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रामनगर में सिंचाई विभाग की लापरवाही से हजारों मछलियां मरी

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कोसी बैराज का गेट खोलने से हजारों मछलियां बह गई। इस दौरान नदी के कम पानी में मछलियों ने तड़पकर दम तोड़ दिया। वन विभाग की नाराजगी के बाद सिचाईं विभाग ने गेट को फिर से बंद करा दिया। सिचाईं विभाग ने गेट नंबर एक में मरम्मत का कार्य कराना था। कर्मचारियों ने गेट खोला तो पानी में मौजूद हजारों मछलियां बह गई।

आगे नदी में पानी फैलने से मछलियां मरने लगी। गेट खोलने की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गेट बंद करा दिया। साथ ही क्षेत्र के लोग भी नदी में पहुंच गए। लोग मछलियां नदी से उठाकर ले गए। इस घटना से नाराज वन विभाग सिचाईं विभाग के अधिकारियों के खिलाफ केस काटने की तैयारी कर रहा है।

बद्री-केदार मंदिर समिति को भंग करने पर हाई कोर्ट का दोबारा स्टे

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बद्रीनाथ केदार नाथ समिति के मामले में उत्तराखंड सरकार को एक बार फिर हाई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने एक बार फिर सरकार के समिति कोे भंग करने के फैसेल पर स्टे लगा दिया है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अप्रैल के महीने में बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को भंग कर दिया था। इसके बाद समिति के कुछ सदस्य कोर्ट पहुंचे और कोर्ट ने 30 मई को राज्य सरकार को समिति को बहाल करने के आदेश दिये थे। हांलाकि 8 जून को सरकार ने स्पेशल क्लाॅज का हवाला देते हुए समिति को दोबारा भंग कर दिया था। हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस पर स्टे लगा दिया।
राज्य सरकार ने समिति एक्ट के क्लाॅज 2 ए, सेक्शन 11 का हवाला देते हुए इसे दोबारा भंग किया था। भंग करने करने के प्रमुख कारणों में से एक था सात मनोनीत सदस्यों का चयन जो कि सरकार के अनुसार समिति के संविधान के सेक्शन 5 के तहत नहीं हुआ। हांलाकि याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ये कारण वैध नहीं है और समिति के किसी भी काम काज पर आज तक कोई विवाद नहीं खड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के समय गठित हुई समिति में ज्यादातर सदस्य और पदाधिकारी कांग्रेस से ताल्लुक रखते हैं जिसमें सबसे पहले समिति के चेयरमैन उस समय के कांग्रेसी विधायक गणेश गोदियाल हैं।

ऋषिकेश डबल मर्डर पुलिस ने सुलझाया

ऋषिकेश में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब श्यामपुर पुलिस चौकी के पास रहने वाली एक महिला की दो मासूम बेटियों की अज्ञात लोगों ने गला घोट कर निर्मम हत्या कर दी। इससे क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। महिला श्रमिक सीता देवी आज सुबह आठ बजे काम पर गई थी। घर वापस आकर देखा तो कमरे में दोनों बच्चियां मृत मिली। दोनों मासूमों में एक 13 साल की थी और एक 4 साल की। सूचना पाकर एसपी देहात सरिता डोभाल कोतवाली प्रभारी एसपी निहारिका भट्ट घटनास्थल पर पहुंचे। देहरादून से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई। पुलिस ने बताया कि महिला का पति सूरज किसी मामले में फिलहाल सुद्धोवाला जेल में है।

फौरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल की जांच करने के बाद ऐसा लग रहा था कि मृतका ने अपने बचाव के लिये काफी संघर्ष किया था। फौरंसिक टीम ने मौके पर मिले सफेद बालों और दीवार, गद्दे आदि पर लगे खून एवं खून लगे कपड़ों को जांच  के लिये कब्जे में लिया । बच्चियों की मां ने बताया कि दोनो बेटियां शौच व नहाने धोने के लिये गुरूद्वारे में जाती थी इस कारण गुरूद्वारे में काम करने वाला सेवक सरदार परवान सिंह बच्चियों को तंग व परेशान करता था।

