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आसन नदी में बह कर वन गुज्जर की मौत

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उपजिलाधिकारी विकासनगर को सूचना मिली की आसन नदी में एक वन गुज्जर बह गया है। इस सूचना पर उपजिलाधिकारी विकासनगर और चौकी झाझरा से पुलिस फ़ोर्स रवाना हुआ और झाझरा आडवाणी पुल के पास मौजूद एन.डी.अर.एफ को भी साथ लिया गया।

लगभग 2 किलोमीटर आगे परवल गाव के पास वन गुज्जर को रेस्क्यू कर किनारे लाया गया व मौके पर एन.डी.आर.एफ की टीम ने उक्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया, किन्तु उसे बचा नही पाए। मृतक की पहचान कालू, निवासी सभावाला, थाना सहसपुर देहरादून के रूप में हुई। मृतक का शव चौकी नयागांव, थाना पटेलनगर द्वारा पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है।

जब पटरी पर दौड़ी बिना इंजन गाड़ी

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पत्थर की गिट्टी से भरी मालगाड़ी की आठ बोगियां बिना इंजन के खटीमा की ट्रैक पर दौड़ने लगी, घटना से रेलवे कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। बनबसा के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई। डिब्बे ट्रैक से उतरने के बाद क्षतिग्रस्त हो गए।

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रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की आठ बोगियां टनकपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी थीं, इनमें पत्थर लदे हुए थे। यह पत्थर पीलीभीत से टनकपुर तक बिछाई जा रही ब्राडगेज लाइन के निर्माण के लिए भेजा जाना था, आज यह गिट्टी बाहर जानी थी। इसी बीच इंजन के यह डिब्बे अपने आप ही रेलवे ट्रैक पर खटीमा की ओर चलने लगे।  बिना इंजन के मालगाड़ी के डिब्बे 60 से 70 किमी की स्पीड में दौड़ रहे थे। टनकपुर से खटीमा की ओर ढलान होने के कारण मालगाड़ी की स्पीड बढ़ती जा रही थी। घटना के बाद स्टेशन पर तैनात अधिकारी, कर्मचारियों व आसपास खड़े लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना रेलवे स्टेशन के प्रभारी केडी कापड़ी ने बनबसा व खटीमा के अधिकारियों को दी।  इस बीच टनकपुर से खटीमा तक पड़ने वाले फाटकों को भी सूचना देकर सतर्कता बरतने को कहा गया। कापड़ी ने बताया कि खटीमा के पास रेलवे ट्रैक पर चल रहे निर्माण कार्य के लिए खड़ा ट्रैक्टर भी इसकी चपेट में आकर एक किमी तक घसीटते हुए गया। जिससे ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचा है। बाद में मालगाड़ी के आगे के डिब्बे का पहिया पटरी से उतरने से डिब्बे रूक सके। बिना इंजन के मालगाड़ी चलने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। रेलवे विभाग द्वारा समय पर सूचना नहीं दी गई होती तो बनबसा रेलवे क्रासिंग ट्रैक पर बड़ा हादसा हो सकता था। दिन के समय इस गेट के पास भारत व नेपाल के लोगों की पैदल व वाहनों में आवाजाही काफी रहती हैं। समय पर सूचना मिलने पर यहां बने क्रासिंग बैरियर को बंद कर दिया गया था। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म

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कुंडेश्वरी पुलिस चौकी क्षेत्र, काशीपुर में नकाबपोश युवकों ने किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया।  पीड़िता के मुताबिक उसे 21 घंटे तक हाथ-पांव बांध कर बंधक बनाए रखा गया। किसी तरह वह आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रही। इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है।

कुंडेश्वरी पुलिस चौकी क्षेत्र की 15 वर्षीय किशोरी रविवार रात अपनी मां के साथ सोई हुई थी। रात करीब दो बजे वह शौच करने घर से बाहर निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। इस बीच कुछ देर बाद किशोरी की मां की नींद खुली तो बेटी को गायब देख उसके होश उड़ गए। इसके बाद परिजनों ने आसपास व रिश्तेदारों के यहां उसकी खोजबीन की, मगर उसका कोई पता नहीं चल सका। इससे परिजन बेहद परेशान रहे।

इसी बीच सोमवार रात करीब 11 बजे किशोरी बदहवास हालत में घर पहुंची। उसके हाथ बंधे हुए थे और मुंह पर कपड़े की पट्टी बंधी थी। उसको इस हालत में देख हैरत में पड़ गए। इसके बाद परिजनों ने उसके बंधे हाथ खोले और मुंह पर बंधा कपड़ा भी हटाया।

