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हरिद्वार के 35 गंगा घाटों की हुई सफाई

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स्पर्श गंगा अभियान के 49वें चरण में रविवार को हरिद्वार स्थित 35 गंगा घाट तथा पंतद्वीप पार्किंग पर स्पर्श गंगा टीम व सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह के साथ गंगा सफाई अभियान चलाया गया।

इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने कहा कि मेरे कार्यकाल में मैंने स्पर्श गंगा टीम को कई बार गंगा की स्वच्छता एवं अविरलता के लिए एक मुहिम चलाते देखा हैं। मैंने कई बार टीम के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लिया हैं। उन्होंने कहा कि स्पर्श गंगा टीम के अभियान में शासन और प्रशासन के साथ मिलकर वह इस सफाई अभियान में हिस्सा लेगें।

इस अवसर पर स्पर्श गंगा टीम के संयोजक शिखर पालीवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा हिन्दुओं की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। लेकिन इस यात्रा में कुछ ऐसे असमाजिक तत्व शहर में आकर गंदगी फैलाते हैं। पंतद्वीप पार्किंग में सफाई के दौरान सैकड़ों शराब की बोतलें पाई गई। जिससे असमाजिक तत्वों के द्वारा कांवड़ यात्रा पर प्रश्नचिन्ह लगाये गये।

उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह स्पर्श गंगा अभियान का 50वां अभियान हैं। अभियान को संयुक्त रूप से सारी टीमों के साथ मिलकर पंतद्वीप पार्किंग व उससे लगे गंगा घाटों की सफाई की जायेगी।  स्पर्श गंगा टीम के मीडिया प्रभारी शैलेश डबराल ने कहा कि टीम के 50वें चरण में पूरे उत्तराखण्ड की सारी टीमों के साथ संयुक्त रूप से हरिद्वार हरकी पौड़ी, पंतद्वीप पार्किंग व उससे लगे घाटों की सफाई की जायेगी। साथ ही साथ संकल्प लिया जायेगा कि गंगा को गंगोत्री से गंगा सागर तक स्वच्छ व अविरल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन इसमे अपना पूर्ण सहयोग कर रहा है। लेकिन हरिद्वार में कावंड़ यात्रा के दौरान इस तरह के मादक पदार्थ मिलना बहुत ही शर्मनाक बात हैं उन्होंने नगर निगम की मंशा व सवाल खड़े किये व नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह उठाये। 

निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी बनाएंगे ‘ उड़ान 2’

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हाल ही में राजकुमार राव के साथ ‘ट्रैप्ड’ फिल्म बनाने वाले निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी अब बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘उड़ान’ का सीक्वल बनाने जा रहे हैं। पिता-पुत्र के रिश्तों पर आधारित विक्रमादित्य मोटवानी की उड़ान को काफी पसंद किया गया था और फिल्म ने कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते थे। विक्रमादित्य ने ‘ट्रैप्ड’ के दौरान ही ‘उड़ान 2’ की योजना के संकेत दिए थे।

जहां उड़ान की कहानी झारखंड पर आधारित थी, वहीं सुना है कि ‘उड़ान 2’ की कहानी मुंबई में होगी और इस बार भी कहानी का आधार पिता-पुत्र के रिश्तों को लेकर ही रहेगा, सूत्र बताते हैं कि कहानी बनकर तैयार हो गई है और कास्टिंग का काम शुरू होने जा रहा है, फिल्म इस साल के अंत तक शुरू होगी।

इस फिल्म का निर्माण फैंटम कंपनी करेगी, जिसमें विक्रमादित्य मोटवानी के साथ-साथ अनुराग कश्यप और विकास बहल पार्टनर हैं। उड़ान की पहली कड़ी की पटकथा अनुराग कश्यप ने लिखी थी। अनुराग इसकी सीक्वल की पटकथा में भी योगदान दे रहे हैं। विक्रमादित्य मोटवानी इन दिनों ‘भावेश जोशी’ नाम से फिल्म बना रहे हैं, जिसमें अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर की मुख्य भूमिका है और इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 

इंदु सरकार’ की रिलीज पर रोक पर अदालत में केस दर्ज

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निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर की विवादों में फंसी फिल्म इंदु सरकार के रिलीज में एक सप्ताह से भी कम का वक्त बचा है, लेकिन फिल्म पर मंडरा रहे संकट के बादल कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक ओर फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड का सार्टिफिकेट नहीं मिला है।

