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राज्य सरकार को राहत, अतिथि शिक्षक बहालः हाईकोर्ट

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अतिथि शिक्षकों की लम्बी कशमश पर आखिर हाईकोर्ट नैनीताल ने फैसला सुनाते हुए अतिथि शिक्षकों को राहत देते हुए नियुक्ति बहाल रखने के आदेश दिये हैं, जिसके चलते हाईकोर्ट से राज्य सरकार को बड़ी राहत भी मिली है। कोर्ट ने सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर नियुक्त करीब तीन हजार अतिथि शिक्षकों की सेवा 31 मार्च 2018 तक बहाल रखने का आदेश दिया है। जबकि  प्रवक्ता पदों पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए ये फैसला निराशा जनक है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को गलत ठहराते हुए निरस्त कर दिया था। एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अतिथि शिक्षक ललित सिंह व अन्य द्वारा विशेष अपील कर चुनौती दी गई। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष आज विशेष अपील पर सुनवाई हुई। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि सरकार द्वारा एलटी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अध्याचन भर्ती एजेंसियों को भेजा गया।

अब तक चयन सूची नही मिली। शिक्षकों की कमी के कारण दिक्कत हो रही है। खंडपीठ ने 31 मार्च तक एलटी अतिथि शिक्षकों की सेवा जारी रखने के आदेश पारित किए। भर्ती एजेंसियों से दिसंबर तक चयन सूची सरकार को देने के सख्त आदेश भी दिए।

फर्जी प्रमाण पत्रों का चल रहा खेल

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उत्तराखण्ड में फर्जी स्थाई व जाति प्रमाण पत्रों की मानों बाढ आ गयी हो। सेटिंग गेटिंग से इस पुरे खेल को अंजाम देकर प्रमाण पत्र बना लिये जाते हैं जबकि उन दस्तावेजों की कोई जांच तक नहीं की जाती जिनके आदार पर प्रमाण पत्र बनाये जाते हैं, यही नहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड की सीमा से सटे एेसे कई लोग है जो दोनों प्रदेशों की सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। जिनके द्वारा दोनों प्रदेशों में प्रमाण पत्र बनाये गये हैं।

मामला बाजपुर तहसील क्षेत्र का है जहां एक व्यक्ति सूचना अधिकार के तहत मांगी एक सूचना से हुए खुलासे के बारे में बताया। जहां उ.प्र. के रहने वाले एक व्यक्ति ने उत्तराखण्ड का लाभ लेने के लिए किसी अन्य व्यक्ति की भूमि रजिस्ट्री को अपनी बताकर स्थाई और जाति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिए हैं। इतना ही नहीं इस व्यक्ति ने अपने सारे परिवार के प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए एक रजिस्ट्री का प्रयोग किया है, जबकि यह व्यक्ति 1998 तक उ.प्र. नानकार रानी तहसील, स्वार जिला रामपुर का रहने वाला था।

उसके वहां के भूमि अभिलेख और विद्यालय की टी.सी. इस बात को बता रहे हैं लेकिन तहसील प्रशासन की मिलीभगत के चलते इस फर्जीवाड़े को अमलीजामा पहनाया गया । मामले का खुलासा करने वाले व्यक्ति का कहना है कि ये व्यक्ति अधिकारियों से मिल कर फर्जी दस्तावेज बनाने का काम करता है। ये ही नहीं पत्रकारिता की आढ में अधिकारियों से अपने सम्बन्धों का गलत फायदा उठाया करता है।

तहसील प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक को इस बारे में अवगत कराया गया है लेकिन तब से लेकर आज तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। लेकिन अधिकारी अपने मातहतों की खामियों पर लगातार ही पर्दा डालते नजर आ रहे हैं।

बापू पर आधारित फिल्म ‘गांधी मेमोरबैलिया’ का पोस्टर लांच

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इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2016 में प्रदर्शित फिल्म ‘मैंटोस्टान’ के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके, पिता-पुत्र की जोड़ी डॉ भानु प्रताप सिंह और आदित्य प्रताप सिंह, एक और फिल्म राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित ‘गांधी मेमोरबैलिया’ बना रहे हैं। इस फिल्म का पोस्टर हाल में लांच किया गया।

