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कैबिनेट बैठक में 16 पर प्रस्तावों पर लगी मुहर

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देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में 17 बिन्दुओं पर चर्चा की गई, जिनमें से 16 अहम प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। बजट सत्र आहुत होने के कारण कैबिनेट की ब्रीफिंग नहीं की गई।

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट में 17 बिन्दुओ पर चर्चा हुई है जिसमें से 16 बिन्दुओ पर फैसले लिए गए। पशुपालन विभाग में स्नातक सहायक पद की भर्ती अब यूकेएसएसएससी से होगी। पहले लोक सेवा आयोग के माध्यम से ये भर्तियां होती थी। इसके साथ ही बैठक में निकाय चुनाव और सरकार के एक साल की उपलब्धियों पर भी चर्चा हुर्इ।

  • उत्तराखंड कृषि उत्पाद विपणन बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ के निजी सचिव की नियमवाली में संसोधन कर नियमित होगी नियुक्ति।
  • विश्व बैंक सहायतित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलप्मेंट परियोजना को मंजूरी मिली है।
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। जिसके सदस्य सचिव होंगे।
  • एमडीडीए के अंतर्गत महिला आश्रम के नक्शे को कैबिनेट ने दी छूट। 213981 विकास शुल्क की राहत दी गर्इ है।
  • उत्तराखंड पेयजल निगम की वार्षिक रिपोर्ट को मंजूरी, सदन में होगी प्रस्तुत।
  • खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अधीनस्थ सेवा नियमवाली में संशोधन, अब 50-50 होगी भर्ती।
  • उत्तराखंड निजी सुरक्षा एजेंसी नियमवाली-2018 में संशोधन। सरकार से रजिस्टर्ड सुरक्षा एजेंसी को प्रशिक्षण के लिए मिली राहत। पहले सरकार उपलब्ध कराती थी प्रशिक्षण
  • कम से कम 100 घंटे पढ़ाई की हो व्यवस्था।
  • स्टार्टअप नीति-2018 को कैबिनेट की मंजूरी। काउंसिल के माध्यम से 500 नए स्टार्टअप।
    कृषि, स्वास्थ्य, जैव प्रौध्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन और आयुष क्षेत्र में होगा स्टार्टअप। चुने जाने पर सरकार अलग-अलग तरीके से करेगी सहयोग।
  • स्टांप ड्यूटी में भी मिलेगी छूट। पैटेंट में भी सरकार करेगी भुगतान। जीएसटी की भी होगी वापसी।
  • समूह ग, ख, घ के पदों पर दिव्यंगों के लिए चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी। पहले तीन प्रतिशत की थी व्यवस्था।
  • उत्तराखंड आवास परिचालन नीति की नियमवाली को मंजूरी।
  • केदारनाथ धाम के पैदल मुख्य मार्ग निर्माण में 420.15 हेक्टेयर के मकान होंगे अधिकृत।
    एक करोड़ के मुआवजे को मंजूरी।
  • पुरानी जेल परिसर देहरादून में न्यालयाय निर्माण में पांच बीघा भूमि में चेंबर बनाने को मंज़ूरी।
  • 2016 के आदेश वर्ग चार और तीन की भूमि को नियमित करने की सीमा में छह माह की और राहत। लालकुआं क्षेत्र का था मामला।
  • नई नजुल भूमि नीति को मंजूरी मिली है। फिलहाल, उत्तराखंड में 24197186 वर्ग मीटर नजुल भूमि है।
  • आवासीय में एसे पट्टे धारक जिन्होंने कोई उल्लंघन नहीं किया है। उन्हें 0-200 तक 25% सर्किल रेट से जमा करना होगा। 200-500 के लिए 35%, 500 से अधिक पर 60% सर्किल रेट जमा करना होगा। पट्टे का नवीनीकरण न कराने वालों को ज़्यादा शुल्क देना होगा। वहीं
    शर्तों का उल्लंघन करने वालों को 200 तक 60 प्रतिशत सर्किल रेट देना होगा।
  • कमर्शियल वालों के लिए भी नियम बदले गए हैं। अब उन्हें ज्यादा शुल्क जमा करना होगा। पूरी तरह से नजुल भूमि पर कब्जा करने वालों को 300 तक 120 प्रतिशत सर्किल रेट देना होगा। जबकि कमर्शियल के लिए 150 प्रतिशत की दर से देना होगा सर्किल रेट।
  • वहीं पेयजल, एलईडी लाइट्स, बेहतर सड़के देने पर भी फैसला हुआ। 

