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पिता ने लूटी बेटियों के अस्मत

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जिस पिता की उंगली पकड बेटियां बडी हुई और जिस पिता के सिने से लग पर बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस करती थी वहीं पिता हवस का भुखा होगा और अपनी बेटियों को हवस का शिकार बना लेगा ये शायद ही किसी ने सोचा हो, मगर घर के रखवाले ने घर कि अस्मत लूट जहां मानवियता को शर्मशार किया है वहीं पिता पुत्री के पवित्र रिशते को भी कलंकित किया है। जी हां एसे ही एक कलयुगी पिता का मामला सामने आया है लालकुँआ में जिसने अपनी ही नाबालिक बेटियों को बनाया हवस का शिकार।

बीते 22 मार्च से लालकुआ के नगीना कालोनी से रहस्यमय तरीके से लापता हुई नाबालिग बहनों को किसी तरह से पुलिस ने बरामद कर लिया है। बरामदी के बाद दोनों लड़कियों ने जब राज खोला तो सभी के होश उड गये। उन्होने अपने पिता व पड़ोसी पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कहा कि वो पिता की करतूतों से तंग आकर ही घर से भागी थी,  लेकिन पडोस के एक युवक ने भी उनकी मजबूरी का जमकर फायदा उठाया और उनकी मदद करने के बजाय पहले उनकी अस्मत लूटी और फिर उन्हे किसी और को बेच दिया। जिस्मफरोशी के धन्धे के लिए लडकियों ने आरोप लगाया कि पडोसी उनको बहला-फुसलाकर यूपी के बदायू  व हरियाणा के पानीपत में ले जाकर बेचने के  फिराक में था। जिससे पहले ही पुलिस ने आरोपी पड़ोसी को पकड लिया और जेल भेज दिया है। जबकि पिता पर पास्को में जांच चल रही है।

गौरतलब है कि 22 मार्च को लालकुआ कोतवाली में लड़कियों के पिता नविन जोशी ने गुमशुदगी दर्ज कराते हुए कहा था कि उसकी 15 व 12 वर्षीया बेटिया घर से अचानक लापता हो गई थी । उसने पुलिस से पुत्रियों की बरामदगी की मांग की, लेकिन पुलिस काफी दिन तक कोई सुराग नहीं लगा सकी। छान बीन के बाद पुलिस ने पड़ोस में रहने वाला शादी शुदा युवक गजेंदर से पूछताछ की जिसके बाद गजेंदर ने अपनी जुर्म कबुल कर लिया। लालकुआं पुलिस ने दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया ।कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि पुलिस ने आरोपी गजेंद्र सिंह के खिलाफ पॉक्सो समेत अनेक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपी पिता के खिलाफ भी पॉक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है की लड़कियों की मां कई साल पहले दूसरे समुदाय के युवक के साथ फरार हो गई थी। जिसके बाद से लड़किया हैवान पिता के साये में ही पल रही थी।

फेसबुक दोस्त ने दिया धोखा

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फेसबुक पर दोस्ती गांठने के बाद प्यार के जाल में फांस लिया। उसके गर्भवती हो जाने पर आत्महत्या के लिए उकसाया। बाद में फोन भी ब्लेक लिस्ट में डाल दिया। परेशान युवती ने रुद्रपुर पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।

रुद्रपुर के धामपुर निवासी युवती ने पुलिस को दी तहरीर में कहा उसकी एक वर्ष पूर्व गौरव कक्कड़ निवासी शिव मंदिर, रामलीला मैदान, के पास गदरपुर से फेसबुक के माध्यम दोस्ती हो गई। उसके बाद उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया। गौरव के कहने पर वह उसके साथ भीमताल भी घूमने गई। इस दौरान गौरव ने उसको कहा कि उसने अपने घर पर बात कर ली है। उसके परिजन दोनों की शादी के लिए राजी हो गए है। इसके बाद गौरव ने उसको झांसे में लेकर उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिए।

इसके बाद वह दिल्ली चली गई। वहां पर नौकरी करने के दौरान उसे पता लगा कि वह गर्भवती हो गई। जब उसने गौरव को बताया तो वह शादी करने के बजाय उसे बदनामी का डर दिखा कर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने लगा। जब उसने यह कदम उठाने से मना किया तो गौरव ने उसका फोन भी ब्लेक लिस्ट में डाल दिया। युवती ने अपर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दे कार्रवाई की मांग की। जिस पर पुलिस ने गौरव कक्कड़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

