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आने वाले 10 दिन में राज्य में बारिश की चेतावनी

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आने वाले दिनों में उत्तराखंड का मौसम करवट बदल सकता है। उत्तरकाशी व चमोली में ओलावृष्टि हुई, जबकि पिथौरागढ़ में बारिश, ओलावृष्टि के साथ ही हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्नोफाल हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले 10 दिन तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और थंडर स्टार्म (गरज-चमक के साथ वर्षा, अंधड़ और ओलावृष्टि) की संभावना है। 12 व 13 मई को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के भी आसार हैं। मौसम के इस रंग से मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत मिलेने का आसार है।

राज्य में इन दिनों मौसम का रंग बदला-बदला हैं। पहाड़ों में बारिश के बाद कुछ सुकून है तो मैदानी इलाके तपिश से उबल रहे हैं। मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। रही-सही कसर गर्म हवा के थपेड़े यानि लू पूरी कर दे रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में उमड़े बादलों ने कई जगह बारिश व ओलावृष्टि अवश्य दे डाली। उत्तरकाशी और चमोली जिले में कुछ स्थानों पर ओले गिरे तो कुछह जगह हल्की बारिश पड़ीं। पिथौरागढ़ जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ ही जोरदार बौछारें पड़ीं। नतीजतन, इन जिलों में मौसम खुशनुमा हो चला है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि मंगलवार से अगले 10 दिन राज्य में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं, जिससे पारे के लिहाज से सुकून रहेगा।

उत्तराखण्ड पुलिस की सिटी पेट्रोल यूनिट को नेशनल लेवल पर मिली पहचान

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फेडरेशन आॅफ इंडिया चैंबर्स आफॅ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) नई दिल्ली ने उत्तराखण्ड पुलिस की सिटी पेट्रोल यूनिट को सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबन्धन (रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक मेनेडमेंट) के क्षेत्र में किये गये सराहनीय कार्यों के लिये दिनांक 25 मई 2017 को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह सम्माम निवेदिता कुकरेती, पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी, सिटी पेट्रोल यूनिट लेंगी।

उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस बलों एवं अर्द्ध सैनिक बलों (सीएपीएफ) से प्राप्त 133 इंट्रियों में से फिक्की स्मार्ट पुलिस पुरस्कार के जूरी सदस्यों ने उत्तराखण्ड पुलिस की सिटी पेट्रोल यूनिट को इस पुरस्कार के लिए चुना है।

उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून, हरिद्वार,रुद्रपुर एवं हल्दानी में स्ट्रीट क्राइम व यातायात प्रबन्धन के लिये सिटी पेट्रोल यूनिट कार्यरत हैं, आम जनता इस विशेष बल के कार्यों की काफी सराहना कर रही है।

11 मई को प्रीतम संभालेंगे प्रदेश कांग्रेस की कमान

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कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह 11 मई को कांग्रेस भवन पहुंचकर पार्टी की कमान संभालेंगे। अध्यक्ष बनने के बाद वह पहली बार कांग्रेस भवन आयेंगे व पार्टी कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद एक बार फिर प्रदेश के कांग्रेस कार्यालय पर ढोल व नगाड़ों की आवाज सुनाई देगी।  प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने बताया कि पीसीसी चीफ प्रीतम के स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है।

विधानसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ताओं में जो निराशा का माहौल बना हुआ था वह इस फैसले से दूर करने का प्रयास किया गया है। आपकों बता दें कि प्रीतम सिंह को अध्यक्ष बनाने से पहले किसी को भनक तक नहीं लगी थी।माना जा रहा है कि किशोर उपाध्याय को किसी विशेष रणनीति के तहत ही हटाया गया है। इसके साथ ही प्रीतम को अध्यक्ष बनाने का श्रेय भी किसी भी सदस्य को लेने का मौका नहीं दिया गया क्योंकि अगर इसकी भनक पहले लग गई होती तो शायद हाईकमान को निर्णय लेने में उलझन हो सकती थी।

अब प्रीतम सिंह के सामने बड़ी चुनौती यह है कि करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं जो मनोबल गिरा हुआ है उसे उत्साह में बदलना। कार्यकर्ताओं में जोश व उत्साह भरने के लिए ही नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष नगर निगम देहरादून से जुलूस के साथ प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां पर आयेाजित स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जायेगा। स्वागत समरोह में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस पार्टी के सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों सहित प्रदेश भर से भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

