
अब करंट से खेलेंगी महिलाए

बाघ के हमले से हाथी की मौत
कार्बेट टाइगर रिजर्व में एक हाथी का शव मिला है। माना जा रहा है कि बाघ के हमले से घायल होने के बाद इस हाथी की मौत हुई। कार्बेट के बिजरानी आम श्रोत कमार्टमेंट 10 में वन कर्मी गश्त कर रहे थे। इस स्थान पर दुर्गंध उठने पर उन्होंने आसपास छानबीन की तो झाड़ी में एक हाथी का शव पड़ा देखा। इसकी सुचना उन्होंने कार्बेट के निदेशक सुरेंद्र महरा और उपनिदेशक अमित वर्मा को दी।
उपनिदेशक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर शव का निरिक्षण किया। शव 15 दिन पुराना होने के कारण सड़ गल गया है। उसकी उम्र 20 साल आंकी जा रही है। उपनिदेशक ने बताया की हाथी के दांत सुरक्षित है। हाथी की मौत संदिग्ध नहीं है। उन्होंने बताया की हाथी के पिछले पैर को बाघ ने खाया है। माना जा रहा की बाघ के हमले में हाथी ने घायल होकर दम तोड़ा है।
बडी संख्या में नेपाली भक्त पहुचें पूर्णागिरी मेला
मां पूर्णागिरि धाम में तीर्थ यात्रियों की भारी संख्या में आवाजाही जारी है। पड़ोसी देश नेपाल से भी इन दिनों समूह के साथ तीर्थ यात्रियों का जत्था मां के दर्शन को पहुंच रहा है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही दिन की अपेक्षा रात्रि के समय श्रद्धालु अधिक संख्या में दर्शन को पहुंच रहे हैं।
नेपाल से जत्थे के रूप में श्रद्धालु प्राइवेट व निजी वाहनों से ब्रह्मदेव मंडी स्थित सिद्धनाथ मंदिर तक पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु ब्रह्मदेव नेपाल से पैदल टनकपुर तक पहुंच रहे हैं। टनकपुर से ठूलीगाढ़ व भैरव मन्दिर तक का क्षेत्र मां के जयकारों से गुंजायमान हो गया है। नेपाल बिलौरी के शिक्षक मदन बहादुर चंद ने बताया कि वह पिछले कई वर्षो से मां के दर्शन को आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं। अलबत्ता कालिका मंदिर से लेकर मुख्य मंदिर तक पानी की दिक्कत के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मेला आयोजकों से इस समस्या का निस्तारण करने को कहा है।
नेपाल से आए अन्य तीर्थयात्री भी धाम व सिद्धनाथ मंदिर क्षेत्र में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नजर आए। मां पूर्णागिरि धाम के साथ ही नेपाल के महेंद्रनगर ब्रह्मदेव मंडी स्थित सिद्धनाथ मन्दिर में भी श्रद्वालुओं की चहल-पहल काफी बढ़ गई है।
साढ़े तीन माह में सात बाघों को निगल गया काल
रामनगर-रामनगर वन प्रभाग के देचौरी रेंज में एक बाघिन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका सड़ा-गला शव नाले में पड़ा मिला। शव सड़ने की वजह से वनाधिकारी उसकी उम्र के बारे में कोई अनुमान नहीं लगा पाए। दूरस्थ क्षेत्र होने व देर होने की वजह से उसका पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। इससे पूर्व इसी साल 19 जनवरी को इसी रेंज में एक बाघ का शव मिला था।
देचौरी रेंज में वनकर्मी गश्त पर थे। इस बीच सांदनी बीट कंपार्टमेंट नंबर चार में उनको नाले में बाघिन का शव दिखा तो विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। इस पर डीएफओ नेहा वर्मा घटनास्थल पर पहुंचीं। इस दौरान आसपास के क्षेत्र में वनकर्मियों द्वारा छानबीन भी की गई।
मौके पर आपसी संघर्ष के निशान भी नहीं पाए गए। बाघिन का शव पानी में फूल गया था। वनाधिकारी शव को पांच से छह दिन पुराना बता रहे हैं। डीएफओ ने बताया कि शव सड़ने की वजह से बाघिन की मौत की वजह पता नहीं चल पाई है। फिलहाल उसकी मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। पोस्टमार्टम शनिवार को किया जाएगा।
