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विश्वकर्मा पूजा महोत्सव के साथ आयोजित की जाएगी सांस्कृतिक संध्या

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फोटोः कृष्मा रावत

विश्वकर्मा पूजा समिति दवरा विश्वकर्मा पूजा महोत्सव 2017 की तैयारियां अब तेज हो चुकी है इसी कड़ी में विश्वकर्मा पूजा समिति के अध्यक्ष संभू पासवान ने पत्रकार वार्ता कर आयोजन के बारे में जानकारी दी। आपको बता दे की विश्वकर्मा पूजा समिति पिछले 30 वर्षों से बड़े ही धूमधाम से विश्वकर्मा पूजा महोत्सव आयोजित कराती आ रही है, जिसमें ऋषिकेश और आसपास के सभी शिल्पकार अपनी भागीदारी देते हैं।

मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष संभू पासवान ने बताया की 17 सितंबर रविवार को सुबह 9:00 बजे से पूजा व हवन शुरू कर दिए जाएंगे और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें पंडित रितेश पांडे अपनी प्रस्तुति देंगे इसके अलावा हिंदी और गढ़वाली भजनों के कार्यक्रम भी होंगे। उन्होंने बताया की कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल उपस्थित रहेंगे, साथ ही उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

स्वच्छता में पंतनगर विश्वविद्यालय को सम्मान

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राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतियोगिता में पंतनगर का गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को स्वच्छ उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा दिल्ली स्थित अशोक होटल में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।

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विश्वविद्यालय की ओर से निर्माण एवं संयंत्र निदेशक इंजीनियर एसएस गुप्ता और तकनीकी एवं योजना प्रकोष्ठ समन्वयक डा. मनोज कुमार ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में कुल 3500 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से मात्र 174 संस्थानों के आवेदन निर्धारित मानकों के अंतर्गत पाए गए। इन 174 संस्थानों में केंद्रीय टीम द्वारा निरीक्षण के बाद, आंकलन के आधार पर संस्थानों को दो वर्गों (राजकीय एवं निजी संस्थानों) के तहत श्रेणीबद्ध किया गया। यह सम्मान प्राप्त होने पर कुलपति डा. जे कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि पंत विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने इसका श्रेय विवि के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्याíथयों एवं परिसरवासियों को देते हुए अपेक्षा की कि परिसर को इसी तरह स्वच्छ बनाए रखने में सबका सहयोग निकट भविष्य में भी प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता में पंत विश्वविद्यालय को राजकीय संस्थानों की श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है।

एक पुलिस इंस्पेक्टर जिसकी पहचान बन गया बदरीनाथ धाम

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खाकी वर्दी पहने पुलिस इंस्पेक्टर तो तमाम हैं, लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसे पुलिस इंस्पेक्टर भी हैं, जिनकी पहचान भगवान बदीनाथ मंदिर से जुड़ी है। पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से ये इंस्पेक्टर भगवान बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा संभालते रहे हैं। आजकल इनकी तैनाती यूं तो हरिद्वार में है, लेकिन कपाट बंद होने से पहले एक बार फिर उन्हें बदरीनाथ धाम बुला लिया गया है।

