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विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए भरा नामांकन

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ऋषिकेश विधानसभा के तीन बार विजेता प्रेमचंद अग्रवाल ने अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन। ऋषिकेश से तीसरी बार बड़ी जीत तर्ज की प्रेम चंद्र अग्रवाल 14 ,900 वोटों से यह सीट जीती है। विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का विधानसभा अध्यक्ष बनाना तय। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए आज भरा नामांकन।

बुधवार को प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा सचिव के सामने नामांकन किया, इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, और प्रकाश पंत सहित अन्य विधायक भी मौजूद रहे।स्पीकर पद के लिए कांग्रेस की तरफ से किसी ने भी नामांकन नहीं किया है।गुरुवार को स्पीकर के लिए विधानसभा में चुनाव प्रक्रिया की जाएगी।कांग्रेस की तरफ से किसी का नामांकन ना भरे जाने और बीजेपी के 57 विधायक होने के नाते प्रेमचंद अग्रवाल का स्पीकर बनना लगभग तय माना जा रहा है।गौरतलब है कि उत्तराखंड की नई सरकार बनने के बाद विधानसभा का पहला सत्र शुक्रवार से शुरु होगा।सत्र शुरु होने से पहले उसके बेहतर संचालन के लिए स्पीकर का चुनाव किया जाता है।

गुरुवार को मतदान के जरिए नया स्पीकर चुन लिया जाएगा।स्पीकर पद को लेकर पिछले दो-तीन दिनों से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, और बाकी मंत्रीयों के बाच सलाह मशवरा चल रहा था।लेकिन मंगलवार को विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रेमचंद अग्रवाल के नाम पर सहमति बना ली गई था।इसके साथ ही स्पीकर के नामों में प्रेमचंद अग्रवाल के अलावा पूर्व स्पीकर व पूर्व मंत्री हरबंश कपूर,पूर्व मंत्री बिशन सिंह चुफाल व बंशीधर भगत का नाम भी दावेदारों में लिया जा रहा था।

prem chand agarwal

यूपी-उत्तराखंड बार्डर के 185 गांव वालों की मोदी सरकार से जुड़ी उम्मीदें

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उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने से लोगों में उम्मीदें जगी हैं।किसी को उम्मीद है कि अच्छे दिन आऐंगे तो कोई भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता है,किसी को उम्मीद है प्रदेश में विकास होगा तो कोई केवल बीजेपी सरकार बनने से ही खुश है।लेकिन हम बात करेंगे कुछ ऐसे लोगों की जिनकी उम्मीद टूट चुकी थी,लेकिन दोनो प्रदेशों में बीजेपी की सरकार बनने से उम्मीद जागी है।

उत्तर प्रदेश के 185 गांव जो आज भी उम्मीद लगाएं बैठे है कि उनका विलय उत्तराखंड राज्य में हो जाए।उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में किसी भी गांव का विकास उसके शहर से दूरी पर निर्भर करता है।बिजनौर के बार्डर के गांव में रहने वाले 2 लाख लोग इस बात को ज्यादा अच्छे से महसूस कर सकते हैं।ऐसे गांव जो यूपी के बार्डर पर है और जिनसे उत्तराखंड का जिला कोटद्वार सिर्फ 4 किमी. दूर है और बिजनौर लगभग 60 किमी है वो इस स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।बार्डर पर पड़ने वाले गांव में विकास के नाम पर कुछ नहीं होता, और अब तो इस गांव के लोग बस यह चाहते है कि इनका गांव उत्तराखंड प्रदेश से मिल जाए ताकि इनका परेशानियां कम हो सकें।

लाख कोशिशों और कड़ी मेहनत के बाद आज दोनों राज्य यूपी और यूके में बीजेपी की सरकार है तो ऐसे में बार्डर क्षेत्र के गांव और यहां के निवासियों को आशा कि एक किरण सी दिखाई देती है।इतना ही नहीं इन गांव वालों ने यह मुद्दा तब भी उठाया था जब सभी पार्टी वाले चुनाव जीतने के होड़ में लगातार  कैंपेन कर रहे थे।

सीमावर्ती संघर्ष समीति एक ऐसी संस्था जो यूपी के 185 गांव और उत्तराखंड राज्य के विलय के लिए काम कर रही है,उनका कहना है कि दोनों राज्यों में बीजेपी सरकार बनने से उम्मीदें जागी है।समिती के अध्यक्ष मनमोहन सिंह का कहना है कि यहा के लोकल लोग बिल्कुल अडिग है कि वह उत्तराखंड में मिलना चाहते हैं, और यह 185 गांव में 33 पंचायत हैं लेकिन विकास के नाम पर यहां शून्य काम हुआ है।

