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पिथौरागढ़ के 25 गांवों में जल्द बहाल की जाए विद्युत आपूर्ति: राधिका झा

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गांवों का पूर्ण रूप से 2017 तक विद्युतीकरण कराने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत उत्तराखण्ड की प्रभारी सचिव राधिका झा ने पिथौरागढ़ जिले के अविद्युतीकृत 25 गांवों में विद्युत आपूर्ति को तत्काल पूरा करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।

राधिका झा ने उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन प्रबंधन निदेशक को निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर अधिशासी अभियंता, ग्रामीण विद्युतीकरण, हल्द्वानी को उक्त कार्य के पूर्ण होने तक जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में रहने के निर्देश निर्गत किया जाए।
झा ने बताया कि प्रबंधन निदेशक को पत्र के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि जिला टिहरी व उत्तरकाशी के लम्बित गांवों के विद्युतीकरण के संबंध में जिला प्रशासन से भूमि की उपलब्धता एवं वन विभाग से भूमि की उपयोगिता/अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए निगम के अधीक्षण अभियंता स्तर के किसी वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रबंधन निदेशक को निर्देशित किया है कि उरेडा द्वारा जनपद टिहरी के गंगी ग्राम में माइक्रो हाईडिल प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन परियोजना के लिए मुख्य परियोजना अधिकारी, उरेडा जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर परियोजना का स्वयं निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करेंगे। निदेशक, उरेडा भी प्रश्नगत परियोजना की समीक्षा अपने स्तर पर कर लें।
साथ ही प्रबंध निदेशक, उपाकालि एवं निदेशक, परियोजना, उपाकालि द्वारा विद्युतीकरण से छूट गए दो-दो जनपदों का निरीक्षण करने तथा जिला स्तर के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आख्या एक सप्ताह में शासन को उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही विद्युतीकरण से वंचित गांवों के कार्यों का प्रतिदिन प्रबंध निदेशक स्वयं समीक्षा करेंगे, जिससे उक्त कार्य प्राथमिकता के आधार पर यथाीशीघ्र संपादित किया जा सके। 

एटीएम क्लोनिंग कर लाखों निकालने के नौ और मामले आए

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राजधानी देहरादून में एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर खातों से रकम निकालने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। सोमवार तक जहां 65 मामले दर्ज किए जा चुके थे, वहीं मंगलवार को नौ नए मामले सामने आए। इसके साथ ही साइबर थाने में मंगलवार को पांच मामले दर्ज किए हैं। अभी ततक की पुलिस की जांच में पता चला है कि नेहरू कॉलोनी और धर्मपुर के एसबीआइ एटीएम मशीनों में आठ से 14 जुलार्इ के बीच स्कीमर लगाए गए थे और लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। यह पुलिस के लिए एक बड़ी लीड मानी जा रही है।

