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मैक्स वाहन अलकनंदा नदी में समाया, तीन घायल बाकि की खोज जारी

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जवाड़ी बाईपास,रुद्रप्रयाग में एक मैक्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा नदी में समा गया। पुलिस और रेस्क्यू टीम मौक़े पर है। रेस्क्यू टीम द्वारा तीन लोगों को खाई से बाहर निकाला गया है। तीनों घायलों को उपचार के लिए ज़िला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। एहतियात के तौर पर बाईपास से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक़, एक मैक्स वाहन वन विभाग कार्यालय के समीप दुर्घटनाग्रस्त होकर सीधे अलकनंदा नदी में जा गिरा। वाहन का अभी तक पता नहीं चल पाया है। भारी बारिश के कारण आज अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। जिससे रेस्क्यू और पुलिस टीम को सर्च ऑपरेशन करने में दिक़्क़तें हो रही हैं। वाहन में कितने लोग सवार थे इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। फ़िलहाल तीन लोगों को खाई से बाहर निकाला गया है। अन्य लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौक़े पर ही हैं। एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है।

हवा में घुमता रहा खट्टर का हैलीकाप्टर

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कालाढूंगी में खराब मौसम के कारण हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का हेलीकॉप्टर पंतनगर एयरपोर्ट पर नहीं उतर पाया। इस कारण उनका गुरुवार को कालाढूंगी दौरा रद हो गया। वह यहां हरियाणा के भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश भट्ट के पिता को श्रद्धांजलि देने आने वाले थे।

एसएसपी जन्मजेय खडूडी ने बताया कि पायलट को मौसम खराब होने के कारण हवाई अड्डे पर हेलीकॉप्टर उतारने के लिए स्पष्ट सिग्नल नहीं मिल पाया। काफी देर तक उनका हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराता रहा, जिसके बाद देहरादून की ओर हेलीकॉप्टर रवाना हो गया। वहां पर भी विजुअल्टी कम होने के कारण हेलीकॉप्टर उतर नहीं पाया।

इधर, हरियाणा से पहुंचे मुख्य संसदीय सचिव एसएस राणा व केंद्रीय कपड़ा मंत्री अजय टम्टा ने कालाढूंगी के झलुवाजाला क्षेत्र निवासी सुरेश के आवास पर पहुंचकर पितृशोक की संवेदना व्यक्त की। इस दौरान कई नेताओं का उनके आवास पर आना-जाना लगा रहा।

मुख्य बाजारों का अतिक्रमण हटाने की मांग, शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा

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राजधानी देहरादून में अतिक्रमण बड़ा मर्ज बनता जा रहा है। गलियों से लेकर मुख्य बाजारों तक में अतिक्रमण का आलम यह है कि आम जनता का यहां सड़कों पर चला तक मुहाल हो गया है। शहर में बढ़ते इस अतिक्रमण को जल्द हटाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा।

गुरूवार को समाजसेवी आदित्य वर्मा के नेतृत्व में स्थानीय लोग जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने डीएम के माध्यम से शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन भेजा। समाजसेवी आदित्य वर्मा ने कहा कि देहरादून शहर के मुख्य बाजार पलटन बाजार, मोती बाजार व आनंद बाजार में व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इस कारण आम जनता को काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। रोजाना इन इलाकों में जाम की समस्या से भी जनता को रूबरू होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने अपनी दुकानों का सामान फुटपाथ पर लगा रखा है जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने मंत्री से इन इलाकों में अतिक्रमण अभियान चलाकर आम जनता के हित में कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर किरण त्यागी, प्रवीण गुप्ता सहित काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सफेद हाथी साबित हो रहा है सचल चिकित्सा वाहन

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प्रदेश सरकारों द्वारा जहां चिकित्सा सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का दावे किये जाते रहे, वहीं दूसरी ओर जनपद चमोली में आधुनिक चिकत्सा उपकरणों से सुसज्जित करोड़ों रुपये की लागत से संचालित सचल चिकत्सा वाहन पिछले तीन वर्षाें से जिला चिकित्सालय परिसर में धूल फांक रहा है।

