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30 मई को आएगा उत्तराखंड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट

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उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (यूबीएसई) ने उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट की तारीख तय कर दी है। बोर्ड 30 मई को रिजल्ट का ऐलान करेगा। उत्तराखंड बोर्ड ने यह फैसला बुधवार को लिया।

  • जिन छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा दी थी, वे इस लिंक पर क्लिक कर रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स उत्तराखंड बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट ubse.nic.in पर भी रिजल्ट देख सकते हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड बोर्ड के अधिकारियों ने बैठक की थी और 29 या 30 मई को रिजल्ट घोषित करने के संकेत दिए गए थे। उत्‍तराखंड बोर्ड ऑफ स्‍कूल एजुकेशन 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं आयोजित कराता है।  उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं की परिक्षाएं 18 मार्च से 10 अप्रैल तक कराई गई थीं। वहीं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 17 मार्च से 10 अप्रैल तक चली थीं।

15 दिन बाद शुरू हुए थे एग्जाम

फरवरी में हुए उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के चलते उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं 15 दिन बाद शुरू हुई थीं। इसके साथ ही मूल्यांकन का कार्य भी 30 केंद्रों पर 17 अप्रैल से 2 मई तक चला था। बता दें कि प्रत्येक वर्ष तीन लाख से अधिक स्टूडेंट्स उत्तराखंड के 10वीं और 12वीं की परीक्षा देते हैं।

अल्मोड़ा में फटा बादल,टीमें रवाना

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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में बादल फटने की घटना सामने आई है यह घटना अल्मोड़ा के चौखुटिया इलाके में हुई है। प्रथम दृष्टया जो जानकारी हासिल हुई है उसके अनुसार पहले तो भारी बारिश हुई और जिसके बाद ओलावृष्टि भी हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण बादल फटने जैसी घटना सामने आई है जिसके बाद पूरे इलाके के गदरे नाले में उफान उठ गया है।

हालांकि प्रशासन के पास इस तरह की कोई जानकारी नही है कि इस तबाही से किसी की जानमाल का नुकसान हुआ भी है या नही ।अल्मोड़ा जिले की एसपी रेणुका देवी ने फ़ोन पर बताया है कि ये इलाका रेवेन्यू क्षेत्र में आता है ।और शहर से काफी दूर है इस लिए टीम को रवाना किया है ।और कुछ घण्टो में टीम मौके पर पहुँच जाएगी

दुर्धटनाऐं रोकने के लिये दिये गये टिप्स

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23 मई को जनपद उत्तरकाशी के नालूपानी के निकट बस दुर्घटना को गम्भीरता से लेते हुये श्री राम सिंह मीना, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाये जाने के लिये पूरे जनपद प्रभारियों को निम्न बिन्दुओं पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैः-

  • ओवर स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के दृष्टिगत विशेष अभियान चलाकर स्पीड रडारगन/लेजर स्पीडगन से वाहनों की सघन चैकिंग की जाये।
  • ओवर लोडिंग वाहन चलाने के कारण भी राज्य में काफी संख्या में दुर्घटनाएं घटित हुई है अतः ओवर लोडिंग वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की नियमित चैकिंग करते हुये कार्यवाही की जाये।
  • नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों की एल्कोमीटर/ब्रीथ एनालाईजर आदि से चैकिंग करते हुये वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर यान अधिनियम के अन्र्तगत कार्यवाही के साथ अन्य बैधानिक कार्यवाही भी अमल में लायी जाये।
  • दुर्घटना सम्भावित स्थलों का चिन्हीकरण करते हुये तथा चिन्हित ब्लैक स्पाॅट पर पीडब्लूडी, एनएच (स्टेक होल्डर) आदि विभागों से समन्वय स्थापित कर गति सीमा /चेतावनी बोर्ड लगाये जाये।
  • चारधाम यात्रा में चलने वाले अनुबंधित बस/ट्रैकर चालकों का निर्धारित समय से पूर्व यात्रा समाप्त करने का उद्देश्य रहता है, जिस कारण वह वाहन तेजी, लापरवाही एवं नींद में चलने के कारण दुर्घटनायों की संभावना बनी रहती है। इस प्रकार के अनुबंधित बस/ट्रैकर वाहन चालकों के निर्धारित की गई टाइम शेड्यूल को चैक किया जाये तथा निर्धारित समय से पूर्व यात्रा समाप्त करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाये।
  • वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरुक करने हेतु जागरुकता अभियान चलाया जाये
  • जिन स्थानों पर अधिक सड़क दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं तथा वहाँ पर क्रैश बैरियर, पैरापिट नहीं है तो सम्बन्धित स्टेक होल्डर जैसे पीडब्लूडी, एनएच आदि को सूचना दी जाये जिससे इन स्थलों पर पैरापिट आदि लगाये जा सके।
  • चारधाम यात्रा मार्ग से जुडे़ जनपदों में रात्रि 21.00 बजे के बाद यात्रा एवं सवारी वाहनों को किसी भी दशा में चलने की अनुमति न दी जाये। 

