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अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को हर महीने पुरस्कार

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बागेश्वर के नवनियुक्त एसपी ने मासिक अपराध गोष्ठी में जिले के सभी थानाध्यक्षों से मुलाकात की। समीक्षा बैठक में एसपी ने कहा कि हर महीने अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।

एसपी मुकेश कुमार द्वारा पुलिस ऑफिस मे मासिक अपराध बैठक ली गई, बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थाना बैजनाथ एवं थाना कांडा में हो रही पानी की समस्या का शीघ्र ही निस्तारण कर लिया जाएगा। सभी थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह की क्राइम मीटिंग में थाने में नियुक्त पुलिस कर्मियों द्वारा किए गए गुडवर्क का विवरण अपने साथ लेकर आएंगे। इसके बाद अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

कहा कि कोई भी पुलिस कर्मी अपनी समस्या के बारे में उन्हें टेलीफोन अथवा सीधे मिलकर जानकारी दे सकता है। जिसका शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। चिकित्सा प्रति एवं टीए डीए बिलों का शीघ्र निस्तारण करने के लिए कहा गया। टीएसआइ भूपेश पांडे को निर्देशत किया गया कि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त समस्त थाना प्रभारी से कहा गया कि वह अपने-अपने थाना क्षेत्र मे शांति व्यवस्था बनाए रखें एवं लंबित विवेचनाओं का प्राथमिकता से निस्तारण करें।

थाना क्षेत्र में कोई घटना होने पर त्वरित कदम उठाएं। आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करें और आपराधिक तथा असमाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाए। एसपी ने कहा कि होटलों में बिना आइडी के कोई भी व्यक्ति न रुकने पाए। उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों व चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शांति व कानून व्यवस्था को चाक चौबंद किया जाए।

कैदियों में वर्चस्व की लड़ाई

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नैनीताल जिला कारागार में कैदियों के दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। इससे जेल में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट में कुछ कैदियों के घायल होने के भी सूचना है। घटना के बाद जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जेल प्रशासन की मांग पर हल्द्वानी उप कारागार से 10 प्रशिक्षु बंदी रक्षकों को जिला जेल भेज दिया गया है।

सूत्र बताते हैं कि हल्द्वानी में वर्ष 2010 में देवलचौड़ चौराहे के समीप रहने वाले एक कारोबारी की धान मिल तिराहे पर सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने काशीपुर के बदमाश प्रकाश पांडे समेत दो शूटरों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। दोनों शूटरों को न्यायालय ने कारोबारी की हत्या में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्यारा प्रकाश पांडे पिछले कुछ समय से सितारगंज स्थित सेंट्रल जेल में बंद था। 25 मई को वह गैंगस्टर के एक मामले में नैनीताल स्थित न्यायालय में पेशी पर आया। न्यायालय के आदेश पर उसे नैनीताल जिला कारागार में भेजा गया। तब से प्रकाश पांडे जिला जेल में बंद है।

वहीं, सूत्रों की मानें तो जिला जेल में पूर्व से बंद कैदियों व प्रकाश पांडे के बीच वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ गई है, कैदियों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मात्र तीन बंदी रक्षकों के होने से जेल प्रशासन को स्थिति सामान्य करने में पसीने छूट गए। बताते हैं कि इस मारपीट में प्रकाश पांडे समेत कुछ कैदी जख्मी भी हुए हैं। वहीं, जिला कारागार की डिमांड पर आला अधिकारियों ने हल्द्वानी जेल से 10 प्रशिक्षु बंदी रक्षकों को जिला कारागार भेजा गया है। जेल प्रशासन ने प्रकाश पांडे को जिला जेल से शिफ्ट करने की गुहार लगाई है। जेल के अफसर इस मामले में कोई भी जानकारी देने से बच रहे हैं। साथ ही मारपीट की घटना से इनकार कर रहे हैं।

इरशाद अली, जेलर ने बताया कि जेल में वर्चस्व को लेकर कैदियों में तनाव रहता है। जेल प्रशासन कैदियों में विवाद न हो, इसके लिए सतर्क है। जेल में कैदियों के बीच किसी भी तरह की मारपीट की घटना नहीं हुई थी।

