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गणपति बप्पा मोरिया के नारों से गूंजा शहर

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जनपद उधमसिंहनगर हो या नैनीताल दोनों ही जिलों में गणपति बप्पा की विसर्जन यात्रा के दौरान भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। यात्रा में हजारों की तादात में स्थानीय लोग एक दूसरे पर अबीर गुलाल उड़ाते हुए नजर आए।

गणपति बप्पा की विसर्जन यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। चारों ओर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी। बाइकों में आगे-आगे बजरंग दल के कार्यकर्ता चले जा रहे थे। गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा का हर जगह स्वागत किया गया। शोभा यात्रा नगर से 13 किमी दूर मां गिरिजा मंदिर में जाकर समाप्त हुर्इ। यहां कोसी नदी में बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुर्इ।

सैराट निर्देशक की हिन्दी फिल्म में होंगे बिग बी

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मराठी में ‘सैराट’ फिल्म की सफलता से तहलका मचाने वाले निर्देशक नागराज मंजुले अब हिन्दी फिल्मों में कदम रखने जा रहे हैं और उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म में अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका निभाने जा रहे हैं। अब इस फिल्म में बिग बी की भूमिका के बारे में कुछ जानकारी सामने आई है।

इस फिल्म में अमिताभ बच्चन नागपुर के एक ऐसे समाजसेवक विजय बरसे का रोल करेंगे, जिन्होंने नागपुर में झोपड़पट्टी में रहने वाले युवकों के फुटबॉल खेल से जुड़ने की हसरत को पूरा करने में बहुत बड़ा रोल निभाया था। नागराज मंजुले अक्टूबर के मध्य से इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाले हैं।

फिल्म का पहला शेड्यूल मुंबई में और इसके बाद दिसम्बर में दूसरा शेड्यूल नागपुर में होगा, जबकि अगले साल फिल्म का तीसरा शेड्यूल पुणे में होगा। नागराज इस फिल्म को अप्रैल तक रिलीज करना चाहते हैं। नागराज का कहना है कि इस फिल्म में चार युवा कलाकारों की प्रमुख भूमिकाएं हैं, जिनके चयन की प्रतिक्रिया गणपति के बाद शुरू होगी।

उन्होंने संकेत दिए कि इन भूमिकाओं में वे मराठी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों को कास्ट करना चाहते हैं। साथ ही फिल्म में दो हीरोइनों के लिए नए चेहरों को लॉन्च किया जाएगा। दो अलग-अलग जातियों से जुड़े युवा प्रेमियों की कहानी पर बनी नागराज मंजुले की बतौर निर्देशक पहली फिल्म सैराट ने मराठी चित्रपट की दुनिया में कामयाबी का डंका बजा दिया था। 

कार्यकर्ता अभी से जुटें निकाय चुनाव की तैयारी मेेंः कोश्यारी

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सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई रही योजनाओं का लाभ कार्यकर्ता गरीबों को दिलाएं और उनका प्रचार भी करें। कार्यकर्ता अभी से 2018 के निकाय चुनाव और 2019 के लोक सभा चुनाव कि तैयारी में जुट जाए।

कोश्यारी लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शिव अरोरा एवं पूर्व पालिका उपाध्यक्ष नत्थूलाल गुप्ता के नेतृत्व भाजपाइयों ने फूल मालाओं से जोरदार भव्य स्वागत किया। श्री कोश्यारी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही हर चुनाव फतह किया जाता है। भाजपा संगठन को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी विश्व कि नम्बर एक पार्टी है। उसी कि गरिमा को ध्याम में रखते हुए कार्यकत्र्ता जनता के दिल में जगह बनाए।

कोश्यारी ने कहा कि 2018 में निकाय चुनाव हैं और 2019 के लोक सभा चुनाव। चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ता अभी से तैयारियों में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों को देने के लिए घर घर अभियान चलाएं।

 

सनी के साथ सिंघम 3 बनाएंगे शेट्टी

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अजय देवगन के साथ इन दिनों ‘गोलमाल 4 ‘को अंतिम रूप देने में जुटे निर्देशक रोहित शेट्टी अभी तक कई बार ये संकेत देते आए हैं कि उनकी आने वाली फिल्मों की योजनाओं में अजय देवगन के साथ सिंहम की तीसरी कड़ी का नाम भी है। वे संकेत दे चुके थे कि इसके लिए उनके लेखकों की टीम जल्द ही काम शुरू करने जा रही है।

