- अभिषेक चौहान पुत्र श्री मेहर सिंह चौहान उम्र,28, ग्राम हयौओ चकराता देहरादून
- प्रमोद कुमार पुत्र श्री जगमोहन सिंह उम्र,32 ग्राम चिलियोतोली विकासनगर देहरादून
चुनावी ड्यूटी करके लौट रहे 2 जे.ई. की सड़क हादसे में मौत
शहीद कमांडो धर्मेंद्र के शव को श्रद्धांजलि देने को उमड़े लोग
जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में उत्तराखंड का लाल शहीद हो गया। शहीद होने से पहले पैरा कमांडो ने एक आतंकी को मार गिराया था। गुरूवार को शहीद का पार्थिव शरीर वायु सेना के हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी पहुंचा। वहां से सेना के हेलीकॉप्टर से 11 बजे कोटाबाग पंहुचा। शहीद के आखिरी दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
नैनीताल जिले के कोटाबाग ब्लॉक के ग्राम पतलिया निवासी धर्मेंद्र कुमार साह (25 वर्ष) 29 पैरा एसएफ (स्पेशल फोर्स) में कमांडो थे। वर्तमान में वह 31 आरआर (पैरा एसएफ) में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। मंगलवार को बांदीपोरा जिले के हाजिन क्षेत्र में आतंकियों से लोहा लेते समय धर्मेंद्र शहीद हो गए। शहीद होने से पहले धर्मेंद्र ने एक आतंकी को मार गिराया।
स्कूली बच्चो से लेकर क्षेत्र के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग मैदान में पहुंचे। इस दौरान हजारों लोगों की मौजूदगी में भारत माता की जय, धर्मेंद्र तेरा यह बलिदान याद रखेगा हिन्दुस्तान के नारों से क्षेत्र गुंजायमान हो गया। सेना के फूल मालाओं से सुसज्जित वाहन पर शहीद का पार्थिव शरीर गांव की ओर ले जाया गया। लोगों की आंखें नम थीं। घर में पिता मोहन लाल, माता सावित्री देवी, भाई पवन व दीपक इंतजार कर रहे थे। मां सावित्री दिल की मरीज हैं। आसपास की महिलाएं व रिश्तेदार ढांढस बंधा रहे थे।
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन प्रेमियों के लिए लहरो के रोमांच का सफर
गंगा की लहरो पर रोमांच का सफर इस बार देवप्रयाग के संगम में होगा , लेकिन साहसिक पर्यटन से एक बार फिर सूबे की दशा को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गयी है , ऋषिकेश की गंगा के लहरो पर रोमांच के खेल कयाक सफरिंग का “इंटरनेशनल गंगा कयाक फेस्टिवल 17 से 18 फरवरी शुरू हो रहा है जिसमे देश -विदेश से कई प्रतिभागी शिरकत कर रहे है।
द एडवेंचर स्पोर्ट सोसाइटी के द्वारा देव प्रयाग के संगम पर भागीरथी और गंगा की खतरनाक लहरो पर इंटरनेशनल कयाक फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है,जिसमे कई देशो के प्रतिभागी हिस्सा लेने पहुंच रहे है गौरतलब है कयाक एक छोटी नाव होती है जिसमे एक व्यक्ति ही बैठकर लहरो की सवारी करता है पहाड़ी धाराओ में उफनती नदियों में इस खेल को खेला जाता है। विदेशी प्रतिभागी गंगा की लहरो के इस रोमांच पर कयाकिंग करके काफी खुश होते इस बार इस कायाक फेस्टिवल को देवप्रयाग से शुरू किया जा रहा है जिस से वह भी पर्यटन की नयी शुरुवात हो सके।

वही इंटरनेशनल गंगा कयाक फेस्टिवल के आयोजको के अनुसार इस बार के फेस्टिवल में मलेशिया ,यूरोप ,फिनलैंड नार्वे ,कनाडा सहित कई देशो के प्रतिभागी शिरकत करने के लिए अपनी एन्ट्री करा चुके है और ये फेस्टिवल भारत का सबसे बड़ा फेस्टिवल बनता जा रहा है। जिस में दिन प्रति दिन देशी विदेशियो की रूचि बनती जा रही है ,उत्तराखंड में भी कयाकिंग में युवाओ की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।