दूसरी ओर ताजा खबर ये है कि पुणे में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए स्थानीय अदालत में केस दर्ज कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता अनवर शेख, जो कांग्रेसी नेता माने जाते हैं, उन्होंने इस फिल्म के खिलाफ स्थानीय अदालत में केस दर्ज कराया है और फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। कोर्ट ने केस को स्वीकार कर लिया है और सुनवाई के लिए सोमवार 24 जुलाई का दिन मुकर्रर किया है। अपनी याचिका में अनवर शेख की तरफ से कहा गया है कि फिल्म में आपातकाल की परिस्थितियों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है, जिससे उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पसंद करने वाले लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।

याचिका में इस बात को लेकर भी आशंका जताई गई है कि इस फिल्म के विरोध में हिंसा भी हो सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। याचिका में मधुर भंडारकर के साथ फिल्म के कलाकारों की टीम को भी आरोपित किया गया है। याद रहे कि कुछ दिनों पहले ही पुणे में जब मधुर भंडारकर अपनी फिल्म की टीम को लेकर वहां प्रमोशन करने आए थे, तो स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने फिल्म और मधुर का कड़ा विरोध किया था और मधुर को वो कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था।

पुणे के बाद नागपुर में भी फिल्म का कार्यक्रम कांग्रेसी नेताओं के विरोध के चलते रद्द करना पड़ा था। फिल्म के सेंसर सार्टिफिकेट के लिए मामला एपीलेट ट्रिब्यूनल में चल रहा है। जहां मधुर भंडारकर ने सेंसर बोर्ड द्वारा 16 कट्स के आदेश को चुनौती दी है। एपीलेट में अभी तक इस मामले को लेकर सुनवाई शुरु नहीं हुई है। 

प्रतिष्ठित टेंपल्टन फाउंडेशन समिति के पहले भारतीय जज होंगे डॉ. चिन्मय पण्ड्या

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Chinmaya pandya gets international recognition

आध्यात्मिक क्षेत्र के नोबल पुरस्कार माने जाने वाले टेंपल्टन पुरस्कार जांच समिति के प्रथम भारतीय जज होने का गौरव देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या को मिला है। उनके चयन पर अखिल विश्व गायत्री परिवार व देश-विदेश के सामाजिक व आध्यात्मिक संस्थानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे वैज्ञानिक अध्यात्मवाद की एक बड़ी उपलब्धि बताया। 


हाल में डॉ. चिन्मय को इस आशय का एक पत्र टेंपल्टन फाउण्डेशन के अध्यक्ष हिथर टेंपल्टन डिल की ओर से मिला। उन्होंने पत्र में अनुरोध किया कि वे इस पद को संभालने के साथ इस क्षेत्र में कार्य कर रही संस्थाओं एवं लोगों का मार्गदर्शन करें। पत्र में बताया गया है कि 1972 में स्थापित यह फांउडेशन प्रत्येक वर्ष विभिन्न देशों के चयनित उन व्यक्ति को यह पुरस्कार देता है, जिन्होंने व्यवहारिक कार्यों के माध्यम से, जीवन के आध्यात्मिक आयाम की पुष्टि करने के लिए असाधारण योगदान दिया हो।

उल्लेखनीय है कि भारत के तीन व्यक्तियों को अब तक यह पुरस्कार मिला है, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, भारतरत्न मदर टेरेसा और प्रख्यात दार्शनिक पांडुरंग शास्त्री आठवले। डॉ. चिन्मय पण्ड्या का कार्यकाल अक्टूबर 2017 से आगामी तीन वर्ष के लिए होगा। वे इस पद पर रहते हुए देश-विदेश में आध्यात्मिक व सामाजिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे जांच समिति द्वारा नामित व्यक्तियों में से किसी एक का चयन करेंगे। अपने चयन पर डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा ही नहीं है, वरन् उन सभी भारतीयों का है, जो इस क्षेत्र से जुड़े हैं। डॉ. चिन्मय ने अपने चयन को गुरुदेव एवं माताजी की विशेष अनुकंपा मानते हुए कहा कि जज के रूप में नामित होना गायत्री परिवार व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के लिए ही नहीं, वरन् पूरे देश के लिए गौरव की बात है।

हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में सरकार देगी चुनौती

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उच्च शिक्षा राज्यमंत्री, डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कुमाऊं विवि समेत राज्य के अन्य विवि में स्थानीय छात्रों को दस फीसद अधिमान अंक खत्म के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। विभाग के उपनिदेशक स्तर के अधिकारी को दिल्ली में ही डटे रहने को कहा गया है। विशेष अनुमति याचिका में राज्य की परिस्थितियां भिन्न होने के साथ ही राज्य के बोर्ड से 12वीं में 75 फीसद अंक से अधिक नहीं आने को आधार बनाया गया है।