चारधाम यात्रियों को अगले 48 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश

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चारधाम यात्रा के दौरान हादसों के बीच मौसम विभाग ने सरकार को अलर्ट किया है कि वे यात्रा पर जा रहे सभी यात्रियों को वो ये एडवाइजरी जारी करें कि बारिश के होने पर वो सुरक्षित स्थानों पर रहें।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया है। विभाग ने कहा है कि चारधाम यात्रा के पड़ाव में चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग सहित नैनीताल जैसे इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इस लिहाज से सभी जिला अधिकारी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट पर रखा जाये।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद मौसम विभाग के इस अपडेट को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को ये आदेश दे दिए है कि सभी अपने-अपने स्थानों पर अलर्ट पर रहें।

26 मई को होगा सेंट जार्ज कालेज की नए बिल्डिंग का उद्घाटन

देश के मशहूर स्कूल सेंट जार्ज कालेज, मसूरी के नए स्कूल बिल्डिंग का उद्घाटन समारोह 26 मई को होना निश्चित हुआ है। इस मौके पर स्कूल के पुराने छात्र बिशप पैट्रिक नायर के हाथों से शाम 6 बजे ब्लेसिंग सेरेमनी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन मंत्री उत्तराखंंड सरकार सतपाल महाराज होंगे, जो कि खुद इस स्कूल के पूर्व छात्र हैं।

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इस दिन को यादगार बनाने के लिए सेंट जार्ज कालेज के सभी छात्रों द्वारा एक संगीतमय नाटक ‘पीटर पैन’ की प्रस्तुति की जाएगी जो शाम 7 बजे से रात 9ः30 बजे तक चलेगी। इस प्रस्तुति में सेंट जार्ज कालेज के 650 छात्रों के साथ, वेवरली कांवेंट की 90 छात्राएं और निर्मला स्कूल की 65 छात्राएं भी भाग लेंगी।  संगीतमय नाटक के सफलता पूर्वक मंचन के लिए विद्धालय की छात्रों के द्वारा कई दिन पहले से तैयारी चल रही है।

इस नाटक का निर्देशन प्रख्यात नाटक निर्देशक जार्ज पुलिंकला ने किया है ।इसके नृत्य निर्देशक सुशांत व सौम्या है।कालेज के प्रधानाचार्य ब्रदर टाॅमी वर्गीस, सुपिरियर ब्रदर कैरल के साथ साथ पूरा स्कूल परिवार 26 मई को एक यादगार शाम बनाने के लिए तैयार है।

हादसों के बावजूद भी बस मालिक कर रहे नियमों को अनदेखा

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा अपने चरम पर है, लगातार यात्रियों की संख्या लाखों में पहुँचती जा रही है। ऐसे में ट्रेवलर्स बसों की फिटनेस की अनदेखी कर उन्हें चार धाम यात्रा पर भेज रहे है जो कि यात्रा में किसी अनहोनी को न्योता देने के बराबर है, जबकि प्रशाशन ने सिर्फ फिट बसों को ही यात्रा पर भेजने के निर्देश दिए है। उत्तराखंड के चार धाम बद्री-केदार-गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा को शुरु हुए 1 महीना होने वाला है, और यात्रियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहाड़ो पर यात्रा को सुचारू रूप से चलाया जा सके इसके लिए प्रशासन द्वारा पहले ही ये निर्देश जारी कर दिए गए थे की यात्रा रूटों पर जाने वाले सभी वाहनों की फिटनेश की जांच  होना अनिवार्य है साथ ही सभी बस स्वामी और बस संचालक सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से ध्यान रखे। लेकिन जिस तरह से यात्रा में यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है और बसों की कमी सामने आयी है इसका लाभ उठाने के लिए वाहन स्वामी और ट्रेवल एजेंट नियमों को ताक पर रख रहे है । यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ ही बस मालिकों द्वारा नियमों को दर किनारे कर खराब बसों को यात्रा पर भेजा जा रहा है जो कि यात्रा की दृष्टि से सही नही है। श्राद्धालुयओं के मन मे भी बसों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है, उनका मानना है कि सही और फिट बसों को ही यात्रा पर भेजा जाए ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी न हो।

