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एसडीआरएफ टीम ने केदारनाथ यात्रियों को सुरक्षित निकाला

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उत्तराखंड में बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। राज्यभर में हो रही मूसलाधार बारिश से जगह जगह भूस्खलन और जल भराव की स्थिति हो रही है।ताजा मामला केदारनाथ में भीमबली मार्ग में सामने आया जब कल शाम लगभग 150 यात्री रास्ते में पड़ने वाले नाले मे पानवी आ जाने कारण पंस गये। इन यात्रियों को एसडीएरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला। भारी बारिश से ये मार्ग लगभग बन्द हो गया था।WhatsApp Image 2017-07-13 at 09.39.20

वहीं बारिश से देहरादून, हरिद्वार, डोईवाला, ऋषिकेश, हल्द्वानी, भीमताल में सड़कें जलगग्न हो गई। पूरे प्रदेश में पुलिस बल व आपदा प्रबंधन की टीमों द्वारा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पोजीशन में रहने को बताया गया है। जिला प्रशासन व पुलिस की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। लामबगड़ के पास सड़क पर मलबा आने से बद्रीनाथ हाईवे सुबह बंद हो गया था, जिसे खोल दिया गया। चमोली जिले के करीब 47 मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। रुद्रप्रयाग जनपद में मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर केदारनाथ यात्रियों को गौरीकुंड व सोनप्रयाग में रोका हुआ है। वहीं, गौरीकुंड हाईवे फाटा व मुनकुटिया में मलबा आने से बंद हो गया। ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे देवप्रयाग के पास मूल्यागांव, तोताघाटी और ब्यासी के समीप कौडियाला में भूस्खलन से बंद हो गया था। इस मार्ग से मलबे को हटा दिया गया है।
उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे संगलाई के पास काफी देर तक बंद रहा। यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी और ओरछा बैंड के भूस्खलन से बंद हो गया। उत्तरकाशी में पांच संपर्क मार्ग भी बंद होने की सूचना है। टिहरी में ऋषिकेश गंगोत्री राजमार्ग पर खाड़ी से पहले बेमुंडा गदेरा उफान पर होने से यात्रियों को रास्ते पर ही रोका गया है। यहां पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा है। पौड़ी जिले में हाईवे के बंद होने व खुलने का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही करीब 20 संपर्क व ग्रामीण मार्ग बंद पड़े हैं। अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए लोनिवि कार्य कर रहा है। ऋषिकेश में लगातार बारिश से सड़कें गलियां जलमग्न हो गई हैं।
मौसम अलर्ट को देखते हुए सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम को देखते हुए, हालांकि ऋषिकेश से सटे हरिद्वार और टिहरी के जिलाधिकारियों द्वारा स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी जिले में रात से लगातार हो रही बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन रही है। भीमताल-हल्द्वानी मोटर मार्ग मलबा आने से बंद है।
बागेश्वर जिले में भारी बारिश का दौर जारी है। जिले की आठ सड़कें भूस्खलन से बंद हैं। हल्द्वानी में मूसलाधार बारिश से शहर में जगह जगह जलभराव हो गया है। हल्द्वानी में रकसिया नाला उफान पर आने से कई घरों में पानी घुस गया। गौला नदी उफान पर आ गई है। नैनीताल जिलेभर में बीते 24 घंटे में 150 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। काठगोदाम के ब्यूराखाम गांव में भूस्खलन होने से पांच घरों में मलबा घुस गया है। इससे लोगों में दहशत है। एसडीएम एबी वाजपेयी ने मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया है। गौला नदी का जलस्तर 30 हजार क्यूसेक पहुंचने ने सिंचाई विभाग ने सभी गेट खोल दिए हैं।

उत्तराखंड के नए डीजीपी हो सकते हैं अनिल रतूड़ी

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एडीजी अनिल कुमार रतूड़ी प्रदेश के नए डीजीपी होंगे। डीजीपी एमए गणपति प्रतिनियुक्ति पर केंद्र जाने वाले हैं। केंद्र ने उनकी प्रतिनियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। वे सीआईएसएफ में बतौर एडीजी प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे।

कांवड़ के बाद गणपति प्रतिनियुक्ति पर सीआईएसएफ में अपनी सेवाएं देंगे। डीजीपी एमए गणपति 2012 में आईजी गढ़वाल रहते हुए केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। इसके बाद 2012 से 2016 तक केंद्रीय गृह मंत्रालय और सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर रहे। इसके बाद 2016 में डीजीपी बनकर दोबारा उत्तराखंड आए थे। राज्य में डीजीपी एमए गणपति के बाद एडीजी अनिल रतूड़ी ही वरिष्ठता में सबसे ऊपर हैं। ऐसे में उनको प्रदेश पुलिस की कमान मिलना तय माना जा रहा है।

