नींद में नाक या मुंह के रास्ते आने वाली अनेक तरीके की आवाजें, जिन्हें हम खर्राटे कहकर बुलाते हैं। ये खर्राटे कई तरह के होते हैं जैसे सीटी की आवाज वाले खर्राटे, गहरी आवाज वाले घर्र-घर्र करने वाले खर्राटे, रुक-रूक कर तेज आवाज फैलाने वाले खर्राटे आदि-आदि। ऐसे खर्राटों की आवाज़ को कभी हम काॅमेडी कर नजरअंदाज कर देते हैं तो कभी ज्यादा खास ध्यान नहीं देते। लेकिन, विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि खर्राटे खतरनाक भी हो सकते हैं। समय रहते इसकी जांच कराना ही समझदारी है।
नींद में खर्राटों के कारण और उसके दुष्प्रभावों को लेकर विशेषज्ञ डाॅ. जगदीश रावतका कहना है कि अनिंद्रा के कारण रोगी को आॅब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया बीमारी हो सकती है। इस बीमारी की वजह से मरीज को दिल की बीमारी, ब्लड प्रेशर बढ़ना, अचानक सोते समय दिल की धड़कन बंद होना, ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना, अचानक दिमाग की नस फटना और लकवा मारना हो सकते हैं। ऐसे में इस बीमारी को नजरअंदाज करना किसी लिहाज से समझादारी नही है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के खर्राटों की समस्या परिवार में किसी को भी हो इसे मजाक में न लेकर गंभीरता से इसका उपचार कराना उचित होगा।
एसएमआई ने लगाया निशुल्क कैंप
शुक्रवार को श्री महंत इंदिरेश अस्पताल परिसर में खर्राटे एवं अनिद्रा रोग सम्बंधित रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु निशुल्क शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 110 रोगियों का परीक्षण किया गया, 19 रागियों को डाॅक्टरों ने स्लीप स्टडी का परामर्श दिया। अस्पताल की ओर से वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि शिविर में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक थी जिन्हें खर्राटे, मोटापा, दिन में ज्यादा नींद आना, ड्राइविंग करते समय सोने की
शिकायत, सोते समय अचानक सांस रूकने के अहसास से नींद टूट जाना, अनिंद्रा, सैक्स से विरक्ति, नींद में चलना या बोलना आदि की शिकायत रहती है। डाॅक्टरों ने ऐसे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी आवश्यक जांचें की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध अत्याधुनिक स्लीप स्टडी मशीन के माध्यम से मरीजों की स्लीप स्टडी की जाएगी। शिविर में पंजीकृत रोगियों को खर्राटे व अनिद्रा रोग सम्बन्धित जांच पर 30 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।
नींद में खर्राटें की आवाज को न करें नजरअंदाज
दिल्ली की युवा लड़की ”दिविता” ने उठाया सिंगटाली को स्मार्ट गांव बनाने का बीड़ा
ऋषिकेशः कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो!! यह पंक्तियां दिविता जैन पर सटीक बैठती है, स्नातक पत्रकारिता और सोशियल वर्क में पीजी करने के बाद दिल्ली निवासी दिविता जैन अपने सामाजिक कार्य के लिए टिहरी जिले के नरेंद्रनगर ब्लॉक के अटाली ग्राम पंचायत के सिंगटाली गांव को चुना जो ऋषिकेश-कौडियालय ईकोटूरिज्म जोन में स्थित है। यहां पलायन और बेरोजगारी चलते गांव खाली होने के कगार पर आ गया है खेती चौपट है जो थोड़ा बहुत होता है उसे बंदर नष्ट कर जाते हैं। इस गंगा तटीय गांव की बेसिक स्टडी के बाद दिवीता ने अब इसकी बेहतरी के लिए एक विस्तृत योजना बनाई जिससे आने वाले दिनों में यह गांव स्मार्ट गांव की श्रेणी में आ जाएगा। दिविता ने बताया कि ईकोवीटा फाउंडेशन 17 सितंबर से गांव की सीमा में व्यापक पौधा रोपण कर इस योजना का शुभारंभ करेगी जिसमें गांव की सीमा में फलदार और औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। गांव के खेत खलिहालों को आबाद करना और जल स्रोतों को रिचार्ज करना भी उनके एजेंडे में है। साथ ही ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार पूर्वक योजनाओं से जोड़कर स्वालंबी बनाया जाएगा और गांव में उद्यान बागवानी और हॉटरीकल्चर जैसे कार्यों से पुरुषों को जोड़कर एक कमाई का जरिया बनाया जाएगा, जिससे गांव में पलायन रुके और लोगों को रोजगार मिल सके। इस काम में उनका सहयोग कर रहे डा. एसएन मिश्रा उर्फ पेड़ बाबा स्थानीय ग्रामीण भी उन्हें पूरा सहयोग दे रहे हैं। जिसकी शुरुवात 17 सितम्बर से की जा रही है।