लहरो के रोमांच का मजा क्या होता है ये देखना हो तो चले आईये ऋषिकेश जहां 2 दिनों तक देशी-विदेशी कायाक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और भारत में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे इस एडवेन्चर गेम के जरिये सुन्दर उत्तराखंड , सुरक्षित उत्तराखंड का मेसेज देंगे।
कांग्रेस 46 सीटों को लेकर हैं कांफिडेंट
नोटबंदी की शिकार शिल्पा शेट्टी की कंपनी को ताला लगा
केंद्र सरकार द्वारा विगत आठ नवम्बर को लागू नोटबंदी के फैसले से हिन्दी फिल्मोद्योग तो अब धीरे-धीरे बाहर निकल रहा है, लेकिन खबर आई है कि इस नोटबंदी का शिकार होने की वजह से शिल्पा शेट्टी की कंपनी को ताला लग गया है। शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा ने कुछ समय पहले होम शॉपिंग को लेकर बेस्ट डील टीवी नाम से एक कंपनी शुरू की थी, जिसमें ऑन लाइन सामान की बिक्री होती थी। नोटबंदी का इस कंपनी पर इतना बुरा असर हुआ कि तीन महीनों से इस कंपनी में काम करने वालों को वेतन भी नहीं मिला है और राज कुंद्रा इस कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही कंपनी स्थाई रूप से बंद होने जा रही है। शिल्पा शेट्टी की ओर से कंपनी के बंद होने की खबरों को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह कंपनी को ताला लगाने का मन बना चुकी हैं। उनके हवाले से संकेत मिले हैं कि जल्दी ही कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान करके उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया जाएगा। इससे पहले शिल्पा अपनी प्रोडक्शन कंपनी को भी ताला लगा चुकी हैं। शिल्पा ने बतौर प्रोड्यूसर ढिशक्यायूं बनाई थी, जिसमें सनी देओल और हरमन बवेजा थे। फिल्म सुपर फ्लॉप रही और शिल्पा की कंपनी को ताला लग गया। शिल्पा का फिल्मी करिअर भी ठप्प है। शादी के बाद उनको कोई फिल्म नहीं मिली है। वह अब टीवी शोज में जज के तौर पर ही नजर आती हैं।
शाहरुख को ‘यश चोपड़ा’ सम्मान
इस साल यश चोपड़ा सम्मान के लिए बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को चुना गया है। आगामी 25 फरवरी को मुंबई में यशराज स्टूडियो में होने वाले एक आयोजन में शाहरुख खान को ये पुरस्कार महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर के हाथों मिलेगा। ये पुरस्कार यशराज की स्थापना करने वाले यश चोपड़ा की याद में तीन साल पहले शुरू किया गया और शाहरुख से पहले ये पुरस्कार अमिताभ बच्चन और रेखा को दिया जा चुका है।
शाहरुख का दिवंगत यश चोपड़ा के साथ स्पेशल रिश्ता रहा है। शाहरुख ने यश चोपड़ा की फिल्म डर से यशराज में अपने सफर की शुरूआत की थी। डर में अपने नकारात्मक किरदार से लोगों का दिल जीतने के बाद उन्होंने यश चोपड़ा के साथ दिल तो पागल है, वीर जारा और उनके निर्देशन की अंतिम फिल्म जब तक है जान में काम किया। शाहरुख खान की रोमांटिक इमेज में यश चोपड़ा की फिल्मों का बड़ा योगदान माना जाता है। जब तक है जान के बाद यश चोपड़ा ने जब निर्देशन से सन्यास लेने का फैसला किया, तो एक भव्य आयोजन में शाहरुख ने यश चोपड़ा से बातचीत भी की थी।
यश चोपड़ा के निधन के बाद शाहरुख ने यशराज की फिल्म फैन में काम किया। आदित्य चोपड़ा ने अपने निर्देशन में हाल ही में बेफिक्रे बनाई, जो उनकी पहली फिल्म थी, जिसमें शाहरुख खान नहीं थे। इस वक्त वह यशराज की किसी फिल्म में काम नहीं कर रहे हैं।
रूड़की जेल में गैंगवार का आरोपी और 20,000 का ईनामी देवपाल राणा गिरफ्तार
