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राखी बांधने गयी बहन कट गयी चोटी

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भाई की कलाई पर राखी बांधने गयी बहन की रहस्यमय तरीके से चोटी कटने के बाद लोगों में दहशत बनी हुई है, कुछ लोग हवा का असर बता रहे तो कुछ तंत्रमंत्र का टोटका बताकर अंधविश्वास की ओर जा रहे हैं। जी हां, रहस्यमय तरीके से महिलाओं के बाल काटने और शरीर पर त्रिशूल बनाने की कथित घटनाओं का खौफ लगातार बढता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में सामने आये कई मामलों के बाद अब उत्तराखण्ड में भी चोटी काटने के मामले सामने आने लगे हैं। काशीपुर के कुण्डेश्वरी में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने के लिए भाई के पास गयी बहन की रात को सोते हुए रहस्यमय तरीके से चोटी कट गयी और महिला बेहोशी की हालत में है। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग घर के आंगने में ही सो रहे थे, तभी महिला को एहसास हुआ कि उनके बालों पर कुछ हलचल हो रही है, जिससे वो गबरा गयी और घर के अंदर चली गयी लेकिन घर के अंदर जाते ही वो बेहोश हो गयी।

परिवार के लोगों को जब पता लगा तो उन्होने देखा कि सर के बाल कटे हुए हैं जिससे सभी दंग रह गये, परिवार के लोग इसे बुरी आत्माओ की हवा का असर बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे अंधविश्वास से जोड रहे हैं। फिलहाल परिवार के लोगों में दहशत बनी है और अफवाओं का बाजार भी गर्म है।

चोटी कटने के बाद टोटके से हो रही हिफाजत 

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देश भर में चोटी काट ग्रिरोह का खोफ थमने का नाम नहीं ले रहा है, उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी ये खौफ जमकर फैलने लगा है।ताजा मामला रुद्रपुर के ट्रांजिट कैम्प का है जहाँ एक महिला की चोटी काटने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से महिला बेहोश है जिसे बरेली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, लेकिन घटना के बाद से क्षेत्र में खौफ इस कदर है कि लोग टोने-टोटके तक आजमा रहे हैं।
घरों के बाहर हल्दी और हाथों के निशान या फिर नींबू मीर्च लगाकर लोग अपने अपने तरीकों से बचाव कर रहे हैं, लोगो का मानना है की ये कोई चुडेल का साया है। इससे बचने के लिए अपने घरो पर तरहं तरहं की तंत्र विधियाँ करने लगे हैं। जनपद उधम सिंह नगर के रुद्रपुर, ट्रांजिट कैंप में एक महिला अपने घर के दरवाजे पर बैठी हुई थी की अचानक उनकी चोटी कट कर उनके सामने गिर गयी और वो डर के मरे वेहोश हो गयी।  शोर गुल सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और महिला को हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया उसके बाद होश ना आने पर महिला को बरेली के निजी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगो की माने तो उन्होंने किसी को आते जाते नहीं देखा है और इनकी चोटी कट गयी जिसके कारण पुरे क्षेत्र में खौफ का माहौल बना है।
स्थानीय लोग इस घटना के बाद से इतने डर गये हैं कि अपने-अपने घरो पर तरह तरह के तंत्र बिधियाँ अपना कर अपने घरो के दरबाजे पर हल्दी के छापे , नीबू मिर्च और प्याज जैसे कई टोटके कर रहें हैं। उनका कहना है की कहीं वो साया उनके बाल काट ना ले जाये जिसके कारण ये सब कर रहें हैं

 