‘गांधी मेमोरबैलिया’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आधारित एक भारत-अमेरिकी परियोजना की फिल्म है। इस मौके पर निर्माता-निर्देशक डॉ भानु प्रताप सिंह और आदित्य प्रताप सिंह एवं फिल्म में विक्टोरिया की अहम किरदार निभा रही अमेरिकी मॉडल और अभिनेत्रि डारिया कोशेव ने मीडिया के समक्ष इस पोस्टर को रिलीज किया।अभिनेत्री डारिया कोशेव ने बताईं की भारत में उनकी यह पहली परियोजना है और वह गांधी के विचारों से बहुत प्रेरित और प्रभावित हैं।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए फिल्म के निर्देशक डॉ भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह फिल्म एक वृत्तचित्र नहीं है बल्कि दूसरों से अलग है। यह फिल्म गांधी के विचारों पर आधारित है, उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म एक जीवनी नहीं है बल्कि अन्य फिल्मों से अलग गांधी की सत्य और अहिंसा से हटकर भी गांधीजी के यादगार अनछुए पहलुओं पर आधारित है। फिल्म में बापू की अनदेखी हिस्से को प्रदर्शन करने की कोशिश की गई है।

इस फिल्म का ट्रेलर महात्मा गांधी की जयंती, 2 अक्तूबर, 2017 को भारत आएगा जबकि 30 जनवरी 2018 को फिल्म रिलीज होगी| फिल्म भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में एक साथ रिलीज की जाएगी| इसके साथ ही डॉ भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बापू की 150वीं जयंती पर महात्मा गांधी पर 2019 में एक बड़ी परियोजना के साथ काम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

कावड़ियों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का जादू

सावन मास की कांवड़ यात्रा में इस बार यूपी के मुख्यमंत्री  योगी आदित्य नाथ का जादू छाया हुआ है। यूपी, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से आए कांवड़िए की ड्रेस कोड में इस बार बदलाव देखने को मिल रहा है। ऋषिकेश के मणिकूट पर्वत पर स्थित नीलकंठ महादेव है में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के लिए की प्रतिदिन लाखों की संख्या में कांवड़िए गंगाजल चढ़ाने नीलकंठ आते हैं। कांवड़ियों का एक विशेष ड्रेस कोड होता है, केसरिया टीशर्ट और निकर।

इस बार की कावड़ यात्रा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू कावड़ियों के सर चढ़कर बोल रहा है। कावड़ियों के गेरुआ रंग में योगी का रंग भी देखने को मिला रहा है। ऋषिकेश नीलकंठ में बहुत से कांवड़ियों मैं योगी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी है जिससे योगी रंग इन पर साफ दिख रहा है। हालात यह हैं कि  योगी की टीशर्ट की बढ़ती डिमांड से बाजार में कुछ ही दुकानों पर योगी की टीशर्ट बिक रही है और यह टीशर्ट कावड़ियों की पहली पसंद बन गई है दुकानदार भी इससे काफी खुश है।

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आपको बता दें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऋषिकेश के पास ही स्थित यमकेश्वर ब्लॉक के छोटे से गांव पंचूर में ही जन्मे हैं, जहां से गोरखपुर का सफर तय करते हुए संसद भवन तक किसी भी आता है करना और उसके बाद यूपी जैसे बड़े राज्य की कमान संभालना। उत्तराखंड के यमकेश्वर के छोटे से गांव के अजय बिष्ट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बन ना कहीं ना कहीं यमकेश्वर महादेव और नीलकंठ महादेव के आशीर्वाद का भी अंश माना जाता है, यही कारण है कि शिवभक्त की टी-शर्ट पर योगी की फोटो गले में गमछा इस बात को साफ-साफ बता रही है।

लोगों पर योगी का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है जिससे सावन माह में होने वाली कावड़ यात्रा भी अछूती नहीं है और शिवभक्त में इसका क्रेज साफ दिखाई दे रहा है। बम भोले के जयकारों से पूरा नीलकंठ क्षेत्र गूंज रहा है, अब तक 6.30 लाख भक्तों ने भोले का जल अभिषेक किया है।

