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कैलाश यात्रा के चौथे दल के एक सदस्य की मौत

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आदि कैलाश यात्रा, धारचूला  के चौथे दल के एक सदस्य की वापस लौटते हुए मौत हो गयी, जिसके शरीर को एसएसबी के जवानों द्वारा आधार शिविर तक पहुंचाया गया, साथ ही यात्री के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गयी है।

आदि कैलाश की यात्रा पूरी कर लौट रहे चौथे दल में शामिल महाराष्ट्र के एक यात्री की मौत हो गई। शव लेकर धारचूला आ रहे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान भारी बारिश से सड़क बंद होने के कारण रास्ते में करीब छह घंटे तक फंसे रहे।

यात्रा पर गया चौथा दल बुधवार को यात्रा पूरी कर वापस आधार शिविर धारचूला लौट रहा था, आधार शिविर से लगभग 58 किमी पहले मालपा के पास दल में शामिल महाराष्ट्र के रायगढ़ के निवासी श्याम भाष्कर कोहली (50) की तबीयत अचानक खराब हो गई, वह बेहोश हो गए, इससे दल के अन्य यात्रियों में हड़कंप मच गया।

इसकी जानकारी एसएसबी को दी गई। बल के चिकित्सकों के मौके पर पहुंचने तक यात्री की मौत चुकी थी। एसएसबी के जवान यात्री का शव लेकर आधार शिविर रवाना हुए,  लेकिन पांगला के पास भूस्खलन के चलते सड़क बंद होने से जवान यहां छह घंटे तक फंसे हुए हैं। इस वर्ष आदि कैलास यात्रा के दौरान मौत का यह पहला मामला है।

कार पर गिरा मलबा 5 की मौत, 2 घायल

कल शाम एक व्यक्ति के धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे, पिथौरागढ़ में लेंडस्लाइड में दब जाने की सुचना पर एसङीअारएफ टीम मौके पर सर्चिंग के लिये पहुँची, जिसका शव अाज सुबह सर्चिंग के दौरान मिला।  वहीं सुबह भारी बारिश के कारण एक ऑल्टो कार मलवा गिरने से, कार दब गई जिसकी सूचना मिलते ही एसङीअारएफ टीम समय पर रिलीफ और  रेस्क्यू में लग गई है।

बड़ी मशक्कत के बड़ी के बाद दबी हुई आल्टो कार को निकल गया और जिसमे अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच की मृत्यु हुई है जिसे 3 पुरुष  और 2 महिलाये थी और 2 गम्भीर रूप से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल मे भर्ती किया गया।। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं।

 

शाह करेंगे उत्तराखंड सरकार का रिजल्ट आउट

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सरकार के सौ दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (टीएसआर) ने तमाम उपलब्धियां गिनाईं हैं। इन उपलब्धियों की हकीकत परखने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अगस्त में तीन दिन उत्तराखंड में प्रवास करेंगे। इस दौरान वे बूथ से लेकर प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की नब्ज टटोलेंगे और संगठन से सरकार के कामकाज के बारे में फीडबैक लेंगे। अपने प्रवास के दौरान वह मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ बैठक कर पार्टी के एजेंडे को लागू किए जाने की समीक्षा करेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उत्तराखंड दौरा पार्टी संगठन और सरकार के लिए काफी अहम होगा। संगठन और सरकार के स्तर पर अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। अमित शाह ने 110 दिन का भ्रमण कार्यक्रम उन राज्यों के लिए बनाया है, जहां-जहां भाजपा की सरकार है। इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान वह 12 से 14 अगस्त तक उत्तराखंड में प्रवास करेंगे।
वैसे तो उनके सभी मुख्य कार्यक्रम देहरादून में ही होंगे, लेकिन अंतिम समय पर इसमें बदलाव भी किया सकता है। इन तीन दिन में अमित शाह बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे। पार्टी के सभी विभागों और प्रकल्पों से जुड़े कार्यकर्ताओं की राय जानने की कोशिश करेंगे। सरकार के कामकाज को लेकर भी वह कार्यकर्ताओं से फीडबैक जुटाएंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार पार्टी के एजेंडे को लेकर कितनी गंभीर है, इसकी समीक्षा भी करेंगे।
शाह प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों के कामकाज के बारे में जानकारी लेंगे। उनका यह दौरा 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर भी काफी अहम माना जा रहा है। उनके प्रवास के दौरान सरकार में मंत्रियों के खाली दो पदों को भरने और संगठन के खाली पदों पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपे जाने के मुद्दे पर भी विचार हो सकता है।