IMG-20170615-WA0005सन्देह के आधार पर सरदार परवान सिंह से पूछताछ की गयी तो सरदार परवान सिंह की हथेली पर दांत के कटे का निशान व मांस उखड़ा, और बांयी आंख के नीचे नाखुनों की खुरच के निशान मिले।सख्ती से पूछताछ करने पर सरदार परवान सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसने कहा कि सुबह मैने नहाते समय अपनी पगड़ी उतारकर किनारे रखी तो बड़ी लड़की मनीषा ने मेरी पगड़ी में लात मारी, जिससे मुझे गुस्सा आ गया। थोड़ी देर बाद वो बच्चो के घर गया। उसने बड़ी लड़की मनीषा की हाथ से गला दबाकर हत्या कर दी तथा छोटी बच्ची के शोर करने पर मैने उसे भी वहां पास में पड़ी बैल्ट से गला दबाकर मार दिया और मैं वहां से चला गया।
परवान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश किया जायेगा। निहारिका भट्ट की अगुवाी में बनी पुलिस टीम ने कुछ घंटों में ही इस केस को सुलझा कर काबिले तारीफ काम किया है।

एम्स प्रवेश परीक्षा में ऋतिक बने उत्तराखंड टाॅपर

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एम्स में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा का परिणाम बुधवार देर रात जारी कर दिया गया। उत्तराखंड से ऋतिक चौहान ने परीक्षा में 55 वीं रैंक हालिस कर स्टेट टाप किया है।

जवाहर लाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपमर) की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी ऋतिक चौहान ने ऑल इंडिया 41वीं रैंक हासिल की है। ऋतिक ने गत वर्ष सेंट थॉमस स्कूल से 12वीं पास की है।

अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा ने बताया कि ऋतिक ने इसके बाद से उनके संस्थान में कोचिंग शुरू की। पहली बार उत्तराखंड का कोई छात्र जिपमर में चयनित हुआ है। यह अविरल क्लासेस के साथ पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि ऋतिक मेधावी छात्र है। उन्होंने संभावना जताई है कि आने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में भी ऋतिक अच्छा प्रदर्शन करेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस दाखिलों के लिए 28 मई को हुई प्रवेश परीक्षा में देहरादून से 1700 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

कंप्यूटर आधारित इस परीक्षा को कठिनतम मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में गिना जाता है। रिजल्ट आने के बाद तीन से छह जुलाई के बीच दाखिलों को पहले चरण की काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। एम्स की 700 सीटों पर दाखिले का मौका मिलेगा।

 

रुड़की देवबंद रेल मार्ग को मिली हरी झंडी

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लम्बे समय से ठंडे बस्ते में पड़े रुड़की-देवबन्द विशेष रेल मार्ग परियोजना प्रस्ताव को आखिरकार हरी झंडी मिल ही गई। गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में 27 किमी लंबी विशेष रेल मार्ग को मंजूरी दे दी गयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस परियोजना पर फैसला लेने की मांग की थी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून-दिल्ली रेल का सफर 2 घण्टे कम हो जाएगा। यही नहीं इस मार्ग के पूरा होने के बाद चार धाम रेल यात्रा भी आसान हो जाएगी। साथ ही चीन सीमा तक सामरिक दृष्टिकोण से पहुंच भी सुगम होगी।इस हाई लेवल बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव एस.रामास्वामी सहित रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, वित्त सचिव और यूपी के मुख्य सचिव भी मौजूद थे।

 

मैड ने जल पुरुष को दिखाया निर्जल रिस्पना का हाल!

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देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मेकिंग ए डिफ्फेरेंस बाय बीइंग दी डिफ्फेरेंस (मैड) संस्था ने बृहस्पतिवार को जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र सिंह को रिस्पना पुल पर आयोजित संस्था की नुक्कड़ पे चर्चा में आमंत्रित किया। इस चर्चा के माध्यम से मैड ने राजेंद्र सिंह से उनके द्वारा नदियों के पुनर्जीवन पर किये काम की जानकारी एवं उनके प्रेरणा स्त्रोत को पहचान ने की कोशिश की। गौरतलब है की राजेंद्र सिंह पूरे देश में कई जगहों पर विलुप्त होती जलधाराओं में फिर जान फूंकने में कामियाब रहे हैं और इसीलिए उन्हें जल पुरुष के नाम से भी जाना जाता है।

