देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी से मुलाकात कर राज्य की कानून व्यवस्था तथा महानगर की यातायात व्यवस्था के बारे में चर्चा की। शनिवार दोपहर दल के संरक्षक बीडी रतूड़ी तथा महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल में शामिल केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, वरिष्ठ नेता लताफत हुसैन ,दिनेश बडोला ,शांति प्रसाद भट्ट ,ब्रह्मानंद डालाकोटी, किशोरी नंदन डोभाल तथा गौरव उनियाल आदि पुलिस मुख्यालय स्थित पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में पहुंचे थे।
प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में राजपुर थाना क्षेत्र के सिंनौला गांव में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की डकैती का पर्दाफाश करने समेत कई प्रशंसनीय कार्यों की सराहना की तथा राज्य में पुलिस के कार्य पर संतोष जताते हुए भविष्य में जनता की सुरक्षा तथा सुविधा के प्रति और बेहतर एवं ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने पुलिस की ओर से आभार जताते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से पुलिस को और बेहतर नतीजे देने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी तरह के अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस महानिदेशक ने यातायात समस्या को सुलझाने के लिए यूकेडी समेत अन्य सभी राजनीतिक दलों, संगठनों तथा जनता से सुझाव मांगे जाने की जरूरत बताई।
डीजीपी से मिला यूकेडी प्रतिनिधिमंडल
यातायात नियमों के उल्लंघन व अतिक्रमण करने वालों को करें दंडित: डीएम
रुद्रपुर। जिलाधिकारी ने बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि अतिक्रमण हटाने और रोड़ साइड एक्ट के अंतर्गत अतिक्रमणकारियों को दंडित किया जाए ताकि बार-बार अतिक्रमण न किया जा सके। इसके लिए पुलिस को सघन चेकिंग अभियान चलाने को कहा।
शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित डाॅ.एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डाॅ.नीरज खैरवाल ने की। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, खतरनांक तरीके से ड्राइविंग, बिना लाईसेंस तथा सीट बैल्ट का उपयोग नही करने पर मोबाइल से वार्ता करते हुए तथा शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ निरन्तर चैकिंग अभियान चलाकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को मीटिंग रिपोर्ट कार्य को गंभीरता से करने तथा मीटिंग की कार्यवृत 02 दिन के भीतर सभी सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने रोड निर्माण एजेन्सियों, नगर आयुक्त, पालिकाओं के ईओ, उप जिलाधिकारियों को सड़क के किनारे एवं सरकारी सम्पत्ति पर लगे होडिंग्स एवं अतिक्रमण हटाने तथा सम्बन्घितों के खिलाफ सम्पत्ति विरूण अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कमर्शियल वाहन का चालान करते समय फिटनेस चैक करें तथा फिटनेस होने के साथ ही हाई सिक्योरिटी नम्बर प्लेट लगी नहीं पायी जाती है तो सम्बन्धित एआरटीओं के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए अपनी आख्या में अवश्य लिख कर प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने एनएच के अधिकारियों को वृक्ष कटान के दौरान क्षतिग्रस्त हुई रेलिंग को तत्काल सही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने यातायात सुरक्षा के दृष्टिगत सभी चैराहों के तकनीकि बिन्दुओं का पुनः निरीक्षण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी वाहनों में रेडियम प्लेट तथा रिफ्लेक्टर एवं रेडियम टेप लगाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने सरकारी वाहन चालकों को पुनः प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये।
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह की 10 तारीख से पहले सड़क सुरक्षा सम्बन्धित बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को विगत एक वर्ष में हुए रोड एक्सीडैण्टों का विश्लेषण करने तथा सम्बन्धित सभी विभागों के अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं पर नियन्त्रण हेतु त्वरित गति से कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने एनएच डिवीजन नजीबाबाद के पीडी के बैठक में बिना कारण बताए अनुपस्थित पाये जाने की सूचना रिपोर्ट तत्काल मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिये ताकि पीडी के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जा सके।
जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रोड एक्सीडेण्ट की घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त की तथा नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार, समाज व देश के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखता है जिसकी भरपाई कोई अन्य व्यक्ति नहीं कर सकता। इसलिए सभी व्यक्तियों को परिवार व समाज के लिए अपने जीवन का महत्व समझना चाहिए तथा यातायात के नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित सफर करना चाहिए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ.सदानन्द दाते, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी प्रताप सिंह शाह, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, मुख्य नगर आयुक्त जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी दयानन्द सरस्वती, नरेश चन्द्र दुर्गापाल, विनोद कुमार, विजयनाथ शुक्ल, परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मुस्कान बिखेरता ऑपरेशन स्माइल, 173 बच्चे बरामद
देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ अपनों से बिछड़े को मिलाकर मुस्कान बिखेर रहा है। पुलिस की टीमों ने बीते 15 दिनों में कुल 173 बच्चों को बरामद किया है। इसमें से 35 पंजीकृत (अन्य राज्य पंजीकृत-06) तथा 138 अपंजीकृत हैं।
एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि बरामद कुल 173 बच्चों में 135 बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जा चुका है तथा शेष 38 बच्चों को पुनर्वास के लिए बाल गृह में दाखिल किया गया है। इनके परिजनों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि बरामद बच्चों में काफी संख्या में ऐसे बच्चे भी हैं, जो काफी समय से अपने परिजनों से बिछुड़े हुए थे। हरिद्वार ऑपरेशन टीम द्वारा उत्तर-प्रदेश में पंजीकृत 2, टिहरी द्वारा दिल्ली-1 चम्पावत द्वारा चण्डीगढ़-1 व रेलवे द्वारा हरियाणा तथा दिल्ली में पंजीकृत 1-1 गुमशुदा बालक बरामद किये गए हैं।
एडीजी द्वारा ऑपरेशन स्माइल की समस्त टीमों के 15 दिवस के कार्यों की समीक्षा की गयी। अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जनपद हरिद्वार के नोडल अधिकारी ममता वोहरा व उनकी टीम के प्रभारी निरीक्षक अनिल जोशी, जनपद नैनीताल के नोडल अधिकारी लोकजीत सिंह व उनकी टीम के प्रभारी उ0नि0, मुनव्वर हुसैन को मय टीम 5000-5000 रु. पुरस्कार की घोषणा की गयी। अन्य समस्त टीमों के कार्य की भी सराहना की। सभी को कड़ी मेहनत व लगन से कार्य करने के लिए भी निर्देशित किया है। अपर पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश में अभियान का पर्यवेक्षण करने के लिए शाहजहाँ जावेद खान नोडल अधिकारी आॅपरेशन स्माइल के कार्यों की प्रशंसा की। साथ ही प्रदेश में गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं पुनर्वास के लिए ऑपरेशन स्माइल अभियान को पुनः फरवरी तक चलाये जाने के लिए निर्देशित किया।
जाम का झाम: तीर्थ नगरी में प्रशासनिक फरमान हुआ बेमानी
ऋषिकेश। प्रशासनिक फरमान तीर्थनगरी में लोगों के लिए शायद कोई मायने नहीं रखते हैं। कानूनी पाठ को तो धर्म नगरी में ठेंगा दिखाने वालों की लंबी फेहरिस्त है। फिर चाहे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो वाहन व विक्रम वाहन हों या फिर फुटपाथ पर अतिक्रमण कर अपना रोजगार चला रहे ठेली खोमचे वाले।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में रसूख वाले लोग तो इन सब से भी दो कदम आगे बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। नो पार्किंग जोन में अपनी गाड़ियों को पार्क कर देना अब रोज की बात हो गई है। इसकी वजह से दिनभर तीर्थनगरी जाम से जूझती रहती है। कई मर्तबा हालत इतने बदतर हो जाते है कि राहगीरों के लिए निकलना मुश्किल हो जाता है। शहर में पुलिस प्रशासन सड़कों के किनारे वाहन पार्क करने वालों के खिलाफ लगातार चालान की कार्यवाही करता रहा है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले कुंभ के दौरान ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर फुटपाथ का निर्माण प्रशासन द्वारा कराया गया था लेकिन महत्वपूर्ण सड़क की कई बार की गई खुदाई व दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण की वजह से यह फुटपाथ आप पूरी तरह से गायब हो चुका है।
