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सचिवालय में शराब की बोतलें मिलने के बाद हरकत में आई सरकार

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सरकार एक ओर सचिवालय की कार्यप्रणाली सुधारने की दिशा में कदम उठा रही है, दूसरी ओर कुछ कर्मचारी इस कवायद को धता बताने से नहीं चूक रहे हैं। स्थिति यह है कि मय के शौकीनों ने शौचालय को शराब की खाली बोतलों का गोदाम बना दिया है। इससे सचिवालय प्रशासन की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।

सचिवालय में कुछ समय से कार्यप्रणाली सुधारने की कवायद चल रही है। अधिकारी व कर्मचारी समय से कार्यालय पहुंचे, इसके लिए छापों का दौर भी चल चुका है। व्यवस्था सुधारने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी भी शुरू हो चुकी है मगर लगता है कि अभी भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। यूं तो सचिवालय में शराब पीने की शिकायतें आम हैं। यहां पहले भी नालियों व कूड़े में शराब की बोतलें मिलती रही हैं।

यह बात अलग है कि सचिवालय में कभी शराब पीने का कोई मामला सामने नहीं आया है। शनिवार को जब कुछ मीडिया कर्मी शौचालय गए, तो वहां का नजारा देखकर भौचक्क रह गए। जिस प्रकार से सचिवालय के शौचालय में शराब की बोतलों का ढेर लगा था, उससे शराब के शौकीनों की मौजूदगी के साफ संकेत मिल रहे हैं। इससे सचिवालय प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ रही है।

उधर, सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना है कि यह गंभीर प्रकरण है। सचिवालय की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए कवायद की जा रही है। इस तरह की हरकत करने वाले कर्मचारियों को चिह्नित किया जाएगा। उच्चाधिकारियों से मिलकर व्यवस्था को सुधारा जाएगा।

यहां देखें सचिवालय के शौचालय में पकड़ी गई शराब की बोतलेंः

बेटियों ने फिर मारी बाजी

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ऊधमसिंह नगर जिले में सीबीएसई 12वीं का परीक्षाफल शत-प्रतिशत रहा। बेटियों ने परचम लहराया। जनपद के टॉपरों में पहले टॉप थ्री में बेटियां ही हैं। इसमें काशीपुर के विजन वैली स्कूल की आस्था ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले की प्रथम, रुद्रपुर के आरएन स्कूल की गरिमा ने 97.8 अंक हासिल कर द्वितीय और जेसीज पब्लिक स्कूल की यशिका ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया।

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रविवार सुबह करीब 10 बजे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं का परीक्षाफल घोषित हुआ। छात्र-छात्राओं में उत्साह का माहौल था। हर कोई मोबाइल और कैफे में अपना परीक्षा परिणाम जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिया। इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पहली जिले की टॉप थ्री की सूची में बेटियां ही हैं। काशीपुर ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन कर छाप छोड़ दी। यहां विजन वैली स्कूल से आस्था मौर्या पुत्री आदित्य कुमार मौर्य ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गौरव हासिल किया। जबकि रुद्रपुर के आरएएन स्कूल में गरिमा नरूला पुत्री विपिन नरूला ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहा। इसके साथ ही जेसीज स्कूल की यशिका गंगवार पुत्री सुरेंद्र गंगवार ने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहकर गौरव हासिल किया।

प्रो.शर्मा होंगे राष्ट्रपति से सम्मानित

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एसएसजे परिसर,अल्मोड़ा के विधि संकाय में कार्यरत प्रो.एसडी शर्मा को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा 30 मई को राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आयोजित समारोह में दिया जाएगा।

इसके तहत प्रो. शर्मा को पांच लाख रुपये के साथ ही अंगवस्त्र, शॉल तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। उन्होंने बताया यह पुरस्कार पहली बार विधि के प्राध्यापक को मिल रहा है। इसके अलावा वाणी फाउंडेशन की ओर से भी प्रो. शर्मा को 31 मई, 2017 को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। यह सम्मान प्राप्त करने के लिए प्रो. शर्मा दिल्ली रवाना हो गए हैं।

