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26 मई को होगा सेंट जार्ज कालेज की नए बिल्डिंग का उद्घाटन

देश के मशहूर स्कूल सेंट जार्ज कालेज, मसूरी के नए स्कूल बिल्डिंग का उद्घाटन समारोह 26 मई को होना निश्चित हुआ है। इस मौके पर स्कूल के पुराने छात्र बिशप पैट्रिक नायर के हाथों से शाम 6 बजे ब्लेसिंग सेरेमनी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री उत्तराखंंड सरकार सतपाल महाराज होंगे, जो कि खुद इस स्कूल के पूर्व छात्र हैं।

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इस दिन को यादगार बनाने के लिए सेंट जार्ज कालेज के सभी छात्रों द्वारा एक संगीतमय नाटक ‘पीटर पैन’ की प्रस्तुति की जाएगी जो शाम 7 बजे से रात 9ः30 बजे तक चलेगी। इस प्रस्तुति में सेंट जार्ज कालेज के 650 छात्रों के साथ, वेवरली कांवेंट की 90 छात्राएं और निर्मला स्कूल की 65 छात्राएं भी भाग लेंगी।  संगीतमय नाटक के सफलता पूर्वक मंचन के लिए विद्धालय की छात्रों के द्वारा कई दिन पहले से तैयारी चल रही है।

इस नाटक का निर्देशन प्रख्यात नाटक निर्देशक जार्ज पुलिंकला ने किया है ।इसके नृत्य निर्देशक सुशांत व सौम्या है।कालेज के प्रधानाचार्य ब्रदर टाॅमी वर्गीस, सुपिरियर ब्रदर कैरल के साथ साथ पूरा स्कूल परिवार 26 मई को एक यादगार शाम बनाने के लिए तैयार है।

हादसों के बावजूद भी बस मालिक कर रहे नियमों को अनदेखा

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा अपने चरम पर है, लगातार यात्रियों की संख्या लाखों में पहुँचती जा रही है। ऐसे में ट्रेवलर्स बसों की फिटनेस की अनदेखी कर उन्हें चार धाम यात्रा पर भेज रहे है जो कि यात्रा में किसी अनहोनी को न्योता देने के बराबर है, जबकि प्रशाशन ने सिर्फ फिट बसों को ही यात्रा पर भेजने के निर्देश दिए है। उत्तराखंड के चार धाम बद्री-केदार-गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा को शुरु हुए 1 महीना होने वाला है, और यात्रियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहाड़ो पर यात्रा को सुचारू रूप से चलाया जा सके इसके लिए प्रशासन द्वारा पहले ही ये निर्देश जारी कर दिए गए थे की यात्रा रूटों पर जाने वाले सभी वाहनों की फिटनेश की जांच  होना अनिवार्य है साथ ही सभी बस स्वामी और बस संचालक सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से ध्यान रखे। लेकिन जिस तरह से यात्रा में यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है और बसों की कमी सामने आयी है इसका लाभ उठाने के लिए वाहन स्वामी और ट्रेवल एजेंट नियमों को ताक पर रख रहे है । यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ ही बस मालिकों द्वारा नियमों को दर किनारे कर खराब बसों को यात्रा पर भेजा जा रहा है जो कि यात्रा की दृष्टि से सही नही है। श्राद्धालुयओं के मन मे भी बसों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है, उनका मानना है कि सही और फिट बसों को ही यात्रा पर भेजा जाए ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी न हो।

चार धाम यात्रा में सबसे बड़ी चुनोती सड़क मार्ग पर दुर्घटना रोकना होता है जिस में हर साल बड़ी संख्या में कई लोग जान गवां बैठते है। पिछले अनुभव को देखते हुए संभागीय परिवन विभाग ने ग्रीन कार्ड के कड़े मानक बना दिए है जिसके बाद ही गाड़िया चार धाम यात्रा में जा पाऐंगी बावजूद इसके सिर्फ कुछ रुपए के लालच में परिवहन स्वामी तय संख्या से ज्यादा यात्रियों ओर अनफिट बसों को यात्रा पर भेज देते है। वहीं संयुक्त रोटेशन अधिकारी सुधीर राय का कहना है कि यात्रा के लिए सिर्फ फिट गाड़ियों को ही लिया जा रहा है और अनफिट गाड़ियों की सर्विस करने के बाद ही यात्रा पर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर कोई वाहन स्वामी बिना सर्विस के वाहन को यात्रा पर लेकर जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।

