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प्रशासन ने शुरू की स्टोन क्रेशर सीज करने की कार्रवाई, 17 सीज

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शुक्रवार को प्रशासन ने हरिद्वार में गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में लगे स्टोन क्रेशरों को सीज करने की कार्रवाई शुरू की। कोर्ट के आदेश पर की जा रही सीज की कार्रवाई के लिए पांच ठीमों का गठन किया गया है।

शुक्रवार दोपहर तक 17 स्टोन क्रेशरों को सीज किया गया। गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में हरिद्वार के 43 स्टोन क्रेशर आ रहे हैं। इन सभी को सीज किया जाना है। गौरतलब है कि बहुत पहले से हरिद्वार में गंगा किनारे लगे स्टोन क्रेशरों को सीज करने की मांग की जा रही थी। गंगा रक्षा के लिए आंदोलनरत संस्था मातृसदन लगातार इस मांग को उठाने के साथ कोर्ट में इसकी लड़ाई लड़ रही थी। कोर्ट ने हालांकि पहले भी इस तरह का आदेश दिया था लेकिन अब कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए सभी स्टोन क्रेशरों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसी के तहत शुक्रवार को प्रशासन ने सीज करने की कार्यवाही शुरू की। तहसीलदार सुनैना राणा ने बताया कि सभी स्टोन क्रेशरों को सीज किया जाना है।
गंगा किनारे लगे अधिकतर स्टोन क्रेशर हरिद्वार तहसील में ही आते हैं। रुड़की में अधिकांश स्टोन क्रेशर दूसरी बरसाती नदियों के किनारे लगे हुए हैं। वहीं स्टोन क्रेशर सीज होने का सीधा असर भवन निर्माण सामग्री पर पड़ेगा। मकान बनाना महंगा हो जाएगा। लोगों को रेत बजरी के लिए लंबे इंतजार के साथ अधिक कीमत भी चुकानी पड़ सकती है। वहीं, हरिद्वार जिलाधिकारी दीपक रावत ने उत्तराखण्ड शासन के आदेशों के अनुपाल ने कार्रवाई करते हुए रायवाला से भोगपुर तक गंगा नदी के किनारे संचालित समस्त स्टोन क्रशरों तथा पल्वराईजर संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उच्च न्यायलय नैनीताल तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्तन मंत्रालय भारत सरकार के आदेशों के पालन में उक्त रोक लगायी गयी है। रायावाल से भोगपुर तक संचालित स्टोन क्रशरों व पल्वाराईजर जिलाधिकारी द्वारा सील कराने की कार्रवाई की गयी है।

आखिर क्या है बाबा राम रहीम पर चला मुकदमा

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम के दोषी करार देते ही देश के कई राज्य जल रहे हैं। आईये जानते हैं कि क्या है वो मामले जिसके चलते राम रहीम को दोषी करार दिया गया।

  • 25 अगस्त, 2017: सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया।
  • 17 अगस्त, 2017: मामले की बहस खत्म हुई।
  • 25 जुलाई, 2017: कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके।
  • जून, 2017: डेरा प्रमुख ने विदेश जाने के लिए अपील दायर की तो कोर्ट ने रोक लगा दी।
  • जुलाई, 2016: केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
  • 2011 से 2016: लंबा ट्रायल चला। डेरा मुखी की ओर से अपीलें दायर हुईं।
  • अगस्त, 2008: ट्रायल शुरू हुआ और डेरा मुखी के खिलाफ चार्ज तय किए गए।
  • जुलाई, 2007: सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं।
  • दिसंबर, 2003: सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।
  • दिसंबर, 2002: सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया।
  • मई 2002: लेटर के फैक्ट्स की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को साैंपा गया।
  • अप्रैल, 2002ः पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को एक साध्वी ने शिकायत भेजी।

डेरा प्रमुख रोहतक जेल में,भड़की हिंसा में 30 मरे, राजनाथ सिंह लेंगे दिल्ली में बैठक

