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हल्द्वानी आईएसबीटी की खुदाई में मिले नर कंकाल से मचा हड़कंप

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यह खबर नैनीताल के पास हल्द्वानी जिले के गौलापुर इलाके की है जहां एक हफ्ता पूर्व एक अंतर्राज्यीय बस अड्डे की इमारत के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इस दौरान वहां काम करने वाले लोगों को करीब 40 मानव कंकाल और 300 पत्थर की कब्र जैसे ढांचे मिले। मंगलवार को इसकी सूचना के सार्वजनिक किए जाने के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों, अधिकारियों और इतिहासकारों के दरम्यान इसको लेकर कौतूहल बना हुआ है। कुछ स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि ये 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से सम्बंधित हो सकता है जिसमें बरेली के मुस्लिम रोहिल्ला सरदारों ने अंग्रेजों से युद्ध करते हुए अपनी जान गंवा दी थी। तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये प्लेग, मलेरिया या फिर किसी दूसरी महामारी से मरे लोगों के कंकाल हो सकते हैं।

गौलापार में निर्माणाधीन अन्तर्राज्जीय बस टर्मिनल निर्माण स्थल पर मिले कंकाल मामले को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने गम्भीरता से लिया है। आर्य ने गौलापार पहुचकर आईएसबीटी स्थल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था नार्गाजुन को तत्काल प्रभाव से कार्य बन्द करने के आदेश दिये। उन्होने कहा कि इस प्रकार कंकालों का मिलना एक गम्भीर मसला है, तथा जांच का विषय भी है। उन्होने कहा कि इस प्रकरण की पूरी छानबीन करायी जायेगी तथा कंकालो एव हडडियों का डीएनए टैस्ट कराकर तथ्यों की जानकारी जुटाई जायेगी। यह कार्य पुरात्तव, सर्वेक्षण एवं पुलिस व जिला प्रशासन के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कराया जायेगा।

आर्य ने बताया कि यह  महत्वपूर्ण जनसरोकार से जुडा मेगा प्रोजेक्ट है ऐसे में इसके निर्माण को बाधित नही किया जायेगा। आधुनिकतम आईएसबीटी क्षेत्र के अलावा कुमायू की आवश्यकता है, साथ ही हल्द्वानी महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के साथ ही वाहनो के दबाव को कम करने के लिए आईएसबीटी आवश्यक है।

दिल्ली की महिला पर्यटक पर पुलिस के अत्याचार

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उत्तराखंड को पर्यटक प्रदेश के रूप में पहचाना जाता है। यहाँ देश विदेश से लाखों करोड़ों यात्री घूमने फिरने और चारधाम के दर्शन करने आते हैं पर इसी पर्यटन प्रदेश में अगर उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस ही अगर उनसे मारपीट करने लग जाए और वो भी एक महिला पर्यटक के साथ तो फिर कैसे पर्यटक इस प्रदेश का रुख करेंगे। सवाल बेहद महत्वपूर्ण है।

मामला हरिद्वार के आनंद वन समाधी की पार्किंग का है, जहाँ नयी दिल्ली से आयी एक महिला पर्यटक को एक पुलिस कर्मी ने सिर्फ इस बात पर पीटना शुरू कर दिया की वो अपने साथ लाये वाहन को जल्दी से पार्किंग में नहीं लगा पायी। गुंजन नामक महिला पर्यटक अपने दो बच्चों के साथ हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए आयी थी, पर शायद वो ये नहीं जानती थी की जिस प्रदेश की पुलिस को मित्र पुलिस का तमगा मिला हुआ है वो इतनी कठोर हो जाएगी की पार्किंग के नाम पर ही महिला पर थप्पड़ की बरसात करना शुरू कर देगी।

रोड़ीबेलवाला चौकी में तैनात पुलिस कर्मी ने एक मामूली बात पर ही महिला की जिस कदर पिटाई की वो पर्यटन प्रदेश के लिए एक अच्छा संकेत नहीं क्यूंकि जिस प्रदेश की अधिकांश जीविका पर्यटन पर निर्भर करती है वहां पर ऐसी बर्बरता सोच से भी परे है।

पुलिस जहाँ इस मामले को रफादफा करने में लगी थी तो वहीँ दूसरी और सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत ही कड़ी कार्यवाही करते हुए पुलिस कर्मी को ससपेंड कर मामले की जांच सीधे एसएसपी हरिद्वार को सौंप दी है।