बेहद घबराई किशोरी ने परिजनों को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। किशोरी के मुताबिक  रात करीब दो बजे जब वह शौच करने निकली तो इसी बीच गांव के ही नकाबपोश तीन युवकों ने उसे दबोच लिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद वह उसे उठाकर एक झोपड़ी में ले गए। आरोपियों ने उनके हाथ भी बांध दिए, फिर नशे में धुत तीनों युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी के मुताबिक अगले दिन भी उन्होंने नशे में धुत होकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच मौका पाकर वह भाग गई। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

कैलेंडर का सख्ती से पालन करें विश्वविद्यालय: डॉ. रावत

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राज्य के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशानुसार राज्य के सभी विश्वविद्यालयों ने निर्धारित तिथि 11 जुलाई को वार्षिक शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिए। उन्होंने खुद राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडरों का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय और उनसे सम्बद्ध महाविद्यालय शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन करें।

मंगलवार को निदेशक, उच्चशिक्षा डॉ. बीसी मलकानी ने उच्च शक्षा राज्य मंत्री को जानकारी दी कि राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों ने कैलेंडर जारी कर दिए। इसके अनुसार श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय टिहरी गढ़वाल का शैक्षणिक सत्र 18 जुलाई से शुरू होगी। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल का सत्र 11 जुलाई से, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी का ग्रीष्मकालीन सत्र एक मई और शीतकालीन सत्र एक जनवरी से, दून विश्वविद्यालय (सर्टिफिकेट कार्यक्रम) एक जुलाई और नए छात्रों का पठन-पाठन 31 जुलाई से शुरू होगा। इसी तरह कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल 20 जुलाई से कक्षाएं शुरू करेगा, उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा 22 जुलाई से सत्र शुरू करेगा।
मलकानी ने बताया कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों ने अपने परिसर एवं सम्बद्व महाविद्यालयों के लिए कार्य दिवसों की सूची तैयार कर ली है। श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय के सम्पूर्ण कार्य दिवस 205 एवं पठन पाठन 190, दून विश्वविद्यालय देहरादून के सम्पूर्ण कार्य दिवस 193 एवं पठन पाठन 184 दिन, कुमांऊ विश्वविद्यालय नैनीताल प्रथम एवं तृतीय सेमस्टर की अवधि 22 जुलाई से 25 नवम्बर कुल 90 दिन एवं परीक्षाएं चार दिसंबर से 23 दिसंबर कुल 20 दिन, इसी प्रकार द्वितीय एवं चतुर्थ सेमस्टर की अवधि 25 जनवरी, 2018 से 16 मई 2018 कुल 90 दिन एवं परीक्षा 24 मई 2018 से नौ जून 2018 कुल 15 दिन निर्धारित की है। उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के द्वारा प्रथम एवं तृतीय सेमस्टर की परीक्षाओं की अवधि 15 नवम्बर से 15 दिसंबर, द्वितीय एवं चतुर्थ समेस्टर की अवधि 15 मई से 15 जून तक निर्धारित की गयी है। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय ने प्रथम और तृतीय की समयावधि 20 जुलाई 2017 से 20 दिसम्बर 2017 एवं द्वितीय एवं चतुर्थ समेस्टर 16 जनवरी 2018 से 31 मई 2018 निर्धारित की है।
डॉ. रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वच्छ एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। इसिलए सभी संस्थान सख्ती से इसका पालन सुनिश्चित करें।

शादी नहीं करेंगे अक्षय खन्ना

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पिछले शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म मॉम में दिल्ली पुलिस के एक तेजतर्रार पुलिस अधिकारी का रोल करने वाले अक्षय खन्ना ने साफ कर दिया है कि अब वे शादी नहीं करेंगे। बालीवुड में सलमान खान के बाद अक्षय खन्ना दूसरे ऐसे सितारे हैं, जिनको चिरकुंवारा कहा जाता है और उनकी शादी की खबर का इंतजार रहा है।