प्रो. शर्मा के हिंदी भाषा में विधि विषय पर लगभग 42 से अधिक शोध पत्र तथा आंग्ल भाषा में विधि विषय में 40 से भी अधिक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों, अकादमी, विश्वविद्यालयों, न्यायिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों आदि में 1000 से भी अधिक व्याख्यान दे चुके हैं। इन लाभकारी व्याख्यानों के माध्यम से उन्हें कई प्रशस्ति पत्र भी मिल चुके हैं।

खतरे को दावत देता 104 साल पुराना पुल

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बागेश्वर मे सरयू नदी पर 104 साल पुराना झूला पुल जर्जर हालत में है। यह पुल किसी बड़े खतरे को दावत दे रहा है। पुराने पैदल पुल को ठीक करने की कोई भी कोशिश नही कर रहा है।

सरयू नदी पर 1913 में पैदल चलने के लिए झूला पुल बनाया गया था। इस पुल से नगरवासी आवाजाही करते है। यह पुल दूध बाजार, चौरासी, सिनौला, भागीरथी, मंडलसेरा को जोड़ता है। एक शताब्दी बीतने के बाद अब यह पुल धीरे-धीरे दम तोड़ने लगा है। लोहे के इस पुल पर जगह-जगह जंक लग गया है। पुल के निचला हिस्सा कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के बीच के स्थान पर तो लोहा गलने लगा है। यह झूला पुल नगरपालिका के पास है। बजट नही होने के कारण पालिका ने पुल के निर्माण में अभी तक कोई रुचि नही दिखाई है।

शासन-प्रशासन भी किसी हादसे के इंतजार में बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। उसे आम लोगों की जान की कोई परवाह नही है। बागेश्वर जनपद आपदा की ²ष्टि से बेहद संवेदनशील है। बरसात का समय भी आ गया है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। लेकिन फिलहाल इस पुल को बनाने के लिए सरकार गंभीर नही दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग भी जर्जर पुल को जल्द ठीक करने की मांग करने लगे हैं। अब देखना यह है कि यह पुल कब तक बनता है। या सरकार किसी हादसे का इंतजार करती है।

ईश्वर सिंह रावत, ईओ नगरपालिका ने बताया कि सरयू नदी पर बना झूला पुल जर्जर हालत में है। इसके आगणन के लिए लोक निर्माण विभाग से कहा जाएगा और प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। इस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

लम्बे सियासी दांवपेंच के बाद 28 अधिवक्ता सरकारी

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लंबे विचार विमर्श व सियासी दांवपेंच के बाद भाजपा सरकार ने 28 अधिवक्ताओं को सरकारी अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है। सूची में ऐसे भी अधिवक्ता हैं, जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सरकारी अधिवक्ता नियुक्त हुए। जिनको लेकर भाजपा संगठन में नाराजगी है। माना जा रहा है कि जल्द सरकार स्टैंडिंग काउंसिल व ब्रीफ होल्डर की सूची भी जारी कर देगी। जिसको लेकर जोड़तोड़ तेज हो गई है।

भाजपा सरकार अब तक नैनीताल हाई कोर्ट में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर की ही नियुक्ति कर सकी थी। हाल ही में सरकार द्वारा कांग्रेस कार्यकाल में नियुक्त तीन दर्जन अधिवक्ताओं को हटा दिया गया था। अपर सचिव न्याय महेश चंद्र के हस्ताक्षरों से तथा संयुक्त सचिव रितेश कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी सूची में 28 अधिवक्ता शामिल हैं।

सूची में वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन चंद्र पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी जोशी, वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी उपाध्याय को अपर महाधिवक्ता, अधिवक्ता व भाजपा नेता बिन्देश कुमार गुप्ता, मोहन चंद्र तिवारी, ममता बिष्ट, हर्षमणि रतूड़ी, संदीप टंडन, सुभाष त्यागी, कौस्तुभानंद जोशी, अमित भट्ट, विनोद कुमार जैमिनी, पंकज पुरोहित, सुधीर कुमार चौधरी, शैलेंद्र सिंह चौहान, सुनील खेड़ा, भाजपा विधि प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक तेज सिंह बिष्ट, नाथी सिंह पुंडीर, विनोद कुमार नौटियाल समेत कुल 16 अधिवक्ताओं को उप महाधिवक्ता, अनिल कुमार जोशी, योगेश कुमार पांडे, चंद्रशेखर रावत को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, गजेंद्र सिंह संधू को शासकीय अधिवक्ता, प्रेम सिंह बोहरा, शेर सिंह अधिकारी, टेकचंद्र अग्रवाल, जगजीत सिंह विर्क तथा प्रतिरूप पांडे को सहायक शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया है।