कुछ यूँ होगा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का स्वरुप

जल्द ही पहाड़ पर रेल का सपना सच होने जा रहा है। उत्तराखंड के तीर्थो को रेलवे लाइन से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है जिसके लिए तेज़ी से  पहाड़ो पर रेल लाइन विस्तार की योजना बन रही है। हरिद्वार -रुड़की – ऋषिकेश के स्टेशन के भी कायाकल्प की तैयारी में विभाग जुट गया है और इसके लिए रेल मंत्री ने कर्णप्रयाग से बिगुल भी फूंक दिया है।

उत्तराखण्ड के पहाड़ों पर रेल चलना एक सपने के जैसा ही है, लेकिन ये सपना अब साकार रूप लेने लगा है। इस सपने को लेकर रेल मंत्रालय कसरत में जुट गया है, जिसके लिए उत्तराखंड के तीर्थो को रेलवे से जोड़ना पहली प्राथमिकता है रेल मंत्री के हरी झंडी दिखने के बाद अब विभाग भी अपनी तैयारियों में जुट गया है।  इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 12 स्टेशनों सहित 16 सुरंगों और पुलों का  निर्माण किया जाएगा।

ओ पी मालगुड़ी, प्रोजेक्ट मेनेजर का कहना है की रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को उत्तराखंड आएंगे और ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के विस्तार के काम का शिलान्यास करेंगे रेलवे ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग  तक रेल लाईन बिछाने के लिए अपना मास्टर प्लान तैयार कर लिया है ।  जिसके लिए भूमि अधिग्रहण काम भी लगभग पूरा हो चूका है। विभाग का मानना है कि शुरूवाती चरणों का कार्य पूरा हो चूका है और बाकि की तैयारियों में भी विभाग लगा हुआ है। एक बार कार्य शुरु हो जाने के बाद 8 से 10 सालों में यह योजना पूरी हो जायेगी।

ऋषिकेश देवभूमि के प्रवेश द्वार के साथ साथ  चार धाम यात्रा का मुख्य केंद्र है यहाँ से पहाड़ो पर अभी रेल को पहुचना एक चुनौती है जिस पर रेल मंत्रालय लगतार कामों को अंजाम देने में लगा है उम्मीद है आने वाले कुछ सालो में पहाड़ो पर तीर्थयात्रा का लुफ्त रेल से भी उठाया जायेगा।

राजा जी पार्क में हो रहा है अवैध अतिक्रमण

राजा जी नेशनल पार्क की स्थापना 1983 में हुई थी लगभग सभी जंगली जानवर पार्क में पाए जाते है। एक अनुमान के अनुसार पार्क में मुख्य तय 500 हाथी,12 टाइगर,250 पेनथर अन्य जीव जंतु विचरण करते है। इस पार्क की सीमा हरिद्वार,देहरादून, पौडी से मिलती है। शासना आदेशों को दर किनार करते हुए पार्क की सीमा पर अधिकांश रिहायसी कौलोनीस लगातर बनती जा रही। प्रॉपर्टी डीलरो व सक्षम अधिकारियों का गठ जोड कभी भी बड़ी विनाश लीला रच सकता है।

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पार्क से 10 किमी का क्षेत्र ईको सेन्सटिव जोन में आता है, इस क्षेत्र में कोई भी निर्माण विशेष अनुमति से ही संभव है। प्रशासन के दावे कुछ भी हो लेकिन हकीकत कुछ और ही बया करती है रोशना बाद के पास टिहरी विस्थापित की कालोनी पार्क की दिवाल तक जा पहुँची है। पार्क के जंगली जानवरों और इंसान के आशियाने में बस कुछ इंचों की ही दूरी रह गईं है। पार्क हो या वन विभाग जानवर तो वहाँ रहेंगे ही आने वाले कल की चिंता कोई नही कर रहा है। पार्क व वन विभाग के समीप  जहां भी रिहाइश है वहाँ जंगली जानवरो की आवाजाही हमेशा बनी रहती है चाहे 1965 में बनी भेल की आवासीय कालोनी हो या नया निर्माण। आज प्रशासन स्थिति को नज़र अंदाज़ कर सकता है पर आने वाला कल बड़ी समस्या लेकर प्रशासन के द्वार ही खड़ा नज़र आयेगा।

