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पुलिस हिरासत में मौत पर हाईकोर्ट सख्त

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नैनीताल हाई कोर्ट ने काशीपुर में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को 28 मार्च तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश सरकार को दिए हैं।

हाई कोर्ट ने इन दी मैटर ऑफ कस्टोडियल डेथ में स्वत: संज्ञान लिया था। जिसमें 23 फरवरी को काशीपुर के बैलजुड़ी गांव के जियाउद्दीन को लड़की भगाने के एक मामले में हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कटोराताल चौकी में उसे लॉकअप में बंद कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई थी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद अगली तिथि 28 मार्च नियत कर दी है।

 

पार्टी के विजन डाक्यूमेंट की झलक दिखी राज्यपाल के अभिभाषण में

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उत्तराखंड विधानसभा की पहले बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण में बीजेपी का विजन डॉक्यूमेंट ही रहा खास।गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के लिए बीजेपी विधायकों ने मेज थपथपा कर किया स्वागत।
  • खण्डूरी सरकार में बनी ट्रांसफर नीति को किया जायेगा लागू।
  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त बिजली, साफ पेयजल, जल संसाधन की उचित रुपरेखा होगी तैयार।
  • 2019 तक सभी गावँ सड़क सुरक्षा से जोड़े जाएंगे, साथ ही अंडरग्राउंड सबवे बनाए जाएंगे।
  • पर्यटन तीर्थ स्थलों के लिए केंद्र से योजना स्वीकृत करायी जायेगी
  • अटल आदर्श गावँ को विकसित किया जाएंगा।
  • पीएम के स्किल डेवलेपमेन्ट योजना में प्रदेश के गरिबों को शामिल किया जायेगा
  • विकास के लिए नई युवा नीति
  • एडवेंचर गेम्स का सालाना कैलेंडर
  • राज्य में खाली पदों को जल्द भरा जायेगा
  • राज्य में विनिवेश का वातवरण तैयार किया जायेगा
  • पुलिस बल का आधुनिकीकरण
  • नए कोर्टों की स्थापना की जायेगी
  • सीएम हाउस में स्पेशल हेल्पलाइन स्थापित किया जाएगा

इसके साथ ही अभिभाषण के कुछ महत्तवपूर्ण बिन्दु इस प्रकार हैः

शिक्षा

  • गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए आर्थिक संसाधन होंगे उपलब्ध
  • विद्धालयों में भवन,शौचालय,प्रयोगशाला,पुस्तकालय,पेयजल आदि सुवाधाओं के लिए जरुरी कदम
  • हर जनपद में छात्राओं के लिए हास्टल वाले विधालय होंगे शुरु

स्वास्थ्य

  • 108 की सुविधा होगी और एक्टिव व आसान
  • सरकारी अस्पताल होंगे आधुनिक और सुविधाओं से लैस
  • टेली-मेडिसीन की व्यवस्था
  • राज्य में चल रहें मेडिकल कालेजों को मिलेंगी सारी सुविधाएं, साथ ही नए मेडिकल कालेज खोलने के लिए किए जाऐंगे प्रयास
  • आयुर्वेद,होम्योपैथी,यूनानी,नैचुरोपैथी जैसे भारतीय स्वास्थ्य पदों को मिलेगा बढ़ावा
  • शिशु व महिला स्वास्थ्य के लिए जरुरी कदम
  • पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटना को देखते हुए ट्रामा सेंटर होंगे शुरु
  • हर गांव में निशुल्क दवाओं के लिए खोले जाऐंगे दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय

पर्यटन

  • इको टूरिज्म,कार्बेट सर्किट,कुमाऊं हैरिटेज,जनजातीय संस्कृति पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा
  • मेडिकल टूरिज्म का विकास
  • तीर्थ स्थलों के विकास के साथ तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा

कृषि

  • कृषि क्षेत्र में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से लैस होंगे गांव
  • बंजर भूमि के विकास हेतु विशेष कार्य
  • कृषि मंडी का विस्तार व आधुनिकरण
  • जैविक खेती,जड़ी बूटी व फूलों सहित सुगंध फूलों की खेती के लिए विशेष इंतजाम
  • जंगली जानवर से बचाव के लिए योजनाएं
  • मछली पालन,मधुमक्खी पालन,गौवंश पालन आदि पर काम करके ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन
  • वर्षा जल संग्रहण
  • वनाग्नि को रोकने के लिए स्थानीय भागीदारी होगी सुनिश्चित
  • गन्ना किसान को फसल बेचने के 15 दिन के अंदर भुगतान सुनिश्चित