हरिद्वार में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में तैनात इंस्पेक्टर महानंद शुक्रवार को बदरीनाथ में सेवा देने के लिए रवाना हुए। मंदिर के थाने में रहने के कारण इंस्पेक्टर महानंद की पहचान ही अब बदरीनाथ धाम ही हो चुकी है। बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा की बात आती है तो पुलिस अफसरों को इनकी याद जरूर आती है। महानंद की पुलिस महकमे में एक ईमानदार और साफ सुथरी छवि हैं। इसी कारण महानंद का राष्ट्रपति पदक के लिए भी चयनित किया गया है। इंस्पेक्टर महानंद वर्ष 2006 से भगवान बरीनाथ धाम मंदिर के थाने से जुड़े हैं। बदरीनाथ धाम में रहने वाले बच्चे बूढ़े सभी महानंद से परिचित हैं। इसके अलावा पुलिस महकमें के तमाम अधिकारी महानंद को बदरीनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिये विशेष तौर पर जानते हैं। जब बात मंदिर और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और वीवीआईपी को दर्शन कराने की आती है तो पुलिस महकमे के अफसर सबसे पहले महानंद को बदरीनाथ धाम पर भेजते हैं। इंस्पेक्टर महानंद ने इसी विशेष योग्यता के चलते राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रणव मुखर्जी समेत देश की तमाम बड़ी हस्तियों को भगवान के दर्शन कराए हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था देखते-देखते महानंद के आचार विचार पूरी तरह धार्मिक हो गए हैं। उनको कभी गुस्सा नहीं आता है। हांनद ने बताया कि बदरीनाथ में कार्य करने से एक तो ड्यूटी होती है, दूसरा भगवान की सेवा का भी अवसर प्राप्त होता रहता है। श्रद्धालुओं की सेवा करने में उन्हें आनन्द की अनुभूति होती है।
इंस्पेक्टर महानंद पौड़ी गढ़वाल के गांव गढरी मल्ली के रहने वाले हैं। साल 1977 में बतौर पुलिस कांस्टेबल पुलिस महकमें का हिस्सा बने। साल 1988 में प्रोन्नति पाकर दारोगा बन गए। इस दौरान गढ़वाल के रुद्रप्रयाग, चमोली और हरिद्वार में तैनाती रही। साल 2006 से 2009 तक महानंद को बदरीनाथ धाम के थाने में डयूटी पर भेजा गया। इस दौरान महानंद की कर्मठता से पुलिस अफसर बहुत प्रभावित हुए और उन्हें निरीक्षक बनाया गया। इसके बाद से ये सिलसिला लगातार चल रहा है। महानंद की पोस्टिंग किसी थाने में हो, लेकिन यात्रा सीजन में बदरीनाथ धाम की डयूटी के लिए महानंद को ही भेजा जाता रहा है।

तो जब एटीएम से निकला नकली नोट!!

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रुद्रपुर: रुद्रपुर में एसबीआइ के एटीएम से दो हजार का नकली नोट निकलने का मामला सामने आया है। जिसके बाद पीड़ित शख्स ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

रामनगर निवासी शरीफ अहमद ने बताया कि उसने शुक्रवार शाम को रुद्रपुर के रवींद्र नगर स्थित एसबीआइ के एटीएम से 10 हजार रुपए निकाले थे। इस दौरन उसने देखा कि इनमें दो हजार रुपए का एक नकली नोट भी था। शरीफ अहमद ने जब इसकी शिकायत एसबीआई बैंक प्रबंधक से की तो उन्होंने कहा कि वह इसके लिए एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी से संपर्क करे। इसके बाद शरीफ ने एजेंसी से बी बात की, लेकिन वह उसे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। परेशान पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

दोस्त को गोली मार दुश्मन को फंसाने की थी साजिश

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रामनगर- पुलिस ने शाहनवाज उर्फ शानू हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी ने अपने दुश्मनों को हत्या के मामले में फंसाने के लिए अपने की साथी की हत्या की थी।

गिरफ्तार किये आरोपियों में गुलरघट्टी निवासी, ट्रांसपोर्टर अकरम, भवानीपुर निवासी अंकुर शर्मा और चिल्किया निवासी सुखवीर सिंह रावत शामिल हैं। बता दे की 13 सितंबर की देर रात ग्राम पुछड़ी निवासी शाहनवाज (30)की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाहनवाज तेलीपुरा स्थित हाजी अकरम के ट्रांसपोर्ट कार्यालय में काम करता था। उस रात को शाहनवाज को अकरम ने फोन कर कार्यालय बुलवाया। इसके बाद शाहनवाज की पत्नी सबीना को सूचना मिली कि शाहनवाज को किसी ने गोली मार दी।

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद यह फैलाया गया कि बगीचे के विवाद में शाहनवाज को गोली मारी गई। अकरम की ओर से हत्या के आरोप मो अकरम ने अपने विरोधी नजाकत पर लगाया।

