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गलत पार्किंग की तो गाड़ी उठा लेगी ट्रैफिक पुलिस

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दून में ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी अब नए लुक में दिखाई देंगे। पुलिस ने अपग्रेड के लिए मिले फण्ड से पुलिस के लिए नए रिफ्लेक्टर बास्केट, हेड एल ई डी रिफ्लेक्टर और अन्य सामान खरीदा गया है।
यातायात पुलिस देहरादून ने आज किए ट्रायल में परेशानियों का सामना करना पड़ा। नो पार्किंग पर खड़ी चार पहिया गाड़ियों के ट्राइल में पुलिस के पसीने छूट गए। हलांकि काफी मशक्कत के बाद ट्रायल सफल हो गया। दरअसल, क्रेन ट्रेल के लिए एस पी ट्रैफिक धीरेंद्र गुंजियाल ने अपनी ही सरकारी गाड़ी मंगाई थी। जैसे ही गाडी पर क्रेन लगाई तो पहले तो वह उसके पहिए उठाने के लिए फिट नहीं बैठ रही थी। फिर गाड़ी उठाने के बाद बम्पर चैन में अड़कर अंदर की तरफ मुड़ गया था लेकिन अंत में ट्रायल सफलतापूर्वक हो गया।
एस एस पी स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि नए उपकरणों के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस को अब सड़क किनारे गलत तरीके से खड़े वाहनो को खींचकर ले जाने में अब दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए दो विशेष क्रेन बनवाई गई है। इनमें से एक ने काम करना शुरू भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि सड़को पर प्रदूषण और धूल अधिक होने के कारण अब यातायात पुलिस कर्मचारी मास्क का उपयोग करेंगे।
नए उपकरणों में 10 सीटी, 200 मास्क, 197 रेनकोट, 200 फ्लोरोसेंट बास्केट, 200 हेड ग्लव्स, 200 बेटन लाइट, 120 गम बूट, दो प्रोजेक्टर, 150 एल ई डी लाइट और दो क्रेन खरीदी गई हैं।

ठीक हो गए, फिर भी ”मेंटल हास्पिटल” में रहने को मजबूर

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health

उत्तराखंड के 11 लोग इलाज के बाद ठीक होने के बाद भी बरेली(यूपी) के मेंटल हास्पिटल में बीमारों के साथ रहने को मजबूर हैं।उत्तराखंड शासन और जिलों के प्रशासन को यह पता नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में याचिका दाखिल होने के बाद जब यूपी सरकार ने शपथ पत्र दिया तब यह पता चला। इनमें से कई रोगी ऐसे हैं जिन्हें इलाज के लिए बरेली भेजने के लिए अलग-अलग सीजीएम कोर्ट ने आदेश दिए थे।जबकि कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें अस्पताल में रहते हुए 20 साल से भी ज्यादा हो गया है।बरेली मेंटल हास्पिटल में कुछ रोगी तो ऐसे हैं जो उत्तराखंड राज्य के गठन से पहले भर्ती हुए थे।

जब यह मरीज ठीक हो गए तो कुछ अपने घर का पता भूल गए और दो दशक होने के बाद कइयों के घरवालों ने उन्हें भुला दिया।सोचने की बात तो यह है कि जब यह मरीज अस्पताल में भर्ती हुए तब यह दिमागी रुप से बीमार थे लेकिन अब यह ठीक है फिर भी इनके साथ रहने को मजबूर हैं। अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है कि ठीक हो चुके स्वस्थ लोग बीमारों के साथ अस्पताल में रह रहे हैं और उनके वापस आने की व्यवस्था जल्दी से जल्दी करनी चाहिए।

हल्द्वानी 90 परिचालकों को रुट पर चलने के आदेश

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हल्द्वानी, परिवहन निगम में मनमानी डयूटी कर रहे कर्मचारियों की जुगाड़बाजी अब काम आने वाली नहीं है। निगम ने सख्त रूख अपनाते हुए आदेश जारी कर दिये गए हैं। प्रबंध निदेशक ने ऐसे 90 परिचालकों को रूट पर ही डयूटी करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही आदेश का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैं।

बता दें कि हल्द्वानी डिपो में रूट में कार्यरत परिचालक की ड्यूटी कार्यालय में लगा दी गई थी। इसके विरोध में यूनियन ने बसों का संचालन ठप कर दिया था। इससे यात्रियों को दिक्कतों के अलावा महंगी यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ था। वहीं निगम को भी घाटा उठाना पड़ा था। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप था कि अधिकारियों से मिलीभगत के चलते कुछ परिचालक रूट पर नहीं जाते और कुछों को लगातार रूट पर भेजा जाता है।

