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स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम की सराहनीय पहल

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हल्द्वानी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने करी यह सराहनीय पहल। प्रदेश के पहले इ-टॉयलेट का मेयर जोगेन्द्र रौतेला और नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने मिल कर शुभारंभ किया।

मुख्य बाजार के बीच में बनाया गया यह इ-टॉयलेट, बाजार आने वाले पुरुष और महिलाओं को काफी सहूलियत देगा। शुभारंभ में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एपी बाजपेई सहित नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहें ।

शिक्षक दिवस पर सीएम शिक्षकों से करेंगे सीधा संवाद

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सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितम्बर को सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे तक प्रदेश के शिक्षकगणों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद करेंगे। उक्त जानकारी सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा ने दी।

सचिव राधिका झा ने सभी जिलाधिकारियों, निदेशक उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं प्रारम्भिक शिक्षा को निर्देश दिये कि समस्त जिला मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों तथा विकासखण्ड मुख्यालयों पर स्थित स्वान केन्द्रों में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री का शिक्षकों से सीधा संवाद कराने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि कतिपय तहसील एवं विकासखण्ड मुख्यालयों पर वीडियो कांफ्रेंस की व्यवस्था क्रियाशील स्थिति में न हो तो ऐसी स्थिति में तत्काल उन्हें सही करा लिया जाए। इसके पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 09 अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के लगभग 2500 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया था।

मौत का फ्लाईओवर बनता जा रहा, बल्लीवाला फ्लाईओवर

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एक साल सात मौत, ये सच है बल्लीवाला फ्लाईओवर का। आए दिन फ्लाईओवर पर हो रहे हादसों को देखते हुए एक बार फिर फ्लाईओवर के निर्माण और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल, बल्लीवाला फ्लाईओवर के निर्माण से पहले डिजाइन और चौड़ाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके अलावा फ्लाईओवर बनने के बाद से ही हादसे शुरू होने लगे जिसके बाद दून पुलिस ने सुरक्षा को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजा गया। लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी अब तक कोई योजना शुरु नहीं हो पाई। अब एक बार फिर दून पुलिस फ्लाईओवर के दोनों और से टी जाल बिछाने की बात कर रहा है।
डिजाइन और चौड़ाई पहले से ही विवादों में
24 जुलाई 2016 से बल्लीवाला लाईओवर पर ट्रैफिक दौड़ने लगा था। जो कि 2013 से निर्माण कार्य चालू हो गया था। तब दावा किया गया था कि फ्लाईओवर सिर्फ 25 करोड़ की लागत से बना है, लेकिन फ्लाईओवर की डिजाइन और इसकी चौड़ाई को लेकर शुरू से सवाल उठ रहे थे।
दरअसल, जीएमएस रोड दोनों ओर से काफी चौड़ी है, जबकि फ्लाईओवर की चौड़ाई इसके हिसाब से काफी कम है। ऐसे में जब वाहन फ्लाईओवर में प्रवेश करते हैं, तो उनके आपस में टकराने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा ओवरटेक करने की स्थिति में पैराफिट से टकराने की प्रबल संभावना रहती है। अब तक जो भी हादसे बल्लीवाला फ्लाईओवर पर हुए हैं, उनमें गाड़ियों के टकराने से ही हादसे हुए हैं। इसमें कई बार लाईओवर से नीचे गिरने की घटना भी हुई।
सोमवार देर रात हुए हादसे में भी स्कूटी सवार की मौत टकराकर लाईओवर से नीचे गिरने से हुई। एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल का कहना है कि उन्होंने शुरुआत में ही फ्लाईओवर के दोनों तरफ से टी जाल बिछाने के अलावा फ्लाईओवर पर प्लास्टिक के डिवाइडर लगाने की भी बात की थी। जिससे गाड़ी चलाने वाले अपनी साइड में ही गाड़ी चलाएं। एक बार फिर दून पुलिस ने प्रस्ताव तैयार कर लाईओवर के दोनों और से टी जाल बिछाने का प्रस्ताव बनाने की बात कही है।
वहीं, एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि फ्लाईओवर में हो रहे हादसों को देखते हुए पुलिस से टी जाल लगाने का प्रस्ताव बनाएगा। लेकिन सवाल ये है कि एक साल गुजरने के बाद भी अब तक क्यों सरकार और प्रशासन ने मौत का फ्लाईओवर बन रहे बल्लीवाला फ्लाईओवर के लिए सुरक्षा की दृष्टि से जाल बिछाने और अन्य सुविधाएं देने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