ऋषिकेश-श्रीनगर-नैनीताल महायोजना की मियाद छह साल पहले खत्म

उत्तराखंड को बने 17 साल हो गए है लेकिन प्लानिंग के मामले में न तो कांग्रेस ने ही भाजपा राज्य के मुख्य शहरों में कुछ कर पाई है। किसी भी शहर के विकास और बेहतर सूरत के लिए मास्टर प्लान की जरूरत पड़ती है, जिससे शहर को बेहतर ढंग से चलाया जा सके। बात करे तीर्थनगरी ऋषिकेश की तो गंगा के किनारे बसे इस शहर को भी मास्टर प्लान का इंतज़ार है, पिछले बीस सालों से यहां पुराने प्लान को घिसा जा रहा है जिससे शहर में हर व्यवस्था लड़खड़ाती नजर आती है। शहरों की सूरत ओर सीरत बिगड़ती है तो बिगड़े, सरकार और पूरे सिस्टम को शायद इस बात से कोई फर्क नही पड़ता।

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आबादी लगातार बढ़ रही है जिसके चलते उत्तराखंड के शहर सिकुड़ते जा रहे है ना मेन चौराहों पर चलने की जगह हैना ही गलियों में। अनियोजित विकास,अवैध कब्जों,अतिक्रमण के चलते पूरी तरह जाम और अनियोजित विकास की भेंट चढ़ गया है। हक़ीक़त ये है कि तीर्थाटन पर बेस इकॉनमी के लिए जाने जाने वाले ऋषिकेश-नैनीताल-श्रीनगर जैसे महत्वपूर्ण शहर पिछले बीस सालों से एक मास्टर प्लान की बाट जोह रहे है। लेकिन मास्टर प्लान फाइलों में गुम होकर दम तोड़ चुके है। हक़ीक़त ये है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश के सैलानी भी घंटो के जाम ओर अवस्थायों का शिकार होते है।

तो वहीँ  स्थानीय निवासीयों का कहना है की सरकार को जल्द से जल्द इस तरफ काम करना चाहिए जिससे ऋषिकेश की तस्वीर बदलेगी।कहने को अंतराष्ट्रीय योग नगरी के रूप में ऋषिकेश की विश्व के मानचित्र मैं एक अलग पहचान है लेकिन शहर में बीस सालों से अब तक न तो मास्टर प्लान बना है ना ही सड़कों का चौड़ीकरण हुए है और न ही नए चौराहों का निर्माण हुआ है ऐसे में चार धाम यात्रा सहित अनेक धार्मिक कार्यक्रमों के चलते तीर्थनगरी में साल भर बड़ी संख्या में सैलानियों की भीड़ लगी रहती है ओर अतिक्रमण ओर जाम यहां आने वालों के लिए मुसीबत का सफर बनता रहता है। ऐसे त्रिवेंद्र रावत सरकार से उम्मीद बंधी है कि वो आने वाले दिनों में ऋषिकेश के लिए एक मास्टर प्लान लागू करके यहां हो रहे अतिक्रमण पर एक अंकुश लगाएंगे, मयखमंत्री ने भी इसका आस्वासन दिया है कि जल्द ही चार धाम यात्रा मार्गों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्यवाही की जाएगी। सरकार पर्यटन बढ़ाने के लिए लगातार शोर तो मचाती है लेकिन जमीनी हकीकत में यहां उत्तराखंड आने वाले श्रध्लुयों ओर पर्यटकों के लिए कोई सुविधा नही दे पाते, शहर आज भी पुराने ढर्रे पर चल रहे है ,न कोई शहर के विकास की योजना है और न कोई मास्टर प्लान है। हर बार मास्टर प्लान चहेतों को खुश करने के लिए नोकरशाहों ओर राजनीतिक नेतायों द्वारा फ़ाइलों मैं गुम कर दिया जाता है।

 

स्वास्थ्य सेवाअों के लिए सीएम गम्भीर

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य के नैनीताल, हरिद्वार व देहरादून में बिजली की अंडरग्राउंड केबिल बिछाई जाएगी, इसमें केंद्र 1100 करोड़ खर्च करेगा।