किसान के बेटे ने जीता अंतर्राष्ट्रीय मैदान में सिलवर मेडल

एशियन बाॅक्सिंग चैम्पियनशिप में घाट के लाल का दबदबा,गढ़वाल राइफल के ब्वाइज स्पोर्टस कंपनी में तैनात हैं सतेन्द्र
भले ही विकास खंड घाट का नाम लोगों को बोलने में व सूनने में कुछ अटपटा सा जरूर लगे लेकिन यहां के युवाओं के बुलंद हौसलों एवं नेक इरादों से इस क्षेत्र का नाम हमेशा से आगे रहा है। इन दिनों एक बार फिर घाट चमोली का ही नहीं पूरे उत्तराखंड का नाम युवा बाॅक्सर सतेंद्र सिंह रावत ने पूरे एशिया में ऊंचा किया है। फिलीपींस में चल रही जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप -2017 के 80 किलो भार वर्ग में सतेन्द्र सिंह रावत ने सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। उन्होने  5-0 से कांस्य पदक व 5-0 से रजत पदक पर कब्जा कर लिया था। सोमवार को वे स्वर्ण पदक के लिए उज्वेकिस्तान से लडे। उनके बेहतरीन प्रदर्शन से विकास खंड़ घाट में हर्ष एवं खुशी का माहौल बना हुआ है।
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जोगेन्द्र बोरा जिन्होंने दिखाई सतेन्द्र को राह
मूल रूप से विकास खंड घाट के ग्राम धूनी के सतेन्द्र ने प्राथमिक शिक्षा के दौरान अपने शिक्षक जोगेन्द्र बोरा से बाॅक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद सतेन्द्र का चयन महाराणा प्रताप स्पोर्टस काॅलेज के लिए हुआ। जहां से उन्होंने अपनी तैयारी पूरी की। इसके बाद सतेन्द्र ने भारतीय सेना ज्वाइंन कर ली। जिसके बाद सतेन्द्र ने पीछे मूड कर नहीं देखा। जूनियर नेशनल चैंपियनशिप स्वर्ण पदक जीतने के बाद सतेन्द्र का चयन वर्ष 2017-18 की एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप के लिए हुआ। सतेन्द्र गढ़वाल राईफल के ब्वाइज स्पोर्टस कंपनी के खिलाडी है। सतेन्द्र की जीत पर उनके कोच सूबेदार जीवन सिंह ने भी खुशी व्यक्त की है। वहीं उनके जीत पर विकास नगर घाट में खुशी का मौहाल बना हुआ है। वहीं सतेन्द्र ने अपनी जीत श्रेय अपने कोच को दिया है। वे इस जीत से काफी खुश हैं और देश के लिए फाइनल में भी बेहतर करने का प्रयास करेंगे।
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सतेन्द्र के किसान पिता महेन्द्र सिंह
किसान का बेटा है सतेन्द्र : चमोली जनपद के विकास खंड घाट के सुदूरवर्ती ग्राम घूनी के रहने वाले सतेन्द्र के पिता महेन्द्र सिंह खेती करते हैं। सतेन्द्र ने राजकीय जूनियर हाईस्कूल चैन घाट में अपनी शिक्षा ग्रहण की। इसी दौरान उन्हें अपने शिक्षक जोगेन्द्र बोरा से बाक्सिंग खेलने की प्रेणा मिली। उनकी इस जीत पर उनके पिता महेन्द्र सिह, उनकी बहन गंगोत्री, उनके गढ़वाल राइफल लेंसडाउन के कोच सूबेदार जीवन सिंह ने उन्हें बधाई देते हुए फाइनल के लिए शुभकामनाए दी है।

डेंगू के उपचार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कौशिक

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शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने डेंगू के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए रविवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) के सभागार में जिलाधिकारी दीपक रावत की उपस्थिति में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी रविंद्र थपलियाल सहित प्रशासन के अधिकारियों की बैठक ली। मंत्री कौशिक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जनपद के नगर निकायों व ग्रामीण निकायों के पदाधिकारियों से अब तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज डेंगू के मरीजों का ब्यौरा मांगा। मुख्य चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग के पास कुल 24 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से सात में डेंगू की पुष्टी हुई है। दो मामले ज्वालापुर से, एक बीएचईएल सेक्टर एक से, चार रोशनाबाद से दर्ज किये गये थे।

