चारधाम यात्रा की सुरक्षा में नहीं होगी कोई कमी-सीएम त्रिवेंद्र
31 मई तक ओडीएफ फ्री होगा प्रदेश
सीएम त्रिवेंद्र ने एनएच 74 घोटाले पर बिठाई सीबीआई जांच
त्रिवेंद्र रावत ने कांग्रेस सरकार के दौरान राष्ट्रिय राजमार्ग में हुए घोटाले की सीबीआई जाँच की घोषणा की। इस मामले में 200 करोड़ रुपये का घोटाला कमिश्नर की जांच में सामने आया है। 4 तत्कालीन एसडीएम और 3 भूमि अध्यापित अधिकारी दोषी पाए गए। 6 लोगों को निलंबित किया गया, जब की 1 अधिकारी रिटायर हो चुकॆ है। पूर्व सीएम हरीश रावत की विधान सभा क्षेत्र किच्छा के अंतर्गत थे चारों एसडीएम। राजनितिक साजिश की भी बू आ रही है इस घोटाले में। ज़मीनों के मुआवज़े बांटने में हुआ था यह बड़ा खेल। 20 गुना तक बांटा गया मुआवजा तथा कृषि भूमि को अकृषि दर्शाया गया। कमिश्नर की जांच में पकड़ा गया था घोटाला। इस मामले की तह तक जाने के लिए सीबीआई जांच के निर्देश दिए गए हैं।
कुमाऊ कमिश्नर ने अधिकारियों की बृहस्पतिवार को जमकर परेड कराई और फाईलों के पुलिदे लगवा दिये। हालांकि गत दिवस शासन के निर्देश पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पद से डीपी सिंह को हटा दिया गया था, मगर शुरूवाती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि श्री सिंह साजिश के शिकंजे में फंसे हुए हैं। भूमि अधिग्रहण से लेकर अभिनिर्णय पारित करने और मुआवजा वितरण का अधिकतर कार्य डीपी सिंह की तैनाती से पहले हो चुका था। अपनी दबंग छवि के कारण डीपी सिंह सिंडिकेट व अफसरों के निशाने पर हैं।
चर्चा है कि डीपी सिंह ने अपने कार्यकाल में दबंगई दिखाई और सरकारी भूमि का मुआवजा ले रहे कुछ लोगों की सारी कोशिशों पर पानी फेर दिया। इसके बाद से वह सिंडीकेट और कुछ अफसरों के निशाने पर आ गए। उनके घर आयकर का छापा पड़ा। इस घोटाले में एनएचआई के अफसरों की भी मिलीभगत सामने आ रही है, क्योंकि उन्होंने किसी भी फाइल पर आपत्ति तक नहीं की और एसएएलओ द्वारा पारित अभिनिर्णय के अनुसार ही मुआवजा राशि जारी कर दी। इसकी पृष्ठभूमि में सरकारी भूमि का मुआवजा लेने वालों के मंसूबे नाकामयाब करने की बात भी चर्चा में हैं।
पिथौरागढ़: थल तहसील, में हस्तशिल्प कला का प्रशिक्षण शिविर जारी
थल तहसील, के उतरा पथ सेवा संस्थान में विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व पुरुषों का हस्तशिल्प कला का प्रशिक्षण शिविर जारी है। प्रशिक्षण के तहत रिंगाल व बांस से विभिन्न दैनिक उपयोग की वस्तुएं बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के गुर सिखाए गए।
मास्टर ट्रेनर राजेश लाल द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को रिंगाल व बांस से पैन स्टैंड, फूल बास्केट, पूजा टोकरी, लैंप सैट, झूमर आदि दैनिक प्रयोग में आने वाली वस्तुएं बनाने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। संस्थान के इस प्रयास से खासकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
महिलाओं द्वारा प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाकर स्वयं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार में बेचकर अपनी आजीविका चलाई जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड पुनीत नागर, संस्थान के पंकज कार्की, निर्मल पंत, राधा खनका आदि मौजूद थे।
सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में प्लास्टिक से बनेंगी सड़कें
देहरादून जिला पंचायत बैठक में हुई बजट पर चर्चा
शहर के नदी गांव में नकाबपोश लुटेरों ने मचाया आतंक
बागेश्वर। शहर के नदी गांव में नकाबपोश लुटेरों ने आतंक मचा रखा है। रात के अंधेरे लुटेरों का यह गैंग लोगों को अपना शिकार बना रहा है। मामले में आज तमाम लोग एसपी सुखबीर सिंह से मिलने पहुंचे और ज्ञापन दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सुखबीर सिंह ने जांच के आदेश दे दिए है। लोगों का कहना है लूटपाट करने वाले अभी तक कई लोगों को लूट का शिकार बना चुके है।
नशेड़ी प्रवृत्ति के ये युवक महिलाओं से छेड़छाड़ भी कर रहे है। बीते दिनों युवकों ने रात दरवाजा खटखटा कर एक महिला से छेड़छाड़ की कोशिश की। शोर मचाने पर युवक मौके से फरार हो गए। युवक लोगो के मोबाईल और नगदी लूट रहे है।
कार्यकर्ताओं और जनता का रखेंगे पूरा ध्यान- सीएम त्रिवेंद्र
उत्तराखंड में सरकार बनने के बाद शनिवार को सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अजय भट्ट का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के मुख्य गेट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत का स्वागत किया।
