मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में बुधवार को सचिवालय में टाटा ग्रुप और राज्य सरकार के मध्य एक ज्वाइंट डिक्लेरेशन साइन किया गया। राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव एस रामास्वामी एवं टाटा ग्रुप की ओर से सीओओ वी रामास्वामी ने घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किये।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टाटा ट्रस्ट को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड विकास के लिए हर पहल का स्वागत करती है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य में क्लस्टर चिन्हित कर के नियोजित तरीके से योजनाओं को लागू किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा विशेष रूप से कृषि, औद्यानिकी, कुटीर उद्योग, डेरी, पशुपालन में क्षेत्र विशेष की भौगोलिक परिस्थितियों और वहां की जलवायु के अनुसार योजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने कौशल विकास के क्षेत्र में टाटा ट्रस्ट के द्वारा निर्धारित लक्ष्य को और बढ़ाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि कैन्सर अस्पताल के लिए भूमि का प्रबंध भी शीघ्र कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने टाटा ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित सभी कार्याें के लिये सुस्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की अपेक्षा व्यक्त की, जिससे एक समय सीमा के भीतर किये जा रहे कार्यांे का प्रभाव नजर आयें। मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने कहा कि ज्वाइंट डेक्लरेशन के बाद शीघ्र ही एक विस्तृत एमओयू भी साइन किया जाएगा।
घोषणापत्र के अनुसार टाटा द्वारा राज्य में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ सहभागिता करते हुए प्रदेश के 05 जिलों में आगामी 05 वर्षों में 12,500 परिवारों की वार्षिक आय को एक लाख रुपए से अधिक किया जायेगा। टाटा द्वारा कौशल विकास के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘स्ट्राइव’ के अंतर्गत कुमाऊ में पिथौरागढ़ एवं गढ़वाल में चमोली जिले में कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जायेगा। इन केन्द्रों में युवाओं को हॉस्पिटैलिटी, हेल्थ केयर, ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में रोजगार परक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के साथ ही 21वीं सदी के अनुसार शहरी क्षेत्रों के अनुरूप जीवन कौशल का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे युवाओं को स्थाई आजीविका प्राप्त करने में सहयोग प्राप्त हो सके। राज्य सरकार द्वारा दोनों केन्द्रों के लिये भवन चयनित कर लिया गया है।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से पूर्ण विकसित कैंसर केयर केंद्र स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र को डिजिटल विलेज में परिवर्तित करने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसके अंतर्गत ग्रामीणों को नगदी डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि रखने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी लेन-देन आधार से जुड़े बैंक खाते के माध्यम से किए जा सकेंगे। वर्तमान में टाटा द्वारा चमोली के कालेश्वर और देहरादून के थानों में डिजी कैश पर कार्य किया जा रहा है जहां ग्रामीणों को प्वाइंट आॅफ सेल पर भीम आधार ऐप हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टाटा द्वारा ओपन इग्नाइट योजना के अंतर्गत प्रदेश में विज्ञान के छात्रों को सॉफ्टवेयर स्किल्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे इन छात्रों को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, पूर्व एफआरडीसी विभापुरी दास सहित शासन एवं टाटा ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पारिवारिक आय बढ़ाने को टाटा से करार
केन्द्र की मध्यस्थता का मिला लाभ, उतराखंड को मिलेंगे 3000 हजार करोड़