पुलिस के मुताबिक अकरम और उसके साथियों ने मिलकर ही शाहनवाज को गोली मारी। ताकि नजाकत को गोली मारने के आरोप में फंसाया जा सके। लेकिन, मृतक की पत्नी ने जब पति के मालिक पर हत्या का आरोप लगाया तो पुलिस पड़ताल में लग गई। एसएसपी जनमेजय खण्डूरी ने बताया कि ट्रांसपोर्टर अकरम और उसके दो साथियो ने इस हत्या को अंजाम दिया है।

हाईकोर्ट ने दिए रिक्त पदों पर नियुक्ति के आदेश

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नैनीताल: हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग में प्राथमिक सहायक अध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द आरंभ कर बैकलॉग के रिक्त पदों को दो माह के भीतर भरने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने साफ किया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार रिक्त पदों पर कार्यरत शिक्षा आचार्य व शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए दो अवसर मिलेंगे। कोर्ट ने इस संबंध में सरकार समेत अन्य की विशेष अपीलों को निस्तारित कर दिया।

दरअसल, बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर कहा था कि योग्य होने के बाद भी उनकी रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है। सरकार ने उन्हें नियुक्ति देने के बजाय शिक्षामित्र व शिक्षा आचार्यों को रिक्त पदों पर नियुक्ति दे दी। एकलपीठ ने मामले में फैसला देते हुए शिक्षा आचार्य व शिक्षा मित्र के पदों को रिक्त मानते हुए नियुक्ति के आदेश पारित किए। एकलपीठ के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार, मनोज कुमार समेत अन्य ने विशेष अपील दायर की।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद शर्मा की खंडपीठ ने विशेष अपीलों को निस्तारित करते हुए एकलपीठ के बैकलॉग के पदों को भरने के आदेश को सही ठहराया। साथ ही दो माह में बैकलॉग के रिक्त पदों को भरने का आदेश पारित किए। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विनय कुमार के अनुसार राज्य में एसटी के दो सौ से अधिक जबकि एससी के करीब एक हजार पद बैकलॉग से भरे जाने हैं। यहां उल्लेखनीय है सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है।

उत्तराखंड पुलिस के हत्थे चढ़े किडनी गैंग के मुख्य आरोपी

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थाना डोईवाला को सूचना मिली कि उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज लालतप्पड के अन्दर स्थित गंगोत्री चेरिटेबिल हॉस्पिटल में अवैध रूप से किडनी निकालने का कार्य किया जा रहा है और जानकारी करने पर ज्ञात हआ कि एक व्यक्ति इनोवा गाड़ी से 04 व्यक्तियों, जिनकी किडनी निकाली गयी है , को लेकर हरिद्वार के रास्ते दिल्ली जा रहा है। जिस पर घटना वाले दिन दि0 11/09/17 को हरिद्वार व देहरादन पुलिस ने मिलकर इनोवा सं0- UA0TA – 5119 को सप्तऋषि चौकी हरिद्वार पर पकड लिया था।

जिस गाडी से एक वाहन चालक दीपक एवं 04 व्यक्ति क्रमश :