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया। अब सीबीआई कोर्ट 28 अगस्त को उन्हें सजा सुनाएगी। डेरा प्रमुख को रोहतक के जेल के बैरक नम्बर -6 में रखा गया है | जेल की सुरक्षा देर रात अर्द्धसैनिक बलों और पारा मिलिट्री के हवाले कर दिया गया है और जेल के चारो ओर जेल व जिला पुलिस के बदले अर्द्धसैनिक बल तैनात हो गए हैं | पूरा रोहतक सेना के हवाले हो गया है और सेना की टुकड़ियों का आना देर रात से ही शुरू हो गया है | फैसला आते ही उनके समर्थक बेकाबू हो गए। पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली में हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर दी। पंचकूला में जमीन से आसमान तक अभेद्य सुरक्षा होने के बावजूद हिंसा की घटनाओं में अब तक 30 लोगों की मौत हुई जिसमें तीन बच्चे शामिल हैं | मरने वाले में 28 पंचकुला में और 2 सिरसा में मरे हैं | एक हजार से अधिक लोग घायल हो गए जिसमें करीब 50-60 लोग गंभीर हालत में हैं | अस्पताल के बाहर हंगामा और अफरातफरी मची है | लोगों को आने जाने से रोका जा रहा है | मीडिया कर्मियों को भी रोका जा रहा है |

डेरा समर्थकों ने पंचकूला के सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में भी पथराव किया। घायलों के साथ आने वाले लोग अस्पताल के कर्मचारियों के साथ बदतमीजी करते नजर आए। पथराव से अस्पताल की कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। पथराव में एसएसबी का एक जवान बुरी तरह घायल हो गया। प्रदशर्नकारियों ने फायर ब्रिगेड के वाहन को भी फूंका। सिरसा में भी उन्होंने उत्पात मचाया। सेक्टर दो और चार में पथराव हुआ। सेक्टर तीन में अस्स्थायी जेल के पास भी समर्थकों ने हंगामा किया। पंचकूला के सेक्टर-5 में डेरा समर्थकों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस की जगह सेना ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की और आंसूगैस के गोले छोड़े। अब तक 17 शव सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल में, 4 शव सेक्टर 16 के अस्पताल में, 7 शव चंडीगढ़ पीजीआई में और 1 शव सिरसा के सामान्य अस्पताल में रखे गए हैं।

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मीडियाकर्मियों पर भी हमला

अदालत का फैसला आते ही मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया। न्यूज़ चैनल्स की ओबी वैनों पर भी हमला कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हिंसा में कुछ मीडियाकर्मी भी बुरी तरह जख्मी हो गए। आईजी रेंज अमिताभ ढिल्लो के नेतृत्व में टीम ने पेट्रोलिंग की। उग्र समर्थकों द्वारा पथराव व आगजनी और पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के कारण घायल हुए लोगों को लेकर एंबुलेंस की गाड़ियां स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचीं।
डीसी पंचकूला गौरी पाराशर जोशी मौके पर पहुंचीं। वाटर कैनन से भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की गई। कोर्ट परिसर के बाहर खड़े समर्थकों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। हेलिकॉप्टरों से निगरानी की गई। सेना के घुड़सवार दस्ते ने भी गश्ती लगाई। सेना ने फ्लैग मार्च भी किया। पंचकूला के रिहायशी इलाकों की बिजली काटी गई। मगर हालात संभल न सके।
डीजीपी बीएस संधू सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल पहुंचे और हिंसा में घायल हुए लोगों का हाल पूछा। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि पंचकूला अब पूरी तरह सुरक्षित है। हालात नियंत्रण में हैं। सभी प्रदशर्नकारियों को खदेड़ दिया गया है।
पंचकूला के पुलिस कमिश्नर अरसिंदर सिंह चावला ने सेक्टर 6 के सामान्य अस्पताल का दौरा किया और कहा कि क्षेत्र में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। डेरा समर्थकों को खदेड़ दिया गया है। हिंसा में हुईं मौतों की सही संख्या का पता लगाने के लिए जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जिन मीडियाकर्मियों के वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, वे इसकी शिकायत सम्बंधित थाने में दर्ज करा सकते हैं। उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कुछ असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार भी किया गया है।
एयरलिफ्ट कर रोहतक जेल ले जाया गया
हालात बेकाबू होते देख डेरा प्रमुख को एयरलिफ्ट कर रोहतक जेल ले जाया गया। जेल के अन्दर उन्हें बैकर नम्बर -6 में रखा गया है | पूरे जेल की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बलों और पारा मिलिट्री के हवाले कर दिया गया है और जेल के चारो ओर जेल व जिला पुलिस के बदले अर्द्धसैनिक बल तैनात हो गए हैं |
डेरा प्रमुख की सारी संपत्ति जब्त करने का आदेश
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा प्रमुख की सारी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एस एस सरो की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। हाईकोर्ट में पंजाब की कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका के चलते एक पिटीशन दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार से भी सवाल-जवाब किए और शनिवार को 11 बजे अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की। सिंह ने सभी लोगों से खासतौर से डेरा समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोगों से शांति बनाए रखने और कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है। राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।


