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भंसाली की एक और फिल्म में शाहिद कपूर?

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संजय लीला भंसाली की फिल्मों का मामला अजीब होता जा रहा है। एक तरफ उनकी फिल्मों का भविष्य अधर में है, तो दूसरी ओर नई फिल्मो को लेकर रोज कोई न कोई खबर सामने आ जाती है। अब शाहिद कपूर को लेकर खबर मिल रही है कि ‘पद्मावती’ में पहली बार भंसाली के साथ जुड़े शाहिद कपूर उनकी कंपनी की एक और फिल्म में काम करेंगे। ये कौन सी खबर होगी, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

दूसरी ओर साहिर लुधियानवी और अमृता प्रीतम के रिश्तों पर बनने जा रही फिल्म ‘गुस्ताखियां’ का मामला लटका हुआ है। इसमें कौन क्या कर रहा है, इसे लेकर कंफ्यूजन है। प्रियंका चोपड़ा और इरफान को लेकर ये फिल्म शुरु होने जा रही थी। दोनों ही इस फिल्म से किनारा कर चुके हैं। अब ऐश्वर्या राय और उनके पति अभिषेक का नाम सुना जा रहा है, लेकिन ये भी कहा जा रहा है कि पति-पत्नी एक साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है। शाहरुख खान को लेकर भी भंसाली की एक फिल्म की चर्चा थी, लेकिन इसका खंडन हो गया है। पद्मावती कब रिलीज होगी, इस सवाल का भी किसी के पास जवाब नहीं है।

पहाड़ी संगीत का उभरता सितारा:पंकज डोभाल

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ऐसा अक्सर नहीं होता कि हम किसी 24 साल के लड़के से मिलें जो अपना एमबीए कोर्स के साथ साथ, दिल्ली में किसी एडवरटाईजिंग कंपनी में मीडिया एक्जिक्यूटिव की तरह काम कर रहा हो अौर इसके अलावा यह गढ़वाली और हिंदी दोनों ही में गाता हों ।

उत्तराखंड में युवा प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं और ऐसे ही एक प्रतिभाशाली गायक हैं पंकज डोभाल। हालांकि हमारे राज्य में बहुत से गायक हैं लेकिन यह थोड़ा अलग हैं, रिमिक्स के इस ज़माने में भी पंकज अपनी मातृभाषा गढ़वाली में गाने कंपोज करते हैं।दिल्ली में रहने वाले पंकज पौड़ी जिले के घिरी गांव के रहने वाले हैं, खास बात यह हैं कि वह अपने गाने गढ़वाली में ही बनाते और गाते भी हैं।

pankaj dobhalपिता चित्रानंद और मां सुषमा डोभाल के मंजले बेटे हैं । न्यूज़पोस्ट से बातचीत में पंकज ने बताया कि, “संगीत मेरे लिए ऐसा हैं जिसके साथ मैं बड़ा हुआ हूं, घर में मां गुनगुनाती रहती थी और घर में हमेशा गढ़वाली में बात करते थे इसलिए स्वाभाविक रुप से मेरे अंदर था कि गढ़वाली भाषा में कुछ करना है।”

पंकज की मां सुषमा का संगीत प्रेम उनके दूसरे बेटे पंकज को मिला। साल 2015 में पंकज ने अपने जूनुन को एक नए मुकाम पर पहुंचाया और अपना पहला हिंदी गाना लाँच किया। उनका दूसरा गाना ‘रोणु ना रहतू’ 2017 के शुरुआत में रिलीज हुआ, 3 मिनट के गाने को बनाने में इन्हें 3 महीने से भी कम समय लगा, आपको बता दें कि इस गाने में संगीतकार, वोकलिस्ट और कंपोजर खुद पंकज ही हैं।

“मैं एक गढ़वाली हूं और मैं अपने म्यूजिक के माध्यम से इस इंडस्ट्री में गढ़वाल के नाम पर कुछ करना चाहता हूं, मेरा परिवार मेरे लिए क्रिटिक्स का काम तो करने के साथ ही मेरे सबसे बड़े फैन्स भी हैं।”

