Page 744

मिस इंडिया प्रतियोगी अनुकृति ने इन उत्तराखंडी व्यंजनों से जीता जजों का दिल

0

अनुकृति गुसाईं शुरु से ही मिस इंडिया प्रतियोगिता में उत्तराखंड के जलवे बिखेर रही हैं।पहले उन्होंने पहाड़ी पोशाक से जजों का दिल जीता फिर पहाड़ी व्यंजन से। मिस इंडिया उत्तराखंड अनुकृति गुसाईं ने गढ़वाल की मशहूर डिश चौंसा और कुमाऊं की डिश झोली बनाकर मिस इंडिया 2017 के कुकिंग सब कांटेस्ट में जजों का दिल जीत लिया। जजों ने अनुकृति की बनाई इस डिश की काफी वाह-वाही की।

मुंबई में चल रही मिस इंडिया प्रतियोगिता में बुधवार को कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें हर स्टेट के प्रतिभागी को अपने राज्य की डिश बनानी थी।

अनुकृति ने बताया कि जब मुझे इस कांटेस्ट के बारे में पता चला तो मैंने गढ़वाल में मशहूर चौंसा और कुमाऊं की झोली बनाने का निर्णय लिया। इसके साथ ही झंगोरे की खीर में जजों को परोसने का फैसला किया। पर, मेरे सामने सबसे बड़ी समस्या थी कि मुंबई में झंगोरा कहां से लाऊं, लेकिन यहां रहने वाले गढ़वाली लोगों ने मेरी मदद की।

उन्होंने बताया कि जब मैंने यह डिश बनाकर परोसी तो कुकिंग सब कांटेस्ट के जज रोहित खंडेलवाल और मिस इंडिया 2016 प्रियदर्शिनी चटर्जी ने इसकी काफी तारीफ की। दोनों ने मुझसे इसकी रेसिपी भी पूछी। अनुकृति की मां कुमाऊं से और पिता गढ़वाल से ताल्लुक रखते हैं। मिस इंडिया प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले 25 जून को मुंबई में होगा।

 

उत्तराखंड आपदा के चार साल: पटरी पर लौटती चारधाम यात्रा

उत्तराखंड में आई 2013 की आपदा को चार साल बीत चुके है लेकिन आज भी आपदा के वो जख्म हरे हैं। 2013 के बाद जहाँ एक तरफ उत्तराखंड में यात्रा पर एक ब्रेक सा लग गया था तो वहीँ पर्यटन पर भी इसका बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा। बड़ी संख्या में गाँव के गाँव खाली हैं। हालात जस के तस बने हुए हैं। उत्तराखंड में आई आपदा से सबसे बड़ा असर अगर पड़ा है तो वो यहाँ के इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ साथ यहाँ के मुख्य व्यवसाय पर्यटन और परिवहन पर पड़ा। लेकिन जिस तरह से पिछले दो सालों में यात्री पहुंचे उससे एक बार फिर प्रदेश में पर्यटन वापस पटरी पर आना शुरू हो गया है। 2017 में तो रिकॉर्ड तोड़ यात्री चार धाम यात्रा में दर्शन करने पहुंचे रहे हैं।  चार धाम यात्रा पर अब यात्रियों का विश्वास साफ़ देखा जा सकता है लेकिन फिर भी आज का दिन उस त्रासदी को याद दिला देता है। आपदा के दंश झेल रहे उत्तराखंड में आपदा के चार साल बाद भी जिंदगी को पटरी पर लाने की जद्दोजहद जारी है। आज भी आपदा के जख्म हरे हैं और कई ऐसे गांव जो आपदा के कारण अपनी पहचान खो गए थे आज भी वहां जीवन को दोबारा नहीं बसाया जा सका है। हांलाकि 2017 की चार धाम यात्रा उम्मीद लेकर आई है जिससे मायूसी के 4 साल बीतने का संकेत मिलने लगे हैं। व्यापार ने तेज़ी पकड़ी है और यात्रा में लोगो का विश्वास बना है।

