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स्मृति ईरानी पहुंची पहाड़ों की रानी मसूरी

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कल देर शाम मसूरी पहुंची केंद्रीय राज्य मंत्री स्मृति ईरानी जोकि यहां एक दिन के कार्यक्रम के लिए आई। लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी आॅफ एडमिनिस्ट्रेशन के 52वें फाउंडेशन डे में उन्होंने शिरकत करी और आईएएस प्रोविजनर को संबोधित किया।

उनके मसूरी पहुंचने पर मसूरी के सभी बीजेपी कार्यकर्ता उनसे मिलने पहुंचे, वहीं मीडिया से दूर रहीं स्मृति। मसूरी के एमएलए गणेश जोशी ने क्षेत्र के विधायक होने के नाते, स्मृति ईरानी से शिष्टाचार भेंट करी और उनसे अनुरोध किया की मसूरी ना केवल उत्तराखंड बल्कि देश का एक अमूल्य हिस्सा है जिसे विकसित करने के जरुरत है जिसके लिए केंद्र की सहायता की जरुरत है।

विधायक जोशी ने बताया कि स्मृति ईरानी ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि वह पर्यटन मंत्री से बात करेंगी और हमें आश्वासन दिया कि वह पूरा प्रयास करेंगी।

स्मृति ईरानी की यह पहला मसूरी दौरा है मंत्री बनने के बाद, इससे पहले कई बार चुनावी रैली के लिए स्मृति ने पहाड़ों की रानी मसूरी को चुना है।

पूर्व सीएम हरीश रावत सीएमआई हाॅस्पिटल में भर्ती

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सीएमआई हॉस्पिटल में भर्ती है। पूर्व में मोटर साइकिल दुर्घटना के कारण ब्लड क्लाट बन जाने के कारण उनको डॉक्टरो ने आवजर्वेशन में रखा है ।

आपको बतादें कि पिछले महीन 20 जुलाई को तेज़ रफ़्तार बाइक की चपेट में आकर पूर्व सीएम चोटिल हुए थे। हरीश रावत घर के बाहर टहल रहे थे तभी एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। जिससे उनके पैर में मोच आ गई, हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री उस समय पूरी तरह से ठीक थे।

राजधानी देहरादून के सीएमआइ अस्पताल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भर्ती किया गया है।हरीश रावत को पांव में ब्लड क्लोटिंग की वजह से अस्पताल में भर्ती किया गया है।डॉक्टरों का कहना है कि, “अगर क्लोटिंग दिल तक पहुंचती है तो खतरा बढ़ सकता है, इसलिये उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।” मेडिकल साइंस में इस बीमारी को डीप वेन थ्रोंबोसिस कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का ओल्ड मसूरी रोड पर आवास है जब 24 जुलाई को वह बाहर टहल रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। वह लड़खड़ाए, मगर साथ चल रहे लोगों ने उन्हें संभाल लिया। बाद में सुरक्षाकर्मी उन्हें घर ले गए और प्राथमिक उपचार किया। बाइक सवार नशे में बताया जा रहा था। पूर्व सीएम ने इस मामले को। महज एक हादसा बताया और बाइक सवार के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इनकार किया।

अमित शाह के उत्तराखंड दौरे पर बरसे किशोर उपाध्याय

सत्ता और संगठन से दूर कांग्रेस प्रदेश संगठन के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का बीजेपी आलाकमान से गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमित शाह के मास्टर स्ट्रोक से सत्ता से बाहर हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अपनी खाज बीजेपी को कोस कोस के मिटा रहे हैं।

ऋषिकेश पहुंचे किशोर उपाध्याय ने प्रदेश सरकार की 6 महीने कार्यकाल पर निशाना साधा और कहा कि, “उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार फेल साबित हुई है, यहां डबल इंजन का तेल ही खत्म हो गया है अब अमित शाह उनके कार्यकाल की समीक्षा करने आ रहे हैं। इस समीक्षा से राज्यवासियों को क्या फायदा होगा? ना तो त्रिवेंद्र सरकार काम कर रही है और ना ही विकास के कोई कार्य जमीन पर दिखाई दे रहे हैं ऐसे में अमित शाह आए या ना आए,समीक्षा करें या ना करें,इससे राज्य को कोई फायदा नहीं होने वाला यहां डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल है।”