देहरादून में बीते चार दिन के भीतर 70 से ज्यादा बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं। जयपुर और दिल्ली में यह राशि निकाली गई है। इस ठगी में पुलिस को सोमवार को एक अहम लीड मिली, लेकिन इसके बावजूद लोगों के खातों से राशि निकालने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को नेहरू कालोनी थाने में इस तरह के नौ नए मामले सामने आए। इनमें से एक ही खाते से 1.20 लाख रुपये निकाले गए हैं। अन्य खातों से भी हजारों की निकासी हुई है। पुलिस की जांच में अभी तक सामने आया है कि साइबर अपराधियों ने नेहरू कॉलोनी के जोगीवाला और धर्मपुर स्थित एसबीआइ के एटीएम में स्कीमर लगाए थे। इस दौरान जितने भी लोगों ने इन दोनों एटीएम से निकासी की उनमें से ज्यादातर लोग धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। पुलिस ने ये अभी तक शहर के सात एटीएम बंद करा दिए हैं और एक स्कीमर बरामद किया है। इसके साथ ही पुलिस की टीमें जयपुर और दिल्ली में उन ठिकानों पर जांच कर रही है, जहां से ये राशि निकाली गई। पुलिस ने विभिन्न बैंकों से एटीएम की सीसीटीवी फुटेज मांगी हैं। कुछ फुटेज पुलिस को मिल भी गए हैं। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में एटीएम की जांच के लिए पुलिस ने व्यापक अभियान चलाया, जिसमें गार्ड रहित एटीएम तत्काल बंद कराए जा रहे हैं।वहीं इस घटना से अभी भी हड़कंप मचा हुआ है। अपने बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर लोग सहमे हुए हैं।
इस तरह के मामले लगातार बढ़ने से पुलिस अफसरों के माथे पर भी चिंता की लकीरें बढ़ गर्इ हैं। हालांकि, जो लीड पुलिस को मिली है, इससे अधिकारियों ने कुछ राहत महसूस की है। इस खुलासे के बाद यह तो साफ हो गया है कि एटीएम कार्डों की स्कीमिंग इसी महीने की गई है। इसके लिए साइबर अपराधियों ने जोगीवाला और धर्मपुर स्थित एसबीआइ के एटीएम को निशाना बनाया था। एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी इसबात की पुष्टि हो गर्इ है। फुटेज में दो संदिग्ध स्कीमर लगाते नजर आ रहे हैं। अब पुलिस ने बैंक से मिली सीसीटीवी के फुटेज की फोरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। फिलहाल पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्धों की ओर बढ़ रही है और जल्द इस मामले का पटाक्षेप कर सकती है। हालांकि, लोग अपने खातों से राशि निकलने के डर से सहमे हुए हैं और बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।

एटीएम क्लोनिंग को लेकर हरकत में आया रिज़र्व बैंक

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पिछले कई दिनों से जनपद देहरादून में एटीएम क्लोनिंग के बाद विभिन्न बैंक खातों से हुई अवैध निकासी के मद्देनजर आज मंगलवार को आर0बी0आई0 द्वारा समस्त बैंकों की सुरक्षा सम्बन्धी बैठक की गई जिसमे आर०बी०आई० के सुब्रतदास-उत्तराखंड प्रभारी के साथ एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती कुमार द्वारा 34 बैंको के नियंत्रकों को निर्देशित किया गया। इसमे आरबीआई द्वरा दिये गये दिशा – निर्देशों को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था न होने पर बैंकों से विस्तृत आख्या मांगी गई है । सम्बन्घित बैक के जिन बैंक अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर तत्काल संज्ञान न लेते हुये उनको एफ0आई0आर0 हेतु थाने भेजा गया था उन अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के आदेश निर्गत किये गये हैं साथ ही प्राप्त शिकायतो का संज्ञान लेते हुये यथाशीघ्र क्षतिपूर्ति कर पीडितों की धनराशि वापस कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया व पुलिस को अपेक्षित सहयोग देने हेतु निर्देशित किया गया ।
बैठक में एसएसपी देहरादून ने बैंकर्स को वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए जनपद में हुए कुल एफआईआर की संख्या के सम्बंध में बैंको की जिम्मेदारी एवम आवश्यक सुरक्षा दिशा निर्देश दिए गए और कहा गया कि वर्तमान में जनपद में उक्त सन्दर्भ में 86 मुकदमे दर्ज है तथा और शिकायते लगातार प्राप्त हो रही है, इसलिए आगे की कार्रवाही के लिए  आवश्यक डाटा जल्दी उपलब्ध कराया जाये। बैठक के दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के सम्बंध में बताया गया कि अपराधी द्वारा ऐसे एटीएम को निशाना बनाया गया जिनमे सुरक्षा प्रबंध नही थे, अतः आगामी घटनाओ को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किये जाय साथ ही डेटा चोरी होने के कारण भविष्य में और घटनायें होने की संभावना है अतः ग्राहकों को जागरूक करते हुए नए सुरक्षा के फीचर के एटीएम, एसएमएस सुबिधा और पिन को चेंज करने के लिए एसएमएस और फ़ोन से अवगत कराने हेतु कहा गया। साथ ही बैठक के दौरान यदि किसी कर्मी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कार्यवाही एवम बैंको से अपेक्षित सहयोग के लिए कहा गया।
मंगलवार तक तक जनपद मे अब तक कुल 86 अभियोग एटीएम धोखाधड़ी से संबंधित पंजीकृत किये गए है, जिसमे कुल 25,96,300 रुपये की निकासी की गई।