जनपद चमोली में चिकित्सा सुविधा को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा तीन सचल चिकित्सा वाहन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ उपलब्ध करवायी गई थी। इस वाहन में अल्ट्रासाउंड, एक्सरे मशीन ,पैथालोजी की मशीनों के साथ ही चिकित्सकों की टीम साथ होती थी। यह वाहन सप्ताह में एक बार प्रत्येक विकास खंडों में पहुंच कर अपनी सेवाएं देता था।

क्षेत्र के ग्रामीण इस सेवा का भरपूर लाभ उठा रहे थे। यह सेवा गरीबों के लिए जीवन दायनी साबित हो रही थी,लेकिन अब ये सभी उपकरण जंक खाकर खराब होने की स्थिति में पहुंच गये हैं। किंतु अब तीन साल से अधिक समय से यह वाहन जिला चिकित्सालय के परिसर में खड़े-खडे़ जंक खा रहा है। इसमें रखे उपकरण भी खराब होने के कगार पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग वर्ल्ड बैंक के सर इस सेवा को न संचालित करने का ठिकरा फोड़ अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक दीपक खंडूरी का कहना है कि वर्ल्ड बैंक से सहायता से सचल चिकित्सा वाहन संचालित किया जाता है जो की वर्तमान में खराब पड़ा हुआ है, जबकि एनएचएम से संचालित अन्य दो वाहन के लिए अभी टेंडर होने बाकी है।

छः स्कूलों को लिया गोद सुधरेंगे हालात

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काशीपुर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के गिरते स्तर पर जहां हाईकोर्ट तल्ख तेवरों में दिख रहा है तो दुसरी ओर अब तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आये हैं। स्कूलों की बदहाली हो या फिर बच्चों के शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है एेसे में सरकार की सहयोगी बनकर उघोगजगत से जुडे घरानों और रोटरी क्लब ने हाथ बढाते हुए आधा दर्जन स्कूलों को गोद लिया है, जिसमें उनके द्वारा स्कूलों के भवन से लेकर पीने के पानी शौचालय पुस्तके और स्कूल ड्रेस तक की व्यवस्था की जाएगी।
काशीपुर रोटरी क्लब ने ग्रामीण क्षेत्र के छ विघालयों को गोद लेते हुए उन विघालयों में समुचित व्यवस्था का जिम्मा उठाया है, यही नहीं शिक्षकों की कमी को भी दूर करने के लिए समय समय पर बच्चों को पडाने के लिए फैकल्टी की व्यवस्था भी की गयी है। रोटरी के जोनल इन्चार्ज पवन अग्रवाल और डिस्ट्रीक गवरनर विनय कुमार ने बताया कि ये पहल करने के लिए रोटरी पहले से होमवर्क कर चुकि है और जिन विघालयों को गोद लिया है उनमें सुधार के लिए फर्निचर, स्वच्छ पानी, भोजन, और बिजली की व्यवस्थाए की गयी है, जल्द ही गोद लिये गये स्कूलों कू हालत में सुधार आयेगा और वो सरकार से चाहते हैं कि यदि सरकार सहयोग करे तो और भी स्कूलों को गोद लेकर उनकी स्थिति को सुधारने में मदद करेंगे

डेयर डेविल आॅन विल्स

“खुद ही को कर बुलंद इतना कि हर  तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है”, इस कहावत के जीती जागती मिसाल है लक्ष्य खंडूड़ी और उनकी टीम “इवोल्यूशन” एक प्रोफेंशनल स्टंट राईडिंग टीम जो कुछ साल पहले देहरादून में बनाई गई थी। 7 लोगों के इस ग्रुप में सभी स्टंट करते हैं। इस स्टंट को आम लोग जानलेवा स्टंट की तरह लेते है लेकिन यह प्रोफेशनल युवा इसं फ्री स्टाईल स्टंट राइडिंग कहते हैं।