चार धाम यात्रा के लिए ऋषिकेश पहुँच रहे यात्री व्यवस्थाओं को लेकर खुश हैं। उनका मानना है की 2013 के बाद व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है जिससे लोग विश्वास के साथ चार धाम यात्रा में आ रहे है। चार धाम यात्रा उत्तराखंड में पर्यटन का मुख्य साधन है, हालाँकि आपदा के बाद प्रदेश में पर्यटन ठप पड़ गया था लेकिन 2017 की यात्रा पर्यटन की दृष्टि से काफी अच्छी रही। इस बार चार धाम यात्रा में यात्रियों की संख्या ने पहले के कई रिकॉर्ड तोड़े। यदि यात्रा के अब तक के आंकड़ों की बात की जाए तो अभी तक यह आंकड़ा 15 लाख के पार पहुँच चुका है। यात्रा में बढ़ी यात्रियों की संख्या से पर्यटन को एक नई गति मिली है जिसने आपदा के जख्मों पर मरहम का काम किया है।  

उत्तराखंड की त्रासदी जनहानि के साथ साथ यहाँ के इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी पूरी तरह से तबाह कर गयी थी। सबसे बड़ी मार यहाँ के पर्यटन और ट्रेडिंग उद्योग पर पड़ी है जो पूरी तरह से यात्रा पर निर्भर करता था। आपदा के 4 साल बाद हालात काफी सुधरे और इसका प्रमुख कारण है की इस साल चार धाम यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ यात्री आये हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिये उम्मीद यही की जायेगी कि ये ट्रेंड आने वाले सालों में ऐसा ही रहे।

रामनगर में सिंचाई विभाग की लापरवाही से हजारों मछलियां मरी

0

कोसी बैराज का गेट खोलने से हजारों मछलियां बह गई। इस दौरान नदी के कम पानी में मछलियों ने तड़पकर दम तोड़ दिया। वन विभाग की नाराजगी के बाद सिचाईं विभाग ने गेट को फिर से बंद करा दिया। सिचाईं विभाग ने गेट नंबर एक में मरम्मत का कार्य कराना था। कर्मचारियों ने गेट खोला तो पानी में मौजूद हजारों मछलियां बह गई।

आगे नदी में पानी फैलने से मछलियां मरने लगी। गेट खोलने की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट बंद करा दिया। साथ ही क्षेत्र के लोग भी नदी में पहुंच गए। लोग मछलियां नदी से उठाकर ले गए। इस घटना से नाराज वन विभाग सिचाईं विभाग के अधिकारियों के खिलाफ केस काटने की तैयारी कर रहा है।

बद्री-केदार मंदिर समिति को भंग करने पर हाई कोर्ट का दोबारा स्टे

0
बद्रीनाथ केदार नाथ समिति के मामले में उत्तराखंड सरकार को एक बार फिर हाई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने एक बार फिर सरकार के समिति कोे भंग करने के फैसेल पर स्टे लगा दिया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अप्रैल के महीने में बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को भंग कर दिया था। इसके बाद समिति के कुछ सदस्य कोर्ट पहुंचे और कोर्ट ने 30 मई को राज्य सरकार को समिति को बहाल करने के आदेश दिये थे। हांलाकि 8 जून को सरकार ने स्पेशल क्लाॅज का हवाला देते हुए समिति को दोबारा भंग कर दिया था। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस पर स्टे लगा दिया।
राज्य सरकार ने समिति एक्ट के क्लाॅज 2 ए, सेक्शन 11 का हवाला देते हुए इसे दोबारा भंग किया था। भंग करने करने के प्रमुख कारणों में से एक था सात मनोनीत सदस्यों का चयन जो कि सरकार के अनुसार समिति के संविधान के सेक्शन 5 के तहत नहीं हुआ। हांलाकि याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ये कारण वैध नहीं है और समिति के किसी भी काम काज पर आज तक कोई विवाद नहीं खड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के समय गठित हुई समिति में ज्यादातर सदस्य और पदाधिकारी कांग्रेस से ताल्लुक रखते हैं जिसमें सबसे पहले समिति के चेयरमैन उस समय के कांग्रेसी विधायक गणेश गोदियाल हैं।

