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स्कूल में छेड़छाड़ रोकने के लिए रहेगी शिकायत पेटी

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एसएसपी जन्मेजय खंडूरी की एक नई पहल जिससे स्कूलों में छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में लगाई पुलिस शिकायत पेटी, अब तक हल्द्वानी के 23 स्कूलों में लगाई गई है ये शिकायत पेटी। बच्चे अपनी शिकायतों को पुलिस शिकायत पेटी के माध्यम से अधिकारीयों के सामने रखेंगे। एसपी सिटी यशवंत सिंह करेंगे इसकी मॉनिटरिंग।

हाल ही में, हल्द्वानी तिकोनिया स्थित ओरम स्कूल में एक शिक्षक पर पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था। बताया जा रहा है कि पहली कक्षा की छात्रा से एक शिक्षक पिछले कुछ दिनों से छेड़छाड़ कर रहा था। बच्ची ने जब परिजनों को इसकी शिकायत की तो वे आग बबूला हो गए। इसके बाद परिजनों के साथ ही शहर के तमाम संगठनों के लिए स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया था अौर घंटो तक राज्य मार्ग बाधित रहां,  जिसके चलते एसएसपी हरकत में आये और अब स्कूलों में शिकायत पेटी रखने से बच्चें अपनी शिकायत खुद पुलिस तक पहुंचा सकेंगे, इसकी पहल करी।

कहीं ओलावृष्टी तो कहीं फटा बादल

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मुनस्यारी क्षेत्र में गत रात तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान ओले भी गिरे। साथ ही कई स्थानों पर आकाशीय बिजली भी गिरती रही। इससे करीब 70 भेड़ मर गईं। यही नहीं वनिक के पास मलबा आने से थल-मुनस्यारी मार्ग यातायात के लिए बंद हो चूका है।

मुनस्यारी तहसील के कालामुनी और होकरा सैंरांथी क्षेत्र में भारी बारिश ओलाबृष्टि हुई। इस दौरान सैनरांथी क्षेत्र में मध्य रात्रि तक बज्रपात होते रहे। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सैंरांथी में 70 भेड़ मर गई। थल मुनस्यारी मार्ग में वनिक के पास नाला उफान में आने से कुछ मीटर सड़क बह गई है।

मार्ग बंद होने से मौके पर दर्जनों वाहन फंसे हैं। इसमे पर्यटक वाहन भी शामिल हैं। लोनिवि कर्मी सड़क खोलने में जुटे हैं। ओलावृष्टि से फसलें नष्ट हो चुकी हैं। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का जायजा लेने सैंरांथी पहुंच चुकी है।

दावत के नाम पर रचा गया षडयंत्र

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अल्मोड़ा, के विकासखंड धौलादेवी में ग्राम विकास अधिकारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव दो मंजिले से खींच कर नीचे लाया गया। हत्यारों ने पीट-पीट कर हाथ तक तोड़ डाले। राजस्व पुलिस ने शक के आधार पर उद्यान विभाग के सचल दल प्रभारी को हिरासत में लिया है।

मूलरूप से बागेश्वर के लोहार खेत निवासी पनीराम पिछले दस साल से धौलादेवी में ग्राम विकास अधिकारी थे। पनीराम, भनोली की ओर जाने वाली सड़क किनारे स्थित एक मकान के दो मंजिले पर रहते थे। इसी मकान के बगल में उद्यान विभाग का सचल केंद्र भी है। इसमें सचल दल प्रभारी, ग्राम मेल्टाजोल निवासी, दीपक बिष्ट रहता है। पुलिस के मुताबिक बुधवार रात सचल केंद्र में मीट बनाया गया था। मीट बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के मेट (मजदूर) खीम सिंह, पुत्र नैन सिंह, निवासी रैपड़ गुणादित्य को बुलाया गया था। मीट बनाने और खाने के बाद खीम सिंह ड्यूटी पर चला गया। इसके अलावा घटना स्थल पर मौजूद एक जेई भी था। रात में खाना खाने के बाद पनीराम अपने कमरे में चला गया।