मैड संगठन के छात्र छात्राओं ने राजेंद्र सिंह को रिस्पना, बिंदाल और सुस्वा की जर्जर हालत का विस्तृत ब्यौरा दिया। मैड ने बताया की राष्ट्रीय जलविज्ञान संसथान रुड़की द्वारा बारहमासी पहले ही चिन्हित की जा चुकी रिस्पना नदी पर आज भी बेइंतिहां अतिक्रमण जारी है और जलधारा सिकुड़ती जा रही है। मैड ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी किया अधिनियम भी सिंह से साँझा किया जिसमे स्पष्ट तौर पर रिस्पना और बिंदल को गंगा रिवर बेसिन का अहम् भाग माना गया है।

इसके जवाब में राजेंद्र सिंह ने संस्था के सदस्यों को बताया कि एक सक्रीय सरकारी तंत्र का बिना किसी दबाव के यह अपने आप ही फ़र्ज़ बनता है की वह पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी उचित कदम उठाये। उन्होंने यह भी बताया की यह तो स्वाभाविक है कि रिस्पना, सुस्वा एवं बिंदाल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में जनम लेती और बहती हर जलधारा कहीं न कहीं गंगा रिवर बेसिन का ही एक भाग है।

सिंह ने मैड संस्था द्वारा समय समय पर चलाये जा रहे व्यापक अभियानों का संज्ञान लिया और उन्हें यह सुझाव दिया की वह यूँही ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को अपने साथ जोड़ती रहे और सरकारी तंत्र को भी समय समय पर जनभावना से अवगत कराने का काम करती रहे।

मैड द्वारा आयोजित इस नुक्कड़ पे चर्चा में कई दर्जनों सदस्य एवं आम दून वासी शामिल हुए। इनमें करन कपूर, सम्मानिका रावत, चेतना, मयंक, अंशिका, अभिषेक जौनसारी, श्रेया, हिमानी, शिवांगी, विवेक, आश्रित, विजय और वैशाली ने सक्रीय भूमिका निभाई।

देहरादून में योग के प्रचार के लिए शुरु हुआ ”वाॅक फाॅर योगा”

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गुरुवार से वाक फॉर योगा कार्यक्रम से देहरादून में शुरु हो गया है। इसके अंतर्गत आज आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट द्वारा सुबह 7 बजे रेंजर्स ग्राउंड से रैली की शुरुआत हुई।  विधायक श्री गणेश जोशी और आयुर्वेद विभाग के निदेशक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने झंडी दिखा कर  रैली का शुभारम्भ किया।

 यह रैली रेंजर्स ग्राउंड से शुरू होकर घंटाघर , गांधीपार्क होते हुए खेल मैदान , परेड ग्राउंड होते हुए रेंजर्स ग्राउंड में जाकर समाप्त हुई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और योग सफ्ताह को सफल बनाने के लिए डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने लोगों का आह्वान किया कि योग का प्रचार हर घर में हो और लोग तनाव से मुक्त रहें इसलिए विभाग द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस रैली में शामिल लोगों के अपार जनसमूह ने योग से सम्बन्धित पोस्टर और बैनर लिए हुए थे.।उन्होंने वहाँ उपस्थित सैकड़ों लोगों के जनसमूह को योग करने के लिए प्रेरित किया।

 रैली के बाद रेंजर्स ग्राउंड में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने इस अवसर पर लोगों को योग की विधि भी बतायी और वहां उपस्थित लोगों के सामने योगासनों के प्रदर्शन किया।

 इस कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग से प्रतिभाग के लिए जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ.के.के.सिंह, डॉ.मदनपाल सिंह, डॉ.हर्ष सिंह धामी, डॉ. स्वास्तिक जैन, डॉ. सुशील डिमरी, डॉ. नवीन जोशी, डॉ. कोठियाल, डॉ. विजय सिंह चौहान, डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी, डॉ. सुनील डिमरी, डॉ कुसुम खाती उपस्थित थे. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के हरीश जोहर, सीमा जोहर, मुन्नी वैष्ण , संजीव चंदना, आनंद सिंह रावत, रतन सिंह, विजेंद्र सिंह, सोहन लाल द्विवेदी आदि ने भाग लिया।

