Page 667

उत्तराखंड के नए डीजीपी अनिल रतूड़ी का मसूरी से है गहरा नाता

0

1987 बैच के आईपीएस अधिकारी अनिल रतूड़ी उत्तराखंड के अगले पुलिस महानिदेशक होंगे। आईपीएस अनिल रतूड़ी 24 जुलाई को डीजीपी पद का कार्यभार संभालेंगे और 24 जुलाई को ही मौजूदा डीजीपी एम ए गणपति को पुलिस महकमा विदाई देगा।

st george school mussoorie

अच्छी खबर को फैलने में समय नहीं लगता और वो भी तब जब खबर इतनी शानदार हो।जी हां अनिल रतूड़ी पहाड़ों की रानी मसूरी से हैं।इस समय मसूरी में उत्सव का माहौल है और क्यों ना हो मसूरी में ही अनिल रतूड़ी पैदा और पले बड़े है। अनिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हैंम्पटन कोर्ट स्कूल से की है उसके बाद सेंट जार्ज स्कूल से कक्षा 4-12 तक की पढ़ाई की है।

रतूड़ी के संगी साथियों को भी उन पर उतना ही गर्व है। ख़ासतौर पर इस बात का कि रतूड़ी ने कभी कामयाबी को अपने सर नहीं चढ़ने दिया और शायद ज़मीन से जुड़े रहने की इस आदत ने ही आज उन्हें पुलिस विभाग के सबसे ऊँचे पद पर पहुँचाया।

उनकी हमउम्र लोग रतूड़ी को एक पतली कदकाठी के लेकिन बेहद ईमानदार अधिकारी के तौर पर जानते हैं। जोकि अपनी खास चाल के लिये दिल्ली के किरोड़ीमल काॅलेज जहां से रतूड़ी ने एमए इंग्लिश किया वहां खासे मशहूर थे। अपने समय में अनिल रतूड़ी दो स्केटिंग पार्टनर के साथ आगे बढ़े लेकिन आखिरी तक इसमें आगे केवल रतूड़ी गए।अनिल रतूड़ी ने अपने स्केटिंग से अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर भारत को रिप्रजेंट किया । 1980 के रोलर स्केटिंग श्रेणी में उन्होंने कायरो और रोम में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

अनिल रतूड़ी की छोटी बहन नीता रावत जो मसूरी के एलएलएम फाउंडेशन स्कूल की प्रिसिंपल है पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि “रतूड़ी हमेशा से ही एक उम्दा एथलिट थे।हमेशा सभी खेलों में नंबर एक पर रहते थे चाहें क्रिकेट हो,एथलेटिक्स हो या फिर हाॅकी हो या आप कह सकते हैं कि वह हर क्षेत्र में काफी अच्छे थे।”

जब कभी अनिल काम से थोड़ा समय निकालते वह हमेशा बैंडमिंटन,लान टेनिस या फिर पढ़ना पसंद करते हैं। न्यूज़पोस्ट से बातचीत में नीता बताती हैं कि “अनिल एक सुलझे हुए इंसान हैं जिन्हें अपने घर का बना हुआ गढ़वाली खाना पसंद हैं और वह अपने परिवार खासकर अपनी मां के साथ सदिर्यों का समय देहरादून में बिताना पसंद हैं।”

 हम सभी की तरफ से अनिल रतूड़ी को नये पद की शुभकामनाऐं।

इस आईपीएस का डंडा सोशल मीडिया पर दे रहा है चुनौती!!