एनएच-87 बनाने में 14 हजार से ज्यादा पेड़ों को देनी होगी कुर्बानी

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डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने सोमवार को एनएचएआई, कार्यदायी संस्थाओं, वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में एनएच-87 (रामपुर से काठगोदाम), नैनीताल हाईवे और एनएच-74 के चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की। जिले में एनएच-87, नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि एनएच-87 की जद में आने वाली वन भूमि पर एनएचएआई द्वारा चिहिन्त किए गए 14469 हरे पेड़ों का कटान कार्य जल्द शुरू कर दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम रुद्रपुर और किच्छा, वन विभाग, वन निगम, एनएचएआई, विद्युत विभाग और जल संस्थान के अधिकारी संयुक्त रूप से दो दिनों के भीतर वन क्षेत्र का निरीक्षण कर चिन्हित पेड़ों के कटान की योजना बनाएं, ताकि जिले में एनएच-87 पर जल्द ही कार्य शुरू किया जा सके।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय विश्नोई ने बताया कि 14469 में से 3558 पेड़ों का एक करोड़ 75 लाख रुपये का भुगतान एनएचएआई ने वन विभाग को कर दिया है। इस पर डीएम ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वन विभाग शेष 10911 पेड़ों के भुगतान की डिमांड बनाकर 15 मई तक एनएचएआई को उपलब्ध करा दें ताकि एनएचआई द्वारा जल्द ही भुगतान किया जा सके।

ईई विद्युत विनोद कुमार को निर्देश दिए कि एनएच-87 की जद में आने वाली भूमि के अंतर्गत विद्युत विभाग की जिन योजनाओं पर काम चल रहा है उन पर रोका जाए। बता दें कि एनएच-87, नैनीताल हाईवे के चौड़ीकरण में जनपद की कुल 30.3728 हेक्टेयर भूमि आ रही है, जिसमें से 0.2796 हेक्टेयर प्राइवेट भूमि है, जबकि 30.0932 हेक्टेयर सरकारी भूमि है।

चार मिनार रोलकर कम्पनी का सेम्पल फेल होने पर कम्पनी बंद करने के आदेश

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 प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, काशीपुर ने महुआखेड़ागंज स्थित चार मीनार रोलर कंपनी के पानी के नमूने फेल होने पर बंदी के आदेश दिए हैं। इतना ही नहीं ऊर्जा निगम को बिजली आपूर्ति ठप करने के लिए लिखा है। बोर्ड के अफसरों ने कुछ दिन पहले ही विभिन्न प्रकार की ब्रश बनाने वाली चार मीनार रोलर कंपनी से पानी के नमूने लिए, जिन्हें लैब भेजा गया। लैब में नमूने फेल हो गए। इस पर पीसीबी काशीपुर ने इसकी रिपोर्ट देहरादून भेजी, जहां से कंपनी बंद करने को कहा गया।

पीसीबी काशीपुर के क्षेत्रीय अधिकारी सोमपाल सिंह ने बताया कि मानक के तहत पानी में 30 मिलीग्राम पर लीटर बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड और 250 मिलीग्राम पर लीटर केमिकल ऑक्सीजन होनी चाहिए। जबकि नमूनों की जांच में इससे ज्यादा मिली। इसलिए ऊर्जा निगम को दो मई को कंपनी में बिजली आपूर्ति बंद करने को कहा गया है। मानक पूरा करने पर ही कंपनी को दोबारा अनुमति दी जाएगी।