दिल्ली में 7 जगह हिंसा, यूपी में बस फूंकी, अन्यत्र भी उत्पात
दिल्ली में आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर खड़ी रीवा एक्सप्रेस की बोगियों में आग लगाई गई। दिल्ली के गोकुल पुरी, ख्याला समेत 7 जगहों पर बसों में तोड़फोेड़ की घटनाएं सामने आईं। दिल्ली बॉर्डर के इलाकों में अलर्ट कर दिया गया है। जगजीवन राम हॉस्पिटल के पास भी एक डीटीसी बस में आग लगा दी गई। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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यूपी के गाजियाबाद में दिल्ली-लोनी बॉर्डर पर बस में आग लगाई गई है।
पंजाब में भी हिंसा भड़की
डेरा प्रमुख पर कोर्ट के फैसले के बाद समर्थकों ने पंजाब के मलोट और मल्लुआना रेलवे स्टेशनों को आग लगाई गई। पंजाब के जीरकपुर में डेरा समर्थकों ने पथराव किया और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जीरकपुर से शिमला को जाने वाले मार्ग पर डेरा समर्थकों ने कई वाहनों में आग लगा दी। पंजाब के मुक्तसर में एक डेरा समर्थक ने आत्मदाह का प्रयास किया। डेरा समर्थकों ने बठिंडा में सुविधा केंद्र, बरनाला और मलौट में टेलीफोन एक्सचेंज को आग के हवाले कर दिया। मानसा में इनकम टैक्स दफ्तर भी फूंक दिया गया। डेरा प्रेमियों ने मलोट में छापियांवाली रोड पर पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ करके काफी नुकसान किया गया। राजपूरा के अंतर्गत माणकपूर खेड़ा में अज्ञात युवकों द्वारा सरकारी स्कूल को आग लगा दी गई। लहरागागा में अज्ञात लोगों द्वारा तहसील तहसील दफ्तर को आग लगा दी गई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में हालात तनावपूर्ण
अदालत के फैसले के बाद बाबा के समर्थकों ने पंजाब, हरियाण और दिल्ली में हिंसक घटनाओं के अंजाम देने के साथ ही राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में भी जमकर उत्पात मचाया। इसके चलते श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। गंगानगर में तीन स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुई है। उधर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस को हाईअलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले में इंटरनेट सेवाएं गुरुवार से बंद कर रखी है।
श्रीगंगानगर में बाबा समर्थक उपद्रवियों ने पुरानी आबादी स्थित लेबर ऑफिस में पेट्रोल बम फैंककर आग लगा दी है। आग से कई फाइलें और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए। वहीं चहल चौक पर एईएन की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। उपद्रवियों ने आजाद टॉकिज चौक स्थित बिजली ऑफिस में भी तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी। यहां पर कई महत्वपूर्ण दस्तवाजे जल गए हैं।
हनुमानगढ़ में जिले में भी हालात हालात चिंताजनक हो चले हैं। अदालत के फैसले के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। इसके चलते सावधानी के तौर पर दुकानदारों ने जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ सहित संगरिया, टिब्बी व पीलीबंगा कस्बों में बाजार बंद कर दिया है। इस कारण हनुमानगढ़ टाउन व जंक्शन सहित अन्य जगह बाजार सुने हो गए। चोकसी के तौर पर बाजार में पुलिस गश्त कर रही है।
इस बीच प्रशासन ने सभी रोडवेज बसें बंद कर दी है तथा बसों को निकटतम थाने या रोडवेज डिपो में रोकने का निर्देश दिया है। इसके बाद रोडवेज बसों के पहिये थम गए हैं और सडकों पर यातायात नहीं जैसी हालत हो गई है। निजी ऑपरेटरों ने भी तोड़फोड़ की आशंका के चलते बसें गैराज में खड़ी कर दी हैं। इस बीच पूरे जिले में अफवाहें चल रही हैं। प्रशासन के आदेश पर दोपहर बाद पूरे जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। उधर बीकानेर जिले में एहितायात के तौर पर चप्पे- चप्पे पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। वहीं प्रशासन तीनों ही जिलों के हालातों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