मॉम के प्रमोशन के दौरान अक्षय खन्ना ने अपनी शादी को लेकर हुए सवालों के जवाब में साफ कहा कि उनको किसी के साथ रिलेशनशिप में लंबे समय तक रहना पसंद नहीं और वे असहज महसूस करने लगते हैं। उनका मानना है कि बिना शादी के बिना किसी दबाव के खुशी के साथ किसी के साथ रिलेशनशिप में रहना ज्यादा बेहतर है। ऐसे में दोनों को इस रिलेशनशिप से बाहर आने की आजादी रहती है। ऐसे में दोनों के बीच ब्रेकअप के बाद भी दोस्ती का रिश्ता कायम रह सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री में 27 साल का करिअर जी चुके दिवंगत विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना ने कुछ समय तक फिल्मों में काम नहीं किया, लेकिन अब वे ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में काम करके अपने करिअर को फिर से मजबूती देने के लिए काम करना चाहते हैं। विनोद खन्ना की दूसरी पत्नी कविता के बेटे साक्षी को भी बतौर हीरो लांच करने की खबरें हैं। पहले खबर थी कि साक्षी खन्ना को संजय लीला भंसाली लांच करेंगे और अब खबर है कि करण जौहर की कंपनी में साक्षी की लांचिंग फिल्म बनेगी।

जागेश्वर मेले में पॉलीथिन पर रहेगी पाबंदी

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एडीएम ने जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले की तैयारियों के संबंध में विभाग के सभी अधिकारियों के संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मेले से जुड़े कार्यो को समय से पूरा करने का निर्देश दिये।

सोमवार को हुई बैठक में एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मेले के दौरान साफ सफाई पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मेले में पालीथिन के उपयोग पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। उन्होंने कहा कि विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 14 जुलाई तक मेले की सभी तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कृषि, उद्यान, उद्योग, पर्यटन व वन विभाग के स्टाल लगाए जाएंगे।

शिक्षकों के तबादले कर भूला विभाग, तीन माह से वेतन नहीं

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उत्तराखंड में शिक्षा के बदहाल होने के और भी कई पहलू सामने आ रहे है। शिक्षकों की नियुक्ति और समायोजन जैसी मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन तो आए दिन चलते ही रहते हैं लेकिन, अब विभाग की अनदेखी के चलते भी शिक्षक परेशान हैं।

राज्य के सरकारी स्कूलों की बात करें तो यहां के स्कूलों के हालात ठीक नहीं हैं। राज्य के शिक्षकों को पढ़ाने के बाद भी वेतन नहीं मिलेगा तो कैसे गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में सुधार आएगा। मामला उधमसिंह नगर के गुरुग्राम इंटर कॉलेज व अन्य छह स्कूलों से जुड़ा है। यहां अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण के बाद शिक्षकों ने तैनाती भी ली, लेकिन पूर्व तैनाती स्थल से लास्ट पे स्लिप यानी एलपीएस जारी न हो पाने के कारण शिक्षकों को वेतन तीन माह से अटका हुआ है। आलम यह है कि शिक्षकों को बीते अप्रैल माह से अब तक विभाग की ओर से वेतन जारी नहीं हो पाया है। शिक्षकों के मुताबिक, इन स्कूलों में विभागीय काउंसिलिंग के बाद उन्हें अनुरोध के आधार पर नई तैनाती मिली। लेकिन, इस प्रक्रिया के बीच पूर्व तैनाती स्थल से 50 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों के स्थानांतरण हो गए।

शिक्षक अमरेंद्र ने बताया कि अल्मोड़ा स्थित स्कूल में पांच शिक्षक थे। इनमें से तीन के विभागीय काउंसिलिंग के दौरान स्थानांतरण हो गए। इसी प्रकार कई अन्य स्कूलों के शिक्षकों के भी स्थानांतरण किए गए। इन शिक्षकों ने नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार भी ग्राहण कर लिया। इसके बाद डीएम ने स्कूलों में हुए 50 प्रतिशत से ज्यादा स्थानांरतण के मामलों को देखते हुए स्थानांतरित हुए शिक्षकों की एलपीएस पर रोक लगा दी। इसके चलते शिक्षकों का वेतन रुक गया। अब स्थिति यह है कि बीते तीन माह से शिक्षकों को उनका वेतन नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि पूरा विभागीय फैसला था, इसके बाद शिक्षकों का वेतन रोकना किसी भी प्रकार से तर्कसंगत नहीं है। मामले में अभी तक केवल आश्वासनों के अलावा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।

दूसरी ओर, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी का कहना है कि यह पूरा मामला आचार संहिता के कारण अटका था। इसके बाद बोर्ड की कापियों की जांच के चलते शिक्षकों को प्रतिस्थापित नहीं किया गया। यदि किसी स्कूल में शिक्षक नहीं थे और स्थानांरित होकर किसी अन्य स्थान पर चले गए हैं तो डीएम को यह अधिकार है कि वे तैनाती को रोक सकते हैं। महानिदेशक ने बताया कि जल्द से जल्द ऐसे मामलों का निपटारा किया जाएगा। उम्मीद है कि एक माह के अंदर वेतन व अन्य मामलों का समाधान कर दिया जाएगा।

