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स्मैक सप्लाई के अर्न्तराज्यीय गिरोह का शातिर सदस्य गिरफ्तार

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थानाध्यक्ष बसंत विहार को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी कि नशे के कारोबार करने वाले एक अन्तर्राज्यीय गिरोह का एक सदस्य स्मैक की बडी खेप लेकर देहरादून आने वाला है जो कि पूर्व में भी बडी खेप लेकर देहरादून, हरिद्वार आदि आया है । मुखबिर की सूचना पर एक टीम का गठन किया गया।

बनियावाला तिराहे,  सुबह 09.35 बजे चैकिंग के दौरान स्मैक सप्लाई के अर्न्तराज्यीय गिरोह के एक शातिर सदस्य आसिफ पुत्र हासिम उम्र 38 वर्ष, मिर्जापुर सहारनपुर, उ.प्र. को 545 ग्राम (आधा किलो से ज्यादा) अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि वो सहारनपुर अौर उत्तराखण्ड में देहरादून एवं हरिद्वार में चरस बेंचने का काम करता था अौर चरस की डिमाण्ड कम होने व स्मैक में दोगुने से भी ज्यादा मुनाफा होने के कारण वह काफी समय से स्मैक की सप्लाई कर रहा है ।

वर्ष 2016 में चरस की भारी मात्रा के साथ सहारनपुर से जेल जाने की बात स्वीकारी है। पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह अन्तर्राज्यीय गैंग के सरगना बबलू निवासी फतेहगंज, बरेली, उ.प्र. के लिये काम करता है एवं फतेहगंज, बरेली से स्मैक की भारी खेप लाकर आता है एवं आज भी वह स्मैक की भारी मात्रा देहरादून लेकर आया था, जिसे विभिन्न स्थानो पर स्मैक बेचने का कार्य करने वाले लोगो को थोक में बेचने की फिराक में था ।

अभियुक्त से बरामद स्मैक उच्च क्वालिटी की है जिसकी कम मात्रा में नशा करने पर जानलेवा साबित हो सकती है । उक्त स्मैक के सप्लाई के अर्न्तराज्यीय सम्बन्धों की जानकारी की जा रही है । अभियुक्त से विस्तृत पूछताछ नारकोटिक ब्यूरो व अभिसूचना इकाई द्वारा भी की जा रही है । अवैध स्मैक के बरामदगी के आधार पर आसिफ के विरूद्ध मु.अ.सं. 74/17 धारा 8/21/60 एन.डी. पी.एस एक्ट पंजीकृत किया गया है।

चुनावी बांड: जेब तुम्हारी, हाथ हमारा!

अब सरकार और चुनाव आयोग में मुठभेड़ की तैयारी है। वित्तीय वर्ष 2017 के बजट में वित्तमंत्री ने चुनावी बांड जारी करने की बात कही थी। उसे अब वे अमलीजामा पहनाने वाले हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने सरकार को लिखा है कि इन बांडों से चुनावी चंदे की पारदर्शिता खत्म हो जाएगी। इन बांडों के जारी होने पर यह पता ही नहीं लग सकेगा कि किस पार्टी को किसने कितना चंदा दिया है। अभी तो कोई व्यक्ति दो हजार रुपये तक और कोई संस्था 20 हजार तक चंदा दे तो उसे अपना नाम बताने की जरुरत नहीं है लेकिन अब लोग करोड़ों रुपये के बांड लेंगे और वे चाहे जिस पार्टी को दे सकेंगे। देने वाले और लेने वाले के नाम बिल्कुल गोपनीय रखे जाएंगे। चंदादाता को अपनी ऑडिट रिपोर्ट में भी उसे दिखाने की जरूरत नहीं होगी। चंदा बैंको के जरिए ही दिया जा सकेगा। यानी बांड बनाते वक्त बैंक भी डटकर कमीशन कमाएंगे। जो बांड बनवाएगा, उसका नाम बैंक को तो पता होगा लेकिन वह नाम कोई भी हो सकता है, असली भी और नकली भी !