मंत्री ने निजी चिकित्सालयों में डेंगू का इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या का ब्यौरा भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांगा जिस पर उन्होंने निजि चिकित्सालयों द्वारा मरीजों की संख्या का ब्यौरा उपलब्ध न कराये जाने की बात कही। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी को आइएमए से समन्वय बनाकर सभी छोटे-बड़े निजी चिकित्सालयों को दैनिक रूप से दिनभर के डेंगू मरीजों का लिखित ब्यौरा उपलब्ध कराने के आदेश जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि कोई निजी चिकित्सालय ऐसा नहीं करता है तो वह अवगत कराये कि उनके यहां डेंगू के मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। ऐसा नहीं करने वाले चिकित्सालयों पर कार्रवाई की जाये। मंत्री मदन कौशिक ने डेंगू की रोकथाम व बचाव के लिए किये गये उपायों की जानकारी भी मांगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने अवगत कराते हुए बताया कि सभी विद्यालयों और खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह विद्यालय में होने वाली एसेम्बली में प्रार्थना के बाद छात्रों को डेंगू के कारणों और बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिये गये दिशा निर्देशों में घरों के आस-पास व घर में रखे गमलों, कूलरों, बर्तनों, टायर व नारियल के खोल आदि में साफ पानी एकत्र न होने देने की जानकारी छात्रों को अनिवार्य रूप से पढ़कर सुनायें ताकि सभी छात्रों के माध्यम से संदेश घरों तक पहुंच सके।
नगर निगम तथा नगर पालिकाओं द्वारा डेंगू के लार्वा तथा मच्छरों से किये जाने वाले फॉगिंग तथा लार्वा नाशक दवाओं के छिड़काव की स्थिति की जानकारी नगर आयुक्त अशोक पाण्डेय से ली। जिस पर उन्होंने बताया कि सभी वार्डों में पार्षदों के माध्यम से फॉगिंग कराये जाने का कार्य कराया जा रहा है। सफाई नायक वार्डों में नैपसैक के माध्यम से दवा का छिड़काव करा रहे हैं। ग्रामीण निकायों से मशीन और दवा छिड़काव की स्थिति भी मंत्री ने ली। जिस पर सभी ग्रामीण निकायों के ईओ ने पर्याप्त मशीनें न होने की बात कही। मंत्री ने मशीनें क्रय करने के लिए फण्ड जिलाधिकारी व विधायकों के माध्य से प्राप्त करने के निर्देश जिला मुख्य विकास अधिकारी को दिये। यदि निकाय क्षेत्र से सम्बंधित विधायक किसी कारण एक लाख की धनराशि देने में असमर्थ होंगे तो मशीन क्रय का कुल बजट मंत्री मदन कौशिक ने स्वयं वहन करने की बात कही।
जिला चिकित्सालय से डेंगू मरीजों को रेफर कर दिये जाने की लगातार सूचना मिलने को गम्भीरता से लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग को डेंगू केस में ब्लड बैंक की स्थिति की जानकारी ली। ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स सैपरेटर युनिट का जिले के मरीजों के हित में सही ढंग से प्रयोग करने की नसीहत भी कैबिनेट मंत्री ने दी। उन्होंने कहा कि मशीन को मात्र शो केस न बनायें और जो काम यह मशीन जौलीग्रांट में कर सकती है वह काम स्थानीय मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग यहां भी करे। जिला अस्पताल मरीजों को रैफर करने की औपचारिकता तक सीमित न रहे।

सूचित किए बगैर अनुपस्थित रहने पर होगी शिक्षकों पर कार्रवाई

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राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति सरकार और विभाग के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं। तमाम निरीक्षणों में शिक्षक बिना बताए स्कूलों से लापता मिलते रहे हैं। लेकिन, अब यह संभव नहीं होगा। अब शिक्षकों को स्कूल छोड़ने से पहले मोबाइल एप्लीकेशन पर इसकी जानकारी देनी होगी। जानकारी न देने पर शिक्षक के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रविवार को शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे ने शिक्षा विभाग की मोबाइल एप उज्जवल शुरू की। उन्होंने कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के नए युग की शुरुआत होगी। सिटी क्लब में आयोजित समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया।
शिक्षा विभाग शिक्षकों के रवैये को लेकर खासा परेशान है। हाल ही में कई अनुपस्थित मिले शिक्षकों को निलंबित भी किया गया। इससे पूर्व अनुपस्थित मिले शिक्षकों को दुर्गम में भेजने की रणनीति भी अपनाई गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

अब विभाग ने मोबाइल एप के माध्यम से शिक्षकों पर रियल टाइम नजर रखने की योजना बनाई है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से शिक्षक अवकाश की जानकारी देंगे। इसके साथ ही एप्लीकेशन सभी नियमों, कानूनों और आरटीआई आदि की जानकारी भी देगी।

रविवार को दूर नहीं हुई गैस की किल्लत

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देहरादून में रसोई गैस की किल्लत रविवार को भी दूर नहीं हुई। तेल कंपनी ने रविवार को काशीपुर व हरिद्वार प्लांट से गैस जरूर मंगाई लेकिन इससे आधी ही एजेंसियों को गैस मिल पाई, वह भी कम मात्रा में। इस गौस से एजेंसियों ने चार दिन पहले की बुकिंग पर ही गैस की आपूर्ति की।