फरार/ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए किये जा रहे प्रयासों के अन्तर्गत स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड, देहरादून ने कुख्यात अारोपी देवपाल राणा पुत्र धीर सिंह निवासी बढ़ेड़ी मजमता थाना बड़गांव, जनपद सहारपुर, उ0प्र0 हाल निवासी शास्त्री चैक दयानन्द भवन थाना देवबन्द, सहारनपुर, उ0प्र0 को 14.02.2017 यानि मंगलवार की देर सांय को लेन नम्बर 07, लक्की कॉलोनी, शाहबाद, कुरूक्षेत्र, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया।
देवपाल राणा की गिरफ्तारी पर अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था द्वारा रु0 20,000/- का ईनाम घोषित किया गया था। उक्त अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु सुश्री पी0 रेणुका देवी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 द्वारा निरीक्षक आर0बी0 चमोला के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। उक्त टीम द्वारा लगातार की गई निगरानी/प्रयासों के अन्तर्गत दिनांक 14.02.2017 को अभियुक्त देवपाल राणा को गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2014 से आरोपी देवपाल राणा उपरोक्त ने कुख्यात अपराधी सुनील राठी के ईशारे पर अमित भूरा, सुशील चैधरी, अजित मख्यिाली, विश्वास उर्फ विशु के साथ रुड़की जेल परिसर में कुख्यात अपराधी विनीत शर्मा उर्फ चीनू पण्डित पर जानलेवा हमला करने की साजिश रचि थी, जिसमें अपराधी चीनू पण्डित बाल-बाल बच गया था तथा उसके तीन साथी मारे गये थे। उपरोक्त हुई गैंगवार के सम्बन्ध में थाना गंगनहर, रुड़की, हरिद्वार पर मु0अ0सं0 243/14 धारा 147, 148, 149, 302, 307, 120बी, 420, 467, 468, 471 भादवि पंजीकृत हुआ था। उक्त मुकदमें में मुख्य अपराधी देवपाल राणा उपरोक्त वांछित चल रहा था।
इसके अतिरिक्त अारोपी देवपाल राणा उत्तराखण्ड पुलिस का बर्खास्तशुदा कान्स्टेबल है और वर्ष 2002 में थाना मंगलौर जिला हरिद्वार से एक लूट के अभियोग में गिरफ्तार होने के बाद देवपाल राणा ने अपराध जगत में कदम रखा था। इसके बाद कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा के सम्पर्क में आने पर अवैध धनवसूली हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों में लगातार सक्रिय था। अपनी धर्मपत्नी नीलम राणा के ननौता ब्लॉक, सहसपुर से ब्लाॅक प्रमुख बनने के बाद राजनीति की दुनिया में आ गया। इसी बीच विवादित सम्पत्तियों के धन बटवारे के विवाद के चलते इसकी संजीव उर्फ जीवा से ठन गई तो यह सुशील चैधरी उर्फ सुशील मीरकपुर के माध्यम से सुनील राठी के सम्पर्क में आ गया तथा अगस्त 2014 को सुनील राठी के विरोधी विनीत शर्मा उर्फ चीनू पण्डित की रूड़की जेल के बाहर ही हत्या के प्रयास के मामले में इसकी सक्रिय भूमिका रही। दिसम्बर 2014 अमित भूरा पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था तब भूरा की फरारी के दौरान इसने (देवपाल राणा) सुशील चैधरी के साथ पटियाला में अमित उर्फ भूरा से मुलाकात कर उसे भगाने/छिपाने में भी सहयोग प्रदान किया।
अभियुक्त अमित भूरा को छोड़कर उक्त गैंगवार के सभी अभियुक्तों कों एस0टी0एफ0 द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तारी में एस0टी0एफ0 के निरीक्षक आर0बी0 चमोला, उपनिरीक्षक संतोष शाह, मुख्य आरक्षी वेद प्रकाश भट्ट, आरक्षी महेन्द्र सिंह नेगी, आरक्षी संदेश यादव, आरक्षी विरेन्द्र नौटियाल, आरक्षी संजय कुमार, आरक्षी हेमन्त पुरी सम्मिलित थे। आरोपी की गिरफ्तारी में आरक्षी कैलाश नयाल एवं आरक्षी दीपक चन्दोला का विशेष योगदान रहा है।
17 और 18 फरवरी को देहरादून में पहला लिटरेचर फेस्टिवल