ऋषिकेश डबल मर्डर पुलिस ने सुलझाया

ऋषिकेश में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब श्यामपुर पुलिस चौकी के पास रहने वाली एक महिला की दो मासूम बेटियों की अज्ञात लोगों ने गला घोट कर निर्मम हत्या कर दी। इससे क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। महिला श्रमिक सीता देवी आज सुबह आठ बजे काम पर गई थी। घर वापस आकर देखा तो कमरे में दोनों बच्चियां मृत मिली। दोनों मासूमों में एक 13 साल की थी और एक 4 साल की। सूचना पाकर एसपी देहात सरिता डोभाल कोतवाली प्रभारी एसपी निहारिका भट्ट घटनास्थल पर पहुंचे। देहरादून से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई। पुलिस ने बताया कि महिला का पति सूरज किसी मामले में फिलहाल सुद्धोवाला जेल में है।

फौरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल की जांच करने के बाद ऐसा लग रहा था कि मृतका ने अपने बचाव के लिये काफी संघर्ष किया था। फौरंसिक टीम ने मौके पर मिले सफेद बालों और दीवार, गद्दे आदि पर लगे खून एवं खून लगे कपड़ों को जांच  के लिये कब्जे में लिया । बच्चियों की मां ने बताया कि दोनो बेटियां शौच व नहाने धोने के लिये गुरूद्वारे में जाती थी इस कारण गुरूद्वारे में काम करने वाला सेवक सरदार परवान सिंह बच्चियों को तंग व परेशान करता था।

IMG-20170615-WA0005सन्देह के आधार पर सरदार परवान सिंह से पूछताछ की गयी तो सरदार परवान सिंह की हथेली पर दांत के कटे का निशान व मांस उखड़ा, और बांयी आंख के नीचे नाखुनों की खुरच के निशान मिले।सख्ती से पूछताछ करने पर सरदार परवान सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने कहा कि सुबह मैने नहाते समय अपनी पगड़ी उतारकर किनारे रखी तो बड़ी लड़की मनीषा ने मेरी पगड़ी में लात मारी, जिससे मुझे गुस्सा आ गया। थोड़ी देर बाद वो बच्चो के घर गया। उसने बड़ी लड़की मनीषा की हाथ से गला दबाकर हत्या कर दी तथा छोटी बच्ची के शोर करने पर मैने उसे भी वहां पास में पड़ी बैल्ट से गला दबाकर मार दिया और मैं वहां से चला गया।
परवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश किया जायेगा। निहारिका भट्ट की अगुवाी में बनी पुलिस टीम ने कुछ घंटों में ही इस केस को सुलझा कर काबिले तारीफ काम किया है।

एम्स प्रवेश परीक्षा में ऋतिक बने उत्तराखंड टाॅपर

0

एम्स में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा का परिणाम बुधवार देर रात जारी कर दिया गया। उत्तराखंड से ऋतिक चौहान ने परीक्षा में 55 वीं रैंक हालिस कर स्टेट टाप किया है।

जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपमर) की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी ऋतिक चौहान ने ऑल इंडिया 41वीं रैंक हासिल की है। ऋतिक ने गत वर्ष सेंट थॉमस स्कूल से 12वीं पास की है।

अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि ऋतिक ने इसके बाद से उनके संस्थान में कोचिंग शुरू की। पहली बार उत्तराखंड का कोई छात्र जिपमर में चयनित हुआ है। यह अविरल क्लासेस के साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि ऋतिक मेधावी छात्र है। उन्होंने संभावना जताई है कि आने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में भी ऋतिक अच्छा प्रदर्शन करेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस दाखिलों के लिए 28 मई को हुई प्रवेश परीक्षा में देहरादून से 1700 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