यूपी यूके बार्डर के गांव तल्ला ढाक में रहने वाले आशीष मिश्रा कहते हैं हम पिछले कई सालों से इस दिक्कत से जूझ रहे और चाहते हैं कि अपनी सहमति से उत्तराखंड में मिल जाए। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के रिर्काड में बार्डर पर रह रहे गांवों में लोगों के घर तो उत्तराखंड में है लेकिन जमीनें यूपी मे हैं।आशीष बताते हैं कि कोटद्वार उनके गांव से 4 किमी है लेकिन बिजनौर 50 किमी।इसके अलावा इन गांवों में मिलने वाली बिजली भी उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि उत्तराखंड सप्लाई करता है लेकिन अब पहाड़ी राज्य भी यह सप्लाई काटना चाहता है।य़ह एक ऐसा क्षेत्र हैं जहां ना तो शिक्षा के लिए स्कूल हैं ना ही कोइ इंडस्ट्री और ना मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल।

लेकिन सालों बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनने से बार्डर के गांव में रह रहे लोगों की उम्मीदें एक बार फिर जगी हैं।बदलते समय के साथ हर क्षेत्र विकास मांगता है और यह 185 गांव इसी विकास की दरकार कर रहे हैं, देखना यह है कि पीएम मोदी की सरकार में इनको इंसाफ मिलता है कि नहीं।

परमार्थ निकेतन में मनाया गया विश्व जल दिवस

कहने को तो इस धरती में 70 प्रतिशत पानी मौजूद है लेकिन जब बात साफ़ पीने लायक पानी की होती है तो ये प्रतिशत घटकर 2 या 3 पर  आ जाता है। इसी कड़ी में लोगों और स्कूली बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में वर्ल्ड वाटर डे मनाया गया जिसमें बच्चों और महिलायों को स्वच्छता के बारे में बताया गया।

कहते है पानी बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है, इसलिए पानी के संग्रक्षण और इसको प्रदुषण मुक्त करने के लिए समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। वर्ल्ड वाटर डे के मौके पर ऋषीकेश के परमार्थ निकेतन में वाटर संग्रक्षण और सुद्धता के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अलग-अलग स्कूल से आये बच्चों ने हिस्सा लिया और नदियों को प्रदुषण मुक्त करने का प्रण लिया।

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इस मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने गंगा को साफ़ रखने की अपील की, उन्होंने बताया कि सिर्फ आज के लिए ये सोच जरुरी नहीं है बल्कि हमें रोजाना इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है। गंगा जैसी पवित्र नदी को मैला न किया जाये।लगातार मैली होती गंगा को रोकने के लिए भले ही सरकार करोड़ों खर्च कर रही जो लेकिन अभी तक परिणाम देखने को नहीं मिला है ऐसे में जान जागरूकता ही सबसे अहम कदम माना जा सकता है।

स्वाधी भगवती का कहना है कि गंगा बेहद पावन नदी है इसके संग्रक्षण के लिए हर किसी को आगे आने की जरूरत है तभी जा कर हम इस पवित्र नदी की स्वच्छता को बचा सकेंगे। साफ़ और पीने लायक पानी की सबसे ज्यादा जरूरत हम इंसानों को ही होती है लेकिन हम ही इसकी कदर नहीं करते ऐसे में सवाल ये उठता है कि आने वाले समय में क्या हमको स्वत्छ पानी मिल पायेगा, इसके लिए हमे आज से ही इस और ध्यान देने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने सीेएम त्रिवेंद्र से की भेंट

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स्थित संसद भवन में बुधवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री रावत को आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को पूरा सहयोग दिया जायेगा।
गौरतलब है कि सीएम त्रिवेंद्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी से पहली औपचारिक भेंट है।

उत्तराखण्ड पुलिस आधुनिकरण: इजराइल से नए एके-47 का दिया आर्डर

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नयी सरकार के आते ही पुलिस महकमा हरकत में आगया है और इसी के तहत उत्तराखण्ड पुलिस ने अपने आधुनिकरण पर खासा जोर देते हुए, पुलिस द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले सभी प्रकार के हथियारों को अपग्रेड करने का मन बना लिया है । जिसमे बड़ा कदम इजराइल से नयी एके-47 का आर्डर दिया गया है।

उत्तराखण्ड पुलिस ने इजराइल से नयी तकनीक से लैस 100 एके- 47 का आर्डर दिया है। इस राइफल को इजराइल की एक कंपनी ने विकसित किया है, नई एके 47 में ग्रिप, लेज़र पॉइंट, लेज़र सेटिंग, गन बटन को अपग्रेड किया गया है जिसकी लंबे समय से मांग भी चल रही थी।

फिलहाल परीक्षण के लिए 3 राइफल मंगवाई गयी है , जिनके प्रयोग करने के बाद बाकि सभी राइफल्स का पूरी तरह ऑर्डर कर दिया जायेगा। आइ पी एस निविदिता कुकरेती ने बताया कि यह राइफल फिलहाल ऐ टी एस के पास रहेगी। इसके साथ ही पुलिस इसके परिणाम के बाद और मंगवाने की डिमांड भी करेगी।

राजनाथ सिंह से मिले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में अवगत कराया। श्री राजनाथ सिंह ने आशा व्यक्त की कि श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार जनता के विश्वास पर खरा उतरेगी। उन्होंने केंद्र सरकार से पूरे सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह मंत्री को गंगाजल व उत्तराखण्ड पर्यटन की काॅफी टेबल बुक भेंट की।
इसके साथ ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनपद पौड़ी में हुई वाहन दुर्घटना(टवेरा कार संख्या यू.पी.-14.बी.टी.4602) में मृतकों के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त एस.डी.शर्मा उपस्थित थे।