नैनीताल क्लब में मीडिया से मुखातिब डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश के विवि कैंपस व कॉलेजों में पहली बार 90 फीसद एडमिशन ऑनलाइन किए गए हैं। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि जब तक कॉलेजों में भवन समेत अन्य अवस्थापना सुविधाएं नहीं हों, तब तक सेमेस्टर सिस्टम प्रभावी नहीं हो सकता। पहाड़ के कॉलेजों में दिक्कतों को देखते हुए सेमेस्टर सिस्टम पर पुनर्विचार किया जा रहा है, इसके लिए शिक्षाविदों की कमटी बनाई जा रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ हुई बैठक में एक से लेकर दसवीं तक की कक्षा में फेल नहीं करने की नीति पर फिर से विचार करने तथा बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने का सुझाव दिया है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य के डिग्री कॉलेजों में 524 शिक्षकों की कमी है जबकि 448 प्राध्यापक संविदा पर काम कर रहे हैं।

शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के साथ बैठक की गई, उम्मीद है अगले दस दिन में राज्य में करीब नौ सौ डिग्री कॉलेज शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेजों में शौचालय समेत अन्य सुविधाओं के लिए तीन करोड़ की धनराशि जारी की गई है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा एक समान विभागों के एकीकरण करने के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि नीति आयोग ने भी ऐसा सुझाव दिया है।

बीएसएनएल सेवा ठप्प, सरकारी कामकाज प्रभावित

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शहर की बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा पिछले एक हफ्ते से ठप पड़ी हुई है। उसके बावजूद बीएसएनएल के अधिकारियों की ओर से शहर की कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। इससे सरकारी विभागों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।  पिछले रविवार से बीएसएनएल की सेवा में खराबी आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में व्यापारियों और इंटरनेट कैफे वालों का व्यवसाय भी ठप पड़ा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार मौजूदा समय में शहर में बीएसएनएल के साढ़े चार हजार कनेक्शन हैं, जबकि दो साल पहले कनेक्शनों की संख्या सात हजार से पार थी। खराब नेटवर्क के चलते साल दर साल बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या कम हो रही है। व्यापारियों के अनुसार, हफ्ते भर से अधिक समय गुजरने के बाद भी समस्या को दूर नहीं किया जाता है।

रुद्रपुर आरटीओ विभाग में बीएसएनएल इंटरनेट सेवा ठप होने से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इधर, रोडवेज बस स्टेशन में भी बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा खराब होने के चलते कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार, बीएसएनएल कार्यालय में फोन के माध्यम से इंटरनेट नहीं चलने की सूचना दी जा रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

रुद्रपुर बीएसएनएल कार्यालय के सब डिविजनल इंजीनियर शिलाजीत चौहान से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां से फोन नहीं उठाया गया। बीएसएनएल के अन्य अधिकारियों ने बताया कि मौसम की खराबी के कारण परेशानी आ रही है, जिसे विभाग की ओर से ठीक कराया जा रहा है।

उत्तराखण्ड में क्या कर रही राजस्थान पुलिस

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राजस्थान की पुलिस उत्तराखण्ड की वादियों में कुछ खास तलाश में जुटी है। राजस्थान पुलिस एेसे शातिर चोरों की तलाश में है जिन्होने 18 लाख के टायरों की चोरी की है और जिनके उत्तराखण्ड के खटीमा में होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि राजस्थान के लालसौर क्षेत्र में टायर शोरूम से 18 लाख के टायर चोरी करने वालों की खोजबीन करते हुए राजस्थान की पुलिस खटीमा पहुंची। पुलिस टीम को चोरी के टायर लेकर आने वाले ट्रक को पकड़ने में सफलता भी मिली है। लेकिन शातिर चोर भागने में कामयाब रहे। टायर चोरी करने वाले बहेड़ी-रिछा के रहने वाले हैं। चोरी में ट्रक मालिक भी शामिल बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