पुलिस मान रही है कि कत्ल की योजना पहले से ही बनाई जा चुकी थी। जैसे ही पनीराम अपने कमरे में पहुंचा तो उसे घेर लिया गया। घर में ही पड़ी लकड़ी की कुर्सी के दो डंडों से पनीराम के सिर पर ताबड़तोड़ हमले किए गए। उसके दोनों हाथ तोड़ डाले गए। कमरे की दीवारें और फर्श खून से सना हुआ था। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पनीराम के शव को दो मंजिले की सीढि़यों से खींचते हुए नीचे ग्राउंड फ्लोर में लाए और बरामदे में फेंक कर फरार हो गए। गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे सचल दल प्रभारी दीपक बिष्ट ने लाश देखी और सूचना ग्राम प्रधान खीमानंद पालीवाल को दी।

राजस्व पुलिस के साथ एसडीएम ए.के सिंह मौके पर पहुंचे। दोपहर बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी घटना स्थल से सुबूत जुटाए। बाद में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कत्ल और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज लिया। शक के आधार पर हिरासत में लिए दीपक बिष्ट से पूछताछ कर पुलिस मामले की तह तक जाने में जुटी है।

कुछ ट्रेन अब आयेंगी दून

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पिछले दिनों दून स्टेशन और रेलवे लाइन मरम्मत के चलते देहरादून से ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के कारण परेशान हो रहे लगों को रेल मंत्रालय ने कुछ राहत दी है। अब मरम्मत का काम चलने तक भी देहरादून से कुछ ट्रेनों की आवाजाही जारी रहेगी। देहरादून स्टेशन सुप्रिटेंडेंट करतार सिंह ने बताया कि कुछ ट्रेन देहरादून तक आ रहीं और कुछ केवल हरिद्वार तक आ रही।देहरादून तक आने वाली इन ट्रेनों के नाम हैं

  • देहरादून-दिल्ली जनशताब्दी
  • देहरादून-दिल्ली नंदा देवी एक्सप्रेस
  • जनता एक्सप्रेस
  • हावड़ा एक्सप्रेस
  • गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस
  • देहरादून अमृतसर लोहरी एक्सप्रेस
  • मसूरी एक्सप्रेस

इसके अलावा शताब्दी और उपासना ट्रेन ऐसी हैं जो केवल हरिद्वार तक आ रहीं हैं।

बाकी ट्रेनों की आवाजाही काम पूरा होने तक बंद रहेगी। गौरतलब है कि इस महीने की 17 तारीख से अगले महीने की 22 तारीख तक देहरादून स्टेशन मरम्मत के लिये बंद किया गया था। जिसके चलते देहरादून आने और जाने वाली सभी ट्रेनें हरिद्वार तक ही आना जाना कर रही थी। राज्य में पर्यटक सीज़न और चारधाम यात्रा शुरू होने की वजह से पर्यटक व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इससे होने वाले नुकसान और असुविधा से बचाने के लिये राज्य सरकार और रेल मंत्री सुरेश प्रभु तक गुहार लगाई।

केंद्रीय रेल मंत्री ने अधिकारियों को मामले में ध्यान देने के निर्देश भी दिये। वहीं आम लोगों को तो इस फैसले से राहत मिलेगी ही साथ साथ पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे भी खिल उठे हैं। उत्तराखंड होटल संघ के अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना है कि “व्यापार के मद्देनज़र यह अच्छी खबर है,पिछले कुछ दिनों से हमें बहुत से फोन काल और ईमेल आ रहे है, अलग-अलग शहरों से और जगहों से लोगों ने अपने ट्रिप कैंसल कर दिए हैं। रेलवे की तरफ से यह एक गलत कदम था वो भी गर्मीयों के मौसम में और यात्रा सीज़न के दौरान, लेकिन एक बार फिर ट्रेन की आवाजाही होने से होटल व्यापारियों ने राहत की सांस ली।

