काशीपुर में फैक्ट्री सुपरवाइज़र पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप
बहुगुणा को याद किया कांग्रेसी और भाजपाई नेताओं ने
स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की 98वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव बुघाणी में उनकी स्मृति में बने संग्रहालय का उद्घाटन प्रदेश के मुखिया श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्व. बहुगुणा जी के मुख्यमंत्रित्व काल में बने पर्वतीय विकास मंत्रालय का जिक्र करते हुए कहा कि यह दूर दृष्टि का नतीजा था जो कि पहाड़ के विकास के लिए एक बड़ा कदम साबित हुआ। उन्होंने कहा कि स्व. बहुगुणा आत्मसम्मान व स्वाभिमान के प्रतीक थे। जिन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनैतिक भविष्य को संवारा।उन्होंने क्षेत्रीय विधायक डा. धन सिंह रावत को अक्षय ऊर्जा से संचालित होने वाला नेता कहा तथा उनके द्वारा क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने खिर्सू में स्टेडियम निर्माण, पौड़ी में बस अड्डा निर्माण, श्रीनगर व अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेजों का कायाकल्प करने हेतु आर्मी मेडिकल कोर से सहयोग लिये जाने की बात कही।

संग्रहालय उद्घाटन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, उत्तर प्रदेश की बाल विकास एवं शिशु कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, वन एवं वन्य जीव जन्तु पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत, पर्यटन धर्मस्व एवं सिचाई मंत्री सतपाल महाराज, उच्चशिक्षा सहकारिता एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत ने भी जनता को संबोधित करते हुए हिमपुत्र स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के बताये गये रास्तों पर चलने का आव्हान लोगों से किया। इस अवसर पर विजय बहुगुणा के ज्येष्ट पुत्र साकेत बहुगुणा एवं सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहें।
पीएम मोदी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम
पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे का शेड्यूल इस प्रकार होगाः
- पीएम 3 मई को 6 .40 पर सुबह दिल्ली से जोलिग्रांट आयेंगे।
- इसके बाद वो केदारनाथ के लिए रवाना होंगे 7 बजकर 30 मिनट पर एम् आई 17 से केदारनाथ धाम पहुचेंगे।
- पीएम मोदी 8 बजकर 50 मिनट से 9 बजकर 50 मिनट तक केदार बाबा की पूजा करेंगे।
- उसके बाद पीएम 10 बजकर 10 मिनट पर केदारनाथ हेलि पेड आयेंगे और वहा से 10 बजकर 15 मिनट पर रामदेव की पतंजलि के लिए रवाना होंगे।
- 11 बजकर 30 मिनट पर पीएम पतंजलि में पहुचेंगे। यहाँ पहुच कर पीएम स्वामी रामदेव की महत्त्व कांशी योजना का उद्घाटन करेंगे यहाँ पीएम कार्यक्रम में
- 11 बजकर 40 से 12 बजकर 40 मिनट तक पीएम पतंजलि में योग रिसर्च इंस्टिट्यूट का उद्घाटन करेंगे।
- इसके बाद पीएम दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
सूत्रों के अनुसार यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भी पीएम मोदी के साथ बाबा केदार के दर्शन को आ सकते हैं।
दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
मासूम बच्ची से दुष्कर्म करने के प्रयास का आरोपी हीरा सिंह को पुलिस ने 24 घंटे के अदंर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पकडि़या गांव,खटीमा में परचून की दुकान से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि यहां एक गांव में मासूम के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया था। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्रवाई की गई। पूरी तरह जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को उस की परचून की दुकान दबोच लिया।