 उत्तराखंड के चारों धामो में दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों को पहाड़ी रास्तो से होकर जाना पड़ता है , इसलिए प्रशासन द्वारा यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों के लिए कई कड़े नियम बनाए गए है जिससे यात्रा सुरक्षित हो सके लेकिन फिर भी कुछ ट्रेवल एजेंट चंद रुपयों के लालच के लिए नियमो से खिड़वाल कर यात्रियों की जान को जोखिम में डालते है और जिसका खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है।

 

पर्यटकों से गुलज़ार हुआ लच्छीवाला

बढती गर्मी और सूरज की तपिश ने आम लोगो जीना मुहाल कर दिया है उस पर घंटो की बिजली की कटोती ने इस आग को और बड़ा दिया है, ऐसे मे पानी की की फुहारे और पेंड पौंधो का साथ गर्मी को काफी हद तक दूर कर देता है। अगर आप भी इस चिलचिलाती धूप और गर्मी से कुछ पल सकुन से बिताना चाहते  है तो हम बताते है आपको एक कुलींग पिकनिक स्पोट , जो आजकल गर्मी मे पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है।

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प्रकति की नज़ारे, खूबसूरत पेंड पौधे और बहती नदी ये सब आप को मिलेगा देहरादून-ऋषीकेश हाई वे के बीच डोईवाला वन प्रभाग के लच्छीवाला मे, जहा गर्मी से राहत पाने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आ रहे है और यहाँ बहती नदी के पानी मे अठखेलिया कर गर्मी को मात दे रहे है और यहाँ नेचर के बीच सकुन के कुछ पल गुजार रहे है ।

उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तरी भारत के कई हिस्सों मे सूरज की तपिस ने 40 डिग्री से ऊपर का रिकार्ड तोड़ दिया, ऐसे मे दिल्ली और आसपास का पर्यटक उत्तराखंड की और रुख कर रहा है और हाई वे पर पड़ने वाला वन विभाग का ये पर्यटक स्थल उन्हें खूब भा रहा है। लच्छी वाला को पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित कर वन विभाग ने यहाँ पर सुविधाए भी बढानी शुरू कर दी है जिस से साल दर साल पर्यटकों की संख्या मे भी भारी इजाफा हो रहा।  

एनएच-74 मामले की जांच से डरती है बीजेपी- कांग्रेस

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उत्तराखण्ड में सरकार बनते ही त्रिवेंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर जिस जीरो टॉलरेंस का हवाला देते हुए एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, उस पर खुद केंद्र सरकार की आपत्ति सामने आई है। उत्तराखण्ड सरकार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से पत्र लिखकर ये कहा गया है कि इस काम में राज्य के अधिकारियों ने वही किया जो केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने कहा। पत्र में कहा गया है कि इससे उनके काम में भी फर्क पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी की तरफ से आये पत्र में लिखा गया है कि इस तरह की जांच से अधिकारियों का मनोबल टूटेगा इसलिए सरकार इसपर दोबारा विचार करे।

गौरतलब है कि भारी बहुमत से सरकार बनाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत देते हुए तीन सौ करोड़ से ज्यादा के एनएच घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का एलान किया था। इसके तत्काल बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। महीना भर बीत जाने के बावजूद सीबीआई की ओर से कोई जवाब न आने के चलते मुख्यमंत्री ने रिमाइंडर भी भेजा था। इधर, दो दिन पहले डेवलेपमेंट मंत्री मदन कौशिक ने भी इस मुद्दे पर पत्रकार वार्ता में कहा कि जल्द ही तीसरा रिमाइंडर भेजेंगे। उन्होंने हर हाल में जांच सीबीआई से करवाने का भी दावा किया।

इस विषय पर कांग्रेस का कहना है कि गडकरी की यह चिट्ठी बीजेपी के भ्रष्ट्राचार पर जीरो टॉलरेंस पर सवाल खड़े करता है। केंद्र पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि केंद्र द्वारा जांच न करवाना सरकार के लोगों की एनएच- 74 घोटाले में उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा की सरकार केंद्र से आए इस पत्र का क्या जवाब देती है औऱ कब तक इस मामले पर सीबीआई जांच शुरू हो पाती है। ये तो तय है कि अगर सीबीआई जांच शुरू होती है तो तो सरकार और विपक्ष के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।