अजय देवगन के साथ सिंहम और फिर ‘सिंहम 2’ बना चुके रोहित शेट्टी के ये संकेत गलत साबित हुए और अब खबर मिल रही है कि ‘सिंहम’ की तीसरी कड़ी में अजय देवगन नहीं, सनी देओल मुख्य भूमिका करेंगे और निर्देशक भी रोहित शेट्टी नहीं होंगे। रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी अजय देवगन की फिल्म ‘सिंहम’ की पहली कड़ी तेलुगू फिल्मों के दिग्गज सितारे सूर्या की इसी नाम से बनी फिल्म का रीमेक थी।

इस बीच तेलुगू में ‘सिंहम’ की तीसरी कड़ी भी बन गई, जिसमें सूर्या ही हीरो थे और इसके रीमेक को अब सनी के साथ हिंदी में बनाया जाएगा। ‘सिंहम 3’ की तेलूगू फिल्म बनाने वाले के रविचंद्रन को ही हिंदी रीमेक के निर्देशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका निर्माण हिंदी में पैन वाले जयंतीलाल गाढ़ा होंगे, जो इससे पहले सनी के साथ घायल रिटर्न के सह निर्माता रहे हैं।  कहा जाता है कि ‘सिंहम 3’ की कहानी एक हत्या के केस में फंसे राजनेता और इस केस की जांच करने वाले ईमानदार पुलिस अधिकारी के बीच टकराव को लेकर होगी। इसके लिए लेखन का काम शुरु हो चुका है।

इन दिनों बाबी और अपने पापा धर्मेंद्र के साथ सनी हैदराबाद में ‘यमला पगला दीवाना 3’ की शूटिंग में बिजी हैं। इस शेड्यूल के बाद नवंबर या दिसंबर से सनी के निर्देशन में शुरू होने जा रही उनके बेटे करण देओल की लांचिंग, ‘फिल्म पल पल दिल के पास’ की शूटिंग शुरू होनी है। अपने बेटे की लांचिंग फिल्म का निर्देशन सनी देओल खुद कर रहे हैं। 

कांग्रेस सरकार में होते थे काम भाजपा में नहीं सुनवायीः राजेश शुक्ला

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भाजपा के विधायक जब पढने लगे कांग्रेस के कसीदे तो सभी दंग रह गये।कांग्रेस सरकार में उनकी ज्यादा सुनवायी थी बजाय भाजपा सरकार के, यही नहीं अब सरकार के पास 58 विधायक है उनकी सुनवायी में वक्त लगता है। जी हां ये कहना है किच्छा से भाजपा विधायक राजेश शुक्ला का जिन्होने शिक्षकों के सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर विराजी नेता प्रतिपक्ष डा इन्दिरा ह्रद्येश की जहां तारीफों के पुल बांधे वहीं बातों ही बातों में अपनी ही सरकार पर निशाना साधना नहीं भुले।जहां मंत्री मंडल में जगह ना मिलने की टीस भी उनके भाषणों में दिखाई दी वहीं राजेश शुक्ला ने ये भी कहा कि कांग्रेस सरकार में वो लड कर काम करा देते थे और उनके काम हो भी जाते थे, मगर भाजपा में विधायकों की संख्याबाल इतना अधिक है कि सुनवायी में समय लग जाता है, जिन शिक्षकों के सम्मेलन को राजेश शुक्ला सम्बोधित कर रहे थे वो सम्बोधन करते हुए भावनाओं में इतना बह गये कि अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलने के लिए भी तौयार हो गये।उन्होने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए वो हर सम्भव प्रयास करेंगे और सदन में अपनी ही सरकार के खिलाफ भी बोलना पडे तो शिक्षकों की जायज मांग को जरुर उठायेंगे, शुक्ला की इन बातों से तो यही लगता है कि लम्बे समय से विपक्ष में रहकर विपक्षी तेवर अभी भाजपा नेताओं के जहन से निकलने का नाम नहीं ले रहे हैं।

ऋषिकेश एम्स प्रशासन की निकाली शवयात्रा

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अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान ऋषिकेश नियुक्तियों में उत्तराखंड के निवासियों को वरीयता न मिलने व नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उत्तराखंड जन विकास मंच व समाजिक संगठनों ने नगरपालिका परिषद ऋषिकेश से एम्स प्रशासन की शवयात्रा निकाली।