भारतीय सीमा में 3 मिनट तक मंडराते रहे दो चीनी हेलीकाप्टर

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चमोली जिले में भारतीय सीमा में दो चीनी हेलीकॉप्टरों की घुसपैठ का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बाड़ाहोती क्षेत्र में ये हेलीकॉप्टर करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे। हालांकि चमोली की पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने घुसपैठ से इन्कार करते हुए कहा कि संभवत: हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गए।एसपी चमोली तृप्ति भट्ट ने की विदेशी हेलीकाप्टर के घुसने की पुष्टि। शनिवार सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर आया था चॉपर।

शनिवार को जनपद चमोली में बाड़ाहोती से आगे भारत चीन सीमा पर आसमान में दो हेलिकॉप्टर 05 मिनट तक उड़ते दिखाई दिये थे ,किंतु किसी भी प्रकार की आपत्ति जनक गतिविधियों की कोई सूचना नहीँ है । सीमा पर आईटीबापी एवं अन्य सुरक्षा एजेंसी द्वारा लगातार सतर्क दृष्टि रखी जाती हैं।अन्य दिनो की भाँति सब समान्य हैं ।

चमोली में चीन से जुड़ी भारतीय सीमा घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है। विशेष बाड़ाहोती क्षेत्र। बाड़ाहोती 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है जहां पर स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं। इन दिनों भी स्थानीय चरवाहे इस क्षेत्र में मवेशियों के साथ डेरा डाले हैं। सूत्रों के अनुसार इन लोगों ने शनिवार सुबह चीन सीमा की ओर से दो हेलीकॉप्टर आते देखे। कुछ देर मंडराने के बाद दोनों वापस लौट गए। इस पर उन्होंने राजस्व पुलिस को सूचना दी। सूत्रों के अनुसार आइटीबीपी के जवानों ने क्षेत्र का जायजा भी लिया।

भारतीय क्षेत्र में हेलीकॉप्टर घुसने का यह पहला मौका नहीं है। वर्ष 2014 में भी इसी इलाके में चीन का विमान देखा गया था। इसके बाद जुलाई 2016 में चीनी सेना की घुसपैठ को लेकर चमोली सुर्खियों में रहा था। क्षेत्र के निरीक्षण को गई राजस्व टीम से चीनी सेना का सामना हुआ था। सैनिकों ने टीम को लौट जाने का इशारा भी किया। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भी भेजी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों द्वारा चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट करने की घटना भी सामने आई थी।

सरोवर नगरी की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल

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सरोवरनगरी की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हाई कोर्ट की ओर से जारी आदेशों का अनुपालन तक नहीं हो रहा है। इससे खफा कोर्ट ने मंगलवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, अपर सचिव तथा महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को मंगलवार को तलब किया है।

नैनीताल निवासी युवा अधिवक्ता दीपक रूवाली ने जनहित याचिका दायर कर नैनीताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया था। याचिका में कहा गया था कि बीडी पांडे जिला अस्पताल शहर का एक मात्र अस्पताल है। प्रमुख अस्पताल होने के बाद भी सुविधाओं का घोर अभाव है। मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल की हालत जीर्णक्षीर्ण हो चुकी है।

पूर्व में अदालत के आदेश के अनुपालन में इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी, कमेटी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई मगर कमेटी ने अस्पताल भवनों का पुनर्निर्माण करने के बजाय मरम्मत कर इतिश्री कर ली। कोर्ट ने अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट व कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया व न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद प्रमुख सचिव, डीजी हेल्थ व अपर सचिव को कोर्ट में पेश होने के आदेश पारित किए। अगली सुनवाई मंगलवार को नियत की गई है।

बगैर लोकार्पण के लौटे मंत्री

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रामनगर वन विभाग के कार्यक्रम में विधायक को न बुलाने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान वन मंत्री हरक सिंह रावत को भी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डीएफओ के खिलाफ जामकर नारेबाजी की। रामनगर वन प्रभाग में सीतावनी पर्यटन जोन पवलगड कंजर्वेशन के लोगो का आज लोकार्पण होना था। इस कार्यक्रम में वन मंत्री हरक सिंह रावत मुख्य अतिथि थे, लेकिन कार्यक्रम में रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट को नही बुलाया गया।

इससे कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने डीएफओ नेहा वर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने उद्घाटन पत्थर भी फेंक दिया। इसी बीच वन मंत्री भी कार्यक्रम में पहुंच गए। कार्यकर्ताओं के गुस्से को देख वन मंत्री बगैर लोकार्पण के लिए चले गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और वन मंत्री के साथ आए लोगों के बीच तनातनी का माहौल रहा। बमुश्किल मामला शांत हुआ।