कंप्यूटर आधारित इस परीक्षा को कठिनतम मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में गिना जाता है। रिजल्ट आने के बाद तीन से छह जुलाई के बीच दाखिलों को पहले चरण की काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। एम्स की 700 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा।

 

रुड़की देवबंद रेल मार्ग को मिली हरी झंडी

0

लम्बे समय से ठंडे बस्ते में पड़े रुड़की-देवबन्द विशेष रेल मार्ग परियोजना प्रस्ताव को आखिरकार हरी झंडी मिल ही गई। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में 27 किमी लंबी विशेष रेल मार्ग को मंजूरी दे दी गयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस परियोजना पर फैसला लेने की मांग की थी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून-दिल्ली रेल का सफर 2 घण्टे कम हो जाएगा। यही नहीं इस मार्ग के पूरा होने के बाद चार धाम रेल यात्रा भी आसान हो जाएगी। साथ ही चीन सीमा तक सामरिक दृष्टिकोण से पहुंच भी सुगम होगी।इस हाई लेवल बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव एस.रामास्वामी सहित रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, वित्त सचिव और यूपी के मुख्य सचिव भी मौजूद थे।

 

मैड ने जल पुरुष को दिखाया निर्जल रिस्पना का हाल!

0

देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मेकिंग ए डिफ्फेरेंस बाय बीइंग दी डिफ्फेरेंस (मैड) संस्था ने बृहस्पतिवार को जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र सिंह को रिस्पना पुल पर आयोजित संस्था की नुक्कड़ पे चर्चा में आमंत्रित किया। इस चर्चा के माध्यम से मैड ने राजेंद्र सिंह से उनके द्वारा नदियों के पुनर्जीवन पर किये काम की जानकारी एवं उनके प्रेरणा स्त्रोत को पहचान ने की कोशिश की। गौरतलब है की राजेंद्र सिंह पूरे देश में कई जगहों पर विलुप्त होती जलधाराओं में फिर जान फूंकने में कामियाब रहे हैं और इसीलिए उन्हें जल पुरुष के नाम से भी जाना जाता है।

मैड संगठन के छात्र छात्राओं ने राजेंद्र सिंह को रिस्पना, बिंदाल और सुस्वा की जर्जर हालत का विस्तृत ब्यौरा दिया। मैड ने बताया की राष्ट्रीय जलविज्ञान संसथान रुड़की द्वारा बारहमासी पहले ही चिन्हित की जा चुकी रिस्पना नदी पर आज भी बेइंतिहां अतिक्रमण जारी है और जलधारा सिकुड़ती जा रही है। मैड ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी किया अधिनियम भी सिंह से साँझा किया जिसमे स्पष्ट तौर पर रिस्पना और बिंदल को गंगा रिवर बेसिन का अहम् भाग माना गया है।

इसके जवाब में राजेंद्र सिंह ने संस्था के सदस्यों को बताया कि एक सक्रीय सरकारी तंत्र का बिना किसी दबाव के यह अपने आप ही फ़र्ज़ बनता है की वह पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी उचित कदम उठाये। उन्होंने यह भी बताया की यह तो स्वाभाविक है कि रिस्पना, सुस्वा एवं बिंदाल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में जनम लेती और बहती हर जलधारा कहीं न कहीं गंगा रिवर बेसिन का ही एक भाग है।

सिंह ने मैड संस्था द्वारा समय समय पर चलाये जा रहे व्यापक अभियानों का संज्ञान लिया और उन्हें यह सुझाव दिया की वह यूँही ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ती रहे और सरकारी तंत्र को भी समय समय पर जनभावना से अवगत कराने का काम करती रहे।