एक तरफ बाघ संरक्षण के लंबे चौड़े दावे हो रहे हैं। भारत सरकार लाखों रुपये का बजट भी बाघ सुरक्षा पर खर्च कर रही है। बावजूद इसके धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। केवल कॉर्बेट लैंडस्केप में साढ़े तीन माह में सात बाघों की मौत हो गई।
भले ही कॉर्बेट लैंडस्केप में बाघों की तादाद सुखद मानी जाती हो लेकिन जिस तरह से उनकी मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं उससे बाघ सुरक्षा के दावों पर सवालिया निशान लग रहे हैं। बाघों की मौत की वजह से भले ही वनाधिकारी आपसी संघर्ष बताते आए हैं लेकिन इस पर भी चिंतन नहीं हो रहा कि आखिर बाघों के बीच आपसी संघर्ष की असल वजह क्या है।
कॉर्बेट लैंडस्केप में बाघों की संख्या अच्छी-खासी है, लेकिन विभागीय आंकड़े बताते हैं कि पहले इस तरह आपसी संघर्ष में लगातार बाघों की मौत नहीं हुई। साढ़े तीन माह में ही सात बाघ अब तक मारे जा चुके हैं। यानी हर माह दो बाघों की मौत हो रही है।
एयरपोर्ट से सेटेलाइट फोन के साथ पुलिस ने लिया हिरासत में
देहरादून के जौलीग्रांट में वेनेजुला की 27 साल की लड़की को सेटेलाइट फोन के साथ पुलिस ने हिरासत में लिया । आज इंस्पेक्टर CISF जौलीग्रांट सुरक्षा श्री एस.टी बाटी द्वारा थाना डोईवाला पर सूचना दर्ज कराई गयी कि एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान एक महिला, जिसका नाम मरिया फ़रनेंङा बेलोसा है, वेनेज़ुएला की नागरिक है अौर मयामी, अमेरिका में जॉब करती है के कब्जे से एक सेटेलाइट फ़ोन बरामद हुआ है, जो भारत में प्रतिबंधित है।
उक्त महिला को थाना डोईवाला पर लाकर उच्चाधिकारियों को सूचित कराया गया। सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मामला होने के दृष्टिगत पुलिस, आईबी, आर्मी इंटेलिजेंस, स्पेशल ब्रांच द्वारा सामूहिक पूछताछ की गयी। पूछताछ में पता चला कि वेनेजुएला की रहने वाली युवती द्वारा उक्त फ़ोन मियामी अमेरिका से खरीदा गया था। उक्त युवती को भारत में सेटेलाइट फ़ोन के प्रतिबंधित होने की जानकारी नहीं होने के कारण उसने फ़ोन रखने की अनुमति DOT से नहीं, ली जो नियमानुसार ली जानी चाहिए थी।
लड़की परमार्थ निकेतन में ठहरी हुई थी, उसके द्वारा मोबाइल का प्रयोग भारत में नहीं किया गया है। परंतु बिना अनुमति के उक्त मोबाइल रखने के कारण युवती के विरूद्ध धरा 3, 6 इणिडयन वायरलेस एंड टेलीग्राफ़ी एैट 1933 के अंतर्गत मामला थाना डोईवाला में दर्ज किया गया है। मरिया को कल चालानी रिपोर्ट के साथ माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जायेगा।
राम गंगा में भी राफ्टिंग का हुनर सिखेंगे युवा
कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से बीएडीपी (सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम) के तहत संचालित रिवर रॉफ्टिंग व रिवर क्रांसिंग प्रशिक्षण जारी है। दूसरे दिन युवाओं को स्वच्छता अभियान के साथ रामगंगा नदी में रॉफ्टिंग कराई गई।
केएमवीएन द्वारा रामगंगा नदी में रिवर रॉफ्टिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। निगम प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि शनिवार को 90 युवाओं को रॉफ्टिंग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निगम द्वारा युवाओं को समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