बाजपुर में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद

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बाजपुर में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में पथराव के साथ फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें बीच बचाव को आए एसएसआइ बाजपुर सहित 14 लोग घायल हो गए।

बाजपुर के बरहैनी क्षेत्र में राय सिख और मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में रहती है। मंगलवार शाम एक ठेले पर वाहिद व छिंदर सिंह पकोड़ी खा रहे थे। अचानक दोनों में नोक झोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दोनों के हल्ला मचने पर उनके साथी भी आ गए और पथराव शुरू हो गया।

इसके बाद हालात खराब हो गए। सुचना मिलने पर एसएसआइ कमलेश भट्ट फोर्स के साथ पहुच गए, लेकिन उनके साथ ही प्रशिक्षु एसआइ गोविन्द बिष्ट भी बीच बचाव में घायल हो गए। सुचना मिलने पर एएसपी जगदीश चंद आस पास के थानों की फोर्स के साथ वह पहुंच गए। तब तक वह से लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। तनाव का देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।

नहीं होती रुद्रपुर पुलिस लाईन में परेड, डीआईजी ने जमकर लताड़ा

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रुद्रपुर, पुलिस लाइन में परेड के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। इस पर डीआइजी भड़क उठे। उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए गुणवत्ता लाने के निर्देश दिए। यही नहीं रिकार्ड भी सही तरीके नहीं सही रखे गए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए दशा न सुधारने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मंगलवार को डीआइजी अजय रौतेला ने पुलिस लाइन का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रिकार्ड कक्ष, परिवहन शाखा सहित मालखाने का निरीक्षण किया। सुबह परेड देख उन्होंने कहा कि साफ लग रहा है कि परेड के नाम पर खानापूर्ति ही की जा रही है। कोई भी परेड को लेकर संजीदा नहीं है। ऐसी अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परेड पुलिस का अभिन्न अंग है। इसको लेकर पुलिस लाइन में गंभीरता बरते जाने को लेकर उन्होंने अधिकारियों की फटकार लगाते हुए सुधार लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान रिकार्ड रिकार्ड अपडेट न होने पर फटकार लगाते हुए रिकार्ड को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए वहीं डीआइजी जब हथियारों की जांच करने लगे तो अधिकारी हांफने लगे। असलहा खोलने से लेकर उसे बांधने में उनके हाथ कांप गए। वह काफी देर तक असलहा के साथ जूझते नजर आए। जिस पर डीआइजी ने हर परिस्थिति से जूझने के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक चीजों में इस तरह के हालात को पुलिस के लिए ठीक नहीं बताया।

बाघ की मौत एनटीसीए की जांच शुरु

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तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत बैल पड़ाव रेंज में बीते दिनों हुई बाघ की मौत की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई। यह जांच राष्ट्रीय बाघ सुरक्षा प्राधिकरण दिल्ली (एनटीसीए) के डीआईजी निशांत वर्मा और उनकी टीम द्वारा की जा रही हैं।टीम देर रात रामनगर पहुंची। गौरतलब है कि 16 मार्च को बैल पड़ाव के छोई क्षेत्र में बाघ ने भगवती और लखपत को मार डाला था।
इसके बाद बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया था। काफी कोशिश के बाद पकड़ में आए बाघ की मौत हो गई थी। इसके बाद बाघ को जेसीबी के पंजे से दबाने का वीडियो वायरल हुआ। इसमें बाघ की मौत पर सवाल उठने लगे थे। आज वन विश्राम गृह में एनटीसीए के अधिकारीयों ने पहले डीएफओ कहकशां नसीम से पुरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

डीएफओ ने मौके के फोटो और वीडियो भी दिखाए। इसके बाद वनाधिकारियों के साथ छोई पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान एनटीसीए के अधिकारियों ने क्षेत्र के वन कर्मियों और गांव के लोगों से भी जानकारी ली।

हल्द्वनी में रोडवेज के कर्मचारियों ने बसों का संचालन रोका

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हल्द्वानी, महिला परिचालक को रूट पर भेजने के बजाय डिपो में तैनात करने के विरोध में रोडवेज के कर्मचारियों ने बसों का संचालन ठप कर दिया है। रूट पर जाने वाली बसों को वर्क शॉप से बाहर ही नहीं आने दिया गया। बस स्टेशन पर संचालन कार्यालय खुला ही नहीं। इस कारण यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने पर भी आक्रोश व्यक्त किया।  उनका आरोप है कि प्रबंधन ने समान कार्य, समान वेतन का फरमान जारी कर दिया, लेकिन महिला परिचारक को डिपो में तैनाती दी जा रही है। रूट पर नहीं जाने के लिए जो कारण बताए। उनकी जांच भी नहीं गई।
विभाग अपने ही नियमों को तोड़ रहा है। वेतन को लेकर शर्मा कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है। पिछले एक साल से वेतन लगातार प्रतिमाह के वजाय दो माह के बाद मिल रहा है। इससे कर्मचारी परेशान हैं।