यह रैली उत्तराखंड के बेरोजगारों को एम्स में नौकरी के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए निकाली गई। रैली के आयोजकों आशुतोष शर्मा, कपिल गुप्ता का कहना था कि, “ऋषिकेश में एम्स की स्थापना को लगभग 15 साल होने जा रहे हैं, जिसे बनाने मे एनडीए सरकार का योगदान है और जिसकी घोषणा से उत्तराखंड और विशेषकर ऋषिकेश के लोगों ने स्वास्थ्य व रोजगार को लेकर जो सपने संजोये थे आज वो धाराशाही होते नजर आ रहे है। यहां पर पहले जो भी निदेशक आये उन्होंने ईमानदारी का ढोल पीटकर केवल अपना हित साधने का प्रयास किया और अपना उल्लू सीधा कर चले गए।”

आरोप है कि अब एक नए साहब आये लेकिन परिणाम वही ‘ढाक के तीन पात, और उल्टा पिछलों के समय जो काम छुप के हो रहा था वो आजकल खुल के हो रहा हैं। अपने पीछे एक पाक साफ जांच भी लेकर आये है। उनहोंने आरोप लगाया कि बेरोजगारों से नौकरी देने के नाम पर 50 हजार से लेकर 02 लाख तक की मांग की जा रही है जो दे रहा है उसे नौकरी (ठेकेदारी में) दी जा रही और जो नही दे रहा है उसका आवेदन अगले दिन कुड़ेदान में मिल रहा है।

आंदोलनकारियों ने मांग की है कि ऋषिकेश एम्स में पूर्व व वर्तमान में हो रही अनियमितताओं की केंद्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे।

अब रात को भी उडेगी पंतनगर से फ्लाईट

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पंतनगर एयरपोर्ट से अब रात के अंधेरे में भी हल्के विमान उतर सकेंगे एवं उड़ान भर सकेंगे। जिसके लिए फ्लाइंग क्लब संचालित कर रही अंबर एविएशन द्वारा सोमवार रात में हल्के विमान उड़ाने एवं उतारने का सफल परीक्षण किया गया।

प्राधिकरण द्वारा पंतनगर एयरपोर्ट पर प्रेसिजिंग एप्रोच लाइट्स लगाने का काम पूरा कर लिया। उसके बाद सोमवार को अंबर एविएशन की ओर से हल्के एयरक्राफ्ट उड़ाने एवं उतारने का सफल परीक्षण किया। इससे अब पंतनगर एयरपोर्ट पर रात के अंधेरे में भी हल्के विमानों (2-4 सीटर) के उतरने एवं उड़ान भरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। साथ ही शीघ्र हाई प्रेसिजिंग लाइट्स लगाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। जिससे कोहरे या अंधेरे में भारी विमान (72 सीटर) भी पंतनगर में उतरने एवं उड़ान भरने लगेंगे।

ड्रग्स के खिलाफ जंग और पेशेवर अपराधियों को पकड़ना होगी प्राथमिकता: अशोक कुमार

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एडीजी लाॅ एंड आॅर्डर का कामकाज संभाले अशोक कुमार को एक हफ्ता हुआ है और ये नया रोल उन्हें काफी व्यस्त रखे हुए है। राज्यभर के पुलिस अधिकारियों से मीटिंग और फोन काॅल के बीच कुमार ने न्यूजपोस्ट से अपनी प्राथमिकताओं और चुनौतियों को लेकर बात की। कुमार कहते हैं कि “उत्तराखंड एक शांत प्रदेश है और इसे ऐसा रखने के लिये उनकी प्राथमिकता ट्रैफिक, ड्रग्स, पेशेवर अपराधियों औऱ पुलिस विभाग के अंदर फैले भ्रष्टाचार को काबू में करना होगी”

इन सभी से निपटने के लिये अशोक कुमार ने खांचा तैयार किया है पर इन सब में सबसे ऊपर है पेशेवर अपराधियों को काबू में करना। कानून को ठेंगा दिखाकर खुले घूम रहे इन अपराधियों को काबू में करने के लिये वो बताता हैं कि “जो अपराधी वाॅंटेड चल रहे हैं उनकी फाइलों का अध्धयन करके ईनामी रकम बढ़ाकर उन्हें जल्द से जल्द पकड़ने और उनकी संपत्तियों को एटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी”। उत्तराखंड एक तरफ हिमाचल प्रदेश से अपनी सीमा साझा करता है पर राज्य पुलिस के लिये चिंत्ता का विषय है पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लगती राज्य की सीमा। कई पेशेवर अपराधी उत्तराखंड को जुर्म करके छुपने की मुफीद जगह की तरह देखते हैं।