पिता ने लूटी बेटियों के अस्मत

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जिस पिता की उंगली पकड बेटियां बडी हुई और जिस पिता के सिने से लग पर बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करती थी वहीं पिता हवस का भुखा होगा और अपनी बेटियों को हवस का शिकार बना लेगा ये शायद ही किसी ने सोचा हो, मगर घर के रखवाले ने घर कि अस्मत लूट जहां मानवियता को शर्मशार किया है वहीं पिता पुत्री के पवित्र रिशते को भी कलंकित किया है। जी हां एसे ही एक कलयुगी पिता का मामला सामने आया है लालकुँआ में जिसने अपनी ही नाबालिक बेटियों को बनाया हवस का शिकार।

बीते 22 मार्च से लालकुआ के नगीना कालोनी से रहस्यमय तरीके से लापता हुई नाबालिग बहनों को किसी तरह से पुलिस ने बरामद कर लिया है। बरामदी के बाद दोनों लड़कियों ने जब राज खोला तो सभी के होश उड गये। उन्होने अपने पिता व पड़ोसी पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा कि वो पिता की करतूतों से तंग आकर ही घर से भागी थी,  लेकिन पडोस के एक युवक ने भी उनकी मजबूरी का जमकर फायदा उठाया और उनकी मदद करने के बजाय पहले उनकी अस्मत लूटी और फिर उन्हे किसी और को बेच दिया। जिस्मफरोशी के धन्धे के लिए लडकियों ने आरोप लगाया कि पडोसी उनको बहला-फुसलाकर यूपी के बदायू  व हरियाणा के पानीपत में ले जाकर बेचने के  फिराक में था। जिससे पहले ही पुलिस ने आरोपी पड़ोसी को पकड लिया और जेल भेज दिया है। जबकि पिता पर पास्को में जांच चल रही है।

गौरतलब है कि 22 मार्च को लालकुआ कोतवाली में लड़कियों के पिता नविन जोशी ने गुमशुदगी दर्ज कराते हुए कहा था कि उसकी 15 व 12 वर्षीया बेटिया घर से अचानक लापता हो गई थी । उसने पुलिस से पुत्रियों की बरामदगी की मांग की, लेकिन पुलिस काफी दिन तक कोई सुराग नहीं लगा सकी। छान बीन के बाद पुलिस ने पड़ोस में रहने वाला शादी शुदा युवक गजेंदर से पूछताछ की जिसके बाद गजेंदर ने अपनी जुर्म कबुल कर लिया। लालकुआं पुलिस ने दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया ।कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि पुलिस ने आरोपी गजेंद्र सिंह के खिलाफ पॉक्सो समेत अनेक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपी पिता के खिलाफ भी पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है की लड़कियों की मां कई साल पहले दूसरे समुदाय के युवक के साथ फरार हो गई थी। जिसके बाद से लड़किया हैवान पिता के साये में ही पल रही थी।

फेसबुक दोस्त ने दिया धोखा

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फेसबुक पर दोस्ती गांठने के बाद प्यार के जाल में फांस लिया। उसके गर्भवती हो जाने पर आत्महत्या के लिए उकसाया। बाद में फोन भी ब्लेक लिस्ट में डाल दिया। परेशान युवती ने रुद्रपुर पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।

रुद्रपुर के धामपुर निवासी युवती ने पुलिस को दी तहरीर में कहा उसकी एक वर्ष पूर्व गौरव कक्कड़ निवासी शिव मंदिर, रामलीला मैदान, के पास गदरपुर से फेसबुक के माध्यम दोस्ती हो गई। उसके बाद उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया। गौरव के कहने पर वह उसके साथ भीमताल भी घूमने गई। इस दौरान गौरव ने उसको कहा कि उसने अपने घर पर बात कर ली है। उसके परिजन दोनों की शादी के लिए राजी हो गए है। इसके बाद गौरव ने उसको झांसे में लेकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए।

इसके बाद वह दिल्ली चली गई। वहां पर नौकरी करने के दौरान उसे पता लगा कि वह गर्भवती हो गई। जब उसने गौरव को बताया तो वह शादी करने के बजाय उसे बदनामी का डर दिखा कर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने लगा। जब उसने यह कदम उठाने से मना किया तो गौरव ने उसका फोन भी ब्लेक लिस्ट में डाल दिया। युवती ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दे कार्रवाई की मांग की। जिस पर पुलिस ने गौरव कक्कड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

