन्हीकरण का कार्य होगा इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने बताया कि, ‘बरसात को देखते हुए कुछ विलंब हो रहा है। बरसात के रुकते ही प्रशासन को पूरी तरह से तैयार रहने को कहा गया हैै।’ मंत्री ने दावा किया कि हर हाल में राजधानी को बेहतर बनाने के लिए अतिक्रमण अभियान को किसी भी दशा में रोका नहीं जाएगा। 

उत्तराखंड के नए डीजीपी अनिल रतूड़ी का मसूरी से है गहरा नाता

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1987 बैच के आईपीएस अधिकारी अनिल रतूड़ी उत्तराखंड के अगले पुलिस महानिदेशक होंगे। आईपीएस अनिल रतूड़ी 24 जुलाई को डीजीपी पद का कार्यभार संभालेंगे और 24 जुलाई को ही मौजूदा डीजीपी एम ए गणपति को पुलिस महकमा विदाई देगा।

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अच्छी खबर को फैलने में समय नहीं लगता और वो भी तब जब खबर इतनी शानदार हो।जी हां अनिल रतूड़ी पहाड़ों की रानी मसूरी से हैं।इस समय मसूरी में उत्सव का माहौल है और क्यों ना हो मसूरी में ही अनिल रतूड़ी पैदा और पले बड़े है। अनिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हैंम्पटन कोर्ट स्कूल से की है उसके बाद सेंट जार्ज स्कूल से कक्षा 4-12 तक की पढ़ाई की है।

रतूड़ी के संगी साथियों को भी उन पर उतना ही गर्व है। ख़ासतौर पर इस बात का कि रतूड़ी ने कभी कामयाबी को अपने सर नहीं चढ़ने दिया और शायद ज़मीन से जुड़े रहने की इस आदत ने ही आज उन्हें पुलिस विभाग के सबसे ऊँचे पद पर पहुँचाया।

उनकी हमउम्र लोग रतूड़ी को एक पतली कदकाठी के लेकिन बेहद ईमानदार अधिकारी के तौर पर जानते हैं। जोकि अपनी खास चाल के लिये दिल्ली के किरोड़ीमल काॅलेज जहां से रतूड़ी ने एमए इंग्लिश किया वहां खासे मशहूर थे। अपने समय में अनिल रतूड़ी दो स्केटिंग पार्टनर के साथ आगे बढ़े लेकिन आखिरी तक इसमें आगे केवल रतूड़ी गए।अनिल रतूड़ी ने अपने स्केटिंग से अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर भारत को रिप्रजेंट किया । 1980 के रोलर स्केटिंग श्रेणी में उन्होंने कायरो और रोम में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

अनिल रतूड़ी की छोटी बहन नीता रावत जो मसूरी के एलएलएम फाउंडेशन स्कूल की प्रिसिंपल है पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि “रतूड़ी हमेशा से ही एक उम्दा एथलिट थे।हमेशा सभी खेलों में नंबर एक पर रहते थे चाहें क्रिकेट हो,एथलेटिक्स हो या फिर हाॅकी हो या आप कह सकते हैं कि वह हर क्षेत्र में काफी अच्छे थे।”

जब कभी अनिल काम से थोड़ा समय निकालते वह हमेशा बैंडमिंटन,लान टेनिस या फिर पढ़ना पसंद करते हैं। न्यूज़पोस्ट से बातचीत में नीता बताती हैं कि “अनिल एक सुलझे हुए इंसान हैं जिन्हें अपने घर का बना हुआ गढ़वाली खाना पसंद हैं और वह अपने परिवार खासकर अपनी मां के साथ सदिर्यों का समय देहरादून में बिताना पसंद हैं।”

 हम सभी की तरफ से अनिल रतूड़ी को नये पद की शुभकामनाऐं।

इस आईपीएस का डंडा सोशल मीडिया पर दे रहा है चुनौती!!