नैनीताल क्लब में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय  के सहयोग से राज्य में प्लास्टिक टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट खोला जाएगा। अल्मोड़ा अौर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का संचालन सेना द्वारा किया जाएगा। हर आम आदमी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए तमिलनाडु व महाराष्ट्र से चिकित्सक लाये जाएंगे।

नए जिले बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन होने से साफ इंकार करते हुए सीएम ने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में जिले बनाने का कोई वादा नही किया गया है। दो माह में पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में 200 चिकित्सक भेज दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यूपी व उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा जल्द पूरा हो जाएगा। जमरानी बांध पर सहमति बन चुकी है। कर्णप्रयाग तक रेल लाइन अब जोशीमठ तक जाएगी। इसका शिलान्यास 13 मई को बद्रीनाथ में रेल मंत्री सुरेश प्रभु करेंगे।

इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोज साह, विधायक संजीव आर्य आदि मौजूद थे। इससे पहले सीएम ने मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ व अन्य न्यायाधीशों के साथ हाईकोर्ट पहुंचकर शिष्टाचार मुलाकात की।

दुष्कर्म के आरोप में चल रही भाजपा नेता की तलाश 

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महिला से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले भाजपा नेता देवेंद्र चंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है।खटीमा पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। वहीं पुलिस ने पीड़ित महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए रुद्रपुर भेजा है।

क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने भाजपा नेता चंद के खिलाफ जबरन घर में घुसकर दुष्कर्म के प्रयास करने का आरोप लगाया था। जिसकी सीसी फुटेज भी उसने पुलिस को उपलब्ध कराई। साथ ही उसने चंद पर पड़ोसी के पुत्र को स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की रकम डकारने का आरोप भी लगाया।

एसएसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी चंद के खिलाफ धारा 376, 511, 506, 420, 452 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से आरोपी फरार चल रहा है। पीड़ित के न्यायालय में बयान दर्ज हो गए हैं। इस बीच पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए है। उन्होंने चंद के श्रीपुर बिछुवा गांव स्थित आवास पर छापा मारा। जहां आरोपी नहीं मिला। पुलिस उसके करीबी लोगों के माध्यम से भी उस तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। चंद के समर्थकों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम लगातार छापामारी कर रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्रीतम सिंह की ताजपोशी पर कांग्रेस ने दिखाया परिवार में एका

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नव नियुक्त कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने गुरुवार को गाजे बाजे के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाला। गुरुवार सुबह प्रीतम सिंह ने नगर निगम से होते हुए राजपुर रोड स्थित पार्टी कार्यालय तक जुलूस में हिस्सा लिया। जुलूस में बढ़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं पार्टी कार्यालय पर भी नये अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियां जोरों पर थी। जुलूस के पार्टी दफ्तर पहुंचते ही लोगों में स्टेज पर चढ़ने और अपने नंबर बढ़वाने की होड़ सी लग गई। इस धक्का मुक्की के बीच प्रीतम सिंह स्टेज पर पहुंचे और लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पार्टी के सह प्रभारी संजय कपूर, सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेसी विधायकों समेत अन्य नेताओं ने नये पार्टी अध्यक्ष का स्वागत सतकार किया।

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गौरतलब है कि कांग्रेस में लंबे समय से सरकार और संगठन और उसके बाद चुनावों में किशोर उपाध्याय और हरीश रावत के बीच मनमुटाव जगजाहिर रहा। इसका असर चुनावों के दौरान भी देखने को मिलता रहा। चाहे वो टिकटों के बंटवारे में देरी का मामला हो या फिर खुद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को टिहरी से न लड़वा कर सहसपुर जैसी नई सीट पर लड़वाने का मामला रहा हो। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि इन सब बातों का असर चुनावों में हार का कारण बना। इस हार के बाद से ही पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने की अटकले तेज हो गई थी। लेकिन मुद्दा था एक ऐसा नाम ढूंढना जो पार्टी में पड़ी इस दरार को कम कर सके। इस सबके चलते पार्टी ने आखिरकार चकाराता से विधायक प्रीतम सिंह के नाम पर मोहर लगा दी। इसी की तस्वीर गुरुवार को देहरादून में देखने को मिली जब पार्टी के तमाम नेता एक मंच पर प्रीतम सिंह के साथ दिखे।