कर्ज के बोझ तले एक और किसान ने खाया जहर

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बाजपुर, उधमसिंह नगर के किसान बलविंदर ने पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से ट्रैक्टर के लिए सात लाख रुपये का लोन ले रखा था, लोन पिछले साल ही जमा होना था, लेकिन वह जमा नहीं कर पाया। लोन जमा न होने से पीएनबी की बेरिया शाखा, ने 30 जून को नोटिस जारी किया। नोटिस में 7,49,846/- रुपये जमा न करने पर कुर्की, गिरफ्तारी और संपत्ति की नीलामी कर वसूली की चेतावनी दी थी। इसको लेकर वह परेशान था।

बताया गया कि यह ट्रैक्टर ऋण 21 मार्च 2016 को जमा होना था, लेकिन लगातार फसलों का भुगतान समय से नहीं मिलने से वह समय लेता रहा, लेकिन कर्ज नहीं चुका पाया। इसके चलते 30 जून को पेशी का अंतिम नोटिस दिया गया और मौखिक रूप से 14 जुलाई तक रुपये जमा करने की बात कही गई। इतना ही नहीं पैसा जमा नहीं होने पर नोटिस में लिखी कार्रवाई करने को कहा गया। बताया जा रहा है कि बलविंदर ने कर्जा चुकाने के लिए अनेक जगह से और कर्ज लेने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर मौत को गले लगा लिया।

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मृतक बलविंदर सिंह के पिता मलूक सिंह पंजाब से 1960 के दशक में यहां आए और खेतीबाड़ी शुरू की। पत्नी विमला के सहयोग से खेती के साथ परिवार हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था। कुलदीप दो बेटों, एक बेटी, माता-पिता के साथ बेरिया दौलत में रहने लगा, जबकि बलविंदर ने बांसखेड़ी में परचून की दुकान खोल ली। देहात होने के कारण दुकान का काम भी इतना अच्छा नहीं था। हिस्से में आई लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि पर खेतीबाड़ी शुरू की और कर्ज ले लिया। ऋण इतना हो गया कि खेतीबाड़ी से लोन का ब्याज भी देना भारी पड़ रहा था।

जहरीले पदार्थ का सेवन करने के बाद बलविंदर अपनी पत्नी नीलम रानी के गले मिला, उसने पत्नी को बताया कि अब कर्ज का बोझ सहन नहीं हो पाता। कर्ज के चलते काफी परेशानी झेलने पड़ रही है। उसने बच्चे के सिर पर हाथ रखा। उसके मुंह से बदबू आने पर नीलम ने तत्काल आसपास के लोगों और अपने जेठ का सूचना दी। उसे तत्काल बाजपुर लाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम पीएस राणा घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान पर कितना कर्ज था इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।

अनियंत्रित बस पेड़ से टकराई,यात्री सुरक्षित

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गुरुवार यानि आज सुबह 6:30 बजे एक बस नंबर UK 07PA 1772 जो आई0एस0बी0टी0 से सेलाकुई टोयोटा कंपनी के कर्मचारियों को लेकर जा रही थी, झाझरा पुलिया के पास अनियंत्रित होकर रोड से नीचे उतर कर एक पेड़ से टकरा गयी। बस में टोयटा कंपनी के 16 कर्मचारी बैठे थे, जिन्हें मामूली चोटें आयी। सभी घायलों को उपचार हेतु 108 के माध्यम अस्पताल भेजा गया।

रोटी के लिए उफनती गंगा से गुजरते हैं वन गुर्जर

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श्यामपुर कोतवाली क्षेत्र में वन गुर्जर जान जोखिम में डाल गंगा पार करने को मजबूर हैं। दो जून की रोटी के लिए गंगा पार से वन गुर्जर, रोजाना दूध लेकर गाजीवाली और श्यामपुर आते हैं। गंगा नदी के उफान पर होने से वन गुर्जरों को जान जोखिम में डालकर दूध देने जाना पड़ा।

