पीसीबी काशीपुर के क्षेत्रीय अधिकारी सोमपाल सिंह ने बताया कि मानक के तहत पानी में 30 मिलीग्राम पर लीटर बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड और 250 मिलीग्राम पर लीटर केमिकल ऑक्सीजन होनी चाहिए। जबकि नमूनों की जांच में इससे ज्यादा मिली। इसलिए ऊर्जा निगम को दो मई को कंपनी में बिजली आपूर्ति बंद करने को कहा गया है। मानक पूरा करने पर ही कंपनी को दोबारा अनुमति दी जाएगी।
चार मिनार रोलकर कम्पनी का सेम्पल फेल होने पर कम्पनी बंद करने के आदेश
ट्रेन्चिंग ग्राउन्ड पर याचिका निरस्त
आध्यात्मिक सुकून के लिए द्रोणागिरी पहुंची उमा भारती
राजनीतिक व्यस्तता से दूर आध्यात्मिक ध्यान व सुकून के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती सोमवार को पौराणिक द्वारका की द्रोणीगिरि पर्वत श्रृंखला स्थित पांडवखोली, अल्मोड़ा पहुंची। उनका प्रवास बेहद गोपनीय रखा गया है। सिर्फ सुरक्षा कर्मी और स्टॉफ को ही वहां आने-जाने की इजाजत है। वह यहां कुकुछिना (कौरवछीना) की ऊपरी पहाड़ी पांडवखोली में ध्यान लगाएंगी। विख्यात गुफा में ही उनके विश्राम की भी संभावना है। केंद्रीय मंत्री ने यहां मीडिया से भी दूरी बना रखी है।
आध्यात्मिक पौराणिक दूनागिरि एवं पांडवखोली की पहाड़ी में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती तीसरी बार यहां अध्यात्म की खोज में पहुंची हैं। इससे पूर्व इसी साल फरवरी में भी वह कुकुछीना पहुचीं थी। जहां उन्होंने ध्यान लगाया था। अब करीब तीन माह बाद वह इन सुरम्य, आध्यात्मिक व एतिहासिक वादियों में पहुंची हैं। बताया जाता है कि उमा भारती को यहां प्राकृतिक व आध्यात्मिक अनुभूति के साथ सकारात्मक तरंगों का जबर्दस्त अहसास हुआ है। इसी कारण ध्यान में कोई व्यवधान न पहुंचे, उनके दौरे को बेहद गोपनीय रखा गया है।
इधर तहसील व पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा किसी और की मौजूदगी द्रोणगिरि पर्वत श्रृंखला के इर्दगिर्द नहीं देखी गई। क्षेत्र में उनकी बढ़ती मौजूदगी से दुनागिरि क्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।
दून बुद्धिस्ट कमेटी हर्षोल्लास के साथ मनायेगी बुद्ध पूर्णिमा
नमो बुद्धायः पूरे चांद के दिन भगवान बुद्ध का जन्मदिन, हर्षोल्लास के साथ पूरे विश्व में मनाया जाता है, लेकिन दून बुद्धिस्ट कमेटी या आज के समय में डीबीसी कही जाने वाली कमेटी जोकि 2014 में बनी थी हर साल बुद्ध पूर्णिमा बङें हर्षोल्लास से मनाती है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन देहरादून के आसपास से काफी लोग सेलिब्रेशन में भाग लेना के लिये इकट्ठा होते है चाहे फिर वह बौध कम्यूनिटी का हो या ना हो। हर साल की तरह यह कार्यक्रम कल भी देहरादून के रेंजर्स हास्टल से मनाया जाएगा।
इस उत्सव में 42वे साक्या, हिज होलीनेस ट्रिज़ीन चीफ गेस्ट रहेंगे और उनके साथ और भी महमान मौजूद होकर इस उत्सव की शोभा बढाऐंगे। डीबीसी इस उत्सव में राष्ट्र की शांति और समानता के लिए प्रार्थना और शहर की परिक्रमा की जायेगी और साथ ही कल्चरल डांस और म्यूजिक का भी आयोजन होगा।
इस परिक्रमा को करने का मुख्य उद्देश्य आपस में प्यार और सौहार्द स्थापित करना, एक दूसरे की जरुरत पड़ने पर मदद करना और आने वाले समय में परेशानियां जैसे कि बीमारी, बुढ़ापे और मृत्यु के समय होने वाली कष्ट से लड़ने के लिए शक्ति प्राप्त करना है। यह कार्यक्रम दून के तिब्बती मार्केट से कल 4 बजे शुरु होगा और लगभग 7 बजे घंटाघर से होकर यह परिक्रमा वापस तिब्बती मार्केट पर ख़त्म होगी ।
सीपी सिंह बनें उत्तराखंड बसपा के नए प्रदेश प्रभारी