विंटर और लिटरेचर फेस्टिवल सीजन का सबसे पसंदीदा और उत्साह से मनाया जाना वाला फेस्टिवल है,और हर बीतते हुए सीजन के साथ यह और बेहतर और अलग होता जा रहा है।
जयपुर के मशहूर लिटरेचर फेस्टिवल के बाद अब देहरादून अपने मशहूर लिटरेचर फेस्ट के लिए बिल्कुल तैयार है,2017 के लिटरेचर फेस्ट की मेहमान नवाज़ी के लिए देहरादून अपनी कमर कस चुका है।इस फेस्टिवल में अलग अलग शैली के लेखक और साहित्य के लोग देश विदेश से दून वैली के छात्रों से मिलने और उनसे बातचीत करने ओएनजीसी आफिसर क्लब में 17 और 18 फरवरी को आ रहें हैं।
पहले दिन का कार्यक्रम 11 बजे से शुरु होगा जिसमें दिलचस्प बिंदुओं पर तीन अलग अलग लेखक बातचीत करेंगें।इसमें वह जेंडर बैरियर जल,जंगल,जमीन पर बात करेंगें इसके अलावा उर्दूःईट्स रिलीवेंस.रीच एंड रियेलिटी,और दिन के आखिरी में हास्य कवि सम्मेलन के साथ कार्यक्रम समाप्त होग।
दूसरे दिन में बहुत से दिलचस्प विषय होंगे जैसे आई एम टीन,आई डोंट ग्रो अप,आई वाईड शट,ईंपेक्ट आफ लिटरेचर आन आर्टस और इसके अलावा बहुत से अनगिनत कार्यक्रम होंगे जिसमें अलग अलग लेखक छात्रों के साथ बातचीत करेंगें।
दो दिन के इस कार्यक्रम में दो किताबों का विमोचन होगा। पहले दिन लेखिका सावी शर्मा कि किताब दिस ईज नाट योर स्टोरी और दूसरे दिन सुचित्रा कृष्मामूर्ति की किलाब घोस्ट आन द लेज का विमोचन होगा।
इस लिटरेचर फेस्टिवल में लगभग 2 दर्जन लेखक,थियेटर में काम करने वाले पर्सनालिटी,बिजनेस लीडर,विजुवल आर्टिस्ट,पत्रकार कम लेखक एक साथ एक मंच पर होंगे जिसमें शास्त्रीय नृत्य में अरुपा लहरी का परर्फामेंस भी होगा।
उम्मीद है कि यह फेस्टिवल ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर भी साहित्य के क्षेत्र में अपना नाम कमाए।
भाजपा ने की मुख्यमंत्री के बयान की निंदा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री के उस बयान कि कड़ी निंदा की है जिसमे उन्होंने भाजपा पर चुनाव में दो हजार करोड़ रुपए खर्च किये जाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के उस बयान को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि चुनाव में कांग्रेस की हार को निश्चित देखते हुए उन्होंने यह आरोप लगाया है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने मुख्य मंत्री से सवाल किया कि कांग्रेस ने पी के कम्पनी को कितने पैसे दिए और कांग्रेस नेताओ ने कितने पैसे और शराब इस चुनाव में बहाया इसका भी हिसाब जनता को देना चाहिए।
आज यहाँ जारी एक बयान में भाजपा प्रदेश् मीडिया प्रभारी डॉ. देवेन्द्र भसीन ने मुख्यमंत्री हरीश रावत के उस बयान को विचित्र बताया कि भाजपा ने चुनाव में 2 हजार करोड़ खर्च किये जिसमे एक हजार करोड़ मीडिया पर व्यय किया। उन्होंने कहा कि यह बयान कांग्रेस की हताशा का परिचायक है।
डॉ.भसीन ने कहा कि भाजपा ने जो किया वह सबके सामने है और उसका हिसाब किताब चुनाव आयोग को भी दिया जाएगा। लेकिन मुख्यमंत्री यह बताये कि कांग्रेस ने पी के टीम को कितने हजार करोड़ रुपये दिए और क्या कांग्रेस उसका हिसाब चुनाव आयोग को देगी। इसके अलावा कांग्रेस नेताओं की गाड़ियों से बड़ी बड़ी धनराशि और शराब पकडे जाने , सरकारी मशीनरी की सहायता से किये गए गैर कानूनी कार्यों का क्या हिसाब है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने जिस तरह से मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया उससे स्पष्ठ है कि राज्य में कांग्रेस के भ्रष्ट्राचारी शासन का अंत हो गया है।





























