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश ने परिसंपत्तियों के विवाद के निपटारे की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं। केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के आलाधिकारियों की बैठक में छह वर्षों से उत्तर प्रदेश से अटकी पड़ी पेंशन का मसला सुलझ गया है। उत्तराखंड को अब 31 मार्च, 2017 तक उत्तरप्रदेश से करीब 2933.13 करोड़ धनराशि के भुगतान का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य सरकार इस फैसले से खासी राहत महसूस कर रही है। उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के मसले में उत्तराखंड के बैकफुट पर रहने के विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में भी सरकार सक्षम हो गई है।
बतातें चले कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों का विवाद लंबे अरसे से बरकरार है। इस विवाद को सुलझाने के लिए राज्य की सरकारों को अब तक कोई खास कामयाबी नहीं मिली है। बीते दिनों परिसंपत्तियों के मामले में उत्तराखंड के हाथ ज्यादा कुछ नहीं लगने के मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। अब केंद्र की पहल के बाद राज्य सरकार को राहत मिली है। दोनों राज्यों के बीच पेंशन दायित्वों के विभाजन के प्रकरण कई वर्षों से लंबित चल रहे थे। महालेखाकार, देहरादून की ओर से इस संबंध में कुछ आपत्ति उठाने के कारण एक अप्रैल, 2011 से उत्तर प्रदेश पेंशन राशि की प्रतिपूर्ति उत्तराखंड को नहीं कर रहा है।
राज्य की नई त्रिवेंद्र सरकार ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय से आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया था। इसके बाद बीती 10 जुलाई को गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव की पहल पर दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पेंशन दायित्व के भुगतान को लेकर कट ऑफ डेट तय नहीं की जा सकती।
यह भी तय हुआ कि उत्तर प्रदेश पेंशन की 2933.13 करोड़ राशि का भुगतान करेगा। इसके तहत निकट भविष्य में वित्त विभाग की ओर से पेंशन की लंबित राशि की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के साथ पेंशन भुगतान का मसला सुलझने से राज्य सरकार की बांछें खिली हुई हैं। राज्य सरकार की केंद्र की मध्यस्थता में की गई पहल कामयाब होने से सत्तारूढ़ भाजपा को भी कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार का मौका मिल गया है। अब पेंशन की बड़ी धनराशि मिलने से उत्तराखंड को बड़ी परेशानी से निजात मिल सकेगी। साथ ही इस मामले पर जारी सियासत में उसे बैकफुट पर नहीं जाना पड़ेगा।
हंस फाउंडेशन के साथ शुरु होगा मिड डे मील पाइलेट प्रोजेक्ट
डोईवाला में मिड डे मील के लिये सेन्ट्रलाइज किचन पाइलट प्रोजेक्ट के रूप हंस फाउण्डेशन के सहयोग से आरम्भ किया जाएगा। हंस फाउण्डेशन राज्य में कम्युनिटी टाॅयलेटस बनाने, 95 माॅडल स्कूल विकसित करने, विद्यालयों में स्मार्ट कलासेज, लैब तथा लाइबे्ररी स्थापित करने, ई-लर्निग को प्रोत्साहित करने, 10 हजार घरों में विद्युतीकरण करने, कृषि को बढ़ावा देने में सहायता करेगीं।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बुधवार को सचिवालय में हंस फाउण्डेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जनरल एस.एन.मेहता ने भेंट की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में पलायन रोकने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार में सुधार पर विशेष फोकस कर रही है। राज्य में संतुलित विकास सुनिश्ति करने हेतु योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सरकारी तंत्र में अनुशासन सुनिश्चित करने हेतु सख्त रूख अपनाया जाएगा। श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आने वाले समय में कड़े फैसले लिए जाएगे, हमें जनता का साथ चाहिए।
पाकिस्तानी देशभक्ति गीत शेयर करने पर मसूरी में बीजेपी का हंगामा
मसूरी में एक व्यापारी के पाकिस्तान की पोस्ट शेयर करने पर हंगामा हो गया। बीजेपी नेता इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत करने पहुंच गई। मसूरी के कुलड़ी में एक व्यापारी, मंसूर अहमद जोकि 59 साल के है का कहना है कि ‘मेरा अकाउंट हैक हो गया था और उसके बाद पाकिस्तानी पोस्ट शेयर हो गया।’