वन मंत्री ने कहा कि उनका लोगो के लोकार्पण का कोई सरकारी कार्यक्रम नही था। उन्हें अचानक मौके पर बुलाया गया। कहा कि सरकारी कार्यक्रम नही होने की वजह से विधायक को नही बुलाया होगा।

रन वे पर दौडी स्वीडिश कार

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पंतनगर एयरपोर्ट का ‘रन-वे’ आधुनिक हाईस्पीड जेट विमान (लगभग 350 किमी. प्रति घंटा) को उतारने के लिए उपयुक्त पाया गया है। आज हाई स्पीड स्वीडिश कार (गति व कंपन मापने का वाहन) ने रनवे पर रफ्तार भरकर हरी झंडी दी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, दिल्ली की ओर से जीपीएस उपग्रह से लैस गियरलेस स्वीडिश वाहन के साथ आए दस सदस्यीय दल ने ट्रॉयल के बाद रन वे को हरी झंडी दे दी। अब यही विमान पिथौरागढ़ के नैनी सैनी व देहरादून हवाई पट्टी का ट्रॉयल करने जाएगा। जीपीएस सेटेलाइट एवं आधुनिक संचार उपकरणों से सुसज्जित 5 करोड़ 60 लाख का गियरलेस स्वीडिश वाहन शुक्रवार को पंतनगर पहुंचा।

इस दौरान रन-वे पर विमानों के हाई स्पीड में उतरने के दौरान पैदा होने वाले फ्रिक्शन की जांच की गई। विक्रम सिंह एवं कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आई दस सदस्यीय टीम ने सुबह छह बजे से शुरू हुई यह कवायद शाम चार बजे तक जारी रखी। इस रनवे की लगभग 1500 मीटर दूरी में 50 से लेकर 350 किमी./घंटा तक के विमानों के उतरने की जांच की गई है, जिसके बाद शुक्रवार सायं ट्रक-ट्रॉली के जरिये यह स्वीडिश वाहन पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो गया।

पंतनगर एयरपोर्ट के डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि रन-वे फ्रिक्शन की जांच करने वाले इस आधुनिक हाईटेक मशीन (वाहन) की कीमत 5 करोड़ 60 लाख रुपये है और यह भारत में मात्र दो ही स्थानों पर है, दिल्ली और साउथ। इससे विमानों के रनवे पर उतरने के दौरान पैदा होने वाले फ्रिक्शन की जांच की जाती है। यह वाहन आम वाहनों की तरह सड़क पर नहीं चल सकता, इसलिए दिल्ली से ट्रक-ट्रॉली के जरिये मंगवाया गया।

महिलाअों में गंम्भीर समस्या है ऐनीमिया

महिलाओं की स्थिति और समस्या पर जब भी चर्चा होती है तो दो महत्वपूर्ण बिन्दु सबसे पहले सामने आते है- सामाजिक समस्या में सबसे ऊपर घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य में रक्त अल्पता यानि ऐनीमिया। दोनों गम्भीर समस्या है जिनका निदान बहुत जरूरी है। दोनों के कारण जाचँना उसके दुष्प्रभाव का पता लगाना और फिर समाधान करना महिलाओं के जीवन के लिए अनिवार्य है- बल्कि प्राथमिकता है।
हमारे देश में महिलाओं और किशोरियों में ऐनीमिया विश्व की तुलना में खतरे से भी ऊपर पहुँच चुकी समस्या है। ऐनीमिया का अर्थ है -‘‘ खून में सामान्य से कम लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का होना। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ (कण) रूधिर कोशिका (हीमोग्लोबिन) की संख्या में कमी आने से होती है। आमतौर पर 100 ग्राम खून में 15 ग्राम लाल रक्त कण जरूरी है- यानि 15 ग्राम हीमोग्लोबिन। ’’इससे कम रक्त कण का होना खून की कमी कहलाता है।