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उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके तक पहुंची हिंसा की आग

बाबा राम रहीम के खिलाफ सीबीआई अदालत का फैसला आने के बाद उनके समर्थक अनियंत्रित हो गए हैं। हरियाणा और पंजाब में भड़की हिंसा की आग उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके में भी फैल गई है। उनके समर्थकों ने गाजियाबाद में एक सरकारी बस को आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ भी की है।
राज्य सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अदालत के फैसले के बाद ही हाई अलर्ट जारी कर दिया था। मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, गाजियाबाद और नोएडा समेत कई जिलों में धारा 144 भी लागू कर दिया था। इसके अलावा प्रदेश में हरियाणा से लगी सीमा को भी सील कर दिया, फिर भी बाबा राम रहीम के समर्थक आगजनी की घटना को अंजाम देने में सफल रहे। हालांकि घटना के बाद पुलिस आरोपी समर्थकों की तलाश में दबिश दे रही है।
गाजियाबाद में बाबा राम रहीम के समर्थकों द्वारा आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को देखते हुए हरियाणा और दिल्ली से सटे सभी इलाकों में पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है। मेरठ में एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार के निर्देश पर थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में पैदल गश्त करने के लिए कहा गया है।
उधर बागपत जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से जिले के बरनावा में स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। बताया जाता है कि आश्रम के अंदर सैकड़ों की संख्या में बाबा के समर्थक मौजूद हैं।
गौरतलब है कि दुष्कर्म के एक पुराने मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत ने आज बाबा राम रहीम को दोषी करार दे दिया है। अदालत के फैसले के बाद डेरा समर्थक अनियंत्रित हो गए हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके समर्थक बवाल कर रहे हैं। इस हिंसा में अब तक करीब दो दर्जन लोगों के मारे जाने की खबर है।
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था आनंद कुमार का कहना है कि राज्य के पश्चिमी जिलों विशेषकर हरियाणा से जुड़े जिलों में हाईअलर्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ऐतिहातन तौर पर क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स लगा गश्त किया जा रहा है। बवाल करने वाले बाबा के समर्थकों को चिह्ति कर लिया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था ने बताया कि मेरठ और आगरा जोन में विशेष अलर्ट किया गया है। इस जोन के कई जिलों में बाबा राम रहीम के समर्थकों की अच्छी संख्या बतायी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पश्चिमी जिलों में पांच दिन पहले ही इस सम्बंध में सचेत रहने को निर्देश जारी कर दिये गये थे।

हाथियों का कब्रगाह बना राजाजी पार्क

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उत्तराखंड का राजाजी पार्क हाथियों की कब्रगाह बनता जा रहा है। लगातार हाथियों का मरना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं वन विभाग हाथियों के प्रति सचेत नहीं है।