क्यों खाली कराया गया फ्रैंकफर्ट शहर…

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 जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में मंगलवार को एक इमारत के निर्माण कार्य के दौरान मिले 1400 किलो के ब्रिटिश बम के कारण 70,000 लोगों को उनके घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है, ताकि बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सके। बताया जा रहा है यह बम द्वितीय विश्व युद्ध का है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बम की क्षमता आसपास की गलियों और इमारतों को पूरी तरह से तबाह करने जितनी है, इसलिए इसका नाम ‘ब्लॉकबस्टर’ रखा गया था।
फ्रैंकफर्ट अग्निशमन विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रविवार को शहर को सुरक्षित खाली कराए जाने के बाद बम निष्क्रिय कर दिया जाएगा। फिलहाल पूरा इलाका पुलिस की देख-रेख में है। इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि जहां बम मिला है, उसके आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के इलाके को खाली कराया जाना जरूरी है।
विदित हो कि जर्मनी के ऑग्सबर्ग में पिछले क्रिसमस के दौरान भी इसी तरह का बचाव अभियान चलाया गया था। उस वक्त एक जिंदा ब्रिटिश बम मिलने की वजह से करीब 54,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था।

भालू ने युवक को किया घायल, हालत गंभीर

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चमोली जिले के विकास खंड दशोली विकास खंड के झींझी गांव के एक युवक को भालू ने गंभीर रूप से घायल कर दिया है। युवक को रोड बंद होने के कारण ग्रामीण कुर्सी की पालकी बनाकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाट ले गए। युवक की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे श्रीनगर के लिए रेफर कर दिया।

झींझी गांव का नरी लाल अपने मवेशियों के साथ गांव के ही पास के जंगल में गया था, जहां पर भालू ने नरी लाल पर हमला कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। साथ के अन्य लोगों के हल्ला मचाने पर किसी तरह से भालू वहां से भाग गया। साथ के अन्य लोग उसे गांव तक लाए। निजमूला-चमोली मोटर मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद होने के चलते ग्रामीण उसे कुर्सी की पालकी बनाकर रामणी के रास्ते 20 किमी पैदल चलकर घाट सीएचसी में लाए। युवक की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे श्रीनगर के लिए रेफर कर दिया है।

किट्टी प्रकरण: आरोपी सविंदर ने कोर्ट में किया सरेंडर

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किट्टी की करीब 60 करेाड़ रुपये लेकर फरार किट्टी संचालक सविन्दर ने बुधवार को जिला न्यायालय में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने सविंदर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस को चकमा देकर न्यायालय में आरोपी के सरेंडर करने से शहर में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस भाजपा नेत्री व सविंदर की पत्नि को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।


नगर कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान ने बताया कि किट्टी प्रकरण के बाद फरार सविंदर की लगातार तलाश जारी थी। आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी भी जांच कर रही थी। यही कारण है कि आरोपी ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। वहीं, पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अर्जी देगी।
विदित हो कि चर्चित किट्टी प्रकरण में सविंदर व उसकी पत्नि गुरुप्रीत ने हजारों महिलाओं के करोड़ों रुपये ठग लिए थे। किट्टी के नाम पर लोगों के करोड़ों लुटने वाले सविंदर के वकील वीरेन्द्र प्रताप सिंह व रिशु मेहरा ने बताया कि सविंदर ने बुधवार को जिला न्यायालय में आत्म समर्पण किया है। उन्होंने कहा कि सविंदर को इस मामले में झूठा फंसाया गया है।