हीमोग्लोबिन – एक विशेष प्रोटीन है, जिसका आॅक्सीजन से मजबूत सम्बन्ध है। इसमें आयरन फोलिक एसिड और विटामिन 12 जैसे घटक होते हैं। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में आॅक्सीजन प्रवाहित करता है- इसकी संख्या में कमी का अर्थ है- शरीर में आॅक्सीजन की आपूर्ति में कमी। आॅक्सीजन की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी तो रहती ही है और भी बहुत सी बिमारियाँ शरीर में घर कर लेती है। हिमोग्लोबिन (लाल रक्त कण) हमारे बोन मैरो में बनते है।
ऐनीमिया के साधारणतः कारण हैः-
. भोजन में लौह तत्वों की कमी
. शरीर द्वारा लौह तत्वों के उपभोग की समस्या
. मुहं, आधार, नली आतों में रक्त स्राव जैसे रोग
. मासिक-धर्म के समय ज्यादा स्राव
. अधिक दर्दनाशक दवाओं का सेवन
. बचपन से कुपोषण का शिकार होना
. विरासत में थैलेसीमिया जैसी बिमारी का होना

ऐनीमिया के लक्षण ऐसे होते हैः-
. हमेशा थकान व कमजोरी बनी रहना
. त्वचा, होंठ, आँख, मसूड़ों, नाखून, हथेली में पीलापन होना
. सोचने में परेशानी-भ्रम का अनुभव होना
. चक्कर आना, बेहोशी छा जाना
. दिल की धड़कन तेज होना
. बच्चों का धीमा विकास
. भूख की कमी
. माँ बनने पर जोखिम की स्थिति

समाधानः-
समस्त कारणों का निदान ही प्रत्येक बिमारियों का समाधान होता है इसके अतिरिक्त-
. चिकित्सक के निर्देश पर विशेष भोजन पर ध्यान देना।
. हरी पत्तेदार, सब्बिजयां, दूध, मेवे, मछली, अंडा अपने भोजन में शामिल करना।
. दिन में कम से कम 8 गिलास तरल पदार्थ पीना -विशेष तौर पर पानी।

हमारे देश में महिलाओं एवं किशोरियों में ऐनीमिया के आंकड़े देखे जाए तो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कोई खास अन्तर नहीं है। स्पष्ट है कि यह बिमारी विकास से ज्यादा जानकारी एवं जागरूकता से जुड़ी है। केरल ही एकमात्र ऐसा राज्य जहां यह सबसे कम है।

इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है महिलाओं और किशोरियों को इस बिमारी के दुष्पारिणामों को बताना, उन्हें स्थानीय उपलब्ध भोजन को साफ सफाई से पकाने व खाने के तरीके समाझाना, लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर से सम्पर्क करने को प्रेरित करना और सबसे महत्वपूर्ण ढेर सारा पानी पीना चाहे कितने भी घरेलू कार्यो में व्यक्त रहे।
तीनों समय पूरा भोजन खाए समय से, साथ ही दाल, सब्जी, रोटी, चावल, फल, दूध, अंडा, मेवे अपने भोजन में शामिल करें।
सबसे आसान है- जिस मौसम में जो सब्जी, फल, पैदा होते है उन्हें भरपूर खाए। और भी आसान है याद रखे अपने भोजन में  ये पांच चीज़ों को शामिल करें और ऐनीमिया से बचें।

  • घी
  • मूंगफली
  • अनाज
  • हरी सब्जी और
  • गुण

 

सुवाखोली जहां मिलता है बुरांस, मिंट और माल्टे का जूस

मसूरी से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक खुबसूरत चौराहा सुवाखोली जहां अलग-अलग रंग के बोतलों से सजीं हुईं हैं दर्जन भर दुकानें।पर्यटकों से व्यस्त यह जगह उन लोगों से टकराती हैं जो टिहरी-उत्तरकाशी रुट पर सफर करते हैं, अौर वह यात्री जो मसूरी से होते हुये यमुनोत्री धाम की तरफ जाते हैं। यह वन-स्टाप शाप उन लोगों के लिए है जो पहाड़ के घुमावदोर रास्तों पर घंटों गाङी चलाकर थक जाते हैं।

यहां रुकने वाले यात्रियों को जो चीज सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं वह हैं यहां बिकने वाला बुरांस, मिंट और माल्टे के जूस। यह जूस राज्य के फूल बुरांस और धनौल्टी-काणाताल बेल्ट पर उगने वाले मिंट यानि पुदीना से तैयार किए जाता हैं। इसके अलावा इन दुकानों पर बिकने वाले माल्टा, खासतौर से चमोली जिले से आता है।  

इन दुकानों पर इन जूस के अलग-अलग साइज और दाम की बोतलें मिलती हैं, जैसे कि 750मि.ली से 500 लीटर, जो 100रुपये से लेकर 400/- तक की हैं। इस स्टाप पर बिकने वाले यह जूस क्षेत्रीय स्तर पर शिखर फूड प्रोडक्ट मोथरावाल, देहरादून द्वारा पैक किए जाते हैं और सुआखोली में बेचे जाता हैं।