ऋषिकेश के इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों के लिए आवागमन भी मुश्किल हो गया है। इन सबके बीच जाम की समस्या से कराह रहे शहर के प्रमुख मार्ग पर यातायात व्यवस्था कब पटरी पर लौटेगी, यह कहना फिलहाल बेहद मुश्किल है।
उधर, पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि नगर में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है। जल्द ही व्यवस्था मे सुधार दिखाई देगा।
आजादी के 70 साल बाद बिजली से रोशन होगा चमोली जिले का रतगांव
देहरादून । चमोली जिले के विकासखंड थराली के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्र रतगांव देश की आजादी के सात दशक बाद बिजली से रोशन होगा। यह संभव हो पा रहा है प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के आफिशियल ‘मोबाइल एप्प’ पर दर्ज शिकायत से। मोबाइल एप्प पर दर्ज शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने त्वरित कार्यवाही करतेहुए उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया है।
सीएम कार्यालय को यूपीसीएल अधिकारियों ने बताया है कि इस कार्य को करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है निविदा खोलने के उपरांत 28 फरवरी तक विद्युतीकरण का कार्य आवंटित कर दिया जाएगा
उपरोक्त गांव में आगामी जून तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। यूपीसीएल गांव को केंद्र पोषित दीन दयाल ग्राम ज्योति विद्युतीकरण योजनाके जरिए बिजली से रोशन करने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
दरअसल, क्षेत्र के निवासी प्रदीप सिंह फरस्वाण ने बीती सात फरवरी को मुख्यमंत्री के मोबाइल एप्प पर रतगांव की जनसमस्याओं के संबंध में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में कहा गया था कि आजादी के इतने साल बाद भी विकासखंड थराली के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्र रतगांव में रह रहे चार सौ से अधिक परिवार आज भी बिजली की रोशनी से वंचित हैं।
राज्य गठन से पहले व बाद में गांव को विद्युतीकरण को लेकर शासन प्रशासन से लगातार मांग की जाती रही है। इतनी ब़ड़ी आबादी वाले इस गांव में अब तक बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है।
सीएम मोबाइल एप्प पर दर्ज क्षेत्र के निवासी प्रदीप की शिकायत का संज्ञान लेते हुए सीएम कार्यालय ने त्वरितकार्यवाही की है। यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिये गये कि रतगांव में प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द बिजली पहुंचाई जाए। इस पर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार जताया है।
देवाल के कई गांवों का आज तक नहीं हुआ विद्युतीकरण
गोपेश्वर। जहां एक ओर चमोली जिले का विद्युत विभाग जनपद के सभी गांवों के विद्युतीकरण का दावा करता है वहीं आज भी चमोली जिले के दूरस्थ विकास खंड देवाल के आधा दर्जन से अधिक गांवों का अभी तक विद्युतीकरण ही नहीं हो पाया है।
विभाग के दावों की पोल शनिवार को देवाल के लौहजंग में जिलाधिकारी चमोली आशीष जोशी की अध्यक्षता में लगे बहुद्देशीय शिविर में उस समय खुली जब ग्रामीणों ने बलाण, पिनाउं, वेराधार, कुलिंग, दीदना, वाण, घेस, हिमनी आदि गांवों के लोगों ने गांव व तोकों का विद्युतीकरण करने की मांग शिविर में उठायी। इस पर जिलाधिकारी चमोली खासे नाराज नजर आये। उन्होंने विद्युत विहीन सभी गांव व तोकों में विद्युतीकरण होने तक सोलर लाइट उपलब्ध कराने के निर्देश उरेडा विभाग के अधिकारियों को दिये तथा विद्युत विभाग को माह फरवरी के अंत तक इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कई स्थानों पर झूलते बिजली के तारों की समस्या और उनसे होने वाली दुर्घटना से भी जिलाधिकारी को आगाह किया। इस पर जिलाधिकारी ने ईई विद्युत को फरवरी माह के अंत तक ग्रामीणों को झुलते तारों की समस्या से निजात दिलवाने की भी बात कही।
राष्ट्रीय सुरक्षा: चीन की सीमाओं पर निगरानी के लिये जॉली ग्रांट होगा महत्त्वपूर्ण
