उत्तराखंड पुलिस ने राज्य में सेल्फी के क्रेज़ और उनसे होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिये क़दम उठाने शुरू कर दिये हैं। इसी सिलसिले में पुलिस ने राज्य में कई जगहों पर सेल्फी लेने की मनाही का प्रचार शुरू किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए रुस महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि “पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों से सेल्फी लेने के दौरान लोगों के हादसों का शिकार होने की घटनाओं सामने आई हैं। इसके चलते पुलिस ने कुछ जगहों पर सेल्फी ने लेने की एडवाइज्री जारी की है।”
महानिदेशक ने ये भी कहा कि सेल्फी लेने के चलने को कम करने के लिये इन जगहों पर साइन बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जायेगा। हांलाकि गणपति ने ये साफ़ कर दिया कि ये काम पुलिस का नहीं है और अंत में ख़ुद लोगों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहना पड़ेगा। पर क्योंकि पुलिस इस काम में मदद कर सकती है इसलिये विभाग की तरफ़ से ये क़दम उठाया जा रहा है।
जिन स्थानों पर सेल्फी लेने को रोका जायेगा उनमें हरिद्वार,देहरादून,ऋषिकेश,उत्तरकाशी,रुद्रप्रयाग के अलावा रिवर जोन,किसी भी नदी के किनारे, और कोई भी ऐसी जगह जहां सेल्फी लेने में खतरा हो वहां पर सेल्फी लेना मना हो गया है।आपकों बतादें कि कि पिछले कुछ दिनों में सेल्फी लेने के क्रेज में बहुत से लड़कें और लड़कियां अपनी जान से हाथ धो चुके हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सेल्फी लेते स गंगा में गिरने से लेकर पहाड़ से फिसलने के चलते कई लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी। इसके बाद पुलिस का ये क़दम ज़रूरी तो है ही पर लोगों को भी ख़ुद अपनी मस्ती और सुरक्षा के बीच क अंतर को लेकर जागरूक होने की ज़रूरत है।

















































वहीं एन एच 74 मुआवजा घोटाला मामले की रिपोर्ट तैयार करने वाले कड़क मिज़ाज आफिसर माने जाने वाले सैंथिल पाण्डियन से प्रभारी सचिव चिकित्सा शिक्षा और कुमांऊ आयुक्त का पदभार वापस ले लिया है। सैथिल पांडियन को नया पदभार सचिव (प्रभारी) परिवहन आयुक्त परिवहन दिया गया है। अब कुमांऊ आयुक्त का जिम्मा चंद्रशेखर भट्ट को सौंप दिया गया है। हालांकि भट्ट से विद्यालयी शिक्षा , प्रोढ़ शिक्षा, पंचायती राज और सूचना महानिदेशक का पदभार वापस लिया गया है।20 आईएएस व पीसीएस अफसरों के दायित्वों में बडा फेंरबदल किया गया है, सूची देखिए की टीएसआर सरकार में किस अधिकारी को किस काबिल समझा गया।