आजकल पंकज अपने नए प्रोजेक्ट, उत्तराखंड पलायन पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री का बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार करने में व्यस्त हैं।अभी अभी उनकी टीम गंतव्य जोकि चार दोस्त चंचल उपाध्याय, रोनी ठाकुर,अजय सरस्वती अौर पंकज ने साथ मिलकर 5 मिनट का मैशअपनया गाना ‘अर्जिया’ रिलीज किया हैं।

एनआईटी के स्थाई परिसर को देखी जमीन, एमएचआरडी को जाएगी रिपोर्ट

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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को सुमाड़ी में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के स्थाई परिसर के प्रस्तावित निर्माण के लिए 125 हेक्टेयर जमीन का जायजा लिया। टीम के तीनों सदस्यों ने मीडिया से दूरी बनाते हुए चार-पांच स्थानों पर कुछ देर रुककर नक्शे के आधार पर जमीन की वास्तविक स्थिति देखी। मुआयने के बाद टीम शाम को दिल्ली रवाना हो गई।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय दिल्ली में एनआईटी संस्थानों का काम देख रहे निदेशक संजीव शर्मा के नेतृत्व में सीपीडब्ल्यू दिल्ली के चीफ इंजीनियर बीके गर्ग और अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता शुक्रवार को एनआईटी के लिए प्रस्तावित जमीन देखने सुमाड़ी पहुंचे। करीब दो घंटे तक इस टीम ने नक्शे के आधार पर क्षेत्र का जायजा लिया। पत्रकारों के बार-बार पूछे जाने पर टीम में शामिल केंद्रीय लोनिवि दिल्ली के चीफ इंजीनियर बीके गर्ग ने कहा कि वह लोग केवल साइट देखने आए हैं। टीम ने चमराड़ी के सामने की जमीन भी देखी। टीम ने देखा कि उक्त जमीन पर बिल्डिंग बनाई जा सकती है या नहीं। एनआईटी के कुलसचिव सुखपाल सिंह टीम के सदस्यों को जमीन की स्थिति बताई।
इधर, सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने को लेकर आंदोलित प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष और अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। जनमंच के सदस्यों का आरोप था कि एनआईटी के कुलसचिव की ओर से जमीन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है, इसीलिए टीम के सदस्यों को खंडाह से सुमाड़ी रोड के बजाय श्रीनगर से खोला क्वीसू होते हुए तंग और खराब सड़क से सुमाड़ी ले जाया गया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विजय जोगदंड, उपजिलाधिकारी श्रीनगर मायादत्त जोशी और श्रीनगर तहसीलदार मौजूद थे। लगभग दो घंटे तक क्षेत्र में रहने के बाद टीम के सदस्य दिल्ली लौट गए। वह केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को अपनी रिपोर्ट देंगे।

एनआईटी को लेकर सकारात्मक नहीं कुलसचिव: अनिल स्वामी
प्रगतिशील जन मंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी, जेपी पुरी और देव सिंह नेगी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सुमाड़ी में एनआईटी को लेकर संस्थान के कुलसचिव का विरोधी रुख है और शुक्रवार को उनका यह रुख स्पष्ट भी दिखाई दिया। टीम के सदस्यों को तंग रास्ते से ले जाना उनकी नीयत पर सवाल खड़े कर रहा है। सुमाड़ी के पूर्व प्रधान विमल काला, मोहन काला, खल्लू के जगमोहन तडिय़ाल ने कुलसचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विवि ने भी मौके पर भेजे थे भू वैज्ञानिक
सुमाड़ी में एनआईटी के निर्माण को लेकर जमीन देखने के लिए दिल्ली से टीम के आने पर गढ़वाल केंद्रीय विवि के वरिष्ठ भू वैज्ञानिक प्रो. यशपाल सुंद्रियाल भी वहां पर मौजूद थे। प्रशासन के अनुरोध पर गढ़वाल केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. जवाहर लाल कौल ने प्रो. सुंद्रियाल को इस कार्य के लिए नामित किया था।
चमराड़ा के सामने की जमीन में दिखाई दिल्चस्पी
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की टीम के सदस्यों ने खंडाह-सुमाड़ी रोड से नीचे चमराड़ा के ठीक सामने की जमीन को लेकर रुचि दिखाई। टीम ने उपजिलाधिकारी मायादत्त जोशी से भी लगभग 30 से 40 नाली इस समतल जमीन के बारे में जानकारी ली। मुख्य विकास अधिकारी विजय जोगदंड ने उपजिलाधिकारी से कहा कि वह एनआईटी के लिए इस भूमि को भी उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित ग्रामीणों से वार्ता कर आगामी कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