रिस्पना, बिन्दाल नदियों का रिटेनिंग वाल गुणवत्ता की आईआईटी रूड़की से होगी जांच

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प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रिस्पना और बिन्दाल नदियों को रिटेनिंग वाल की डिजाइन व गुणवत्ता की जांच आईआईटी रुड़की से कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों ही नदियों की स्वच्छता और सुन्दर बनाने के लिए वृक्षरोपण किा जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में रिस्पना और बिन्दाल नदी के निर्माणाधीन रिवर फ्रन्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में सीएम ने परियोजना में नदी के दोनों किनारों पर बन रही रिटेनिंग वाल की गुणवत्ता का विशेष ध्यान को कहा। उन्होंने कहा कि दोनों ही नदियों की स्वच्छता, सीवरेज ट्रीटमेंट योजना और किनारों पर वृक्षारोपण कर सुन्दर बनाया जाए।
बैठक के दौरान बताया गया कि रिस्पना-बिन्दाल नदियों की रिवर फ्रन्ट डेवलपमेंट परियोजना हेतु 800 करोड़ का इंजीनियरिंग कार्य होना है। प्रथम चरण में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में हरिद्वार बाईपास बिन्दाल पुल के दानों तरफ पांच-पांच किमी तथा रिस्पना नदी पर धोरण पुल के दोनों तरफ पांच-पांच किमी का स्ट्रेच चयनित किया गया है। वहीं, प्रथम चरण में स्वीकृत 140 करोड़ रुपये के सापेक्ष शासन द्वारा 90 करोड़ रुपये अंशदान एवं शेष 50 करोड़ रुपये एमडीडीए द्वारा इसी योजना से एकत्र (रेज) कर दिया जाना है। शासन द्वारा अब तक 50 करोड़ रुपये अवमुक्त किया जा चुका है, जिसके सापेक्ष 44.4 करोड़ रुपये का कार्य हो चुका है। अभी तक दोनों नदियों पर 3.5 किमी रिटेनिंग वाल बनाई जा चुकी है।
बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मेयर विनोद चमोली, प्रमुख सचिवआनंद वर्द्धन, सचिव मुख्यमंत्री अमित नेगी, वीसी एमडीडीए विनय शंकर पाण्डे एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी व निजी दोनों चीनी मिलों को घाटे से उबारेगी सरकार

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सरकारी और निजी दोनों ही श्रेणियों की चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए ठोस कार्य योजना प्रस्तुत के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को समय से उनकी उपज का पूरा मूल्य मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में गन्ना-चीनी विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के कुप्रबंधन का नुकसान किसान और कर्मचारी दोनों को उठाना पड़ता है। उन्होंने इकबालपुर चीनी मिल सहित अन्य निजी चीनी मिलों को प्रदेश के किसानों का भुगतान रोककर, बाहरी किसानों को तत्काल भुगतान करने की प्रवृत्ति पर आडे हाथों लिया। उन्होंने सभी निजी चीनी मिलों को उत्तराखण्ड के गन्ना किसानों का भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के सख्त रूख पर इकबालपुर चीनी मिल, जिसपर उत्तराखण्ड के किसानों का 59 करोड़ रूपये बकाया है, ने 15 सितम्बर तक 15 करोड़ रुपये देने तथा शेष 34 करोड़ रुपये अतिशीघ्र देने का भरोसा दिया। इसी प्रकार लक्सर और लिब्बरहेड़ी चीनी मिलों ने बकाया लगभग 7.7 करोड़ रुपये एक सप्ताह में चुकाने का वादा किया।
मुख्यमंत्री ने गन्ना सचिव को निर्देश दिये कि गन्ना मूल्य भुगतान के प्रस्ताव के साथ चीनी मिलों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ठोस कार्ययोजना कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करें। सभी सरकारी चीनी मिलें न्यूनतम 120-130 दिन तक चलनी चाहिए। उन्होंने चीनी मिलों द्वारा किसानों से गन्ना क्रय करते समय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
वहीं, सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग दिलीप जावलकर द्वारा अवगत कराया गया कि सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2016-17 में कुल 350.60 लाख कुन्टल गन्ने की पेराई कर 34.55 लाख कुन्टल चीनी का उत्पादन किया गया है।
वर्तमान पेराई सत्र 2016-17 में कुल देय गन्ना मूल्य भुगतान रु. 1080.18 करोड़ के सापेक्ष रु0 876.99 का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है तथा रू0 203.18 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाना शेष है, जो कि कुल देय का 18.81 प्रतिशत है।
जावलकर ने बताया कि सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों पर वर्तमान में गन्ना मूल्य देय 110 करोड़ बकाया है, उपस्थित सभी मिल प्रबन्धन द्वारा अवगत कराया गया कि चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति ऋणात्मक है तथा चीनी मिलों द्वारा गत वर्षो के गन्ना मूल्य भुगतान हेतु लिये गये ऋण की अदायगी भी की जा रही है।
जावलकर ने बताया कि निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के सम्बन्ध में इकबालपुर चीनी मिल द्वारा कुल देय गन्ना मूल्य 192.94 करोड़ के सापेक्ष्य केवल 113.32 करोड़ का भुगतान ही किया गया है तथा रुपये 79.62 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना शेष है। चीनी मिल लिब्बरहेड़ी एवं लक्सर द्वारा लगभग कुल देय गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया गया है मात्र 1.31 करोड़ लिब्बरहेड़ी चीनी मिल पर एवं 6.47 करोड़ लक्सर चीनी मिल पर बकाया है।
मुख्यमंत्री द्वारा उक्त चीनी मिलों को सम्पूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान किये जाने के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी सहित सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे।