प्रीतम सिंह के पक्ष में उनका युवा होना, साफ छवि और पार्टी में सभी नेताओं की उनके नाम पर रजामंदी रही। हांलाकि अब प्रीतम सिंह के सामने चुनावी हार और अंद्रूनी कलह से जूझती और अपना जनाधार खो रही पार्टी को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती है।

प्रीतम सिंह की ताजपोशी पर बीजेपी ने पिलाया पानी

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विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद गुरूवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के लिये लंबे समय बाद खुशी का मौका आया। मौका था नये प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के पार्टी की कमान संभालने का। इसके लिये राजपुर रोड स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सुबह से ही कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर थी। लेकिन इस सबके बीच यहां भी संयोग से ही सही एक बीजेपी कनेक्शन निकल ही आया। कार्यक्रम में हिस्सा लेने आये कार्यकर्ताओं के लिये जिन पानी के जगों की व्यवस्था की गई थी उनका रंग हू ब हू बीजेपी के पार्टी के रंगों जैसा था। ओर ये एक दो नहीं बल्कि वहां मौजूद दर्जनों पानी के जगों का हाल था। पानी के इन जगों की बनावट आम है जगों जैसी थी मगर इनके रंग खास थे। खास इसलिए की इनके रंग बीजेपी के झंडे जो कि भगवा और हरे रंग में होता है बिलकुल हूबहू वैसे ही थे। गेट के अंदर घुसते ही यह पानी के जग आपका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। गर्मी से परेशान लोग इन जगों की तरफ पानी पीने आते रहे और इनका रंग देखकर बीजेपी के झंडे की याद आती रही।

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इस बारे में शामियाने लगाने वाली कंपनी के मालिक दीपक ने कहा कि “अभी हमारी दुकान को खुले ज्यादा समय नहीं हुआ है और कांग्रेस ने मुझे आज की सारी व्यव्स्था की जिम्मेदारी दी है।” दरअसल दीपक को इस पूरे कार्यक्रम की व्यव्स्था का चार्ज देने वाले कांग्रेसी नेता का नामतो दीपक ने नहीं बताया  लेकिन दीपक से पानी के कैन का कलर ऐसा रखने के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि “उनकी पसंद का कलर है यह और उन्होंने कहा कि पानी के कैन के कलर से क्या करना है पानी तो पानी है चाहें वह कांग्रेस के कार्यक्रम में इस्तेमाल हो या बीजेपी में।”

प्रदेश में कांग्रेस की वापसी की राह नहीं है आसान: प्रीतम सिंह

उत्तराखंड के नये प्रदेश अध्यक्ष और 4 बार  विधायक रह चुके प्रीतम सिंह किसी पहचान के मोहताज नहीं। प्रीतम सिंह के लिए भले ही यह एक सौभाग्य की बात हो लेकिन यह एक कांटों का ताज है ये मानना है पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का। यह बात प्रीतम सिंह भी अच्छी तरह जानते है। प्रीतम मानते हैं कि “मेरी पहल रहेगी कि मैं उत्तराखंड के पीसीसी चीफ के तौर पर अच्छा काम करुं और निश्चित रुप से चाहूंगा कि प्रदेश में कांग्रेस को एक बार फिर जीवित कर सकूं इसके लिए वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को एक साथ लेकर काम करुंगा” 

न्यूज़पोस्ट टीम ने प्रीतम सिंह से मुलाकात की और जानने की कोशिश की अपना जनाधार को चुकी कांग्रेस के लिये उनकी क्या प्राथमिकताऐं रहेंगी?

सवालः प्रदेश मे कांग्रेस के भविष्य के बारे में आप क्या सोचते है?

जवाबः 2017 चुनावों में उत्तराखंड राज्य में निश्चित ही हारे हैं लेकिन कांग्रेस प्रदेश में समाप्त नहीं हुई है। सभी गांवो, ग्राम सभा में अभी भी कांग्रेस का बोल-बाला है और यह जरुरी है कि इसको संजोया जाए और इस को संजोने की पहल मैं करुंगा।

सवालः कांग्रेस में सरकार और संघठन और उसके बाद शीर्ष नेताओं में मतभेद किसी से छिपे नहीं है, तो अब आगे आने वाले समय में कांग्रेस के हित के लिए आप क्या कदम उठाऐंगे??