चार धाम यात्रा में सबसे बड़ी चुनोती सड़क मार्ग पर दुर्घटना रोकना होता है जिस में हर साल बड़ी संख्या में कई लोग जान गवां बैठते है। पिछले अनुभव को देखते हुए संभागीय परिवन विभाग ने ग्रीन कार्ड के कड़े मानक बना दिए है जिसके बाद ही गाड़िया चार धाम यात्रा में जा पाऐंगी बावजूद इसके सिर्फ कुछ रुपए के लालच में परिवहन स्वामी तय संख्या से ज्यादा यात्रियों ओर अनफिट बसों को यात्रा पर भेज देते है। वहीं संयुक्त रोटेशन अधिकारी सुधीर राय का कहना है कि यात्रा के लिए सिर्फ फिट गाड़ियों को ही लिया जा रहा है और अनफिट गाड़ियों की सर्विस करने के बाद ही यात्रा पर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर कोई वाहन स्वामी बिना सर्विस के वाहन को यात्रा पर लेकर जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।

 उत्तराखंड के चारों धामो में दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों को पहाड़ी रास्तो से होकर जाना पड़ता है , इसलिए प्रशासन द्वारा यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों के लिए कई कड़े नियम बनाए गए है जिससे यात्रा सुरक्षित हो सके लेकिन फिर भी कुछ ट्रेवल एजेंट चंद रुपयों के लालच के लिए नियमो से खिड़वाल कर यात्रियों की जान को जोखिम में डालते है और जिसका खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है।

 

पर्यटकों से गुलज़ार हुआ लच्छीवाला

बढती गर्मी और सूरज की तपिश ने आम लोगो जीना मुहाल कर दिया है उस पर घंटो की बिजली की कटोती ने इस आग को और बड़ा दिया है, ऐसे मे पानी की की फुहारे और पेंड पौंधो का साथ गर्मी को काफी हद तक दूर कर देता है। अगर आप भी इस चिलचिलाती धूप और गर्मी से कुछ पल सकुन से बिताना चाहते  है तो हम बताते है आपको एक कुलींग पिकनिक स्पोट , जो आजकल गर्मी मे पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है।

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प्रकति की नज़ारे, खूबसूरत पेंड पौधे और बहती नदी ये सब आप को मिलेगा देहरादून-ऋषीकेश हाई वे के बीच डोईवाला वन प्रभाग के लच्छीवाला मे, जहा गर्मी से राहत पाने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आ रहे है और यहाँ बहती नदी के पानी मे अठखेलिया कर गर्मी को मात दे रहे है और यहाँ नेचर के बीच सकुन के कुछ पल गुजार रहे है ।

उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तरी भारत के कई हिस्सों मे सूरज की तपिस ने 40 डिग्री से ऊपर का रिकार्ड तोड़ दिया, ऐसे मे दिल्ली और आसपास का पर्यटक उत्तराखंड की और रुख कर रहा है और हाई वे पर पड़ने वाला वन विभाग का ये पर्यटक स्थल उन्हें खूब भा रहा है। लच्छी वाला को पर्यटक स्थल के रूप मे विकसित कर वन विभाग ने यहाँ पर सुविधाए भी बढानी शुरू कर दी है जिस से साल दर साल पर्यटकों की संख्या मे भी भारी इजाफा हो रहा।  

एनएच-74 मामले की जांच से डरती है बीजेपी- कांग्रेस

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उत्तराखण्ड में सरकार बनते ही त्रिवेंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर जिस जीरो टॉलरेंस का हवाला देते हुए एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, उस पर खुद केंद्र सरकार की आपत्ति सामने आई है। उत्तराखण्ड सरकार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से पत्र लिखकर ये कहा गया है कि इस काम में राज्य के अधिकारियों ने वही किया जो केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने कहा। पत्र में कहा गया है कि इससे उनके काम में भी फर्क पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी की तरफ से आये पत्र में लिखा गया है कि इस तरह की जांच से अधिकारियों का मनोबल टूटेगा इसलिए सरकार इसपर दोबारा विचार करे।