विदेशी के घर पर लहराता है तिरंगा, हिंदी का है दीवाना
एक ऐसा विदेशी, जिसके घर पर लहराता है तिरंग और वे हिंदी के हैं दीवाने। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले स्विट्जरलैंड के निवासी पीथल लोदार(भोला दास) अपना देश छोड़कर उत्तराखंड में बसे गए हैं। उनका पूरा परिवार ऋषिकेश के पास पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक में रह रहा है। 17 साल से यहां बसे लोदार परिवार ने अब भारत को ही अपना देश मान लिया है। ये परिवार यहां एक छोटे से गांव में हिंदी को बढ़ावा देने और समझने के बाद अब तमाम स्थानों पर घूमकर लोगों को हिंदी का महत्व समझा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार संवाददाता ने हिंदी दिवस पर इस शख्स से बातचीत की। पीथल अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़कर पहाड़ में ही खेती करके अपना गुजारा करते हैं। जानवर पालकर उनका दूध निकालकर और चूल्हे में रोटी बनाकर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी ठीक वैसे ही जी रहा है जैसे एक पहाड़ का परिवार जीता है। इस विदेशी परिवार के मुखिया पीथल लोदर अब भोला दास बन गए हैं। भोला दास ने अपना नाम तो बदला ही साथ ही अपनी पत्नी और दो बच्चों का नाम भी बदल लिया है। ईसाई धर्म से सनातन धर्म में परिवर्तन होने के बाद भोला दास अब उत्तराखंड की संस्कृति, यहां की आबोहवा और गांव के लोगों में ऐसा रच-बस गए हैं कि उन्हें न तो अपने देश की याद आती है और न ही किसी की कमी महसूस होती है।
भोला दास के यहां रहने के बाद से गांव के आसपास के लोग अब भोला दास और उसके परिवार को कहीं जाने नहीं देना चाहते। भोला दास के बच्चे देहरादून में पढ़ते हैं। फर्राटेदार इंग्लिश बोलने वाले पति-पत्नी अब हिंदी में बात करते हैं। भोला दास की पत्नी बेहद शर्मीली है। लिहाजा गांव के बुजुर्गों के सामने हमेशा घूंघट डाले रहती है। भोला दास के घर पहुंचने के बाद जरा भी यह नहीं लगेगा कि यह किसी विदेशी का घर है। भोला के घर में खेतीबाड़ी का सारा सामान मिलेगा। चूल्हे में बनती हुई रोटी मिलेगी, चूल्हे के धुएं से काली होती घर की छत मिलेगी। बाहर रंग बिरंगे फूल भी खिलते मिलेंगे। सबसे खास बात भारत माता का तिरंगा भोला दास के घर की शोभा बढ़ाता है। भोला का कहना है कि भारत और यहां के लोगों के साथ-साथ उत्तराखंड से उसे इतना लगाव हो गया है कि अब वो भूल चुका है कि वह स्विट्जरलैंड में रहा करता था।
आज भी स्विट्जरलैंड सरकार उसे पेंशन के तौर पर अच्छी खासी रकम देती है जिससे वह अपने परिवार और गांव वालों का बहुत सहयोग करता है। इतना ही नहीं शादी-विवाह, नाच-गाना, सुख-दुख हर समय में भोला दास और उसका परिवार गांव वालों के साथ रहता है।भोला दास और उसके परिवार से गांव के लोग भी बेहद खुश हैं, लेकिन भोला गांव की एक परेशानी से इतना परेशान है कि वह सरकारी अफसरों के भी सामने अपनी गुहार लगा चुका है। दरअसल, भोला का कहना है कि वह पौड़ी के बंदरों से इतना परेशान है कि आए दिन सरकारी दफ्तरों में भी चक्कर काट रहा है। इतना ही नहीं बंदर उसकी खेती और उसके फूल पत्तियों को रोज नुकसान पहुंचाते हैं।
गांव वालों से भी मिला प्यार और साथ
इन सब कठिन हालातों से जूझते हुए गांव वालों के साथ और प्यार के साथ भोला दास और उसका परिवार मजे में उत्तराखंड के पहाड़ों में जिंदगी बिता रहा है और यही संदेश दे रहा है कि जो लोग छोटी मोटी समस्याओं को देखने के बाद उत्तराखंड से पलायन कर जाते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। साथ ही उत्तराखंड के उन लोगों को भी उत्तराखंड आने का दोबारा आग्रह करता है जो पहाड़ छोड़ निचले इलाकों में बस गए हैं।
आयुर्वेदिक औषधियों में गम्भीर शोध की आवश्यकताः राज्यपाल
हर्बल उत्पादों के समुचित क्वालिटी कंट्रोल, गहन शोध व विश्वसनीय चिकित्सकीय परीक्षण द्वारा आयुर्वेद को विश्व स्तर पर व्यापक पहचान दिलाई जा सकती है। आयुर्वेद के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने से न सिर्फ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे, बल्कि प्रदेश आर्थिक रूप से भी बेहतर बनेगा। इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ पैट्रोलियम में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा ‘रिसेंट एडवांसेस इन आयुर्वेदिक हर्बल मेडिसिन- फ्राॅम सोर्स टू मेन्यूफेक्चरिंग’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पॉल ने यह बात कही। उन्होंने आयुर्वेदिक औषधियों के क्षेत्र में गंभीर शोध की जरूरत बताई।