अनुकृति करेंगी ”मिस ग्रैंड इंटरनेशनल” में भारत का प्रतिनिधित्व

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फेमिना मिस इंडिया के टॉप-5 में रहीं अनुकृति गुसाईं को मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल टाइटल से नवाजा गया है। फेमिना ने मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की गर्इ। इस खिताब को पाने के बाद अब अनुकृति गुसाईं 19 जुलार्इ को देहरादून पहुंचेंगी।

फेमिना मिस इंडिया के टॉप-5 प्रतिभागियों को हर साल इंटरनेशनल लेवल पर होने वाले ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भेजा जाता है। इसी के तहत अनुकृति अक्टूबर में वियतनाम में होने वाले मिस ग्रैंड इंटरनेशनल इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। अनुकृति ने बताया कि फेमिना मिस इंडिया के लिए उन्होंने बहुत तैयारी की थी। हालांकि वो खिताब नहीं जीत सकी, लेकिन टॉप 5 में जगह बनाने में कामयाब रहीं। उन्होंने कहा कि वो लोगों का विश्वास जीतने में सफल रहीं। इसी का नतीजा है कि उन्हें वियतनाम में होने वाली मिस ग्रैंड इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है।

लैंसडाउन निवासी अनुकृति ने बताया कि प्रतियोगिता में करीब 140 देशों की सुंदरियां हिस्सा लेंगी। 2014 में मिस एशिया पेसेफिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी अनुकृति का कहना है कि वो इस इवेंट को लेकर अभी से उत्साहित हैं और वो इस प्रतियोगिता को जीतने की पूरी कोशिश करेंगी। गौरतलब है कि 25 जून को मुंबई में हुई फेमिना मिस इंडिया में अनुकृति मिस मल्टीमीडिया चुनी गईं थीं।

सीएससी के 48 केंद्रों से हटी रोक, छात्रों को मिलेगी राहत

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केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के 48 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दोबारा आधार कार्ड बनाने की अनुमति दे दी है, जबकि 302 केंद्रों पर लगी रोक अभी बरकरार है। अब प्रदेश में 344 सीएससी पर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में इस वक्त प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों के शुरू होने से छात्रों को खासी राहत मिलेगी।

उत्तराखंड में कुल 5400 सीएससी हैं, जिनमें से 646 आधार कार्ड बनाने के लिए अधिकृत थे। केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायत के बाद एक जुलाई को केंद्र सरकार ने राज्य के 350 सीएससी पर आधार कार्ड बनाने पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्य ने केंद्र सरकार से यह रोक हटाने का निवेदन किया। इस पर केंद्र ने 48 सीएससी को दोबारा आधार कार्ड बनाने की अनुमति दे दी, हालांकि 302 पर रोक अभी बरकरार है। यह रोक क्यों नहीं हटाई गई है इसको लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सीएससी के प्रदेश प्रमुख ललित बोरा ने बताया कि जिन केंद्रों में आधार कार्ड बनाने का काम बंद कराया गया, उनके संबंध में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) की ओर से शिकायत की गई थी कि उक्त केंद्रों पर आधार के आवेदन में गंभीर त्रुटियां बरती जा रही हैं। कई जगह पर तो केंद्र संचालक आवेदन में अपने हस्ताक्षर भी नहीं कर रहे थे। वहीं, राज्य के यूआइडीएआइ के अधिकारी विनय कुमार का कहना है कि उन्होंने कोई शिकायत केंद्र से नहीं की। उन्होंने केंद्रों में आधार कार्ड बनाने का काम बंद किए जाने के कारण की जानकारी होने से भी इंकार किया है।
केंद्र सरकार ने स्कूलों व अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। फिलहाल प्रवेश का सीजन चल रहा है, इस कारण आधार केंद्रों पर छात्र-छात्राओं की भीड़ जमा हो रही है। चूंकि, आधे सीएससी में आधार कार्ड बनाना बंद हैं, ऐसे में उनका लोड भी अन्य सीएससी पर आ गया है। वहीं, सर्वर पर अधिक लोड पड़ने के कारण दिनभर में एक केंद्र पर 30 से 40 लोगों के ही आधार के आवेदन अपलोड हो पा रहे हैं।
उधर, आधार कार्ड के आवेदन को सीएससी पर उमड़ रही भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध कमाई भी कर रहे हैं। कई सीएससी संचालक आधार के एक आवेदन पर 50 से 100 रुपये तक की वसूली कर रहे हैं