ये पाकिस्तान का एक देशभक्ति गीत है जिसे एक बच्चे ने सार्वजनिक कार्यक्रम में गाया है और इसमें दर्शकों में सैन्य अधिकारियों को बैठा देखा जा सकता है।
इसकी ख़बर मिलते ही स्थानीय व्यापारी और बीजेपी नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया और कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में व्यापारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
बीजेपी की लिखित शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है,एसआई,राजीव रौथान,मसूरी ने कहा कि,”ऐसा बताया गया है कि एफबी आईडी हैक हो गई है ,इसकी जांच साइबर सेल से करवाई जाएगी”।
रिलीज से पहले लीक हुई ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा’
अगस्त को रिलीज होने जा रही अक्षय कुमार की फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ के बारे में खबर मिली है कि फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इंटरनेट पर इस फिल्म को लीक कर दिया है। फिल्म के निर्माताओं की ओर से क्राइम ब्रांच में ये मामला दर्ज करा दिया है और इस आधार पर पुलिस ने फिल्म से जुड़े एक ट्रेनर से पूछताछ की है।
इस ट्रेनर के बारे में कहा जा रहा है कि उसके पास से पैनड्राइव में ये पूरी फिल्म मिली है। पुलिस ने इस ट्रेनर से कड़ी पूछताछ की है और साथ ही साइबर क्राइम शाखा को भी इस केस में शामिल करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि इस फिल्म की पाइरेसी रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं। महाराष्ट्र शासन द्वारा गठित एंटी पाइरेसी स्कॉवयड को भी इस मामले में चौकन्ना रहने को कहा गया है।
इससे पहले अनुराग कश्यप की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ और फिर इंद्र कुमार की फिल्म ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ के रिलीज होने से पहले ही लीक होने से काफी हंगामा हुआ था। अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की मुख्य जोड़ी वाली इस फिल्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। फिल्म में सुधीर पांडे और अनुपम खेर भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
‘हसीना’ के लिए रुका शाहरुख की फिल्म का शो
मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमा में पिछले 22 सालों से आदित्य चोपड़ा की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ के शो बिना रुके हो रहे हैं। मंगलवार को फिल्म ‘हसीना पारकर’ के ट्रेलर लॉन्च के लिए इस सिनेमाघर में ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ का शो रद्द करके ‘हसीना’ का समारोह हुआ। पिछले 22 सालों में ये पहला मौका बताया जा रहा है, जब किसी समारोह के लिए ‘दिलवाले…. का शो नहीं हुआ।
मंगलवार की सुबह यहां 18 अगस्त को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘हसीना पारकर’ का ट्रेलर लॉन्च हुआ। इस मौके पर फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। अपूर्वा लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी भारत के सबसे वांछनीय अपराधियों में से एक दाऊद इब्राहिम की बड़ी बहन की जिंदगी पर आधारित है। श्रद्धा कपूर ने फिल्म में हसीना का रोल किया है, जबकि उनके सगे भाई सिद्धार्थ कपूर फिल्म में उनके भाई का रोल कर रहे हैं। ये फिल्म पहले 14 जुलाई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट को बढ़ाकर 18 अगस्त कर दिया गया।
मराठा सिनेमा में इस फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इसलिए किया गया, क्योंकि इसी इलाके में दाऊद और उनकी बहन हसीना का बचपन गुजरा है। मुंबई में डी कंपनी चलाने वाला दाऊद 1993 में मुंबई में बम धमाकों के बाद फरार होकर दुबई चला गया था, जहां से बाद में वो पाकिस्तान जाकर रहने लगा। मुंबई में उसकी डी कंपनी को लेकर कहा जाता है कि हसीना ने ही अपने भाई का काम संभाला।
