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दून में बीएसएनएल की वाई-फाई सेवा शुरू

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भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) उत्तराखंड परिमंडल ने देहरादून में वाई-फाई सेवा शुरू कर दी है। फिलहाल राज्य के अलग-अलग शहरों में 20 स्थानों पर सेवा के लिए उपकरण स्थापित किए गए हैं, जल्द 40 और स्थानों पर उपकरण लगाए जाएंगे। इस सेवा का लाभ बीएसएनएल के प्रीपेड, पोस्टपेड, मोबाइल एवं ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं के साथ ही अन्य ऑपरेटरों के मोबाइल उपभोक्ता भी ले सकते हैं।

मंगलवार को विंडलास कॉम्प्लेक्स स्थित मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बीएसएनएल के सीजीएम महक सिंह ने बताया कि उपभोक्ता इस सेवा के तहत 4जी प्लस की गति से इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकते हैं। बीएसएनएल ने 20 स्थानों पर वाई-फाई उपकरण स्थापित किए हैं। इनमें देहरादून में सात, अल्मोड़ा में तीन, हरिद्वार में तीन, नैनीताल में दो, नई टिहरी में दो और श्रीनगर गढ़वाल में तीन संयंत्र स्थापित किए गए हैं।

देहरादून में इंजीनियर एन्क्लेव, आइटीबीपी, सुभाष नगर, नेहरू कालोनी, बंजारावाला, राजीव नगर व जौलीग्रांट में वाई फाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही उपभोक्ता इन वाई-फाई के कवरेज क्षेत्र में आएंगे तो उन्हें तीन विकल्प दिखाई देंगे, बीएसएनएल वाई फाई, बीएसएनएल 4जी प्लस और बीएसएनएल ब्रॉडफाई। उपभोक्ता अपनी आवश्यकता अनुसार कोई भी एक विकल्प चुनकर इंटरनेट सेवा का लाभ उठा सकता है। इन 20 स्थानों के अतिरिक्त उत्तराखंड में 40 और स्थानों पर भी वाई-फाई सेवा शुरू की जाएगी।

सीजीएम ने जानकारी दी कि बीएसएनएल ने लैंडलाइन व ब्रॉडबैंड सेवाओं में लैंडलाइन 49 और ब्रॉडबैंड 249 प्लान की अवधि 30 सितम्बर तक बढ़ा दी है। नए लैंडलाइन व ब्रॉडबैंड संयोजनों पर स्थापना शुल्क एक वर्ष तक नहीं लिया जाएगा। ब्रॉडबैंड में यदि कोई उपभोक्ता 675 रुपये या इससे अधिक प्रतिमाह का प्लान लेता है और बीएसएनएल से 1500 रुपये का वाई-फाई मॉडम खरीदता है तो उस उपभोक्ता को मॉडम की कीमत वापस कर दी जाएगी। यह 50 रुपये प्रतिमाह की किश्तों में तीस माह तक वापस की जाएगी।

साथ ही, मंगलवार से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लैंडलाइन पर मिलने वाली नि:शुल्क कॉल की संख्या दोगुनी कर दी गई है। लैंडलाइन में एक नया प्लान लैंडलाइन 299 नाम से शुरू किया जा चुका है। इसके तहत 299 रुपये प्रतिमाह शुल्क लिया जाएगा और किसी भी नेटवर्क पर 250 कॉल नि:शुल्क दी जाएगी। इसके बाद किसी भी नेटवर्क पर प्रति कॉल शुल्क 1.20 रुपये होगा।

आधा किलो कीड़ा जड़ी के साथ एक गिरफ्तार

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keedajadi smuggler arrested

चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्रांतर्गत पुलिस ने आधा किलो कीड़ा जड़ी के साथ एक नेपाली को गिरफ्तार किया गया। पकड़ी गई कीड़ा जड़ी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई।

पुलिस अधीक्षक चमोली तृप्ति भट्ट ने बताया कि जनपद में अवैध कार्यों के विरुध चलाये जा रहे अभियान के तहत मंगलवार की सुबह नियमित चेकिंग के दौरान नेपाली मूल के मान सिंह के पास से आधा किलो कीड़ा जड़ी बरामद की है। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7 लाख 30 हजार के आसपास है। बताया कि पकड़े गये आरोपी पर वन अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। 

संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत

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student died in suspicious condition

मंगलवार को समय 08:45 बजे विपिन आहूवालिया, प्रशासनिक अधिकारी, यूनिसन वर्ल्ड स्कूल द्वारा थाना राजपुर को सूचना दी की उनके स्कूल के होस्टल में रहने वाली एक लड़की, जिसका नाम मानवी अग्रवाल पुत्री वीरेंद्र सिंह अग्रवाल निवासी कृष्णा नगर वार्ड नंबर- 02 कपिलवस्तु, नेपाल हाल- यूनिसन वर्ल्ड स्कूल राजपुर, उम्र 14 वर्ष, सवेरे व्यायाम के दौरान बेहोश हो गई। जिसे स्कूल स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उपचार हेतु मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां दौराने उपचार उसकी मृत्यु हो गयी।

पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। शव का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम  कार्यवाही की जाएगी।

एक ही दिन में दो परीक्षाएं, छात्र परेशान

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same exam dates leave students in mess

एक ही दिन में दो परीक्षाएं होने से अभ्यर्थी असमंजस में हैं। आवेदन करने वाले किस परीक्षा में शामिल हों और किसे छोड़े इस बात को लेकर काफी परेशान हैं, जबकि भविष्य के लिहाज से दोनों ही परीक्षाएं महत्वपूर्ण हैं। यदि तिथि में बदलाव न हुआ तो कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो जाएंगे।
कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) की प्रवेश परीक्षा इस बार एक ही दिन पड़ रही है। आईआईएफटी ने 26 नवंबर को प्रवेश परीक्षा कराने की घोषणा की है, जबकि कैट की प्रवेश परीक्षा भी इसी दिन होनी है। ऐसा पहली बार है जब मैनेजमेंट की दो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं एक ही दिन हो रही हैं। इससे छात्र परेशान हैं कि कौन सी परीक्षा में बैठें।
आईआईएफटी अपने दिल्ली और कोलकाता कैंपस में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम कराता है। जबकि कैट के जरिए समस्त आईआईएम के अलावा कई बड़े बिजनेस स्कूलों में प्रवेश का मौका मिलता है। गत वर्षों में आईआईएफटी अपनी परीक्षा पहले कराता था। उसके एक सप्ताह बाद कैट होता था। पिछली बार कैट दिसंबर में हुआ था। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईएफटी ने 26 नवंबर को परीक्षा की तिथि घोषित की थी। कैट की आयोजन समिति ने भी परीक्षा इसी दिन रख दी।
करियर लॉन्चर के निदेशक अमित मित्तल ने बताया कि मैनेजमेंट के छात्रों के लिए यह दोनों ही परीक्षा महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों ने आईआईएफटी और कैट प्रशासन को ई-मेल किया है। इसमें परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग की गई है। संभवत: आईआईएफटी प्रशासन परीक्षा की तिथि में बदलाव करेगा क्योंकि आईआईएफटी के परीक्षा केंद्र कम होते हैं, जबकि कैट के परीक्षा केंद्र अपेक्षाकृत ज्यादा होते हैं।

एचचसी ने सींचपाल पदों की नियुक्ति पर लगाई रोक 

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हाईकोर्ट ने सिंचाई विभाग में सींचपाल के करीब 50 पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उत्तर की और रिवाइज उत्तर की में अलग अलग सवालों के जवाब का उल्लेख करने पर यह फैसला किया है।

दरअसल सिंचाई विभाग में सैकड़ों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। इसमें सींचपाल के करीब 50 पद हैं। हाल ही में इन पदों के लिए परीक्षा भी हुई। उत्तर की जारी करने के बाद विभाग ने रिवाइज उत्तर की जारी की। इसमें सवालों के अलग अलग जवाब थे।

इन पदों के लिए 2015 में विज्ञापन जारी किया था। हरिद्वार की अभ्यर्थी इंदुबाला ने याचिका दायर कर इसको चुनौती दी। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