यूं तो अपने ऋतु काल में टस्कर और मादा हाथियों के बीच होने वाली लड़ाई में हाथी अक्सर अपनी जान गंवाते हैं लेकिन शिकारियों की भी कुदृष्टि गजराजों पर बनी रहती है। अभी हाल ही में राजाजी टाइगर रिजर्व के बेरीवाडा रेंज में दो साल की हथिनी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। चिकित्सकों ने हथिनी का पोस्टमार्टम किया। राजाजी में इस वर्ष अब तक करीब 10 से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है। राजाजी टाइगर रिजर्व के बेरीवाडा रेंज में दो साल की हथिनी बेरीवाडा रेंज के कंपार्ट दोकृसी के बाम बीट में मृत अवस्था में मिली। हथिनी की मौत की सूचना पर राजाजी टाइगर प्रशासन में हडकंप मच गया।
रेंजर विजय सैनी सहित अन्य मौके पर पहुंचे। हालांकि हथिनी का शव कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है और उसके बावजूद हथिनी का चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान यह पाया गया कि हथिनी की हार्ट बीट क गई और शरीर में चर्बी बढ़ने लगी जिससे उसकी मौत हो गई। भले ही यह मौत स्वाभाविक है लेकिन लगातार हाथियों का मिटना कहीं न कहीं किसी अव्यवस्था की ओर संकेत करती है।
राजाजी पार्क के निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि पोस्टमार्टम में हथिनी की मौत की वजह हार्ट अटैक आई है। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अब तक 17 सालों में लगभग 100 हाथियों ने अपने जान गंवाई है। अकेले राजाजी की बात करें तो वहां 2003 के गणना अनुसार 469 के करीब गजराज थे। अब यह संख्या 302 रह गई जो इस बात का पुख्ता प्रमाण देती है कि हम हाथियों की मौत के कारणों पर संवेदनशील नहीं हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो लगभग 100 हाथियों की कमी बड़ी कमी मानी जा सकती है। वन विभाग के आंकड़े भी मानते हैं कि राज्य गठन के बाद से अब तक राजाजी में 93 हाथियों की मौत हुई है। पिछले दिनों गजराज के कुनबे की गणना की गई थी जिसकी संख्या अभी नहीं आई हुई है, जिससे हाथियों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी होगी। हाथियों के खात्मे का आंकड़ा काफी रहस्यमय इस आंकड़े के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग पांच गजराज अपनी जान गंवाते हैं। विभाग इनकी मौत स्वाभाविक तथा आपसी संघर्ष मान रहा है। विभाग का मानना है कि हाथियों का शिकार पिछले कुछ वर्षों से नहीं हुआ है लेकिन हाथी दांत के विक्रेता और खरीदार जिस ढंग से अपने कारोबार का अंजाम दे रहे हैं वह भी इस बात का चुंगली करता है कि हाथियों की हत्या हो रही है। राजाजी टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत का ग्राफ देखें तो हर साल औसतन पांच गजराजों की मौत हो रही है। हालांकि राजाजी पार्क प्रशासन गजराजों की स्वभाविक मौत, संघर्ष में मौत और बीमारी को मुख्य कारण मान रहा है। शिकार की घटनाओं में हाथियों के शिकार विगत कुछ वर्षों में रिजर्व प्रशासन शून्य मान रहा है।
विभाग मानता है कि 2013 में 16 हाथियों की मौत, 2014 में चार हाथियों की मौत, 2015 में एक हाथी, 2016 में नौ हाथियों की और 2017 में अब तक 10 हाथियों की मौत हो चुकी है।
राजाजी पार्क के निदेशक सनातन सोनकर मानते हैं कि 2016-17 की हाथी गणना में राजाजी पार्क में 366 हाथी पाए गए हैं, जो पूरे देश की बढ़ोत्तरी में अच्छी खासी बढ़ोत्तरी मानी जा रही है। निदेशक राजाजी पार्क के अनुसार राज्य बनने के बाद केवल 30 हाथियों की मृत्यु हुई है। 80 प्रतिशत हाथियों की असामायिक मौत रेलवे के कारण हुई है। सोनकर के अनुसार इसी साल में दो हाथी रेल से कटे हैं शेष हाथियों की मौत स्वाभाविक तथा सामान्य मौतें हैं। 

डेरा मामले के चलते उत्तराखंड में भी अलर्ट, सीएम ने मुख्य सचिव और डीजीपी से जानी स्थिति

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बाबा राम रहीम के बलात्कार के मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद से ही हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में हिंसा की घटनायें हो रही हैं। इन राज्यों से उत्तराखंड की नजदीकी और राज्य में मौजूद डेरा समर्थको को देखते हुए उत्तराखंड सरकार हाई अलर्ट पर है।

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⁠⁠⁠मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों के द्वारा किए जा रहे बवाल को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव एस. रामास्वामी और डीजीपी अनिल रतूड़ी को बुलाकर राज्य में स्थिति की जानकारी ली। शुक्रवार देर रात सीएम ने सीएस और डीजीपी से जानकारी लेने के बाद सभी सीमावर्ती जनपदों के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को चौकन्ना रहने के निर्देश देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि अगले तीन-चार दिनों तक सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सर्तकता बरती जाए। उन्होने कहा कि किसी भी परिस्थिति में संयम एवं धैर्य का परिचय देते हुए शांतिपूर्वक तरीके से हल निकाला जाए।