आरोपी की हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि वह अत्यधिक नशा करता है। बारात में उसने भी नशा कर रखा था। जिसके बाद उसने मासूम को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की तत्परता से उसे बचा लिया गया। बताते है कि आरोपी अक्सर गांव में शराब का नशा कर छेड़छाड़ की घटनाएं करता रहता था। कोतवाल ने बताया कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल लिया है।
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पतंजलि को झटका, आर्मी कैंटीन की जाँच में फ़ेल हुआ आँवला जूस
योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि को तगड़ा झटका लगा है। पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्मित पतंजलि आंवला जूस की सुरक्षा बलों के लिए बिक्री पर कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट ने रोक लगा दी है। सीएसडी ने इस संबंध में फैसला सरकारी लैब से रिपोर्ट मिलने के बाद लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीएसडी ने बीते 3 अप्रैल 2017 को सभी डिपो से अपने मौजूदा स्टॉक के लिए एक डेबिट नोट बनाने के निर्देश दिए थे जिससे की पुराने स्टॉक को लौटाया जा सके। बता दें कि इस मामले में योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पतंजलि ने सभी आर्मी कैंटीनों से आंवला जूस लिया वापस:
उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर दो अधिकारियों ने बताया कि जिस बैच की जांच कोलकता की सेंट्रल फूड लैबोरेटरी में की गई थी, उसमें यह बात सामने आई कि यह प्रॉडक्ट इस्तेमाल के लिए ठीक नहीं है। साथ ही अधिकारियों ने यह भी बताया कि पतंजलि ने सभी आर्मी कैंटीनों से आंवला जूस को वापस ले लिया है। बता दें कि कोलकाता की रेफरल गवर्नमेंट लैबोरेटरी ने ही नेस्ले मैगी नूडल्स के सैंपल्स में लेड की ज्यादा मात्रा होने का खुलासा किया था। यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा था।
इससे पहले भी लग चुकें हैं आरोप:
कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) अपने रिटेल आउटलेट्स में लगभग पांच हजार से ज्यादा फूड, ग्रॉसरीज या फिर एमएमसीजी प्रॉडक्ट्स बेचे जाते हैं और सीएसडी के रिटेल आउटलेट्स के ज्यादातर उपभोक्ता आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के लोग होते हैं। सीएसडी का पूरा प्रबंधन रक्षा मंत्रालय के पास है। यह पहला मौका नहीं है जब पतंजलि ऐसे किसी विवाद में फंसा है।
ग्यारह साल बाद हिरासत में आया हत्यारोपी
पुलिस अभिरक्षा, जसपुर से फरार हत्या का शातिर आरोपी ग्यारह साल से पुलिस को चकमा दे रहा था, आखिर हत्थे चढ़ गया ।पुलिस को मिली इस बडी कामयाबी में पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा, जीवित कारतूस, फर्जी वोटर आइडी एवं आधार कार्ड मिला है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
थाना कुंडा के ग्राम मछली झाला, सिंचाई कालोनी निवासी, अमरीक सिंह 36, पुत्र अवतार सिंह, पर वर्ष 2000 में थाना काशीपुर एवं वर्ष 2003 में थाना जसपुर में हत्या के दो मुकदमें दर्ज है। इन्ही आरोपों में पुलिस ने उसे गिरफतार कर जेल भेजा था। टीबी की बीमारी होने के कारण उसे हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भर्ती किया गया। वर्ष 2006 में पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो गया। 22 अप्रैल को सूचना मिली कि अमरीक सिंह, भोगपुर डाम क्षेत्र में खेती की जमीन पर कब्जा करने आया है।
पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस को उसके पास से एक तमंचा, जिंदा करतूस, फर्जी वोटर आइडी एवं आधार कार्ड मिले। पुलिस ने बताया कि उसने अपने मित्र ज्ञान सिंह, पुत्र सुरेंद्र सिंह के साथ मिलकर हरबंश, पुत्र बचन सिंह, की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे में उसे व उसके दोस्त को आजीवन कारावास हो चुकी है। इसके बाद उसने परमजीत, पम्मा निवासी, गढ़ीनेगी थाना, कुंडा को गोली मारकर हत्या की थी। कोतवाल नरेश चंद्र ने बताया कि शनिवार को उसे पकड़ कर कोर्ट में पेश करने के बाद वहां से उसे जेल भेज दिया।
शातिर ने अपने बचने के लिए कई हथकण्डे अपनाये, पुलिस से बचने के लिए फर्जी वोटर आईडी एवं आधार कार्ड बनायें। पुलिस ने बताया कि अमरीक फरार होने के बाद वह राजस्थान के हनुमानगढ़ चला गया था। यहां कुछ समय बाद पंजाब के गांव त्रिमाला थाना लंबी में रहा। पुलिस से बचने के लिए यही से फर्जी वोटर आइडी, आधार कार्ड बनवाया। दो वर्ष बाद यहां से वह उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत थाना हजारा में अपने परिवार के साथ रह रहा था। शनिवार को वह खेती का हिसाब करने भोगपुर डाम मछली झाला आया था तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
ड्रोन कैमेरे रखेंगे उत्तराखण्ड के जंगलों की आग पर नज़र
उत्तराखण्ड में बीते वर्ष की वनाग्नि(दावाग्नि)को देखते हर कॉर्बेट और आसपास के जंगलों को बचाने के लिए पहली बार ड्रोन कैमेरे की मदद ली जा रही है । वन मंत्री हरक सिंह रावत ने इसका जायज़ा लिया। लगभग दो लाख हैक्टेयर वन क्षेत्र के संवेदनशील क्षेत्र में तीन ड्रोन से निरिक्षण का काम शुरू कर दिया गया है । मंत्री हरक सिंह रावत ने, नैनीताल में इस अत्याधुनिक ड्रोन को टेक ऑफ कराया जिससे वन क्षेत्रों को आग से बचाने की उम्मीद बड़ गई है । ड्रोन से जंगल की आग को मॉनिटर करने का ये देश में पहला प्रयास है ।
उत्तराखंड के जंगल अग्नि की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। वन विभाग अपने पारंपरिक तरीके से तथा सैटेलाइट की मदद से वनाग्नि कि रोकथाम का प्रयास करता हैं। परंतु तराई-भाबर जैसे क्षेत्र के जंगलों में लगी आग का जल्द पता नहीं लग पाता । इसलिए जंगलों में आग पर निरंतर निगरानी रखने के लिए उत्तराखंड वन विभाग द्वारा देश में पहली बार ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा हैं । उत्तराखंड में अब तक 238 वनाग्नि की घटनाओं में 333.34 हैक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है ।
वन संरक्षक(फारेस्ट कंजर्वेटर)पराग मधुकर धकाते ने बताया की ड्रोन के उपयोग से वनाग्नि की घटनाओं पर तत्काल नियंत्रित करने मे मदद मिलेगी। वनाग्नि की ड्रोन मॉनिटरिंग के लिए तीन पायलटों को रखा गया है और इससे प्राप्त वीडियो को हल्द्वानी स्थित कंट्रोल रूम से भी मॉनिटर किया जाएगा । ये ड्रोन जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, रामनगर, कालाढूंगी, हल्द्वानी, खटीमा, सितारगंज, बनबसा और किच्छा समेत पहाड़ के कुछ संवेदनशील हिस्से का दिन रात निरीक्षण करेगा ।
राज्य में पहली बार हुई ओपन नैशनल तायकॉडो चैंम्पियनशिप
उत्तराखंड में पहली बार, देहरादून में अोपन नैशनल तायकॉडो चैंम्पियनशिप प्रतियोगिता का आयोजन 21-23 अप्रैल किया गया।जसवंत मार्डन स्कूल ने इस प्रतियोगिता का अायोजन अपने कैंम्पस मे किया। यह प्रतियोगिता तीन दिन की रही, जिसका उद्धाटन विधान सभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने किया। लगभग 100 अलग अलग स्कूलों से आये 400 खिलाड़ियों ने इसमे हिस्सा लिया। करीब 100 फाईट्स अलग-अलग वजन और कैटेगरी मे अायोजित की गई।