पंजाब नेशनल बैंक में अरबों रुपए के संदेहास्पद लेन-देन का खुलासा

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मुंबई,  मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को एक पत्र लिखकर पंजाब नेशनल बैंक ने जानकारी दी है कि उसकी ब्रीच कैंडी शाखा से अरबों रुपए का संदेहास्पद आर्थिक कारोबार किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को एक पत्र लिखकर बताया है कि उसकी ब्रीच कैंडी शाखा से कुछेक खाताधारकों ने 1. 77 बिलियन डॉलर अर्थात एक खरब, 13 अरब, 51 करोड़ 89 लाख 50 हजार रुपये का संदेहास्पद आर्थिक कारोबार करते हुए इस राशि को देश से बाहर भेजा है।

बैंक प्रशासन के ध्यान में यह बात आते ही इसकी सूचना मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है। बैंक ने नियमानुसार कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंक का कहना है कि स्वच्छ और पारदर्शी कारोबार के लिए वह कटिबद्ध है|इसीलिए संदेहास्पद कारोबार की शिकायत की गई है।

कांग्रेस ने सुषमा स्वराज को दी जन्मदिन की बधाई

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नई दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को देशवासियों को वेलेंटाइन डे के साथ- साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को जन्मदिन की बधाई दी है। खास बात ये है कि हाल के दिनों में कांग्रेस द्वारा पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री को जन्मदिन पर बधाई दी गई है। उल्लेखनीय है कि सुषमा स्वराज के विदेश मंत्रालय में सक्रियता की पार्टी कई बार प्रशंसा भी कर चुकी है। कुछ माह पहले यूएन के मंच पर सुषमा स्वराज द्वारा पूर्ववर्ती सरकारों की तारीफ़ की भी कांग्रेस ने प्रशंसा की थी।

कांग्रेस ने आज (बुधवार) ट्वीट कर कहा कि हम अपनी केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज को जन्मदिन की बधाई देते हैं। वहीं एक अन्य ट्वीट में पार्टी ने देशवासियों को वेलेंटाइन डे की बधाई देते हुए कहा कि नफरत के बजाए प्यार को फैलाइए।  उल्लेखनीय ही कि वेलेंटाइन डे 14 फरवरी को दुनियाभर में मनाया जाता है। 

प्रकाशोत्सव कार्यक्रम में मेनका गांधी और सीएम त्रिवेन्द्र होंगे शामिल

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देहरादून/रुद्रपुर,  गुरु गोविन्द सिंह के 351वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 15 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी शामिल होंगी। डाॅ. नीरज खैरवाल ने बताया कि, “एक दिवसीस दौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री 15 फरवरी को दोपहर दो बजे सफदरगंज एयरपोर्ट नई दिल्ली से हैलीकाॅप्टर द्वारा प्रस्थान कर 3.10 बजे गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब परिसर में पहुंचकर गुरु गोविन्द सिंह महाराज के 351वें प्रकाश पर्व समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। फिर सायं 4.10 बजे गुरु नानक एकादमी फील्ड नानकमत्ता से हेलीकाॅप्टर द्वारा देहरादून को प्रस्थान करेंगे।”

वहीं, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी 15 फरवरी को अपराह्न दो बजे सफदरगंज एयरपोर्ट से वायुमार्ग द्वारा प्रस्थान कर तीन बजे नानकमत्ता पहुंचकर गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब परिसर में गुरु गोविन्द सिंह महाराज के 351वे प्रकाश पर्व समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके तत्पश्चात सायं चार बजे बहेड़ी को प्रस्थान करेंगी। नानकमत्ता गुरुद्वारे में बहुद्देशीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी शामिल होंगे।

