Page 761

बगैर लोकार्पण के लौटे मंत्री

0

रामनगर वन विभाग के कार्यक्रम में विधायक को न बुलाने पर कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान वन मंत्री हरक सिंह रावत को भी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने डीएफओ के खिलाफ जामकर नारेबाजी की। रामनगर वन प्रभाग में सीतावनी पर्यटन जोन पवलगड कंजर्वेशन के लोगो का आज लोकार्पण होना था। इस कार्यक्रम में वन मंत्री हरक सिंह रावत मुख्य अतिथि थे, लेकिन कार्यक्रम में रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट को नही बुलाया गया।

इससे कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने डीएफओ नेहा वर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने उद्घाटन पत्थर भी फेंक दिया। इसी बीच वन मंत्री भी कार्यक्रम में पहुंच गए। कार्यकर्ताओं के गुस्से को देख वन मंत्री बगैर लोकार्पण के लिए चले गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं और वन मंत्री के साथ आए लोगों के बीच तनातनी का माहौल रहा। बमुश्किल मामला शांत हुआ।

वन मंत्री ने कहा कि उनका लोगो के लोकार्पण का कोई सरकारी कार्यक्रम नही था। उन्हें अचानक मौके पर बुलाया गया। कहा कि सरकारी कार्यक्रम नही होने की वजह से विधायक को नही बुलाया होगा।

रन वे पर दौडी स्वीडिश कार

0

पंतनगर एयरपोर्ट का ‘रन-वे’ आधुनिक हाईस्पीड जेट विमान (लगभग 350 किमी. प्रति घंटा) को उतारने के लिए उपयुक्त पाया गया है। आज हाई स्पीड स्वीडिश कार (गति व कंपन मापने का वाहन) ने रनवे पर रफ्तार भरकर हरी झंडी दी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, दिल्ली की ओर से जीपीएस उपग्रह से लैस गियरलेस स्वीडिश वाहन के साथ आए दस सदस्यीय दल ने ट्रॉयल के बाद रन वे को हरी झंडी दे दी। अब यही विमान पिथौरागढ़ के नैनी सैनी व देहरादून हवाई पट्टी का ट्रॉयल करने जाएगा। जीपीएस सेटेलाइट एवं आधुनिक संचार उपकरणों से सुसज्जित 5 करोड़ 60 लाख का गियरलेस स्वीडिश वाहन शुक्रवार को पंतनगर पहुंचा।

इस दौरान रन-वे पर विमानों के हाई स्पीड में उतरने के दौरान पैदा होने वाले फ्रिक्शन की जांच की गई। विक्रम सिंह एवं कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आई दस सदस्यीय टीम ने सुबह छह बजे से शुरू हुई यह कवायद शाम चार बजे तक जारी रखी। इस रनवे की लगभग 1500 मीटर दूरी में 50 से लेकर 350 किमी./घंटा तक के विमानों के उतरने की जांच की गई है, जिसके बाद शुक्रवार सायं ट्रक-ट्रॉली के जरिये यह स्वीडिश वाहन पिथौरागढ़ के लिए रवाना हो गया।

पंतनगर एयरपोर्ट के डायरेक्टर एसके सिंह ने बताया कि रन-वे फ्रिक्शन की जांच करने वाले इस आधुनिक हाईटेक मशीन (वाहन) की कीमत 5 करोड़ 60 लाख रुपये है और यह भारत में मात्र दो ही स्थानों पर है, दिल्ली और साउथ। इससे विमानों के रनवे पर उतरने के दौरान पैदा होने वाले फ्रिक्शन की जांच की जाती है। यह वाहन आम वाहनों की तरह सड़क पर नहीं चल सकता, इसलिए दिल्ली से ट्रक-ट्रॉली के जरिये मंगवाया गया।