मैड द्वारा आयोजित इस नुक्कड़ पे चर्चा में कई दर्जनों सदस्य एवं आम दून वासी शामिल हुए। इनमें करन कपूर, सम्मानिका रावत, चेतना, मयंक, अंशिका, अभिषेक जौनसारी, श्रेया, हिमानी, शिवांगी, विवेक, आश्रित, विजय और वैशाली ने सक्रीय भूमिका निभाई।

देहरादून में योग के प्रचार के लिए शुरु हुआ ”वाॅक फाॅर योगा”

0

गुरुवार से वाक फॉर योगा कार्यक्रम से देहरादून में शुरु हो गया है। इसके अंतर्गत आज आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट द्वारा सुबह 7 बजे रेंजर्स ग्राउंड से रैली की शुरुआत हुई।  विधायक श्री गणेश जोशी और आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने झंडी दिखा कर  रैली का शुभारम्भ किया।

 यह रैली रेंजर्स ग्राउंड से शुरू होकर घंटाघर , गांधीपार्क होते हुए खेल मैदान , परेड ग्राउंड होते हुए रेंजर्स ग्राउंड में जाकर समाप्त हुई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और योग सफ्ताह को सफल बनाने के लिए डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने लोगों का आह्वान किया कि योग का प्रचार हर घर में हो और लोग तनाव से मुक्त रहें इसलिए विभाग द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस रैली में शामिल लोगों के अपार जनसमूह ने योग से सम्बन्धित पोस्टर और बैनर लिए हुए थे.।उन्होंने वहाँ उपस्थित सैकड़ों लोगों के जनसमूह को योग करने के लिए प्रेरित किया।

 रैली के बाद रेंजर्स ग्राउंड में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने इस अवसर पर लोगों को योग की विधि भी बतायी और वहां उपस्थित लोगों के सामने योगासनों के प्रदर्शन किया।

 इस कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग से प्रतिभाग के लिए जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.के.के.सिंह, डॉ.मदनपाल सिंह, डॉ.हर्ष सिंह धामी, डॉ. स्वास्तिक जैन, डॉ. सुशील डिमरी, डॉ. नवीन जोशी, डॉ. कोठियाल, डॉ. विजय सिंह चौहान, डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी, डॉ. सुनील डिमरी, डॉ कुसुम खाती उपस्थित थे. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के हरीश जोहर, सीमा जोहर, मुन्नी वैष्ण , संजीव चंदना, आनंद सिंह रावत, रतन सिंह, विजेंद्र सिंह, सोहन लाल द्विवेदी आदि ने भाग लिया।

तीर्थनगरी ऋषिकेश में दो मासूमों की गला दबाकर हत्या

0

श्यामपुर पुलिस चौकी के पास रहने वाली एक महिला की दो मासूम बेटियों की अज्ञात लोगों ने गला घोट कर निर्मम हत्या कर दी। इससे क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। श्यामपुर पुलिस चौकी से कुछ ही कदम दूरी पर हुई इस वारदात से लोगों में पुलिस के प्रति भी रोष है। महिला श्रमिक सीता देवी आज सुबह आठ बजे काम पर गई थी। घर वापस आकर देखा तो कमरे में  दोनों बालिका मृत मिली । दोनों मौसूमो में एक 13 साल की ;लड़की थी और एक 4 साल की।  सूचना पाकर एसपी देहात सरिता डोभाल कोतवाली प्रभारी एसपी निहारिका भट्ट घटनास्थल पर पहुंचे।

देहरादून से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई है। पुलिस ने बताया कि महिला का पति सूरज किसी मामले में वर्तमान में सुद्धोवाला जेल में है। पुलिस इस घटना को अलग अलग बिंदुओं से जांच कर रही है।

कोतवाली प्रभारी  निहारिका भट्ट ने बताया कि ऋषिकेश में हुए इस डबल मर्डर में  दोनो लड़कियां  एक मनीषा 13 साल और रिया 4 साल की नाबालिक है । देहरादून से फोरेंसिक जांच टीम मोके पर पहुँच चुकी है,  फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता  मगर फिर भी हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।