सचिन म्यूज़िक सेंटर के मालिक, वीरेंद्र सिंह कोहली बताते हैं कि मैं पिछले 3-4 साल यह जूस बेच रहा हूं और हर महीने 12-15 हजार कमा लेता हूं। अागे वीरेंद्र बताते है कि इससे बेहतर क्या होगा कि हमारे राज्य में आने वाले यात्री जाते-जाते देवभूमि की असली पहचान और फ्लेवर अपने साथ लेकर घर लौटे।

तो अब आप अगली बार जब भी सूआखोली से गुज़रें अपने साथ देवभूमि की मिठास जरुर लेकर जाएं। 

सीएम की सुरक्षा में लगे 4 पुलिस कर्मी घायल

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सीएम की सुरक्षा में लगी गाड़ी आज दुर्घटना का शिकार हो गयी। 40 वाहिनी पी.ए.सी. की बस कालसी क्षेत्र में यमुना मोड के पास अचानक ब्रेक फेल होने से पलट गई, बताया जा रहा है की इस गाड़ी में लगभग 4 पुलिस कर्मी घायल हुये है।

सभी को थाना पुलिस द्वारा तत्काल उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है । बस में कुल 21 पुलिस कर्मी बैठे थे, जो चकराता के नागथात मे आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री त्रिवेन्र्द सिंह की सुरक्षा हेतु गए थे तथा ड्यूटी वापस लौट रहे थे।

उत्तराखंड से लालबत्ती अब गुल

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आखिरकार एक महीने के इंतजार के बाद शासन ने प्रदेश में सभी वाहनों से लाल, नीली व पीली बत्ती हटाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी वाहन में केवल पीछे की ओर लगने वाली लाल बत्ती को छोड़कर किसी भी जगह लाल बत्ती नहीं लगाई जाएगी। लालबत्ती वाले वाहन का प्रयोग केवल हवाई अड्डे के भीतर चलने वाले वाहन पर ही किया जा सकेगा। इसके अलावा आपात कार्यो के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों में केवल बहुरंगी, लाल, नीली व सफेद बत्ती इस्तेमाल की जा सकेगी।

केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में वीआइपी कल्चर समाप्त करने के लिए सभी प्रकार के वाहनों के ऊपर लगाई जाने वाली लाल व नीली के साथ दूसरी बत्ती का प्रयोग खत्म कर दिया गया था। इसकी अधिसूचना एक मई को जारी कर दी गई थी। अन्य प्रदेशों ने भी केंद्र के निर्देशों के तर्ज पर अपने यहां अधिसूचना जारी की मगर उत्तराखंड में इस अधिसूचना को जारी करने में एक महीने का समय लग गया। इसके बाद भी कुछ चीजें स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। शुक्रवार को प्रमुख सचिव परिवहन की ओर से जो अधिसूचना जारी की गई, उसमें केंद्र की ओर से एक महीने पूर्व जारी अधिसूचना को लागू किया गया है। महत्वपूर्ण व्यक्तियों को ले जाने वाली गाड़ियां, सरकार की ओर से लाल व नीली बत्ती देने के उपनियम आदि को पूरी तरह मोटरयान अधिनियम से हटा दिया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र या राज्य सरकार के महत्वपूर्ण व्यक्तियों को ले जाने वाले वाहनों के आगे लाल बत्ती, फ्लैशर के साथ नीली बत्ती अथवा फ्लैशर रहित नीली बत्ती का प्रयोग करने की अनुमति को समाप्त कर दिया गया है। पुलिस, अर्ध सैनिक बल व सेना को लेकर स्पष्ट नहीं अधिसूचना: शासन की ओर से जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि सेना, अर्ध सैनिक बल व पुलिस लाल बत्ती का प्रयोग कर सकते हैं या नहीं। इसमें केवल यह कहा गया है कि आपात ड्यूटी, आपदा प्रबंधन ड्यूटी तथा ऐसी शर्तो के अधीन जो केंद्र सरकार निर्देश करेगी उन्हीं वाहनों में बहुरंगी लाल, नीली व सफेद बत्ती का प्रयोग होगा। केंद्र ने सेना, अर्ध सैनिक बलों व पुलिस को कानून व्यवस्था के लिए बहुरंगी बत्ती के इस्तेमाल को मंजूरी दी हुई है।