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पिछले कुछ समय से पुलिस के बारे में सोचते ही कई तरह के अनफिट और मोटे पुलिस वालों की तस्वीरें आपके जहन में आती रही हैं। सोशल मीडिया पर भी शोभा डे जैसी सेलीब्रेटी से लेकर आम लोगों तक ने ड्यूटी पर सोते, या अनफिट पुलिस कर्मियों की तस्वीरें जमकर शेयर की हैं। लेकिन उत्तराखंड के एक आईपीएस अधिकारी ने इन सब के उलट एक अलग तस्वीर पेश की है। नैनीताल के एसएसपी जनमज्येय खंडूरी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपनी एक तस्वीर को डिस्पले पिक्चर के तौर पर लगाया है। इस तस्वीर में आमतौर पर खासे फिट रहने वाले खंडूरी हाथ में पुलिस का ट्रेडमार्क डंडा लेकर दिख रहे हैं।

अपनी इस तसवीर के बारे में खंडूरी कहते हैं कि “मैं सभी को ये संदेश देना चाहता हूं कि अगर एक एसएसपी डंडा पकड़ सकता है तो कोई भी पुलिस कर्मी ये पकड़ सकता है।इन दिनों पुलिसकर्मियों और खासतौर पर अधिकारियों को डंडा पकड़ने में शर्म महसूस होती है औऱ इसी कारण से कई बार हालात बेकाबू हो जाते हैं।”

आमतौर पर अधिकारी या तो अपने दफ्तरों में ये फिर नेताओं के साथ तस्वीरें आधिकारिक जगहों पर लगाते देखे गये हैं। लेकिन खंडूरी का ये कदम न केवल लीग से हटकर है बल्कि सही मायनों में फोर्स के लोगों को प्रेरित कर सकता है। हम उम्मीद करेंगे कि और आईपीएस अधिकारी भी इस तरह की तस्वीरें साझा करें ताकि न केवल उनके मातहत काम करने वालों को प्रेरणा मिले साथ साथ आम लोगों का भी फोर्स पर और भरोसा बड़े। बहरहाल खंडूरी की ये तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है और शायद पुलिस का मजाक बनाने वाले सेशल मीडिया ट्रोर्लस को भी इससे जवाब मिलेगा।

 

डीएम से कदम न मिला पाना अधिकारियों को पड़ा भारी

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Dm takes tour on foot

अमूमन पहाड़ों पर अधिकारी पहुंचते नहीं हैं। और अगर किसी मजबूरी में पहुंच जायें तो उनकी कार्यशैली का नमूना देखने को मिला अल्मोड़ा जिले में। यहां आम लोगों को नहीं बल्कि खुद जिलाधिकारी को ही अधिकारी आधे रास्ते में छोड़ भाग खड़े हुए।

दरअसल राज्य में एक मिसाल कायम करते हुए अल्मोड़ा के जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के दूर दराज के गांवों के दौरे का कार्यक्रम बनाया। इसके लिये डीएम ने ऐसा गांव चुना जहां पहुंचने के लिये 13 किमी की पैदल दूरी नापनी थी। डीएम चले तो कई विभागों के अधिकारियों को भी अपने साथ ले लिया। लेकिन रास्ते में ही तमाम अधिकारी हांफ गए। हद तो तब हो गई जब वह डीएम को छोड़कर धीरे से भाग निकले। इससे नाराज जिलाधिकारी ने भाग खड़े हुए अफसरों का वेतन काटने का निर्देश दिया है। वहीं डीएम ने अपना सफर तय किया और विकास खंड भैंसियाछाना के गांव धौलनैली, बौढ़ा, थिकलना क्षेत्र के लोगों ने अपने बीच पहली बार कोई जिलाधिकारी देखा।

सविन बंसल ने न्यूजपोस्ट को बताया कि “हमने जिले में ऐसे दूर दराज के गांवों की सूची तैयार की है और यहां के लोगों की समस्याऐं सुनने के लिये हम तमाम विभागों के अधिकारियों को यहां तक ले जाते हैं। इससे आस पास के गांवों के लोग भी वहां आ कर अपनी समस्याओं का निस्तारण करा सकते हैं। अभी तक ये छह बार हो चुका है ओर हर बार तकरीबन 10-13 किमी चलके जाना पड़ता है”। अधिकारियों के भाग खड़े होने पर बंसल कहते हैं कि “इस तरह की घटनाऐं होती रही हैं, लेकिन हम इसे नजरअंदाज नहीं करते हैं बल्कि हम ऐसे अधिकारियों को दंडित करते हैं।”