3

पिछले कुछ समय से पुलिस के बारे में सोचते ही कई तरह के अनफिट और मोटे पुलिस वालों की तस्वीरें आपके जहन में आती रही हैं। सोशल मीडिया पर भी शोभा डे जैसी सेलीब्रेटी से लेकर आम लोगों तक ने ड्यूटी पर सोते, या अनफिट पुलिस कर्मियों की तस्वीरें जमकर शेयर की हैं। लेकिन उत्तराखंड के एक आईपीएस अधिकारी ने इन सब के उलट एक अलग तस्वीर पेश की है। नैनीताल के एसएसपी जनमज्येय खंडूरी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपनी एक तस्वीर को डिस्पले पिक्चर के तौर पर लगाया है। इस तस्वीर में आमतौर पर खासे फिट रहने वाले खंडूरी हाथ में पुलिस का ट्रेडमार्क डंडा लेकर दिख रहे हैं।

अपनी इस तसवीर के बारे में खंडूरी कहते हैं कि “मैं सभी को ये संदेश देना चाहता हूं कि अगर एक एसएसपी डंडा पकड़ सकता है तो कोई भी पुलिस कर्मी ये पकड़ सकता है।इन दिनों पुलिसकर्मियों और खासतौर पर अधिकारियों को डंडा पकड़ने में शर्म महसूस होती है औऱ इसी कारण से कई बार हालात बेकाबू हो जाते हैं।”

आमतौर पर अधिकारी या तो अपने दफ्तरों में ये फिर नेताओं के साथ तस्वीरें आधिकारिक जगहों पर लगाते देखे गये हैं। लेकिन खंडूरी का ये कदम न केवल लीग से हटकर है बल्कि सही मायनों में फोर्स के लोगों को प्रेरित कर सकता है। हम उम्मीद करेंगे कि और आईपीएस अधिकारी भी इस तरह की तस्वीरें साझा करें ताकि न केवल उनके मातहत काम करने वालों को प्रेरणा मिले साथ साथ आम लोगों का भी फोर्स पर और भरोसा बड़े। बहरहाल खंडूरी की ये तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है और शायद पुलिस का मजाक बनाने वाले सेशल मीडिया ट्रोर्लस को भी इससे जवाब मिलेगा।

 

डीएम से कदम न मिला पाना अधिकारियों को पड़ा भारी

0
Dm takes tour on foot

अमूमन पहाड़ों पर अधिकारी पहुंचते नहीं हैं। और अगर किसी मजबूरी में पहुंच जायें तो उनकी कार्यशैली का नमूना देखने को मिला अल्मोड़ा जिले में। यहां आम लोगों को नहीं बल्कि खुद जिलाधिकारी को ही अधिकारी आधे रास्ते में छोड़ भाग खड़े हुए।

दरअसल राज्य में एक मिसाल कायम करते हुए अल्मोड़ा के जिलाधिकारी सविन बंसल ने जिले के दूर दराज के गांवों के दौरे का कार्यक्रम बनाया। इसके लिये डीएम ने ऐसा गांव चुना जहां पहुंचने के लिये 13 किमी की पैदल दूरी नापनी थी। डीएम चले तो कई विभागों के अधिकारियों को भी अपने साथ ले लिया। लेकिन रास्ते में ही तमाम अधिकारी हांफ गए। हद तो तब हो गई जब वह डीएम को छोड़कर धीरे से भाग निकले। इससे नाराज जिलाधिकारी ने भाग खड़े हुए अफसरों का वेतन काटने का निर्देश दिया है। वहीं डीएम ने अपना सफर तय किया और विकास खंड भैंसियाछाना के गांव धौलनैली, बौढ़ा, थिकलना क्षेत्र के लोगों ने अपने बीच पहली बार कोई जिलाधिकारी देखा।

सविन बंसल ने न्यूजपोस्ट को बताया कि “हमने जिले में ऐसे दूर दराज के गांवों की सूची तैयार की है और यहां के लोगों की समस्याऐं सुनने के लिये हम तमाम विभागों के अधिकारियों को यहां तक ले जाते हैं। इससे आस पास के गांवों के लोग भी वहां आ कर अपनी समस्याओं का निस्तारण करा सकते हैं। अभी तक ये छह बार हो चुका है ओर हर बार तकरीबन 10-13 किमी चलके जाना पड़ता है”। अधिकारियों के भाग खड़े होने पर बंसल कहते हैं कि “इस तरह की घटनाऐं होती रही हैं, लेकिन हम इसे नजरअंदाज नहीं करते हैं बल्कि हम ऐसे अधिकारियों को दंडित करते हैं।”

