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डेढ साल से फरार कबूतरबाज,दो अभियुक्त सहित गिरफ्तार

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2016 में प्रीतम सिंह, शीशमझाड़ी, मुनि की रेती,टिहरी गढवाल ने थाना ऋषिकेश पर सूचना अंकित करायी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा विदेश भेजने के नाम पर दो लाख रूपये की ठगी कर ली व विदेश नही भेजा गया। सूचना पर थाना ऋषिकेश पर अभियुक्त कमल सिंह राणा, टिहरी गढवाल व नीरव कपाड़िया,गुजरात के विरूद्ध धोखाधड़ी का मु.अ.सं. 201/16, धारा 420 भादवि का अभियोग पंजीकृत किया गया।

कमल सिंह राणा को गिरफ्तार कर 2016 में जेल भेजा गया, अभियुक्त नीरव कपाड़िया की गिरफ्तारी के लिये कई बार उसके सम्भावित पतों पर दबिश दी गयी परन्तु वह पुलिस को चकमा देकर निकल गया।  विवेचना के मध्य एक अन्य अभियुक्त अरूण कुमार, हरियाणा का नाम प्रकाश में आया। मुख्य आरोपी नीरव कपाड़िया की गिरफ्तारी के लिये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून द्वारा ढाई हजार रूपये का ईनाम घोषित किया गया था।

डेढ वर्षो से अभियुक्तगण गिरफ्तारी से बचने के लिये विभिन्न राज्यों में छिपते रहते थे। पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न राज्यों में इनके सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी परन्तु अभियुक्तगण शातिर होने के कारण पुलिस की गिरफ्त में नही आ रहे थे। प्रवीण सिंह कोश्यारी, ऋषिकेश द्वारा विशेष टीम बनाकर उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व गुजरात आदि भेजी गयी। पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त स्थानों पर लगातार दबिश दी गयी। पुलिस टीम को जानकारी मिली कि दोनो अभियुक्त राजस्थान होकर हरिद्वार पर पुनः किसी व्यक्ति को विदेश भेजने के नाम पर ठगने के लिये आ रहे हैं।

दिनांक 20.08.17 को समय 7.30 बजे पुलिस टीम द्वारा दोनो अभियुक्तों नीरव कपाड़िया व अरूण कुमार को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तगण के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।

अपराध करने का तरीका :-

पकड़े गये व्यक्तियों के सम्बन्ध में यह जानकारी मिली कि यह भी सीधे साधे व्यक्तियों को विदेश भेजने का लालच देकर वर्किंग वीजा के नाम पर टूरिस्ट वीजा देकर उन्हे विदेश भेजते थे, जिनकी अवधि समाप्त होने की जानकारी व्यक्तियों को नही दी जाती थी, जिससे उक्त व्यक्ति विदेश में ही फंस जाते थे। इस प्रकार काम कराने के नाम पर भेजने के बजाय उक्त अपराधियों द्वारा धोखाधड़ी कर टूरिस्ट वीजा में व्यक्तियों को भेजकर उनके साथ धोखाधड़ी की जाती थी।

भूतपूर्व सैनिक संगठन ने मुख्यमंत्री को किया सम्मानित

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भूतपूर्व सैनिक संगठन ने  मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सम्मानित किया। द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं की मासिक पेंशन केा रू.4000 से बढ़ाकर रू.8000 किये जाने पर भूतपूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के युवाओं को सेना भर्ती में लम्बाई में 3 सेन्टीमीटर की छूट प्राप्त होने पर भी मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र रावत के प्रयासों की सराहना करते हुए उनको सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि है। उन्होंने कहा कि जो वीर सैनिक सीमा पर देश की रक्षा के लिये अपने प्राणों की बाजी लगाते हैं उनके परिवार के बारे में सोचना सरकार और समाज का दायित्व है। उन्होंने हाल ही में शहीद मेजर कमलेश पाण्डे और शहीद नरेन्द्र सिंह बिष्ट के परिजनों से हुई मुलाकात का स्मरण करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का ध्यान रखना सरकार का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता तो सरकारें देती ही है लेकिन हमें शहीद के परिवार की समग्र रूप से चिन्ता करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिवार को किस प्रकार से समग्र सहायता दी जाय, इस पर वे विचार कर रहे हैं। इसके लिये उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से भी सुझाव देने को कहा। उन्होंने कहा कि सैनिकों-भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिये और कौन-कौन से कदम उठाये जा सकते है, इनका विस्तृत परीक्षण कर रहे हैं। घोषणाएं करना आसान है लेकिन जिम्मेदार व्यक्ति जब घोषणा करे तो वो पूरी भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कल्याण के सुझाये गये सभी उपायों पर गंभीरता से विचार किया जायेगा।
इससे पूर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मसूरी क्षेत्र के विधायक श्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री द्वारा लिये गये निर्णय के लिये उनका आभार व्यक्त किया।