सिंचाई विभाग में महिलाओं को मिलेगा रोज़गार

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प्रदेश के सिचाई विभाग ने महिलाओं को स्वाबलंबी बनाने के लिए एक अनोखा तरीका खोजा है। सिचाई विभाग महिला संगठन के जरिये ट्यूबवैल को संचलित करने की योजना तैयार कर रहा है। प्रदेश भर में सिचाई के लिए विभाग ने करीब 1529 ट्यूबवैल और 220 लिफ्टिंग योजना बनायीं हैं लेकिन इनमे से केवल 250 ट्यूबवैल पर ही ऑपरेटर कार्यरत हैं।

बाकि के 1279 ट्यूबवैल और 220 लिफ्टिंग योजना में ऑपरेटरों के पद रिक्त है। इन रिक्त ऑपरेटर के पद पर सिचाई विभाग महिलओं को नियुक्त करने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत ट्यूबवैल के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधो पर होगी जिससे महिलाओ को रोजगार से जोड़ा जायेगा।

 

संगठनात्मक चुनाव को लेकर बैठक,आगामी चुनाव के बारे में हुई चर्चा

कांग्रेस ने आगामी संगठनात्मक चुनाव के की तेेयारी शुरू कर दी है, इसी कड़ी में डोईवाला स्तिथ नगर पालिका सभागार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा एक मीटिंग की गई जिसमें आगामी चुनाव को लेकर चर्चा हुयी जिसकी अध्यक्षता ज़िलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला ने की। मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश ज़िलाध्यक्ष जयेन्द्र रमोला ने बताया कि बैठक में चुनावी तैयारी को लेकर चर्चा की गई व चुनावी प्रक्रिया के बारे में बताया गया उन्होंने बताया कि कॉग्रेस पार्टी में हर कार्यकर्ता का सम्मान है और चुनावी प्रक्रिया से असली कार्यकर्ता चुन के आयेगा ।

करण जौहर के साथ फिल्म करने से काजोल का इंकार

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काजोल ने एक बार फिर करण जौहर या उनकी कंपनी की किसी भी फिल्म में काम करने की संभावना से साफ तौर पर मना करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं होने वाला। काजोल ने कहा कि वे अतीत में जीना पसंद नहीं करतीं और बंद पन्नो को फिर से टटोलना उनकी आदत में शुमार नहीं हैं।

काजोल मुंबई में अपनी तमिल फिल्म ‘वीआईपी 2’ के हिंदी वर्शन ‘वीआईपी 2 ललकार’ के ट्रेलर लांच के मौके पर मीडिया के साथ बातचीत कर रही थीं। करण जौहर के साथ फिर से किसी फिल्म में काम करने को लेकर हुए सवाल पर काजोल ने साफ तौर पर इन संभावनाओं को साफ तौर पर खारिज कर दिया।

करण जौहर और काजोल की 25 साल पुरानी दोस्ती को उस वक्त विराम लग लगा था, जब अपनी ‘बायोग्राफी एन अनसुटेबल ब्वाय’ में करण जौहर ने इस बात का खुलासा किया था कि काजोल के साथ उनकी दोस्ती हमेशा के लिए टूट चुकी है। करण ने इसका कारण बताते हुए इसके लिए अजय देवगन की फिल्म ‘शिवाय’ के साथ अपनी फिल्म ‘ए दिल है मुश्किल’ का हुआ टकराव बताया था। करण ने कहा था कि उस मामले को लेकर काजोल के रवैये से मुझे आघात लगा और हमारा रिश्ता टूट गया। 

काजोल ने इस पर पलटवार करते हुए करण जौहर पर आरोप लगाया था कि अपनी बायोग्राफी को बेचने के लिए इस तरह की बातें करने वालों से वे कभी कोई रिश्ता नहीं रख सकतीं। कहा जाता है कि शाहरुख खान ने दोनों के बीच सुलह सफाई कराने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों ही अपने रवैये पर अड़े रहे। 

कटरीना कैफ भी बनेंगी फिल्म निर्माता

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प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा, लारा दत्ता और दिया मिर्जा के बाद अब कटरीना कैफ को लेकर खबर मिल रही है कि वे भी जल्दी ही फिल्म निर्माण के मैदान में कदम रख सकती हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल के आखिर तक कटरीना की बतौर निर्माता पहली फिल्म की योजना सामने आ सकती है।