सुल्तान को लेकर कंगना के दावे को यशराज ने नकारा

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कंगना ने हाल ही में मीडिया में दिए गए बयानों में जिनको भी निशाना बनाया था, उनमें से रितिक रोशन को छोड़कर बाकी सब उन पर हमलावर होते जा रहे हैं। कंगना का दावा था कि उनको सलमान खान के साथ यशराज की फिल्म ‘सुल्तान’ का आफर था, जिसको उन्होंने खारिज कर दिया। यशराज के सूत्रों ने कंगना के इस दावे को गलत बताया है। सूत्रों का कहना है कि कंगना को यशराज में न तो ‘सुलतान’ को लेकर कोई आफर दिया गया और न ही उनको किसी और फिल्म के लिए कभी अप्रोच किया गया। सूत्र बताते हैं कि कंगना की ओर से यशराज में कई बार फिल्मो को लेकर कोशिश हुई, जो सफल नहीं रहीं।

यशराज के मुताबिक,’सुल्तान’ में पहले दिन से अनुष्का शर्मा का नाम तय था। कंगना के ‘सुल्तान’ के अलावा किए गए दूसरे दावों पर भी सवाल हो रहे हैं। रितिक रोशन को लेकर उन्होंने महाराष्ट्र के महिला आयोग पर आरोप लगाए थे, लेकिन आयोग ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया।

कंगना ने आरोप लगाया था कि आदित्य पंचोली ने जब उनको घर में नजरबंद कर दिया था, तो आदित्य पंचोली के खिलाफ उन्होंने पुलिस मे एफआईआर दर्ज कराई थी। आदित्य पंचोली ने कंगना को एफआईआर की कापी सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। आदित्य की पत्नी जरीना वहाब ने भी कंगना द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। रितिक रोशन और उनके पिता राकेश रोशन अभी तक कंगना के आरोपों पर खामोश हैं, जबकि रितिक की पूर्व पत्नी सुजैन ने रितिक का बचाव किया है।

‘टाइगर जिंदा है’ की शूटिंग पूरी

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सलमान खान की नई फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ की शूटिंग पूरी हो गई है। फिल्म का अंतिम शेड्यूल आबु धाबी में किया गया, जिसमें सलमान के साथ पूरी टीम ने हिस्सा लिया। ये फिल्म 22 दिसंबर को रिलीज होगी। अली अब्बास जाफर के निर्देशन में बनी यशराज की इस फिल्म में सलमान के साथ कैटरीना कैफ की जोड़ी परदे पर वापसी करेगी। आबू धाबी से लौटकर अली अब्बास जाफर अब फिल्म की एडीटिंग का काम पूरा करेंगे।

सूत्र बता रहे हैं कि दशहरा के आसपास फिल्म का पहला लुक और टीजर लांच होगा। अक्तूबर के अंत तक फिल्म का ट्रेलर भी लांच हो जाएगा। इस फिल्म के बाद सलमान मुंबई में रेस 3 की शूटिंग शुरु करेंगे, जिसका निर्देशन रीमो डिसूजा कर रहे हैं और इसमें सलमान के साथ जैक्लीन फर्नांडिज हैं। टिप्स की रेस 3 अगले साल ईद पर रिलीज होगी। रेस 3 के बाद सलमान दबंग 3 शुरु करेंगे, जिसकी कास्ट अभी तय नहीं है। इसका निर्देशन प्रभुदेवा करने वाले हैं।