भेड़ पालकों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित

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उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड की समीक्षा बैठक में भेड़-पालकों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गए जिसमें मुख्यतः राज्य के भेड़ पालक समुदाय के 28 शिक्षित बेराजगार नवयुवकों को प्रशिक्षण मुहैया कराते हुए 15 रुपये प्रति किलों ऊन की दर से ऊन कतरन ग्रेडर/संग्रह कार्य के लिए दिये जाने पर संस्तुति की गयी।
बैठक में महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन भेड़ एवं बकरी पालन मंत्री रेखा आर्य द्वारा राज्य सेक्टर योजना के तहत भेड़-बकरी पालकों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भेड़-बकरी पालकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने के भी निर्देश दिए, जिसके तहत पशुलोक ऋषिकेश एवं भैंसवाड़ा अल्मोड़ा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
इस योजना के तहत 29 मशीन ऊन करतन शिविर, चिकित्सा शिविर एवं 13 भेड़ प्रदर्शनियों का आयोजन का प्रस्ताव पारित किया गया। मार्च 2017 में 21 चयनित नवयुवकों को केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर राजस्थान से एवं देश की प्रतिष्ठित ऊन मण्डी बीकानेर से प्रशिक्षण प्राप्त कराया जा चुका है।
मंत्री ने कि राज्य के आठ बड़े बाहुल्य जनपदों में भारत सरकार की एकीकृत भेड़-ऊन सुधार योजना के तहत जनपद उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पिथौड़ागढ, देहरादून पौड़ी एवं बागेश्वर में संचालित की जा रही हैं, जिसमें ढाई लाख भेड़ों को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।
मंत्री ने राज्य के भेड़ पालकों के लिए भी बीमा योजना संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महिला बकरी पालन योजना के तहत राज्य में महिलाओं के हितार्थ परित्यक्ता महिला, विधवा महिला, निराश्रित महिला, दिव्यांग महिला, अकेली रह रही महिलाओं एवं आपदा प्रभावित महिलाओं के लिए योजना संचालित है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि योजना के क्रियान्वयन के समय इस बात का ध्यान रहे कि कोई महिला अन्य किसी पेंशन का लाभ तो नही ले रही है, ऐसी महिलाएं योजना के लिए पात्र नही है। उन्होंने वर्ष 2017-18 के लिए 30 लाख की धनराशि, 75 ईकाईयों की स्थापना के लिए प्रस्ताव पारि किया गया। बोर्ड बैठक में ऊन की दरों का भी निर्धारण पर भी विचार-विमर्श किया गया है।
बैठक में उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के अन्तर्गत राजकीय भेड़/बकरी प्रजनन प्रक्षेत्रों के सुदृढीकरण एवं आधुनिकरण के प्रस्ताव को प्रस्तावित किया गया। इस दौरान भेड़-बकरी पालकों के चरान-चुगान के परमिट के सम्बन्ध में भी चर्चा की गयी, जिस पर मत्रीं द्वारा वन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करने हेतु कार्रवाई की जानी है। इस सम्बन्ध में पूरी जानकारी से उन्हें अवगत कराते हुए पत्रावली प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए।
उत्तराखण्ड पशुधन एवं उत्तराखण्ड पशुधन एवं उत्पाद विपणन निगम लि. बनाये जाने, उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड के ढांचे एवं कार्मिक की कमी, भेड़-बकरी पालकों का सहकारिता विभाग के अन्तर्गत पंजीकरण कराने एवं राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) से लाभान्वित किये जाने आदि बिन्दुओं पर चर्चा की गयी तथा उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड की गवर्निंग बाॅडी हेतु 16 सदस्यों में से नौ सदस्यों का चयन करने का प्रस्ताव प्रस्तावित किया गया।
उत्तराखण्ड भेड़ एवं ऊन विकास बोर्ड में अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती के सम्बन्ध में भी चर्चा की गयी। बैठक में पंतजलि योगपीठ के साथ सहयोग, बकरी स्वयंवर में प्रतिभागिता के सम्बन्ध में विचार-विमर्श, मोबाईल डिपिंग टैंक क्रय करने, राजकीय भेड़ प्रजनन प्रक्षेत्रों की भेड़ों के ग्रीष्मकालीन प्रवास/बुग्याल के दौरान कार्मिकों के यात्रा एवं अन्य भत्तों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श एवं बकरी प्रदर्शनी के आयोजन के सम्बन्ध में चर्चा की गयी।
मंत्री द्वारा बोर्ड की बैठक प्रत्येक छ माह में अनिवार्य रूप से करने के भी निर्देश दिए, जिसमें पशुपालकों की समस्याओं एवं सुझाव पर भी विचार-विमर्श किया जा सके। बैठक में अपर सचिव वित्त अर्जुन सिंह, निदेशक डाॅ. एस.एस बिष्ट, मुख्य अधिशासी अधिकारी डाॅ. अविनाश आनन्द सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं भेड़ पालक उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर चोरी कर भाग रहे चोरों को लोगों ने दबोचा