उत्तराखंड सरकार भी मनाएगी ”मोदी फेस्ट”

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उत्तराखंड राज्य में बीजेपी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने के बाद राज्य ने एक के बाद एक नए फैसले लिए हैं।इसी कड़ी में उत्तराखंड की बीजेपी कमेटी ने एक नया ऐलान किया है कि आने वाली 26 मई को वह ”मोदी फेस्ट” का आयोजन करेंगे जिसमें वह मोदी सरकार के तीन साल के दौर की सफलता को अलग-अलग इवेंट के माध्यम से दिखाऐंगे।

बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी संजय कुमार ने बताया कि इस राज्य स्तर के कार्यक्रम ”मोदी फेस्ट” का आयोजन पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय के कोआर्डिनेशन से किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री, बीजेपी सरकार वाले राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसदों ने इसमें भाग लेने के लिए अपनी कमर कस ली है।

आपकों बतादें कि आने वाले 26 मई को पीएम मोदी की सरकार को बनें 3 साल पूरे हो जाऐंगे जिसका उत्सव मनाने के लिए बीजेपी ने इस फेस्ट का आयोजन किया है।

ये 10 लोग अगर राष्ट्रगान पर उठे तो अच्छा नहीं होगा

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अगर आप सिनेमाहाॅल में पिक्चर देखने जाते हैं तो आपको यह पता होगा कि हर फिल्म शुरु होने से पहले थियेटर में राष्ट्रगान चलाया जाता है और राष्ट्रगान के सम्मान में हर किसी को अपनी जगह खड़ा होना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रगान को गाते समय कौन से लोग है जो अगर ना खड़े हो तो भी चलेगा।

राष्ट्रगान पर जिनको न खड़े होने की छूट है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लिस्ट को बढ़ा दिया है और अब कुल 10 केटेगरी बना दी हैं। उन लोगों की जो सिनेमा हॉल में नेशनल एंथम पर ना खड़े हों तो चलेगा।

इन 10 स्थितियों के लोगों को सिनेमा हॉल में फिल्म में बजने वाले नेशनल एंथम पर ना खड़े होने की छूट होगी:

  • दृष्टिहीन
  • सुन न सकने वाले लोग
  • ऑटिज्म
  • सेरिब्रल पाल्सी यानी दिमाग के उस हिस्से का काम न करना, जो शरीर में होने वाले हलचल को कंट्रोल करते हैं, नतीजतन लोगों को चलने फिरने से लेकर खाने, गटकने, उलटने, हर तरह के मूवमेंट में तकलीफ होती है।
  • पार्किन्संस डिजीज यानी नसों का काम करना बंद करना। जिसे चलने फिरने, सोचने समझने मे तकलीफ हो। इसके अलावा दिमागी तौर पर उलझन और डिप्रेशन भी हो सकता है।
  • मस्कुलर डिस्ट्रोफी यानी मांसपेशियों का हद से ज्यादा कमज़ोर होना, जिससे लोगों को चलने में तकलीफ होती है।
  • चल-फिर न पाने वाले
  • मल्टिपल स्क्लेरोसिस यानी ऐसी स्थिति जिसमें नसों, स्पाइनल कॉर्ड और दिमाग के सेल्स पर चढ़ा हुआ नेचुरल कवर उतर जाता है। जिससे शारीरिक और मानसिक तकलीफें हो जाती हैं।
  • जिनको कभी कुष्ठरोग रहा हो
  • सीखने या समझने में जिन्हें तकलीफ होती हो

29 से 31 मई तक भारी बारिश की चेतावनी

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मौसम विभाग ने आगामी 29 से 31 मई, 2017 तक प्रदेश के कुछ जनपदो के विभिन्न क्षेत्रों में मध्यम से तेज और कही कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग की सलाह पर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए तीर्थयात्रियों एवं आम जन की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ को निर्देश दिए है कि भूस्खलन एवं संवेदनशील स्थानों पर जरूरी एहतियात बरतें।