तीर्थनगरी ऋषिकेश में दो मासूमों की गला दबाकर हत्या

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श्यामपुर पुलिस चौकी के पास रहने वाली एक महिला की दो मासूम बेटियों की अज्ञात लोगों ने गला घोट कर निर्मम हत्या कर दी। इससे क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। श्यामपुर पुलिस चौकी से कुछ ही कदम दूरी पर हुई इस वारदात से लोगों में पुलिस के प्रति भी रोष है। महिला श्रमिक सीता देवी आज सुबह आठ बजे काम पर गई थी। घर वापस आकर देखा तो कमरे में  दोनों बालिका मृत मिली । दोनों मौसूमो में एक 13 साल की ;लड़की थी और एक 4 साल की।  सूचना पाकर एसपी देहात सरिता डोभाल कोतवाली प्रभारी एसपी निहारिका भट्ट घटनास्थल पर पहुंचे।

देहरादून से फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई है। पुलिस ने बताया कि महिला का पति सूरज किसी मामले में वर्तमान में सुद्धोवाला जेल में है। पुलिस इस घटना को अलग अलग बिंदुओं से जांच कर रही है।

कोतवाली प्रभारी  निहारिका भट्ट ने बताया कि ऋषिकेश में हुए इस डबल मर्डर में  दोनो लड़कियां  एक मनीषा 13 साल और रिया 4 साल की नाबालिक है । देहरादून से फोरेंसिक जांच टीम मोके पर पहुँच चुकी है,  फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता  मगर फिर भी हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

 

रिटायर्ड फौजी के प्रयासों से लोगों को मिल रहा रोजगार

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गरीबी और रोजगार को लेकर पहाड़ पलायन का दर्द झेल रहा है। लेकिन, इसी पहाड़ में ऐसे भी लोग हैं, जो पलायन करने वालों को आईना दिखा रहे हैं। इन्हीं में शामिल हैं बेरीनाग के बर्षायत के धौलकटिया गांव निवासी पूर्व सैनिक गोविंद बल्लभ पंत। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने गांव में ही फलों का बाग तैयार किया। ग्रामीणों को गांव में रोजगार के साधन मुहैया कराए और युवाओं को जैम आदि बनाने का मुफ्त प्रशिक्षण भी देते हैं। उन्हीं के प्रयासों से आज गांव के कई युवा फल उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका चला रहे हैं।

असम राइफल में 26 वर्ष की सेवा के बाद गोविंद अब गांव में नई इबारत लिख रहे हैं। अन्य पूर्व सैनिकों की तरह रिटायर होने के बाद किसी कस्बे या नगर में बसने के बजाय उन्होंने गांव को पलायन व विपन्नता से उबारने की ठानी। सौ नाली भूमि में उन्होंने बाग तैयार किया, जिसमें आम, लीची, अमरूद, नींबू, जामिर, कटहल, हरड़, च्यूरा, इलायची आदि के करीब 700 पेड़ अब फल देने लगे हैं।

गुजरात तक पहुंची फलों की खुशबूः पूर्व फौजी गोविंद के बगीचे के फलों की खुशबू गुजरात तक पहुंच चुकी है। अहमदाबाद गुजरात निवासी रवींद्र मजूमदार बेरीनाग आए थे और यहां उनकी भेंट गोविंद से हुई। उनके बाग को देख मजूमदार खासे प्रभावित हुए। गुजरात पहुंचकर उन्होंने गोविंद के बाग का धौलकटिया बायो डाइवर्सिटी फार्म एंड रिसर्च सेंटर के नाम से पंजीकरण कराया और केसीटी कुमाऊं चेरिटेबल ट्रस्ट से आर्थिक मदद दिलाई।