नेशनल मेडिकीनल प्लांट्स बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित सम्मेलन को प्रदेश के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पॉल, कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत व अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इनके निर्माण में उच्च मानकों का पालन किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में औषधीय पौधों की तेजी से बढ़ती हुई मांग को देखते हुए इनकी प्रभावोत्पादता व सुरक्षा उपायों के उच्च मानक स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। क्वालिटी कंट्रोल के साथ ही औषधीय पौधों को कीटाणुओं, कीटनाशकों व अन्य प्रदूषकों से बचाना होगा।
राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद व योग हजारों वर्षों से भारत की जीवन पद्धति का हिस्सा रहे हैं। आयुर्वेद दृढ़ बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित विज्ञान की सुव्यवस्थित शाखा है। अथर्ववेद में जिन भी जड़ी बूटियों का जिक्र है, वे सभी उत्तराखंड में पाई जाती हैं। कह सकते हैं कि आयुर्वेद की उत्पत्ति उत्तराखंड में हुई है। इसलिए आयुर्वेद को आगे बढ़ाने व इसमें लोगों की विश्वसनीयता बनाने में उत्तराखंड का सर्वाधिक दायित्व है। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विश्वविद्यालय हर्बल पौधों में गहन अनुसंधान के लिए कार्ययोजना बनाए। इस अनुसंधान का लाभ पूरी मानवता को मिलना चाहिए। बाहर के देशों में केवल अश्वगंधा, सर्पगंधा व नीम पर आधारित आयुर्वेदिक दवाईयों की ही स्वीकार्यता स्थापित हो पाई है क्योंकि इनमें पर्याप्त अनुसंधान हुआ है। आयुर्वेद में फार्माकोपियो (औषधियों की सूची, जिसमें कि औषधियों का प्रभाव व उनके उपयोग का वर्णन होता है) बनाना चाहिए। इसके तहत हर्बल औषधि विशेष के लिए आवश्यक मृदा, तापमान, जलवायु, उर्वरक संबंधी दशाओं की जानकारी हो।
केबिनेट मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि देश की जैव विविधता का 28 प्रतिशत उत्तराखंड में है। आयुर्वेद में बहुत काम किया जाना है। इसके लिए व्यवहारिक नीतियां बनानी होंगी। वैज्ञानिक तरीकों से लोगों में आयुर्वेद के प्रति विश्वास बढ़ाना होगा। आयुर्वेद से जुड़े लोगों को समर्पण की भावना से काम करना होगा। गम्भीरता के साथ अनुसंधान कार्य करने होंगे। केबिनेट मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि जायका के तहत औषधीय महत्व के पेड़ लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम में सचिव आयुष हरबंस सिंह चुघ, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी, सीएसआईआर आईआईपी के निदेशक डाॅ. अंजन रे, यूकाॅस्ट के महानिदेशक डाॅ. राजेंद्र डोभाल व अन्य उपस्थित थे।
किडनी कांड: पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, चलाया सर्च अभियान
दून पुलिस ने सर्च वारंट लेकर नेचर विला के कमरा नम्बर 130 में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके अलावा दून पुलिस ने किडनी कांड के मुख्य आरोपी डा. अमित कुमार पर पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर दर्ज मुकदमों की भी लिस्ट बनाई है।
कोर्ट से तलाशाी वारंट मिलने के बाद शुक्रवार को दून पुलिस की टीम द्वारा किडनी कांड के नामजद आरोपी राजीव चौधरी के नेचर विला स्थित कमरा नंबर 130 में सर्च अभियान चलाया गया। विवेचक उपनिरीक्षक भुवनचंद पुजारी के नेतृत्व में पुलिस टीम करीब पौने 9 बजे नेचर विला स्थित कमरा नंबर 130 में पहुंची। जहां करीब दो से ढाई घंटे तक पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। तलाशी के दौरान पुलिस टीम ने सबूतों को इकट्ठा कर कार्यवाही करते हुए कई दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया गया। पुलिस टीम को नेचर विला रिसोर्ट से 5 अलग- अलग लिफाफों में डोनर व्यक्तियों की मेडिकल रिपोर्ट मिली।