 

किसानों की समस्याओं पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

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किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने गांधी पार्क के सामने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के नेताओं ने जनता से वादा किया था कि उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार बनेगी। किसानों को ब्याजरहित खाद देने का आश्वासन भी दिया, लेकिन आज किसान आत्महत्या कर रहा है। ऐसे में कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। यदि किसानों पर अत्याचार होगा उसका जवाब दिया जाएगा।

प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा को यदि किसानों के प्रति थोड़ा भी दर्द है तो उनके ऋण माफ कर देने चाहिए। किसान को उसकी उपज का पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति आज शराब के खिलाफ आंदोलन कर रही है तो सरकार शराब माफिया को संरक्षण देने का काम कर रही है।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि ये आंदोलन अन्नदाता के लिए है। देश का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति अन्नदाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऊपर कलंक लगा है यहां किसान ने आत्महत्या की है।

रावत ने कहा कि उत्तराखंड में किसान ने एक हफ्ते का समय मांगा, लेकिन उसे पांच दिन का समय दिया गया। उससे कहा गया कि यदि पैसा जमा न किया तो उसकी जमीन छीन ली जाएगी। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने हल्द्वानी, रुद्रपुर में पीएम मोदी ने बड़े लच्छेदार अंदाज में कहा था कि भाजपा की सरकार लाओ और कर्ज माफ करेंगे। ये वादा भी हवाई साबित हुआ। 

कांवड़ मेला सिर पर, लेकिन हाइवे मार्ग बदतर हालत में

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कांवड़ मेला प्रारंभ होने वाला है लेकिन हाइवे मार्ग की हालत बद से बदतर होती चली जा रही है। बरिश होने के पश्चात हाइवे मार्ग पर चिकनी मिट्टी वाहन चालकों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है। मिट्टी के टेले हाइवे मार्ग पर लगे हुए हैं। बरिश होने से मिट्टी हाइवे मार्ग पर गारा कीचड़ उत्पन्न कर देती हैं। आये दिन जाम की स्थिति मार्ग पर लगी रहती हैं।

प्रशासन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके चलते कांवड़ मेले के दौरान हाइवे मार्ग से कांवड़ियों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। क्योंकि, अब तक हाइवे निर्माण पूरा होने के आसार कहीं भी नजर नहीं आ रहे हैं। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। जरा सी वर्षा के बाद हाइवे मार्ग की हालत बद से बदतर हो जाती हैं, जबकि लाखों की संख्या में शिव भक्त कांवड़ियें पैदल के अलावा डाक कांवड़ के रूप में भी लाखों की संख्या में वाहनों को लेकर हरिद्वार आस्था की नगरी में पहुंचते हैं। प्रशासन हाइवे मार्ग को लेकर उदासीनता बरत रहा है।