एनएच घोटाले जांच में दागी अफसर का नाम शामिल
रुद्रपुर, एसडीएम सितारगंज की शिकायत पर तहसीलदार सुदेश कुमार को हटा दिया है और सितारगंज में शेर सिंह ग्वाल की तैनाती की गई है। श्री ग्वाल की भूमिका एनएच मुआवजा घोटाले में संदिग्ध रही है और उनका नाम इस जांच में शामिल है। यही नहीं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भी हाल में करके भेजी गई है। ऐसे में ग्वाल की तहसीलदार सितारगंज के पद पर ताजपोशी पर सवाल उठ रहे हैं।
यहां बता दें कि एसडीएम सितारगंज और तहसीलदार के बीच पट नहीं रही थी। सूत्रों की मानें तो एसडीएम ने तहसीलदार सुदेश कुमार के खिलाफ पत्र लिख कर उन्हें हटाने का अनुरोध किया था। जिस पर सुदेश कुमार को सितारगंज से हटा दिया गया। उनके स्थान पर शेर सिंह ग्वाल की तैनाती की गई है।
श्री ग्वाल नायब तहसीलदार गदरपुर में रहते हुए एनएच मुआवजा घोटाले में फंसे हुए हैं और उनके खिलाफ कार्यवाही को पत्र भी लिखा गया है। हालांकि उनके खिलाफ कार्यवाही राजस्व विभाग से होनी है, लेकिन एनएच मुआवजा घोटाले के आरोपी को तहसीलदार का कार्यभार सौंपने को लेकर सवाल खड़े होना लाजमी है। इस बात पर जिलाधिकारी नीरज खैरवाल का कहना है, ‘जिले में तहसीलदारों की कमी है। यह सही है कि ग्वाल के खिलाफ कार्यवाही प्रस्तावित है, लेकिन जब शासन स्तर से कोई कार्यवाही होगी तो उन्हें हटा दिया जाएगा।
नैनीताल में पहला फिल्म महोत्सव शुरु
कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से तीन दिवसीय पहला स्टूडेंट्स फिल्म महोत्सव शुरू हो गया। हर्मिटेज भवन में आयोजित महोत्सव का शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, विधायक संजीव आर्य, कुलपति डॉ डीके नौरियाल ने किया।
महोत्सव में 45 लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। एफ.टी.आइ.आइ के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला, अभिनेता ललित तिवारी, ज्योति कपूर दास आदि भी इस मौके पर मौजूद रहे। अपने संबोधन में कैंथोला ने कहा कि एफ.टी.आइ.आइ देश के तमाम राज्यों में शार्ट कोर्स शुरू करेगा। नैनीताल व श्रीनगर से इसकी शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की फिल्म प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का पूरा प्रयास किया जाएगा। ऐसे कोर्स शुरू होंगे जिसमें आयु व शिक्षा की बाध्यता नही बल्कि हुनर देखा जाएगा।
इस स्टेशन से शुरु होगा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग का रेल सफर
पहाड़ पर रेल का सपना आखिर सच होने ही जा रहा है। उत्तराखंड के तीर्थों को रेलवे लाइन से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर हैं, जिसके लिए तेज़ी से पहाड़ो पर रेल लाइन विस्तार की योजना बनाई जा रही है। हरिद्वार -रुड़की-ऋषिकेश के स्टेशन के भी कायाकल्प की तैयारी में विभाग जुट गया है और इसके लिए रेल लाइन का कार्य भी शुरु हो गया ह उत्तराखण्ड के पहाड़ों पर रेल चलना एक सपने के जैसा ही है। लेकिन ये सपना अब साकार रुप लेने लगा है। इस सपने को लेकर रेल मंत्रालय कसरत में जुट गया है जिसके लिए उत्तराखंड के तीर्थों को रेलवे से जोड़ना पहली प्रथमिकता है। रेल मंत्री द्वारा इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाने के बाद अब विभाग भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 12 स्टेशनों सहित 16 सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जाएगा। ऋषिकेश