चुफाल को गुस्सा क्यों अाया

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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, की उपस्थिति में आयोजित पिथौरागढ़ मे कार्यकर्ता बैठक में बीते विस चुनावों में पार्टी का विरोध करने वालों को सम्मानित किए जाने पर डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल नाराज हो गए। चुफाल की नाराजगी के बाद बैठक में सन्नाटा पसर गया। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सीएम तक मौन धारण कर गए।

बैठक में जिले भर से कार्यकर्ताओं का जमावड़ा था। बैठने की जगह नहीं होने के कारण वरिष्ठ कार्यकर्ता तक खड़े थे। इस दौरान सीएम को चेहरा दिखाने की होड़ भी लगी रही थी। धारचूला से आए कार्यकर्ता सीएम समेत प्रदेश के आला नेताओं का पगड़ी पहना कर स्वागत कर रहे थे, तो आम कार्यकर्ता नेताओं को माला पहना रहे थे। इसी दौरान डीडीहाट विधान सभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने वाले भी पार्टी नेताओं को माला पहनाने लगे। यह सब देखकर विधायक विशन सिंह चुफाल आगबबूला हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों को पार्टी से बाहर करना चाहिए था उनसे माल्यार्पण कराया जा रहा है। विधायक चुफाल की इस आपत्ति पर बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से लेकर सीएम तक जवाब नहीं दे सके।

विधायक चुफाल का कहना था कि डीडीहाट में वह पार्टी के प्रत्याशी थे। उनके खिलाफ पार्टी के जिन लोगों ने प्रचार किया और चुनाव लड़ा उनके खिलाफ पार्टी उनकी शिकायत के बाद भी कदम नहीं उठा रही है। उल्टा उनसे माल्यार्पण किया जाना पार्टी के लिए उचित नहीं है। इसके चलते कुछ देर तक कार्यकर्ता बैठक का नजारा बदला रहा और सभी असहज नजर आए। बाद में सीएम श्री रावत ने कहा कि सरकार प्रदेश में भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने जा रही है। इसके लिए लोकायुक्त के पास जाने की नौबत तक नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि उनके पास भ्रष्ट अधिकारियों की कुंडली है। ऐसे अधिकारियों को चेतावनी दे दी गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाया नहीं जाए। शालीनता के साथ उनसे जनहित के कार्य कराएं। सरकार कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनी है। पहाड़ से पलायन रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का कार्य करे।

खेती के क्षेत्र में बाबा रामदेव का ”पतंजलि चमत्कार”

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योग गुरु बाबा रामदेव ने जहां लोगों में योग को लेकर जागरुकता फैलाई है वहीं उन्होंने आर्युवेद के माध्यम से लोगों में भारत में बनाए हुए प्रोडक्ट इस्तेमाल करने की ललक भी पैदा की है।अब योग गुरु एक बार बार फिर कुछ हट कर करने जा रहे हैं। योग के बाद घरेलू सामग्री में धूम मचाने वाले बाबा रामदेव अब कृषि क्षेत्र में ‘पतंजलि चमत्कार’ करने जा रहे हैं।आने वाले समय में बाबा रामदेव बायो गेहूं की एक किस्म लेकर आ रहे हैं। दावे के मुताबिक पतंजलि चमत्कार नाम के इस गेहूं से बिना किसी कैमिकल के एक एकड में 28 कुंतल से ज्यादा पैदावार ली जा सकेगी।

हर तरफ पतंजलि की धूम के बाद बाबा रामदेव का पतंजलि योग संस्थान अब खेती के क्षेत्र में धूम मचाने की तैयारी कर रहा है। बाबा रामदेव का दावा है कि बिना कैमिकल गेहूं की स्वेदशी किस्म से बंपर पैदावार की जा सकेगी। गेहूं की इस प्रकार का नाम ‘पतंजलि चमत्कार’ रखा गया है। बाबा के दावे के मुताबिक पतंजलि चमत्कार से एक एकड में 28 कुंतल तक पैदावार ली जा सकेगी।

यह गेहूं पूरी तरह स्वदेशी होगा।इसमें किसी तरह के कैमिकल और फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के मुताबिक पतंजलि चमत्कार गेहूं की बाली 9 इंच लंबी होगी और एक बाली में करीब 125 दाने गेहूं मिलेगा।