विधुत

  • आर्थिक रुप से कमजोर परिवार को कम दरों पर मिलेगी बिजली
  • पेयजल समस्या से निपटने के लिए गंभीर कदम
  • जल संरक्षण के लिए उचित प्रबन्धन
  • वैकल्पिक ऊर्जा स्त्रोंतो को बढ़ावा
  • राज्य में नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए प्रयास

जनसंख्या

  • प्रतिभाशाली छात्रों के लिए कोचिंग की व्यवस्था
  • प्रतियोगी परीक्षों के लिए जा रहे अभ्यर्थीयों के लिए दिल्ली तक निशुल्क यात्रा
  •  नेशनल लेवल के स्टेडियम और मिनी स्टेडियम की स्थापना
  • आने वाले 5 सालों में रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जाऐंगे
  • पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती से लागू करने के प्रयास

महिला

  • महिला कल्याण के लिए सुरक्षा व विकास को प्राथमिकता
  • घरेलू हिंसा व उत्पीड़न रोकने के लिए गंभीर कदम उठाए जाऐंगे
  • महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना
  • शहरी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण
  • काम-काजी महिलाओं के लिए हास्टल

गैरसैंण बन सकता है उत्तराखंड का ”समर कैपिटल”

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उत्तराखंड में सरकार किसी भी पार्टी की हो एक मुद्दा हमेशा बना रहता है।गैरसैंण को राजधानी बनाने का मुद्दा।बीजेपी की नई सरकार के सामने भी यह मसला परोसा जा चुका है और आने वाले समय में गैरसैण को समर कैपिटल घोषित किया जा सकता है। यदि सरकार यह निर्णय लेती है तो देहरादून विंटर कैपिटल हो जाएगा। साथ ही पर्वतीय राज्य के होने के वजह से गैरसैंण में नियोजित विकास के राह भी खुलेंगे। बहरहाल, प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन यानी समर राजधानी बनाने का दावा किया है।
पूर्व कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण में विधानमंडल भवन और विधायक व ऑफिसर्स हॉस्टल का निर्माण किया था। विधानसभा चुनाव होने से पहले वहां नए भवन में बजट सत्र भी चलाया गया था। यही वजह मानी जा रही है कि तत्कालीन सरकार गैरसैण पर कोई निर्णय ले लेगी। बीजेपी और उसकी सरकार के मंत्रीयों ने  गैरसैंण पर अपनी स्पष्ट सोच को जाहिर करने शुरू कर दिया है।बीजेपी के कई मंत्री गैरसैण को समर राजधानी बनाने का दावा कर रहे हैं।
इस सम्बंध में पूर्व में विधानसभा में संकल्प ले चुके कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक कहते हैं कि हमारी सरकार ने इरादा बना लिया है, गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया जाएगा।वहीं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी गैरसैण को राजधानी बनाए जाने के पक्ष में हैं।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने भी कहा कि सरकार जल्दी ही कोई बड़ा निर्णय लेने जा रही है। इससे पहले गैरसैंण को गेस्टहाउस बनाने के सम्बंध में पिछली सरकार में जारी शासनादेश को निरस्त किया जाएगा। सरकार गैरसैंण में नियोजित तरीके से संसाधन जुटाएगी और एक प्लान टाउनशिप के तौर पर इसको विकसित करेगी।
बीजेपी पूर्व सरकार पर आरोप लगा रही है कि गैरसैंण को राजधानी बनाने के बजाय कांग्रेस वहां अतिथिगृह बनवा रही थी जो की उत्तराखंड के लोगो के साथ एक धोखा था।
वहीं कांग्रेस के सुरेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि इस समस्या को हमेशा के लिए सुलझाना चाहिए। जो रोड मैप कांग्रेस सरकार ने बनाया था बीजेपी को उससे आगे चलने का प्रयास करना चाहिए लेकिन बीजेपी तो पीछे ही चल रही।इसके अलावा उन्होंने कहा कि  बीजेपी ने जो कांग्रेस पर अतिथिगृह बनाने का आरोप लगाया है वह पूरी तरह से झूठा है।ऐसे आरोपों से बीजेपी लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। हरीश रावत सरकार ने तो गैरसैण में तीन सत्र भी सम्पन्न कराए है। ऐसे में हम वहां अतिथि गृह क्यों बनाऐंगें। अंत में सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार लोगो के साथ अन्याय कर रही है, गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी क्यों बना रही है इसको स्थाई राजधानी बनानी चाहिए।

अच्छी ख़बरः गंदगी फैलाई तो ”ढ़ीली होगी जेब”