में पहला स्टेशन न्यू ऋषिकेश के नाम से बनने जा रहा है जिसके लिए विभाग ने वन विभाग से हस्तांतरित भूमि में वन कटान कर और चंद्रभागा नदी में ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया हैं। जिससे अब पहाड़ पर रेल का सपना साकार होने की उम्मीद बनने लगी है। न्यू ऋषिकेश स्टेशन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का पहला पड़ाव होगा जो पुराने स्टेशन की अपेक्षा एक आधुनिक रेलवे स्टेशन बनेगा। इस परियोजना से लोगों को भी काफी उम्मीद है। जिससे स्थानीय निवासियों में ख़ुशी की लहर है और साथ ही समाज सेवक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचर्य का कहना है की अगर उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार आने से उत्तराखंड में विकास होगा जिससे यहाँ के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल लाईन बिछाने के लए अपना मास्टर प्लान तैयार कर लिया है ।जिसके लिए भूमि अधिग्रहण काम भी लगभग पूरा हो चूका है। विभाग का मनना शुरुआती चरणों का कार्य पूरा हो चूका है और बाकी की तैयारियों में भी विभाग लगा हुआ है।एक बार कार्य शुरु हो जाने के बाद 7 से 10 सालों में यह योजना पूरी हो जायेगी।
ओ पी मालगुड़ी, प्रोजेक्ट मैनेजर का कहना है की ऋषिकेश देवभूमि के प्रवेश द्वार के साथ-साथ चार धाम यात्रा का मुख्य केंद्र है,यहाँ से पहाड़ो पर अभी रेल का पहुचना एक चुनौती हैं। जिस पर रेल मंत्रालय लगतार काम को अंजाम देने में लगा हुआ है। उम्मीद है आने वाले कुछ सालो में पहाड़ों पर तीर्थयात्रा का लुत्फ रेल से भी उठाया जायेगा।
कटाई के दौरान मिले लाखों के पुराने नोट
हरिपुर जमनसिंह ग्राम पंचायत में गेंहू कटान के दौरान, चलन से बाहर हो चुके एक हजार रुपये के पुराने नोटों की कतरन देख ग्रामीण हैरान हो गए। सभी कटे नोट पॉलिथीन बैग में रखे थे। कुछ ही देर में मामला वाट्सएप पर वायरल हुआ तो खेत में ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। नोट करीब एक लाख से अधिक मूल्य के है।
हरिपुर जमनसिंह ग्राम पंचायत के चांदनी चौक गरवाल गांव में नंदन सिंह नैनवाल की पत्नी इंदिरा, बेटी नेहा, भाभी जया और मंजू नयाल आदि संबंधी खेत में गेंहू की फसल काट रहे थे। इसी बीच खेत में पड़े एक पॉलीथिन बैग से दराती टकराई।
पॉलीथिन फटते ही भीतर से एक-एक हजार के नोट निकल आए। पुराने नोट देखकर कुछ देर तो महिलाएं अवाक रह गई। इसके बाद परिजनों को जानकारी दी। आसपास के जिस ग्रामीण को घटना का पता चला, वह विस्मय, उत्सुकता और कौतुहल के चलते मौके पर जा पहुंचा। देखते ही देखते नोट मिलने का मामला वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल साइटों में वायरल हो गया।
सूचना पर टीपीनगर चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह नेगी और एसआइ कठैत ने खेत स्वामी और परिजनों से मालूमात की। खेत स्वामी नैनवाल ने बताया कि दिसंबर और फरवरी माह में खेत की सिंचाई की थी। संभवतया इसी बीच नोटों से भरा पॉलीथिन बैग गूल से बहकर खेत में आया होगा।
सभी नोट कैंची से कई हिस्सों में काटे गए थे। सीरियल नंबरों पर भी कैंची चलाई गई थी। इसके बाद पुलिस नोट के टुकड़ों को एकत्र कर पॉलीबैग में भरकर ले गई। अभी तक मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस असमंजस में है और बैंक अधिकारियों से राय ली जा रही है।



























