बीते दिनों गुजरात में आई बाढ़ के कारण उत्तराखंड में गैस की किल्लत बढ़ गई है। गुजरात से हरिद्वार स्थित आइओसी का प्लांट को सुचारु रूप से गैस नहीं मिल पा रही। इससे दून में पिछले 10 दिन से रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। लगातार गैस न पहुंचने से परेशानी बढऩे पर तेल कंपनी के अधिकारियों ने काशीपुर प्लांट से जहां दून में गैस मंगाई, वहीं हरिद्वार स्थित प्लांट को भी पिछले तीन दिन से चालू किया है। दोनों प्लांटों से गैस आने के बावजूद एक दिन में आधी ही एजेंसियों को गैस मिल पा रही है। अभी एजेंसियों पर तीन से चार दिन का बैकलॉग हैं। जिस कारण लोगों को अपने हिस्से के सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दून एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल ने बताया कि लगातार कंपनी को डिमांड भेजी जा रही है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन में बैकलॉग खत्म हो जाएगा। 

सूतक से पूर्व समय करें जलाभिषेक

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सोमवार को श्रावण मास का पांचवा और अंतिम सामवार है। सोमवार को ही श्रावण मास की समाप्ति है और सोमवार को ही चन्द्र ग्रहण पड़ रहा है। चन्द्र ग्रहण का सूतक ग्रहण काल से नौ घंटे पूर्व आरम्भ हो जाएगा, इस कारण दोपहर एक बजकर 29 मिनट तक ही पूजा-अर्चना की जा सकती है। सूतक काल लगने से पूर्व सभी मंदिर व शिवालय भी आरती के बाद बंद कर दिए जाएंगे, जो मंगलवार की प्रातः ही खुलेंगे। इस कारण जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालु एक बजकर 29 मिनट से पूर्व जलाभिषेक कर लें। 

ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप जोशी के अनुसार ग्रहण के सूतक काल में देव पूजन वर्जित है। इस कारण जलाभिषेक सूतक काल से पूर्व करना ही श्रेयस्कर है। सूतक व ग्रहण काल में भगवान का ध्यान और जप करना लाभकारी होता है। वहीं 11 बजकर 04 मिनट के बाद भ्रदा की समाप्ति पर रक्षाबंधन पर्व बनाया जाना चाहिए। सोमवार को श्रावण मास समाप्त होने के साथ ही एक माह से कनखल में निवास करने वाले भगवान शिव भी हिमालय को गुमन कर जायेंगे।

बता दें कि अपने ससुर राजा दक्ष को जीवन दान देने के साथ भगवान शिव ने राजा दक्ष को वरदान दिया था कि इस स्थान पर पूजा मेरी होगी और नाम तेरा होगा। इतना ही नहीं श्रावण मास में मैं कनखल नगरी में आकर निवास करूंगा। इस कारण सोमवार को श्रावण मास की समाप्ति के साथ ही भगवान शिव हिमालय की और गमन कर जायेंगे। 

फूलों की घाटी के लिए भस्मासुर बनता पॉलीगोनम घास

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विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी के लिए पाॅलीगोनम नाम की घास जिस पर फूल भी उगते है, यहां के अन्य फूलों के लिए भस्मासुर साबित हो रहा है। एक दशक पूर्व उपजे इस घास नुमा झाड़ी ने दो किमी क्षेत्र तक अपना फैलाव कर फूलों के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा कर दिया है। हालांकि नंदादेवी वायोस्फियर ने पाॅलीगोनम को हटाने का काम तो कर रही है परंतु रक्त बीज की तरह यह फिर से उग आता है।

पाॅलीगोनम नामक पौध अपने आसपास वनस्पतियों को खत्म कर देता है, जिससे चलते यह पौध राष्ट्रीय उद्यान के लिए खतरे का सबब बन सकती है। पिछले आठ साल से वन विभाग इससे पार पाने की कोशिशों में जुटा है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। चमोली जिले में सिखों के धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब जाने वाले रास्ते पर घांघरिया से पांच किमी की दूरी पर 87.50 वर्ग किमी में फैली है फूलों की घाटी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित इस घाटी में फूलों की 525 से अधिक प्रजातियांे के फूल खिलते है। रंग-बिरंगे फूलों की बिखरी छटा के बीच घाटी में खिले पॉलीगोनम ने चिंता बढ़ा दी है। पॉलीगोनम को अमेला अथवा नटग्रास भी कहते हैं। घाटी से लौटे पर्यटक बताते हैं कि वर्तमान में पुष्पगंगा से आगे प्रियदर्शनी तोक तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में पॉलीगोनम पसरा हुआ है।
नंदादेवी बायोस्फियर रिजर्व के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी बताते हैं कि भले ही पॉलीगोनम झाड़ीनुमा फूल प्रजाति है लेकिन इसका विस्तार तेजी से होता है। दो मीटर तक की लंबाई वाला इसका झाड़ दूसरे पौधों को पनपने नहीं देता। कहते हैं कि इसका फैलाव रोकने के लिए कार्ययोजना बनाकर वर्ष 2008 से इसे उखाड़ने का काम चल रहा है। हर साल 40-50 हेक्टेयर क्षेत्र में पॉलीगोनम को नष्ट किया जाता है लेकिन यह कहीं न कहीं रह जाता है। इस बार भी हम कोशिश करेंगे। 