ट्रेन्चिंग ग्राउन्ड पर याचिका निरस्त

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उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल ने गंगा नदी के बीचोबीच में ऋषिकेश नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे ट्रेन्चिंग ग्राउंड संबंधी जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए जनसुनवाई के बाद आगे के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं । न्यायालय में पालिका के अधिवक्ता द्वारा अंडर टेकिंग देने और जनसुनवाई कराने जैसा कदम उठाने की बात कहने के बाद मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसफ और न्यायमूर्ति वी.के.बिष्ट की खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर दिया है। न्यायालय ने याची को तब भी न्यायालय आने की स्वतंत्रता दी है जब की पालिका अपने शब्दों पर खरा नहीं उतरती है ।
आज पालिका ने ये कहा की पर्यावरण एवं प्रदुषण मंत्रालय से एन.ओ.सी.मिले बगैर कूड़ाघर का निर्माण नहीं किया जाएगा और साथ में जनसुनवाई के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा । न्यायालय ने याची से कहा है कि आगे पालिका सुझाए हुए प्लान के तहत काम नहीं करती है तो वो न्यायालय की शरण लेने के लिए स्वतंत्र हैं । मामले में पिछली सुनवाई 28 अप्रैल को हुई थी जब गंगा नदी को पार्टी बनाया गया था और इतिहास में पहली बार नोटिस जारी हुआ था। ऋषिकेश के खादा खड़क माफ़ नामक गॉव निवासी याचिकाकर्ता स्वरुप सिंह पुण्डीर ने जनहित याचिका दायर कर 10 एकड़ में प्रस्तावित ट्रेन्चिंग ग्राउंड का मामला उठाया था । उन्होंने न्यायालय को ये भी बताया था कि संन 2015 से प्रदुषण और पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति लिए बगैर पालिका ने डेली प्रोजेक्ट रिपोर्ट(डी.पी.आर.) तैयार कर ली थी।

आध्यात्मिक सुकून के लिए द्रोणागिरी पहुंची उमा भारती

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राजनीतिक व्यस्तता से दूर आध्यात्मिक ध्यान व सुकून के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती सोमवार को पौराणिक द्वारका की द्रोणीगिरि पर्वत श्रृंखला स्थित पांडवखोली, अल्मोड़ा  पहुंची। उनका प्रवास बेहद गोपनीय रखा गया है। सिर्फ सुरक्षा कर्मी और स्टॉफ को ही वहां आने-जाने की इजाजत है। वह यहां कुकुछिना (कौरवछीना) की ऊपरी पहाड़ी पांडवखोली में ध्यान लगाएंगी। विख्यात गुफा में ही उनके विश्राम की भी संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने यहां मीडिया से भी दूरी बना रखी है।

आध्यात्मिक पौराणिक दूनागिरि एवं पांडवखोली की पहाड़ी में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती तीसरी बार यहां अध्यात्म की खोज में पहुंची हैं। इससे पूर्व इसी साल फरवरी में भी वह कुकुछीना पहुचीं थी। जहां उन्होंने ध्यान लगाया था। अब करीब तीन माह बाद वह इन सुरम्य, आध्यात्मिक व एतिहासिक वादियों में पहुंची हैं। बताया जाता है कि उमा भारती को यहां प्राकृतिक व आध्यात्मिक अनुभूति के साथ सकारात्मक तरंगों का जबर्दस्त अहसास हुआ है। इसी कारण ध्यान में कोई व्यवधान न पहुंचे, उनके दौरे को बेहद गोपनीय रखा गया है।

इधर तहसील व पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा किसी और की मौजूदगी द्रोणगिरि पर्वत श्रृंखला के इर्दगिर्द नहीं देखी गई। क्षेत्र में उनकी बढ़ती मौजूदगी से दुनागिरि क्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।

दून बुद्धिस्ट कमेटी हर्षोल्लास के साथ मनायेगी बुद्ध पूर्णिमा

नमो बुद्धायः पूरे चांद के दिन भगवान बुद्ध का जन्मदिन,  हर्षोल्लास के साथ पूरे विश्व में मनाया जाता है, लेकिन दून बुद्धिस्ट कमेटी या आज के समय में डीबीसी कही जाने वाली कमेटी जोकि 2014 में बनी थी हर साल बुद्ध पूर्णिमा बङें हर्षोल्लास से मनाती है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन देहरादून के आसपास से काफी लोग सेलिब्रेशन में भाग लेना के लिये इकट्ठा होते है चाहे फिर वह बौध कम्यूनिटी का हो या ना हो। हर साल की तरह यह कार्यक्रम कल भी देहरादून के रेंजर्स हास्टल से मनाया जाएगा।

इस उत्सव में 42वे साक्या, हिज होलीनेस ट्रिज़ीन चीफ गेस्ट रहेंगे और उनके साथ और भी महमान मौजूद होकर इस उत्सव की शोभा बढाऐंगे। डीबीसी इस उत्सव में राष्ट्र की शांति और समानता के लिए प्रार्थना और शहर की परिक्रमा की जायेगी और साथ ही कल्चरल डांस और म्यूजिक का भी आयोजन होगा।