उत्तराखंड चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा ने उत्तराखंड की जिले व विधानसभा की सारी इकाइयां भंग कर दी हैं। प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह अब सीपी सिंह को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वह पहले बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि, प्रदीप जाटव की प्रदेश प्रभारी के पद पर तैनाती यथावत रखी गई है।
उत्तराखंड की चौथी विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बसपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यह पहली बार हुआ जब बसपा को प्रदेश में एक भी सीट नसीब नहीं हुई है। हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में बैठक कर उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा की। बैठक में पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए पार्टी को नए सिरे से मजबूत करने पर जोर दिया गया। यह जानकारी देते हुए प्रदेश के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सीपी सिंह ने बताया कि बैठक में चुनाव में हुए प्रदर्शन पर चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि बसपा सुप्रीमो ने प्रदेश की सभी जिला व विधानसभा इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश में दो प्रदेश प्रभारी हैं। इनमें से नसीमुद्दीन सिद्दीकी की जगह उनकी तैनाती की गई है। प्रदेश प्रभारी सीपी सिंह ने कहा कि अब सभी कार्यकर्ता मिलजुल कर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।
आपको बतादें कि पिछले सभी चुनावों में बसपा को तीन-चार सीट पर विजय मिलती ही थी लेकिन इस बार मोदी की बाढ़ में बसपा की सीटें भी बह गई। एक तरफ कांग्रेस अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियां कर रहां तो अब बसपा ने भी अपना नया पार्टी प्रभारी चुन लिया है।
बैठकों में बिना तैयारी के पहुंचे अधिकारियों पर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बीच परिसम्पत्तियों के बंटवारे के मामलों की समीक्षा की।बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों द्वारा बिना तैयारी के आने पर सीएण नाराज हुए और अधिकारियों को अपने काम करने का तरीका सुधारने की वाॅर्निंग दी। उन्होंने कहा कि अगली बार ऐसी लापरवाही पर सीधे निलंबन की कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि अगले 15 दिनों के अंदर सभी विभागों के मामलों की पड़ताल कर ली जाये। मुख्यमंत्री खुद 15 दिन बाद सभी मसलों पर फिर से समीक्षा करेंगे।इससे पहले मदन कौशिक भी परिसम्पत्तियों के लम्बित मामलों की समीक्षा करेंगे।
गौरतलब है लकि राज्य बनने के बाद से ही उत्तर प्रदेस औऱ उत्तराखंड के बीच संपत्तियों और खर्चों के बंटवारे को लेकर मतभेद चले आ रहे हैं। इनमें मुख्य हैं
- सिंचाई विभाग के कुल 1313 आवासीय इमारतों का मामला। उत्तराखण्ड ने इनमे से 1013 इमारतों की माग की है जबकि उत्तर प्रदेश ने अबतक मात्र 278 इमारतों पर ही हामी भरी है।
- हरिद्वार में सिंचाई विभाग के अधीन कुम्भ क्षेत्र सहित प्रदेश में कुल 4230 हेक्टेयर भूमि पर सहमति बनायी जानी है।
- ऊर्जा विभाग ने मनेरी भाली हाईड्रो प्लांट के लिये एलआईसी से लिये 353 करोड़ के लोन की भुगतान का जिम्मा भी उत्तर प्रदेश पर डाला है।
इनके अलावा बैठक में परिवहन, आवास, सहकारिता, गन्ना-चीनी, पेयजल एवं स्वच्छता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन, सूचना एवं लोक सम्पर्क, पर्यटन विभाग के अधीन होटल अलकनंदा, रेशम, गृह, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा, वन, ग्राम्य विकास, माध्यमिक शिक्षा, औद्योगिक विकास विभागों की परिसम्पत्तियों के लम्बित प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी विभागों को उत्तर प्रदेश द्वारा उठाये गये तथ्यों के सापेक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिये गये।