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यूपी के बाद अब उत्तराखंड राज्य में भी एक नई पहल शुरु होने वाली है। यूपी में योगी आदित्यनाथ के पान और गुटखों पर बैन के बाद अब उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। आपको बता दें कि अब सरकारी दफ्तर या किसी भी पब्लिक प्लेस पर गुटखा खाने के बाद थूकने वाले पर 5000 रुपये के जुर्माना के साथ ही 6 महीने तक की जेल हो सकती है।

शहरी विकास डिर्पाटमेंट में अफसरों के मुताबिक यह नया कानून सभी म्यूनिसिपल आफिस में ”एंटी-लीटरिंग ला” जो नवंबर में पास हुआ था उसके अंर्तगत लागू कर दिया जाएगा।इस फैसले से शहर के लोगों को उम्मीद है कि स्वच्छता रहेगी और यह लंबे समय तक प्रदेश के लिए लाभकारी होगा।सीनियर आफिसर का कहना है कि इस नए नियम को लागू करने के लिए सब कुछ तैयार है और इस फैसले से सभी नागरिकों में स्वच्छता रखने की एक अच्छी आदत का विकास होगा और जो इस नियम को नहीं मानेगा उसके ऊपर 5000रुपये जुर्माना के साथ 6 महीने का जेल भी हो सकता है।

शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्रेटरी अरविंद सिंह हयांकि ने बताया कि ‘’हमारे डिर्पाटमेंट को सख्त आदेश मिला है कि नवंबर में लागू इस एक्ट को जल्दी से जल्दी धरातल पर लाने का समय आ गया है और अभी यह नियम केवल शहरी क्षेत्रों में ही लागू किया गया है”।उन्होंने कहा कि इस नियम के बाद हम आशा करते हैं कि लोग सड़कों और आफिस को कम गंदा करेंगे और कहीं भी कूड़ा नहीं फेकेंगें।अरविंद सिंह ने बताया कि बार-बार गंदगी फैलाने वाले आरोपी को 6 महीने के जेल के साथ पांच हजार का जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

देहरादून नगर निगम के स्वास्थ अधिकारी डा.कैलाश गुंज्याल ने कहा कि ”हमने कुछ टीम का गठन किया है जिसमें सफाई इंस्पेक्टर, सुपरवाईज़र और वर्कर शामिल है जो हर रोज़ शहर की सड़कों और अलग अलग क्षेत्रों का मुआयना करेंगे”।इन सभी आफिसर के पास एक फाईन बुकलेट होगी जिसमें वह ”आन द स्पाट” लोगों से जुर्माना ले सकेंगे और अगर कोई बार बार नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

नई सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए देहरादून के विजेंद्र सिंह ने कहा कि यह कानून तो बहुत पहले आ जाना चाहिए था लेकिन कभी नहीं से देरी भली, यह सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि हर जगह की एक धारणा है कि लोग थूकने से पहले नहीं सोचते जो हमारे देश की प्रमुख समस्या है।आज के समय में ज्यादातर सरकारी दफ्तर पान और गुटकों के पीक से सने हुए है जो गंदगी की पहचान है।सरकारी दफ्तर में काम करने वाले कार्मिकों को अपने अंदर भी यह बदलाव लाना चाहिए तभी दशा सुधर सकती है।

डेढ़ किलो चरस के साथ पकड़ा गया आरोपी

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पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड महोद के दिशा निर्देशों में चलाए जा रहे 01 माह के अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशानुसार व क्षेत्राधिकारी विकासनगर के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सहसपुर के नेतृत्व में गुरुवार रात में चौकी सेलाकुई पुलिस द्वारा सैलाकुई स्थित पुरानी चौकी तिराहा पर दौराने चैकिंग संदिग्ध वाहन/व्यक्तियो की चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति जो पुलिस कर्मचारीगणों को चेकिंग करता देखकर कर भागने का प्रयास कर रहा था। पुलिस कर्मचारीगण द्वारा शक होने पर उस व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति की जामा तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से अवैध चरस बरामद हुई। जिसके संबंध में गहनता से पूछताछ की गई तो उस व्यक्ति ने चकराता से भारी मात्रा में चरस लाकर सेलाकुई मैं मजदूरो व स्कूली छात्र छात्राओं को छोटी- छोटी मात्रा में ऊँचे दामों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की गई और कहा कि इससे मुझे कहीं मुनाफा हो जाता है। इस संबंध में थाना सहसपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 113/17 धारा 8/20 एन0डी0पी0एस0 एक्ट पंजीकृत किया गया। अभियुक्त को आज माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