यूनियन की हड़ताल और शिकायत का अब परिवहन निगम प्रबंध निदेशक ने संज्ञान ले लिया है। प्रबंध निदेशक ब्रजेश संत ने इस सम्बंध में आदेश भी जारी कर दिया हैं। एमडी के अनुसार ऐसे सभी परिचालकों को रूट पर ड्यूटी करनी ही होगी। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं उत्तरांचल  रोडवेज  कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि उनकी यूनियन लगातार यह मामला उठा रही थी। कहा कि एमडी का यह कदम रोडवेज को आर्थिक घाटे से उबारने में सार्थक साबित हो सकता है। जो बसें परिचालकों की वजह से रूट पर नहीं जा पा रही थी, अब वह भी संचालित हो सकेंगी। इससे निगम की आय में इजाफा होना तय है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने संभाला ऊधमसिंह नगर जिले का कार्यभार

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते ने बुधवार को ऊधमसिंह नगर जिले का कार्यभार संभालते हुए पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया। कप्तान के स्वागत में जिले के अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पिंचा, एसपी क्राइम टीडी वेला, एएसपी मंजुनाथ के साथ काशीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक डा.जगदीश चंद्र के साथ सभी सीओ पुलिस आफिस थे।

सदानंद ने पदभार ग्रहण करते ही, कार्यालय का निरीक्षण करने से पहले एसएसपी ने पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। बाद में पुलिस आफिस में ही अधिनस्थों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिए और अपराध होने पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर, जांच की जाए और अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए।

नए एसएसपी ने कहा कि अपराधियों का कोर्ट में समर्पण करने की परंपरा ठीक नहीं है। पुलिस का काम अपराधी को गिरफ्तार करना है लिहाजा उसे कोर्ट में समर्पण करने से पहले ही गिरफ्तार किया जाए, ताकि अपराधी को पुलिस का खौफ हो। एसएसपी ने बीट पुलिसकर्मियों को सक्रिय करने की हिदायत भी दी। उन्होंने बताया कि यूपी से सटी सीमाओं के थानों से तालमेल कर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाए।

एसएसपी सदानंद दाते ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले के पड़ोसी जनपद नैनीताल में रह चुके हैं लिहाजा ऊधमसिंह नगर से अपरिचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले में अभी बहुत कुछ बदले जाने की जरूरत है। अभी उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है, कुछ ही दिनों में जनता बदलाव महसूस करेगी।

हाइकोर्ट ने प्लास्टिक, पॉलीथीन बंद करने के दिए आदेश

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हाइकोर्ट ने उत्तराखंड को पॉलीथिन फ्री बनाने के लिए राज्य में प्लास्टिक व पॉलीथिन उत्पादनों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। साथ ही राज्य में कैरी बैग व थर्माकोल आदि का इस्तेमाल न हो इसके लिए राज्य के सभी एंट्री पॉइंट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए है।
हरिद्वार निवासी ललित मिगलानी की जनहित याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति आलोक सिंह ने  इस मामले में सुनवाई करते पिछली सुनवाई में 26 बिंदुओ पर आदेश जारी किए थे।याचिकाकर्ता ने हाल ही में कोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने का उल्लेख करते हुए फिर प्राथर्ना पत्र दाखिल किया था। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव समेत सभी जिलों के जिलाधिकारियों को तलब कर लिया था। शुक्रवार को केंद्र की ओर से कोर्ट को बताया गया कि नेशनल मिशन फॉर गंगा के तहत 662 करोड़ मंजूर कर दिए हैं। वहीं राज्य ने बताया कि गंगा के पांच सौ मीटर दायरे में शौच व थूकने के अलावा दो किमी. के दायरे में उद्योग लगाने पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश व गंगोत्री में एक हजार शौचालय बनाने को कहा गया है। देहरादून जिले को छोड़कर अन्य सभी 12 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ ही केंद्र व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारी हाई कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान दून के डी एम व मुख्य सचिव की ओर से पेशी पर छूट देने के सम्बंधी प्राथर्ना पत्र दिया गया, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। खंडपीठ ने केंद्र को चार सप्ताह के भीतर गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने के सख्त आदेश दिए है।
राज्य की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी कोर्ट के यह हैं आदेशः
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य प्रदूषण बोर्ड के खिलाफ करे कार्रवाई।
  • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने पी सी बी को खत्म करने को भी कहा।
  • जिलाधिकारियों को निकाय व पंचायत में सॉलिड वेस्ट मैनजेमेंट बनाने व इन संस्थाओं को नोटिस देकर इस सम्बन्द में आदेश के अनुपालन करवाने का अधिकार होगा।
सरकार ने बताया:
  • गंगा के दो किमी. के दायरे में उद्योग लगाने पर लगाई पाबंदी।
  • गंगा नदी के दोनों ओर से पांच सो मीटर दायरे में थूकने पर पाबंदी लगा दी गई है।
  • उत्तराखण्ड एंटी लिटरिंग एंड स्पिटिंग एक्ट-2016 बना दिया गया है।
  • चार धाम मार्ग पर तीन हजार की आबादी वाले क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतल व प्लास्टिक निर्मित सामान को खत्म करने के लिए क्रोसिंग यूनिट(प्लास्टिक नष्ट करने वाली मशीन) लगाई जाएगी।
  • भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड नो माह के भीतर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा कर लेगा।