टीम के सदस्य लक्ष्य खंडूड़ी ने न्यूज़पोस्ट टीम से बात करते हुए बताया कि, “बाइक पर एक पहिए पर स्टंट करने से जो रोमांच मिलता है हम उसके लिये ये करते हैं। हमें तो बचपन में ही इसकी लत लग गई थी।” उन्होंने कहा कि, “आज के समय में भारत में स्टंट राइडिंग को क्राइम की तरह देखा जाता है ना कि एडवेंचर र्स्पोट की तरह, लेकिन अगर आप इसे सुरक्षित वातावरण में करते हो तो इसके मायने बदल जाते हैं।” इस टू व्हीलर क्मयूनिटी ग्रुप के लोग खाली सड़कों पर या तो सुबह या देर रात को प्रेक्टिस करते हैं।

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साल 2014 में एक्सडीएल एक्सट्रीम ड्रिफ्टिंग लीग भारत आया था, नोएडा के बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट में एक लीग का आयोजन किया गया था जो हर स्टंट राइडर का सपना है। शीर्ष पांच सवारों में से चार ईवॉल्यूशन टीम से जुड़े थे जो ऑटोगियर स्टंट चैंपियनशिप के तहत जीते और उन्हें एमएस धोनी ने सम्मानित किया था।

उसके बाद साल 2015 में इस टीम ने इंडिया बाईक वीक गोवा में नेशनल स्टंट चैंपियनशीप में भाग लिया और जीत दर्ज कराई, जिसे वह दोबारा इस साल दोहराना चाहते हैं।

लक्ष्य खंडूरी का मुख्य लक्ष्य देहरादून में एक कला प्रदर्शन अकादमी खोलना है, इसके साथ ही वह एक स्टंट राइडर के जीवन पर एक अाधारित वेब श्रृंखला बनाने में व्यस्त है जो युवाओं को स्टंट राईडर के जीवन के बारे में एक ईमानदार राय देने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

इस सब के साथ जो युवा स्टंट बाइकिंग या तेज रफ्तार में यकीन रखते हैं उनके लिये इस ग्रुप का संदेश है कि “डर के आगे जीत तो है” पर साथ-साथ, “सावधानी हटी और दुर्घटना घटी

 

मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे पूर्व मुख्यमंत्री

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लगातार हो रही बारिश से गुरुवार को बद्रीनाथ और केदारनाथ हाई-वे दिनभर बंद रहा। मलबा आने से सिरोबगड़ डेंजर स्पॉट पर कई बार बंद हुआ। इस दौरान मलबे की चपेट में आने से पूर्व मुख्यमंत्री बाल-बाल बचे।रुद्रप्रयाग जिले में हो रही बारिश के कारण सुबह बद्रीनाथ हाई-वे सिरोबगड़ में मलबा आने के कारण एक घंटा बंद रहा। जबकि इसके बाद यहां आवाजाही शुरू हो गई। दोपहर को श्रीनगर से कुमाऊं की ओर जा रहे पूर्व सीएम और वर्तमान हरिद्वार सांसद डा़. रमेश पोखरिलयाल निशंक भी फंस गए। अचानक सड़क पर उनकी गाड़ी के आगे भरभराकर पहाड़ी से मलबा गिरा। जिससे कार आगे नहीं बढ़ सकी, पीछे भी मलबा आ गया। इससे निशंक सड़क पर फंस गए। एक घंटे बाद मलबा हटाकर उनकी कार को सुरक्षित निकाला गया

शिवराज सिंह चौहान पहुँचे ऋषिकेश

मध्य प्रदेश  के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आजकल उत्तराखंड के दौरे पर हैं और 2 दिनों से नरेंद्रनगर के आनंदा इन हिमालय रिसोर्ट में रुके हुए हैं। सीएम का बृहस्पतिवार को मध्य प्रदेश वापस जाने का कार्यक्रम निरस्त हो गया है जिसके चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध संध्याकालीन गंगा आरती में शिरकत की और मां गंगा से अपने राज्य मध्य प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऋषिकेश उनका पसंदीदा शहर है जहां का आध्यात्म और योग यहां आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों के जीवन में नए उत्साह का संचार कर देता है। मां गंगा के दर्शन का मौका मिला और मैंने मां से देश और मेरे राज्य के लिए एक खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की।

आपको बता दें  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम आनंदा इन हिमालय नरेंद्र नगर मैं करेंगे और कल एयरपोर्ट से वापस मध्य प्रदेश के लिए प्रस्थान करेंगे।