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डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के भोपाल पानी (थानो) से ट्रैक्टर चोरी कर भाग रहे चोरों को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। शुक्रवार देर रात भोपालपानी से चार लोग ट्रैक्टर चोरी कर भाग रहे थे। इस बीच गांव के लोगों ने भुईया मंदिर के पास संदिग्ध स्थिति में ट्रैक्टर लेकर जा रहे लोगों को रोका तो उनमें से दो भाग निकले। अन्य दो को लोगों ने दबोच लिया और पुलिस के हवाले किया।

ट्रैक्टर चोरी की घटना को अंजाम देने चारों लोग मुरादाबाद निवासी है। पुलिस चोरों से पूछताछ कर रही है। डोईवाला कोतवाली क्षेत्र से हाल के ही दिनों तीन ट्रैक्टर चोरी हो चुके हैं, जिनकी कोई जानकारी अभी तक नहीं लगी है। पुलिस ने बताया कि मामले में पूछताछ जारी है इनसे चोरी के अन्य मामले भी खुल सकते हैं। चोरों को पकड़ने वालों में शशांक सोलंकी, रविन्द्र सोलंकी, राकेश मनवाल, सोनम मनवाल राहुल मनवाल, किशोर सोलंकी आदि ग्रामीण शामिल थे।

‘हिमालय लोक समृधि वृक्ष अभियान’ एक पहल

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‘हिमालय लोक समृधि वृक्ष अभियान’ के तहत प्रतेक विधान सभा क्षेत्र के एक चयनित विद्यालय के परिसर में, उस विद्यालय की छोटी कक्षाओ में अध्ययन रत आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन पढने में होशियार बेटियों के द्वारा उस क्षेत्र के विधायक के नाम पर एक पेड़ लगाया जायेगा। इस पेड़ की सुरक्षा तथा देख भाल की जिम्मेदारी इन बेटियों की होगी। इस एवज में विधायक, नंदा-सुनंदा की प्रतीक, इन बेटियों को आगे बढ़ने के लिए हर संभव मदद करते रहेंगे। अपेक्षा यह भी रहेगी की वे इन दो बेटियों को उनके पाओं पर खड़े होने तक सहयोग देते रहेंगे। ये पहल प्रदेश के दो अनमोल रत्नों की है जो उत्तराखंड को हरा भरा बनाना चाहते हैं और ये भी चाहते है कि नई पीढ़ी भी अपने पर्यावरण से उतना ही प्यार करे जितना ये दोनों करते हैं।