आदेश में यह भी साफ किया गया है कि सरकार की ओर से की गई आबद्धता व्यावसायिक है, सिविल पद पर नियुक्ति नहीं है। सरकार को छूट है कि किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के आबद्धता समाप्त की जा सकती है जबकि अधिवक्ता लिखित सूचना देकर आबद्धता खुद भी खत्म कर सकते हैं।

बैंक मैनेजर को किया गिरफ्तार

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बाल विकास परियोजना जसपुर,  के अधिकारी (सीडीपीओ) के खाते से 20.50 लाख रुपये निकालने के मामले में पुलिस ने मुरादाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के ब्रांच व ज्वाइंट मैनेजर को गिरफ्तार किया है।

दो फरवरी 2017 को कान्हा इंटरप्राइजेज संस्था के नाम से बने चेक का मुरादाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा(बीओबी) से भुगतान किया गया था। चेक के जरिये सीडीपीओ जसपुर के खाते से 20.50 लाख रुपये की रकम निकाली गई थी। सूचना मिलने पर सीडीपीओ लक्ष्मी टम्टा ने 23 मार्च को अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस जांच में पता चला कि चेक एवं संस्था दोनों फर्जी थे। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर एनसी जुर्राल ने शनिवार को पूछताछ के बहाने मुरादाबाद सिविल लाइन स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के प्रबंधक वीके सक्सेना तथा संयुक्त प्रबंधक अंकिता रोहतगी को जसपुर कोतवाली बुलाया।

बिना जांच किए इतनी अधिक रकम का चेक पास करने, असली नकली की पहचान न करने, फर्जी संस्था का खाता खोलने और दो लाख रुपये से अधिक का चेक होने पर स्थानीय बैंक शाखा से जानकारी न करने आदि सवालों का संतोषजनक उत्तर न देने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बैंक के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी ।

जांच अधिकारी ने बताया कि दोनों बैंक अधिकारी गिरोह के अन्य सदस्यों से मिले थे। चेक तथा संस्था की जानकारी किए बिना इतनी बड़ी रकम खाते में ट्रांसफर करना इस बात के प्रमाण हैं। उधर, दोनों बैंक अधिकारियों ने कहा कि पुलिस के कहने पर वह जसपुर कोतवाली में मामले में सहयोग के लिए आए थे। रूटीन में चेक पास किया गया था। उन्हें फंसाया जा रहा है।

इस मामले में पुलिस काशीपुर की एक फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक ऋतुराज शर्मा पुत्र तथा फराज खान को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।  एसआइ एनसी जुर्राल ने बताया कि फराज खान ने ही अवनीश कुमार निवासी सिविल लाइंस मुरादाबाद के नाम से फर्जी संस्था कान्हा इंटरप्राइजेज का प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत खाता खुलवाया था। इसी संस्था को बैंक ने नौ लाख रुपये का लोन भी दिया था। 20.50 लाख रुपये का संस्था के नाम चेक जमा होने पर बैंक ने लोन के रुपये जमा कर लिए थे।

हेमकुंड साहिब में भी बजेगा ट्रिन-ट्रिन

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अब तक संचार सुविधा से महरूम श्री हेमकुंड साहिब में एक हफ्ते के भीतर लोगों को मोबाइल सेवा का लाभ मिलने लगेगा। बीएसएनएल ने घांघरिया में टावर लगाने के लिए भूमि तलाश कर वहां तैयारियां शुरू कर दी हैं। टावर के लिए सभी सामान गोविंदघाट पहुंच चुका है।