मंच पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम रावत ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये प्रदेश भर के कार्यकर्ताओ की मेहनत और मोदी लहर का ही नतीजा है, कि बीजेपी को प्रचण्ड बहुमत मिला है। उन्होंने कहा कि इस जीत का हकदार कोई एक नहीं है बल्कि पूरा राज्य इस जीत का हकदार है।राज्य में बनीं बीजेपी सरकार कार्यकर्ताओं के भावनाओं का पूरी तरह ध्यान रखेगी। प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव से राज्य में विकास को रफ्तार देगी। कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी सरकार हमेशा तत्पर है। जनता से बीजेपी कार्यकर्ताओं ने वादे किये है, उन्हें पूरा करने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में तैनात अधिकारी भी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को नजर अंदाज न करें।
सीएम त्रिवेंद्र ने आगे कहा सरकार जनता पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि संगठन भाजपा के लिए सर्वोपरी है। जिसकी अनदेखी नही की जा सकती है। भाजपा के हर कार्यकर्ता ने चुनाव में अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई थी। जिसके बलबूते ही हम आज सत्ता की दहलीज पर है। ऐसे में सरकार को भी कार्यकर्ताओं के भरोसे को बनाएं रखना चुनौती होगी। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, सतपाल महाराज, डा. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, विधायक खजान दास, शक्ति लाल शाह, पुष्कर सिंह धामी, गणेश जोशी , उमेश शर्मा काऊ, उमेश अग्रवाल, पुनीत मित्तल, विनय गोयल, विजय बंसल, ऊर्बा दत्त भटट आदि मौजूद रहे।
पिथौरागढ़ के बौना और तौमिक गांवों में होगा रेड चीफ सेब का उत्पादन
पिथौरागढ़: विभिन्न प्रजातियों के सेब की पैदावार करने वाला जनपद पिथौरागढ़ का बौना और तौमिक गांवों को अपनी खोई पहचान फिर मिलेगी। कभी सेब उत्पादन के लिए देश और विदेश में पहचाने जाने वाले इन गांवों में फिर से सेब का उत्पादन होगा। इस बार परंपरागत सेब की जगह, ये गांव सेब की सबसे उत्तम प्रजाति रेड चीफ का उत्पादन करेंगे।
सात से साढ़े सात हजार फिट की ऊंचाई पर स्थित बौना और तोमिक गांव कभी सेब उत्पादन के लिए जाने जाते थे। इन गांवों में पैदा होने वाला सेब देश के साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों के माध्यम से विदेशों तक भी पहुंचता था। डेलीसस प्रजाति के इस सेब पर एक दशक पूर्व संकट आना शुरू हुआ और आज गांव में सेब का उत्पादन लगभग खत्म हो चुका है। इसका कारण तापमान में बढ़ोत्तरी होना बताया गया था। प
रंपरागत सेब के लिए कम से कम 300 घंटे चिलिंग प्वाइंट की जरूरत होती है। लेकिन ठंडे दिनों में इतना तापमान मिल नहीं पा रहा था। लंबे समय से इन गांवों में सेब उत्पादन फिर से शुरू करने की कवायद चल रही थी। उद्यान विभाग ने गांव की जलवायु में बदलाव का अध्ययन करने के बाद नए सिरे से सेब उत्पादन शुरू करने की मुहिम शुरू कर दी है। अध्ययन में सेब की रेड चीफ प्रजाति को उपयुक्त पाया गया है।
विभाग ने दोनों गांवों में इस प्रजाति के 5600 पेड़ लगाने का काम पूरा कर लिया है। बौना गांव में ही दस हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब के पौध लगाए गए हैं। किसानों को नए सिरे से सेब उत्पादन का प्रशिक्षण भी विभाग ने दिया है। सेब की इस प्रजाति के पौध पांच वर्ष में फल देने लगेंगे। उम्मीद है इस मुहिम से बौना और तोमिक गांवों की खोई पहचान फिर से कायम होगी।
एक्सक्लूसिवः ऋषिकेश रेंज में वनकर्मियों की मौजूदगी में नष्ट हो रही है शराब
एक ओर जहाँ ऋषिकेश वन क्षेत्र अपनी खूबसूरती के लिए जहाँ जाता है ,वन्य जीवों के संरक्षण की बात की जाती वहीँ दूसरी और प्रशासन द्वारा कुछ कार्य ऐसे किये जाते है जिससे इन जंगली जीवो को नुकसान पहुंचे सकता है।जी हां यह घटना ऋषिकेश देहरादुन हाईवे पर स्थित ऋषिकेश वन क्षेत्र के कॉरिडोर की है जहाँ पर पुलिस द्वारा कई पेटी देशी शराब को जंगल में नष्ट किया गया। जहाँ पर शराब को नष्ट किया गया वह जंगली जानवरों के आने जाने वाला मुख्य मार्ग है।बड़ी बात यह थी की जब पूरी शराब को पुलिस विभाग जंगलात क्षेत्र में नष्ट कर रहा था तब इस जंगल की जिम्मेदारी जिन वनकर्मियों पर है वही जंगलातविभाग के वनकर्मी वहीँ मौजूद था।

जब अधिकारियो से इस बारे में जानकारी मांगी गई तो अधिकारियों की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नही मिल पाया। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि किन कारणों से इन देशी शराब की पेटियों को जंगल में नष्ट किया जा रहा था? आखिर ये शराब किस की है और इसे कहा से पकड़ा गया है? क्या विभाग को इसकी जानकारी है भी या नहीं ,जब इन सवालो को ऋषिकेश पुलिस से जानना चाहs तो हर पुलिस कर्मी टालमटोल करता रहा और किसी के पास इसका ठोस जबाब नहीं था।गौरतलब है कि ऋषिकेश का क्षेत्र शराब के उपयोग के लिए प्रतिबंधित है पर यह ड्राई एरिया है ऐसे में वन विभाग और पुलिस की इस तरह की गतिविधि सवाल पैदा करती है।




























































