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एबीसीडी 3 में भी नजर आएंगे प्रभुदेवा

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डांस डायरेक्टर रिमो डिसूजा के निर्देशन में बनी फिल्म एबीसीडी की तीसरी कड़ी शुरू होने जा रही है और इसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस फिल्म की पहली दो कड़ियों में अभिनय करने वाले साउथ के प्रभुदेवा इस बार भी बतौर एक्टर इस फिल्म का हिस्सा होंगे।

रिमो डिसूजा का कहना है कि, ‘फिल्म के तीसरे हिस्से के लिए कहानी लिखने का काम शुरू हो गया है, जो इस साल के आखिर तक पूरा हो जाएगा। प्रभुदेवा इस फिल्म का फिर से हिस्सा बनने के लिए सहमति दे चुके हैं।’ कास्टिंग को लेकर रिमो का कहना है कि, ‘इस बार भी कोई बड़ा स्टार फिल्म का मुख्य हीरो होगा।’

चर्चा इस बात को लेकर है कि इस फिल्म में टाइगर श्राफ हीरो हो सकते हैं, जिनके साथ रिमो पिछले साल ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ बना चुके हैं, लेकिन बाक्स आफिस पर ये फिल्म नहीं चली थी। माना जा रहा है कि फिल्म का विषय इस बार भी म्यूजिकल है और टाइगर डांस के चैंपियन हैं, तो वे इस कहानी में जल्दी से फिट हो सकते हैं।

रिमो ने एबीसीडी की पहली कड़ी में प्रभु देवा के साथ मशहूर डांस डायरेक्टर गणेश आचार्य को कास्ट किया था। फिल्म के बाकी चेहरे नए थे, जबकि एबीसीडी 2 की मुख्य भूमिकाओं में वरुण धवन और श्रद्धा कपूर ने काम किया था। रिमो वैसे इन दिनों सलमान के साथ अपनी फिल्म में व्यस्त हैं, जो जल्दी ही शुरु होने जा रही है। रिमो का कहना है कि, ‘एबीसीडी 3 की शूटिंग अगले साल मार्च के आसपास शुरू होगी, तब तक वे सलमान खान वाली फिल्म की शूटिंग पूरी कर लेंगे।’ सलमान पहली बार रिमो की किसी फिल्म में काम करने जा रहे हैं। 

अपने मुख्यमंत्री से नहीं मिल पा रहे भाजपा कार्यकर्ता, विधायकों का धैर्य अब जवाब देने लगा

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उत्तराखंड में भाजपा की सरकार जरुर है, लेकिन कार्यकर्ता अब भी संतुष्ट नहीं है। इसका कारण उनको उच्च स्तर पर सम्मान न मिल पाना है। दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो अपने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं पर उन्हें मिलने तक का मौका नहीं मिल पा रहा है।

चार मंत्रियों की कांग्रेसी पृष्ठभूमि होने के कारण उन तक कार्यकर्ताओं की पहुंच नहीं है, जिसके कारण समस्या और गहरा रही है। केवल डॉ. धन सिंह रावत, प्रकाश पंत, अरविंद पाण्डेय और मदन कौशिक को छोड़ दिया जाए तो सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, डॉ. हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य और रेखा आर्य जैसे मंत्रियों से भाजपा के कार्यकर्ता कम, कांग्रेस से भाजपा में आये ज्यादा कार्यकर्ता मिल रहे हैं, इसका कारण उनका सीधा संपर्क और संबंध होना है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत संघ पृष्ठभूमि के हैं और हर कार्यकर्ता उन्हें अपना मानता है, लेकिन उनके आसपास की नौकरशाही उन्हें मिलाने में कोताही बरत रही है, जिसके कारण अब कार्यकर्ताओं में अब निराशा आने लगी है। महज सवा सौ दिनों में ही आने वाली यह निराशा शायद पार्टी के लिए बहुत उपयुक्त न हो। प्रचंड बहुमत के लिए भाजपा कार्यकर्ता जितने उत्साहित थे उतने बड़े नेता भी नहीं थे। इसका कारण कार्यकर्ता प्रदेश में कांग्रेस सरकार को बदलकर भाजपा की सरकार चाहते थे।

प्रचंड मोदी लहर के चलते प्रदेश में भाजपा ने 70 में से 57 विधानसभा क्षेत्रों में ऐतिहासिक विजय प्राप्त की। पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि सत्ता में आने पर उनके भी अच्छे दिन आएंगे। त्रिवेंद्र सरकार को लेकर असंतोष के स्वर कार्यकर्ताओं के स्तर से फूट रहे हों, ऐसा नहीं है। वरिष्ठ मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत खुलेआम सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री की क्षमताओं पर सवाल खड़े कर चुके हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से तनातनी की खबरें भी चर्चाओं में रहती हैं। कार्यकर्ताओं ने सरकार बनाने के लिए जी जान लगाई और जब सरकार बन गई तो कार्यकर्ताओं को दूध की मक्खी की तरह बाहर निकाल ऐसे लोगों को जोड़ा जा रहा है, जो संगठन के थे ही नहीं। सरकार में मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े दो पदों का मामला हो या विभिन्न निगमों, बोर्डों में चेयरमैन का, कार्यकर्ता इन पदों को जल्दी भरना चाहते हैं।

कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है कि मुख्यमंत्री अपने करीबी लोगों को किसी न किसी तरह एडजस्ट कर रहे हैं, किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने के लिए सुस्ती बरती जा रही है। मंत्री पद के दावेदार विधायकों द्वारा गाहे-बगाहे अपनी नाराजगी भी विभिन्न स्तरों पर व्यक्त की जा रही है। विधायकों का मानना है कि मुख्यमंत्री जिसको मर्जी मंत्री बनाएं किंतु निर्णय जल्दी करें क्योंकि असमंजस की स्थिति किसी के लिए भी अच्छी नहीं है।

अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद कांवड़ यात्रा के लिए चौकसी शुरू  

अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद आतंकी अलर्ट के चलते तीर्थ नगरी ऋषिकेश में चौकसी बढ़ा दी गयी है  नीलकंठ यात्रा के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त कावड़िए ऋषिकेश का रुख करने लगे है।  जिसके चलते प्रशसान भी मुस्तैद हो गया है। पुलिस ने सीसी टीवी के जरिये पेनी नजर रखनी शुरू कर दी है। सावन के माह की सबसे बड़ी यात्रा पर सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने कांवड़ मेले में आतंकी हमले के अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।  जिसमे एटीएस की टीमें भी हर वक्त पूरे मेले पर नजर रखेगी साथ ही कुछ पुलिस कर्मियों को सादी वर्दी में भी तैनात किया जा रहा है, जिससे हर तरह के खतरे से निपटा जा सके ।

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संदिग्धों पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है, कावड़ियों की माने तो उन्हें किसी भी तरह से डर नहीं लग रहा, उन्हें शिव भक्ति पर पूरी तरह से विश्वास है और वो अपनी यात्रा पूरी क रके ही लौटेंगे। नीलकंठ यात्रा के लिए कावड़िये दिल्ली-हरियाणा -पंजाब -यूपी से गंगा जल लेने लिए हरिद्वार – ऋषिकेश पहुँचते है,यहाँ जल लेकर कांवड़िये नीलकंठ महादेव में सबसे पहले जलाभिशेक करते है।

नीलकंठ कावड यात्रा हर साल उत्तराखंड प्रशासन के लिए एक चुनोती की तरह रहती है। ऐसे में आतंकी हमले की संभावनाएं बढ़ जाती है जिसके लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस कृमियों को निर्देशित करते हुए एसएसपी टिहरी ने कहा की प्रत्यक सोमवार को बड़ी संख्या में कावड़िए जलाभिषेक के लिए नीलकंठ महादेव पहुंचेंगे जिसके लिए ट्रैफिक ववस्था, जल पुलिस और सभी संदिग्धो पर निगाह रखी जाएगी। ये चुनौतीपूर्ण काम है जिसको सभी पुलिस कर्मियों को तत्परता से निभाना है।

सीवर लाइन के गटर से मिले 2 शव

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देहरादून के पॉश कॉलोनी, पॉम सिटी इलाका, जोकि पटेलनगर थाना क्षेत्र में अाता है वह सीवर लाइन के गटर से दो शव मिलने से सनसनी फ़ैल गयी।

दोनों शव 25 फीट गहरे गटर में थे अौर  करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों शवों की शिनाख्त करवाई तो पता चला कि दोनों मृतक युवक, अजय और गुड्डू ब्रह्मपुरी के रहने वाले थे,  फ़िलहाल बॉडी 1 से 2 दिन पुरानी लग रही है।

प्रथम दृश्या से हत्या कर, शव ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रहीं है जिसके लिये संदिग्धों से पूछताछ की जा रहीं है। फ़िलहाल मामले की जांच जारी, मामले की सुचना के बाद इंस्पेक्टर रितेश साह घटना स्थल पर पँहुचे अौर लोगों से पूछताछ की तो पुलिस को जानकारी मिली कि सीवर की लाइन की मरम्मत करने आए कर्मचारियों ने सबसे पहले इन शवों को देखा।

इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों मृतक सीवर का ही काम करते थे, पुलिस ने शवों को पोस्त्मर्तम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट के बाद पुलिस अपनी आगे की जाँच शुरू करेगी।