  • भावजी भाई
  • शेख ताज अली
  • सुषामा बैनर्जी
  • कृष्णा दास मिले,
    जिनमें से कृष्णा दास व शेख ताज अली की किडनी निकाली गयी थी। उनके द्वारा बताया गया कि उनको जावेद खान लेकर आया था और बताया था कि 3 लाख रूपये एक किडनी के मिलेंगें लेकिन हमें रूपये नही मिले।इस सम्बन्ध में 11 सितंबर को थाना डोईवाला पर मु0अ0सं0 256 /17 धारा 420 /120B / 370( i ) / 342 IPC व 18 /19 /20 मानव अंगो का प्रत्यारोपण अधिनियम 1994 बनाम डॉ0 अमित कुमार आदि पंजीकृत किया गया। 11 सितंबर को ही जावेद खान को गिरफ्तार किया गया, जिसके द्वारा बयानों में बताया गया कि इस मामले में काफी लोग मिले हुए है। जिनमें डॉ0 अमित , डॉ0 अक्षय , डा0 संजय दास , राजीव चौधरी , चन्दना गुडिया आदि शामिल है। अभियुक्तगणों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी देहरादून द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण देहरादून के पर्यवेक्षण में पुलिस की टीमें गठित कर पंचकुला , पानीपत , गुजरात , दिल्ली , चण्डीगढ़ आदि स्थानों पर रवाना किया गया।
    दौराने विवेचना पीड़ित
  • 1- भावजी भाई ,
  • 2- शेख ताज अली ,
  • 3- सुषामा बैनर्जी ,
  • 4- कृष्णा दास का सम्पूर्ण मेडिकल , अल्ट्रा साउण्ड आदि मेडिकल परीक्षण कराया गया। पीडितों के धारा 164 सीआरपीसी के बयान अंकित कराये गये। अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु मा0 न्यायालय से सर्च वारण्ट लेकर अभियुक्त राजीव चौधरी के घर की खाना-तलाशी ली गई एवं डाक्टरों के नेचरविला में रूकने के साक्ष्यों के आधार पर वहां पर भी खाना तलाशी की कार्यवाही की गयी। दोराने विवेचना अनुपमा , नसीम , प्रदीप उर्फ बिल्लू , सरला , अभिषेक आदि का भी इस घटना में सम्मिलित होना पाया गया है। 14 सितंबर को पुलिस की एक टीम एएसपी सदर लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में वांछित अभियुक्तगण की तलाश करते हुए दिल्ली , पानीपत , चण्डीगढ़ तलाश करते हुए पंचकुला पहंची।जहां उनके द्वारा पूर्व में रवाना टीमों में से एसओजी प्रभारी पी0डी0 भट्ट एवं एसओ रानीपोखरी धर्मेन्द्र सिंह रौतेला को टीम के पंचकुला बुलाया गया। उक्त टीमों को साथ लेकरएएसपी/सीओ सदर महोदय द्वारा पंचकुला में साहिल पुरी के घर 6/8 सेक्टर 02 पंचकुला में दबिश दी गई तो घर बन्द मिला। 15 सितंबर को टीम सेक्टर 18 पहुँची। मुखबिर की सूचना व सर्विलांस के आधार पर पल्लवी होटल सैक्टर 18 पंचकुला हरियाणा के सामने स्थित पार्किग खडी दो कार मरस्डीज सं0 UP 16 AR – 1100 व बीएमडब्लू सं0 DL -3FT- 5000 से क्रमश : अभियुक्तगण अमित कुमार व सरला एवं जीवन कुमार को गिरफ्तार किया गया । मरस्डीज से ₹ 33 लाख 73 हज़ार 200 प्राप्त हुए। अभियुक्तगणों के पास से 06 मोबाईल फोन भी प्राप्त हुए अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि हम सब लोग नेपाल जाने की तैयारी में थे। दौराने पूछताछ इन अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया। वर्ष 2016 में पिछले वर्ष उत्तरांचल डेन्टल कॉलेज से गंगोत्री चेरिटेबिल हॉस्पिटल चलाने का एग्रीमेंट अशोक जोगी व राजीव चौधरी के माध्यम से किया था। हम लोगों द्वारा ग्राहकों से अग्रिम पैसा लेकर अस्पताल में सामान लगाया गया था, इसके बाद ऑपरेशन के जरिए पूर्ति की गयी ।
    गंगोत्री अस्पताल का मैनेजमेन्ट राजीव चौधरी व उनकी पत्नी अनुपमा देखते थे तथा हम लोग ऑपरेशन का काम करते थे। हमारे साथ ओटी में अस्पताल का पूरा स्टाफ रहता था तथा हमारे पास दलाल है। जो जगह -जगह से डोनर व ग्राहक की व्यवस्था करते है और वे ही लोग उन्हें लाते व वापस ले जाते है। कई बार फ्लाईट के माध्यम से भी डोनरों को छोड़ते थे। हमारे सम्पर्क में कई विदेशी ग्राहक भी रहते थे व ऑपरेशन से पूर्व की चैकिंग दिल्ली अस्पताल से पूर्व में ही करा लेते थे। पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि अमित के विरूद्ध मुम्बई, गुंटूर, आन्ध्र प्रदेश, आनन्द गुजरात, सी0बी0आई0 व ई०डी० में कई अभियोग पंजीकृत है तथा अभियुक्त के विषय में अन्य जानकारी प्राप्त की जा रही है।
    राजीव चौधरी के साथ मैनेजमेन्ट का कार्य देखने वाले प्रदीप उर्फ बिल्लू जो कि राजीव चौधरी की गाडी भी चलाता था और डॉनरों व ग्राहकों को दिल्ली छोडता था। अभियुक्त को प्रदीप उर्फ बिल्लू को एसएसआई मनोज रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त को गाडी फोर्ड फिगो स० UK08 – AL – 3777 सहित रायवाला के पास से गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी का विवरण :-