जिलाधिकारी डाॅ. नीरज खैरवाल ने बताया कि, “शिविर में अपराह्न एक बजे से जनता की समस्याओं एवं शिकायतों को मौके पर सुनवाई करते हुए निस्तारण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिविर में पात्र लाभार्थियों को जाति, आय, स्थायी निवास, दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत किए जाएंगे तथा आधार कार्ड आदि बनवाकर एवं विभिन्न पेंशन योजनाओं यथा-विधवा, वृद्धावस्था, दिव्यांग, बौना पेंशन आदि के भी फार्म भरवाकर मौके पर ही पेंशन स्वीकृत की जाएगी।”

शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण सहित दिव्यांगों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी निर्गत किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने विभागीय स्टाॅल लगाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनमानस तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

वैलेंटाइन-डे पर पौधरोपण कर प्रकृति प्रेम का दिया संदेश

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ऋषिकेश, निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान स्कूल में बुधवार को वैलेंटाइन डे के उपलक्ष में एक पौधा प्रकृति के नाम के तहत पौधारोपण किया गया। इस मौके पर उड़ान के निदेशक डॉ. राजे नेगी ने बताया कि, “प्राचीन काल से ही भारत में प्रेम दिवस मनाने की परंपरा रही है। जिसे उस वक्त कौमुदी महोत्सव के रूप में मनाया जाता था।” उन्होंने बताया कि, “हर व्यक्ति का पहला प्यार प्रकृति के लिए होना चाहिए अगर हर व्यक्ति हर खुशी के लम्हों में एक पौधा रोपण करेगा तो उसकी वजह से हजारों लोगों को स्वच्छ हवा और वातावरण मिलेगा।” 

राजे नेगी ने कहा कि, “अनियोजित विकास के नाम पर प्रकृति का अंधाधुंध दोहन आज बेहद खतरनाक रूप लेता जा रहा है। हर खुशी के मौके पर पौधारोपण कर प्रकृति के हो रहे असुंतलन को बचाया जा सकता है।” इस अवसर पर फल एवं फूलदार एक दर्जन से अधिक पौधे रोपे गए।

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद राकेश रतूड़़ी, विस अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि

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देहरादून/हरिद्वार, जम्मू कश्मीर के सुंजवां में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ उत्तराखंड का लाल हवलदार राकेश रतूड़ी का पार्थिव शरीर बुधवार को हरिद्वार में पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने हरिद्वार स्थित श्मशान घाट पर पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ा कर अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि, शहीद राकेश रतूड़ी को युगों-युगों तक याद किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शव यात्रा में लोग शामिल हुए।” 

अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा है कि, “उत्तराखंड न केवल देवभूमि है बल्कि वीरभूमि भी है, यहां के वीरों ने समय-समय पर देश की आन, बान और शान को बचाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।” उन्होंने कहा कि, “देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले हवलदार राकेश रतूड़ी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”

शहीद राकेश रतूड़ी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए घायल हो गए थे और उन्हें दिल्ली के सेना हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया यही उन्होंने अंतिम सांस ली।

पचौरी यौन उत्पीड़न के मामले की मीडिया में रिपोर्टिंग पर रोक नहीं

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नई दिल्ली, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पर्यावरणविद् और टेरी के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी की उनके खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न के मामले की मीडिया में रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज सुमित दास ने अपने फैसले में सभी मीडिया संस्थानों को सलाह दी है कि वे खबर छापने से पहले पचौरी या उनके प्रतिनिधि का मत भी छापें और ये बताएं कि ये मामला कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रिपोर्टिंग करते समय गर्मी पैदा करने की बजाय रोशनी देनी चाहिए।

दरअसल पचौरी के खिलाफ फरवरी 2015 में उनके एक महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है। पचौरी ने मीडिया संस्थानों द्वारा इस केस की कवरेज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि खबर छापने से पहले अगर पचौरी या उनके प्रतिनिधि अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो खबर में ये लिखना जरुरी है कि उनका पक्ष लेने की कोशिश की गई थी।