जवाबः देखिए कांग्रेस एक बहुत बड़ा परिवार है जिसमें हर एक आदमी के विचार कभी ना कभी अलग हो सकते हैं जिससे यह समझा जाता है कि कांग्रेस में आपसी समन्वय नहीं है, मैं समझता हूं कि आज कि जो परिस्थिति थी उसमें हमारे वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि उत्तराखंड में कांग्रेस एक बार फिर वापस आए जिसके लिए एक बार फिर हम सब एक साथ चलने के लिए तैयार हैं।

सवालःक्या इस बदलाव से यह माना जाए कि कांग्रेस में लीङरशिप का बदलाव है या यह कि पुराने लोगों को बदलकर नए लोग लाए गए है??

जवाबः ऐसा नहीं है कांग्रेस में इस तरह की कोई बात नहीं है, कोई नौजवान है तो कई अनुभवशाली नेता भी है, हमारे साथ युवा लीडरशिप को भी आगे आने का मौका राहुल जी ने दिया है तो सिनियर कांग्रेस नेता भी पार्टी को मजबूत करेंगे। ऐसा कुछ नहीं है कि केवल युवा लिडरशीप आगे चलेगा। समन्वय के साथ कांग्रेस आगे बढ़ेगी दोनो साथ-साथ चलेंगे और पार्टी को एक बार फिर वापस लाऐंगे।

पार्टी की कमान प्रीतम सिंह को देकर आलाकमान ने पार्टी में बैलैंस बनाने की कोशिश की है क्योंकि प्रीतम न सिर्फ साफ छवि के नेता हैं बल्कि पार्टी में मौजूद सभी धड़ो को मंजूर भी हैं। अब देखना ये होगा कि पार्टी आलाकमान का ये कदम राज्य में धाराशाई हो चुके पार्टी के संगठन को खड़ा करने में कितना कारगर साबित होता है।