सरकार के दिमाग में यह नया फितूर क्यों आया ? उसे पता है कि नोटबंदी और एकात्म-कर (जीएसटी) के बावजूद काला धन धड़ल्ले से चलेगा। उस काले धन को सफेद करने का यह नया तरीका सरकार ने खोज निकाला है। इसका एक फायदा जरूर है। जो नकदी पैसा नेता या दलाल लोग बीच में खा जाते हैं, वह वे नहीं खा पाएंगे। दूसरा फायदा यह गिनाया जाता है कि चंदा देने वाला भी नहीं फंसेगा। वह राम को कितना दे रहा है और रावण को कितना, यह किसी को पता नहीं चलेगा।

तीसरा फायदा राजनीतिक दलों को होगा। वे जनता के सामने सीना तानकर कहेंगे कि देखो, हमने काले धन का एक पैसा भी नहीं छुआ। इससे बड़ा ढोंग और पाखंड क्या हो सकता है ? चुनावी बांड जारी करना भ्रष्टाचार की जड़ों को सींचना है। सरकार के लिए यह मालूम करना बहुत आसान है कि जो पैसा उसकी पार्टी को मिला है, उसके अलावा शेष बांडों का क्या हुआ है ? सत्तारुढ़ दल अपनी जेब आसानी से भर लेगा लेकिन विपक्ष की जेब में बड़ा-सा छेद कर देगा। डर के मारे विपक्ष को कोई बांड ही नहीं देगा। भाजपा जरा सोचे, जब वह विपक्ष में होगी तो उसका क्या होगा ?

दून अस्पताल में अब होगी रोबोटिक सर्जरी

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दून मेडिकल कॉलेज के दून अस्पताल में अब रोबोटिक सर्जरी होगी।अस्पताल में कंपनी ने इसका डेमो दिखाया, इस दौरान अस्पताल कई सर्जन मौजूद रहे। यह मशीन करीब 13 करोड़ रुपये की है। इसे अभी तक एम्स और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे सरकारी संस्थानों में इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल के एमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीन की खरीद का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

यह रोबोट एक सर्जरी यंत्र है, इसे नियंत्रित करने की डोर सर्जन के पास होगी। इसमें हाथ की तरह यंत्र होंगे और बीच में थ्री डी कैमरा होगा। एम्स के अलावा दिल्ली के कई प्राइवेट अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की जा रही है।इससे पेट में लंबे चीरों से मिलेगी आजादी रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। पहले पेट की सर्जरी में काफी लंबा चीरा लगाना पड़ता था, इसमें दो से तीन छोटे-छोटे छेद किए जाएंगे। खून कम बहेगा, दवाओं का खर्च कम होगा। दो से तीन घंटे बाद मरीज को घर भी भेजा जा सकेगा। लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन में डाक्टरों को ज्यादा समय तक ऑपरेट करना पड़ता था, रोबोटिक में ऐसा नहीं होगा।

पेट की सर्जरी के लिए सबसे बढ़िया इस रोबोट से प्रोस्टेट, नेफ्रेक्टामी किडनी और अन्य सर्जरी की जा सकेंगी। रोबोटिक सर्जरी से डॉक्टरों को काफी फायदा मिलेगा।

हरिद्वार की इस बेटी को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच पर न्यौता

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9 साल की रिदिमा पांडे को पेरिस में होने जा रही क्लाइमेट चेंज कांफ्रेस में आने का न्यौता मिला है। मूल रूप से हरिद्वार की रहने वाली रिदिमा को ये न्यौता इतनी कम उम्र में पर्यावरण बचाने की तरफ उनके काम की वजह से मिला है। दरअसल रिदिमा ने पर्यावरण और मौसम में बदलाव को रोकने के लिये केंद्र औऱ राज्य सरकार की तरफ से नाकाफी कोशिशों की शिकायत मार्च में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से की थी। रिदिमा ने ये शिकायत अपने परिवार के जरिये दर्ज कराई थी। एनजीटी ने भी इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है।

पेरिस में होने वाली ये कांफ्रेन्स 3 नवंबर को होगी। रिदिमा और उनका परिवार इस खास न्यौते से खासे खुश हैं। रिदिमा का कहना है कि वो आने वाले दिनों में भी पर्यावरण को बचाने के लिये और सक्रियता से काम करना चाहेंगी।

 

ट्रैप कैमरा चोरी से सरकार ने लिया सबक, नेशनल पार्क में तस्करों की आमद रोकने के लिए लगेंगे ड्रोन कैमरे