मजूमदार ने पूर्व फौजी की मेहनत को देखते हुए इसे मॉडल गार्डन बनाने का दावा किया है। बगीचे से उत्पादित फलों से उत्पाद तैयार कर उन्हें देश के अन्य राज्यों में बेचने की योजना बनाई है। इसके लिए यहां पर उपकरण और मशीने पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष पहली बार आधा क्विंटल जामीर का आचार तैयार कर गुजरात के बाजार तक पहुंच चुका है।

ग्रामीणों को मिला रोजगारः गांव के 15 ग्रामीण स्थायी रूप से उनके बाग में बारहों महीने रोजगार पा रहे हैं। जबकि, 35 से 40 लोगों को समय-समय पर रोजगार मिलता है। पहले उन्हें मजदूरी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही उन्हें काम मिल जाता है। इसमें तमाम मजदूरों को फल से तैयार उत्पाद बाजारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

 पूर्व सैनिक के प्रयासों से कई लोगों को रोजगार मिल रहा हैःग्राम प्रधान संगठन के अध्‍यक्ष चारु पंत का कहना है कि पूर्व सैनिक के प्रयासों से कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। क्षेत्र के लोगों को उनके बगीचे से जैविक उत्पाद मिल रहे हैं और रोजगार भी।

 

मंडुवे की फसल बनेगी किसानों की आमदनी का ज़रिया

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कृषि विभाग की पहल और किसानों की मेहनत रंग लाई तो आने वाले दिनों में पहाड़ों में मंडुवा की फसल न केवल आर्थिकी का जरिया बनेगी बल्कि किसानों को प्रति कुंतल के हिसाब से बोनस भी मिलेगा। वर्ष 2016-17 में किसानों को तीन सौ रुपये के हिसाब से बोनस मिला था। इस बार बोनस को लेकर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है।

सरकार की ओर से पहाड़ी क्षेत्रों में शुरु की गई मंडुवा उगाने की मुहिम आने वाले समय में कारगर साबित हो सकती है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोगों ने जंगली जानवरों से परेशान होकर या फिर रोजगार की तलाश में गांवों से निकल कर खेतों को बंजर छोड़ दिया है। वहां अब मंडुवा की फसल वरदान साबित हो सकती है।

कृषि विभाग की वर्ष 2016-17 की कार्ययोजना पर गौर करें तो तब तीन सौ रुपए प्रति कुंतल के हिसाब से किसानों को बोनस देकर इसका लाभ भी मिला। इस बार हालांकि मंडवे की फसल पर कितना बोनस मिलना है यह शासन स्तर पर तय होना है लेकिन विभाग ने मंडुवा का अत्यधिक उत्पादन हो और अधिक से अधिक किसान मंडुवा उगाने के लिए आगे आए इसके लिए जनपद के सभी पंद्रह ब्लॉक, न्याय पंचायतों में अपने सहायक कृषि अधिकारियों के माध्यम से गोष्ठी, जागरुकता बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कलस्टर भी बनाए जाने हैं।

वर्ष 2016-17 में मिला बोनसःकृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2016-17 में बेहतर मंडुवा उगाने पर थलीसैंण ब्लॉक के सुनार गांव की दर्शनी देवी को बोनस के रूप में 364 रुपये, इसी गांव की अषाड़ी देवी को भी 364 रुपए, खिर्सू ब्लॉक के बुडेसू गांव के रविंद्र सिंह को 280 रुपये, द्वारीखाल ब्लॉक के जवाड गांव की पुष्पा देवी को 560 रुपये तथा यमकेश्वर ब्लॉक के पटना मल्ला गांव की अनिता देवी को 112 रुपये मंडुवा उगाने के एवज में बोनस दिया गया।

जैसे ही शासन से आदेश मिलेंगे, किसानों को इसकी जानकारी देंगेः मुख्य कृषि अधिकारी पौड़ी गढ़वाल डीएस राणा का कहना है कि गत वर्ष मंडुवा उगाने पर प्रति कुंतल तीन सौ रुपये का बोनस किसानों को दिया गया है। इस बार अभी शासन स्तर पर इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त होने बाकी है। जैसे ही शासन से आदेश मिलेंगे, सहायक कृषि अधिकारियों के अलावा ब्लॉक स्तर पर भी बैठकें आयोजित कर किसानों को इसकी जानकारी मुहैया करा दी जाएगी।