 इन सबके साथ साथ कुमार की प्राथमिकताओं में पुलिस विभाग का आधुनिकीकरण करना भी है। इसके लिये 

  • अंडर वाॅटर कैमरा
  • नदियों और पानी के नीचे तलाशी के लिये सोनार सिस्टम
  • ई-चलान सिस्टम
  • और वर्दी पर पहनने वाले कैमरे जल्द ही पुलिस विभाग के मिलने की उम्मीद है।

राज्य भर के थानें में महिला पुलिस कर्मियों की कमी लंबे समय से पहाड़ों में कानून व्यवस्था के बनाये रखने में परेशानी का सबब बनती रही है। कुमार इसे समस्या के हल के लिये राज्यभर के थानों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती करने की तैयारियों में लगे हुए हैं।

हरियाणा के पानीपत जिले के कुराना गांव में जन्में अशोक कुमार का पुलिस विभाग में लंबा सफ़र रहा है। राज्य ही नहीं उन्होंने केंद्र में बीएसएफ़ औऱ सीआरपीएफ में भी महत्वपूर्ण पदों पर ज़िम्मेदारी सँभाली है। वो अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर संयुक्त राष्ट्र में कोसोवो में भी अपने सेवाएँ दे चुके हैं। आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई करने वाले कुमार ने क़ानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के अलावा पुलिस विभाग के लिये कई अन्य काम भी किए हैं। इनमें उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय और देहरादून स्थित पुलिस कॉलोनी का निर्माण शामिल है। बतौर निदेशक पुलिस खेल विभाग कुमार ने पुलिस और आम लोगों में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये कई सकारात्मक क़दम उठाये हैं। जिनमें पिछले साल आयोजित की गई देहरादून हाॅफ मैराथन शामिल है। इस दौड़ में राज्य ही नहीं देश विदेश से कुल मिलाकर क़रीब 30 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया। इस साल दिसंबर में इस दौड़ के दूसरे अध्याय के लिये ज़ोर शोर से तैयारी चल रही है

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने किए बाबा केदार के दर्शन

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हिंदी फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के लिए जनपद रुद्रप्रयाग आए फिल्म अभिनेता सुशांत राजपूत ने बुधवार को बाबा केदार के दर्शन किए। फिल्म की शूटिंग रुद्रप्रयाग जिले के त्रियुगीनारायण, केदारनाथ, सोनप्रयाग, गोरीकुण्ड, सीतापुर, तुंगनाथ व चोपता की वादियों में शूट की जाएगी। इस फिल्म में जून 2013 की आपदा से जुड़ी घटनाओं को फिल्माया जाएगा।
केदारनाथ धाम में सुशांत राजपूत के साथ सभी स्थानिय लोगों ने शैल्फी भी ली। केदारनाथ धाम में सुशांत राजपूत के साथ फिल्म की अभिनेत्री सारा अली खान भी मोजूद रही। दोनों ने केदारनाथ धाम के साथ ही भैरवनाथ मंदिर के भी दर्शन किए और सितंबर माह में एक सप्ताह केदारनाथ धाम में फिल्म की शूटिंग करेंगे। इसके लिए जीएमवीएन में 250 बेडों की बुकिंग भी कर दी गई है।

sara khan

फिल्म की स्टार कास्ट सीतापुर के शिवालिक होटल में रुके हैं। इस फिल्म युनिट में करीब 250 लोग हैं औऱ 4 सितंबर से त्रिगुजी नारायण में इस फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।इस फिल्म के लाइन प्रड्यूसर अनिल मेहता जो खुद भी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से हैं न्यूजपोस्ट से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि केदारनाथ आपदा पर बनी इस फिल्म की शूटिंग लगभग एक महीना गढ़वाल की हसीन वादियों में की जायेगी। गौरीकुंड, त्रिगुजीनारायण, सोनप्रयाग, गौरीकुंड औऱ चोपता में फिल्म को शूट किया जायेगा।

गौरतलब है कि सारा अली खान की यह पहली फिल्म है और इस फिल्म की कहानी 2013 में आई केदारनाथ आपदा पर आधारित है। इस आपदा में गढ़ावल में भारी मात्रा में जान-माल का नुकसान हुआ था।