श्री हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी क्षेत्र में दूरसंचार सेवा नहीं है। हेमकुंड साहिब के 19 किमी लंबे पैदल मार्ग पर गोविंदघाट से दो किमी आगे पुलना गांव तक ही मोबाइल सेवा है। इसके बाद यहां किसी प्रकार की कनेक्टिविटी नहीं है। हर साल हेमकुंड साहिब व फूलों की घाटी लाखों श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन, संचार क्रांति के इस युग में भी वे यात्रा के दौरान दो दिन तक देश-दुनिया से कटे रहते हैं। स्थानीय लोगों व व्यापारियों की स्थिति यह है कि उनकी महीनों तक अपनों के साथ बातचीत नहीं हो पाती।

संचार सुविधा न होने के कारण 2013 की आपदा के दौरान यात्रियों के जगह-जगह फंसने से सरकार की खासी किरकिरी हुई थी। इसी को देखते हुए तब यहां संचार सेवाएं हर हाल में उपलब्ध कराए जाने की रणनीति बनी थी। लेकिन, यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। अब भारत संचार निगम घांघरिया में मोबाइल सेवा शुरू करने जा रहा है। इसके लिए भूमि का चयन भी हो चुका है। गुरुद्वारा घांघरिया में हेमकुंड यात्रा ट्रस्ट ने मोबाइल टावर लगाने को भूमि उपलब्ध कराई है। इस टावर से पुलना गांव व हेमकुंड तक छह किमी क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी मिलने लगेगी।

दूरसंचार महाप्रबंधक (श्रीनगर) मुसद्दी लाल ने बताया कि मोबाइल टावर का सामान गोविंदघाट पहुंच चुका है और उम्मीद है कि एक हफ्ते के भीतर मोबाइल सेवा शुरू हो जाएगी। उधर, गुरुद्वारा गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह का कहना है कि बीएसएनएल की सेवा हेमकुंड रूट पर 14 किमी क्षेत्र में मिलेगी। इससे यात्रियों सहित आम लोगों का भी फायदा होगा। उन्होंने यात्रियों से साथ में बीएसएनएल का सिम लाने की अपील की है।

रिलायंस ने भी लगाए थे टावः वर्ष 2006-07 में रिलायंस ने भी घांघरिया में मोबाइल टावर लगाया था। इस पर जनरेटर व बैटरियां भी लगा दी गई थीं, लेकिन टावर आज तक शुरू नहीं हो पाया। नतीजा, निजी भवन पर लगा यह टावर शो-पीस बना हुआ है।

 

राज्य में 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी

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उत्तराखंड में रविवार से मौसम तीखे तेवर अपना सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में राज्य में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तरकाशी, चमोली, रुदप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर 28 से 30 मई तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

इसे देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस बीच शनिवार शाम पिथौरागढ़ तहसील के गौरीहाट क्षेत्र में बादल फटने से कई घरों में पानी घुस गया, जबकि खेत मलबे से अट गए और पेयजल लाइन व संपर्क मार्ग बह गए। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है।

वहीं, बदरीनाथ राजमार्ग पर लामबगड़ के पास शुक्रवार देर शाम पत्थर गिरने पर प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर यात्रियों को गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रोक लिया था। शनिवार सुबह मार्ग खुलने पर उन्हें आगे जाने की इजाजत दी गई।

राज्य में इन दिनों गाहे-बगाहे हो रही बारिश, ओलावृष्टि व अंधड़ का सिलसिला जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक रविवार से यह और तेज होगा। ऐसे में चारधाम यात्रा मार्गों पर संवेदनशील स्थलों पर भूस्खलन व सड़क बाधित होने के अंदेशे से इनकार नहीं किया जा सकता। लिहाजा, यात्रियों के साथ ही प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उधर, राज्य आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण केंद्र के अधिशासी निदेशक डॉ.पीयूष रौतेला ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर संबंधित जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

इस बीच, शनिवार को भी पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। पिथौरागढ़ तहसील के गौरीहाट क्षेत्र में शाम के वक्त बादल फटने से झूलाघाट मार्ग तीन जगह बाधित हो गया। जिले के मुनाकोट व कनालीछीना क्षेत्रों में एक घंटे तक ओलावृष्टि से फसलों को खासी क्षति पहुंची है।

चमोली जिले में भी कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश हुई, जबकि जिले की ऊंची चोटियों पर दोपहर बाद हल्की बर्फ भी पड़ी। टिहरी जिले में शुक्रवार शाम हुई बारिश और अंधड़ के चलते गुल हुई डेढ़ सौ गांवों की बिजली अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। इनमें जौनपुर ब्लाक के 100 गांव भी शामिल हैं। धनोल्टी क्षेत्र में भी पेड़ गिरने से विद्युत लाइनें अस्तव्यस्त हो गईं थीं।