एक गुर्जर तो गंगा के उफान में फंसकर रह गया और जैसे-तैसे जान बच सकी। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज से सैकड़ों वन गुर्जरों को विस्थापित किया गया है, लेकिन सरकार की लेटलतीफी के कारण अभी भी सैकड़ों वन गुर्जर परिवार जंगल में ही रहते हैं। कुछ वन गुर्जर अपने परिवारों के साथ पुराने गुरुकुल कांगड़ी गंगा पार रहते हैं। वन गुर्जरों के छह परिवारों के मुखिया रोजाना गंगा पार से दूध से भरे गैलन लेकर ट्यूब के सहारे इस पार आने को मजबूर हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते बुधवार को गंगा का जलस्तर 292.60 पर पहुंच गया था, जो चेतावनी के निशान से सिर्फ 60 मीटर नीचे बह रही थी, मगर उसके बाद भी वन गुर्जर गंगा पार आने को मजबूर हैं। बुधवार सुबह नौ बजे एक वन गुर्जर दूध के भरे गैलन लेकर ट्यूब के सहारे गंगा पार कर रहा था, लेकिन तेज बहाव से उसका पांव फिसल गया। गाजीवाली से पुराने कांगड़ी भवन तक पहुंचने में उसे कई बार जिंदगी और मौत के बीच जूझना पड़ा, और किसी तरह जान बच सकी। गंगा पार रह रहे सद्दीक और फिरोज ने बताया कि उनके परिवार का गुजर-बसर दूध बेचकर ही होता है। अगर हम दूध नहीं बेचेंगे तो हमारे बच्चे भूखे मर जाएंगे। ट्यूब के सहारे ही वो अपने जानवरों के लिए चोकर और अपने लिए राशन भी ले जाते हैं।

बताया कि अगर सरकार उनको भी विस्थापित कर दें, तो उन्हें अपने जीवन से खिलवाड़ नहीं करना पड़ेगा। बताया कि वो रोजाना दो बार सुबह और दो बार शाम को गंगा पार करते हैं। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर वाई.एस. राठौर ने कहा कि गुर्जरों के विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। विस्थापन से बचे हुए गुर्जर परिवारों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन के आदेश के बाद उन्हें भी विस्थापित कर दिया जाएगा।

अधिकारियों के अवकाश लेने पर रोक

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जनपद पौड़ी गढ़वाल, में मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्व चेतावनी के मध्यनजर राज्य सरकार द्वारा जिलाधिकारियों को सर्तक रहने के निर्देश जारी किये हैं। शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सुशील कुमार ने जनपद में 12-13 जुलाई को सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कॉलेज व आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश रहेगा।

जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को उक्त निर्देशों का परिपालन सुनिश्चित करने को कहा। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने आईआरएस सिस्टम से जुड़े विभागों को मुस्तैद रहने के निर्र्देश जारी किये हैं। जिलाधिकारी ने जिला, तहसील व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के अवकाशों पर रोक लगा दी है। अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बिना उनकी अनुमति के मुख्यालय न छोडें।

उन्होंने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के वॉलेनटियरों, स्वयं सेवक संगठनों, पूर्व सैनिकों, ग्राम प्रधानों, ग्राम विकास अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की टीम बनाकर तहसील स्तर पर आपदा की घटनाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाये। उन्होंने आपदा की घटना के दौरान पैंकिंग सामग्री, पानी, फस्ट ऐड बॉक्स, चना, जूस, लाइट, टार्च, माचिस आदि जरुरी सामग्रियों की किट तैयार करने को कहा है। 

बिल्डरों का रजिस्ट्रेशन नहीं, शिकायतें शुरू

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बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए लागू किए गए रियल एस्टेट (रेगुलेशन एण्ड डेवलपमेंट) एक्ट यानी रेडा को लेकर बिल्डर गंभीर नजर नहीं आ रहे। 1 मई 2017 से एक्ट के प्रभावी हो जाने के बाद भी अब तक किसी भी बिल्डर ने रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी में अपना पंजीकरण नहीं कराया है जबकि, पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।

ऐसा नहीं है कि देहरादून में बिल्डरों की मनमानी की शिकायतें नहीं हैं, बल्कि यहां सबसे अधिक मामले फ्लैट अलॉटमेंट को लेकर सामने आते हैं। रेडा की रेगुलेटरी अथॉरिटी उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (उडा) के अधीक्षण अभियंता एनएस रावत के मुताबिक अभी तक किसी भी बिल्डर ने पंजीकरण भले ही न कराया हो, लेकिन इनके खिलाफ तीन शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। तीनों शिकायत फ्लैट का कब्जा देने में विलंब संबंधी हैं, इन पर 31 जुलाई के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि इस बीच बड़ी संख्या में बिल्डर अपना पंजीकरण भी करा देंगे।

पंजीकरण में बिल्डरों के रुचि न लेने को देखते हुए उडा ने एमडीडीए (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) समेत राज्य के अन्य तीन विकास प्राधिकरणों से उनके यहां कार्य कर रहे बिल्डरों की सूची तलब की है। ताकि पंजीकरण न कराने वाले बिल्डरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके, हालांकि अभी तक प्राधिकरणों से सूची प्राप्त नहीं हो पाई है।