उत्तराखंड में बढ़ती टाइगरों की संख्या को देखकर देश भर से वन जीव तस्करों की निगाह यहां के दो मुख्य टाइगर रिजर्व राजा जी और कॉर्बेट पर हमेशा बनी रहती है। हाल के दिनों में राजाजी नेशनल पार्क से वन जीवों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरे चोरी हो गए जिसके बाद अब जाकर वन विभाग हरकत में आया। मानसून आते ही उत्तराखंड के टाइगर रिजर्व वन तस्कर गिरोह सक्रिय हो जाता है जिसके चलते बड़ी मात्रा में अवैध शिकार किया जाता है और लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा कर जीवो को मार कर उनके शरीर के अंगों को अंतरराष्ट्रीय मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। इसकी गवाही राजाजी पार्क से वन जीवों की सुरक्षा के लिये लगाए गए ट्रैप कैमरा की चोरी से सामने आई है। वन विभाग भी इन कैमरों की छोरी से सकते में है और वन मंत्री हरक सिंह रावत अब ठोस कदम उठाने की बात कर रहे है।  वन महकमा पुरानी गलतियों से सबक लेकर इन दोनों पार्कों की सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी रखने जा रहा है। वन विभाग के मुताबिक इससे यहां घुसने वाले वन तस्करों को पकड़ा जा सकेगा। इसके लिए वन मंत्रालय ने ड्रोन कैमरे की सुरक्षा को दोनों पार्कों के लिए सुनिश्चित किया है। वन मंत्री ने कहा जल्दी यहां ड्रोन कैमरे की मदद से पार्कों की निगरानी की जाएगी। उत्तराखंड का राजाजी टाइगर रिजर्व और कार्बेट टाइगर रिजर्व हाथी एवं बाघों की बढ़ती संख्या का देशभर में एक अलग ही उदाहरण है जहां बड़ी संख्या में टाइगर पाए जाते हैं।                सेव द टाइगर प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड में बाघों की संख्या में वृद्धि देशभर में उम्मीद जगाई है। ऐसे में लगातार कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में बढ़ रही मानवीय गतिविधियां यहां रह रहे जीवो के लिए खतरनाक साबित हो रही है। सरकार को वन जीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे जिससे वन तस्करों को मानसून में रोका जा सके और जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2’ में टाइगर श्रॉफ के साथ चंकी की बेटी अनन्या होंगी लॉन्च

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करण जौहर की कंपनी में फिल्म स्टूडेंट्स आफ द ईयर की सिक्वल बनाने की घोषणा के साथ ही ये जग जाहिर हो गया था कि टाइगर श्रॉफ इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाएंगे, लेकिन उनके साथ जोड़ी को लेकर कई हीरोइनों के नाम चर्चा में आते रहे। इसी कड़ी में अब खबर मिल रही है कि चंकी पांडे की बेटी अनन्या पांडे को इस फिल्म से लॉन्च किया जा रहा है।

इससे पहले इस रोल के लिए सैफ अली खान की बेटी सारा को लॉन्च करने की खबर आई। इसके बाद इस फिल्म में श्रीदेवी की बड़ी बेटी जाहन्वी को लॉन्च करने की खबर आई और कुछ दिनों पहले कथित तौर पर टाइगर की गर्लफ्रेंड दिशा पटानी को हीरोइन बनाने आई, लेकिन इन सारी चर्चाओं के बाद अब करण जौहर की कंपनी की ओर से अनन्या पांडे को लॉन्च करने की खबर दी गई है। कंपनी के सूत्रों का कहना है कि दिशा पटानी का नाम लगभग तय हो चुका था, लेकिन उनके साथ तारीखों की समस्या आने की वजह से फेरबदल किया गया।

सैफ की बेटी की लॉन्चिंग को लेकर मामला इसलिए टला, क्योंकि सारा की मां अमृता सिंह को फिल्म में कॉस्ट्यूम और किसिंग सीनों पर एतराज था। फिल्म की प्रोडक्शन टीम के साथ मतभेद बढ़ जाने के कारण सारा को इस प्रोजेक्ट से अलग किया गया, जबकि श्रीदेवी की बेटी जाहन्वी को एक दूसरी फिल्म से लॉन्च करने का फैसला हुआ है। ‘स्टूडेंट्स आफ द ईयर-2’ के लिए अनन्या पांडे ने डांस क्लास की ट्रेनिंग शुरू कर दी है। फिल्म में अभी अनन्या पांडे के अलावा एक और हीरोइन का चुनाव होना है।कुछ दिनों पहले तक चर्चा थी कि अनन्या को सलमान खान की कंपनी में बनने वाली फिल्म में सलमान के छोटे जीजू आयुष शर्मा के साथ लॉन्च किया जाएगा।