डीएम सविन बंसल ने गांव त्रिनैली के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाई। जिसमें गांव वालों की तरफ से पेयजल की समस्या बताई गई। जिसे तत्काल दूर करने करने के लिए अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए गए।

 

नाबालिग लडकी को भगाकर ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार

0

श्रीमती सन्तोष, निवासी शान्तिनगर ऋषिकेश ने सूचना अंकित करायी कि उसकी नाबालिग पुत्री को उनके पड़ोस में रहने वाला युवक योगेश, मूल निवासी गांव झुण्डपुरा, थाना मण्डी धनोरा, जिला अमरोहा उ.प्र. बहला फुसला कर भगा ले गया है ।

इस सूचना पर थाना ऋषिकेश में योगेश के विरूद्ध अपहरण की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया । अभियुक्त व अपूहता की तलाश के लिये म.उ.नि. नीमा बोरा के नेतृत्व में टीम गठित की गयी ।

कल शाम नीमा बोरा व आरक्षी ने अभियुक्त योगेश कुमार को मन्सा देवी तिराहा, श्यामपुर से गिरफ्तार किया था अभियक्त के कब्जे से सकुशल पाया गया । पीड़िता के बयानों के आधार पर पीड़िता का नाबालिग होना व उसके साथ बलात्कार होना पाया गया । अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश किया गया ।

सैफ और कंगना के बीच खुले पत्रों का दौर

0

आईफा अवॉर्ड के दौरान भाई-भतीजावाद के नाम पर कंगना को लेकर हुए कमेंट्स के बाद अब सैफ अली खान और कंगना के बीच खुले पत्रों का खेल शुरू हुआ है। अवॉर्ड्स के दौरान वरुण धवन और करण जौहर के साथ मिलकर कंगना की खिल्ली उड़ाने वाले सैफ अली खान ने मुंबई लौटकर कंगना को निजी संदेश भेजकर उस मामले के लिए खेद जताया और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पंहुचाने का नहीं था।

यही नहीं, अब तक सोशल मीडिया से दूर रहे सैफ अली खान की ओर से मीडिया में कंगना के नाम एक खुला पत्र आया, जिसमें सैफ अली खान पूरे मामले पर अपनी सफाई दे रहे हैं और अब सैफ के इस खुले पत्र के बाद कंगना ने भी खुले पत्र के माध्यम से सैफ के पत्र का जवाब दिया है।

दिलचस्प बात ये है कि सैफ की तरह कंगना भी खुद को सोशल मीडिया से दूर रखती हैं। अपने खुले पत्र में सैफ ने सफाई देते हुए लिखा है कि ये हम तीनों (सैफ, वरुण और करण जौहर) के बीच एक जोक से ज्यादा कुछ नहीं था। जब मुझे लगा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था तो मैंने निजी तौर पर कंगना को सॉरी बोला और मुझे लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया है।

उन्होंने लिखा कि मै सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में असहज महसूस करता हूं और कंगना के अलावा मुझे इस मुद्दे को लेकर किसी और को सफाई देने की जरूरत भी नहीं थी। मगर मीडिया में मेरी बात और तरीके को गलत तरीके से प्रचारित किया गया। मैं निजी तौर पर भाई-भतीजावाद जैसी किसी बात में विश्वास नहीं करता। हमारे माता-पिता की दी हुई पहचान हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन इस पहचान का हमारे काम से कोई लेना-देना नहीं होता। हम अच्छा काम करते हैं, तो हमें तारीफ मिलती है और अच्छा काम नहीं करते हैं, तो हमें भी आलोचना का शिकार होना पड़ता है। ये बहुत साधारण बात है, जिसका किसी भाई भतीजावाद से कोई कनेक्शन नहीं है।