आपदा प्रबंधन, लोगों को करें प्रशिक्षितः सीएम

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आपदा प्रबंधन में स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लोगों को फर्स्ट रेसपांडर के रूप में भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीणों को आवश्यक संसाधन दिए जाएं। स्कूल के बच्चों में जन जागरूकता गतिविधियां चलाएं, पाठ्यक्रम में आपदा प्रबंधन की जानकारिया शामिल करें। एसडीआरएफ का मौसम विभाग से सीधा तालमेल जरूरी है। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ईको टास्क फोर्स की तर्ज पर एसडीआरएफ को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए उसके कैचमेंट एरिया में वृक्षारोपण का कार्य दिया गया।

सोमवार देर शाम सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की तर्ज पर राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के ढांचे को और तार्किक करने किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक, आर्मी, आईटीबीपी के प्रतिनिधियों को सदस्य रूप में और विशेषज्ञ वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य रूप में लाने पर भी बैठक में सैद्धांतिक सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने इसके लिये कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए। राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण में आकाशीय बिजली को राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्राकृतिक आपदा घोषित किए जाने पर कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।

बैठक में अधिकारियों ने विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक के माध्यम से सितम्बर, 2016 से आज तक किए गए कार्यो की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति एवं क्रियाकलापों का विवरण दिया गया। विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक की आडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। इस दौरान राज्य आपदा प्रबंधन योजना में किए गए संशोधन पर प्राधिकरण का अनुमोदन तथा जनपद नैनीताल की जिला आपदा प्रबंधन योजना पर प्राधिकरण का अनुमोदन किया गया। बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मद में वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में स्वीकृत धनराशि का विवरण एवं कार्योत्तर अनुमोदन एवं राज्य आपदा विमोचन निधि से वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में जारी की गई धनराशि का विवरण एवं कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बैठक में विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक द्वारा ओडीसीएच व पेयजल पर तैयार की गई 02 कॉफी टेबल बुक्स का विमोचन भी बैठक में किया। इसके साथ ही डीएमएमसी द्वारा राष्ट्रीय विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जन जागरूकता हेतु बनाई गई 05 लघु फिल्मों एवं डीएमएमसी द्वारा आपदा प्रबंधन जन-जागरूकता हेतु तैयार की गई 20 लघु कहानियों की पुस्तक ’प्रयास’ का विमोचन भी किया।

बैठक में भारत सरकार एनडीएमए द्वारा सहायतित राज्य में चलायी जा रही आपदा प्रबंधन संबंधी 05 योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया। इण्डिया डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क का अद्यतन विवरण प्रस्तुत किया गया। मानसून ऋतु 2017-18 में घटित प्राकृतिक आपदा की अद्यतन स्थिति का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। बैठक में निदेशक भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून विक्रम सिंह ने मानसून के सम्बंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया। आईजी संजय गुंज्याल ने राज्य आपदा प्रतिवादन बल(एसडीआरएफ) के आपदा से सम्बंधित जन जागरूकता को चलाये जा रहे प्रशिक्षिण कार्यक्रम एवं क्रियाकलापों पर प्रस्तुतीकरण दिया । बैठक में वित्त मंत्री प्रकांश पंत, मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, पुलिस महानिदेशक एमए गणपति, सचिव आपदा प्रबन्धन अमित नेगी, सचिव गृह विनोद शर्मा समेत आर्मी व आईटीबीपी के प्रतिनिधि मौजूद थे।

दून में लोगों को मिली राहत, पांच दिन बाद पानी की आपूर्ति शुरू

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भारी बारिश के दौरान पांच दिन पहले बही बांदल जलस्रोत की पाइप लाइन को जल संस्थान ने ठीक कर दिया। इसके बाद सोमवार से पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है। हालांकि, मंगलवार सुबह तक भी सभी इलाकों में आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है, लेकिन एक बड़ी आबादी को सोमवार से पानी मिलना शुरू हो गया था। जल संस्थान के अधिकारियों का दावा है कि मंगलवार सभी इलाकों में पानी मिलना शुरू हो जाएगा।