खाद्य सुरक्षा योजना में ‘चुपचाप’ छंटनी शुरू
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डों में भी फर्जीवाड़ा नजर आ रहा है। सरकार राशन की दुकानों को आधार से लिंक करने और पीओएस मशीनों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। वहीं आपूर्ति विभाग ने फर्जीवाड़ा छिपाने के लिए एपीएल और खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्डों में ‘चुपचाप’ छंटनी का काम शुरू कर दिया है।
हालांकि, विभाग इसे सत्यापन अभियान बता रहा है, लेकिन सूत्रों की मानें तो ये सभी फर्जी राशन कार्ड हैं। विभाग आधार प्रक्रिया लागू होने से पहले उन कार्डों को हटा देना चाहता है, जो फर्जी तरीके से बनाए गए हैं। जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत आपूर्ति विभाग ने करीब दो लाख राशन कार्ड बना रखे हैं। जिन पर पिछले दो साल से हर माह प्रति यूनिट पांच किलो गेहूं-चावल आवंटित किया जा रहा है। अब सरकार ने योजना को आधार लिंक करने का निर्णय लिया है। यह कार्य तो अंतिम चरण में चल रहा है। साथ ही अब जल्द ही राशन की दुकानें पीओएस मशीनों से भी जुड़ने जा रही हैं। यानी साफ है कि ये व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकारियों की ओर से बनाए गए फर्जी राशन कार्डों से पर्दा उठ जाएगा। लेकिन, विभाग को अभी से ये डर सताने लगा है। इसलिए अधिकारियों ने चुपचाप खाद्य सुरक्षा योजना के कार्डों में छंटनी शुरू कर दी है।
सूत्रों की मानें तो विभिन्न क्षेत्रों से करीब 25 हजार राशन कार्डों को योजना से बाहर किया जा रहा है। अब रहा सवाल यह कि जिन कार्डों को विभाग अब हटा रहा है, उन पर पिछले दो साल से राशन आवंटित हुआ तो उसे किसने लिया और अधिकारी ने इन आधी-अधूरी औपचारिकताओं पर राशन कार्ड क्यों बनाए? दरअसल, विभाग की चुपचाप की छंटनी का उद्देश्य ही अपने अधिकारियों की लापरवाही को छिपाना है। उत्तरांखंड सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता का कहना है कि विभाग ने कई डीलरों के यहां से खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड काट दिए हैं। यदि वे कार्ड फर्जी थे तो विभाग उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहा है, जिन्होंने इन कार्डों को बनाया था? वहीं जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार का कहना है कि आधार लिंक का काम पूरा हो गया है। अब विभाग उन कार्डों का सत्यापन कर रहा है, जिनके आधार गलत चढ़ गए हैं।
बेहतर संस्थानों में शिक्षा का मौका दे रही रिजर्व सीट
यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिले का दौर शुरू हो चुका है। छात्र अपने भविष्य की राह बनाने के लिए कोटे का लाभ ले सकते हैं। छात्रों के लिए तकरीबन सभी संस्थानों में कोटे की व्यवस्था है। हालांकि यह व्यवस्था सरकारी संस्थानों में ज्यादा है, लेकिन निजी विश्वविद्यालयों में भी श्रेणीवार रिजर्वेशन दिया जाता है। यही नहीं छात्रों को दाखिले में विभिन्न श्रेणियों के तहत नंबरों में भी वेटेज दिया जाता है।
बेहतर संस्थान का सपना देख रहे युवाओं के लिए कोटे की सीटें काफी मददगार साबित हो सकती हैं। राज्स में न सिर्फ एससीएसटी और ओबीसी वर्ग के लिए विशेष व्यवस्था है बल्कि जिन छात्रों की पारिवारिक सालाना आय कम है उनके लिए भी विशेष व्यवस्था है। उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की बात करें तो यहां करीब तीन हजार छात्र रिजर्व सीटों का लाभ लेकर अपने सपने को साकार कर रहे हैं।
अतिरिक्त नंबर हासिल करने का भी फायदा
रिजर्वेशन के अलावा छात्रों को अतिरिक्त अंक हासिल करने में का भी मौका मिलता है। यह अंक वेटेज भी सरकारी नियमों के अनुसार पहले से निर्धारित है। इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी के छात्र को यूजी के बाद पीजी स्तर की पढ़ाई करने में इसका वेटेज दिया जाता है। उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों को भी कई संस्थानों में 5 नंबर तक का वेटेज दिए जाने की व्यवस्था है। हालांकि यह व्यवस्था इस साल से लागू नहीं है। लेकिन इसके अलावा एनसीसी, स्काउट गाइड, विवि. और कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारियों के बच्चों को अलग से वेटेज दिए जाने की व्यवस्था है। यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्रिज स्पॉन्सर्ड और फोरन नेशनल छात्र-छात्राओं को भी विशेष दस प्रतिशत का वेटेज दिया जाता है।
