Page 817

हरिद्वार के आश्रम और धार्मिक स्थल होंगे कर मुक्त

0
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निरंजनी अखाड़े में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि संतुलित एवं पारदर्शी विकास के साथ ही दूर दराज़ एवं पिछड़े क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार हटयोग की साधना करेगी। सम्पूर्ण उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार मुक्त करना राज्य सरकार का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि 2021 में होने वाले कुम्भ की तैयारियों को लेकर साधु समाज एवं अखाड़ा परिषद के मार्गदर्शन से नई योजनाएं बनाई जायेंगी। रावत ने कहा कि

  • 2021 में हरिद्वार में सुन्दर, भव्य एवं सुविधायुक्त कुम्भ का आयोजन किया जायेगा।
  • हरिद्वार में जिन आश्रमों एवं धार्मिक स्थलों पर व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होती हैं, उन आश्रमों एवं धार्मिक स्थलों को मुख्यमंत्री ने कर मुक्त करने की घोषणा की।
  • हरिद्वार की निर्मलता एवं स्वच्छता के लिए साधु समाज के योगदान के लिए शहरी विकास मंत्री को संतों से मिलकर समाधान करे
वहीं हरिद्वार सांसद डाॅ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि केन्द्र सरकार की नमामि गंगे, चारधाम योजना से उत्तराखण्ड में पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। तीर्थ यात्रि एवं पर्यटक देवभूमि उत्तराखण्ड एवं अध्यात्म की राजधानी हरिद्वार में  पूर्ण सुरक्षा के साथ यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टेंड अप एवं स्टार्ट अप योजनाओं से देश ने विश्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार धर्म सत्ता के आशीर्वाद से निरन्तर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के सम्पूर्ण विकास एवं भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड बनाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है।

राष्ट्रीय फलक पर चमकें डॉ. प्रकाश जोशी

0

रानीखेत, शिक्षा व सामाजिक आर्थिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यो के लिए अबकी उत्तराखंड से पर्यावरणविद् प्रकाश जोशी को ‘ज्वेल ऑफ इंडिया’ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। प्रकाश को यह सम्मान दिल्ली में हुए समारोह में पांडिचेरी के पूर्व राज्यपाल डॉ. भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया।

अपेक्षाकृत शीतोष्ण पर्वतीय अंचल में गर्म प्रदेश के चंदन वृक्ष प्रजाति के सफल पौधारोपण तथा गहन शोध व अध्ययन के बाद पहाड़ में तेजी से जड़ें जमा रही कुर्री घास (लैंटाना) के जरिये औषधीय गुणों वाले चंदन के पेड़ों को बेहतर खुराका का फॉर्मूला ढूंढ चुके पर्यावरणविद् प्रकाश जोशी ने राष्ट्रीय स्तर पर हिमालयी राज्य का गौरव बढ़ाया है। इन दिनों मणिपुरी बाज से ओक, टसर-रेशम उत्पादन के क्षेत्र में अध्ययन में जुटे प्रकाश ने बाकायदा मंडलकोट (ताड़ीखेत) में हिमालयी बहुपयोगी वृक्ष प्रजाति बांज के साथ मणिपुरी बाज का बगीचा भी तैयार कर लिया है। जून-जुलाई से इसमें टसर-रेशम कीट छोड़ उत्पादन की तैयारी है।

इधर पर्यावरण संरक्षण के साथ ही शिक्षा व सामाजिक आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यो के लिए पर्यावरणविद् प्रकाश को इंडियन सॉलिडेरिटी काउंसिल ने उत्तराखंड से चुना था।

दिल्ली स्थित डॉ. कृष्णा मेनन सभागार में पांडिचेरी के पूर्व राज्यपाल डॉ. भीष्मनारायण ने उन्हें ‘ज्वेल ऑफ इंडिया अवार्ड’ से सम्मानित किया। इससे पूर्व हिमालयन पर्यावरण संरक्षण (होप) के निदेशक एवं पर्यावरणविद् प्रकाश जोशी ‘इंडो-जर्मन अवार्ड’ से भी नवाजे जा चुके हैं। जीबी पंत कृषि प्रौद्योगिकी विवि पंतनगर से स्वर्ण पदक प्राप्त प्रकाश वर्तमान में उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) के जिला समन्वयक भी हैं।