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पुलिस महानिदेशक रतूड़ी ने कहा सभी सीमावर्ती जिलों में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी भी तैनात की गई है। प्रत्येक गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। राज्य के तमाम जिलों में वाहनों की सघन जांच की जा रही है। शुक्रवार को ही लाॅ एंड आॅर्डर का कार्य संभालने वाले एडीजी अशोक कुमारका भी कहना है कि हम किसी भी हालात से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार हैं। उत्तराखंड पुलिस के पास पर्याप्त बल है औऱ किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये ⁠⁠हर जिले में पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इसके साथ ही उन्होनें डेरा समर्थकों से भी अपील करते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिये औऱ शांति बनाये रखने में उनका सहयोग होना चाहिये। गौरतलब है कि उत्तराखंड में भी और खास तौर पर उधम सिंह नगर जिले में डेरा समर्थकों की भारी तादाद बताी जाती है।

एडीजी अशोक कुमार को मिली लॉ एंड ऑर्डर की ज़िम्मेदारी

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उत्तराखंड में बाबा राम रहीम को दोषी करार देने के बाद से ही प्रशासन और खासतौर पर पुलिस महकमा हाई अलर्ट पर है। इस सबके बीच पुलिस महकमें आला स्फोतर पर फेरबदल किया गया। पुलिस मुख्यालय में तैनात एडीजी स्तर के 2 अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है।  एडीजी अशोक कुमार को  लाॅ एंड आॅर्डर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये विभाग इससे पहले राम सिंह मीणा संभाल रहे थे। राम सिंह मीणा को एडीजी कार्मिक और डाइरेक्टर विजिलेंसकी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब हैं कि शुक्रवार दिन में राम रहीम पर फैसला आने के बाद पंचकुला में तनाव के हालात बने हुए हैं। एजीडी लाॅ एंड आर्डर का पद संभालते ही कुमार के सामने बाबा राम रहीम प्रकरण के चलते राज्य में क़ानून व्यवस्था को क़ाबू में रखने की चुनौती है। और इस चुनौती के लिये कुमार ख़ुद को और राज्य की पुलिस फ़ोर्स क पूरी तरह तैयार बता रहे हैं।

हरियाणा के पानीपत जिले के कुराना गांव में जन्में अशोक कुमार का पुलिस विभाग में लंबा सफ़र रहा है। राज्य ही नहीं उन्होंने केंद्र में बीएसएफ़ औऱ सीआरपीएफ में भी महत्वपूर्ण पदों पर ज़िम्मेदारी सँभाली है। वो अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर संयुक्त राष्ट्र में कोसोवो में भी अपने सेवाएँ दे चुके हैं। आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई करने वाले कुमार का नाम क़ानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के अलावा पुलिस विभाग के लिये कई अन्य काम भी किए हैं। इनमें उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय और देहरादून स्थित पुलिस कॉलोनी का निर्माण शामिल है। बतौर निदेशक पुलिस खेल विभाग कुमार ने पुलिस और आम लोगों में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये कई सकारात्मक क़दम उठाये हैं। जिनमें पिछले साल आयोजित की गई देहरादून हाॅफ मैराथन शामिल है। इस दौड़ में राज्य ही नहीं देश विदेश से कुल मिलाकर क़रीब 30 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया। इस साल दिसंबर में इस दौड़ के दूसरे अध्याय के लिये ज़ोर शोर से तैयारी चल रही है।

आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

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जिले के डोईवाला तहसील में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक महिला घायल हो गई।
शक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे के करीब महिला घर में झाड़ू लगा रही थी और मृतक राकेश सिंह आंगन में खड़ा था इसी दौरान अकाशीय बिजली की चपेट में दोनों आ गए।
घायल राकेश सिंह पंवार पुत्र जय सिंह पंगेली धारकोट ऋषिकेश की उपचार के दौरान मृत्य हो गई, जबकि बाला देवी पत्नी जयपाल सिंह निवासी की हालत गंभीर बनी हुई है। जिनका उपचार जौलीग्रान्ट अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मृतक का पंचानामा भरकर कर शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।

डेरा सच्चा सौदा मामले को लेकर दून पुलिस सतर्क

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सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत रामरहीम को यौन शोषण मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद देहरादून पुलिस जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।

शुक्रवार को देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने स्थानीय अभिसूचना ईकाई को प्रत्येक गतिविधि पर नजदीकी नजर रखने तथा जनपद के सभी बाहरी व आन्तरिक चैक पोस्टों पर सघन चैकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए है। उन्होंने जिले के सीमान्त क्षेत्रों जिनकी सीमाएं उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश लगती है, में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