फर्जी संतों की दूसरी लिस्ट दीपावली बाद: नरेन्द्र गिरि

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि महाराज ने कहा कि रोडवेज बस अड्डे को सराय में स्थान्तरित नहीं होने दिया जायेगा, क्योंकि महाकुंभ मेले में करोड़ों यात्री गंगा में स्नान करने आता है और हरिद्वार धार्मिक नगरी ऋषि मुनियों की नगरी कहलाती है। मगर कुछ भू-माफिया वहां से बस अड्डे को हटाकर होटल बनाना चाहते हैं। ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि ने उत्तराखण्ड सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हरिद्वार में लाखों यात्री रोज आस्था लेकर गंगे मैया में स्नान करने आता है। अगर बस अड्डा ग्राम सराय चला गया तो यात्रियों का हाल बेहाल हो जायेगा और उन्हें कितने कष्टों का सामना करना पड़ेगा। इसका अंदाजा शायद सरकार को नहीं है। अगर सरकार चाहती है कि बस अड्डा यहां से हटाया जाये तो रोडवेज बस अड्डे को ऋषिकुल मैदान में स्थान्तरित किया जा सकता है। मगर किसी भी सूरत में बस अड्डे को सराय गांव में नहीं जाने दिया जायेगा।
श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि महाराज ने उन कथा वाचकों पर सख्त नाराजगी जताई जो अपने आपको राष्ट्रीय संत लिखते हैं और कथा वाचक अपने नाम के आगे संत शब्द का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल संत ही संत लिख सकता है पर कोई कथावाचक अब अपने आपको राष्ट्रीय संत ना लिखे अन्यथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही करेगी।
श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि ने फर्जी बाबाओं पर फिर से अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि अब फर्जी बाबाओं की दूसरी लिस्ट दीपावली के बाद जारी की जायेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी अच्युतानंद तीर्थ से हमारा कोई द्वेष नहीं है। वह हमारी संत परम्परा के ही सन्यासी हैं। हमारा विरोध तो केवल फर्जी शंकराचार्यों के खिलाफ हैं और भारत में जगदगुरू शंकराचार्यों की चार ही पीठ मानी जाती हैं और वहीं पीठ मानी जायेगी। अर्द्धकुंभ मेलों और महापर्वों कुंभ पर उन्हीं चारों पीठों के शंकराचार्यो को मान्यता दी जायेगी। वैसे देश में सभी संत हमारे पूजनीय हैं और हम सबका आदर सत्कार करते हैं। मगर देश में अनर्थ फैला रहे फर्जी बाबाओं को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और उनके खिलाफ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी, जिससे धर्म के नाम को कोई भी कथित संत कलंकित न कर सके।
भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी प्रदेश अध्यक्ष महंत देवानंद सरस्वती, दक्षिण कालीकापीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, महंत रविन्द्र पुरी, निर्मल अखाड़े के सचिव महंत बलवंत सिंह ने भी बस अड्डा हरिद्वार से हटाये जाने का विरोध जताया है।
इस अवसर पर महंत रामानंद पुरी, म.म. स्वामी कृष्णानंद, संत समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी रामस्वरूप ब्रह्मचारी, स्वामी प्रकाशानंद, महंत मोहनदास, महंत सुखदेव मुनि, षड़दर्शन साधु समाज मुखिया महंत भगतराम, स्वामी कपिल मुनि, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी हरिचेतनानंद, महंत डोगरगिरि सहित स्वामी आशुतोष गिरि, आदि उपस्थित रहे।