कई किलोमीटर तक हाइवे मार्ग की स्थिति एक जैसी ही नजर आ रही है कहीं से भी निर्माण कार्य पूरा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। धूल मिट्टी के अम्बार हाइवे मार्ग पर लगे हुए हैं। हाइवे मार्ग के किनारे अपना व्यापार चला रहे दुकानदार काफी हताश व परेशान है क्योंकि व्यापारियों का व्यापार चैपट हो चला हैं। दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचते हैं। हाइवे मार्ग निर्माण अधर में लटकने से पंचपुरी के लोगों के लिए भी परेशानियां बनी हुई हैं, क्योंकि विभिन्न काॅलोनियां हाइवे मार्ग से ही जुड़ी हुई है जिसके चलते मार्ग पर फैली मिट्टी वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का सबब बनी हुई हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कांवड़ मेला प्रारंभ होने वाला है लगता है प्रशासन भगवान भरोसे ही कांवड़ मेले को सम्पन्न करना चाहता है मात्र प्रशासन बैठकें तो ले रहा है, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। कांवड़ मेला प्रारंभ होने वाला है, लेकिन हाइवे मार्ग की हालत बद से बदतर होती जा रही है। 

अब संभव नहीं होगी एटीएम की क्लोनिंग

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bank atm

अब एटीएम का पिन चुराकर या कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से नकदी उड़ाना आसान नहीं होगा। बैंक अपने ग्राहकों को हाई सिक्योरिटी से लैस एटीएम प्रदान करेगा। पंजाब नंशनल बैंक ने इसकी शुरूआत कर दी है। बैंक से संबंधित ग्राहक 31 जुलाई तक अपने पुराने एटीएम को सरेंडर कर नया हाई सिक्योरिटी एटीएम कार्ड प्राप्त कर सकते है। खास बात यह कि बैंकों द्वारा इसके लिए अलग से कोई शुल्क भी लिया जाएगा।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने मैस्ट्रो डेबिट कार्ड उपयोगकर्ताओं को नया हाई सिक्योरिटी कार्ड जारी करने का फैसला किया है। फसले के तहत 31 जुलाई के बाद बैंक सभी मैस्ट्रो कार्ड ब्लॉक कर देगा। पीएनबी खाताधारक जुलाई माह के अंत तक अपना एटीएम कार्ड बैंक में सरेंडर कर नया एटीएम कार्ड जारी करा सकते हैं।
बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अगर ग्राहक के पास मैस्ट्रो डेबिट कार्ड है, तो उसे पीएनबी की किसी भी शाखा से इसे बिना किसी शुल्क के ईएमवी चिप आधारित कार्ड से बदलवाया जा सकता है। बैंक ने साफ किया है कि 31 जुलाई के बाद सभी तरह के मैस्ट्रो कार्ड सुरक्षा कारणों के चलते ब्लॉक कर दिए जाएंगे। बैंक अधिकारियों के मुताबिक कार्ड हाई सिक्योरिटी लैस नए एटीएम से बदले जाने का निर्णय आरबाआई के दिशा निर्देशों के तहत किया जा रहा है। आरबीअरई ने साल 2015 में इसे लेकर एडवाइजरी जारी की थी। जिसके अनुपालन अब किया जाना चुनिश्चित किया गया है।
पंजाब नेशनल बैंक के देहरादून मंडल प्रमुख अनिल खोसला ने बताया कि पुराने मैस्ट्रो डेबिट कार्ड धारकों की संख्या लाखों में है। अभी तक जो मैस्ट्रो कार्ड जारी किए जा रहे थे, वे सुरक्षा के नजरिए से कम सरक्षित थे, लेकिन अब नया ईएमवी चिप से लैस कार्ड बहुत सुरक्षित होंगे। पराने वाले कार्ड में पिन सेव हो जाता था, इसके अलावा पुराने कार्ड का क्लोन बनाना भी आसान था, लेकिन नया कार्ड इन सभी त्रुटियों से रहित होगा। 