  • 01 मोबाईल फोन Lenovo
  • 01 – iphone 7 ,
  • 01 iphone – 6 ,
  • 01 i-tel. मोबाईल फोन ,
  • 01 मोबाईल फोन Micromax
  • कुल बरामद धनराशि – 33 लाख 73 हजार 200 रूपये।
  • कार मरस्डीज सं0 UP16AR – 1100
  • कार BMW सं0 DL -3FT- 5000
  • कार Ford Fig0 सं० UK08 AL – 3777

गिरफ्तार अभियुक्त गणों का विवरण :-
1 – डॉ0 अमित कुमार
2- डॉ0 जीवन
3- नर्स सरला
4- ड्राईवर प्रदीप उर्फ बिल्लू

पुलिस टीम : –
1- ASP/C0 सदर श्री लोकेश्वर सिंह ( IPS )
2- SSI मनोज रावत , थाना डोईवाला।
3- उ0नि0 आशिष गुसाई, थानाध्यक्ष रायवाला।
4- उ0नि0 धर्मेन्द्र सिंह रौतेला, थानाध्यक्ष रानीपोखरी।
5- उ0नि0 पी0डी0 भट्ट, SOG प्रभारी।
6- SI बृजपाल सिंह , चौकी प्रभारी हर्रावाला।
7- SI भुवन चन्द्र पुजारी , चौकी प्रभारी लालतप्पड़
8- SI मंजुल रावत , चौकी प्रभारी जॉलीग्रांट
9- SI दिनेश सिंह सती
10- SI योगेश कुमार
11- SI दीपक सिंह पंवार
12- LSI विनीता बेलवाल ,
13- HC राजकुमार
14- का0 सोबन सिंह , का0 अनिल कुमार , का0 शमीम अहमद , का0 राजीव कुमार , का0 भूपेन्द्र सिंह , का0 रविन्द्र टम्टा , का0 मन्दीप सिंह , का0 विनोद कुमार , का0 मोनू मलिक , का0 आनन्द कुमार , का0 नवनीत सिंह , का0 SOG प्रमोद सिंह , का0 SOG अमित कुमार , का0 S0G आशीष शर्मा , का0 SOG आशीष नैनवाल , L/C तारावती , L/C सीमा ।

सेंसर बोर्ड से नाराज उम्मीद की टीम

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मेडिकल घोटालों पर बनी फिल्म ‘उम्मीद’ की टीम इस बात से निराश है कि सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को एडल्ट फिल्म का सार्टिफिकेट दिया है। सेंसर बोर्ड के इस फैसले से निराश फिल्म के निर्देशक रजत एस मुखर्जी का कहना है कि, “मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि सेंसर बोर्ड नहीं चाहता कि देश की दवा कंपनियों के घोटालों की बात देश की जनता तक न पंहुचे। हम फिल्म के लिए यूए सार्टिफिकेट चाहते थे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा इस फिल्म को देखें। सेंसर बोर्ड ने हमें पत्र भेजा है, जिसमें इस बात की कोई वजह नहीं बताई गई है कि हमारी फिल्म को यूए सार्टिफिकेट क्यों नहीं दिया गया?” उनका कहना है कि, “सेंसर बोर्ड द्वारा भेजे गए पत्र में सिर्फ ये लिखा गया है कि हमें एडल्ट सार्टिफिकेट पाने के लिए फिल्म में कौन कौन से बदलाव करने हैं। हमारे पास सेंसर बोर्ड के निर्देशों का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। प्रसून जोशी के सेंसर बोर्ड का चेयरमैन बनने के बाद हमें सकारात्मक बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन इस फैसले ने हमें निराश किया है।”