पिथौरागढ़ में बारिश से दर्जनों सड़कें बंद, काली नदी का प्रवाह बढ़ा

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जिले में हुई तेज बारिश से जगह-जगह हुए जलभराव के कारण दर्जन भर सड़के बंद हो गई है और कई मकाने ध्वस्त हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बुधवार सुबह शुरू हुई बारिश दिन भर चलती रही जिससे बारिश के बाद काली नदी का प्रवाह बढ़ गया है।

काली नदी खतरे के निशान से महज 1.35 मीटर नीचे बह रही है। गोरी नदी के साथ ही अन्य नदियों के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। बारिश से बेरीनाग के ग्राम हिपा में बेरीनाग के ग्राम हीपा में सुबह करीब 8:15 बजे गोपाल सिंह पुत्र चंद्र सिंह के घर के समीप पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ। जिससे गोपाल सिंह का आधा मकान मलबे में दब गया।
बेरीनाग के ही दिवानी राम पुत्र हरी राम के घर के समीप हुए भूस्खलन से उनके मकान में दरार आ गई। इसके अलावा बीती देर रात थल में चौसाला गांव में खड़क सिंह कार्की के मकान का आंगन ढ़ह गया। जिससे मकान को खतरा पैदा हो गया है। घटना की जानकारी ग्राम प्रधान चौसाला दीपा ने राजस्व उपनिरीक्षक को दी है।सूचना मिलने के बाद राजस्व उपनिरीक्षक क्षति का आंकलन करने के लिए रवाना हो गए हैं।
इधर, मुनस्यारी ग्राम बला में बारिश से हुए भूस्खलन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सेंटर को खतरा पैदा हो गया है। बेरीनाग में हुई 52 एमएम बारिश बेरीनाग। क्षेत्र में पूरी रात भर जमकर बारिश हुई। जिससे नगर के कई हिस्सों में नालियों का गंदा पानी सड़कों में बहने लगा। साथ ही नालियों की गंदगी भी सड़कों में आ गई। जिस कारण लोगों का काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। लोगों को आवाजाही में भी दिक्कत उठानी पड़ी।
तहसील क्षेत्र में पिछले दो सप्ताह से रुक-रुककर लगातार बारिश हो रही है। जिससे जौलजीबी, भदेली, धाप बैंड,नाचनी, रातीगाड़, ग्वीरा, थटीगाड़, अस्याली के समीप मलबा आने से सड़क बंद हो गई थी। जिसे बीआरओ ने 13 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खोल दिया है। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं, कपकोट-सामा-तेजम सड़क किमी 11 के समीप बोल्डर और मलबा आने से बंद हो गया है। जिसके चलते वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। वाहनों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है। इन क्षेत्रों में सड़क बंद होने से मुनस्यारी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। संबंधित विभागों की ओर से सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
लगातार हो रही बारिश के चलते थल-नाचनी सड़क किमी पांच के समीप रामगंगा नदी में समा गई। जिससे कारण इस सड़क से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। लोनिवि कर्मियों द्वारा सड़क को बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

राष्ट्रीय खेलों की तैयारी में बन रहे हैं नये स्टेडियम लेकिन बदहाली की मार झेल रहा है ये स्टेडियम

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स्पोर्ट्स स्मटेडियम गोपेश्वर रख-रखाव के अभाव में बदहाली की मार झेल रहा है। यहां नालियां बंद पड़ी हुई हैं। जिससे बारिश होने के बाद स्टेडियम तालाब में तब्दील हो रहा है। गोपेश्वर स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूर्व में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होती थी।

वॉक रेस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुका मनीष रावत भी इसी मैदान से खेला है। आज मैदान की स्थिति संरक्षण के अभाव में बदहाल बनी हुई है। इन दिनों थोड़ी सी बारिश से भी मैदान तालाब में तब्दील हो रहा है। वर्ष 2014 में खेल निदेशालय से स्टेडियम में 24 लाख रुपये की हरी घास बिछाने का कार्य भी किया गया। लेकिन यहां घास कई जगहों से गायब हो गई है। वर्ष 2007 में स्टेडियम का एक बड़ा हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया था, लेकिन अभी तक यहां सुधारीकरण कार्य भी शुरु नहीं हो पाया है।


वर्ष 2015 में तत्कालीन जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने नगर के गंदे पानी के ड्रेनेज के लिए स्टेडियम के चारों ओर भूमिगत नाली बनवाई। यह कार्य सिंचाई विभाग को दिया गया। लेकिन लाखों रुपये खर्च करने पर भी नाली निर्माण में भारी अनियमितता की गई।मौजूदा समय में नाली क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है। दो दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है। इधर, जिला खेल अधिकारी सुरेश चंद्र पांडे का कहना है कि नालियों की सफाई कर दी गई है। अत्यधिक बारिश होने पर ही स्टेडियम में पानी रुक रहा है। स्टेडियम के संरक्षण के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के इजराइल दौरे का ये है उत्तराखंड कनेक्शन