इस परिक्रमा को करने का मुख्य उद्देश्य आपस में प्यार और सौहार्द स्थापित करना, एक दूसरे की जरुरत पड़ने पर मदद करना और आने वाले समय में परेशानियां जैसे कि बीमारी, बुढ़ापे और मृत्यु के समय होने वाली कष्ट से लड़ने के लिए शक्ति प्राप्त करना है। यह कार्यक्रम दून के तिब्बती मार्केट से कल 4 बजे शुरु होगा और लगभग 7 बजे घंटाघर से होकर यह परिक्रमा वापस तिब्बती मार्केट पर ख़त्म होगी ।

सीपी सिंह बनें उत्तराखंड बसपा के नए प्रदेश प्रभारी

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उत्तराखंड चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा ने उत्तराखंड की जिले व विधानसभा की सारी इकाइयां भंग कर दी हैं। प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह अब सीपी सिंह को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वह पहले बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, प्रदीप जाटव की प्रदेश प्रभारी के पद पर तैनाती यथावत रखी गई है।

उत्तराखंड की चौथी विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बसपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यह पहली बार हुआ जब बसपा को प्रदेश में एक भी सीट नसीब नहीं हुई है। हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में बैठक कर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की। बैठक में पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह जानकारी देते हुए प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सीपी सिंह ने बताया कि बैठक में चुनाव में हुए प्रदर्शन पर चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि बसपा सुप्रीमो ने प्रदेश की सभी जिला व विधानसभा इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश में दो प्रदेश प्रभारी हैं। इनमें से नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह उनकी तैनाती की गई है। प्रदेश प्रभारी सीपी सिंह ने कहा कि अब सभी कार्यकर्ता मिलजुल कर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।

आपको बतादें कि पिछले सभी चुनावों में बसपा को तीन-चार सीट पर विजय मिलती ही थी लेकिन इस बार मोदी की बाढ़ में बसपा की सीटें भी बह गई। एक तरफ कांग्रेस अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियां कर रहां तो अब बसपा ने भी अपना नया पार्टी प्रभारी चुन लिया है।

बैठकों में बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारियों पर बरसे मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बीच परिसम्पत्तियों के बंटवारे के मामलों की समीक्षा की।बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों द्वारा बिना तैयारी के आने पर सीएण नाराज हुए और अधिकारियों को अपने काम करने का तरीका सुधारने की वाॅर्निंग दी। उन्होंने कहा कि अगली बार ऐसी लापरवाही पर सीधे निलंबन की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि अगले 15 दिनों के अंदर सभी विभागों के मामलों की पड़ताल कर ली जाये। मुख्यमंत्री खुद 15 दिन बाद सभी मसलों पर फिर से समीक्षा करेंगे।इससे पहले मदन कौशिक भी परिसम्पत्तियों के लम्बित मामलों की समीक्षा करेंगे। 

गौरतलब है लकि राज्य बनने के बाद से ही उत्तर प्रदेस औऱ उत्तराखंड के बीच संपत्तियों और खर्चों के बंटवारे को लेकर मतभेद चले आ रहे हैं। इनमें मुख्य हैं

  • सिंचाई विभाग के कुल 1313 आवासीय इमारतों का मामला। उत्तराखण्ड ने इनमे से 1013 इमारतों की माग की है जबकि उत्तर प्रदेश ने अबतक मात्र 278 इमारतों पर ही हामी भरी है।
  • हरिद्वार में सिंचाई विभाग के अधीन कुम्भ क्षेत्र सहित प्रदेश में कुल 4230 हेक्टेयर भूमि पर सहमति बनायी जानी है। 
  • ऊर्जा विभाग ने मनेरी भाली हाईड्रो प्लांट के लिये एलआईसी से लिये 353 करोड़ के लोन की भुगतान का जिम्मा भी उत्तर प्रदेश पर डाला है।

इनके अलावा बैठक में परिवहन, आवास, सहकारिता, गन्ना-चीनी, पेयजल एवं स्वच्छता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन, सूचना एवं लोक सम्पर्क, पर्यटन विभाग के अधीन होटल अलकनंदा, रेशम, गृह, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा, वन, ग्राम्य विकास, माध्यमिक शिक्षा, औद्योगिक विकास विभागों की परिसम्पत्तियों के लम्बित प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी विभागों को उत्तर प्रदेश द्वारा उठाये गये तथ्यों के सापेक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिये गये।

मुख्यमंत्री लगातार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम करने क ेतरीकों में बदलाव और तेज़ी लाने की बात करते रहे हैं। अब देखना ये होगा कि मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों का इन सुस्त अधिकारियों पर कोई असर पड़ता है या नहीं।