1.25 करोड़ रुपये की अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

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एसएसपी के निर्देशन में देहरादून जनपद में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अन्तर्गत 1 अभियुक्त सरबजीत, उम्र 28 को अवैध 5 किलोग्राम अफीम सहित नंदा की चौकी प्रेमनगर से धारा 8/18 एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई।

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अभियुक्त द्वारा प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि अभियुक्त की दिल्ली में पढ़ाई के दौरान जौनसार छेत्र की लड़की से मुलाकात हुई जिससे प्रेम विवाह करके यह दिल्ली से 2008 में देहरादून आया था, जिसके साथ जीवनगढ़, विकासनगर में रहे थे, फिर इसका अपनी पत्नी से 2013 में तलाक हो जाने पर वापस दिल्ली चला गया। फिर अभी 6 माह पूर्व पुनः दिल्ली से विकासनगर देहरादून वापस आया जहां इसकी मुलाकात कुछ नशा तस्करों से हुई जिन्होंने बताया कि नशे के काम मे मोटी कमाई है, इस पर अभियुक्त पैसो के लालच में हिमांचल से अफीम लाकर देहरादून के बड़े बड़े होटल में सप्लाई करने एवं गढ़वाल के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि पर्यटक स्थलों पर सप्लाई करने की बात स्वीकार की गई है।

सरबजीत 3 माह से प्रेमनगर में किराए के मकान में आकर रहने लगा ताकि इस पर किसी को कोई शक न हो। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि इसने यमनोत्री में एक होटल भी लीज पर लिया हुआ है वहां से भी यह उक्त नशा की सप्लाई यात्रियों आदि को करता है। अफीम की डिलीवरी यह शहर के बड़े बड़े होटल एवम बार रेस्टोरेंट में करने के लिए जा रहा था कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा बताए गए होटल एवम बार रेस्टोरेंट पर भी उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों को मिली छह लाख की सहायता

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खटीमा क्षेत्र के कंचनपुरी पचपेरा में आत्महत्या करने वाले किसान के परिजनों को छह लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। खुदकुशी करने वाले किसान को विधायक ने स्वयं एक लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की थी, साथ ही सीएम राहत कोष से पांच लाख रुपये दिलाए जाने की बात कही थी।

विधायक पुष्कर सिंह धामी और एसडीएम ने खुदकुशी करने वाले किसान के परिजनों से मिलने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख व अपनी ओर से एक लाख रुपये का चेक पीडि़त परिवार को सौंपा। इस दौरान विधायक धामी ने किसान के बच्चों की शिक्षा व लड़कियों की शादी के लिए भी मदद का आश्वासन दिया।

आपदा प्रबंधन के पास जलस्तर मापने का उपकरण तक नहीं

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भूस्खलन और भूंकप की दृष्टि से चमोली जिला श्रेणी पांच में रखा गया है। बड़ा महकमा आपदा प्रबंधन का भी है मगर आश्चर्य कि बात यह कि आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कार्यालय के पास संसाधनों व तकनीकी के नाम पर जल स्तर मापने तक का संसाधन नहीं है। तहसीलों से प्राप्त सूचना पर ही निर्भर रहना पड़ता है। तापमान मापने के लिए बड़ा थर्मामीटर आपदा प्रबंधन के पास नहीं है।

बताते चलें कि प्राकृतिक आपदा की दृष्टि से चमोली जिले को बेहद संवेदनशील माना जाता है। कई बार प्राकृतिक आपदा का दंश झेल चुके चमोली जिले में शासन-प्रशासन की दृष्टि से बरिश को देखते हुए सभी तरह की तैयारियां और सजगता रखने की बात की गई है, लेकिन जब आपदा प्रबंधन विभाग से पूछा गया कि विभाग के पास आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए क्या-क्या संसाधन है। विभाग ने बताया कि उनके पास जलस्तर मापने के लिए कोई संसाधन नहीं है। तहसीलों और सिंचाई विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर जलस्तर की जानकारी मिलती है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी बताते है कि मौसम संबंधी जानकारियों के लिए देहरादून से ही सूचना मिलती है।

जबकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार चमोली, पिथौरागढ़ तथा रुद्रप्रयाग के किसी भी स्थान पर जल्द ही विश्व बैंक की सहायता से मौसम संबंधी जानकारियों के लिए रडार लग सकते हैं। इससे महत्वपूर्ण जानकारियों का आदान-प्रदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा से चमोली की नदियों में कुछ जल स्तर बढ़ा है मगर अभी चिंताजनक स्थिति नहीं है।

सोमवार को जिले की नदियों का जलस्तर
-नंदाकिनी जलस्तर 867.27 मीटर खतरे का स्तर 871.50 मीटर
-अलकनंदा 554.02 खतरे का स्तर 557.42
-पिंडर 768.62 खतरे का स्तर 773.00 मीटर