ऋषिकेश, बीते कुछ दिनों से ऋषिकेश के आसमान में उड़ान भरते वायु सेना के फाइटर विमान अपनी धमक से उत्तराखंड की वादियों को हिला रहे हैं। और खास बात यह है कि यह विमान जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के रनवे को छूकर उड़ान भर रहे हैं जो कहीं ना कहीं इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में जॉली ग्रांट एयरपोर्ट की महत्वपूर्णता बढ़ने जा रही है। उत्तराखंड से लगी भारत चीन सीमा पर चीनी सेनाओं की लगातार बढ़ती घुसपैठ कहीं ना कहीं भारतीय सेना को मजबूर कर रही है कि वह आने वाले दिनों मैं चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए अपनी सीमाओं पर मजबूती के साथ चौकसी करता हुआ दिखाई दे जिसके लिए रक्षा मंत्रालय ने अब उत्तराखंड की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सेना का मालवाहक विमान बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विमान एयरपोर्ट के रनवे पर दौड़ते हुए एनटीआरओ पर जाकर रुका बड़े विमान की लैंडिंग के मद्देनजर पहले से ही एयरपोर्ट पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई थी पूरा रनवे खाली था और देश दूसरे विमानों की नियमित आवाजाही को भी बंद कर दिया गया था। सेना के द्वारा की गई इस तरह की एक्सरसाइज को भविष्य के लिए उत्तराखंड की सामरिक महत्वपूर्णता को देखते हुए किया जा रहा है। जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के निदेशक विनोद शर्मा ने बताया है कि यह इंडियन आर्मी की एक्सरसाइज है जिसे इस बार उत्तराखंड में किया गया है हिंडन एयरबेस से लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और वह बिना लैंड किए ही लौट गए वहीं मालवाहक विमान सिरसा एयरवेज से आया था।
योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म में विदेशियों की रुचि बढ़ी
ऋषिकेश। विदेशियों मे भारतीय संस्कृति को अपनाने के लिए दीवानगी का आलम देखने को मिल रहा है। योग, ध्यान और अध्यात्म के साथ पतित पावनी मां गंगा की शरण सात समुन्दर पार से आये विदेशियों को खूब लुभा रही है।
ऋषियों-मुनियों की तपो भूमि तीर्थ नगरी तेजी से अब भारतीय संस्कृति व सभ्यता को संरक्षित और पुनर्जीवित करने का केंद्र बनती जा रही है। इस पावन धरती पर हर साल देश-विदेश योग महोत्सव में जहां दुनिया भर से योग जिज्ञासु जुटते हैं वहीं वर्ष भर तपोभूमि विदेशियों से गुलजार नजर आती है।
भारतीय संस्कृति, सभ्यता, साधना और कला को जानने, समझने और सीखने की ललक ने विदेशियों के दिलो दिमाग पर जादू सा कर रखा है। कहा जाता है कि संस्कृति किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। उस आत्मा को मजबूती प्रदान करना हम सबका दायित्व है।
इस बात को भले ही मोजूदा दौर की भारतीय युवा पीढ़ी न समझ पा रही हो लेकिन विदेशी महान भारतीय संस्कृति और सभ्यता को लेकर जिस प्रकार उत्साहित और उत्प्रेरित हैं वो अपने आप में बेहद हैरान करने वाली है। भारतीय पारम्परिक पोशाकों,सौन्दर्य प्रसाधनों एवं भारतीय व्यजंनों के प्रति भी विदेशियों में जबर्दस्त क्रेज है। तीर्थाटन एवं पर्यटन की दृष्टि से भी यह एक सुखद संकेत है।
कांग्रेसियों ने पीएनबी घोटाले पर केन्द्र सरकार का फूंका पुतला
ऋषिकेश। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए हजारों करोड़ रु. के घोटाले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केन्द्र की मोदी सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान सांकेतिक जाम लगाकर नारेबाजी भी की।
शनिवार की दोपहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला के नेतृत्व मे बड़ी संख्या में कांग्रेस भवन में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने पीएनबी घोटाले को लेकर प्रदर्शन कर मोदी सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा चुनाव से पूर्व भ्रष्टाचार पर बड़े—बड़े लच्छेदार भाषण में विदेशों में जमा काला धन वापस लाने की बात करते थे। आज लगातार व्यवसायी घोटालों पर घोटाले कर रहे हैं और सरकार उनको आर्थिक मदद कर रही है। जब पैसा लौटाने का समय आता है तब वह देश छोड़कर भाग जाते हैं जिससे साफ है कि सरकार का उनको संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देशवासियों की मेहनत की कमाई केन्द्र की मोदी सरकार लुटवाने पर लगी हुई है।
नगर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवमोहन मिश्र ने कहा कि पीएनबी घोटाले की उच्च स्तरीय जॉंच के बाद इसमें दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कानूनन कारवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों में मदनमोहन शर्मा, प्रदीप जैन ,सैय्यद मुमताज हाशिम, वेदप्रकाश शर्मा,सतीश शर्मा आदि शामिल थे।
बागियों पर भाजपा हुई कठोर, प्रणव सिंह चैंपियन को दिया नोटिस