ऋषिकेश-श्रीनगर-नैनीताल महायोजना की मियाद छह साल पहले खत्म

उत्तराखंड को बने 17 साल हो गए है लेकिन प्लानिंग के मामले में न तो कांग्रेस ने ही भाजपा राज्य के मुख्य शहरों में कुछ कर पाई है। किसी भी शहर के विकास और बेहतर सूरत के लिए मास्टर प्लान की जरूरत पड़ती है, जिससे शहर को बेहतर ढंग से चलाया जा सके। बात करे तीर्थनगरी ऋषिकेश की तो गंगा के किनारे बसे इस शहर को भी मास्टर प्लान का इंतज़ार है, पिछले बीस सालों से यहां पुराने प्लान को घिसा जा रहा है जिससे शहर में हर व्यवस्था लड़खड़ाती नजर आती है। शहरों की सूरत ओर सीरत बिगड़ती है तो बिगड़े, सरकार और पूरे सिस्टम को शायद इस बात से कोई फर्क नही पड़ता।

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आबादी लगातार बढ़ रही है जिसके चलते उत्तराखंड के शहर सिकुड़ते जा रहे है ना मेन चौराहों पर चलने की जगह हैना ही गलियों में। अनियोजित विकास,अवैध कब्जों,अतिक्रमण के चलते पूरी तरह जाम और अनियोजित विकास की भेंट चढ़ गया है। हक़ीक़त ये है कि तीर्थाटन पर बेस इकॉनमी के लिए जाने जाने वाले ऋषिकेश-नैनीताल-श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर पिछले बीस सालों से एक मास्टर प्लान की बाट जोह रहे है। लेकिन मास्टर प्लान फाइलों में गुम होकर दम तोड़ चुके है। हक़ीक़त ये है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश के सैलानी भी घंटो के जाम ओर अवस्थायों का शिकार होते है।

तो वहीँ  स्थानीय निवासीयों का कहना है की सरकार को जल्द से जल्द इस तरफ काम करना चाहिए जिससे ऋषिकेश की तस्वीर बदलेगी।कहने को अंतराष्ट्रीय योग नगरी के रूप में ऋषिकेश की विश्व के मानचित्र मैं एक अलग पहचान है लेकिन शहर में बीस सालों से अब तक न तो मास्टर प्लान बना है ना ही सड़कों का चौड़ीकरण हुए है और न ही नए चौराहों का निर्माण हुआ है ऐसे में चार धाम यात्रा सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के चलते तीर्थनगरी में साल भर बड़ी संख्या में सैलानियों की भीड़ लगी रहती है ओर अतिक्रमण ओर जाम यहां आने वालों के लिए मुसीबत का सफर बनता रहता है। ऐसे त्रिवेंद्र रावत सरकार से उम्मीद बंधी है कि वो आने वाले दिनों में ऋषिकेश के लिए एक मास्टर प्लान लागू करके यहां हो रहे अतिक्रमण पर एक अंकुश लगाएंगे, मयखमंत्री ने भी इसका आस्वासन दिया है कि जल्द ही चार धाम यात्रा मार्गों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्यवाही की जाएगी। सरकार पर्यटन बढ़ाने के लिए लगातार शोर तो मचाती है लेकिन जमीनी हकीकत में यहां उत्तराखंड आने वाले श्रध्लुयों ओर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा नही दे पाते, शहर आज भी पुराने ढर्रे पर चल रहे है ,न कोई शहर के विकास की योजना है और न कोई मास्टर प्लान है। हर बार मास्टर प्लान चहेतों को खुश करने के लिए नोकरशाहों ओर राजनीतिक नेतायों द्वारा फ़ाइलों मैं गुम कर दिया जाता है।

 

स्वास्थ्य सेवाअों के लिए सीएम गम्भीर

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य के नैनीताल, हरिद्वार व देहरादून में बिजली की अंडरग्राउंड केबिल बिछाई जाएगी, इसमें केंद्र 1100 करोड़ खर्च करेगा।

नैनीताल क्लब में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय  के सहयोग से राज्य में प्लास्टिक टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट खोला जाएगा। अल्मोड़ा अौर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का संचालन सेना द्वारा किया जाएगा। हर आम आदमी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए तमिलनाडु व महाराष्ट्र से चिकित्सक लाये जाएंगे।