ब्लू व्हेल गेम के चैलेंज को लेकर छात्रों को दी जानकारी

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चमोली पुलिस ने छात्रों में साइबर क्राइम के दुष्परिणाम व ब्लू व्हेल गेम चैलेंज के बारे में जानकारी दी गई। साथ छात्रों को नशे से बचने तथा इसके घातक परिणाम के बारे में भी जागरूक किया। बैंक फ्राॅड, एटीएम फ्रॉड की भी जानकारी छात्रों को दी गई।
थाना गोपेश्वर के थानाध्यक्ष कुंदन राम ने शनिवार को राइका गोपेश्वर में अध्ययनरत छात्रों को ब्लू व्हेल गेम के घातक परिणामों के बारे में बताया और कहा कि इस गेम को खेलने से कई छात्रों ने अपनी जान गांवा दी है। कहा कि इस गेम को प्रतिबंधित किया गया है। आजकल बच्चों के पास स्मार्ट फोन उपलब्ध है, यदि किसी के पास भी यह गेम पाया जाता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी दशा में छात्रों का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की ओर बढ़ रही है जो कि समाज के लिए घातक है। नशा हमें आर्थिक, सामाजिक तथा शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। कहा कि हमारे अभिभावकों की हमसे कई आशा और अपेक्षा जुड़ी होती है, यदि हम गलत संगत में पड़ कर कोई गलत कदम उठाते है तो समाज में हमारे माता-पिता की भी स्थिति भी खराब हो जाती है।
इसलिए हमें ऐसे गलत कामों के प्रति सचेत रहना होगा। इस मौके पर बच्चों ने नशे से बचने के लिए प्रतिज्ञा भी ली। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य बीएस बिष्ट ने भी बच्चों को जानकारी उपलब्ध करवायी।

आंदोलनरत छात्र नेता ने मिट्टी का तेल छिड़क कर लगाई आग

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महाविद्यालय घाट में अध्यापकों की तैनाती की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र नेता दीपक रतूड़ी ने खुद के ऊपर मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगाने का प्रयास किया। जिससे छात्र नेता हल्का सा झुलस गया। साथ के छात्रों ने उसके हाथ से मिट्टी का तेल हटाकर उसे जलने से बचाया। झुलसे छात्र नेता को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी घाट ले जाया गया जहां से उसे बाद में छुट्टी दे दी गई है।

इधर तहसील प्रशासन ने बताया कि छात्रों की मांग पर महाविद्यालय में दो अध्यापकों की तैनाती के आदेश उच्च शिक्षा निदेशालय से जारी कर दिए गये है।
चमोली जिले के दूरस्थ विकास खंड घाट केे महाविद्यालय में अध्यापकों की तैनाती और भवन निर्माण की मांग को लेकर छात्रों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। शनिवार स्थिति तब अचानक गंभीर हो गई जब महाविद्यालय गोपेश्वर के प्राचार्य जो घाट महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य है के साथ वार्ता से असंतुष्ट छात्र नेता दीपक रतूड़ी ने स्वयं पर मिट्टी तेल छिड़क दिया औेर आग लगानेे का प्रयास किया। जिसमें वह हल्का झुलस गया था।
तहसीलदार घाट बच्ची लाल ने बताया कि घटना शनिवार दो बजे की है। छात्र नेता दीपक रतूड़ी की स्थिति अब सामान्य है। बताया कि महाविद्यालय छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए दो अध्यापकों की तैनाती उच्च शिक्षा निदेशालय ने फैक्स से भेज दी है।
छात्र नेताओं से शुक्रवार को स्थानीय विधायक मगन लाल ने भी वार्ता की छात्रों ने उनके सामने अपनी बात रखी। शनिवार को गोपेश्वर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ केएल मलगुड़ी छात्रों से वार्ता करने पहुंचे थे। 

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में खुलेंगे 181 ग्रोथ सेंटर

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पलायन की मार से त्रस्त राज्य के पर्वतीय जिलों के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है। 13 में से 10 पर्वतीय जिलों के 181 कस्बों के इर्द-गिर्द औद्योगिक ग्रोथ सेंटर खोले जा सकते हैं। इससे जहां पहाड़ के लोगों को पहाड़ में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, वहीं ग्रोथ सेंटरों व उनके आसपास शहरी क्षेत्रों की भांति सुविधाएं भी विकसित हो सकेंगी। इस सिलसिले में नियोजन विभाग जल्द ही सरकार को मसौदा सौंप देगा।