बीते बुधवार को हुई भारी बारिश से जल संस्थान की बांदल स्रोत की पाइप लाइन रायपुर में बह गई थी। इससे राजपुर रोड, चकराता रोड समेत एक दर्जन से ज्यादा इलाकों के 60 हजार से ज्यादा लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया था। पांच दिन की मशक्कत के बाद रविवार रात्रि में लाइन को ठीक किया गया। इसके बाद सोमवार सुबह तक पानी वाटर वर्क्स पहुंचा। हालांकि, कई मोहल्लों में सोमवार को पानी पहुंच गया। चूंकि, पहले दिन लोग घरों में निजी टैंकों को भरने में जुट गए, इसलिए पानी सभी घरों तक नहीं पहुंच पाया। हाथीबड़कला क्षेत्र के पार्षद भूपेंद्र कठैत ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में पानी जरूर पहुंचा है, लेकिन अब भी कई जगहों पर लोग पानी को तरस रहे हैं। इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत की गई है, जिसके बाद टैंकरों से इन जगहों पर सप्लाई दी गई। वहीं, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता यशवीर मल्ल ने बताया कि अधिकांश घरों तक पानी पहुंच गया है। 

बच्चों ने देखी ‘पप्पू की पगडंडी’ फिल्म

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केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की स्वायत्त संस्था ‘बाल चित्र समिति’ द्वारा 17 से 22 जुलाई तक जिले के सिनेमाघरों में प्रतिदिन सुबह के शो में दिखाई जाने वाली बाल फिल्म कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के तहत सोमवार को शहर के सिनेमा हाॅल सिलवर सिटी में विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों को ‘पप्पू की पगडंडी’ फिल्म दिखाई गर्इ। बच्चों ने फिल्म का खूब आनंद लिया।

इसी प्रकार जिले के अन्य सिनेमा घरों जिनमें पीवीआर सिनेमा, बिग सिनेमा, मूवी लांउग सिनेमा, मुक्ता सिनेमा, गिल्ट्ज सिनेमा तथा रामा पैलेस ऋषिकेश में सुबह के शौ में फिल्मे प्रदर्शित की गर्इ। 

किसान की खुदकुशी की धमकी से खलबली

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लामाचौड़ क्षेत्र, हल्द्वानी के रामपुर गांव में खेतों में सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तारा दत्त कांडपाल से मिले। खेती चौपट होने से परेशान एक किसान ने खुदकुशी की धमकी दी तो अफसरों में खलबली मच गई। तुरंत अधिशासी अभियंता ने अवर अभियंता को तलब कर फटकार लगाने के साथ ही सिंचाई नहर की सफाई कर जलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दे डाले। वहीं कृषि विभाग के अफसरों ने भी दोपहर में गांव का मौका मुआयना किया। ग्रामीण ने व्हाट्सएप पर डीएम से भी इसकी शिकायत की है।

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रामपुर गांव के ग्रामीण चंदन सिंह लटवाल व मदन मोहन सनवाल कालाढूंगी रोड स्थित सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव में गौला के पानी से सिंचाई होती है। लामाचौड़ चौराहे से नहर का पानी नाले में डाइवर्ट कर दिया गया है। वहीं नहर में कई फुट ऊंची सिल्ट जमा हो चुकी है। कई बार सिंचाई विभाग के अफसरों से पत्राचार के बाद भी नहर की सफाई नहीं की जा रही है। इसी दौरान ग्रामीण चंदन सिंह ने गुस्से में अफसर के सामने ही खुदकुशी की धमकी दे डाली, इससे अफसर व मातहतों में हड़कंप मचा।

अधिशासी अभियंता ने तुंरत फोन कर क्षेत्रीय अवर अभियंता को तलब किया। दोनों ग्रामीणों के साथ अवर अभियंता को नाले की सफाई करने व जलापूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए। वहीं दोनों ग्रामीणों ने कृषि विभाग के अफसरों को भी अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पानी न मिलने से धान की रोपाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इस पर मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार व कृषि अधिकारी हल्द्वानी आरके आजाद ने गांव का दौरान कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।