सैफ ने पत्र में अपने बेटे तैमूर, शाहिद की बेटी मीशा और शाहरुख खान के बेटे अबराम को लेकर मीडिया के रवैये पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाई-भतीजावाद को मीडिया को अपनी तरफ भी ध्यान देना चाहिए कि इन बच्चों को लेकर उनका रवैया क्या रहा है। सैफ के इस खुले पत्र के जवाब में कंगना ने अपने खुले पत्र में लिखा कि सैफ के पत्र से उनको हैरानी हुई और दुख भी हुआ, क्योंकि इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़कर लिखा गया, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कंगना ने स्टार किड्स को लेकर सैफ की परिभाषा से असहमति जताते हुए लिखा कि आप अपने बच्चों के लिए दूसरों की मेहनत और मौकों को कम करके नहीं आंक सकते। संभावना इस बात की है कि दो खुले पत्रों के बाद ये विवाद जल्दी से शांत नहीं होगा।

अजय देवगन लौट आए ‘धमाल 3’ में

0

दो दिन पहले ही खबर आई थी कि अजय देवगन ने इंद्र कुमार की नई फिल्म ‘टोटल धमाल’ से खुद को अलग कर लिया है। अब खबर आ रही है कि अजय देवगन एक बार फिर इस फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गए हैं।

फिल्म के निर्देशक इंद्र कुमार ने खुद इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि अजय हमारी फिल्म में काम कर रहे हैं। फिल्म के अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि अजय के साथ मामला पैसों को लेकर बिगड़ा था, जिसके चलते उनके फिल्म से अलग होने की खबर बाहर आई थी। सूत्रों के मुताबिक, अब उनकी फीस की मांग को मान लिया गया है और वे इसमें काम करने के लिए सहमत हो गए हैं।

अजय देवगन को इस फिल्म में उस वक्त कास्ट किया गया था, जब संजय दत्त ने इसमें काम करने से मना कर दिया था। संजय दत्त ने धमाल की पहली और दूसरी कड़ी में काम किया था, लेकिन तीसरी कड़ी में एडल्ट कटेंट होने की बात कहकर उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया था। इंद्र कुमार ने फिल्म के कटेंट के एडल्ट होने की बात को खारिज करते हुए दावा किया था कि ये फैमिली फिल्म होगी, जिसमें कॉमेडी है।

संजय दत्त के अलावा रितेश देशमुख भी, जो दोनों धमाल कड़ियों का हिस्सा रहे हैं, तीसरी धमाल का हिस्सा बनने से मना कर चुके हैं, लेकिन उनका मामला डेट प्रॉब्लम का बताया जा रहा है और इंद्र कुमार कोशिश कर रहे हैं कि मेहमान भूमिका के साथ रितेश इस फिल्म से जुड़े रहें। धमाल की तीसरी कड़ी के अलावा इंद्र कुमार ने मस्ती की चौथी कड़ी भी शुरू करने के संकेत दिए हैं।

नीलकंठ महादेव के आशीर्वाद से जन्मी पार्वती

कहते हैं जिसके सर पर भोलेनाथ का हाथ हो तो वह कठिन से कठिन मंजिलों को भी तय कर लेता है। कुछ ऐसा ही हुआ देहरादून झांझरा निवासी ममता के साथ, शुक्रवार को नीलकंठ यात्रा में अपने पति और परिजनों के साथ भगवान नीलकंठ महादेव का जलाभिषेक कर वापस लौटते हुए राजाजी नेशनल पार्क के घने जंगलों के बीच मोनी गुफा के पास ममता को प्रसव पीड़ा हुई, सभी परिजनों के हाथों फूल गए आखिर लाखों की कांवड़ियों की भीड़ और जंगल का रास्ता, ना कोई डॉक्टर, ना कोई सुविधा?