कांवड़ यात्रा : दिल्ली-हरिद्वार मार्ग में नहीं चलेंगे वाहन

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श्रावण मास में चलने वाले कावड़ यात्रा के भीड़ के मदृेनजर 15 जुलाई की रात से यूपी और उत्तराखंड प्रशासन की ओर से दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर वाहनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।हरिद्वार में कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की अहम बैठक हुई जिसमे सभी मुद्दों पर बात की गई। दस जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रति वर्ष ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर बस से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर आने जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त दूरी, अतिरिक्त किराया और अतिरिक्त समय तीनों की मार झेलनी होगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर 20 किमी अतिरिक्त दूरी तय करने के साथ ही ऋषिकेश से दिल्ली रूट पर परिवहन निगम की बसों में किराए में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। वर्तमान में ऋषिकेश से दिल्ली का किराया 255 रुपये है जो यात्रा के दौरान 285 रुपये के आसपास होगा।
एआरएम नेतराम ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान ऋषिकेश में दिल्ली, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, रुड़की आदि जगहों से पैदल और वाहनों में सवार होकर लोग नीलकंठ में जल चढ़ाने को आते हैं। जिससे ऋषिकेश-दिल्ली रूट पर कुछ जगहों पर जाम और अन्य समस्याओं से बचने के लिए बसों का रूट बदलना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि यात्रा से पूर्व बैठक की जाएगी जिसमें यात्रा के दौरान रूट निर्धारण और किराया बढ़ोत्तरी की घोषणा की जाएगी। यात्रा के दौरान लोकल यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, बैठक में इस समस्या का भी हल निकाला जाएगा।

‘डबल इंजन वाली सरकार ने रोकी दिव्यांगों की पेंशन’

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हरिद्वार जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने विगत तीन किश्तों से विकलांगों की पेंशन देन का राज्य सरकार पर आरोप लगाया है। कहा कि पेंशन मिलने से विगत दस माह से जनपद के नौ हजार विकलांग लाभार्थी पाई-पाई के लिए मोहताज हैं। जिस कारण दिव्यांगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दिव्यांगों को पेंशन न मिलने से गुस्साए उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने समाज कल्याण अधिकारी का अपने समर्थकों के साथ धेराव कर दिव्यांगों को शीघ्र पेंशन दिए जाने की मांग की।समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री की गाड़ी को रास्ते में रोककर उनका घेराव कर उनसे दिव्यांग पेंशन न मिलने की बावत पूछा।

अग्निहोत्री ने बताया कि तीन माह में दिव्यांग पेंशन दी जाती है। गत दिन किश्तें शासन द्वारा प्राप्त न होने के कारण दिव्यांगों को पेंशन का आबंटन नहीं हो पाया। अली ने शादी अनुदान के लगभग बारह सौ मामले पेंडिंग होने पर भी जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पैसा न होने का रोना रोया। अली ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर दिव्यांगों की पेंशन उनके खाते में नहीं आती तो वे कार्यालय का घेराव करेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी समाज कल्याण अधिकारी की होगी।

राव आफाक अली ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पूर्व सभी पेंशनों को दुगना करने, किसानों की फसल के दाम दोगुने करने, बेराजगारों को रोजगार देने की बात कही थी, जो आज धरातल पर कहीं दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि अभी तो भाजपा सरकार मोबाइल वैन लगाकर शराब घर-घर पहुंचाने का कार्य कर रही है। शीघ्र ही सरकार पाइप लाइन के जरिए शराब पहुंचाने का कार्य भी पूरा कर देेगी। उन्होंने कहा कि स्थित यह है कि किसान आत्म हत्याएं कर रहे हैं।
बेरोजगार रोजगार के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर हैं। सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के सौ दिन के कार्यकाल में ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है जिसे गिनाया जा सके।