रेडा के प्रमुख प्रावधान

  • 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से अधिक व आठ अपार्टमेंट से अधिक वाले प्रोजेक्ट दायरे में।
  • एक मई 2017 तक परियोजनाओं का कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र न ले सकने वाले प्रोजेक्ट आएंगे दायरे में।
  • ग्राहकों से ली गई 70 फीसदी राशि अलग खाते में रखने व उसका प्रयोग सिर्फ निर्माण कार्य में किया जाएगा
  • परियोजना संबंधी जानकारी जैसे-प्रोजेक्ट ले-आउय, स्वीकृति, प्रोजेक्ट समाप्त करने की अवधि आदि की जानकारी निवेशकों को देना।
  • पूर्व सूचित समय के भीतर निर्माण पूरा न करने पर बिल्डर का निवेशकों को ब्याज समेत भुगतान का प्रावधान। ब्याज की दर वही होगी, जिस पर बिल्डर ग्राहकों की चूक पर उनसे वसूली करते हैं।
  • रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के आदेश की अव्हेलना पर बिल्डर को तीन वर्ष की सजा व जुर्माने का प्रावधान।
  • रियल एस्टेट एजेंट या ग्राहक के लिए एक वर्ष की सजा का प्रावधान।

आयुष मंत्रालय के एनएबीएच बोर्ड से जुड़ेगा पतंजलि चिकित्सालय

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पतंजलि चिकित्सालय के चिकित्सकीय एप्रोच से प्रेरित होकर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल एण्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर एनएबीएच के अधिकारियों का तीन सदस्यीय दल बुधवार को पतंजलि योगपीठ पहुंचा।

दल के सदस्यों और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के मध्य पतंजलि चिकित्सालय को एनएबीएच के साथ जोड़ने, चिकित्सालय की क्वालिटी इम्प्रूव करने में बोर्ड एवं पतंजलि योगपीठ चिकित्सालय द्वारा संयुक्त रूप से सम्भावनाएं तलाशने, चिकित्सालय में आने वाले रोगियों की सुरक्षा एवं उसके उपचार की गुणवत्ता बढ़ाने मे मदद करने सहित पतंजलि चिकित्सालय की विविध सुविधाओं को आयुष मंत्रालय के मापदण्डों के अनुरूप विकसित करने पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर पतंजलि रिसर्च फाउण्डेशन में संबोधन के दौरान एनएबीएच के अधिकारियों की ओर से क्वालिटी मॉडल का प्रजेन्टेशन भी हुआ। अपने उद्बोधन में बोर्ड की डिप्टी डॉयरेक्टर डाॅ. बंदना ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के मार्गदर्शन में पतंजलि आयुर्वेद ने उच्चस्तरीय चिकित्सा आयाम स्थापित कियें हैं। साथ ही पतंजलि चिकित्सालय की सेवाओं से देश-विदेश के लाखों रोगियों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पतंजलि चिकित्सालय को बोर्ड के मानकों में शामिल करने से जहां पतंजलि को स्वास्थ्य गुणवत्ता के नये मानक गढ़ने में मदद मिलेगी, वहीं बोर्ड भी इससे अपने को गौरवांवित अनुभव करेगा। दल के सदस्य डाॅ. अनुराग मित्तल एवं डाॅ. रोहित ने भी अपने विचार रखे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि प्राचीन ऋषियों द्वारा अनुसंधित योग-आयुर्वेद आधुनिक वैज्ञानिक मानकों के साथ जन-जन के बीच पहुंचे और लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिले यही पतंजलि का संकल्प है। उन्होंने कहा पतंजलि चिकित्सालय एवं एनएबीएच दोनों एक दूसरे के पूरक बनकर अपने गुणवत्तापरक अनुसंधानात्मक अभियान से आयुर्वेद चिकित्सा को नयी ऊचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित होंगे।
विदित हो कि, आयुष मंत्रालय का यह नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हॉस्पिटल एण्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर एनएबीएच देश भर के आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट से जुड़ी सेवायें एवं आयुर्वेदिक हॉस्पिटल सेवाओं की क्वालिटी इम्प्रूवमेंट के लिए कार्य करती है। 

कनाडा की तकनीक पर तैयार होगी ‘स्मार्ट सिटी’

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देहरादून को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए कनाडा की तकनीक और अनुभवों का उपयोग किया जाएगा। इसे लेकर कनाडा के ‘द काउंसिल जनरल’ ने भी रूचि दिखाई है। सब ठीक रहा तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए कनाडा की तकनीक व विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।