vlcsnap-2017-07-22-13h45m13s208

आखिर करें तो क्या करें? लेकिन नीलकंठ भगवान का नाम लेकर ममता ने आंखें खोली और अचानक ही रास्ते में बच्चे की किलकारियों की गूंज सुनाई देने लगी। हर कोई भोलेनाथ के चमत्कार पर नतमस्तक हो गया और बीच रास्ते में एक स्वस्थ कन्या का जन्म हो गया। परिजनों ने इस कन्या का नाम मोनी उर्फ पार्वती रखा और सभी सकुशल पुलिस की सहायता से जच्चा-बच्चा को लेकर ऋषिकेश हॉस्पिटल पहुंचे।  डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की घोषणा की अौर हर कोई भोलेनाथ के इस आशीर्वाद से ममता को बधाई देने लगा। ऐसी अजीब सी विकट परिस्थिति में स्वस्थ बच्चे को जन्म देना और सुरक्षित घर को  लौटना महादेव का चमत्कार ही है।

 

पुलिस की तत्परता से दो नाबालिक लड़किया कुछ घंटो में बरामद

0

मधु थापा,  निवासी ग्राम खाबड़वाला, थाना कैण्ट, देहरादून ने सूचना अंकित कराई कि मेरी व मेरी बेटी व पड़ोसन की बेटी जिनकी उम्र 14 वर्ष है व दोनों कन्या विद्यालय कैण्ट जाने के लिए सुबह स्कूल के लिए निकली थी देर शाम तक घर नहीं आये। जिसके आधार पर थाना कैण्ट में मु.अ.सं NIL / 17 मानव गुमशुदगी दर्ज की गई ।

प्रभारी निरीक्षक महोदय थाना कैण्ट के निर्देशन में गुमशुदा नाबालिक लड़कियों की तलाश के लिये अलग-अलग टीम गठित की गई तथा जगह – जगह तलाश किया गया । जिसमें SSI श्री मुकेश त्यागी के नेतृत्व में SOG देहरादून व थाना कैण्ट पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उक्त दोनों नाबालिक लड़कियों को लखनऊ चार बाग स्टेशन से बरामद कर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया ।

गुमशुदा बालिकाओं द्वारा बताया गया कि वे बिना बताये लखनऊ अपनी मौसी के यहां जा रहे थे। पुलिस टीम की कार्यवाही से प्रसन्न होकर ग्राम प्रधान हरियालाखुर्द, नैन सिंह पंवार ने पुलिस टीम को 2100 / – रूपये ईनाम देने की घोषणा की व ग्रामवासियों ने पुलिस टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई ।

फेसबुक फ्रेंड लूट कर चली गयी

0

हल्द्वानी- फेसबुक पर सोच समझकर करें दोस्ती नहीं तो झांसे में आकर आपके साथ भी हो सकता है धोखा,क्योंकि अपनी खुबसूरती का जाल बिछाकर युवकों को फंसाने वाली हसिनाएं फेसबुक पर एक्टिव है और लडकों को फंसाकर उनसे मोटी रकम एंठ लेती है। जिसके बाद लड़के महज हाथ मलते रह जाते हैं। कुछ एसा ही मामला सामने आया है हल्द्वानी में। जहां
फेसबुक पर दोस्ती के बाद एक कथित डॉक्टर ने सीतापुर उत्तरप्रदेश में रहने वाले युवक को मिलने के लिए हल्द्वानी बुला लिया। यहां कथित डॉक्टर डॉ. सुशीला तिवारी में मिली और तीन हजार रुपये व स्मार्ट मोबाइल मांगकर बैंक ड्राफ्ट बनाकर मिलने का झांसा देकर फरार हो गई। घंटों तक युवती नहीं लौटी तो परेशान युवक ने मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस में घटना की तहरीर दी है। पुलिस ने युवती की तलाश शुरू कर दी है।