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यह पहल श्री कल्याण सिंह रावत ‘मैती’ व  गजेंद्र रमोला का सपना है कि, “वह स्वयम प्रतेक विधान सभा के विद्यालय में पेड़ लेकर जायेंगा, वृक्षारोपण करायेंगे तथा बच्चों को हिमालय के जैव विविधता, संस्कृति तथा सामाजिक सरोकारों पर ब्याख्यान देंगे। इस प्रकार पूरे उत्तराखंड में 70 पेड़ लगेंगे जिन्हें ‘लोक शक्ति वृक्ष’ के नाम से जाना जायेगा। यह कार्य किसी राजनैतिक पार्टी या स्वार्थ से  प्रेरित नहीं है और न ही किसी बजट को खपाने का षड्यंत्र। यह दोनों अपने जेब खर्च से यह सब कार्य कर रहें है।

इस अभियान से निम्न कार्य सिद्ध हो सकेगे:-

1 भारत छोडों आन्दोलन के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रतेक विधान सभा क्षेत्र में एक लोक शक्ति वृक्ष लगाकर स्वच्छ एवं मजबूत लोक तंत्र के प्रति प्रतिबद्धता हेतु जागरूकता।
2 बेटी बचाओ-बेटी पढाओ का नारा गाड़ियों, दुकानों, दीवारों पर लिख कर नहीं बल्कि रचनात्मक रूप से साकार करना।
3 हिमालय के जैव विविधता को बचाने के लिए सकारात्मक वृक्षारोपण को महत्व देना। जितने भी पेड़ लगे उन्हें सुरक्षा प्रदान करना।
4 बच्चों में पर्यावरण,संस्कृति तथा देश भक्ति के भावों का निरूपण करना तथा प्रेरित करना।
5 पहाड़ के संस्कृति ,सामाजिक तथा पर्यावर्णीय बर्तमान दशाओं का अध्ययन करना।

बैंकर्स तालमेल बनाकर स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराएं ऋण : डीएम

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जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने कहा कि विकास से जुड़े अधिकारी व बैंकर्स आपसी तालमेल से कार्य करते हुए बेरोजगारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए समय से ऋण उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी डॉ. नीरज खैरवाल ने जिला समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में यह निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बैंकर्सो से कहा कि सरकारी विभागों द्वारा ऋण के लिए आवेदन बैंको को उपलब्ध कराये गये है उस पर 30 अगस्त तक अवश्य कार्यवाही करे। अगर इसके बाद आवेदन लम्बित पाया गया तो सम्बन्धित बैंक के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उनके उच्च अधिकारियों को भी इस बारे में बताया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बैंको को जो आवेदन ऋण के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं, लीड बैंक अधिकारी उनकी समीक्षा कर प्रत्येक सप्ताह उसकी सूचना जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही आरसेठी के अन्तर्गत जिन बेरोजगारों को प्रशिक्षण दिया जाता है, वे प्रशिक्षण के बाद अपना स्वरोजगार स्थापित कर सके इसके लिए बैंको से वह किस तरह लोन प्राप्त कर सकता है इसकी भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने लीड बैंक अधिकारी मधूसूदन सुमन को निर्देश देते हुए कहा कि आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों को क्रेडिट लिंकेज के लिए बैंको में सीसीएल हेतु व टर्म लोन के लिए जो आवेदन भेजे थे जिन बैंको द्वारा उनमे अभी तक कार्यवाही नही की है, उनका स्पष्टीकरण लेते हुए उनके उच्च अधिकारियों को भी बताया जाए।
जिलाधिकारी ने बैंकर्सो को निर्देश दिये कि जिला प्रशासन के माध्यम से जो बैंको की ऋण वसूली की जानी है, ऋण वसूली हेतु प्रत्येक बैंक प्रपत्र बनाकर एक अक्टूबर तक उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर के बाद भेजे गये प्रपत्रो पर कार्रवाई नही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बुधवार को ब्लॉक दिवसों में भी मिशन मैनेजर बैकों से समन्वय स्थापित कर स्वयं सहायता समूहों के खाते खुलवायेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लॉक स्तरीय समन्यवय समिति की बैठक उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता मे कराये ताकि बैठक सार्थक सिद्ध हो सके। बैठक में बताया गया कि वर्षिक ऋण योजना 2017-18 की समीक्षा में 30 जून 2017 तक सम्पूर्ण कृषि क्षेत्र में 17 प्रतिशत, उद्योग 25 प्रतिशत, अन्य प्राथमिक प्राप्त क्षेत्रों में 51 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई।
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, स्वतः रोजगार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आधार सीडिंग, नाबार्ड की योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय, पीडी डीआरडीए हिमांशु जोशी, जिला विकास अधिकारी अजय सिंह, लीड बैंक अधिकारी मधूसूमन सुमन, डीडीएम नाबार्ड विशाल शर्मा, महाप्रबन्धक उद्योग चंचल सिंह बोरा, मुख्य प्रबन्धक एसबीआई राधेश्याम, आरसेठी के सुरेश चन्द्र, मुख्य कृषि अधिकारी अभय सक्सेना सहित सभी बैंक व जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अब स्कूलों में शिक्षक बनाएंगे आधार कार्ड