बरामदगी :- 01 किलो 50 ग्राम अवैध चरस, चरस की कीमत लगभग 100000 रूपये।

सेलिब्रिटी के ना पहुंचने पर कपिल शर्मा को कैंसल करना पड़ा शूट

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पिछले कई राोज में सुर्खियों में बना कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर का मामला अब तक सुलझा नहीं है।कपिल शर्मा की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। टीम मेंबर के बाद अब बॉलीवुड सेलिब्रिटी ने भी शो में आने से मना कर दिया है।

सुनील ग्रोवर के साथ लड़ाई के बाद अब कपिल के शो की डूबती नैया को सहारा देने की जिम्मेदारी उठाई है राजू श्रीवास्तव,एहसान कुरैशी और सुनील पाल ने,पर शो में जब सिलेब्स ही न आए तो बेचारे कपिल भी क्या करेंगे।मीडिया में चल रही खबरों  की मानें तो शो में बॉलीवुड सेलेब्स के न आने के कारण कपिल को शो कैंसिल करना पड़ा।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ऑस्ट्रेलिया से वापस लौटते समय फ्लाइट में कपिल ने सुनील ग्रोवर को जमकर गालियां दी।प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कपिल ने इतनी शराब पी रखी थी कि नशे में ही उन्होंने सुनील को अपना जूता फेंक कर मार दिया।इस सबके बाद शुरू हुआ रुठने मनाने का खेल।

बात यहां तक पहुंच गई कि सुनील, चंदन प्रभाकर और अली असगर ने  कपिल का शो करने से मना कर दिया।मनोज वाजपेयी और तापसी पन्नू वाले एपिसोड शूट करते वक्त सेट पर कपिल रो दिए थे।अब देखना ये है कि कपिल कितने टीम मेंम्बर को मनाने में सफल होते हैं।

हमारे भीतर जिंदा हैं शहीद भगत सिंहः वरुण गांधी

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हल्द्वानी, शहीद दिवस पर आयोजित इम्पावरमेंट फार नेशनल बिल्डिंग कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर पहुंचे वरुण गांधी कहा कि भगत सिंह व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार है जो हर युवा के मन में बसता हैं। उत्तरप्रदेश के सुलतानपुर लोकसभा सीट से भाजपा सांसद फिरोज वरुण गांधी ने कहा कि शहीद भगत सिंह आज भी हम सभी में जिंदा हैं। भगत सिंह एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि उस रास्ते का नाम है, जो हमें दिशा देता है।

शहीद दिवस पर आयोजित इम्पावरमेंट फार नेशनल बिल्डिंग कार्यक्रम के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि भारत में चालीस प्रतिशत युवा बीस साल की आयु के हैं। ऐसे में भारत विश्व का सबसे नौजवान देश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है, लेकिन राष्ट्रनीति और राजनीति से युवा अपने आपको अलग-थलग पाता है।

वरुण ने कहा कि 1828 में दिल्ली में पहला छात्र संगठन बना था। तब युवाओं ने महिल एजुकेशन और अंधभक्ति को लेकर आंदोलन किया। आजादी की लड़ाई में भी युवाओं की भगीदारी रही। इस मौके पर उन्होंने देश विदेश में हुए आंदोलनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवा राजनीति में अपनी आवाज को कम पाता है। हमारी राजनीत बुजुर्ग होती जा रही है। वरुण ने युवाओं को टेक्नोलॉजी की मदद से समाज के अंतिम व्यक्ति की मदद करने के लिए प्रेरित किया।

वरुण गांधी ने कहा कि आज हमारे पास वो ताकत है जो पूर्वजों के पास नहीं थी। नौजवान के हाथों अंतिम व्यक्ति का सपना पूरा होना चाहिए।

170 करोड के घोटाले को सिडिकेट बना कर अंजाम दियाः पाण्डयन

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उधमसिंहनगर जिले में एनएच 74 के चौड़ीकरण में हुए करोडों के घोटाले का मामला लगातार ही चर्चा में है। यह साफ हो गया है कि सिर्फ एक विभाग या एक अधिकारी नहीं बल्कि कई स्तर से फर्जीबाड़े और अधिकारी इस घोटाले में शामिल है। मामले की त्रिस्तरीय जांच चल रही है जिसमें दो सौ से भी ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी निशाने पर हैं।