मौसम ने बदली करवट पहाड़ में जनजीवन अस्त-व्यस्तः

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम का बिगड़ा मिजाज भारी पड़ने लगा है। देवप्रयाग क्षेत्र में दशरथ पर्वत पर हुई जोरदार वर्षा के बाद उफान पर आए बरसाती नाले के बहाव में भरपूर पट्टी को जोडने वाले रामपुर-श्यामपुर-बमाणा मार्ग का एक हिस्सा बह गया, जबकि छह गांवों की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। बामाणा के प्रधान रतन सिंह राणा ने बताया कि निजी वाहन से देवप्रयाग जाते वक्त वह खुद नाले के उफान में फंस गए थे, कुछ लोगों ने उन्हें सुरक्षित निकाला। सड़क बंद होने और पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

चमोली जिले में खराब मौसम के कारण जोशीमठ से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। उन्हें द्रोणागिरी जाना था।टिहरी जिले में बारिश, अंधड़ व ओलावृष्टि से घनसाली, चंबा, जौनपुर क्षेत्रों के दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई व जनजीवन प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों की बत्ती भी गुल है। पिथौरागढ़ व जनपदों में भी खासा नुकसान पहुंचा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात की सूचना है। यही नहीं, देहरादून, पौड़ी सहित अन्य स्थानों पर कहीं हल्की तो कहीं जोरदार बौछारें पड़ीं। उधर, मौसम विभाग के मुताबिक मौसम के मिजाज में तब्दीली के आसार नहीं हैं। चमोली जिले में तो दिनभर ही मौसम खराब रहा, हालांकि बदरा बूंदाबांदी तक सिमटे रहे।

पौड़ी में जोरदार बारिश हुई तो देहरादून में भी शाम के वक्त तेज हवा के साथ ही कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई । पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली तहसील क्षेत्र में शाम के वक्त तेज हवा के साथ मौसम ने पलटी मारी। इसी दरम्यान अल्मोड़ा-सेराघाट-बेरीनाग मार्ग में तपोवन के पास पेड़ उखड़कर सड़क पर आ गिरे, जिससे दो घंटे यातायात ठप रहा। क्षेत्र भ्रमण से लौट रहीं गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला यहां फंसी रही। ताड़ीखेत, रामगढ़ व बेतालघाट विकासखंडों में फल पट्टियों को खासी क्षति पहुंची है। नैनीताल व अल्मोड़ा जिले की फल पट्टियों में भी फसलें तबाह हो गईं।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड में आंशिक से लेकर आमतौर पर बादल छाये रहेंगे। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ जनपदों में कुछ जगह और शेष जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मैदानी क्षेत्रों को मिली राहतः

मौसम की बदली करवट के साथ ही पहाड़ों में हो रही बारिश और मैदानी क्षेत्रों में गाहे-बगाहे तेज हवा के साथ ही हल्की वर्षा व बूंदाबांदी से मैदानी इलाकों को उछाल भरते पारे से कुछ राहत मिली है। देहरादून, पंतनगर समेत अन्य स्थानों में अधिकतम तापमान सामान्य के करीब आ गए हैं।

बस हादसे के शिकार लोगों के शवों को भेजा घर

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मंगलवार को उत्तरकाशी के नालूपानी में एक बस हादसे का शिकार हो गयी थी। बस में अधिकतर यात्री इन्दौर, मध्यप्रदेश के रहने वाले थे। यह हादसा मंगलवार शाम 5:30 बजे हुअा। एडीजी राम सिंह मीणा के बयान ने इसकी पुष्टी की अौर बताया कि बस का टायर निकलने से यह हादसा हुआ। बुधवार रात विनोद कुमार शर्मा कमिश्नर गढवाल व पुष्पक ज्योति पुलिस उपमहानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र स्वंय उपस्थित होकर व अपने संरक्षण में 24 मृत्तको के शवों को सुराक्षित जौलीग्राण्ट्र हास्पिटल में पहुंचाने के बाद शवों  का केमिकल ट्रीटमेंट (एमबाम्बिंग) कराके शवों को सुराक्षित इन्दौर(मध्यप्रदेश) आज ही रात भेजने की कार्रवाही की जा रही है। मौके पर मध्यप्रदेश के एडीजी के साथ समस्त मध्यप्रदेश पुलिस बल मौजूद हैl