महिलाअों में गंम्भीर समस्या है ऐनीमिया

महिलाओं की स्थिति और समस्या पर जब भी चर्चा होती है तो दो महत्वपूर्ण बिन्दु सबसे पहले सामने आते है- सामाजिक समस्या में सबसे ऊपर घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य में रक्त अल्पता यानि ऐनीमिया। दोनों गम्भीर समस्या है जिनका निदान बहुत जरूरी है। दोनों के कारण जाचँना उसके दुष्प्रभाव का पता लगाना और फिर समाधान करना महिलाओं के जीवन के लिए अनिवार्य है- बल्कि प्राथमिकता है।
हमारे देश में महिलाओं और किशोरियों में ऐनीमिया विश्व की तुलना में खतरे से भी ऊपर पहुँच चुकी समस्या है। ऐनीमिया का अर्थ है -‘‘ खून में सामान्य से कम लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या का होना। यह लाल रक्त कोशिका में पाए जाने वाले एक पदार्थ (कण) रूधिर कोशिका (हीमोग्लोबिन) की संख्या में कमी आने से होती है। आमतौर पर 100 ग्राम खून में 15 ग्राम लाल रक्त कण जरूरी है- यानि 15 ग्राम हीमोग्लोबिन। ’’इससे कम रक्त कण का होना खून की कमी कहलाता है।

हीमोग्लोबिन – एक विशेष प्रोटीन है, जिसका आॅक्सीजन से मजबूत सम्बन्ध है। इसमें आयरन फोलिक एसिड और विटामिन 12 जैसे घटक होते हैं। हीमोग्लोबिन पूरे शरीर में आॅक्सीजन प्रवाहित करता है- इसकी संख्या में कमी का अर्थ है- शरीर में आॅक्सीजन की आपूर्ति में कमी। आॅक्सीजन की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी तो रहती ही है और भी बहुत सी बिमारियाँ शरीर में घर कर लेती है। हिमोग्लोबिन (लाल रक्त कण) हमारे बोन मैरो में बनते है।
ऐनीमिया के साधारणतः कारण हैः-
. भोजन में लौह तत्वों की कमी
. शरीर द्वारा लौह तत्वों के उपभोग की समस्या
. मुहं, आधार, नली आतों में रक्त स्राव जैसे रोग
. मासिक-धर्म के समय ज्यादा स्राव
. अधिक दर्दनाशक दवाओं का सेवन
. बचपन से कुपोषण का शिकार होना
. विरासत में थैलेसीमिया जैसी बिमारी का होना

ऐनीमिया के लक्षण ऐसे होते हैः-
. हमेशा थकान व कमजोरी बनी रहना
. त्वचा, होंठ, आँख, मसूड़ों, नाखून, हथेली में पीलापन होना
. सोचने में परेशानी-भ्रम का अनुभव होना
. चक्कर आना, बेहोशी छा जाना
. दिल की धड़कन तेज होना
. बच्चों का धीमा विकास
. भूख की कमी
. माँ बनने पर जोखिम की स्थिति

समाधानः-
समस्त कारणों का निदान ही प्रत्येक बिमारियों का समाधान होता है इसके अतिरिक्त-
. चिकित्सक के निर्देश पर विशेष भोजन पर ध्यान देना।
. हरी पत्तेदार, सब्बिजयां, दूध, मेवे, मछली, अंडा अपने भोजन में शामिल करना।
. दिन में कम से कम 8 गिलास तरल पदार्थ पीना -विशेष तौर पर पानी।

हमारे देश में महिलाओं एवं किशोरियों में ऐनीमिया के आंकड़े देखे जाए तो ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कोई खास अन्तर नहीं है। स्पष्ट है कि यह बिमारी विकास से ज्यादा जानकारी एवं जागरूकता से जुड़ी है। केरल ही एकमात्र ऐसा राज्य जहां यह सबसे कम है।

इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है महिलाओं और किशोरियों को इस बिमारी के दुष्पारिणामों को बताना, उन्हें स्थानीय उपलब्ध भोजन को साफ सफाई से पकाने व खाने के तरीके समाझाना, लक्षण दिखने पर तत्काल डाक्टर से सम्पर्क करने को प्रेरित करना और सबसे महत्वपूर्ण ढेर सारा पानी पीना चाहे कितने भी घरेलू कार्यो में व्यक्त रहे।
तीनों समय पूरा भोजन खाए समय से, साथ ही दाल, सब्जी, रोटी, चावल, फल, दूध, अंडा, मेवे अपने भोजन में शामिल करें।
सबसे आसान है- जिस मौसम में जो सब्जी, फल, पैदा होते है उन्हें भरपूर खाए। और भी आसान है याद रखे अपने भोजन में  ये पांच चीज़ों को शामिल करें और ऐनीमिया से बचें।