इस मामले में मीडिया संस्थानों और सामाजिक कार्यकर्ता वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट से कहा कि उन्हें जनहित से जुड़ी खबरें छापने का हक है| ऐसा करने से रोका नहीं जा सकता है।

पचौरी ने अपनी याचिका में कहा था कि मीडिया में उनके खिलाफ अपमानजनक बातें की जा रही हैं| इससे उनकी छवि धूमिल हो सकती है। इसलिए मीडिया को इस मामले की रिपोर्टिंग करने पर रोक लगाई जानी चाहिए।

 

पहल: उत्तरकाशी ज़िला प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों में की ये स्वच्छ पहल

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उत्तरकाशी जिले में प्रशासन की एक नई पहल ने स्वच्छ उत्तरकाशी की तरफ सफर शुरू कर दिया है। इस मुहिम के तहत सभी विभागों को प्लास्टिक फ्री ज़ोन बनाने के लिये इको फ्रेंडली रिगांल से बने डस्टबिन सभी कार्यालयों में लगाये गये हैं।

इस कवायद के लिए डीएम डॉ आशीष कुमार चौहान ने बताया कि, “पर्यावरण के लिए भी यह अच्छा संदेश है वहीं जब हम सब इसे अपने जीवन में पूरी तरह अपना लेंगे तो प्लास्टिक पर पूरी तरह बैन भी लग पाये।”

 WhatsApp Image 2018-02-14 at 10.24.35इसके लिये बांस परिषद के कर्मचारियों से मदद ली गई। बांस परिषद के कोऑर्डिनेटर विपिन पंवार ने न्यूजपोस्ट को  बताया, “उत्तरकाशी के भटवारी, डुंडा,मोरी  व पुरोला ब्लॉक में कम से कम 100-1200 काश्तकार हैं जो रिगांल से उत्पाद बनाते हैं। यह पहल उनके लिये भी अच्छी खबर है। रोज़गार के साथ साथ उन्हे पर्यावरण के लिये भी कुछ करने को मिलेगा।”

उत्तराखंड के जंगलों मे पाया जाने वाला रिंगाल एक ऐसा पेड़ है जो कि पारंपरिक रूप से स्थानियों लोगों द्वारा उपयोग में लाया जाता था, लेकिन प्लासटिक के आने से लोग इसे कुछ हद तक भुला चुके थे, लेकिन डीएम और बांस परिषद के प्रयासों से इस खोई कला को दोबारा से इस्तेमाल में लाया जा रहा है।

bamboo work

इस काम के लिये दो तरह के डस्टबिन बनाये गये थे जिनमे से प्रशासन ने एक सैंपल को फाइनल किया। इस तैयार बिन की कीमत 180-200 रुपये के बीच है और फिलहाल करीब 150 ऐसे डस्टबिन बनाये जा रहे हैं। काश्तकारों को एक डस्टबिन बनाने में करीब 1-2 दिन का समय लगता है औऱ इन दिनों ये काम ज़ोरों पर चल रहा है।

इसके अलावा प्रशासन द्वारा गंगोत्री और यमुनोत्री आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मंदिर का प्रसाद भी रिंगाल से बनी टोकरियों में देने के बारे में विचार किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है तो ये उत्तरकाशी और उत्तराखंड को स्वच्छ बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

चाय की प्याली से उठा उबाल अब किस और गिरेगा उत्तराखंड भाजपा संगठन 

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देहरादून, कहते हैं राजनीति में ना कोई दोस्त होता ना कोई दुश्मन। मजबूत होता है तो सिर्फ एक मौका, इस मौके का अगर किसी ने अच्छे से फायदा उठा लिया तो उसकी कुर्सी की पकड़ मजबूत होती जाती है। लेकिन जरा सी चूक सत्ता की कुर्सी के पाव को उखाड़ने में देर नहीं करती।

कुछ ऐसा ही नजारा है उत्तराखंड भाजपा के अंदर भी। प्रचंड बहुमत के बाद भी त्रिवेंद्र रावत सरकार कहीं ना कहीं अपनों से ही घिरती जा रही है। प्रदेश के मुखिया अपने कुनबे को सही ढंग से संभालने में कहीं ना कहीं चूक गए हैं ,जिसका नतीजा 11 महीने में ही उत्तराखंड में दिखने लगा है ।उत्तराखंड की राजनीति के दिग्गज कहीं ना कहीं उत्तराखंड में नेतृत्व के खिलाफ एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए तैयार बैठे हैं।