मसूरी जीप पर गिरा मलबा: तीन की मौत, एक घायल

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आज सुबह मसूरी क्षेत्र में एल.के.डी रोड, चील ढांग के पास एक बोलेरो पिकअप वाहन UK 07 CB 1149 के ऊपर पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण वाहन गहरी खाई में गिर गया। जिसमें सवार 4 व्यक्तियों में से तीन की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

सूचना पर थाना मसूरी तथा थाना कैंट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया तथा हादसे में एक घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में म्रतक व्यक्तिय रिखोली गांव,हाथीपाँव, थाना मसूरी के रहने वाले थे।

पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृतको एंव घायलों को गहरी खाई से बाहर निकाला और घायलों को प्राइवेट वाहन से उपचार के लिये मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रहीं वर्षा के कारण करीब 15 मीटर रोड पूरी तरह से टूट गई है।हालांकि मसूरी में पिछले एक सप्ताह से बारिश हो रही है, लेकिन कल रात की भारी बारिश ने यहां का जनजीवन प्रभावित कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वाहन दुर्घटना में मृतको के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घडी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।

मुंबई में खुला शिवसेना का उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय

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उत्तराखंड के प्रवासी प्रदेशवासियों के लिए मुंबई के ठाणे में शिव सेना के उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय का विधिवत रूप से उद्घाटन किया गया। कार्यालय महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तराखंड वासियों को अपनी संस्कृति और माटी से जोड़े रखने का कार्य करेगा।

मुंबई के थाणे में आयोजित एक समारोह में शिवसेना के उत्तराखंड जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश-दुनिया में महाराष्ट्र की पहचान वीरभूमि व उत्तराखंड राज्य को देवभूमि के नाम से भी पहचाना जाता है। वीरभूमि और देवभूमि के लोग सच्चे और देशभक्त हैं, उन्हें आपस में जोड़े रखना प्रदेश और देशहित दोनों के लिए जरूरी है।
शिव सेना के उत्तराखंड प्रदेश प्रमुख गौरव कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में बेहद अधिक संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी निवास कर रहे हैं जो देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक के तौर पर प्रदेश के गौरव को कायम रखने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रवासी जनों का एक सूत्र में बंधा रहना जरूरी है क्योंकि विकास के लिए एक जुट होकर किए गए कार्य सबसे अधिक मायने रखते हैं। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

शिक्षा मंत्री का विवादित बयानः शक्तिमान नहीं हूं मैं

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मैं शक्तिमान नहीं जो तुरन्त ही किसी समस्या का समाधान कर दूं।जी हां, ये कहना है प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय का, शिक्षा मंत्री के इस बेतुके बयान से जहां विवादों का दौर शुरु हो गया है वहीं हाईकोर्ट से लगातार मिल रही फटकार से बौखलाई सरकार और शिक्षा मंत्री अब इस तरह के बेतुके बयानबाजी पर उतर आये हैं, जिससे जाहिर है कि शिक्षा महकमा बच्चों के प्रति गितना गंम्भीर है।

नैनीताल हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद भी स्कूलों के जर्जर भवनों को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। इस बात को साबित करने के लिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का विवादास्पद बयान ही काफी है। नैनीताल क्लब में इस मुद्दे पर उन्होंने बेतुका बयान दे डाला। बारिश में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ने वाले बच्चों को नसीहत देते हुए पांडेय ने कहा कि ‘बच्चे अपना ख्याल खुद रखें, मैं कोई शक्तिमान नहीं हूं। जिंदगी रही तो पढ़ाई अगले साल कर लेंगे’। उन्होंने दावा किया कि एक साल के भीतर स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार साफ नजर आएगा।

शिक्षामंत्री लेक सिटी क्लब की ओर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए नैनीताल आए थे। नैनीताल क्लब में पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में स्कूलों की बदहाल व्यवस्थाओं पर कहा कि जब राज्य में भाजपा की सरकार बनी थी तो हालात काफी खराब थे। तीन माह में काफी सुधार हुआ है। बच्चों के टाट-पट्टी पर बैठने के सवाल पर कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि हर स्कूल में फर्नीचर की व्यवस्था हो।

ड्रेस कोड के सवाल पर कहा कि कोई ड्रेस कोड नहीं हैं। मंत्री, अधिकारी और शिक्षक सभी की डे्रस समान हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाली खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया जाएगा। उत्तराखंड में खेल गांव न होने पर चिंता व्यक्त करते हुए खेल महाकुंभ का आयोजन कराने को लेकर हामी भरी। योग शिक्षकों की भर्ती पर उन्होंने कहा कि अभी थोड़ा इंतजार करें। पहले शिक्षकों की पुरानी समस्याएं निपटाना प्राथमिकता है।