नए जिले बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन होने से साफ इंकार करते हुए सीएम ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में जिले बनाने का कोई वादा नही किया गया है। दो माह में पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में 200 चिकित्सक भेज दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूपी व उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा जल्द पूरा हो जाएगा। जमरानी बांध पर सहमति बन चुकी है। कर्णप्रयाग तक रेल लाइन अब जोशीमठ तक जाएगी। इसका शिलान्यास 13 मई को बद्रीनाथ में रेल मंत्री सुरेश प्रभु करेंगे।

इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोज साह, विधायक संजीव आर्य आदि मौजूद थे। इससे पहले सीएम ने मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ व अन्य न्यायाधीशों के साथ हाईकोर्ट पहुंचकर शिष्टाचार मुलाकात की।

दुष्कर्म के आरोप में चल रही भाजपा नेता की तलाश 

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महिला से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले भाजपा नेता देवेंद्र चंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है।खटीमा पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। वहीं पुलिस ने पीड़ित महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए रुद्रपुर भेजा है।

क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने भाजपा नेता चंद के खिलाफ जबरन घर में घुसकर दुष्कर्म के प्रयास करने का आरोप लगाया था। जिसकी सीसी फुटेज भी उसने पुलिस को उपलब्ध कराई। साथ ही उसने चंद पर पड़ोसी के पुत्र को स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की रकम डकारने का आरोप भी लगाया।

एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी चंद के खिलाफ धारा 376, 511, 506, 420, 452 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से आरोपी फरार चल रहा है। पीड़ित के न्यायालय में बयान दर्ज हो गए हैं। इस बीच पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए है। उन्होंने चंद के श्रीपुर बिछुवा गांव स्थित आवास पर छापा मारा। जहां आरोपी नहीं मिला। पुलिस उसके करीबी लोगों के माध्यम से भी उस तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। चंद के समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापामारी कर रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्रीतम सिंह की ताजपोशी पर कांग्रेस ने दिखाया परिवार में एका

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नव नियुक्त कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने गुरुवार को गाजे बाजे के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। गुरुवार सुबह प्रीतम सिंह ने नगर निगम से होते हुए राजपुर रोड स्थित पार्टी कार्यालय तक जुलूस में हिस्सा लिया। जुलूस में बढ़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं पार्टी कार्यालय पर भी नये अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियां जोरों पर थी। जुलूस के पार्टी दफ्तर पहुंचते ही लोगों में स्टेज पर चढ़ने और अपने नंबर बढ़वाने की होड़ सी लग गई। इस धक्का मुक्की के बीच प्रीतम सिंह स्टेज पर पहुंचे और लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पार्टी के सह प्रभारी संजय कपूर, सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेसी विधायकों समेत अन्य नेताओं ने नये पार्टी अध्यक्ष का स्वागत सतकार किया।

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गौरतलब है कि कांग्रेस में लंबे समय से सरकार और संगठन और उसके बाद चुनावों में किशोर उपाध्याय और हरीश रावत के बीच मनमुटाव जगजाहिर रहा। इसका असर चुनावों के दौरान भी देखने को मिलता रहा। चाहे वो टिकटों के बंटवारे में देरी का मामला हो या फिर खुद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को टिहरी से न लड़वा कर सहसपुर जैसी नई सीट पर लड़वाने का मामला रहा हो। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि इन सब बातों का असर चुनावों में हार का कारण बना। इस हार के बाद से ही पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की अटकले तेज हो गई थी। लेकिन मुद्दा था एक ऐसा नाम ढूंढना जो पार्टी में पड़ी इस दरार को कम कर सके। इस सबके चलते पार्टी ने आखिरकार चकाराता से विधायक प्रीतम सिंह के नाम पर मोहर लगा दी। इसी की तस्वीर गुरुवार को देहरादून में देखने को मिली जब पार्टी के तमाम नेता एक मंच पर प्रीतम सिंह के साथ दिखे।

प्रीतम सिंह के पक्ष में उनका युवा होना, साफ छवि और पार्टी में सभी नेताओं की उनके नाम पर रजामंदी रही। हांलाकि अब प्रीतम सिंह के सामने चुनावी हार और अंद्रूनी कलह से जूझती और अपना जनाधार खो रही पार्टी को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती है।