विषम भूगोल वाले उत्तराखंड में औद्योगिकीकरण सिर्फ मैदानी क्षेत्रों तक ही सिमटा हुआ है। हालांकि, पूर्व में पहाड़ में उद्योग चढ़ाने के मकसद से नीति भी बनी, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ पाई। सूरतेहाल, बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में पहाड़ के गांवों से निरंतर पलायन हो रहा है। ऐसे में खाली होते गांवों ने सरकार की पेशानी में बल डाल दिए हैं। यही वजह है कि हिमालय दिवस पर नौ व 10 सितम्बर को देहरादून में हुए सतत पर्वतीय विकास शिखर सम्मेलन में पलायन और इसे थामने के मुद्दे को प्रमुखता से रखा गया। साथ ही आजीविका विकास एवं आपदा प्रबंधन भी फोकस था। इस सम्मेलन में आई सिफारिशों को लेकर नियोजन विभाग ने मसौदा तैयार कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार मसौदे के मुख्य बिंदु में पलायन थामने के लिए 10 पर्वतीय जिलों की 90 तहसीलों, 16 उप तहसीलों और 75 ब्लाक मुख्यालयों के इर्द-गिर्द ग्रोथ सेंटर खोलने की सिफारिश की गई है। मसौदे में विशेषज्ञों की ओर से आए सुझाव को शामिल करते हुए कहा गया है कि ग्रोथ सेंटर के लिए सरकार तो पहल करे ही, निजी क्षेत्र की मदद ली जा सकती है। इसमें ऐसे उद्योग लगाने पर जोर दिया गया है, जो पहाड़ के अनुकूल हों। यह भी सुझाव दिया गया है कि औद्योगिक इकाइयों में न्यूनतम मजदूरी के मानक का कड़ाई से अनुपालन हो।

मसौदे की प्रमुख सिफारिशें
-राज्य में कलस्टर बेस ढांचा विकसित करने को बड़े स्तर पर बने नीति
-गांवों में रह रहे बुजुर्गों के लिए सोशल सिक्योरिटी सिस्टम हो तैयार
-असंगठित क्षेत्र में न्यूनतम मजदूरी की व्यवस्था का हो अनुपालन
-नई तकनीकी का समावेश कर डिस्टेंस लर्निंग कोर्स पर हो फोकस
-एकीकृत सहकारिता का ढांचा किया जाए तैयार
-कृषि उत्पादों के लिए स्थानीय स्तर पर भी मार्केटिंग पर हो ध्यान
-पहाड़ में बैलों की जोड़ी क्रय करने पर मिले सब्सिडी
-कृषि, बागवानी और सगंध पादपों की खेती को बने ठोस योजना
-आपदा प्रबंधन के लिए सिस्टम ठोस एवं प्रभावी बने
-मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी को लगे डॉप्लर रडार

किडनी कांड : पुलिस की गिरफ्त में आया गैंग का सरगना अमित

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चर्चित किडनी कांड में दून पुलिस के बड़ी कामयाबी मिली जब उसने लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे इस गिरोह के सरगना डाॅ अमित को गिरफ्तार कर लिया। मानव अंग तस्करी गैंग का खुलासा करते हुए इस प्रकरण के मास्टरमाइंड डॉ. अमित कुमार व उसके सहयोगी डॉ. जीवन, नर्स सरला को पुलिस टीम ने पंचकुला हरियाणा से तथा ड्राइवर प्रदीप उर्फ बिल्लू को रायवाला, देहरादून से गिरफ्तार किया है। इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने पुलिस टीम को उत्साहवर्धन के लिए 20,000 रुपये का परितोषिक प्रदान किये जाने की घोषणा की है। साथ ही इस पूरी घटना के सम्बन्ध में शुरूआती अभिसूचना एकत्र करने वाले जनपद हरिद्वार में नियुक्त आरक्षी पंकज कुमार को विशेष कार्य के लिए पुलिस पदक दिये जाने की भी घोषणा की है।

इस घटनाक्रम के मास्टरमाइंड डॉ. अमित कुमार के विरुद्ध अन्य राज्यों में भी मामले पंजीकृत हैं। वर्तमान में वह जमानत पर था। जमानत पर रहते हुए अभियुक्त द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। अतः अभियुक्त डॉ अमित कुमार की पुराने प्रकारण में जमानत निरस्त कराने के लिए भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को निर्देशित किया गया है।