तो क्या इस बार हो पायेगा गढ़वाल और कुमांऊ मंडल का विलय

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उत्तराखंड में पर्यटन आमदनी का प्रमुख जरिया है। लेकिन इसी पर्यटन को बढ़ाने के लिये बनाई गई दोनो सरकारी संस्थाऐं गढ़वाल और कुमाऊं मंडल विकास निगम लगातार नुकसान में ही चल रही हैं। इसी के चलते समय समय पर पर्यटन से जुड़ी और नुकसान में चल रही तमाम सरकारी संस्थाओं के विलय की मांग उठती रही है। अब बीजेपी सरकार ने एक बार फिर इस कवायद को शुरु कर दिया है।
सरकार की इस कवायद को खर्चों में कटौती और भिखरे कामों को सही दिशा देने की तरह देखा जा रहा है।(बाइट कर्मचारीू संघ) लेकिन वहीं एक तबका ऐसा भी है जो इस कदम के खिलाफ है। कर्मचारियों का ये तबका मानता है कि विलय करने से अलग अलग संस्थाओं के अधिकारियों की वरिष्ठता पर तो असर पड़ेगा ही साथ साथ काम करने भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जीएमवीएन और केएमवीएन के आधीन राज्य भर में गेस्ट हआउस संचालित किये जाते हैं। बेहद सुंदर लोकेशन पर होने के बावजूद इनमें से अधिक्तर गेस्ट हाउस नुकसान में ही चल रहे हैं। इसी के कारण करीब एक दशक से इन सभी इकाईयों के विलय की कोशिशें चल रही हैं।
हांलाकि इस बार सरकार ने मन बनाया है कि वो इस विलय को अमली जामा पहना कर ही दम लेगी।

संजय दत्त की फिल्म का ट्रेलर लॉन्च करेंगे विधु चोपड़ा और राजू हिरानी

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संजय दत्त के साथ मुन्नाभाई सीरीज की दो फिल्में बनाने वाले निर्माता विधु विनोद चोपड़ा और निर्देशक राजकुमार हिरानी आने वाले दिनों में संजय दत्त की फिल्म ‘भूमि’ के ट्रेलर लॉन्चिंग समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे। 22 सितम्बर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म से संजय दत्त जेल से रिहाई मिलने के बाद पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं।

राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा की टीम इन दिनों रणबीर कपूर के साथ संजय दत्त की जिंदगी पर बायोपिक बना रही है। खबरों के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग के लिए राजू हिरानी और विधु चोपड़ा अमेरिका रवाना हो रहे थे, लेकिन कहा जाता है कि भूमि की टीम के अनुरोध पर उन्होंने अमेरिकी दौरे को कुछ वक्त के लिए टाल दिया। ‘भूमि’ का ट्रेलर लॉन्च करने के लिए समारोह की तारीख अभी तक तय नहीं हुई है।

संजय दत्त इन दिनों अफ्रीका में बताए जाते हैं और कहा जा रहा है कि वे 15 अगस्त के आसपास मुंबई लौट रहे हैं। उनकी वापसी के बाद ही ‘भूमि’ के ट्रेलर की लॉन्चिंग की तारीख तय हो जाएगी। फिल्म में संजय दत्त का पहला लुक रिलीज किया जा चुका है, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है।

ओमांग कुमार के निर्देशन में बनी टी सीरीज और निर्माता संदीप सिंह की इस फिल्म की कहानी पिता-बेटी के रिश्तों पर है, जिसमें संजय की बेटी का रोल अदिति राव हैदरी ने निभाया है। फिल्म में शरद केलकर और शेखर सुमन की भी अहम भूमिकाएं हैं। फिल्म में सनी लियोनी के साथ संजय दत्त का एक आइटम सॉन्ग भी हैं। संजय ने पहली बार सनी लियोनी के साथ काम किया है।