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाको में सड़के हादसे रुकने का नाम नही ले रहे है । सोमवार को भी अलग अलग सड़क हादसों में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी थी। उत्तरकाशी के नालूपानी में गंगोत्री से आ रही बस, धरासू से 11 किलोमीटर आगे अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिसमें अब तक कुल 24 लोगो की इस दर्दनाक हादसे में मौत हो गयी, 06 लोग गम्भीर से गायल हुये जिन्हें पुलिस ने हायर सेन्टर पहुचाया गया। पुलिस द्वारा अभी भी मिसिंग 01 व्यक्ति के राहत व बचाव का कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने घटना पर शोक व्यक्त किया और राहत बचाव के कामों में तेज़ी के लिये मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 1 लाख और गम्भीर घायलों के लिए 50,000 रुपए सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसकी मजिस्ट्रेटी जाँच के निर्देश दिए हैं। परिवहन आयुक्त और पुलिस को वाहनों की सख़्त जाँच के निर्देश भी दिए है। मुख्य सचिव को राहत बचाव के कार्यों को युद्दस्तर पर करने के निर्देश। बीअारअो तथा नैशनल हाइवे को चारधाम यात्रा मार्गों पर संवेदनशील स्थानों / भूस्खलन संभावित क्षेत्र पर आवश्यक सावधानियाँ रखने और क्रैश बैरीअर बनाने के निर्देश।

 

जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद में 4 बाइकों में लगाई आग

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सितारगंज के नानकमत्ता क्षेत्र के सिद्धा गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने हवाई फायरिंग करते हुए चार मोटर साइकिलों को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि एक पक्ष खेत में जुताई के लिए पहुंचा। तभी दूसरा पक्ष वहां पहुंच गया और दोनों में मारपीट होने लगी। इसी दौरान जुताई का विरोध कर रहे एक व्यक्ति ने हवाई फायरिंग कर दी। इससे मौके पर भगदड़ मच गई।

नानकमत्ता के थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि सिद्धा गांव से होकर गुजर रहे हाईवे के किनारे विवादित जमीन पर इसी गांव के दो गुट कब्जा करने की फिराक में हैं। जवाहर सिंह का गुट ट्रैक्टर से जमीन की जुताई करने पहुंच गया, जैसे ही उसने खेत में ट्रैक्टर चलाना शुरू किया तो गांव के ही निरबैर सिंह गुट को इसकी जानकारी मिल गई। पुलिस का कहना है कि निरबैर सिंह गुट भी अपने समर्थकों के साथ खेत पर पहुंचा और जमीन पर कब्जा करने वालों को विरोध किया।

पुलिस को छानबीन में पता चला कि निरबैर सिंह के गुट ने जवाहर सिंह के साथियों की सड़क किनारे खड़ी चार मोटर साइकिलों में आग लगा दी। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली वह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोटरसाइकिलों को कब्जे में ले लिया है। अभी किसी पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर नहीं दी गई।

यहां देखेंः

अब माओवादी उत्तराखंड में करायेंगे शराबबंदी

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उत्तराखंड में पूर्ण शराब बंदी की मांग करते पोस्टर माओवादियों ने सरकारी भवनों पर चस्पा कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। रविवार की रात धौलीछीना स्थित, खंड विकास अधिकारी कार्यालय व राजकीय इंटर कालेज अल्मोड़ा की दीवारों पर माओवादी नारों से रंगे लाल पोस्टर देखकर लोग सन्न रह गए।

दोनों सरकारी भवनों पर जो पोस्टर चस्पा किए गए हैं वह कथित तौर पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी की ओर से जारी हैं। जिस पर यह भी लिखा है कि वह यहीं के लोग हैं। शराब बंदी की मांग कर रहे हैं। माओवादी के नाम पर भेदभाव व उत्पीड़न करने की चेतावनी भी दी है।

सोमवार की सुबह लोगों ने पोस्टर देखा तो हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर विवेक राय ने मामले की जांच के की। उन्होंने राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य व बीडीओ को निर्देश दिए कि वह रात्रि में नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगें और गश्त बढ़ाएं।

पता कराएं कि पोस्टर कब और किन लोगों ने चस्पा किए। उस समय चौकीदार कहां थे। जिले के आस-पास क्षेत्रों में इससे पहले तीन बार माओवादी पोस्टर चस्पा किए जा चुके हैं। पिछले दिनों बागेश्वर जिलों में भी दीवारों पर भाकपा माओवादी की तरफ से पोस्टर लगाए गए थे।

वहीं, एसडीएम सदर विवेक राय का कहना है कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।