राज्य सरकार को राहत, अतिथि शिक्षक बहालः हाईकोर्ट

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अतिथि शिक्षकों की लम्बी कशमश पर आखिर हाईकोर्ट नैनीताल ने फैसला सुनाते हुए अतिथि शिक्षकों को राहत देते हुए नियुक्ति बहाल रखने के आदेश दिये हैं, जिसके चलते हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत भी मिली है। कोर्ट ने सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर नियुक्त करीब तीन हजार अतिथि शिक्षकों की सेवा 31 मार्च 2018 तक बहाल रखने का आदेश दिया है। जबकि  प्रवक्ता पदों पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए ये फैसला निराशा जनक है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को गलत ठहराते हुए निरस्त कर दिया था। एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अतिथि शिक्षक ललित सिंह व अन्य द्वारा विशेष अपील कर चुनौती दी गई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष आज विशेष अपील पर सुनवाई हुई। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि सरकार द्वारा एलटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अध्याचन भर्ती एजेंसियों को भेजा गया।

अब तक चयन सूची नही मिली। शिक्षकों की कमी के कारण दिक्कत हो रही है। खंडपीठ ने 31 मार्च तक एलटी अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने के आदेश पारित किए। भर्ती एजेंसियों से दिसंबर तक चयन सूची सरकार को देने के सख्त आदेश भी दिए।

फर्जी प्रमाण पत्रों का चल रहा खेल

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उत्तराखण्ड में फर्जी स्थाई व जाति प्रमाण पत्रों की मानों बाढ आ गयी हो। सेटिंग गेटिंग से इस पुरे खेल को अंजाम देकर प्रमाण पत्र बना लिये जाते हैं जबकि उन दस्तावेजों की कोई जांच तक नहीं की जाती जिनके आदार पर प्रमाण पत्र बनाये जाते हैं, यही नहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड की सीमा से सटे एेसे कई लोग है जो दोनों प्रदेशों की सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। जिनके द्वारा दोनों प्रदेशों में प्रमाण पत्र बनाये गये हैं।

मामला बाजपुर तहसील क्षेत्र का है जहां एक व्यक्ति सूचना अधिकार के तहत मांगी एक सूचना से हुए खुलासे के बारे में बताया। जहां उ.प्र. के रहने वाले एक व्यक्ति ने उत्तराखण्ड का लाभ लेने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की भूमि रजिस्ट्री को अपनी बताकर स्थाई और जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिए हैं। इतना ही नहीं इस व्यक्ति ने अपने सारे परिवार के प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए एक रजिस्ट्री का प्रयोग किया है, जबकि यह व्यक्ति 1998 तक उ.प्र. नानकार रानी तहसील, स्वार जिला रामपुर का रहने वाला था।

उसके वहां के भूमि अभिलेख और विद्यालय की टी.सी. इस बात को बता रहे हैं लेकिन तहसील प्रशासन की मिलीभगत के चलते इस फर्जीवाड़े को अमलीजामा पहनाया गया । मामले का खुलासा करने वाले व्यक्ति का कहना है कि ये व्यक्ति अधिकारियों से मिल कर फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करता है। ये ही नहीं पत्रकारिता की आढ में अधिकारियों से अपने सम्बन्धों का गलत फायदा उठाया करता है।

तहसील प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक को इस बारे में अवगत कराया गया है लेकिन तब से लेकर आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। लेकिन अधिकारी अपने मातहतों की खामियों पर लगातार ही पर्दा डालते नजर आ रहे हैं।