गौरतलब है कि भारी बहुमत से सरकार बनाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के संकेत देते हुए तीन सौ करोड़ से ज्यादा के एनएच घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का एलान किया था। इसके तत्काल बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। महीना भर बीत जाने के बावजूद सीबीआई की ओर से कोई जवाब न आने के चलते मुख्यमंत्री ने रिमाइंडर भी भेजा था। इधर, दो दिन पहले डेवलेपमेंट मंत्री मदन कौशिक ने भी इस मुद्दे पर पत्रकार वार्ता में कहा कि जल्द ही तीसरा रिमाइंडर भेजेंगे। उन्होंने हर हाल में जांच सीबीआई से करवाने का भी दावा किया।

इस विषय पर कांग्रेस का कहना है कि गडकरी की यह चिट्ठी बीजेपी के भ्रष्ट्राचार पर जीरो टॉलरेंस पर सवाल खड़े करता है। केंद्र पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि केंद्र द्वारा जांच न करवाना सरकार के लोगों की एनएच- 74 घोटाले में उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा की सरकार केंद्र से आए इस पत्र का क्या जवाब देती है औऱ कब तक इस मामले पर सीबीआई जांच शुरू हो पाती है। ये तो तय है कि अगर सीबीआई जांच शुरू होती है तो तो सरकार और विपक्ष के कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।

उत्तराखंड सरकार भी मनाएगी ”मोदी फेस्ट”

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उत्तराखंड राज्य में बीजेपी की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने के बाद राज्य ने एक के बाद एक नए फैसले लिए हैं।इसी कड़ी में उत्तराखंड की बीजेपी कमेटी ने एक नया ऐलान किया है कि आने वाली 26 मई को वह ”मोदी फेस्ट” का आयोजन करेंगे जिसमें वह मोदी सरकार के तीन साल के दौर की सफलता को अलग-अलग इवेंट के माध्यम से दिखाऐंगे।

बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी संजय कुमार ने बताया कि इस राज्य स्तर के कार्यक्रम ”मोदी फेस्ट” का आयोजन पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय के कोआर्डिनेशन से किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री, बीजेपी सरकार वाले राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसदों ने इसमें भाग लेने के लिए अपनी कमर कस ली है।

आपकों बतादें कि आने वाले 26 मई को पीएम मोदी की सरकार को बनें 3 साल पूरे हो जाऐंगे जिसका उत्सव मनाने के लिए बीजेपी ने इस फेस्ट का आयोजन किया है।

ये 10 लोग अगर राष्ट्रगान पर उठे तो अच्छा नहीं होगा

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अगर आप सिनेमाहाॅल में पिक्चर देखने जाते हैं तो आपको यह पता होगा कि हर फिल्म शुरु होने से पहले थियेटर में राष्ट्रगान चलाया जाता है और राष्ट्रगान के सम्मान में हर किसी को अपनी जगह खड़ा होना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रगान को गाते समय कौन से लोग है जो अगर ना खड़े हो तो भी चलेगा।

राष्ट्रगान पर जिनको न खड़े होने की छूट है, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी लिस्ट को बढ़ा दिया है और अब कुल 10 केटेगरी बना दी हैं। उन लोगों की जो सिनेमा हॉल में नेशनल एंथम पर ना खड़े हों तो चलेगा।

इन 10 स्थितियों के लोगों को सिनेमा हॉल में फिल्म में बजने वाले नेशनल एंथम पर ना खड़े होने की छूट होगी:

  • दृष्टिहीन
  • सुन न सकने वाले लोग
  • ऑटिज्म
  • सेरिब्रल पाल्सी यानी दिमाग के उस हिस्से का काम न करना, जो शरीर में होने वाले हलचल को कंट्रोल करते हैं, नतीजतन लोगों को चलने फिरने से लेकर खाने, गटकने, उलटने, हर तरह के मूवमेंट में तकलीफ होती है।
  • पार्किन्संस डिजीज यानी नसों का काम करना बंद करना। जिसे चलने फिरने, सोचने समझने मे तकलीफ हो। इसके अलावा दिमागी तौर पर उलझन और डिप्रेशन भी हो सकता है।
  • मस्कुलर डिस्ट्रोफी यानी मांसपेशियों का हद से ज्यादा कमज़ोर होना, जिससे लोगों को चलने में तकलीफ होती है।
  • चल-फिर न पाने वाले
  • मल्टिपल स्क्लेरोसिस यानी ऐसी स्थिति जिसमें नसों, स्पाइनल कॉर्ड और दिमाग के सेल्स पर चढ़ा हुआ नेचुरल कवर उतर जाता है। जिससे शारीरिक और मानसिक तकलीफें हो जाती हैं।
  • जिनको कभी कुष्ठरोग रहा हो
  • सीखने या समझने में जिन्हें तकलीफ होती हो