पुलिस का दावा है कि इसमें से एक लालजी भाई की एंजियोग्राफी है। जो कि घटना में पीड़ित भी है। इसके अलावा पुलिस को कमरे से एक चेक बुक कोटक महिंद्रा बैंक की मिली है। इसके साथ ही हॉस्पिटल के साथ एग्रीमेंट की कापी, सेंचुरी गंगोत्री हॉस्पिटल के अंग्रेजी में विज्ञापन की फोटो कापी, सेंचुरी गंगोत्री हॉस्पिटल की ओपनिंग पंपलेट भी दून पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा पुलिस को कमरे से कई अन्य अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
खंगाली जा रही अमित रावत की हिस्ट्री
दून पुलिस ने शुक्रवार को किडनी कांड के मुख्य आरोपी डा. अमित रावत की हिस्ट्री भी खंगाली। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि अब तक की जानकारी जो पुलिस को मिली है उसमें आरोपी के खिलाफ 2011 में चंडीगढ़, 1995 में जयपुर, 2000 में आन्ध्रप्रदेश में, 2006 में दिल्ली के किडनी कांड से संबंधित मुकदमे जबकि 2008 में गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है।
500 नहीं, अब 15 लोग ही होंगे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ रैली का हिस्सा
राज्यमंत्री रेखा आर्य की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ रैली में अब 500 की जगह केवल 15 लोग ही देहरादून से हरिद्वार जाएंगे। शुक्रवार तड़के प्रस्तावित दूधली मार्ग का मुआयना करने के बाद रेखा आर्य ने यह निर्णय किया। विधानसभा स्थित अपने ऑफिस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने रैली के फाइनल रूट की जानकारी दी।
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी करेंगे रैली का समापन
राज्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर को सुबह आठ बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पुलिस लाइन से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पुलिस लाइन से चलकर रैली विधानसभा के पास सभा में तब्दील हो जाएगी। वहां सभी को बेटियों को बचाने का संकल्प दिलाने के बाद सभी वापस लौटा दिया जाएगा। केवल रेखा आर्य कुछ प्रोफेशनल साइकिल चालकों के साथ हाईवे से होते हुए हरिद्वार रवाना होंगी। हरिद्वार में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी रैली का समापन करेंगी। अब तक महिला बाल विकास विभाग को विभिन्न कंपनियों से सीएसआर के तहत 200 से ज्यादा साइकिल मिल चुकी हैं।
खस्ताहाल सड़क को देख बदला प्लान
बीते रोज विस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में तय किया गया कि हाईवे की जगह दूधली होते हुए रैली डोईवाला जाएगी। वहां से रेखा आर्य कुछ लोगों के साथ हाईवे से हरिद्वार जाएंगी। बाकी लोग वाहनों से आएंगे। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को रेखा ने महिला और बाल विकास विभाग के अफसरों के साथ सुबह सवेरे ही दूधली सड़क का मुआयना किया। सड़क की खस्ता हालत देख उन्होंने इरादा बदल दिया। यदि 500 साइकिल हाईवे पर चलती तो व्यवस्था बिगड़ सकती थी। इसलिए ही रैली का रूट बदला है। दूसरी तरफ रेखा ने कहा कि, साइकिल रैली को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके पीछे छिपी भावना को समझा जाना चाहिए। इस आयोजन के बाद कम लिंगानुपात वाले चंपावत, पिथौरागढ़ और चमोली में भी जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
पिता के लाइसेंसी बंदूक से खुद को मारी गोली
सिटी कंट्रोल रूम के माध्यम से करीब 8:00 बजे सूचना प्राप्त हुई की सोसाइटी एरिया क्लेमेंटटाउन में एक लड़के को गोली लगी है। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई तो जहाँ पर दीपक जखवाल, उम्र करीब 17 वर्ष जो आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमेंटटाउन मैं 11वीं कक्षा का छात्र था। मृतक दीपक के पिता आर्मी में है।
मृतक दीपक के पिता आर्मी में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं जिनकी तैनाती वर्तमान में गढ़वाल स्काउट्स, जोशीमठ, चमोली में है। मृतक की माता गीता देवी एवं बहन प्रीति जखवाल सब्जी लेने गई थी एवं दीपक उस वक्त घर में अकेला था, जिसने अपने पिता के लाइसेंसी बंदूक 12 बोर से गोली लगने से दीपक की मृत्यु हो गई। मौके पर टीम को बुलवाया गया एवं लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में लिया गया। मृतक के शव को मोर्चरी भिजवाया गया है। प्रथम दृष्टया प्रतीत हो रहा है कि मृतक दीपक अपने पिताजी की लाइसेंसी बंदूक पर छेड़खानी करते समय ट्रिगर दबने से गोली चलने पर अचानक मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है। मृतक के परिजन मौके पर मौजूद हैं, मृतक दीपक के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। कल पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