पतंजलि की मदद से चिड़ की सुईयों से बनेगी अगरबत्ती

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राज्य सरकार ने ग्रामीणों की आय को बढ़ावा देने और चिड़ पाइन की सुइयों से छुटकारा पाने के लिए एक नई पहल करने का विचार किया है।चीड़ की सुईयां जंगलों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं और राज्य में वनों की आग लगने का एक प्रमुख कारण है। वन विभाग की योजना है कि स्थानीय लोगों की मदद से धूप की छड़ यानि की अगरबत्ती की लकड़ी बनाने के लिए रामदेव के पतंजलि को सैकड़ों पाईन सुई इकट्ठा करके भेजना चाहिए।

वन सेना के प्रमुख राजेंद्र महाजन ने कहा, “पाइन सुई उनके गुणों के कारण एक अच्छा अग्निबाट (धूप की छड़) बनाती है।उत्तराखंड के जंगलों में बहुत सारा कच्चा माल है। इसलिए हम पतंजलि के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं जिससे यह जंगल से पाइन सुई का उपयोग कर अगरबत्ती की लकड़ी बना सके। “

महाजन ने कहा कि, “हम सोच रहे हैं कि छोटे-छोटे धूप बनाने वाली इकाइयां जंगलों के पास स्थापित की जा सकती हैं जहां स्थानीय लोगों से पाइन सुइयों जमा करवाईं जाएं। जंगल विभाग निवासीयों से पाइन सुइयों को चुनने के लिए शुल्क नहीं लेगा। फरवरी से अप्रैल तक अधिकतम सुईयां इकठ्ठा कर लेगें, जब ज्यादातर पाइन सुइया जंगल में पड़ी होती हैं इससे जंगल में लगने वाली आग से भी बचा जा सकता हैं क्योंकि अप्रैल के बाद गर्मियों की शुरुआत के साथ जंगल में आग की संभावना बढ़ जाएगी। “

पतंजलि ने कहा कि वह इस विचार में फारेस्ट डिपार्टमेंट का पूरा साथ देंगे। पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि, “उत्तराखंड सरकार ने चिर पाइन सुई का अच्छा इस्तेमाल करने को सोचा है और हालिया मीटिंग में हमारे साथ इस सामग्री के आधार पर जरुरी उत्पादों के साथ आने के प्रस्ताव पर चर्चा की, यह परियोजना बेहद फायदेमंद होगी क्योंकि इससे आग से जंगल की सुरक्षा होगी और स्थानीय निवासियों को सशक्त बनाया जाएगा। “

योग गुरु रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण ने हाल ही में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से ‘सहयोग’ मिशन के लिए एक ज्ञापन समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने पर चर्चा की, जिसके तहत पतंजलि राज्य सरकार को माइग्रेशन की जांच, रोजगार प्रदान करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य अर्थव्यवस्था बढ़ाने में मदद करेगी।

राज्य सरकार चिड़ पाइन सुई का इस्तेमाल करने के तरीकों पर विचार कर रही है,  पिछले साल 4,500 हेक्टेयर जंगल आग लगने से इलाकों में तब्दील होने के बाद अब कैसे  पाईन से जंगलों को मुक्त रखा जा सकता है इसपर विचार चल रहा है।जंगलों में आग लगने के पीछे पाइन सुई को प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।

कालगाढ़ के विभागीय वन अधिकारी धीरज पांडे ने धूप बनाने के लिए पाइन सुइयों का इस्तेमाल करने के फैसले का स्वागत किया है और कहा कि, “पाइन के पत्तों से निकाले जाने वाले आवश्यक तेलों का उपयोग साबुन, लोशन, मोमबत्तियों जैसे उत्पादों को बनाने के लिए भी किया जा सकता है।”

कुछ गांवों ने सफलतापूर्वक आय अवसरों को बढ़ावा देने के लिए चिड़ पाइन्स का इस्तेमाल किया है।अल्मोड़ा के दादीम खोला गांव में, निवासियों ने पाइन सुई से ईंधन की लकड़ी के ईंटे बना रही हैं। देवरेंद्र सिंह नयाल, ग्राम प्रधान ने कहा कि, “हमारे गांव में 90 घर हैं और लगभग सभी घरों ने सीखा है कि कैसे चीर पाइन सुई से ईंधन की लकड़ी के ब्रिकेट्स बनाए जाते हैं। हम उन्हें राज्य सरकार के कार्यालयों में बेचते हैं ताकि सर्दियों में कमरे गर्म हो सकें। “