उत्तराखंड में आफत की बारिश, पांच की मौतः महिला बही

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शुरुआती दौर में ही मानसून पहाड़ों पर कहर बरपाने लगा है। चमोली, अल्मोड़ा और देहरादून जिले में बादल फटने से खासा नुकसान हुआ है। कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि खेतों में खड़ी फसल तबाह हो गई। इसके अलावा प्रदेश में देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में पांच लोगों की मौत भी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सौ से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। चार धाम यात्रा मार्गों पर मलबा आने से खुलने और बंद होने का क्रम जारी है।

रुदप्रयाग और चमोली में बुधवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंदाकिनी, नंदाकिनी, पिंडर, अलकनंदा, सरयू, गोमती और गोरी नदी समेत बरसाती नदियां उफान पर हैं। हालांकि अभी नदियां खतरे के निशान से दूर हैं, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम के रूख से लोगों में दहशत है।

उत्तराखंड में मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ। सोमवार देर रात चमोली जिले के घाट ब्लाक में बादल फटने से धुर्मा कुंडी गांव में भारी नुकसान हुआ है। बरसाती नदी में उफान आने से घर और खेत मलबे से पट गए। घबराए लोगों ने जागकर रात बिताई। सुबह प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया।

देहरादून जिला भी मौसम के असर से खासा प्रभावित हुआ। मसूरी के पास एक पिकअप वाहन पर बोल्डर गिर गया। इससे वाहन में सवार चार में से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। दून शहर में भी एक व्यक्ति देर रात रिस्पना नदी में डूब गया। देर रात भारी बारिश के बीच वह घर में घुसे बरसाती पानी को निकाल रहा था कि उसका पैर फिसल गया। इसके अलावा सिल्ला गांव में बादल फटने के बाद 40 मवेशी मलबे में दब गए।

कुमाऊं में भी हालात अलग नहीं हैं। पिथौरागढ़ जिले में सड़क निर्माण में जुटे मजदूरों के टेंट पर पहाड़ी से मलबा आ गिरा। इससे नेपाल के रहने वाले मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई व एक घायल हो गया। बागेश्वर जिले में सरयू का जलस्तर बढ़ने  पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। सोमवार रात बागेश्वर में सायरन बजाकर लोगों को चेतावनी दी गई।  अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र में बादल फटने से स्कूल भवन, पुलिया, रास्ते व पेयजल योजनाएं बह गईं। डरे ग्रामीणों ने गांव छोड़ कर जान बचाई। बारिश से कैलास मानसरोवर व भारत-चीन व्यापार मार्ग समेत एक दर्जन मार्ग बंद हो गए हैं।

अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना

प्रदेश पर अगले 48 घंटे भारी गुजर सकते हैं। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह के अनुसार इस दौरान पहाड़ और मैदान में भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने यात्रियों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है।

जर्जर स्कूल छोड़ टिन के नीचे पढ़ने को मजबूर छात्र

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भारी बारिश से स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत बनी हुई है। आलम यह है कि छोटे बच्चे जर्जर स्कूलों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं कई स्कूलों में यह बच्चे जान हथेली पर रखकर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, हालांकि शिक्षा विभाग स्कूलों की मरम्मत जल्द कराने के दावे कर रहा है।
राज्य के कई स्कूलों में बच्चे एक हाथ में किताब और दूसरे हाथ में जान हथेली पर रखकर पढ़ने को मजबूर हैं। सरकार की ओर से इन जर्जर हो चुके स्कूलों की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह तस्वीर किसी एक स्कूल की नहीं बल्कि कई जिलों के दर्जनों स्कूलों में यही हाल है। ऐसा ही कुछ हाल क्यार्क वरसूड़ी के राजकीय जूनियर हाईस्कूल का है। यहां स्कूल की जर्जर इमारत कभी भी भरभरा कर ढह सकती है। बारिश के दिनों में स्कूल के हालात और भी नाजुक बने हुए हैं। इसी कारण स्कूली बच्चों को मजबूरन टीन के छप्पर लगार मैदान में पढ़ाया जा रहा है।
स्कूल में कक्षा एक से कक्षा 10 तक के छात्र-छात्राओं की संख्या 110 है। इन सभी की कक्षाएं सामूहिक रूप से इसी भवन में चलाई जाती हैं लेकिन, भवन की स्थिति जीर्णशीर्ण होने के कारण यहां कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है। यही कारण है कि यह सभी छात्र सामूहिक रूप से टिन की छत के नीचे ही पढ़ाई कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो शिक्षा विभाग को कई बार इसे लेकर जानकारी दी गई। लेकिन, अभी तक मामले में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