उत्तरप्रदेश के दाड़ी सिदौली निवासी सिद्धार्थ मिश्रा एमसीए का छात्र है। पुलिस के मुताबिक करीब एक माह पहले सिद्धार्थ की फेसबुक पर डॉ. सुशीला तिवारी हल्द्वानी की कथित चिकित्सक निधि मिश्रा नाम की युवती से दोस्ती हो गई। चैटिंग से हुई शुरुआत के बाद दोनों की फोन पर बातें भी शुरू हो गई। गुरुवार को कथित चिकित्सक निधि ने सिद्धार्थ को फोन किया और मिलने के लिए हल्द्वानी बुला लिया। सिद्धार्थ शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे एसटीएच में उससे मिलने पहुंचा। एसटीएच में युवती उसे चिकित्सक के वेश में मिली और प्रतीक्षालय में ले गई। युवती ने सिद्धार्थ से कहा कि उसे जरूरी काम से एक बैंक ड्राफ्ट बनाना है और इंटरनेट पर कुछ काम भी करना है। बैंक ड्राफ्ट बनाने व नेट का काम करने के बहाने युवती ने सिद्धार्थ से तीन हजार रुपये और उसका मोबाइल मांगा और कुछ देर बाद काम निपटाकर आने पर लौटाने का झांसा दिया। इसके बाद युवती फरार हो गई। घंटों इंतजार के बाद सिद्धार्थ ने फोन किया तो कथित डॉक्टर मां की तबियत खराब होने के कारण अचानक बरेली जाने की बात कहने लगी। युवती ने सिद्धार्थ से बरेली आकर अपना मोबाइल व रुपये ले जाने का झांसा दिया। ठगी का अहसास होने पर सिद्धार्थ ने मेडिकल कॉलेज चौकी पहुंचकर घटना की शिकायत की है। चौकी प्रभारी विजय मेहता ने बताया कि सिद्धार्थ की तहरीर पर कथित चिकित्सक की तलाश शुरू कर दी गई है।

चकमा देने में नाकाम रहे शराब माफिया

0
मुर्गी दाने के नीचे ट्रॉली में छिपाई गई साढ़े चार लाख की अंग्रेजी शराब बरामद हुई है। आबकारी विभाग पता लगाने में लगा है कि शराब कहां ले जाने की तैयारी थी।

खेड़ा में सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली में किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि इस तरह खुले में अंग्रेजी शराब रखी जा सकती है। आबकारी विभाग ने सूचना पर छापा मारा तो आंखें खुली की खुली रह गई। ट्रॉली में ऊपर मुर्गी दाना भरा था और उसके नीचे अंग्रेजी शराब की इतनी बड़ी खेप भरी थी जब पेटियों को बाहर निकाला गया तो ट्रॉली के अंदर महंगे ब्रांड की शराब भरी थी। ट्रॉली से आबकारी विभाग ने 75 पेटी शराब बरामद की हैं। आबकारी विभाग की सफलता पर आबकारी आयुक्त ने पांच हजार के पुरस्कार का ऐलान किया है। आबकारी विभाग द्वारा की छापामारी उप आबकारी आयुक्त प्रदीप कुमार की देख रेख में की गई थी। आबकारी विभाग द्वारा बरामद शराब पिछले वित्तीय वर्ष की थी। संभवत: जारी कराए जाने के बाद शराब बचने की स्थिति में उसे रखना मजबूरी बन जाती है। समय मिलने पर उसे कहीं खपा दिया जाता। ऐसा अक्सर होता रहता है लेकिन इस बार मौका नहीं लग पाया और किसी ने मुखबिरी कर दी जिससे माल पकड़ा गया। आबकारी विभाग यदि ध्यान दे तो निश्चित ऐसे मामले हर महीने पकड़े जा सकते हैं। ऐसा सिर्फ पिछले वर्ष की ही नहीं वर्तमान की भी कुछ दुकानों का माल हर माह इधर से उधर किया जाता है।