डीएम सविन बंसल ने गांव त्रिनैली के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाई। जिसमें गांव वालों की तरफ से पेयजल की समस्या बताई गई। जिसे तत्काल दूर करने करने के लिए अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए गए।

 

नाबालिग लडकी को भगाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार

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श्रीमती सन्तोष, निवासी शान्तिनगर ऋषिकेश ने सूचना अंकित करायी कि उसकी नाबालिग पुत्री को उनके पड़ोस में रहने वाला युवक योगेश, मूल निवासी गांव झुण्डपुरा, थाना मण्डी धनोरा, जिला अमरोहा उ.प्र. बहला फुसला कर भगा ले गया है ।

इस सूचना पर थाना ऋषिकेश में योगेश के विरूद्ध अपहरण की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया । अभियुक्त व अपूहता की तलाश के लिये म.उ.नि. नीमा बोरा के नेतृत्व में टीम गठित की गयी ।

कल शाम नीमा बोरा व आरक्षी ने अभियुक्त योगेश कुमार को मन्सा देवी तिराहा, श्यामपुर से गिरफ्तार किया था अभियक्त के कब्जे से सकुशल पाया गया । पीड़िता के बयानों के आधार पर पीड़िता का नाबालिग होना व उसके साथ बलात्कार होना पाया गया । अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश किया गया ।

सैफ और कंगना के बीच खुले पत्रों का दौर

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आईफा अवॉर्ड के दौरान भाई-भतीजावाद के नाम पर कंगना को लेकर हुए कमेंट्स के बाद अब सैफ अली खान और कंगना के बीच खुले पत्रों का खेल शुरू हुआ है। अवॉर्ड्स के दौरान वरुण धवन और करण जौहर के साथ मिलकर कंगना की खिल्ली उड़ाने वाले सैफ अली खान ने मुंबई लौटकर कंगना को निजी संदेश भेजकर उस मामले के लिए खेद जताया और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पंहुचाने का नहीं था।

यही नहीं, अब तक सोशल मीडिया से दूर रहे सैफ अली खान की ओर से मीडिया में कंगना के नाम एक खुला पत्र आया, जिसमें सैफ अली खान पूरे मामले पर अपनी सफाई दे रहे हैं और अब सैफ के इस खुले पत्र के बाद कंगना ने भी खुले पत्र के माध्यम से सैफ के पत्र का जवाब दिया है।

दिलचस्प बात ये है कि सैफ की तरह कंगना भी खुद को सोशल मीडिया से दूर रखती हैं। अपने खुले पत्र में सैफ ने सफाई देते हुए लिखा है कि ये हम तीनों (सैफ, वरुण और करण जौहर) के बीच एक जोक से ज्यादा कुछ नहीं था। जब मुझे लगा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था तो मैंने निजी तौर पर कंगना को सॉरी बोला और मुझे लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया है।

उन्होंने लिखा कि मै सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में असहज महसूस करता हूं और कंगना के अलावा मुझे इस मुद्दे को लेकर किसी और को सफाई देने की जरूरत भी नहीं थी। मगर मीडिया में मेरी बात और तरीके को गलत तरीके से प्रचारित किया गया। मैं निजी तौर पर भाई-भतीजावाद जैसी किसी बात में विश्वास नहीं करता। हमारे माता-पिता की दी हुई पहचान हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन इस पहचान का हमारे काम से कोई लेना-देना नहीं होता। हम अच्छा काम करते हैं, तो हमें तारीफ मिलती है और अच्छा काम नहीं करते हैं, तो हमें भी आलोचना का शिकार होना पड़ता है। ये बहुत साधारण बात है, जिसका किसी भाई भतीजावाद से कोई कनेक्शन नहीं है।