बाकी जिलों के स्कूलों का भी हाल-बेहाल
आपदा प्रभावित जिलों के अलावा बाकी जिलों के स्कूलों का भी हाल बेहाल है। यहां भी दर्जनों की संख्या में स्कूल ढहने की कगार पर हैं। हालात यह कि यहां शिक्षक और छात्र दोनों ही जान हथेली पर रखकर पढ़ने और पढ़ाने को मजबूर हैं। इन हालातों के बाद भी विभाग इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। डर सिर्फ इस बात का है कि विभाग का ढुलमुल रवैया किसी दिन बड़ी घटना को अंजाम न दे दें।

अधिकारी रहें अलर्ट: डीएम एस.ए मुरूगेसन

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देहरादून डीएम, एस.ए मुरूगेसन ने जनपद में दो दिनों से हो रही भारी वर्षा से हुई क्षति के सम्बन्ध में अधिकारियों को अलर्ट रहने तथा नदी किनारे निवास कर रहे लोगों को अनाउसमेन्ट कर अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिये। डीएम ने रिस्पना नदी का जलस्तर बढने से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुए पुराने पुश्ते के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता, अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड स्थिति की माॅनिटिरिंग करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये,  सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नदी पर जहां पर खतरा हो वहां रेडमार्क की व्यवस्था की जाये।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी दीपशिखा रावत ने डीएम को बताया कि जनपद के तहसील सदर, ग्राम सिल्ला में नई सड़क से भारी वर्षा से मलवा आने से लगभग 10 गाय बहने व 4 मकान दबने की सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस/प्रशासन/एसडीआरएफ की टीम द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल कर स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया व मार्ग को खुलवाने के लिए पी.एम.जी.एस.वाई देहरादून द्वारा जे.सी.बी से कार्य किया जा रहा है।
जनपद के सरखेत में नदी के तेज बहाव से गांव की भूमि कटाव होने एवं नुकसान होने की सूचना पर उप जिलाधिकारी सदर/पुलिस/एसडीआरएफ/सिंचाई विभाग देहरादून के एसडीओ द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए क्षति का आंकलन किया जा रहा है। ग्राम गौहरीमाफी में बिड़ला मन्दिर के निकट सौंग नदी का जलस्तर बढने से कृषिभूमि कटाव व  मकान को खतरा होने तथा ग्राम साहबनगर डोईवाला में सौंग नदी का जलस्तर बढने से कृषि भूमि का कटाव व मकानों खतरा होने  सम्बन्धी सूचना पर सम्बन्धित तहसीलदार ने बताया है।
गौहरीमाफी मे नदी किनारे निवास कर रहे लोगों को माॅ आनन्दमयी मेमोरियल, स्कूल गौहरीमाफी में शिफ्ट किया जा रहा है तथा ग्राम साहबनगर का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है तथा नदी किनारे निवास कर रहे लोगो को हटाने की चेतावनी जारी करने के साथ ही लोगों को हटाया जा रहा है। ग्राम कार्लीगाड़ में भारी वर्षा के कारण पुल, बिजली, पेयजल लाईनें एवं तीन दुकाने क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर/पुलिस/एसडीआरएफ/एनडीआरएफ/सिंचाई विभाग/अधिशासी अभियन्ता विद्युत विभाग के अभियन्ता संयुक्त कार्यवाही करते हुए क्षति का आंकलन करने के निर्देश दिये।
जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी ने अवगत कराया है कि भारी वर्षा के कारण लो.नि.वि प्रान्तीय खण्ड देहरादून के अन्तर्गत समस्त मार्ग बन्द है,  कालीस चकराता मोटर मार्ग, गडो चकरोल मोटर मार्ग, समर जैन मोटर मार्ग, लखवाड़ मोटर मार्ग तथा बासु लखवाड़ मोटर मार्ग बन्द हैं। लो.नि.वि चकराता के अन्तर्गत पीआरडी मोटर मार्ग, असेड पुल से मिडयावा मोटर मार्ग एवं गौरा घाटी मसाट मोटर मार्ग बन्द हैं, जनपद के सभी बन्द मोटर मार्गों को खोलने का कार्य गतिमान है।