सड़क हादसे में घायल युवक की मौत

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कनखल क्षेत्र में बीते शनिवार को सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची और पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि कनखल थानांतर्गत, दादू बाग के पास बीते शनिवार को पैदल जा रहे एक युवक को कार ने टक्कर मार दी थी।

गंभीर रूप से घायल युवक यशपाल पुत्र बल्ला सिंह, निवासी ग्राम टिकौला, को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डॉक्टरों की सूचना पर कनखल पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के परिजनों ने पुलिस को अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध तहरीर दी है।

रुद्रपुर में पाँच जुआरी पकड़े गए

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रुद्रपुर में बीती रात एक 5 सितारा होटल से 5 लोगों को लाखों की नकदी के साथ जुआ खेलते पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा।

एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि, ”हमने बहुत दिनों से आॅनलाईन सट्टे की शिकायत आ रही थी, इसलिए कल रात हमने पाँच लोगों की एक रेड टीम गठित कि जिसमें सीओ भी थे और पांच लोगों को सट्टा करते रंगे हाथों पकड़ा और उनके पास से 5.40 लाख रुपये बरबाद किए गए”।

थाना पंतनगर और सिडकुल पुलिस चौकी का मामला होने के बाबजूद किसी को  रैङ की भनक नहीं थी। कप्तान दातें को लगातार मिल रहीं शिकायत के बाद, सीओ स्वतंत्र कुमार ने बिना थाना पंतनगर और सिडकुल को बताए यह कार्यवाही करी।

पकड़े गए जुआरियो में कांग्रेस व भाजपा नेताओ के करीबी भी शामिल होने के संकेत मिल रहें हैं। होटल में कमरे की ऑनलाइन बुकिंग कर के यह लोग यहा जुआ खेलते थे। पुलिस अब होटल की सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी, ताकि यह पता चल सके कही और भी साथी इनके साथ होटल में नहीं पहुचे थे।

अवधि से चार माह पहले ही पांच अधिकारी को पदोन्नति

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उत्तराखंड सरकार ने चार माह पहले ही पांच आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति दे दी है। यह सभी प्रभारी सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी की ओर से निकाले गए कार्यालय आदेश में 2002 बैच के आईएएस शैलेश बगोली तथा नितेश कुमार झा को प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है। इसी प्रकार इसी बैच के डी. सेंथि पांडियन, राधिका झा तथा विजय कुमार ढौंढियाल को पदोन्नति दी गई है।

वहीं प्रभारी सचिव को ग्रेड-पे में 10 हजार की प्रोन्नति देकर सचिव बना दिया गया है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार 16 साल पूरे होने पर ही सचिव बनाया जाता है लेकिन एक जनवरी 2018 को अवधि पूर्ण होने से पहले ही चार माह पूर्व इन अधिकारियों को सचिव बना दिया गया है। 

ड्रेस कोड पर बैकफुट पर आयें उच्च शिक्षा मंत्री बोले: छात्रों की इच्छा से लागू होगा

प्रदेश में डिग्री कॉलेज में चल रहे चुनाव में ड्रेस कोड के मुद्दे को छात्र संगठन बड़ी जोर शोर से उठा रहे हैं, जिसके नतीजे देखकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंत्री जी पर दबाव बनाना शुरु कर दिया है। बढ़ते दबाव के चलते  उच्च शिक्षा राज्य मंत्री अपने बयानों से बैकफुट पर आ गए हैं।

ऋषिकेश में एक कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा कि, “ड्रेस कोड की अनिवार्यता नहीं है, जिस कॉलेज में ड्रेस कोड लागू किया जाना है वहां के छात्रों की पहले राय ली जाएगी, अगर 50% से ज्यादा छात्र ड्रेस कोड के पक्ष में हैं तभी ड्रेस कोड लागू किया जाएगा अन्यथा ड्रेस कोड की बाध्यता नहीं रहेगी।”

गौरतलब है कि अभी प्रदेश के डिग्री कॉलेज में चुनाव की सरगर्मीयां चरम पर है, आने वाले दिनों में सरकार का यह कदम भाजपा के छात्र संगठन के लिए भारी पड़ सकता है जिसके चलते अब उच्च शिक्षा राज्यमंत्री बैकफुट पर आ गए हैं, और सफाई दे रहे हैं कि उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से काफी सुझाव मिले हैं जिन पर सरकार विचार कर रही है और ड्रेस कोड छात्रों की इच्छा पर ही निर्भर करेगा।