अगर दावे के मुताबिक ऑर्गेनिक गेहूं उत्पादन देता है तो इससे किसानों को काफी फायदा होगा क्योंकि पैदावार की लागत भी काफी कम हो जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं के पास भी फर्टिलाइजर युक्त कीटनाशक गेहूं से छुटकारा पाने का मौका होगा।

मसूरी में भी होगी अब ज़रूरतमंदों के लिये “गूंज”

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एक बार फिर पहाड़ों की रानी मसूरी तैयार है एक शानदार काम करने के लिए। गूंज एक ऐसी संस्था है जिसको समाजिक सरोकार से जुड़े कामों के लिए बहुत से पुरस्कार मिले हैं। गूंज संस्था के लोग शहरों और ऐसे क्षेत्रों से क्लेक्शन करते हैं जहां लोग अपनी मर्जी से जरुरत की चीजें इस संस्था को देते हैं। गूंज का काम हैं ऐसे गांव के लोगों का विकास करना जहां विकास की कमी है।लेकिन अब यह विकास केवल गांव तक सीमित नहीं हैं पहाड़ी क्षेत्र मसूरी में गूंज अपने नए 4 कलेक्शन सेंटर शुरु करने जा रहा है।

मैगसेसे अवार्ड जीतने वाले अंशू गुप्ता कहते हैं कि “मसूरी के लोगों से हमारा बहुत सरल और सीधा निवेदन है, लोग अपने घर में पड़ी कोई भी ऐसी चीज दे सकते हैं जिसकी उन्हें जरुरत नहीं और जो किसी जरुरतमंद की मूलभूत आवश्कता पूरी कर सके।” अंशु बताते हैं कि “हमे हमेशा ऊनी कपड़ों की कमी रहती हैं और दूर-दराज के गांवों की सर्दी भी चरम पर होती है। राशन,स्कूल में इस्तेमाल की चीजें और हर तरह की आर्थिक मदद हमारी संस्था के लिए बहुत फायदेमेंद हैं और इन सबके साथ ही गूंज लंबे समय के लिए जरुरतमंदों की मदद कर सकता है।”

अंशु गुप्ता के लिए मसूरी और देहरादून खास हैं, वो बताते हैं कि “यह पहाड़ी क्षेत्र मेरे बचपन की बहुत सी यादें संजोएं हुए हैं ।उन्होंने बताया कि मेरी मां भी देहरादून से है, और काफी साल पहले मेरे नानाजी की पोस्टिंग मसूरी में पोस्टल डिर्पाटमेंट में थी और मेरी मां ने मसूरी में अपना काफी समय बिताया है।” अंत में अंशु बचपन के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि मसूरी और सहस्त्रधारा तो हमारे लिए डे-ट्रिप डेस्टिनेशन हुआ करता था।

गूंज के नए 4 ड्राप सेंटरः लैंडोर मसूरी, दो सेंटर माल रोड पर और चौथा हाथीपांव, जो लगभग शहर के हर क्षेत्र को कवर कर रहा है। कैफे आईवी के मोहित मित्तल कहते हैं कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात हैं कि हम गूंज जैसी संस्था के साथ जुड़े हैं।कैफे में रखे कलेक्शन बाक्स की मदद से दूर-दराज के जरुरतमंद लोगों की मदद हो पाएगी यह हमारे लिये गर्व की बात हैं।

2013 में आपदा के बाद गूंज ने लगभग 700 गांवों में काम किया जिसके आफिस ऋषिकेश, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हैं।

गूंज द्वारा किए जा रहे बेहतरीन काम की एक झलक यहां जरुर देखेंः

राज्य में मई से शुरु होगा ई-चालान

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सचिव परिवहन विभाग सीएस नपचियाल ने बताया कि राज्य में अगले महीने यानि मई से वाहनों का ई-चालान की व्यवस्था लागू हो जाएगी। एनआईसी द्वारा ई-चालान का साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।