प्रकरण का खुलासा करने के बाद कुमाऊ कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन ने इस संबंध में अपनी दूसरी प्रेस कांफ्रेंस में कुछ और नये खुलासे किए। कहा कि अब तक की जांच में सरकार को 170 करोड़ के वित्तीय हानि का मामला सामने आया है। घोटाले को सिडिकेट बना कर अंजाम दिया गया है। दस दिनों की जांच में हासिल हुए दस्तावेजों के आधार पर तैयार तथ्यात्मक रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि अधिकारियों द्वारा रिकार्ड में हेराफेरी करते हुए कृषक भूमि को व्यवसायिक में परिवर्तित कर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। योजनाबद्ध तरीके से एनएस 74 व 87 के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधित मामले को अंजाम दिया गया। इसमें सरकार के साथ ही गैर सरकारी लोग भी शामिल है। एसडीएम, एसएलएओ, तहसीलदार को जांच के लिए 65 कालम का प्रारूप तैयार कर दिया गया है। उसी प्रारुप में जांच कर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है।

 

कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन में कमीः कापडी

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई करारी हार के बाद यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और खटीमा विधासभा सीट से कांग्रेस के टिकट लेकर चुनाव लड़े भुवन कापड़ी ने रुद्रपुर में पत्रकार वार्ता कर कहा की विधानसभा चुनावो में कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन में कमी रही है जिस कारण उत्तराखंण्ड में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है।

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आपको बता दे खटीमा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी थे भुवन कापड़ी चुनाव में उन्हें हराकर भाजपा के प्रत्याशी पुष्कर सिंह धामी विजय हुये थे। भुवन कापड़ी ने कहा कांग्रेस की हार का कारण मोदी लहर भी है। प्रदेश की जनता ने मोदी के चेहरे को देखकर मतदान किया।

कहा जाता को उम्मदी थी की केंद्र में मोदी सरकार के बाद उत्तराखण्ड में भी मोदी की सरकार आने पर क्षेत्र का विकास होगा। भुवन कापड़ी ने कहा प्रदेश की जनता ने भाजपा से विकास की उम्मीद पर मतदान किया है तो भाजपा को भी आगे आकर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। और केंद्र की मदद से प्रदेश का विकास करना होगा।

उत्तराखंड में हुआ विभागों का बंटवारा, मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे ज्यादातर विभाग

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आखिरकार लंबे इंतज़ार के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के विभागों का एलान कर दिया। इसके चलते

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास

  • गृह, गोपन, कार्मिक,सतर्कता,विधि एवं न्याय,सचिवालय और सामान्य प्रशासन, राज्य संमपत्ति, लोक शिकायत, लोक निर्माण, सूचना, ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा, चिकित्सा सेवाऐं, सुराज भ्रष्टाचार उनमूलन, लोक शिकायत, ग्राम्य विकास, ग्रामीण निर्माण विभाग, ग्रामीण सड़क एवं ड्रेनेज, नागरिक उड्डयन, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण, आपजा प्रबंधन, राजस्व एवं भू प्रबंधन, सैनिक कल्याण, अर्द्ध सैनिक कल्याण, तकनीकि शिक्षा, नियोजन, बाह्य साहायतित परियोजनाऐं, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, पर्वतीय ग्रामों में चकबंदी, औद्योगिक विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी ग्राम उद्योग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जीव प्रौद्योगिकी

सतपाल माहराज

  • सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, लघु सिंचाई, वर्षा एवं जल संग्रहण, जलागम प्रबंधन, भारत-नेपाल उत्तराखंड परियोजनाऐं, पर्यटन, तीर्थाटन एवं धार्मिक मेले, संस्कृति

प्रकाश पंत

  • संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त, वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं निबंधन, मनोरंजन कर, आबकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग

हरक सिंह रावत

  • वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण एवं ठोस अपिष्ट निवारण, श्रम, सेवायोजन, प्रशिक्षण, आयुष, आयुष शिक्षा

मदन कौशिक

  • शहरी विकास, आवास, राजीव गांधी शहरी विकास, जनगणना, पुनर्गठन, निर्वाचन

यशपाल आर्या

  • परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, ग्रामीण तालाब विकास, सीमांत क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबंधन, पिछड़ा क्षेत्र विकास

अरविंद पांडे

  • विद्यालयी शिक्षा, प्रौड़ शिक्षा, संस्कृत शिक्षा,खेल,युवा कल्याण, पंचायती राज

सुबोध उनियाल

  • कृषि, कृषि विपन्न, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग, रेशम विकास

रेखा आर्या

  • महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशिपालन, भेड़ एवं बकरी पालन, चारा एवं चारागाह विकास, मत्स्य विकास

धन सिंह रावत

  • सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास, प्रोटोकाॅल विभाग रहेंगे