पकङी गई देसी मसालेदार शराब की 26 पेटियां

0

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया के निर्देशन में, जनपद देहरादून में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे “”सर्वोदय”” अभियान के अन्तर्गत थाना प्रेमनगर पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों आदि का चेकिंग अभियान चलाया गया। जिसमे अभियुक्त भूपेंद्र सिंह, पुत्र नत्थू सिंह, निवासी ग्राम कांसवाली, कोठरी थाना, प्रेमनगर, देहरादुन उम्र 50 वर्ष को अवैध 26 पेटी (1248 पव्वे) देशी मसालेदार शराब सहित कांसवाली से आबकारी अधिनियम में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई। बरामद की गई, 26 पेटी, याने कि 1248 पव्वे देसी मसालेदार शराब की कीमत बाजार मे करीब ₹70 हजार मापी गई है।

जल्द गूँजेगा उत्तराखंड में एफ़एम

0

आने वाले दिनों में देहरादून और अन्य शहरों में आप भी एफएम पर संगीत और अन्य कार्यक्रमों का लुत्फ़ उठा सकेंगे। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने देहरादून से प्रसारित होने के लिये एक निजी कंपनी को लाइसेंस दे दिया है। ये ही नही ये लाइसेंस देश का दूसरा सबसे महँगा एफ़एम लाइसेंस साबित हुआ है। रेड एफएम ने इसके लिये पंद्रह करोड़ से ज़्यादा का रक़म अदा की है। इससे पहले देश का सबसे महँगा एफ़एम चैनल हैदराबाद का है।

एक दो महीने में लाँच होने वाले इस चैनल को 93.5 की फ्रीक्वेंनसी पर सुना जा सकेगा। इस चैनल की रेंज पचास किमी रहेगी। इसका मतलब की फ़िलहाल इसे देहरादून और आसपास के इलाक़ों में ही सुना जा सकेगा। निजी रेडियो चैनल पर ख़बरें सुनाने की प्रमोशन नही है लेकिन इस चैनल के आने से कम से कम देहरादून और आसपास के इलाक़ों में नये संगीत और मनोरंजन के कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो सकेगा।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने देश भर में एफ़एम रेडियो 3 के तहत 48 शहरों में एफएम चैनल खोलने के लिये लाइसेंस दिये हैं।

मंत्री से लेकर आम लोगों तक ने लगाई रेल मंत्री से गुहार

0

देहरादून स्टेशन लाइन और अन्य मरम्मत के कामों के लिये  करीब करीब एक महीना बंद रहेगा। इसके चलते आम लोग तो परेशान होंगे ही साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और सरकार के भी माथे पर परेशानी की लकीरें पड़ रही हैं।  गौरतलब है कि देहरादून स्टेसन के विस्तार और मरम्मत के कामों के चलते 17 अप्रैल से 22 मई तक देहरादून स्टेशन न तो कोई ट्रेन आयेगी न ही यहां से चलेगी। सभी ट्रेनें हरिद्वार से चलेंगी और यहीं खत्म होंगी। पर्यटन मंत्री सतपाल माहराज ने कहा है कि उन्होने केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बात की है और निवेदन किया है कि हरिद्वार की जगह ट्रेनों के आखिरी स्टेशन को हर्रावाला स्टेशन रखा जाये। इसके पीछे खास कारण है उत्तराखंड में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा सीजन। लाखों की तादाद में लोग चारघाम यात्रा के लिये ट्रेन से उत्तराखंड पहुंचते हैं। एसे में खासतौर पर गंगोत्री और यमुनोत्री आने वाले श्रद्धालुओं और मसूरी, धनौल्टी, चकराता आने वाले पर्यटकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

वहीं आम लोगों ने भी केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु से इस मामले में ध्यान देने के लिये ट्वीटर के माध्यम से गुहार लगाई जिसके जवाब में मत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले मे ध्यान देने के लिये निर्देशित किया है। वहीं उत्तराखंड होटल एसोसियेशन ने भी राज्य सरकार से इस मामले में उचित कदम उठाने की मांग की है। एसोसियेशन के अध्यक्ष सनी साहनी का कहना है कि ” उत्तराखंड की अरथव्यवस्था में एक बड़ा हिस्सा पर्यटन का है, ऐसे में अगर पीत पर्यटन सीज़न में पर्यटकों को रेल की सुविधी नहीं मिलेगी तो न केवल इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बड़ेगा बल्कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”

बहरहाल अब देखना ये होगा केंद्र सरकार राज्य की मागों के लेकर क्या रुख अपनाती है।

ट्रेन की चपेट में आये दो हाथियों की मौत

0

उधमसिंह नगर, पंतनगर के हल्दी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ट्रेन की चपेट में आज सुबह आये दो हाथी। रानीखेत एक्सप्रेस की चपेट में आये दो मादा हाथी पानी की तलाश में आये थे, 2 से 3 साल के बताए जा रहे दोनों हाथी, दोनों की मौके पर हुई मौत।