अाखरी दिन के मुख्य अतिथि रणबीर सिंह, आरओ सीबीएसई देहरादून थे। रणबीर सिंह ने जसवंत मार्डन स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी गन्डोत्रा की सराहना करते हुए कहा कि इस स्तर की प्रतियगिता का आयोजन एक सफल कदम है और सभी स्कूलों में ऐसी प्रतियोगिता को महत्तव देना चाहिए ताकि सभी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके।
जसवंत मार्डन स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी गन्डोत्रा ने बताया कि उनके स्कूल के गार्गी रतन और रवीन्दु पवांर ने राष्ट्रीय स्तर पर सीबीएसई खेलों में गोल्ड और सिल्वर मैडल जीते और अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता, तालकटोरा स्टेडियम, दिल्ली में आयोजित की गई थी उसमें 4 स्वर्ण पदक जीते।
गौरक्षा के दौर मे मसूरी में बनी पहली गौशाला
पहाड़ों की रानी मसूरी के कुछ युवाओं ने एक अनूठी पहल की हैं जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय मसूरी म्यूनिसिपल बोर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। जी हां पहाड़ के तीन युवा अमित गर्ग,निखिल अग्रवाल और वैभव तयाल जो लैंडोर मसूरी के रहने वाले हैं उन्होंने महसूस किया कि शहर में कोई भी पब्लिक गौशाला नहीं है और अगर है भी तो उनके पास जिन्होंने अपनी गायें पाल रखी हैं।
निखिल बताते हैं, ‘गाय की सेवा के लिए कुछ नहीं था, इसलिए हमें लगा कि गौशाला शुरु होनी चाहिए।’ वैभव तयाल ने बताया, ‘इस विषय मॆ श्री सनातन धर्म सभा के महामंत्री राकेश अग्रवाल जी से चर्चा की गई तो उन्होने आगे बढ़ते हुए तुरंत गौशाला के लिये सभा की जगह उपलब्ध कराई।’ निखिल अग्रवाल बताते हैं, ‘गौशाला के निर्माण में श्री सनातन धर्म कीर्तन मंडल का सहयोग प्राप्त हुआ जिन्होंने संस्कृत महाविधालय में गौशाला खोलने के लिए ज़मीन दी।’

गौशाला खालेने के एक महीने बाद अमित, निखिल और वैभव एक गाय और उसके बछड़े को लेकर आए और उसके बाद शीट, लकड़ी और सभा के सीनियर सदस्यों के थोड़े बहुत आर्थिक मदद से एक अस्थायी गौशाला तैयार किया गया। गौशाला शुरु होने के लगभग एक महीने बाद गौशाला में लगभग 3 गायें और 2 बछड़े आए जिसको सोसाईटी के लोगों ने दिया वो भी इन तीनों युवाओं की डेडिकेशन देखकर।
मसूरी निवासी प्रोफेसर गणेश सैली बताते हैं कि “अगर हम पहले की बात करें तो लगभग सन् 1960 और 62 में कैंटोनमेंट ब्रिटिश इंडिया के समय में कौनजी हाउस का होना जरुरी था, जिसमें सड़क पर घूमने वाले जानवरों को रखा जाता था और उन लोगों से पैनाल्टी ली जाती थी जो अपने पालतू जानवरों के लिए केयरलेस हुआ करते थे, लेकिन अंग्रेजों के साथ यह नियम भी देश से गायब सा हो गया पर उस समय भी यह गौशाला नहीं होती थी।”
अभी के लिए इन तीनों युवाओं का पहला मुद्दा है कि बरसात आने से पहले इस गौशाला की बाउंड्री वाल और छत को बनवा दिया जाए और इन्हें उम्मीद हैं कि इस काम में उनका सहयोग म्यूनिसिपल बोर्ड और क्षेत्रीय विधायक जरुर करेंगें जिससे इस गौशाला में रहने वाली गायें सुरक्षित रह सकें। इन दिनों जहां देशभर मं गौरक्षा एक राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गया है और इसके नाम पर इन दिनों हिंसक घटनाऐं रोज़ सामने आ रही हैं वहीं इन युवाओं की गायों के संरक्षण के लिये ये पहल सच में काबिले तारीफ है।




























