रजत एस मुखर्जी के अनुसार, सेंसर ने फिल्म से सच्ची घटनाओं पर आधारित टैग को हटाने के लिए भी कहा है। उनका कहना है कि हमने बरसों की रिसर्च के बाद कहानी तैयार की है, जिसमें मेडिकल कंपनियों के घोटाले हैं, लेकिन सेंसर हमारा रास्ता रोक रहा है। इस फिल्म को पहले सितंबर में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन सेंसर बोर्ड के आदेश के बाद इसकी रिलीज को आगे बढा दिया गया है। फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में फैडी दारुवाला, अंजलि पाटिल, हर्ष छाया, दलीप ताहिल, अंचित कौर और मिलिंद गुणाजी हैं।

दिलीप कुमार को जायदाद पर कब्जा वापस मिला

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दस साल से विवादों में फंसी एक जायदाद का कब्जा फिर से दिलीप कुमार को मिल गया। उनकी बेगम सायरा बानू को इस जायदाद की चाबियां सौंपी गई। सोशल मीडिया पर सायरा बानू ने संदेश में लिखा कि इस विवाद के खत्म होने से हम सब राहत महसूस कर रहे है और चाबियां मिलने के बाद से दिलीप कुमार भी खुश हैं।

एक बिल्डर के साथ दिलीप कुमार के बंगले के अंदर की एक जमीन के हिस्से को लेकर विवाद कई सालों से चल रहा था, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से दावे-प्रतिदावे किए गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पंहुचा, जहां दिलीप कुमार के पक्ष में फैसला आया। सर्वोच्च अदालत ने इसे दिलीप कुमार को सुपुर्द करने का फैसला सुनाया, जिस पर अब अमल किया गया है।

कपिल का ब्रेकअप

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कहा जाता है कि जब तकदीर के सितारे गर्दिश में हों, तो चारों तरफ से मुसीबतें आकर घेरती हैं। ऐसा ही कुछ कपिल शर्मा के साथ हो रहा है, उनका कामेडी शो फिलहाल बंद हो चुका है। उनकी सेहत को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। साथी कलाकारों से लेकर बालीवुड सितारों के साथ उनके बर्ताव को लेकर किस्सों की बाढ़ सी आई हुई है और अब खबर मिल रही है कि उनका अपनी गर्लफ्रेंड गिन्नी के साथ उनका ब्रेकअप हो गया।

हाल ही में जब सुनील ग्रोवर और दूसरे साथियों के साथ एक हवाई यात्रा में उनकी हरकतों की खबरों ने जोर पकड़ा, तो इस मामले को टालने के लिए कपिल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अचानक गिन्नी को अपनी गर्लफ्रेंड के तौर पर पेश किया और ये इरादे भी जाहिर कर दिए कि दोनों जल्दी से शादी करने वाले है।

अब सूत्रो के हवाले से खबर आ रही है कि गिन्नी और कपिल के बीच इस बात को लेकर मनमुटाव हुआ कि कपिल शर्मा इन दिनों बालीवुड की एक हीरोइन के काफी करीब माने जा रहे हैं। गिन्नी ने इसी बात को लेकर कपिल से रिश्ता तोड़ लिया है। कपिल शर्मा की टीम ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देने से मना किया है, लेकिन उनके शो से जुड़े रहे सूत्रों ने कपिल के हीरोइन के साथ अफेयर की खबरों को सही बताया है।