बापू पर आधारित फिल्म ‘गांधी मेमोरबैलिया’ का पोस्टर लांच

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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2016 में प्रदर्शित फिल्म ‘मैंटोस्टान’ के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके, पिता-पुत्र की जोड़ी डॉ भानु प्रताप सिंह और आदित्य प्रताप सिंह, एक और फिल्म राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित ‘गांधी मेमोरबैलिया’ बना रहे हैं। इस फिल्म का पोस्टर हाल में लांच किया गया।

‘गांधी मेमोरबैलिया’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित एक भारत-अमेरिकी परियोजना की फिल्म है। इस मौके पर निर्माता-निर्देशक डॉ भानु प्रताप सिंह और आदित्य प्रताप सिंह एवं फिल्म में विक्टोरिया की अहम किरदार निभा रही अमेरिकी मॉडल और अभिनेत्रि डारिया कोशेव ने मीडिया के समक्ष इस पोस्टर को रिलीज किया।अभिनेत्री डारिया कोशेव ने बताईं की भारत में उनकी यह पहली परियोजना है और वह गांधी के विचारों से बहुत प्रेरित और प्रभावित हैं।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए फिल्म के निर्देशक डॉ भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह फिल्म एक वृत्तचित्र नहीं है बल्कि दूसरों से अलग है। यह फिल्म गांधी के विचारों पर आधारित है, उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म एक जीवनी नहीं है बल्कि अन्य फिल्मों से अलग गांधी की सत्य और अहिंसा से हटकर भी गांधीजी के यादगार अनछुए पहलुओं पर आधारित है। फिल्म में बापू की अनदेखी हिस्से को प्रदर्शन करने की कोशिश की गई है।

इस फिल्म का ट्रेलर महात्मा गांधी की जयंती, 2 अक्तूबर, 2017 को भारत आएगा जबकि 30 जनवरी 2018 को फिल्म रिलीज होगी| फिल्म भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में एक साथ रिलीज की जाएगी| इसके साथ ही डॉ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बापू की 150वीं जयंती पर महात्मा गांधी पर 2019 में एक बड़ी परियोजना के साथ काम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

कावड़ियों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का जादू

सावन मास की कांवड़ यात्रा में इस बार यूपी के मुख्यमंत्री  योगी आदित्य नाथ का जादू छाया हुआ है। यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से आए कांवड़िए की ड्रेस कोड में इस बार बदलाव देखने को मिल रहा है। ऋषिकेश के मणिकूट पर्वत पर स्थित नीलकंठ महादेव है में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के लिए की प्रतिदिन लाखों की संख्या में कांवड़िए गंगाजल चढ़ाने नीलकंठ आते हैं। कांवड़ियों का एक विशेष ड्रेस कोड होता है, केसरिया टीशर्ट और निकर।

इस बार की कावड़ यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू कावड़ियों के सर चढ़कर बोल रहा है। कावड़ियों के गेरुआ रंग में योगी का रंग भी देखने को मिला रहा है। ऋषिकेश नीलकंठ में बहुत से कांवड़ियों मैं योगी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी है जिससे योगी रंग इन पर साफ दिख रहा है। हालात यह हैं कि  योगी की टीशर्ट की बढ़ती डिमांड से बाजार में कुछ ही दुकानों पर योगी की टीशर्ट बिक रही है और यह टीशर्ट कावड़ियों की पहली पसंद बन गई है दुकानदार भी इससे काफी खुश है।

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आपको बता दें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश के पास ही स्थित यमकेश्वर ब्लॉक के छोटे से गांव पंचूर में ही जन्मे हैं, जहां से गोरखपुर का सफर तय करते हुए संसद भवन तक किसी भी आता है करना और उसके बाद यूपी जैसे बड़े राज्य की कमान संभालना। उत्तराखंड के यमकेश्वर के छोटे से गांव के अजय बिष्ट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बन ना कहीं ना कहीं यमकेश्वर महादेव और नीलकंठ महादेव के आशीर्वाद का भी अंश माना जाता है, यही कारण है कि शिवभक्त की टी-शर्ट पर योगी की फोटो गले में गमछा इस बात को साफ-साफ बता रही है।