फ्रॅाड करने वाले को किया उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार
निशा सेठी जोकि एटलांटा अमेरिका में रहती हैं, ने अपनी बेटी नताशा सेठी के आने जाने के हवाई टिकट के लिये संचित जैन, शुशांत लोक-2 सेक्टर, 56 गुडगाँव की रूट-ओ-ट्रेवल नामक कंपनी से करवाया। जिसने आने- जााने के हवाई टिकट की बुकिंग के नाम पर 2,50,000/- रुपये अपने येस बैंक के A/C नंबर में डालने तथा अगले दिन एयरपोर्ट पर जाकर अपने टिकट ले लेने को कहा।
जब निशा सेठी एयरपोर्ट पर अपने टिकट लेने गयी तो पता चला की उनके कोई टिकट बुक नही हैं।निशा ने जब संचित जैन के संपर्क नम्बरों पर संपर्क किया तो सभी नंबर बंद मिला, जिस पर निशा को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। जिस पर निशा सेठी ने अोनलायन शिकायती प्रार्थना पत्र पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र देहरादून को प्रेषित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक महोदय के आदेश पर थाना राजपुर पर मु.अ.स. 95/17 धारा 420 पंजीकृत किया गया तथा अभियुक्तगण की तलाश के लिये पुलिस टीम को गुड़गाव भेज गया। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों द्वारा खोली गई कंपनी के पते पर जाकर जानकारी ली गयी तो पता चला कि अभियुक्तो ने एक फर्जी ट्रेवल एजेंसी खोली थी, जिसे वह बंद करके फरार हो चुके है। वर्ष 2016 से काफी तलाश करने के बाद भी अभियुक्त गणो का पता नही चला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार साइबर सेल की सहायता से अभियुक्तगणों को सोशल मीडिया पर तलाश किया गया तो अभियुक्त का वर्तमान में सेक्टर 46 नोएडा उत्तर प्रदेश में होना पाया गया। जिस पर गिरफ्तारी के लिये कार्यवाही करते हुए पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा एक टीम गठित कर सेक्टर 46 नोएडा उत्तर प्रदेश भेजी गयी। टीम द्वारा उक्त अभियोग में वांछित अभियुक्तों में से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
लूट व हत्या का आरोपी साधु गिरफ्तार
कनखल पुलिस ने भगवा धारण कर एक आश्रम में रह रहे लूट व हत्या के प्रयास के आरोपी को धरदबोचा। आरोपी के खिलाफ पिथौरागढ़ में लूट व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है।
कनखल थाना प्रभारी अनुज सिंह ने बताया कि सुरेश चन्द्र भट्ट निवासी पिथौरागढ़ के खिलाफ 2003 में लूट व हत्या के प्रयास का मुकद्मा दर्ज हुआ था। आरोपी पिछले काफी समय से फरार था। इसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी भी हुए थे।
एसटीएफ की टीम ने बताया कि आरोपी कनखल स्थित संतोषी माता आश्रम में रह रहा था। इतना ही नहीं कई नामचीन लोग बाबा के सम्पर्क में थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पिथौरागढ़ जाएगी।
यूटिलिटी दुर्घटनाग्रस्त, दो लोग गंभीर घायल
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के बनचोरा रोड पर एक यूटिलिटी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार देने के बाद देहरादून रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, उड़खोला से कोटधार जा रहा यूटिलिटी पिकप वाहन यूके 07 सीए 5731 अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। जिससे वाहन में सवार जयपाल कलूडा अौर सबलू (65) गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने घायलों को सीएचसी चिन्यालीसौड़ पहुंचाया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को देहरादून रेफर कर दिया गया।
चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैैनात डा. जितेंद्र भंड़ारी ने बताया कि, “घायलों की हालत गंभीर होने के कारण इलाज के लिए हायर सेंटर देहरादून रेफर किया गया है।”





























