लगातार उपेक्षा अनदेखी और हठधर्मिता कहीं ना कहीं त्रिवेंद्र रावत के सामने अब चुनौती बन कर आ रही है ।कांग्रेस से आकर नए-नए भाजपाई बने नेता और हाशिए पर चले गए भाजपा के दिग्गज नेता और विधायक कहीं ना कहीं असंतोष से गुजर रहे हैं, जिसके चलते राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई है ।

सत्ता के गलियारों में हर रोज नई नई खबरें त्रिवेंद्र सरकार की मुसीबतों को बढ़ा दी जा रही है। हरभजन सिंह चीमा, बिशन सिंह चुफाल,प्रणव चैंपियन व मुन्ना सिंह चौहान सहित कई विधायक सरकार के रवैए से खफा है। चैंपियन की दिल्ली दरबार में दस्तक को भाजपा सरकार और संगठन पचा नहीं पा रहे हैं। अब अनुशासनहीनता के चलते नोटिस देने की बात कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि आखिर प्रदेश संगठन को दर किनारे करके प्रणव चैंपियन को किस वजह से दिल्ली जाना पड़ा?

अगर उत्तराखंड के सत्ता इतिहास को देखा जाए तो यहां अनदेखी के शिकार से कई बार सत्ता परिवर्तन हुए हैं ,इस बार भी चिंगारी उठी है जो दूर तलक जाएगी?

मोदी सरकार की नीतियों को लेकर उठाएंगे सवाल, समर्थन के लिए उत्तराखंड पहुंचे अन्ना

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ऋषिकेश, अपने जीवन को समाज के लिए समर्पित करने के उद्देश्य को सार्थक करने में जुटे अन्ना हजारे एक बार फिर रामलीला मैदान में गर्जना करेंगे, जिसके लिए अन्ना ने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अन्ना हजारे उत्तराखंड दौरे पर भी आए हैं।

उनका पहला प्रवास ऋषिकेश के गौहरीमाफी से शुरू हुआ। अन्ना हजारे ने 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में शुरू होने जा रहे आंदोलन के लिए उत्तराखंड में जनसमर्थन जुटाने की शुरुआत ऋषिकेश के प्राचीन सत्यनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की।

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इसके बाद वह गौहरीमाफी ग्रामसभा में आयोजित जनसभा को संबोधित करने पहुंचे  जहा कहा कि, “केंद्र की मोदी सरकार भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रही है, केंद्र सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। देश भर में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। क्योंकि किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिलता इसलिए वह खुदकुशी कर रहे हैं। केंद्र सरकार के अभी तक के कार्य समाज हित में नहीं हैं। किसानों व शोषित वर्ग की समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार उद्योगपतियों को बढ़ाने के प्रयास में जुटी है, लेकिन अब सरकार के इस खेल को खत्म करना होगा। इसके लिए पूरा देश उनके साथ 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में देश का दूसरा सबसे बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। इस बार देश के किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और लोकपाल बिल,चुनाव पारित कराने की लड़ाई लड़ी जाएगी।”

इसके लिए अन्ना  देश के 20 राज्यों में लोगों से मिल चुके हैं।,अभी वह संगठन को मजबूत कर रहे हैं। इस बार आंदोलन निर्णायक होगा, यह उनके जीवन की अंतिम लड़ाई होगी । उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार आमजन को भूलकर उद्योगपतियों की खिदमत में लगी है, उसे जनता की कोई फिक्र ही नहीं है।

अन्ना ने कहा कि देश में किसानों की आत्महत्या नहीं थम रही है, इसकी वजह सरकार की गलत नीतियां हैं। सभा में उमड़े जनसमुदाय से दिल्ली पहुंचने और पहुंचने में अक्षम लोगों से अपने गांव, तहसील और जिले में शांतिपूर्वक आंदोलन करने की अपील की।