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आधार कार्ड

स्कूलों में आधार कार्ड को अनिवार्य करने के फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक आधार कार्ड भी बनाएंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए 12 प्रशिक्षक तैयार कर लिए हैं, जो स्कूलों में शिक्षकों के साथ अन्य कर्मचारियों को भी आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण देंगे।

स्कूलों में बच्चों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, इसके साथ ही अब सरकारी स्कूलों से लेकर मदरसों तक में मिड-डे मील के लिए आधार कार्ड अनवार्य कर दिया गया है। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए विभाग ने अब शिक्षकों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। स्कूलों में आधार कार्ड बनाने की आखिरी तारीख 31 अगस्त रखी गई थी, लेकिन अब प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के बाद शिक्षक नए सिरे से बचे छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाने का काम शुरू होगा।
शिक्षा विभाग ने योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। अब तक 12 प्रशिक्षक आधार कार्ड बनाने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। दो मास्टर ट्रेनर हर ब्लॉक में आधार कार्ड बनाने की ट्रेनिंग देंगे जिसके लिए शिक्षक, कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी ने बताया कि सितम्बर से स्कूलों में शिक्षकों व कर्मचारियों को बतौर प्रशिक्षक तैयार किया जाएगा। इसे लेकर विभाग ने आधार कार्ड बनाने वाली संस्था उदय से भी मामले में मदद मांगी है। संस्था द्वारा आधार कार्ड बनाने में उपयोग होने वाली मशीन विभाग से साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि 12 प्रशिक्षकों से अलग शिक्षा विभाग के 122 अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी अभियान से जुड़ेंगे। कुल 134 प्रशिक्षकों का दल अलग-अलग स्कूलों में इस अभियान को दिशा देने का कार्य करेगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी ने बताया कि अब तक दून के माध्यमिक स्कूलों में 85 फीसदी आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही बेसिक स्कूलों में अब तक 65 फीसदी आधार कार्ड ही बन पाए हैं।

तय समय में पूरा करना होगा लक्ष्य
शिक्षा विभाग के इस निर्णय के बाद अब स्कूलोंं में 31 अगस्त के बाद भी आधार कार्ड बनाने व जमा करने का मौका होगा। नए प्रशिक्षक और स्कूलों में आधार कार्ड बनाने के फैसले के बाद शिक्षा विभाग सितम्बर माह से इस अभियान को शुरू करने जा रहा है। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया, मिड-डे मील के अलावा विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने के लिए आधार की अनिवार्यता को देखते हुए हर हाल में तय समय से पहले हर सरकारी स्कूल, मदरसे और निजी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को आधार से जोड़ना होगा।