श्री देव सुमन यूनिवर्सिटी में वेटेज
श्रेणी वेटेज
- एससी 19
- एसटी 04
- ओबीसी 14
- सब कैटेगरीज
- गल्र्स 30
- फिजिकली हैंडिकैप 03
- फ्रीडम फाइटर 02
- डीएफ 05
उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में स्टेट वेटेज
- श्रेणी वेटेज
- जनरल 63
- एससी 19
- एसटी 04
- ओबीसी 10
- सब कैटेगरीज
- गल्र्स 30
- फिजिकली हैंडिकैप 03
- आम्र्ड फोर्सेस 05
- फ्रीडम फाइटर 02
- डीएफ 05
ऑल इंडिया लेवल पर वेटेज - जनरल 77.5
- एससी 15
- एसटी 7.5
अंकों के हिसाब से वेटेज - योग्यता नंबर
– नेशनल व इंटर यूनिवर्सिटी स्पोट्र्स में उपलब्धि 3 परसेंट तक
– एनसीसी से ‘सी’ सर्टिफिकेट 3 परसेंट
– एनएसएस के 2 कैंप और 240 घंटे की सेवा 3 परसेंट
– एनएसएस का 1 कैंप और 240 घंटे की सेवा 5
– 240 अथवा 120 घंटे और 1 कैंप 5
– स्काउट गाइड तृतीय सोपान परीक्षा पास करने पर 10
– राज्य के गवर्नर द्वारा सम्मानित 10
– प्रेसीडेंट, वाइस प्रेसीडेंट या पीएम से सम्मानित रोवर्स व रेंजेर्स 5
राजभवन का किया जा रहा है एनर्जी आॅडिटः राज्यपाल
राजभवन का एनर्जी आॅडिट किया जा रहा है जिसके तहत मैथमेटिकल कैलकुलेशन किया गया है कि यहां कितनी एनर्जी का उपभोग किया जा रहा है और उसका कितना कार्बन फुटप्रिंट बनता है। इसी के अनुसार राजभवन परिसर में पौधारोपण किया जा रहा है जिसके चलते बुधवार को लगभग 50 पौधे लगाए गए। वहीं जुलाई माह में 300 और भी पौधे लगाए जाएंगे। हरेला पर्व के तहत राजभवन परिसर में पौधारोपण करते हुए राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने यह जानकारी दी।
हरेला पर्व के तहत राजभवन परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 50 पौधे लगाए गए। राज्यपाल ने आम की कलर प्रजाति का पौधा लगाया। राज्यपाल ने कहा कि हरेला के सांस्कृतिक पक्ष के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी इसका बहुत महत्व है। प्रयास यही है कि ज्यादा से ज्यादा हरियाली हो जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहे। उत्तराखंड में ही चिपको आंदोलन से वृक्षों की रक्षा का जनअभियान शुरू किया गया था। ये बहुत महत्वपूर्ण है कि उत्तराखंड, पर्यावरण संरक्षण के लिए आज भी देश को एक सही दिशा दिखा रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘हमने राजभवन में एक एनर्जी आॅडिट किया है। हमने ये देखा है कि हम राजभवन में बिजली, एयर कंडीशन आदि की वजह से कितनी एनर्जी का उपभोग कर रहे हैं। उसका कितना कार्बन फुट फुटप्रिंट बनता है। इसको संतुलित करने के लिए कितने पेड़ लगाने चाहिए। इसका एक गणितीय आंकलन किया गया है। इसीलिए बुधवार को 50 पेड़ लगाए गए हैं। जुलाई माह में ही 300 और पेड़ राजभवन में लगाए जाएंगे। लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।’
कांवड़ियों के आने से राजमार्ग जाम, आधे घंटे में तय हो रहा 200 मीटर का सफर
तीर्थनगरी में कांवड़ियों के आने और जल भरकर जाने का सिलसिला निर्बाध गति से जारी है। भीड़ का आलम यह है कि राजमार्ग पर पूरी तरह से जाम है।
राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए पुलिस के जवानों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। 200 मीटर की सड़क को पार करने में आधे घंटे से अधिक का समय लोगों को व्यय करना पड़ रहा है। व्यवस्था बनाने के बाद भी पुलिस यातायात व्यवस्था को काबू नहीं कर पा रही है। जाम में फंसे रहने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। फिलहाल 20 जुलाई की रात्रि से पूर्व लोगों को राहत मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। सबसे अधिक परेशानी का सामना स्थानीय लोगों को करना पड़ रहा है।





























