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पीएम मोदी के इजराइल दौरे से जहां दोनों देशों के संबंधों में ताकत आने की उम्मीद है वहीं इस दौरे का एक उत्तराखंड कनेक्ट भी हो गया है।  नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने इजराइल का दौरा किया। इस दौरान मोदी की मेहमान नवाजी में इजराइल ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। गौरतलब है कि पीएम मोदी खाने के मामले में खासा ध्यान रखते हैं और अधिकतर सादा खाना ही पसंद करते हैं। इसका खास ध्यान रखते हुए भारत के शेफ धरेंद्र पंवार ने पीएम मोदी का द‌िल जीत ल‌िया।

पीएम मोदी के तीन द‌िन दौरे के लिए भारतीय शेफ रीना पुशकरना और उनकी टीम को खाने पीने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस टीम में उत्तराखंड के शेफ धर्मेंद्र पंवार भी शामिल हैं। धर्मेंद्र ने ही पीएम मोदी के खाना बनाया। धर्मेंद्र उत्तराखंड के टिहरी जिले के बुढ़ाकेदार के रहने वाले हैं। पिछले पांच सालों से धर्मेद्र इजराइल में हैं और यहां के एक होटल में शेफ हैं। उन्होंने खाने की तारीफ की तो वहां धमेंद्र को सामने कर द‌िया गया।  जब पीएम ने धमेंद्र से पूछा क‌ि कहां से हो, तो उसने कहा उत्तराखंड। इस पर पीएम ने उत्तराखंड की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा क‌ि उत्तराखंड के लोग बहुत अच्छे हैं। तुभी भी अच्छा काम कर रहे हो।

धर्मेद्र के दोस्त सावन पंवार के मुताब‌ि‌क जब पीएम ने धमेंद्र से पूछा क‌ि कहां से हो, तो उसने कहा उत्तराखंड। इस पर पीएम ने उत्तराखंड की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा क‌ि उत्तराखंड के लोग बहुत अच्छे हैं। तुभी भी अच्छा काम कर रहे हो।

बंद पड़े आधार केंद्रों पर हजारों उम्मीदें दफन

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आधार कार्ड

यूआईडीए की शिकायत के बाद उत्तराखंड के 350 सीएससी सेंटरों पर केंद्र सरकार की रोक के बाद प्रदेश के करीब साढ़े तीन हजार लोगों के आधार कार्ड डंप हो गए हैं। फिलहाल स्कूल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और आधार के बिना छात्रों को तमाम परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है।

शासन को यूआईडीए की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी कि प्रदेश में संचालित 646 सीएससी केंद्रों में से 350 केंद्रों पर आधार आवेदन करने में लापरवाही बरती जा रही है। शिकायत के बाद इन केंद्रों पर रोक लगा दी गई चूंकि, रोक लगाने से पहले इन केंद्रों को सूचना नहीं दी गई, ऐसे में साढ़े तीन हजार आवेदन ऐसे हैं जो साफ्टवेयर में ही फंसकर रह गए और उनका डाटा यूआईडीए के पास नहीं पहुंचा। अब यूआईडीए ने अब तक ये भी स्पष्ट नहीं किया है कि इन आवेदनों का समाधान क्या होगा। ऐसे में ये आवेदन अधर में लटक गए हैं और आधार न बनने के कारण लोग आए दिन केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।

आधार के नाम पर अवैध वसूली
अधिकांश आधार केंद्रों पर रोक लगाने के बाद दून में आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली का धंधा भी शुरू हो गया है। तहसील स्थित आधार केंद्र में लोगों से कार्ड के नाम पर सौ से डेढ़ सौ रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। केंद्र पहुंचे शफीक अहमद से आधार के सौ रुपये मांगे गए है। इसके बाद ग्राहक ने तहसील पहुंचकर तहसीलदार को मामले की शिकायत की। इसके अलावा भी लोगों से यहां अवैध वसूली की जा रही है।
सीएसी के राज्य प्रमुख ललित बोहरा का कहना है क यूआईडीए के डाटा के बाद 350 केंद्रों पर आधार बनाने में रोक लगाई गई है। लेकिन अभी 296 केंद्र चालू हैं। बंद पड़े केंद्रों पर आगे के निर्देश मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।