लोगों पर योगी का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है जिससे सावन माह में होने वाली कावड़ यात्रा भी अछूती नहीं है और शिवभक्त में इसका क्रेज साफ दिखाई दे रहा है। बम भोले के जयकारों से पूरा नीलकंठ क्षेत्र गूंज रहा है, अब तक 6.30 लाख भक्तों ने भोले का जल अभिषेक किया है।

अनुकृति करेंगी ”मिस ग्रैंड इंटरनेशनल” में भारत का प्रतिनिधित्व

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फेमिना मिस इंडिया के टॉप-5 में रहीं अनुकृति गुसाईं को मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल टाइटल से नवाजा गया है। फेमिना ने मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गर्इ। इस खिताब को पाने के बाद अब अनुकृति गुसाईं 19 जुलार्इ को देहरादून पहुंचेंगी।

फेमिना मिस इंडिया के टॉप-5 प्रतिभागियों को हर साल इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भेजा जाता है। इसी के तहत अनुकृति अक्टूबर में वियतनाम में होने वाले मिस ग्रैंड इंटरनेशनल इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। अनुकृति ने बताया कि फेमिना मिस इंडिया के लिए उन्होंने बहुत तैयारी की थी। हालांकि वो खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन टॉप 5 में जगह बनाने में कामयाब रहीं। उन्होंने कहा कि वो लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहीं। इसी का नतीजा है कि उन्हें वियतनाम में होने वाली मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है।

लैंसडाउन निवासी अनुकृति ने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 140 देशों की सुंदरियां हिस्सा लेंगी। 2014 में मिस एशिया पेसेफिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी अनुकृति का कहना है कि वो इस इवेंट को लेकर अभी से उत्साहित हैं और वो इस प्रतियोगिता को जीतने की पूरी कोशिश करेंगी। गौरतलब है कि 25 जून को मुंबई में हुई फेमिना मिस इंडिया में अनुकृति मिस मल्टीमीडिया चुनी गईं थीं।

सीएससी के 48 केंद्रों से हटी रोक, छात्रों को मिलेगी राहत

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केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के 48 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दोबारा आधार कार्ड बनाने की अनुमति दे दी है, जबकि 302 केंद्रों पर लगी रोक अभी बरकरार है। अब प्रदेश में 344 सीएससी पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में इस वक्त प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों के शुरू होने से छात्रों को खासी राहत मिलेगी।

उत्तराखंड में कुल 5400 सीएससी हैं, जिनमें से 646 आधार कार्ड बनाने के लिए अधिकृत थे। केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायत के बाद एक जुलाई को केंद्र सरकार ने राज्य के 350 सीएससी पर आधार कार्ड बनाने पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्य ने केंद्र सरकार से यह रोक हटाने का निवेदन किया। इस पर केंद्र ने 48 सीएससी को दोबारा आधार कार्ड बनाने की अनुमति दे दी, हालांकि 302 पर रोक अभी बरकरार है। यह रोक क्यों नहीं हटाई गई है इसको लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सीएससी के प्रदेश प्रमुख ललित बोरा ने बताया कि जिन केंद्रों में आधार कार्ड बनाने का काम बंद कराया गया, उनके संबंध में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) की ओर से शिकायत की गई थी कि उक्त केंद्रों पर आधार के आवेदन में गंभीर त्रुटियां बरती जा रही हैं। कई जगह पर तो केंद्र संचालक आवेदन में अपने हस्ताक्षर भी नहीं कर रहे थे। वहीं, राज्य के यूआइडीएआइ के अधिकारी विनय कुमार का कहना है कि उन्होंने कोई शिकायत केंद्र से नहीं की। उन्होंने केंद्रों में आधार कार्ड बनाने का काम बंद किए जाने के कारण की जानकारी होने से भी इंकार किया है।
केंद्र सरकार ने स्कूलों व अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। फिलहाल प्रवेश का सीजन चल रहा है, इस कारण आधार केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ जमा हो रही है। चूंकि, आधे सीएससी में आधार कार्ड बनाना बंद हैं, ऐसे में उनका लोड भी अन्य सीएससी पर आ गया है। वहीं, सर्वर पर अधिक लोड पड़ने के कारण दिनभर में एक केंद्र पर 30 से 40 लोगों के ही आधार के आवेदन अपलोड हो पा रहे हैं।
उधर, आधार कार्ड के आवेदन को सीएससी पर उमड़ रही भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध कमाई भी कर रहे हैं। कई सीएससी संचालक आधार के एक आवेदन पर 50 से 100 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं

आपदा प्रबंधन, लोगों को करें प्रशिक्षितः सीएम

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आपदा प्रबंधन में स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लोगों को फर्स्ट रेसपांडर के रूप में भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों को आवश्यक संसाधन दिए जाएं। स्कूल के बच्चों में जन जागरूकता गतिविधियां चलाएं, पाठ्यक्रम में आपदा प्रबंधन की जानकारिया शामिल करें। एसडीआरएफ का मौसम विभाग से सीधा तालमेल जरूरी है। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ईको टास्क फोर्स की तर्ज पर एसडीआरएफ को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए उसके कैचमेंट एरिया में वृक्षारोपण का कार्य दिया गया।

सोमवार देर शाम सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की तर्ज पर राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के ढांचे को और तार्किक करने किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक, आर्मी, आईटीबीपी के प्रतिनिधियों को सदस्य रूप में और विशेषज्ञ वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य रूप में लाने पर भी बैठक में सैद्धांतिक सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने इसके लिये कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए। राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण में आकाशीय बिजली को राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्राकृतिक आपदा घोषित किए जाने पर कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।

बैठक में अधिकारियों ने विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक के माध्यम से सितम्बर, 2016 से आज तक किए गए कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति एवं क्रियाकलापों का विवरण दिया गया। विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक की आडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस दौरान राज्य आपदा प्रबंधन योजना में किए गए संशोधन पर प्राधिकरण का अनुमोदन तथा जनपद नैनीताल की जिला आपदा प्रबंधन योजना पर प्राधिकरण का अनुमोदन किया गया। बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मद में वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में स्वीकृत धनराशि का विवरण एवं कार्योत्तर अनुमोदन एवं राज्य आपदा विमोचन निधि से वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में जारी की गई धनराशि का विवरण एवं कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैठक में विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक द्वारा ओडीसीएच व पेयजल पर तैयार की गई 02 कॉफी टेबल बुक्स का विमोचन भी बैठक में किया। इसके साथ ही डीएमएमसी द्वारा राष्ट्रीय विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जन जागरूकता हेतु बनाई गई 05 लघु फिल्मों एवं डीएमएमसी द्वारा आपदा प्रबंधन जन-जागरूकता हेतु तैयार की गई 20 लघु कहानियों की पुस्तक ’प्रयास’ का विमोचन भी किया।

बैठक में भारत सरकार एनडीएमए द्वारा सहायतित राज्य में चलायी जा रही आपदा प्रबंधन संबंधी 05 योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया। इण्डिया डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क का अद्यतन विवरण प्रस्तुत किया गया। मानसून ऋतु 2017-18 में घटित प्राकृतिक आपदा की अद्यतन स्थिति का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। बैठक में निदेशक भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून विक्रम सिंह ने मानसून के सम्बंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। आईजी संजय गुंज्याल ने राज्य आपदा प्रतिवादन बल(एसडीआरएफ) के आपदा से सम्बंधित जन जागरूकता को चलाये जा रहे प्रशिक्षिण कार्यक्रम एवं क्रियाकलापों पर प्रस्तुतीकरण दिया । बैठक में वित्त मंत्री प्रकांश पंत, मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, पुलिस महानिदेशक एमए गणपति, सचिव आपदा प्रबन्धन अमित नेगी, सचिव गृह विनोद शर्मा समेत आर्मी व आईटीबीपी के प्रतिनिधि मौजूद थे।