चीनी उत्पादों का आयात बंद करें : रविंद्र

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गूंज संस्था के अध्यक्ष रविंद्र सिंह आनंद द्वारा भारत में आयात व इस्तेमाल किये जा रहे चीनी माल को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने हेतु अंदोलन का आह्वान किया। जिसको उन्होंने चीनी माल भारत छोड़ो आंदोलन का नाम दिया।
संस्था की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि आगामी दिनों में चीनी माल के आयात व इस्तेमाल के विरोध में उग्र आंदोलन किए जाएंगे। उनके साथ प्रदेश के कई व्यापारी, समाजसेवी, गृहणी, छात्र व सभी समुदाय के लोग इसके विरोध में समर्थन देंगे।
रविंद्र ने कहा कि चीन में होली नहीं मनाई जाती परंतु गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे होली का सामान चीन भारत में निर्यात करता है। इसी प्रकार चीन में रक्षा बंधन नहीं मनाया जाता किंतु रक्षा बंधन के लिए रखियां, पतंग, मांझा आदि सामग्री भी चीन भारत को निर्यात करता है और इसी प्रकार दिवाली भी चीन में नहीं मनाई जाती परंतु फिर भी अधिकांश सामान चीन से ही निर्यात किया जाता है।
रविंद्र ने कहा कि आज बटन से लेकर घड़ी, मोबाइल, मशीनें, खिलौने, प्लास्टिक व लोहे का सामान, इलेक्ट्लेक्ट्रिोनिक आइटमस चीन धड़ल्ले से भारत को निर्यात कर रहा है। वहीं, यदि बात भारत की सुरक्षा हो, तो चीन भारत को बार-बार धमकाता है।
हाल ही में डोकलाम में सड़क व लद्दाख सीमा के पास पुल बनाए जाने की नापाक हरकत विवाद का विषय बना हुआ है। साथ ही चीन का पाकिस्तान को समर्थन भी किसी से छुपा नहीं है। रविंद्र ने कहा कि इस समय ऐसी देश विरोधी ताकतों के खिलाफ मिल जुलकर लड़ने की आवश्यकता है। जल्द ही चीनी उत्पादों के विरोध में उग्र प्रदर्शन व धरनों का अयोजन किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई तो भूख हड़ताल का भी सहारा लिया जाएगा।
रविंद्र ने प्रदेश व केंद्र सरकार से मांग की कि जल्द ही चीनी उत्पादों का आयात बंद किया जाए। जिससे छोटे-मोटे व्यावसायियों को जिनका व्यवसाय चीनी उत्पादों के कारण लगभग समाप्त हो गया है को स्वरोजगार का मौका मिल सके।

तीसरी आंख की निगरानी में होगा छात्र संघ चुनाव

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श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव तीसरी आंख की निगरानी में संपन्न होगा। चुनाव की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की नजर में संपन्न की जाएगी। चुनाव समिति ने प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखे के लिए यह निर्णय लिया है।

एसजीआरआर पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव 23 अगस्त को होना है। इसी दिन मतदान के बाद मतगणना और चुनाव परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी। चुनाव समिति ने प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए सीसीटीवी की निगरानी में चुनाव आयोजित करने का फैसला लिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी कैप्टन प्रदीप कुमार ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम के तहत सोमवार को प्रचार समाप्त हो जाएगा। प्रत्याशी शाम पांच बजे तक ही प्रचार कर सकेंगे। इसके बाद 23 अगस्त को प्रक्रिया संपन्न कर दी जाएगी।
मतदान के लिए विभिन्न जोन बनाए गए हैं। अलग-अलग जोन पर छात्राओं के लिए अलग व विभागवार बूथ निर्धारित किए गए हैं। चुनाव से पहले छात्र-छात्राओं और प्रत्याशियों को इसकी जानकारी दे दी जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन से इस बाबत मदद मांगी गई है। 

न्यूज इंम्पेक्टःडाॅक्टर के सस्पेंशन को लेकर महिला आयोग की टीम पहुंची एम्स ऋषिकेश

महिला डॉक्टर को नौकरी से निकाले जाने पर एम्स, ऋषिकेश फिर से विवादों में घिरता नजर आ रहा है। आपको बता दें महिला डॉक्टर निहारिका नैथानी एम्स में दंत चिकित्सा विभाग में सीनियर रेजीडेंट की तरह काम कर रहीं थी, जब 12 मई को एम्स ने बिना ‘नोटिस दिए कारण बताएं’ मैटरनिटी लिव पर गई महिला डॉक्टर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था, जिसको newspost ने प्रमुखता से दिखाया।