उत्तराखंड के नए एडीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार ने कहा कि सभी जिलों के कप्तान रहें मुस्तैद।देहरादून के विकास नगर बॉर्डर, उधामसिंग नगर और हरिद्वार,यूपी बॉर्डर पर बढ़ाएं चौकसी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के वाहनों की हो सघन चेकिंग।
पीएसी की कई बटालियन को रखा स्टैंडबाई। हेमकुंड एक्सप्रेस भी रद्द ऋषिकेश के कटरा जाती है ट्रैन।

रोहित शेट्टी की ‘गोलमाल 4’ की शूटिंग पूरी

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रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही गोलमाल सीरीज की चौथी फिल्म गोलमाल 4 की शूटिंग पूरी हो गई है। हैदराबाद में मंगलवार को फिल्म के अंतिम शेड्यूल के लिए अंतिम दिन की शूटिंग पूरी हुई। इस मौके पर फिल्म की पूरी कास्ट मौजूद रही। बुधवार को फिल्म की यूनिट हैदराबाद से मुंबई के लिए रवाना हो रही है। अब रोहित शेट्टी की टीम फिल्म की एडीटिंग का काम शुरू करने जा रही है, जो अगले सप्ताह से शुरू होगा।

फिल्म के सूत्र बता रहे हैं कि सितम्बर के मध्य में फिल्म का पहला टीजर आउट होगा, जबकि सितम्बर के अंत तक फिल्म का ट्रेलर लॉन्च कर दिया जाएगा। ‘गोलमाल 4’ की टीम में इस बार पुरानी टीम से अजय देवगन के साथ अरशद वारसी, तुषार कपूर, कुणाल खेमू, श्रेयस तलपड़े, संजय मिश्रा, जॉनी लीवर और मुकेश तिवारी हैं।

इस टीम के साथ पहली बार जुड़ने वालों में परिणीती चोपड़ा हैं, जो पहली बार अजय देवगन की हीरोइन बनी हैं। उनके अलावा तब्बू, नील नितिन मुकेश भी पहली बार गोलमाल टीम का हिस्सा बन रहे हैं। ये फिल्म इस साल दीवाली पर रिलीज होगी, जहां इसका मुकाबला आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म सीक्रेट सुपर स्टार से होगा। रोहित शेट्टी ‘गोलमाल 4’ के बाद रणवीर सिंह के साथ नई फिल्म शुरू करेंगे। 

मराठी फिल्म के साथ फिल्म निर्माण में उतरी माधुरी दीक्षित

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महाराष्ट्रियन परिवार से आने वाली माधुरी दीक्षित अब पहली मराठी फिल्म के साथ निर्माण में कदम रखने जा रही हैं। लगभग 30 साल तक बॉलीवुड पर राज करने वाली धक-धक गर्ल पहली बार किसी फिल्म का निर्माण करने जा रही हैं। इससे पहले खबर थी कि प्रियंका चोपड़ा के साथ मिलकर माधुरी दीक्षित एक टेलीसीरिज बनाने जा रही हैं, जो एक अमेरिकन चैनल के लिए होगी और इसमे माधुरी दीक्षित की जिंदगी के प्रमुख हिस्सों को सीरियल के रूप मे दिखाया जाएगा।

माधुरी की मराठी फिल्म की योजना को लेकर कहा जा रहा है कि माधुरी खुद इसमें एक्टिंग नहीं करेंगी, बल्कि सिर्फ प्रोड्यूसर की हैसियत से अपनी मातृभाषा में बनने वाली अपनी पहली फिल्म को लेकर सक्रिय होंगी। इस फिल्म का निर्देशन स्वप्ननिल जयकर करेंगे, जो इससे पहले बहुचर्चित मराठी फिल्म तेंदुलकर आउट बना चुके हैं।

‘तेंदुलकर आउट’ की पटकथा लिखने वाले योगेश विनायक जोशी माधुरी की प्रोडक्शन की मराठी फिल्म का लेखन करेंगे और नितिन प्रकाश वैद्य फिल्म के सह निर्माता होंगे। ये एक लव स्टोरी होगी और मुंबई, पुणे तथा कोंकण में फिल्म की शूटिंग अक्टूबर में शुरू होगी। इसमें दो नए कलाकारों को मुख्य भूमिका में लॉन्च किया जा सकता है। ये रोमांटिक फिल्म अगले साल 14 फरवरी के आसपास रिलीज हो सकती है।