 

केदारधाम के यात्रियों को ठंड से राहत देगा ये ”इलेक्ट्रानिक ब्लैंकेट”

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केदारनाथ में यात्रियों की भीड़ बढ़ने से दर्शनों को उनका इंतजार भी बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद उन्हें अपनी बारी के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। यहां तक कि बारिश होने पर भी वह इस डर से लाइन नहीं छोड़ते कि कहीं नंबर न कट जाए। ऐसे में कई यात्रियों की तबीयत भी बिगड़ रही है। इसे देखते हुए प्रशासन अब लाइन में खड़े यात्रियों को छाता उपलब्ध कराएगा। साथ ही उन यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक कंबल भी मंगवाए जा रहे हैं, जिनकी ठंड लगने से तबीयत नासाज हो गई हो।

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि धाम में दर्शनों के लिए यात्रियों को लाइन में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने की आशंका है। इसी को देखते हुए प्रशासन तीन हजार छाते मंगवा रहा है, जो लाइन में खड़े यात्रियों को बांटे जाएंगे। दर्शनों के बाद इन्हें वापस ले लिया जाएगा।

इसके साथ ही केदारनाथ में ठंड लगने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने के मामलों को देखते हुए इलेक्ट्रिक कंबल भी मंगाए जा रहे हैं। जिन यात्रियों की ठंड लगने से तबीयत बिगड़ेगी, उन्हें ये कंबल उपलब्ध कराए जायेंगे। डीएम ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के सामने पूरे मार्ग पर सरस्वती नदी तक टिन शेड बनाने का प्रस्ताव है।

हालांकि, इसके निर्माण में अभी समय लगेगा। बताया कि यात्रा पर लगे सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट रोजाना शाम को रिपोर्ट दे रहे हैं। यात्रियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है और उनके निदान का प्रयास भी हो रहा है। बताया कि हेलीपैड पर मौजूद नोडल अधिकारी पूरी तरह हेली कंपनियों पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन की पूरी कोशिश है कि यात्रियों की सुविधाओं का हरसंभव ध्यान रखा जाए।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिये सरकार ने तय की समय सीमाऐं

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सूबे की बीजेपी सरकार ने ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन को घरातल पर लाने के लिये कमर कस ली है। इसके लिये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को सचिवालय में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के कामों से जुड़े मसलों पर मीटिंग ली। बैठक में तय हुआ कि:

  • ऋषिकेश में प्रस्तावित रेल पुल के लिए यूपीसीएल, पिटकुल और जल संस्थान को तय समय सीमा के अंदर विद्युत और पेयजल लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए। 
  • रेल पुल के फाउंडेशन कार्य के लिए जगह वन विभाग 3 दिन में खाली कर देगा और बाकी जमीन 30 दिन में खाली कर देगा। अभी वहाँ वन विभाग का फॉरेस्ट रेंज ऑफिस है। 
  • पशासनिक खर्चं के लिये कुल 5 करोड़ रुपए चमोली, पौड़ी, टिहरी और रूद्रप्रयाग जिलों में उनकी भागीदारी के लिये बाँटा जाएगा। 
  • चारों जिलों में भू-अधिग्रहण के लिए जरूरी पुनर्वास और विस्थापन नीति(Rehabilitation and Resettlement Policy) को जल्द बनाने के निर्देश दिए गए। चमोली 01 जून, पौड़ी 10 जून, रुद्रप्रयाग और टिहरी 05 जून तक ड्राफ्ट नीति तैयार कर लेंगे।
  • आंकड़ो के अनुसार चारों जनपदो में 47 गांवों में, 411 भवन रेल लाइन की जद में आएँगे। 
  • चमोली जिले में अक्टूबर तक और अन्य तीन जिलों में दिसम्बर तक मुआवजा घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। 

बैठक में ऋषिकेश-कर्ण प्रयाग प्रोजेक्ट को नैशनल प्रोजेक्ट घोषित करने के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस हेतु अनुरोध करेंगे।