मुख्यमंत्री लगातार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम करने क ेतरीकों में बदलाव और तेज़ी लाने की बात करते रहे हैं। अब देखना ये होगा कि मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों का इन सुस्त अधिकारियों पर कोई असर पड़ता है या नहीं।
बीईओ ना हटाया तो ग्राम प्रधान करेगी आत्महत्या
बुर्का पहन ज्वैलर्स की दुकान से लाखों के गहनों पर किया हाथ साफ
ग्राहक बनकर आई छह बुर्काधारी महिलाओं ने लाखों के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। महिलाओं के जाने के बाद जब सराफा व्यापारी ने आभूषण देखे तो उसके होश उड़ गए। उसने सीसीटीवी कैमरा खंगाला तो उसमें महिलाओं की सारी करतूत साफ दिखाई दी।गदरपुर के सराफा व्यापारी ने अज्ञात महिलाओं के खिलाफ थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस आरोपी महिलाओं की तलाश कर रही है।
वार्ड नंबर तीन, सकैनिया रोड, गदरपुर निवासी रमेश कुमार ढल्ला की सराफा बाजार में ढल्ला ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। रमेश कुमार की दुकान पर दोपहर करीब एक बजे कुछ बुर्काधारी महिलाएं आई। उन्होंने जेवर दिखाने को कहा। रमेश कुमार ने उनको सोने-चांदी के जेवरात दिखाए। इसी दौरान कुछ अन्य बुर्काधारी महिलाएं ने दुकान में पहुंच गई और उन्होंने भी जेवर दिखाने को कहा। रमेश ढल्ला महिलाओं को आभूषण दिखाने लगे। इसी दौरान व्यापारी को व्यस्त देख एक महिला ने शोकेस में रखे 250 ग्राम सोने के आभूषण के डिब्बे पर हाथ साफ कर लिया। पूरा काम इतनी सफाई के साथ किया कि व्यापारी को इसकी जरा भी भनक नहीं लगी। बाद में महिलाएं सामान पसंद न आने का बहाना कर चलती बनी। महिलाओं के जाने के बाद रमेश कुमार ने जेवर समेट दिया, लेकिन व्यस्तता के चलते उस डिब्बे पर ध्यान नहीं गया। जब दुकान स्वामी ने दुकान को बंद करते समय सामान की जांच की तो 250 ग्राम सोने के आभूषणों से भरा एक डिब्बा कम पाया। इस पर रमेश कुमार के होश उड़ गए। रमेश कुमार ने इसकी सूचना आसपास के दुकानदारों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सभी सराफा व्यापारी एकत्र हो गए। इसके बाद व्यापारियों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला तो एक बुर्काधारी महिला डिब्बा चोरी करती दिखाई दी। दुकान स्वामी रमेश कुमार ने मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी। रमेश कुमार ने बताया कि चोरी हुए आभूषणों की कीमत करीब सात लाख रुपए है। व्यापारियों ने थाने पहुंचकर अज्ञात बुर्काधारी महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई कर आभूषण बरामद करने की मांग की।
जांच में खुलेगा कैदी की मौत का रहस्य
अब उत्तराखंड में चीड़ की पत्तियों से बनेगा कागज
- वहीं हंस फाउंडेशन ने उत्तराखंड में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि
- हंस फाउंडेशन ने पिंडर घाटी में ग्रामीण विकास का कार्यक्रम में 8 गांवों की 50 बस्तियों में चल रहा है।
- यहां पीने का पानी, बिजली, कृषि आदि गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
- फाउंडेशन ने 12 एम्बुलेंस अपने खर्च पर राज्य सरकार को संचालन के लिए उपलब्ध करवाई है।
- हल्द्वानी कैंसर अस्पताल की खराब मशीनों की मरम्मत करवाई गई है।
- मेमोग्राफी की जांच के लिए दो मोबाईल वैन की व्यवस्था की गई है।
- सतपुली में 250 बिस्तरों का अस्पताल व एक नैत्र चिकित्सालय भी संचालित किया जा रहा है।
- 100 इंजीनियरिंग व मेडिकल छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।
- देश के 100 गांवों में ग्रेविटी आधारित पेयजल योजना बनाई जा रही है।
- इसके बाद 100 और गांवों को इसके अंतर्गत लिया जाएगा।





























