सैफ ने पत्र में अपने बेटे तैमूर, शाहिद की बेटी मीशा और शाहरुख खान के बेटे अबराम को लेकर मीडिया के रवैये पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाई-भतीजावाद को मीडिया को अपनी तरफ भी ध्यान देना चाहिए कि इन बच्चों को लेकर उनका रवैया क्या रहा है। सैफ के इस खुले पत्र के जवाब में कंगना ने अपने खुले पत्र में लिखा कि सैफ के पत्र से उनको हैरानी हुई और दुख भी हुआ, क्योंकि इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर लिखा गया, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कंगना ने स्टार किड्स को लेकर सैफ की परिभाषा से असहमति जताते हुए लिखा कि आप अपने बच्चों के लिए दूसरों की मेहनत और मौकों को कम करके नहीं आंक सकते। संभावना इस बात की है कि दो खुले पत्रों के बाद ये विवाद जल्दी से शांत नहीं होगा।

अजय देवगन लौट आए ‘धमाल 3’ में

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दो दिन पहले ही खबर आई थी कि अजय देवगन ने इंद्र कुमार की नई फिल्म ‘टोटल धमाल’ से खुद को अलग कर लिया है। अब खबर आ रही है कि अजय देवगन एक बार फिर इस फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए हैं।

फिल्म के निर्देशक इंद्र कुमार ने खुद इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि अजय हमारी फिल्म में काम कर रहे हैं। फिल्म के अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि अजय के साथ मामला पैसों को लेकर बिगड़ा था, जिसके चलते उनके फिल्म से अलग होने की खबर बाहर आई थी। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी फीस की मांग को मान लिया गया है और वे इसमें काम करने के लिए सहमत हो गए हैं।

अजय देवगन को इस फिल्म में उस वक्त कास्ट किया गया था, जब संजय दत्त ने इसमें काम करने से मना कर दिया था। संजय दत्त ने धमाल की पहली और दूसरी कड़ी में काम किया था, लेकिन तीसरी कड़ी में एडल्ट कटेंट होने की बात कहकर उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया था। इंद्र कुमार ने फिल्म के कटेंट के एडल्ट होने की बात को खारिज करते हुए दावा किया था कि ये फैमिली फिल्म होगी, जिसमें कॉमेडी है।

संजय दत्त के अलावा रितेश देशमुख भी, जो दोनों धमाल कड़ियों का हिस्सा रहे हैं, तीसरी धमाल का हिस्सा बनने से मना कर चुके हैं, लेकिन उनका मामला डेट प्रॉब्लम का बताया जा रहा है और इंद्र कुमार कोशिश कर रहे हैं कि मेहमान भूमिका के साथ रितेश इस फिल्म से जुड़े रहें। धमाल की तीसरी कड़ी के अलावा इंद्र कुमार ने मस्ती की चौथी कड़ी भी शुरू करने के संकेत दिए हैं।

नीलकंठ महादेव के आशीर्वाद से जन्मी पार्वती

कहते हैं जिसके सर पर भोलेनाथ का हाथ हो तो वह कठिन से कठिन मंजिलों को भी तय कर लेता है। कुछ ऐसा ही हुआ देहरादून झांझरा निवासी ममता के साथ, शुक्रवार को नीलकंठ यात्रा में अपने पति और परिजनों के साथ भगवान नीलकंठ महादेव का जलाभिषेक कर वापस लौटते हुए राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगलों के बीच मोनी गुफा के पास ममता को प्रसव पीड़ा हुई, सभी परिजनों के हाथों फूल गए आखिर लाखों की कांवड़ियों की भीड़ और जंगल का रास्ता, ना कोई डॉक्टर, ना कोई सुविधा?

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आखिर करें तो क्या करें? लेकिन नीलकंठ भगवान का नाम लेकर ममता ने आंखें खोली और अचानक ही रास्ते में बच्चे की किलकारियों की गूंज सुनाई देने लगी। हर कोई भोलेनाथ के चमत्कार पर नतमस्तक हो गया और बीच रास्ते में एक स्वस्थ कन्या का जन्म हो गया। परिजनों ने इस कन्या का नाम मोनी उर्फ पार्वती रखा और सभी सकुशल पुलिस की सहायता से जच्चा-बच्चा को लेकर ऋषिकेश हॉस्पिटल पहुंचे।  डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की घोषणा की अौर हर कोई भोलेनाथ के इस आशीर्वाद से ममता को बधाई देने लगा। ऐसी अजीब सी विकट परिस्थिति में स्वस्थ बच्चे को जन्म देना और सुरक्षित घर को  लौटना महादेव का चमत्कार ही है।