48 नए डाक्टर करेंगे पहाड़ में मरीजों का इलाज

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उत्तराखंड के घढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के दूर-दराज अस्पतालों में काम करने के लिए 48 नए डाक्टरों की टीम तैनात कर दी गई है जो जल्दी ही अपना काम करना शुरु कर देंगे।श्रीनगर मेडिकल कालेज से पास आउट हुए इन डाक्टरों को प्रदेश के स्वास्थय विभाग ने मेरिट के आधार पर जिले निर्धारित करना शुरु कर दिए हैं।अप्रैल के पहले हफ्ते से यह डाक्टर अपना काम संभाल लेंगे।

श्रीनगर मेडिकल कालेज में 48 डाक्टरों की काउंसलिंग के बाद उनकों उनके जिले निर्धारित कर दिये गए।टिहरी को सबसे ज्यादा यानि 20 डाक्टर मिले हैं।10 डाक्टर पौड़ी तो 10 डाक्टर टिहरी जिलें में तैनात होंगे।7 डाक्टरों को नैनीताल जिला,तो 6 डाक्टरों को अल्मोड़ा,2 डाक्टरों को चंपावत और उत्तरकाशी,बागेश्वर,पिथौरागढ़ जिलों को 1-1 डाक्टर मिला है।सरकारी फीस पर एमबीबीएस करने वाले इन डाक्टरों को बांड के अनुसार 5 साल की सेवा जरुरी रुप से पहाड़ पर देनी है।इन पांच सालों में इनका काम पहला साल मेडिकल कालेज में जेार का रहता है उसेक बाद बचे चार साल दूर दराज के अस्पतालों में काम करने का होता है।

प्रदेश सरकार के इस कदम से पहाड़ की स्वास्थय संबंधी समस्याओं से निजात तो मिलेगा ही,इसके साथ ही युवा डाक्टरों को अपनी भूमिका भी समझ आएगी।

उत्तराखंड पुलिस में सात सौ पदों पर होगी भर्ती

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नई सरकार के घोषणा पत्र में शामिल वायदों को लेकर पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने पुलिस बल बढ़ाने के लिए सी पी यू और एस डी आर एफ से खाली हुए पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर दिया है। यह सरकार को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव पर सरकार की मुहर लगी तो सात सौ से ज्यादा पदों पर भर्ती होगी।
बीजेपी ने पुलिस विभाग के आधुनिकरण, पुलिस बल बढ़ाने तथा प्रशिक्षण देने को घोषणा पत्र में शामिल किया था। पुलिस विभाग ने पहले चरण में खाली पदों पर भर्ती का प्रस्ताव बनाया है। राज्य में करीब तीन सौ से अधिक पुलिस कर्मी अस्थाई रूप से सीटी पेट्रोल यूनिट( सी पी यू) में तैनात हैं।
स्टेट  डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एस डी आर एफ) में भी चार सौ पुलिस कर्मी शामिल हैं। इससे करीब सात सौ पुलिस कर्मी सिविल पुलिस की ड्यूटी में कम हैं। इससे कानून व्यवस्था बनाने में कई बार दिक्कते आती हैं। पुलिस मुख्यालय ने इन पदों के अलावा सेवनिवितृ और अन्य कारणों से खाली पदो पर नई नियुक्त का प्रस्ताव भी बनाया है। साथ ही एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि सीपीयू और एसडीआरएफ के गठन के बाद सिविल पुलिस में फोर्स की कमी है। इसका प्रस्ताव बनाया गया है। नई सरकार की घोषणा के अनुरूप प्रस्ताव सौंपा जाएगा। सरकार के फैसले के बाद ही इन पदों पर भर्ती हो पाएगी।

एनएच घोटाले में राजस्व अहलमद संतराम के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज

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एनएच घोटाले में राजस्व अहलमद संतराम के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर लिया गया है लेकिन इतनी बड़ी जालसाजी में अहलमद की भूमिका प्यांदे भर की लग रही है। घोटाले के असली किरदार अब भी परदे के पीछे हैं। पुलिस ने भी अब तक जांच शुरू नहीं की है, इस कारण जालसाजों को बचने का मौका मिल रहा है।

कुमाऊं कमिश्नर ने अपनी जांच में 170 करोड़ का एनएच घोटाला सार्वजनिक किया है। इनमें सितारगंज तहसील का नाम भी मुख्य रूप से सामने आ रहा है। एसडीएम कार्यालय सितारगंज से कृषि व आवासीय भूमि की मिशलबंद फाइल से पेज फाड़े जाने के बाद एनएच घोटाले की परत खुल सकी। एसडीएम विनोद कुमार ने 19 मार्च को राजस्व अहलमद संतराम के खिलाफ जालसाजी आदि धाराओं में केस दर्ज करा दिया लेकिन करोड़ों के मामले में जालसाजी का चक्रव्यूह रचने वाले संदिग्ध अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रकरण से दूरी बनाई गई है।

हालांकि संतराम ने किच्छा राजस्व उपनिरीक्षक खुशाल सह व सितारगंज राजस्व उपनिरीक्षक रामौतार पर दबाव में काम करवाने का आरोप लगाया है। संतराम के आरोपों में कितनी सत्यता है यह तो पुलिस की विवेचना शुरू होने के बाद ही पता चल सकेगा। इतना तो तय है कि एनएच घोटाले में संतराम महज प्यांदा हैं। बजीर की भूमिका तत्कालीन अधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों व सफेदपोशों ने निभाई है। पुलिस ने दो दिन पहले इस मामले में केस दर्ज किया है लेकिन अभी तक विवेचना शुरू नहीं की है।

7 महीने के बच्चे की उपचार के दौरान मौत

धर्मनगरी ऋषिकेश में डॉक्टर की लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, आरोप है की ऋषिकेश स्तिथ हिमालयन हॉस्पिटल के डॉक्टर ने नशे की हालात में एक 7 महीने के बच्चे का इलाज किया और लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गयी। बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और अब इन्साफ की मांग कर रहे है।

ऋषिकेश के अस्पताल में एक  मामला सामने आया है ,जहाँ हिमालयन  हॉस्पिटल  की ऋषिकेश ब्रांच में इलाज के दौरान सात महीने के बच्चे की मौत हो गई। परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए बताया की डॉक्टर बच्चे के इलाज के दौरान नशे की हालत में था और डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन की ओवर डोस दे दी जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई।

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हालाँकि ,हॉस्पिटल प्रशासनिक अधिकारी सीपी नैथानी ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ठ किया  कि इलाज के दौरान डॉक्टर किसी भी तरह के नशे में नही था, बच्चे की तबियत ज्यादा ख़राब हो गई थी इसिलए बच्चे जो जोलीग्रांट अस्पताल रेफर किया गया जहाँ बीमारी के चलते बच्चे की मृत्यु हुई ।

ऋषिकेश सीओ मनोज सिंह कत्याल ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है। जाँच रिपोर्ट और पोस्टमाटम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा ।

पत्रकार के साथ रेंजर और वन कर्मियों के बीच मारपीट

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एक चैनल के पत्रकार के साथ रेंजर और वन कर्मियों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने पत्रकार का अपहरण करने का प्रयास किया। पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने रेंजर सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोहल्ला कानूनगोयान निवासी भगीरथ शर्मा खुद को एक न्यूज चैनल का पत्रकार बताते हैं। मंगलवार को वह मुरादाबाद रोड स्थित वन विभाग के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारी राजकुमार वर्मा से बाइट देने को कहा। आरोप है कि रेंजर अभद्रता कर मारपीट करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने विभाग के चार और कर्मियों को बुला लिया और कैमरा भी छीन लिया।

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यह भी आरोप है कि वह जबरन सरकारी वाहन में बैठाकर ले जाने लगे। इस पर पत्रकार ने मोबाइल से चैनल के अधिकारियों से बात कराई। तब उन्हें छोड़ा गया। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और परिजनों में हड़कंप मच गया।

भगीरथ शर्मा ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस न तहरीर के आधार पर रेंजर राजकुमार वर्मा सहित पांच आरोपियों के खिलाफ अपहरण व मारपीट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अपर पुलिस अधीक्षक काशीपुर डा. जगदीश चंद्र का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।