  • घी
  • मूंगफली
  • अनाज
  • हरी सब्जी और
  • गुण

 

सुवाखोली जहां मिलता है बुरांस, मिंट और माल्टे का जूस

मसूरी से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक खुबसूरत चौराहा सुवाखोली जहां अलग-अलग रंग के बोतलों से सजीं हुईं हैं दर्जन भर दुकानें।पर्यटकों से व्यस्त यह जगह उन लोगों से टकराती हैं जो टिहरी-उत्तरकाशी रुट पर सफर करते हैं, अौर वह यात्री जो मसूरी से होते हुये यमुनोत्री धाम की तरफ जाते हैं। यह वन-स्टाप शाप उन लोगों के लिए है जो पहाड़ के घुमावदोर रास्तों पर घंटों गाङी चलाकर थक जाते हैं।

यहां रुकने वाले यात्रियों को जो चीज सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं वह हैं यहां बिकने वाला बुरांस, मिंट और माल्टे के जूस। यह जूस राज्य के फूल बुरांस और धनौल्टी-काणाताल बेल्ट पर उगने वाले मिंट यानि पुदीना से तैयार किए जाता हैं। इसके अलावा इन दुकानों पर बिकने वाले माल्टा, खासतौर से चमोली जिले से आता है।  

इन दुकानों पर इन जूस के अलग-अलग साइज और दाम की बोतलें मिलती हैं, जैसे कि 750मि.ली से 500 लीटर, जो 100रुपये से लेकर 400/- तक की हैं। इस स्टाप पर बिकने वाले यह जूस क्षेत्रीय स्तर पर शिखर फूड प्रोडक्ट मोथरावाल, देहरादून द्वारा पैक किए जाते हैं और सुआखोली में बेचे जाता हैं।

सचिन म्यूज़िक सेंटर के मालिक, वीरेंद्र सिंह कोहली बताते हैं कि मैं पिछले 3-4 साल यह जूस बेच रहा हूं और हर महीने 12-15 हजार कमा लेता हूं। अागे वीरेंद्र बताते है कि इससे बेहतर क्या होगा कि हमारे राज्य में आने वाले यात्री जाते-जाते देवभूमि की असली पहचान और फ्लेवर अपने साथ लेकर घर लौटे।

तो अब आप अगली बार जब भी सूआखोली से गुज़रें अपने साथ देवभूमि की मिठास जरुर लेकर जाएं। 

सीएम की सुरक्षा में लगे 4 पुलिस कर्मी घायल

0

सीएम की सुरक्षा में लगी गाड़ी आज दुर्घटना का शिकार हो गयी। 40 वाहिनी पी.ए.सी. की बस कालसी क्षेत्र में यमुना मोड के पास अचानक ब्रेक फेल होने से पलट गई, बताया जा रहा है की इस गाड़ी में लगभग 4 पुलिस कर्मी घायल हुये है।

सभी को थाना पुलिस द्वारा तत्काल उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है । बस में कुल 21 पुलिस कर्मी बैठे थे, जो चकराता के नागथात मे आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री त्रिवेन्र्द सिंह की सुरक्षा हेतु गए थे तथा ड्यूटी वापस लौट रहे थे।

उत्तराखंड से लालबत्ती अब गुल

0

आखिरकार एक महीने के इंतजार के बाद शासन ने प्रदेश में सभी वाहनों से लाल, नीली व पीली बत्ती हटाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी भी वाहन में केवल पीछे की ओर लगने वाली लाल बत्ती को छोड़कर किसी भी जगह लाल बत्ती नहीं लगाई जाएगी। लालबत्ती वाले वाहन का प्रयोग केवल हवाई अड्डे के भीतर चलने वाले वाहन पर ही किया जा सकेगा। इसके अलावा आपात कार्यो के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों में केवल बहुरंगी, लाल, नीली व सफेद बत्ती इस्तेमाल की जा सकेगी।

केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में वीआइपी कल्चर समाप्त करने के लिए सभी प्रकार के वाहनों के ऊपर लगाई जाने वाली लाल व नीली के साथ दूसरी बत्ती का प्रयोग खत्म कर दिया गया था। इसकी अधिसूचना एक मई को जारी कर दी गई थी। अन्य प्रदेशों ने भी केंद्र के निर्देशों के तर्ज पर अपने यहां अधिसूचना जारी की मगर उत्तराखंड में इस अधिसूचना को जारी करने में एक महीने का समय लग गया। इसके बाद भी कुछ चीजें स्पष्ट नहीं हो पाई हैं। शुक्रवार को प्रमुख सचिव परिवहन की ओर से जो अधिसूचना जारी की गई, उसमें केंद्र की ओर से एक महीने पूर्व जारी अधिसूचना को लागू किया गया है। महत्वपूर्ण व्यक्तियों को ले जाने वाली गाड़ियां, सरकार की ओर से लाल व नीली बत्ती देने के उपनियम आदि को पूरी तरह मोटरयान अधिनियम से हटा दिया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र या राज्य सरकार के महत्वपूर्ण व्यक्तियों को ले जाने वाले वाहनों के आगे लाल बत्ती, फ्लैशर के साथ नीली बत्ती अथवा फ्लैशर रहित नीली बत्ती का प्रयोग करने की अनुमति को समाप्त कर दिया गया है। पुलिस, अर्ध सैनिक बल व सेना को लेकर स्पष्ट नहीं अधिसूचना: शासन की ओर से जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि सेना, अर्ध सैनिक बल व पुलिस लाल बत्ती का प्रयोग कर सकते हैं या नहीं। इसमें केवल यह कहा गया है कि आपात ड्यूटी, आपदा प्रबंधन ड्यूटी तथा ऐसी शर्तो के अधीन जो केंद्र सरकार निर्देश करेगी उन्हीं वाहनों में बहुरंगी लाल, नीली व सफेद बत्ती का प्रयोग होगा। केंद्र ने सेना, अर्ध सैनिक बलों व पुलिस को कानून व्यवस्था के लिए बहुरंगी बत्ती के इस्तेमाल को मंजूरी दी हुई है।

 

बाबा रामदेव अब वर्ल्ड रिकार्ड बनाने को आतुर,जानिए कैसे

0

द‌िनों द‌िन ऊंचाईयों को छूने वाले बाबा रामदेव अब एक नया रिकार्ड बनाने की तैयारी में हैं। इसके ल‌िए वे रात द‌िन तैयार‌यों में जुटे हैं। उनका मानना है क‌ि वे दुन‌िया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने वाले हैं।

तीसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए पतंजलि योगपीठ इस बार पूरी तरह से जुट गई है। योजना है कि एक ही मैदान में विश्व के सबसे बड़े योग कार्यक्रम का रिकार्ड स्थापित कर दिया जाए। इस काम के लिए योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण सहित पतंजलि परिवार के सभी पदाधिकारी इन दिनों तैयारियों में जुटे हैं।

Ramdev-Yoga-Camp

अहमदाबाद के शिविर में एक साथ पांच लाख योगार्थी लाकर विश्व का सबसे बड़ा रिकार्ड स्थापित किया जाएगा।  गौरतलब है कि 21 जून को विश्व में योगदिवस का आयोजन होगा। यह तीसरा योग दिवस है। पहले योग दिवस पर केंद्र सरकार ने दिल्ली में भव्य कार्यक्रम किया था। इस आयोजन में 80 हजार साधकों ने भाग लिया।

 

बाबा रामदेव ने गत वर्ष फरीदाबाद में दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए डेढ़ लाख साधकों का रिकार्ड बनाया था। इस बार पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड बनाने की तैयारी में समूचा पतंजलि परिवार जुटा हुआ है। पश्चिमी बंगाल और आसाम का दौरा कर लौटे आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि लक्ष्य तो देश में पांच करोड़ लोगों को योग कराने का है।