इस खिलाड़ी ने दस हजार का कर्ज लेकर पाई सफलता

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वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की विकेटों की पतझड लगाने वाली उत्तराखंड की एकता बिष्ट के संघर्ष की कहानी भी काफी रोचक है। इस शेरनी की सफलता के आढे कभी  दस हजार रुपये आये थे लेकिन परिवार ने किसी तरह से कर्ज लेकर एकता की तकदीर बदल दी थी। माता पिता इस बेटी पर भरोसा किया और बेटी ने उनके विश्वास को टूटने नहीं दिया और आज एकता सफलता की बुलंदियों पर है

इंग्लैंड में चल रहे महिला वर्ल्ड के 11वें लीग मैच में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसमें उत्तराखंड की अल्मोड़ा जनपद की रहने वाली एकता बिष्ट ने पांच अहम विकेट चटकाए थे। उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था। दरअसल, 2010 में जब एकता का चयन इंडिया ए महिला क्रिकेट टीम के लिए हुआ था, तब एकता को मुबई जाने के लिए दस हजार रुपये की जरुरत थी। लेकिन परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के चलते पैसों का बंदोबस्त नहीं हो पा रहा था। एकता जिद कर बैठी थी कि चाहे कुछ हो जाए वह मुंबई जाएगी और भारतीय टीम का हिस्सा बनेगी। उनके मां पिता के पास मुश्किल से दो हजार रुपये की व्यवस्‍था हो पाई थी।

ऐसे में एकता की मां ने अपने देवर से तीन हजार रुपये उधार लिए। बाकी के पांच हजार रुपये एकता के कोच लियाकत अली ने दिए। ऐसे में एकता चल पड़ी मुंबई की ओर। यहां से एकता ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़ियां चढती गई। इसके ठीक अगले साल यानि 2011 में एकता बिष्ट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसी साल उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में भी डेब्यू किया है।

 

ऋषिकेश के देवांश ने बनाई हायब्रिड कार, मात्र 30 रूपये में दौड़ेगी 35 किमी

कौन कहता है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज़ होती है? अगर मन में लगन हो तो हर मुश्किल से मुश्किल काम आसान होने लगता है। उत्तराखंड के युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसा ही ऋषिकेश के रहने वाले देवांश ने अपनी गर्मियों की छुट्टी में 1 महीने के अंदर बैटरी चलित हाइब्रिड कार का मॉडल तैयार किया है।

गर्मियों की छुट्टी का अपना मजा ही अलग होता है जब सभी बच्चे घूमने और छुट्टियां बिताने में मस्त थे तब ऋषिकेश के देवांश ने अपने सपने को आकार देना शुरु किया। 1 महीने की कड़ी मेहनत के बाद देवांश ने एक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कार का बेसिक मॉडल तैयार किया है जो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहा है। यही नही मात्र 1 रुपए के खर्चे पर 1 किलोमीटर का सफर भी इस कार से तय किया जा सकता है। देवांश का कहना है कि वह बचपन से ही डिस्कवरी चैनल में कबाड़ की वस्तुओं से चीजें तैयार होते हुए देखा करता था। यहीं से उसके मन में विचार आया कि उसे भी अपना एक सपना साकार करना चाहिए।

गर्मियों की छुट्टी के एक महीने में देवांश में अपने सपने को आकार दे दिया। अपने बेटे की उपलब्धि को देखते हुए देवांश के माता पिता भी काफी खुश है। देवांश की माँ बताती है की उन्हें अपने बेटे पर हमेशा से भरोसा था और उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, हालांकि अभी इस कार को सड़कों पर उतारने के लिए अभी बहुत काम होना बाकी है लेकिन देवांश का कहना है कि वह जल्दी इसकी बॉडी और सेफ्टी के मानक पर अपनी इस कार को आकार देगा और जल्द ही यह कार उत्तराखंड के सड़कों पर दौड़ते नजर आएगी। कार की खासियत के बारे में बताते हुए देवांश ने बताया की ये कार एक बार में चार्ज होकर 35 किमी तक दोड़ सकती है और ये गाड़ी बिलकुल प्रदूषण मक्त है।