सुपर-30 योजना के तहत 30 मेधावी छात्रों को निशुल्क मिलेगा एडमिशन

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राज्य सरकार द्वारा सुपर-30 योजना आरंभ की गई है। जिसके अंतर्गत राज्य भर से 30 मेधावी छात्र-छात्राओं को आईआईटी जैसे संस्थानों में दाखिले के लिए तैयारी निःशुल्क करवाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जिले में एक महाविद्यालय चुना जाएगा। जहां सिविल सेवा जैसी प्रतियोगिता परीक्षाओं के इच्छुक छात्रों को कोचिंग राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है, कि प्रत्येक वर्ष 100 मेधावी परास्नातक छात्रों को पीएचडी के लिए चुना जाएगा तथा उनकी सहायता की जाएगी। सभी महाविद्यालय में तिरंगा फहराना, राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान लागू कर दिया गया हैं। 33 महाविद्यालयों ने प्रसन्नता से ड्रेस कोड को अपनाना लिया है। 11 तारीख से शैक्षणिक कैलेंडर लागू कर दिया जाएगा।

महाविद्यालयों में भी बायोमेट्रिक हाजिरी भी आरम्भ कर दी गई है। हर कॉलेज में शौर्य दीवार का निर्माण किया जाएगा। जिससे हमारे छात्र हमारे वीर जवानों से परिचित हो तथा प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में राज्य मंत्री उच्च शिक्षा डॉ.धन सिंह रावत ने हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय से अवगत कराया।

मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि जिस प्रकार हमारी परंपरा में पित्रों के ऋण को चुकाने की बात की जाती है, उसी प्रकार शिक्षित तथा सफल होने के बाद हमें गुरुजनों तथा शिक्षा का ऋण समाज के अन्य अशिक्षित लोगों को शिक्षित कर चुका सकते हैं। उत्तराखंड 89 प्रतिशत साक्षर राज्य है, परंतु आज भी 11 प्रतिशत अशिक्षित है। अतः मेधावी छात्रों को इस दिशा में योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने होंगे तथा उन्हें पाने के हर संभव प्रयास करने होंगे। युवाओं को निसंकोच अपने विचार व्यक्त करने चाहिए। इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह द्वारा मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।

बीमार शिक्षकों की ‘छुट्टी’ करेगा शिक्षा विभाग

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उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग अब बीमार शिक्षकों की छुट्टी करेगा। इसके लिए प्रदेश भर के स्कूलों में तैनात कार्मिकों और शिक्षकों की ब्यौरा एकत्रित किया जा रहा है। विभाग की ओर से सभी मुख्य व जिला शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय भेजने के आदेश जारी किए जा चके हैं।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी द्वारा जारी किए गए निर्देशों में गौर करें तो उसमें कहा गया है कि राज्याधीन सेवाओं में कार्यरत कार्मिकों से कर्मचारी आचरण नियमावली एवं विभिन्य सेवा नियमावलियों के अधीन उनको दिए गए दायित्वों को पूर्ण का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उसके बावजूद भी देखने में आया है कि विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कार्मिक व शिक्षक अपेक्षित कार्य दायित्व के निर्वहन नहीं कर पाते। इसकी वजह उनका शारीरिक व मानसिक रुप से स्वस्थ नहीं होना होता है। जिस कारण वे या तो कार्यालयों और विद्यालयों में उपस्थित नहीं होते या फिर अस्वस्थता के कारण कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पाते। इस कारण उनको दिया गया कार्य प्रभावित हो जाता है। ऐसे में इन पद के रिक्त नहीं होने के कारण दूसरे कार्मिक शिक्षक की नियुक्ति अटक जाती है।

उन्होंने बताया कि इसे लेकर साल 2002 में जारी किए गए शासनादेश का हवाला देते हुए ऐसे निशक्त कर्मिकों के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा एकत्रित करने को कहा है। ताकि उन शिक्षकों व कार्मिकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की जा सके। उन्होंने इसके लिए तत्काल स्क्रीनिंग कमेटी भी बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि बीते माह भी ब्यौरा एकत्र किए जाने के निर्देश दिए थे लेकिन अधिकारियों ने रिपोर्ट निदेशालय को नहीं भेजी थी। इसी क्रम में अब निदेशालय स्तर पर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि निर्देशों का पालन न किया जाना अनुशासनहीनता माना जाएगा। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।