मुस्लिम राजपथ पर

इसके लिए छह लाख 30 हजार गांवों में शिविरों की तैयारियां चल रही हैं। कई जगह एक दिन तो कई जगह तीन दिन के शिविर लगाए जाएंगे। पतंजलि परिवार के साथ-साथ भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता इस काम में दो महीने से जुटे हुए हैं। देश के तमाम जिला मुख्यालयों पर बड़े आयोजन होंगे। राज्यों की राजधानियों में भव्य कार्यक्रमों की तैयारी है।

सारा जोर अहमदाबाद के उस शिविर पर है जहां बाबा रामदेव स्वयं मौजूद रहेंगे। दुनिया में आजतक कही भी डेढ़ लाख लोगों से अधिक साधकों ने एक साथ योग नहीं किया है।  आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इन दिनों पतंजलि योगपीठ में राज्यों, जिलों और गांवों के प्रभारियों के प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। ऐसे ही शिविर चंडीगढ़, गोवाहटी, नागपुर, मुंबई, बंगलुरू और हैदराबाद में भी चल रहे हैं। हरियाणा प्रांत में विशेष आयोजन होने जा रहे हैं।

 

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में होंगे बड़े फेरबदल

0

उत्तराखंड सरकारी स्कूल चाहे वह प्राथमिक स्तर के हो या उच्च स्तरीय सभी स्कूलों में बड़े फेरबदल की तैयारी में है राज्य सरकार। जानिए, क्या है सरकार की योजना।

शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों के एकीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। खासकर उन स्कूलों का जो एक ही परिसर में होने के बावजूद अलग-अलग विद्यालय के रूप में चल रहे हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की ओर से विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि “प्रदेश में एक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा। खासकर उन स्कूलों का एकीकरण किया जाएगा जो एक ही परिसर होने के बावजूद अलग-अलग स्कूल के रूप में चल रहे हैं।” प्रदेश में कई जगह एक ही परिसर में तीन या इससे अधिक विद्यालय चल रहे हैं। इसमें इंटरमीडिएट कालेज के प्रिंसिपल का अन्य स्कूलों पर कोई नियंत्रण नहीं रहता। वहीं अलग-अलग स्कूल होने से यह भी समस्या बनी है कि किसी एक विद्यालय में छात्र कम और टीचर अधिक हैं तो कुछ में टीचर कम और छात्र अधिक हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में इस तरह के स्कूलों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे की जिम्मेदारी उप शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।

प्रदेश में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक 17739 से अधिक स्कूल हैं। इनमें 12511 प्राथमिक, 2957 उच्च प्राथमिक, 1033 हाईस्कूल और 1238 इंटरमीडिएट कालेज हैं।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मांग पर अपग्रेड किए गए 1049 स्कूलों के अलग संचालन का जीओ पूर्व में जारी हो चुका है। हालांकि, सभी स्कूलों का अलग संचालन अभी नहीं हो पा रहा है। अब यदि स्कूलों का एकीकरण हुआ तो अपग्रेड स्कूलों के अलग संचालन की कवायद को झटका लगेगा।

 

उत्तरकाशी नगर पालिका में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र अनशन पर

0

नगर पालिका उत्तरकाशी में पिछले कई वर्षों से चल रही आर्थिक गड़बड़ियों के विरोध में छात्र अनशन पर हैं। छात्र अमरीकन पूरी के द्वारा लगाया गई आऱटीआई में नगर पालिका परिषद उत्तरकाशी की पिछले दस वर्षों की कार्यक्रम में धन की भारी अनिमियताये पायी गयी है। इसमें