फिल्मी अंदाज में हुई लूट से हड़कम्प

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काशीपुर में दिनदहाड़े सशस्त्र बदमाशों ने आवासीय क्षेत्र के बीचोंबीच में स्थित एक फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों और वहां मौजूद तीन ग्राहकों को बंधक बनाकर जमकर लूटपाट की। बदमाश कंपनी के दो लाख 67 हजार रुपए और पांच कर्मचारियों के मोबाइल, हजारों की नकदी और एटीएम कार्ड लूट ले गए। सूचना पर जनपद के एसएसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना करते हुए पुलिस को जरूरी दिशा निर्देश दिए ।
काशीपुर के जसपुर खुर्द इलाके में, आवासीय कालोनी स्थित, सेटिंग क्रेडिट केयर नेटवर्क कंपनी के कार्यालय में शाखा प्रबंधक मोहम्मद असलम, निवासी सिमावली मेरठ, सुशील कुमार निवासी, रजवीना औरंगाबाद बुलंदशहर, हिमांशु कुमार, ग्राम निराद, थाना चांदपुर, बिजनौर, अंशुल कुमार, निवासी शेखपुरी बिजनौर, ग्राहकों से वार्ता कर रहे थे। तभी पांच युवक अंदर घुसे, सभी के हाथों में पिस्टल थी और मुंह पर नकाब बंधा था। उन्होंने रुपये उनके हवाले करने को कहा। मोहम्मद असलम ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसके मुंह में पिस्टल डाल दी। उनके बाकी साथी पांचो कर्मचारियों को धक्के देते हुए कमरे के अंदर ले गए और उनके जूतों के फीते खोलकर उनके हाथ बांध दिए उसके बाद सभी के मुंह पर टेप चिपका दिया गया। बदमाशों ने वहां मौजूद तीन ग्राहकों को भी कमरे में बंद कर दिया।
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जिसके बाद बदमाशों ने वहां रखा सारा केश करीब 2 लाख, 67 हजार, 87 रुपए थैले में भर लिया और एक-एक कर सभी कर्मचारियों की तलाशी ली।  मोहम्मद असलम से 2 हजार, 800 रुपये, दो एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक की पासबुक, पहचान पत्र, सुशील कुमार से 800 रुपये, हिमांशु की जेब से 700 रुपये निकाल लिए। सभी के दो-दो एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकों की पास बुकस और चार कर्मचारियों के आठ मोबाइल ले लिए और सभी के पास मे मिली घरों व बाइकों की चाबियां भी छीन ले गए। जाते समय कर्मचारियों की दो बाइकें भी ले गए। एक कर्मचारी का मोबाइल उनके हाथ नहीं लगा।
बदमाशो के जाने के बाद शाखा प्रबंधक मोहम्मद असलम ने  100 नंबर पर पुलिस को फोन किया जहां सूचना मिलने पर थाना आईटीआई पुलिस पहुंची। साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. जगदीश व सीओ राजेश भट्ट मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। दिनदहाड़े डकैती की सूचना से जहां पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया तो वहीं जनपद के एसएसपी सदानंद दाते ने घटनास्थल का मौका मुआयना करते हुए तत्काल बदमाशों की तलाश में पुलिस और एसओजी की टीमें रवाना कर दीं। बदमाशों ने घटना को इस अंदाज में अंजाम दिया कि आसपास रहने वालों को भनक भी नहीं लगी। सभी बदमाश पैदल आए थे। मोहम्मद असलम ने बताया ऑफिस में पांच बदमाश आए, जिन्होंने लूटपाट की, लेकिन ऑफिस के बाहर बरामदे में तीन चार और लोग भी थे।  आठ-नौ नकाबपोश हथियार बंद बदमाशों ने जिस दुस्साहस के साथ आबादी के बीच फाइनेंस कंपनी में डकैती डाली है। वह किसी छोटे-मोटे गिरोह का काम नहीं है। यह भाटी गैंग का ही काम होने की आशंका जताई जा रही है। यह प्रशिक्षित मालूम पड़ रहे थे। लूट के दौरान आपस में कोड वर्ड में बात कर रहे थे। सभी चाल-ढाल में चुस्त और सजग थे। मो. असलम ने बताया कि बातचीत के दौरान एक ने भाटी शब्द से दूसरे को बुलाया। कर्मचारियों ने बताया कि मुख्य युवक ने डकैती डालनेे से पहले स्वयं रेकी की है।
सीओ राजेश भट्ट एसएसपी सदानंद दाते ने भी कहा कि यह गैंग किसी बेजोड़ गैंग का हिस्सा प्रतीत होता है। सभी बदमाशों के पास एक जैसी पिस्टलें थी। पुलिस कप्तान सदानंद दाते ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमें रवाना हो गईं। पुलिस को जल्दी ही कामयाबी मिलने की उम्मीद है।  उन्होंने बताया कि फाइनेंस कंपनी का कोई आदमी डकैतों से मिला होने की आशंका है। घटना के समय एक बदमाश ने मो. यामीन से कहा कि आज कैश कम क्यों है। इससे लगता है कि बदमाशों को कितना कैश रोज रहता है यह जानकारी थी, उन्होंने दावा किया कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ते हुए घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

कहां है सरकार..लग ही नहीं रहा

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नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि शराब नीति बनाने में फेल राज्य सरकार अब मातृशक्ति की सुरक्षा में भी असफल साबित हो रही है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में गली-मोहल्लों व स्कूल व मंदिर के आसपास खोली गई दुकानों का लगातार विरोध हो रहा है। आंदोलन कर रही महिलाओं के साथ

शराब माफिया अभद्रता कर रहे हैं। मारपीट की जा रही है और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बावजूद सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

उन्होंने कहा कि राज्य गठन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली मातृशक्ति का सम्मान न कर पाने वाली भाजपा सरकार को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने गरीबों के सस्ते राशन की कीमतें बढ़ाने पर सरकार को गरीब विरोधी करार दिया।

साथ ही कहा कि खटीमा में रंगदारी मांगने वाले भाजपा नेता पर अब दुष्कर्म का भी मामला दर्ज हो गया है। इससे सत्ता के मद में चूर भाजपा का असली चेहरा भी सामने आने लगा है। कांग्रेस इन मामलों को पुरजोर तरीके से उठाकर सड़कों पर उतरेगी।