इसका फायदा विभाग को यह होगा कि विभाग के कामकाज में पारदर्शिता आएगी, पेपर का काम कम होगा और इसके साथ ही सारी सूचना विभाग के सेंट्रल सर्वर में चली जाएगी। सभी जनपदों में आरटीओ और एआरटीओ वाहनों के ई-चालान कटेंगे इसके लिए अधिकारियों को मोबाईल फोन और प्रिंटर उपलब्ध कराया जाएगा जिससे मौके पर ही चालान काटने के बाद स्लिप चालक को दे दिया जाएगा। मौके पर ही जुर्माना अदा करने की व्यवस्था भी कर दी जाएगी, जिसकी रसीद चालक को तत्काल मुहैया कराई जाएगी।

 

इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति से संबंधित याचिका हाई कोर्ट में खारिज

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हाई कोर्ट ने अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौर में नियुक्त दरोगा की इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नति से संबंधित याचिका खारिज कर दी। एसआई सुभाष चंद्र व अन्य ने याचिका दायर कर दरोगा से निरीक्षक पद पर स्थायी नियुक्ति की मांग की थी।

अदालत ने कहा कि सब इंस्पेक्टर पद पर याचिकाकर्ताओं की स्थायी नियुक्ति 2008 में हुई थी। इसलिए उन्हें पूर्व से वरिष्ठता का लाभ नहीं दिया जा सकता। याचिकाकर्ता का कहना था कि वह 1999 में उत्तर प्रदेश में शुरू दरोगा भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए थे। परीक्षा भी पास कर ली थी, मगर इलाहाबाद हाई कोर्ट से रोक के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। राज्य बनने के बाद 2003 में हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल को उत्तराखंड के लिए आवंटन कर दिया। इसी बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट का स्टे खारिज हो गया। इस आधार पर वह 1999 से उप निरीक्षक के पद के लिए अहं हो गए थे।

याचिका का विरोध करते हुए 2002 बैच के दरोगाओं ने कहा कि याचिकाकर्ता 2008 में सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त हुए हैं, इसलिए वह वरिष्ठता पाने के हकदार नहीं हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई व पुलिस एक्ट व रेग्लूलेशन के आधार पर एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता दरोगा पद पर 2008 में नियुक्त हुए हैं, उनकी नियुक्ति भी तभी से मानी जाएगी, वह पूर्व की तिथि से नियुक्ति मांगने के हकदार नही हैं। मामले की सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की एकलपीठ में हुई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ विधायक की जंग

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जनपद  उधमसिंहनगर की किच्छा विधानसभा से भाजपा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़गें, क्योंकि जनता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ही भाजपा को जनादेश दिया है। उन्होंने रुद्रपुर के अटरिया सिडकुल मार्ग के निर्माण की जांच की मांग करते हुए कहा कि इसमें करोड़ों का घोटाला हुआ है। इसके अलावा सिडकुल में नहर के सौंदर्यकरण में भी बड़ा खेल हुआ है। विधायक ने कहा कि जैसे आयुक्त ने एनएच घोटाले का संज्ञान लिया है उसी प्रकार उन्हें चकबंदी में हुए अरबों के खेल का भी संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए करोडों के कार्यों की जांच की मांग करते हुए शुक्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के कार्यों की जांच कराए। बताया कि उन्होंने 40 करोड़ की लागत से सिडकुल अटरिया रोड स्वीकृत कराई थी। इस सडक़ का निर्माण आज तक पूरा नहीं हुआ। पांच ठेकेदार बदल चुके हैं। जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होने कहा कि सिडकुल में नहर के सौंदर्यकरण के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। इसकी जांच भी एसआईटी, सीबीआई या सेवानिवृत न्यायिक अफसर से कराई जानी चाहिए। उन्होंने अरबों के एनएच घोटाले का खुलासा करने वाले कुमाऊं कमिश्नर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें चकबंदी विभाग में हुए बड़े घोटाले का भी खुलासा करना चाहिए। किच्छा क्षेत्र में ही करोड़ों की जमीनों को चकबंदी अधिकारियों ने ठिकाने लगा दिया।