  • आजाद मैदान में नाली व सैलाब निर्माण में 13 लाख की अनिमियता,
  • आरटीआई में मिली जानकारी के मुताबिक सिटी बस पिछले एक वर्ष से अधिक समय से बंद पड़ी है परंतु पालिका परिषद ने 5 जनवरी 2016 से 17 जनवरी 2017 के बीच सिटी बसों के तेल व मरम्मत पर कुल 926,169 ₹ खर्हैचें हैं।
  • दुकानों के आवंटन में भी अनिमियताये बरती गई। एक व्यक्ति के नाम पर दो दो दुकानों का वितरण किया गया
  • पालिका द्वारा कर्मचारियों को पिछले कुछ महीनों से वेतन नहीं दिया है। वहीं साल 16-17 की कुल कमाई 1,71,1687₹ है

अनशन कर्ता का कहना है कि आख़िर पालिका की इतनी आय होने के वावजूद वेतन क्देयों नहीं दिये जा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी के भी सूचित किया गया है। लेकिन अपनी मांगे पूरी ना होने से अब छात्र अमरीकन पुरी अपने साथियों के साथ श्रीदेव सुमन चौराहा पर आमरण अनशन में बैठ गए हैं।

बच्चों को खाने के तौर तरीक़ों के बारे में यहाँ सिखाया जायेगा

अगर आपने अपने बच्चों के लिए एक सपना देखा है कि वह बड़े होकर बिल्कुल टिप-टाप लेडी या जेंटलमैन बनें लेकिन आपके पास यह करने का समय नहीं हैं तो घबराईये नहीं, इस गर्मी की छुट्टी में आपके लिए एक वन स्टाप वर्कशाप आ रही हैं जो आपको यह सारी सुविधा एक जगह पर देगी।

एक ऐसी वर्कशाप जो आपके बच्चों को फाईन डाईनिंग ऐटीकेट सिखाएगी। आपका सपना पूरा करने के लिए अदिती खन्ना और उनके साथ राशिका करनवाल जो कि मसूरी डायवर्जन पर पेसिफिक हिल्स में स्थित फ्लो बिस्ट्रो की मालकिन है एक साथ मिलकर यह वर्कशाप आयोजित कर रही हैं।

WhatsApp Image 2017-05-30 at 12.02.26

4 दिन का यह कोर्स 5 जून से 8 जून तक चलेगा और इसमें टारगेट एज ग्रुप 4 साल से बड़े बच्चे होंगे। 2 घंटे का यह कोर्स सुबह 11 बजे से शुरु होगा और 1 बजे खत्म हो जाएगा और इसमें सब कुछ सिखाया जाएगा। छोटी से छोटी बारिकियां, टेबल पर खाते समय क्या करें क्या ना करें, नैपकिन को कैसे इस्तेमाल करें, खाना खत्म होने के बाद कटलरी को इस्तेमाल करने का तरीका आदि सब कुछ इस वर्कशाप का हिस्सा होगा। इसके अलावा बच्चों को  कोल्ड फ़ूड यानि सैंडविच और पास्ता बनाने का तरीका भी सिखाया जाएगा।

कल्पना जिन्होंने अपनी बेटी को इस वर्कशाप के लिए इनरोल कराया है, कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि इस वर्कशाप में भाग लेने के बाद मेरी बेटी दूसरे बच्चों से एक कदम आगे होगी, खासकर जब वह कहीं बाहर पार्टी में जाएगी। एक मां होने के नाते मुझे ऐसा लगता है कि हर बच्चे को टेबल एटीकेट्स आना चाहिए।

अदिती खन्ना शर्मा इस वर्कशाप को आयोजित करने वाली मुख्य संयोजक ने न्यूजरपोस्ट से खास बातचीत में कहा कि इस इंडस्ट्री में काम करने के मेरे अनुभव से मैं कह सकती हूं आने वाली जेनेरेशन को बहुत ही ज्यादा ग्रूम करने कि जरुरत है, जिसके लिए हमें पहले से ही तैयारी कर लेनी चाहिए। किसी की प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए एक परफेक्ट होस्ट या होस्टेस की जरुरत होती है और एक गेस्ट का भी परफेक्ट होना उतना ही जरुरी है। और एक पेरेंट होने के नाते आप भी चाहेंगे की आपका बच्चा एक बहुत ही सलीकेदार बच्चा हो।