देहरादून। उत्तराखंड में राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। भ्रष्टाचार पर जीरो टाॅलरेंस वाली सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत पर उन्हीं के सहयोगियों द्वारा करारा प्रहार किया जा रहा है। कांग्रेस से आए हुए लोग जिन्होंने कांग्रेस में खटास पैदा की थी, वही लोग भाजपा में भी खटास पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन है। इन्हें भाजपा प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
भले ही राजे-रजवाड़े समाप्त हो रहे हैं लेकिन आज भी कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन में अकड़ वैसे ही है। चैंपियन जहां भी रहे हैं उन्होंने अपनी ही सरकारों के लिए हमेशा गड्ढा खोदने का काम किया है लेकिन भाजपा में शायद यह थ्योरी न चल पाए। यही कारण है कि उनके इस तेवर को देखते हुए पार्टी ने महामंत्री मुख्यालय नरेश बंसल को जांच अधिकारी बनाकर उनके प्रकरण की जांच को कहा है।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देशन पर जांच अधिकारी नरेश बंसल ने उन्हें नोटिस भेज दिए हैं और प्रथम दृष्टया उनके आचरण और बयानों को पार्टी विरोधी पाया गया है। पिछले कुछ दिनों से संगठन में कुछ नेताओं के विरोधी तेवर को देखते हुए पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा था कि बागियों को बख्शा नहीं जाएगा। कुंवर प्रणव के प्रकरण को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है।
प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने साफ किया है कि कोई भी नेता चाहे वह किसी भी पद का हो, अगर अनुशासनहीनता के दायरे में आएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के निष्कासन को लेकर अनुमति मिल गई है। माना जा रहा है कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बहाने और कई नेताओं को भाजपा सबक सिखाने वाली है। चैंपियन को भाजपा ठीक भीमलाल की तरह ही निलंबित करेगी।
पिछले कुछ दिनों से खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और उनकी पत्नी कुुंवरानी देवयानी संगठन के विरुद्ध लगातार मुखर हैं। मीडिया में दिए गये उनके बयानों के कारण उन पर पार्टी का रुख काफी टेढ़ा है, जिसके कारण वह अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे लेकिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में होने के कारण उनसे नहीं मिल पाए। यहां भी मीडिया से बातचीत के दौरान कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने जो कुछ कहा वह उनकी नाराजगी से देखा जा सकता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी दबाव में आने वाली नहीं है, जिसके कारण मुख्यमंत्री और पार्टी के पदाध्किारी उन्हें अनुशासनहीन मानने लगे हैं।
शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मीडिया टीम की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसे बजट पर चर्चा का नाम दिया गया था। पहले तो इस कार्यक्रम में मीडिया टीम भीड़ नहीं जुटा पाई और इसी बीच कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भी वहां पहुंच गए, जिससे मुख्यमंत्राी का मन खराब हो गया। हालांकि औपचारिक रूप से उन्होंने कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को कुछ नहीं कहा लेकिन कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन मीडिया से मुखातिब होते समय अपनी तल्खी नहीं छुपा पाए। जो इस बात का संकेत था कि मुख्यमंत्री ने उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भाजपा से निष्कासित हो सकते हैं। हाल ही में कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन प्रकरण की जांच के बाद प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसका जवाब कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को 10 दिन के भीतर देना है। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने कहा कि प्रथमदृष्टया पूरा मामला अनुशासनहीनता का बनता है। उनके द्वारा समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में जो बयान दिए गए हैं उनका परीक्षण करने के उपरांत जांच की गई है। जांच रिपोर्ट को अध्यक्ष को सौपे जाने के बाद उनके निर्देश पर खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को नोटिस जारी किया गया है।





























