सचिवालय में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से ‘द काउंसिल जनरल ऑफ कनाडा इन चंडीगढ़,’ क्रिस्टोफर गिबिन, ने भेंट की। मुख्यमंत्री और क्रिस्टोफर गिबिन के मध्य मुख्य राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सीवरेज डिस्पोजल सिस्टम लगाने, यूजेवीएनएल के पावर प्रोजेक्टस की क्षमता विकास के लिए आधुनिकीकरण में फंडिंग व सलाहकारी सेवाएं देने, छिबरौ और खोदरी पावर प्रोजेक्टस के एकीकरण, राज्य के 13 नए पर्यटन स्थल विकसित करने के साथ ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अवस्थापना सुविधाओं के प्रबंधन व विकास में कनाडा की बेस्ट प्रैक्टिसेज का उपयोग आदि पर चर्चा हुई।

बैठक में चर्चा की गई कि कनाडा की पर्यटन विकास क्षेत्र में ऐसी बेस्ट प्रैक्टिसेज जो उत्तराखंड के अनुकूल हों का राज्य में नए पर्यटन स्थल विकसित करने में उपयोग किया जा सकता है। कौशल विकास के क्षेत्र में कनाडा की स्किल डेवलपमेंट में विशेषज्ञ कम्युनिटी कॉलेज का राज्य की शिक्षण संस्थानों व आइआइटी आदि से एमओयू पर विचार किया गया।

गिबिन द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिये तकनीक और विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करने मे रुचि दिखाई गई। हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में कनाडा द्वारा ऑर्गर्बल फार्मिंग तथा फलों के उत्पादन एवं प्रोसेसिंग में विशेषज्ञ सेवाएं देने हेतु एमओयू पर विचार किया गया। 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पीएम मोदी ने उत्तराखण्ड के सड़क और आवास की ली जानकारी

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उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव एस. रामास्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रगति (प्रोएक्टिव गवर्नेस एण्ड टाइमली इंप्लीमेंटेशन) की समीक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर लेनिंग और प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रगति की जानकारी दी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने पीएम को बताया कि फोर लेन के कार्य में राज्य में 67 प्रतिशत की भौतिक प्रगति है। इस कार्य को मार्च 2018 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। एत्मालपुर, बहेड़ी, राजपुताना और बिझौली गांव में कार्य रुका हुआ था। प्रशासनिक हस्तक्षेप से इन गांव का कार्य भी शुरू हो गया है।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने हरिद्वार और देहरादून में मिट्टी, आरबीएम, कंक्रीट मिक्सिंग प्लांट की अनुमति दे दी है। हॉट मिक्स प्लांट लगाने के लिए सितंबर से दिसंबर तक की अनुमति दे दी जाएगी। मुख्य सचिव ने बताया कि मंगलोर में मस्जिद शिफ्ट कर अन्य स्थान पर बनाने के लिए 36 लाख रुपये दे दिए गए हैं, जमीन की तलाश भी कर ली गई है। जमीन के लिए छह लाख रुपये जल्द मस्जिद समिति को दे दिए जाएगा। इसी तरह से बहेड़ी में भी मस्जिद शिफ्ट करने के लिए 38.17 लाख रुपये दे दिए गए हैं, मस्जिद समिति द्वारा नये चिन्हित स्थानों पर जल्द मस्जिद निर्माण का कार्य शुरु कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि, 1563 करोड़ रुपये की लागत से 80 किमी मुजफ्फरनगर-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के फोर लेनिंग का कार्य चल रहा है। इसके लिए फोर 479.70 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।  उन्होंने बताया कि राज्य में है एएचपी (एफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट), बीएलसी (बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन) और आईएसएसआर (इन-सीटू स्लप रीडेवलपमेंट) के अंतर्गत 75,000 आवश्यक की मांग है। इसमें 25000 सीएलएसएस (क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम) के तहत आवासों की मांग शामिल नहीं है। आवासों की मांग का का सत्यापन कर लिया गया है।

वर्ष 2020 तक 70000 आवासों का निर्माण किया जाना है। वर्ष 2017-18 में 18000, 2018-19 में 26000 और 2019-20 में 26000 आवासों का निर्माण किया जाएगा। बीएलसी के तहत 5000 आवासों का निर्माण इस वर्ष कर लिया जाएगा। बताया कि भारत सरकार द्वारा बताए गए पांच सुधारों में तीन सुधार कर लिए गए हैं। सिर्फ दो सुधार एक माह में पूरे कर लिए जाएंगे।