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महिला आयोग ने इस खबर पर संज्ञान लेते हुए ऋषिकेश एम्स में कई घंटों तक पूछताछ की। गौरतलब है कि महिला आयोग की टीम पहुंचते ही डायरेक्टर कुछ दिन पहले ही कार्यालय से निकल गए जबकि उन्हें टीम की आने की सूचना पहले से थी।उधर एम्स के डेप्यूटी डायरेक्टर (एडमिन) अंशुमन गुप्ता ने इस बारे में कहा कि, ”निहारिका का प्रदर्शन काम को लेकर संतोषजनक नहीं था जिसके आधार पर उनको सस्पेंड करना ही विकल्प था।” निहारिका नैथानी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एनसीडब्ल्यू की एक टीम ने इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को एम्स ऋषिकेश से मुलाकात की थी। टीम की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि “शुरुआती जांच में युवा चिकित्सक की सेवाएं समाप्त करने में एम्स की कई खामियां नजर आई। इस मामले में कई कमियां हैं जो धीरे-धीरे सामने आऐंगी। हालांकि हमने हमारी आने की जानकारी पहले ही अस्पताल को दे दी थी लेकिन, न तो एम्स के निदेशक और न ही रजिस्ट्रार मौजूद थे। उसके बाद रजिस्ट्रार को बाद में बुलाया गया तो हमें कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण संस्थान से नहीं मिला। हमने उन्हें जवाब देने के लिए समय दिया है और फिर से इस मामले का फाॅलोअप लेंगे।”

महिला आयोग का कहना है कि एम्स की इस हरकत से महिला डॉक्टर का मानसिक उत्पीड़न हुआ है जिसके चलते उसकी डिलीवरी में भी असर देखा गया और उसके दुष्परिणाम उसके बच्चे पर भी पड़ा। महिला की डिलीवरी की तारीख जुलाई में थी लेकिन 15 जून को ही उसकी डिलीवरी करनी पड़ी। नवजात बच्चे को कुछ दिनों तक वेटिलेटर पर भी रखा गया। निहारिका ने एम्स पर आरोप लगाया है कि, “मुझे सस्पेंड करने के बाद किसी अन्य उम्मीदवार को शामिल करने की एक साजिश की गई जो कि एक मशहूर राजनीतिज्ञ से संबंधित है,” हालांकि निहारिका ने सवाल में राजनेता के बारे में खुलासा करने से इनकार कर दिया। “यह एक साजिश है, वह इस बात से स्पष्ट है कि मैं 29 मई को मैटरनिटी लीव पर गई थी और 2 जून को मुझे टर्मिनेशन लेटर दे दिया गया, जिसपर आश्चर्यजनक रुप से तारीख 12 मई है। निहारिका ने कहा कि सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि मैटरनिटी बेनिफिट एमेंडमेंट, 2016 को हुए एक साल भी पूरा नहीं हुआ है लेकिन फिर भी यह सरकारी संगठनों द्वारा इसकी अनदेखी की जा रही है।

आपको बता दें की ऋषिकेश एम्स हमेशा से ही विवादों के लिए पहचाना गया है। कभी डॉक्टरों की कमी, तो कभी दवाइयों के लिए परेशान होते मरीज, लेकिन इस बार मामला अपने ही महिला डॉक्टर को बिना कारण सस्पेंड करने का है। ऋषिकेश एम्स में कार्यरत सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर निहारिका नैथानी धामी, एम्स डायरेक्टर डॉक्टर रविकांत के साथ-साथ चार अन्य सीनियर डॉक्टर पर आरोप लगाया है की मैटरनिटी लीव के दौरान उन्हें कार्य से सस्पेंड कर दिया गया है। 9 जून को महिला डॉक्टर ने राष्ट्रीय महिला आयोग को शिकायत की, की ऋषिकेश एम्स के सीनियर डॉक्टर ने उन्हें मैटरनिटी लीव के दौरान बिना कोई कारण बताए सस्पेंड कर दिया।