कटरीना कैफ ने खुद इस बात के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी अपनी फिल्म की योजना के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया है। कटरीना कैफ की हाल ही में रणबीर कपूर के साथ फिल्म ‘जग्गा जासूस’ रिलीज हुई, जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई और इस समय कटरीना तीन नई फिल्मों में काम कर रही हैं। मोरक्को में उनकी फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ की शूटिंग का अंतिम शेड्यूल चल रहा है, जिसमें वे हिस्सा ले रही हैं। यशराज में बन रही ये फिल्म सलमान के साथ उनकी फिल्म ‘एक था टाइगर’ की सीक्वल है, जिसका निर्देशन ‘सुल्तान’ वाले अली अब्बास जाफर कर रहे हैं।

यशराज की ही फिल्म ‘ठग ऑफ हिंदोस्तां’ में वे एक बार फिर आमिर खान के साथ होंगी। इससे पहले यशराज की ‘धूम 3’ में वे आमिर की हीरोइन रही हैं। ‘धूम 3’ के निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य ही ‘ठग ऑफ हिंदोस्तां’ का निर्देशन कर रहे हैं। ‘ठग ऑफ हिंदोस्तां’ में अमिताभ बच्चन भी अहम भूमिका में हैं, जिनके साथ कटरीना ने अपने करिअर की पहली फिल्म ‘बूम’ और फिर रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘सरकार’ की पहली कड़ी में काम किया था।

कटरीना की तीसरी बन रही फिल्म शाहरुख खान के साथ है, जिसे आनंद एल राय निर्देशित कर रहे हैं। इस फिल्म में अनुष्का शर्मा भी हैं। यश चोपड़ा की अंतिम फिल्म ‘जब तक है जान’ के बाद ये तीनों एक बार फिर साथ काम करने जा रहे हैं। चर्चा है कि राकेश रोशन की ‘कृष 4’ में ऋतिक के साथ कटरीना की जोड़ी बनने जा रही है। इस रेस में कटरीना के अलावा यामी गौतम भी हैं, जिनके साथ ऋतिक की फिल्म ‘काबिल’ इस साल जनवरी में रिलीज हुई थी। 

बारिश से सब्जियां हुई महंगी, लोग बेहाल

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आसमान से बरस रही आफत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्या मैदान, क्या पहाड़ सब बारिश से सराबोर हैं। लगभग तीन दर्जन से अधिक रास्ते बंद हैं। आए दिन चारधाम यात्रा मार्गों पर मलबा और पहाड़ टूटकर गिर जाता है। केवल पर्यटक ही नहीं मैदानी क्षेत्र के आम आदमी भी आसमानी आफत के कारण काफी परेशान हैं।

लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों के रास्तों के बार-बार बन्द होने के कारण मंडियों में सब्जियों के समय से नहीं पहुंचने के कारण बाजार में फल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे लोगों का बजट बिगड़ रहा है और गरीब मंहगाई के कारण सब्जियां नहीं खरीद पा रहा है। पछवादून सब्जियों की खरीद पर अधिकांश पहाड़ी क्षेत्रों पर भी निर्भर है। आजकल लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों के बन्द हो जाने पर मजबूर किसानों की सब्जी, फल इत्यादि समय से मंडी तक नहीं पहुंच पाती है, जिसके कारण मंडियों में सब्जी के दाम बढ़ गए हैं।
विक्रेताओं के अनुसार, कुछ समय पहले तक टमाटर बीस से तीस रुपये प्रति किलो बिक रहा था। कमलेश का कहना है कि टमाटर अस्सी से सौ रुपये और मटर एक सौ बीस रुपये प्रति किलो लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं करेला, लौकी, तोरई पहले बीस रुपये में बिक रहे थे अब चालीस में, बीनस, बैंगन पहले तीस तो अब पचास, शिमला मिर्च पहले तीस तो अब प्रति किलो पचास रुपये से अधिक पर बिक रही है, जिससे गरीब लोगों की थाली से सब्जी गायब हो गई है और यहीं हाल फलों का भी है। महंगाई होने के कारण फल और सब्जी खरीदना आम आदमी के लिए बहुत मुश्किल हो गया है।