नजर डालते हैं इन आंकड़ों पर जो हाथी ट्रेन से अब तक मारे गए है:

  • 1992 में एक के बाद एक पांच हाथियों की मौत हुई। जिसमें 3 मादा और एक नर शामिल था।
  • 1994 में दो हाथी फिर से ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई।
  • 1998 में लगभग 6 हाथी मारे गए जिसमे से 3 मादा हाथी प्रेग्नेंट थी।
  • 2000 और 2001 में लगभग 4 हाथियों को ट्रेन ने मौत के घाट उतार दिया।
  • 2002 में 2 और 2003 में लगभग 2 हाथी ट्रेन की चपेट में आकर दम तोड़ा।

WhatsApp Image 2017-04-17 at 11.05.14

जबकि आज भी लालकुआं में दो हाथियों की मौत ट्रेन से ही हुई है। विभाग की जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं है की ट्रेन ही इन हाथियों की मौत का कारण है। इसके साथ ही जंगलो से निकलने वाले हाईटेंशन तार भी हाथियों की मौत की बड़ी वजह है। लगभग 10 हाथी अब तक करंट लगने के कारण दुनिया से रुखसत हो चुके हैं। जबकि शिकारियों की गोली से भी लगभग 7 हाथी मारे जा चुके हैं। प्राकृतिक मौत से गढ़वाल में ही 100 से ज्यादा हाथीयों की मौत हो चुकी है जबकि सरकारी गोली यानी ट्रेंकुलाइज से भी कई हाथी मरे गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि आप नेशनल पार्क में गति लगभग 30 से 35 किलोमीटर प्रति घण्टा रखे, लेकिन फिर भी यह घटनायें रूकने का नाम नहीं ले रहीं है।

चार धाम के प्रवेश द्धार में गहराने लगा पेयजल संकट

चार धाम यात्रा सर पर है और ऐसे में सरकारी की सिस्टम की लापरवाही वही मुलभुत सुविधाओं को लेकर सामने आ रही है। गर्मियों की दस्तक के साथ ही चार धाम के प्रवेश द्धार ऋषिकेश में जल संकट गहराने लगा है ,ऐसे में चार धाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों को जलसंस्थान की लापरवाही का खमियाजा भुगतना पद सकता है । 2017 की चार धाम यात्रा में काफी काम समय बचा है लेकिन गढ़वाल कॉमिशनर की ऋषिकेश में यात्रा तैयारियों के लिए हुयी बैठक के बाद भी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं ला रहे है।

यात्राकाल में देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचते है लेकिन गंगा तट पर बसे इस शहर में जल संस्थान की कार्यप्रणाली से जल संकट अभी से गहराने लगा है स्थानीय लोग नाराज होकर लगातार जल संस्थान के चक्कर काट रहे है समस्या है की सुलझने का नाम नहीं ले रही है ,जिसके चलते आम लोगो में गुस्सा बना हुआ है।  लगातार ऋषिकेश के कई छेत्रो में जल संकट गहराने लगा है चार धाम  यात्रा बस टर्मिनल, कुम्हारबाड़ा, भैरव मंदिर, चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा बस्ती और मायाकुंड  में लगातार जल संकट देखा जा रहा है।

3

स्थनीय लोगो का आरोप है कि छेत्र में लगातार पानी की कमी होती जा रही है न पानी आने का कोई समय है और ना ही जलकर्मी समस्याओ को निस्तारण करते है। इधर जल संस्थान का कहना है कि वो अपनी तैयारी पर लगे हुआ है। अधिशासी अभियंता ऋषिकेश के अनुसार हमने ट्यूब वेळ बना दिया है उसमे बिजली का सयोजन होना बाकि है, वो होते ही पानी की कमी का निस्तारण हो जायेगा। सूरज की तपिश अप्रेल माह में ही सितम ढाने लगी है, ऐसे में  बिजली और पानी की समस्या आम लोगो के लिए  मुसीबत बनी हुयी है, ऐसे में सवाल उठता है कि कुछ दिनों बाद जब देश भर से तीर्थ यात्री ऋषिकेश पहुचेगे तो विभाग की कार्य प्रणाली उन पर कितना भारी पड़ेगी।

 

तीर्थनगरी पहुंचे बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर टोनी कक्कड़

उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से जाना जाता है, यहाँ की पहचान हमेशा से अध्यात्म और योग से रही हो लेकिन वक़्त के साथ-साथ अब यहाँ से हुनर निकलकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो रहा है। उत्तराखंड से उर्वशी रौतेला,जुबिन नौटियाल, नेहा कक्कड़ सभी ने अपनी एक अलग पेहचान बॉलीवुड में बनाई है। तीर्थनगरी ऋषिकेश से टोनी कक्कड़ ने भी अपने संगीत से बॉलीवुड इंडस्ट्री को अपना दीवाना बना लिया है।

अपने निवास स्थान पर पहुंचे बॉलीवुड सिंगर और कंपोजर टोनी कक्कड़ को देखने के लिए उनके फैंस की भीड़ लग गयी, कहते है अगर किसी के अंदर हुनर हो तो एक न एक दिन पूरी दुनिआ उसकी दीवानी हो जाती है, यही कहावत सटीक बैठती है ऋषिकेश निवासी टोनी कक्कड़ पर। आपको बता दे की टोनी कक्कड़ बॉलीवुड की मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ के भाई है। मीडिया से बात करते हुए टोनी कक्कड़ ने बताया कि शुरुवात में वो अपनी बहन और भाई सोनू कक्कड़ के साथ भजन प्रोग्राम किया करते थे फिर मुंबई पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी को एक नया मोड़ मिला, काफी महनत और लम्बे इन्तजार के बाद उन्हें अपनी मंजिल मिली।

टोनी कक्कड़ ने बताया कि उनको पहला ब्रेक टी-सीरीज ने  दिलवाया, उनके द्वारा लिखे 15 गानों में से 12 गानों को टी सीरीज ने चुना है, वो अभी तक 25 गानों को कंपोज़ कर चुके है। साल 2013 में उनके द्वारा कंपोज़ किया गया गाना ‘सावन आया है’ काफी हिट रहा। उन्होंने बताया की गढ़वाल के वाद्य यंत्रों को भी वो अपने संगीत में प्रयोग करना चाहते है और जल्द ही वो इस तरफ काम करेंगे।

उत्तराखंड का लगातार बॉलीवुड से रिश्ता मजबूत होता जा रहा है यही कारण है कि यहाँ के छोटे-छोटे शहरों से निकलकर युवा मुम्बई जैसे महानगर में अपनी क़ाबलियत के दम पर अलग पहचान बना रहे है।

 

चैती मेले की कमाई ने बनाया परिवारों को खून का प्यासा

0
पण्डा परिवार की आपसी रंजीश अब खुनी संघर्ष का रुप लेने लगी है। लाभ कमाने के लालच में मां बाल सुन्दरी के पुरोहितों में जंग का आगाज भले ही काफी दिन पहले हो चुका था, मगर अब तक मुंह जुबानी चलने वाली जंग खुन की प्यासी होने लगी है।वन्दना पण्डा और उसके बेटे की लगातार मेले में बडती गुण्डागर्दी से जहां दुकानदार और भक्त परेशान है जिसको लेकर परिवार की बढती रंजीश के चलते रविवार देर सांय दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई।जिसमें दो महिलाए गम्भीर रुप से घायल भी हो गयी है, जिनको सरकारी में प्राथमिक उपचार के बाद छोड दिया गया। वहीं महिलाओं ने काशीपुर, कटोरातला चौकी में मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्यवाही की मांग की, वहीं आरोपी वंदना अग्निहोत्री ने भी दुसरी ओर से मुकदमा दर्ज कराते हुए कार्यवाही की बात कहीं। पण्डा परिवार के बीच छिडी ये जंग जहां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है, वहीं दोनों पक्षों की इस जंग से मेले की व्यवस्था बिगडती जा रही हैं जिसका खामियाजा यहां आने वाले भक्तों और व्यापारियों को उठाना पड रहा है।

किशोर को ‘वन्दे मातरम’ पर कोश्यारी की नसीहत

0

नैनीताल पहुंचे क्षेत्रीय सासंद भगद सिह कोशियारी ने कांग्रेस पी.सी.सी.अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को ‘वनदे मातरम’ वाले बयांन पर आडे हाथो लेते हुए कहा कि किशोर को वंदे मातरम पर दिए गए बयान पर माफी मागनी चाहिए क्यो कि जो व्यक्ति वंदे मातरम का विरोध करते है और उसका सम्मान नही करते इससे स्पष्ट है कि वो अपनी माॅ का भी सम्मान नही करते।

कोशियारी ने कहा कि किशोर केवल इस तरह के बायन दे कर अपनी चुनाव में हार की भडास निकाल रहे है, किशोर को इस तरह कि बेफिजूल और अनरगल बायनबाजी नही करनी चाहिए। इस तरह की बयानबाजी के लिए प्रदेश के युवा किशोर को किसी दूसरे राज्य में भेज सकते है।