rajasthan police

राजस्थान के दौसा जिले के लालसौर थानाक्षेत्र में 10-15 दिन पूर्व टायर के शोरूम से 18 लाख के टायर चोरी हुए थे। इस मामले में शोरूम स्वामी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया जा रहा है कि चोरी करते वक्त सीसीटीवी कैमरे में ट्रक नंबर की पहचान कर ली गई थी। इसके बाद ट्रक मालिक का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कि वह पहले यूपी में रुके हैं। लोकेशन मिलते ही राजस्थान पुलिस के एसएसआइ रजत के नेतृत्व में टीम उनकी तलाश में यहां पहुंची। इसके बाद उनकी लोकेशन मझोला गांव के कंचनपुरी में मिली। इस पर राजस्थान पुलिस टीम ने यहां डेरा जमा लिया। लोकेशन का सही पता मिलते ही पुलिस ने दबिश दी, लेकिन चोर एक दिन पहले ही यहां से निकल चुके थे। पुलिस की घेराबंदी देख चोर ट्रक को अमरिया रोड पर छोड़ भाग निकले, जिसे राजस्थान पुलिस ने कब्जे में ले लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। एसएसआइ जगदीश ढकरियाल ने बताया कि राजस्थान से टायर चोरी हुए है। उस मामले में वहां की पुलिस यहां पहुंची है।

ग्रामीणों ने की जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग

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चमोली जिले के देवर खडोरा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चमोली से मांग की है कि जंगली जानवरों द्वारा उनकी खेती को नष्ट होने से बचाया जाए।

जिलाधिकारी को दिए गये अपने ज्ञापन में ग्रामीण चंद्र सिंह पंवार, राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, आनंद सिंह का कहना है कि जंगली जानवरों द्वारा उनकी खेती को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उनके खेतो में खड़ी फसल को तबाह कर दिया। जिससे उनकी आजीविका पर भी काफी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मांग है कि उनके नुकसान का आंकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाए। 

उत्तराखंड: 16 साल में काटे गए 51 लाख से अधिक पेड़

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deforestation becomes a menace

16 वर्षों में प्रदेश में 17 हजार हेक्टेयर में पौधों को काटा जा चुका है, इस हिसाब से यह आंकड़े करोड़ों में हो सकते हैं। अब इसी कटान को रोकने के लिए वन विभाग समेत सामाजिक संगठन उतर पड़े हैं ताकि यहां के पर्यावरण को पुन: पहले जैसे किया जाए। वैश्विक गर्मी को रोकने के लिए वृक्षारोपण से बड़ा कोई आधार नहीं है। वन विभाग ने 9.9 सौ एकड़ में वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा है,जो कम से कम एक करोड़ एक लाख वृक्ष लगाने का लक्ष्य है। इस मामले में प्रदेश का हर विभाग अपने-अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है।

एक आंकलन के अनुसार करोड़ों पेड़ प्रतिवर्ष कटते हैं और करोड़ों लगाए जाते हैं, लेकिन लगने वाले पेड़ शत प्रतिशत नहीं लग पाते। जिसके कारण कटने वाले पेड़ों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ती जाती है, उससे अधिक पेड़ लगाए जाते हैं, लेकिन उन पेड़ों के पूरी तरह संरक्षित नहीं होने के कारण असमय ही समाप्त हो जाते हैं, जिसके कारण कटने वाले पेड़ों की संख्या अधिक होती है पर इस बार विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों ने जो निर्णय लिया है वह राज्य के लिए सुखकर है।

आंकलन के अनुसार उत्तराखंड राज्य बनने के बाद 17 हजार हेक्टेयर में वृक्षों का कटान हुआ है। एक हेक्टेयर में अनुमानत: दो सौ से तीन सौ पेड़ माने जाते हैं। इस लिहाज से लगभग 51 लाख पेड़ अब तक काटे जा चुके हैं, लेकिन यह आंकड़े केवल वन विभाग द्वारा दिए गए आंकड़े के हैं यदि शहरी क्षेत्र का आंकड़ा जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करोड़ों में पहुंचती है। यह बात अलग है कि वन विभाग प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में पेड़ लगाता है। अकेले गढ़वाल जोन में 46.12 लाख पौधे लगने हैं, जबकि वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत 19 लाख 21 हजार पौधे लगाए जाएंगे।

सीसीएफ मुख्य वन संरक्षक आरके मिश्र का कहना है कि, ‘विभाग धरती को हरा भरा करने के लिए विशेष रूप से प्रयासतरत है और चाहता है कि प्रदेश को हरियाली का गहना पहनाया जाए। इसके लिए हर विभाग को सचेत किया गया है, गढ़वाल जोन जिसमें चमोली, पौड़ी, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी शामिल है, जिनमें 4 हजार 4 सौ 70 हेक्टेयर में वृक्षारोपण चलाया जाएगा। अभी हाल ही में हर विभाग को पौधा लगाने का लक्ष्य दिया गया है।’ समाज कल्याण से जुड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने  एक ही दिन में 2 करोड़ 16 लाख 150 पौधों का रोपण किया। यह अभियान अपने आप में एक उदाहरण हो सकता है।’

निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले, प्रबंधन व सरकार में टकराव

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नीट परीक्षा के बाद मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए जहां छात्र-छात्राओं में मारा-मारी है, वहीं सरकार और निजी मेडिकल कॉलेजों के बीच जंग छिड़ गई है। सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगाने का सार्थक पहल कर रही है। सरकार का मानना है कि छात्रों का हित सर्वोपरि है, सरकार चाहती है कि निजी विश्वविद्यालय लूट खसोट बंद कर छात्रों को राहत दें और नियमानुसार प्रवेश दें।

प्रदेश में फिलहाल छह मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से तीन निजी तथा तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुशीला देवी तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज तथा देहरादून मेडिकल कॉलेज के नाम शामिल हैं, जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में श्रीगुरूराम राम मेडिकल कॉलेज देहरादून, सुभारती मेडिकल कॉलेज देहरादून तथा हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट के नाम शामिल हैं। सरकारी विश्वविद्यालय तो सरकार के निर्देशों का अनुपालन कर रहे हैं,जबकि तीनों निजी मेडिकल कॉलेज अपने हिसाब से प्रवेश परीक्षा प्रारंभ कर रहे हैं। इसके लिए हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट ने तो बाकायदा विज्ञापन देकर सीटें भरने का उपक्रम किया है।

पहली काउंसलिंग में अधिकांश लोगों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों को वरीयता दी है। पूरे देश में नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सामूहिक काउंसलिंग का कार्य प्रारंभ हो गया है। 16 जुलाई से प्रारंभ हुई इस मेडिकल काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। उत्तरराखंड में आठ हजार सात सौ से अधिक बच्चों ने पंजीकरण कराया और वे प्रवेश लेने के इच्छुक हैं। मेडिकल काउंसलिंग के लिए 24 जुलाई को काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया जा सकता है, जिसमें वरीयता के आधार पर अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद दूसरी सूची मिलेगी। इसी प्रवेश के लिए सरकार और निजी विश्वविद्यालयों के बीच मामला ठना है।

निजी विश्वविद्यालय चाहते हैं कि उनके ऊपर प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति का आदेश जबरन न थोपा जाए। वो चाहते हैं कि वे स्वतंत्र इकाई के रूप में अपना नियम कानून बनाने को स्वतंत्र हैं। इसके लिए वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए तैयार बैठे हुए हैं। समय की कमी न होती तो अब तक निजी मेडिकल कॉलेज न्यायालय तक पहुंच चुके होते, लेकिन सरकार है कि आम जनता के हित के लिए मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को राहत देना चाहती है और उनकी लूट खसोट रोकने के लिए सरकारी नियमों का अनुपालन कराना चाहती है।

फिलहाल मामला सरकार और विश्वविद्यालयों के बीच विवाद का मुद्दा बन रहा है,लेकिन सरकार को संभावना है कि वह इस मामले का समुचित समाधान ढूंढ़ लेगी। मेडिकल विभाग के मुखिया स्वास्थ्य निदेशक आर.सी.सयाना मानते हैं कि, ‘प्रदेश में मेडिकल काउंसलिंग के लिए निजी विश्वविद्यालय और सरकारी विश्वविद्यालयों में एक्ट की लड़ाई है। सरकार चाहती है कि राज्य में प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के नियमों का अनुपालन किया जाए और शासनादेश के अनुसार काम हो।’ डा. सयाना का कहना है कि सरकार शासनादेश का अनुपालन इन विश्वविद्यालयों से कराएगी।

दूसरी ओर श्री गुरूराम राय मेडिकल कॉलेज के जन संपर्क अधिकारी भूपेन्द्र रतूड़ी का कहना है कि, ‘विश्वविद्यालय अपने नियमों कानूनों से परिचालित होते हैं और वो स्वतंत्र इकाई हैं और उन्हें अपना शुल्क स्वयं निर्धारित करने का अधिकार है।’ एसजीआरआर तथा हिमालयन द्वारा अपना प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। निजी विश्वविद्यालय के लिए उच्च न्यायालय द्वारा जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं हम उनके अनुसार कार्यवाही करेंगे। इसी संदर्भ में जौलीग्रांट द्वारा एमबीबीएस की सीटों के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे गए थे, जिस पर उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा स्पष्टीकरण गया था,जिसे इन कॉलेजों द्वारा भेज दिया गया है।