 

चार सितम्बर से शुरू होगी ‘केदारनाथ’की शूटिंग, सुशांत सिंह और सारा खान पहुंचे उत्तराखंड

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सैफ अली और अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान अपनी पहली फिल्म की शूटिंग के लिये उत्तराखंड पहुच गई है। काई पोछे, ऱाॅक आॅन और फितूर जैसी फिल्में बनाने वाले निर्देशक अभिषेक कपूर के निर्देशन औऱ एकता कपूर के बैनर तले बनने वाली फिल्म केदारनाथ के पहवे शेड्यूल की शूटिंग 4 सितंबर से उत्तराखंड में शुरू होने जा रहा है। सारा अली खान के साथ उनकी इस पहली फिल्म के हीरो सुशांत सिंह राजपूत हैं।

फिल्म की स्टार कास्ट सीतापुर के शिवालिक होटल में रुके हैं। इस फिल्म युनिट में करीब 250 लोग हैं औऱ 4 सितंबर से त्रिगुजी नारायण में इस फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।

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इस फिवल्म के लाइन प्रड्यूसर अनिल मेहता जो खुद भी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से हैं न्यूजपोस्ट से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि केदारनाथ आपदा पर बनी इस फिल्म की शूटिंग लगभग एक महीना गढ़वाल की हसीन वादियों में की जायेगी। गौरीकुंड, त्रिगुजीनारायण, सोनप्रयाग, गौरीकुंड औऱ चोपटा में फिल्म को शूट किया जायेगा।

‘केदारनाथ’ के निर्माण में बालाजी के साथ करीअर्ज एंटरटेनमेंट और टी सीरीज भी जुड़ गए हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तारखंड के बाद मुंबई, हैदराबाद और अमेरिका में लगातार होती रहेगी और अगले साल मई-जून में इसे रिलीज किया जाएगा। 

अनिल ने बताया कि जून के महीने में हमने यहां रेक्की किया था। हमारी निरंतर कोशिश रहती है कि उत्तराखंड को फिल्मकारों के लिये शूटिंग की एक मुफीद लोकेशन की तरह पेश किया जाये।अभी कुछ और प्राॅजेक्टस को भी उत्तराखंड लाने की बात चल रही है। इससे पहले अनिल जल्द रिलीज होने वाली फिल्म ‘सर्व मंगल सावधान’ की शूटिंग के सिलसिले में ऋषिकेश आ चुके हैं।

गौरतलब है कि सारा अली खान की यह पहली फिल्म है और इस पिल्म की कहानी 2013 में आई केदारनाथ आपदा पर आधारित है। इस आपदा में गढ़ावल में भारी मात्रा में जान-माल का नुकसान हुआ था।

कछुआ तस्कर गिरफ्तार, बीस कछुए बरामद

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रिक्शे पर कछुए ले कर जा रहे तस्कर सीपीयू के आ जाने पर कूदकर फरार हो गए। सीपीयू ने 20 कछुए पुलिस के सुपुर्द कर दिए। सिब्बल सिनेमा के पास दो तस्करो ने रिक्शा चालक को खेद स्थित साई मंदिर तक जाने को कह दो कट्टे उस पर लाद दिए। उसके बाद वह साईं मंदिर के पास जाने के लिए निकल गए।

रोडवेज के पास ड्यूटी कर रहे सीपीयू एसआइ हयात सिंह व कॉन्स्टेबल मानवेन्द्र सिंह ने जब रिक्शे से पानी गिरता देखा तो उन्‍होंने रिक्शा रोकने के लिए कहा। इस पर रिक्‍शा पर सवार दोनों लोग कूद कर फरार हो गए। सीपीयू कर्मियों ने उनका पीछा किया, लेकिन वे संकरी गलियों का फायदा उठा कर भाग निकले। सीपीयू ने बरामद कछुए पुलिस के सुपुर्द कर दिए। उनमें से एक कछुआ विलुप्त प्रजाति का बताया जा रहा है, जिसका वजन लगभग 12 किलो के करीब है। तस्करों ने उसके पैर बांध दिए थे।