ऋषिकेश एम्स के छात्रों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

ऋषिकेश में नवनिर्मित एम्स में चल रहे एमबीबीएस के पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले एमबीबीएस छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। एमबीबीएस छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने उनकी  मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ छात्र हितों का भी हनन कर रखा है।अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र कल रात से ही डायरेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल कर बैठ गए हैं छात्रों का कहना है कि बिजली पानी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एम्स प्रशासन लगातार सख्त रवैया अपनाता रहता है, जिसके चलते यहां पढ़ने वाले एमबीबीएस के छात्रों में रोष बना हुआ है।

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छात्रों का कहना है कि उनकी हॉस्टल सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं साथी कैंपस में घूमने फिरने पर भी पाबंदी लगा रखी है। छात्र-छात्राएं एक साथ ना हीं उठ सकते ना बैठ सकते हैं, यह तानाशाही वाला रवैया लगातार एम्स प्रशासन के द्वारा अपनाया जा रहा है जो छात्रों को स्वीकार नहीं है।जिसके खिलाफ कल रात से ही एमबीबीएस के सभी सेमेस्टरों के छात्र-छात्राएं विरोध स्वरुप डायरेक्टर ऑफिस के पास धरना देकर बैठ गए हैं लेकिन अभी तक कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की कोई सुध नहीं ली है। हालांकि स्थानीय पुलिस प्रशासन सुरक्षा की दृष्टि को लेकर एम्स कैंपस में मौजूद है लेकिन डायरेक्टर अभी तक इन छात्रों से वार्ता के लिए तैयार नहीं है और दूसरी तरफ छात्रों का भी कहना है कि जब तक हमारी 10 सूत्रीय मांगों का पर एम्स प्रशासन हल नहीं निकलता तब तक इस गतिरोध के चलते ही कल से ही एमबीबीएस के छात्रों की पढ़ाई  ठप है।

फिल्म ‘बादशाहो’ मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट : अजय देवगन

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बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता-निर्देशक अजय देवगन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बादशाहो’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। वह हर तरह के किरदारों को पर्दे पर निभा चुके हैं। दर्शकों ने भी उन्हें हर रूप में सराहा है। फिलहाल उनकी चर्चा बहुत जल्द रिलीज होने जा रही फिल्म ‘बादशाहो’ को लेकर हो रही है, जिसके प्रमोशन के सिलसिले में वह फिल्म के प्रोड्यूसर भूषण कुमार, डायरेक्टर मिलन लूथरिया एवं अपने सह-कलाकारों- इमरान हाशमी, इलियाना डि‘क्रूज और ईशा गुप्ता के साथ दिल्ली में थे।


अजय देवगन से यह पूछने पर कि पुराने निर्देशक दोस्त मिलन लूथरिया के साथ एक बार फिर काम करने का अनुभव कैसा रहा? उन्होंने कहा, ‘हमेशा की तरह बेहतरीन अनुभव रहा। मिलन लूथरिया के साथ यह मेरी चौथी फिल्म है। इससे पहले हमने मिलन के साथ ‘कच्चे धागे’, ‘चोरी-चोरी’ और ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई’ की है। इनमें से दो फिल्में सुपरहिट साबित हुई हैं। ‘बादशाहो’ भी हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसकी सफलता को लेकर हम सबने जी-तोड़ मेहनत की है।’ फिल्म की कहानी के बारे में अजय ने बताया, ‘सबसे अहम बात फिल्म की यह है कि इसके जरिये यह बताने की कोशिश की गई है कि महिला और पुरुष में कोई विभेद नहीं है और दोनों एकसमान है।’

अपनी फिल्मों को लेकर अजय का कहना है कि फिल्म के चयन की उनकी प्रक्रिया आज ज्यादा स्पष्ट हो गई है और अब वह किसी भी प्रोजेक्ट के लिए तभी हां करते हैं जब उसकी पटकथा अच्छी हो। जहां तक ‘बादशाहो’ की बात है, तो हमने मिलन के साथ इसकी स्टोरी पर जमकर मेहनत की है। अजय ने कहा कि किसी अभिनेता के लिए भावनात्मक वजह से किसी फिल्म को हां कहने का जोखिम बहुत ज्यादा है।

यह पूछने पर कि ‘बादशाहो’ किस तरह की फिल्म है? मिलन लूथरिया ने कहा, ‘फिल्म ‘बादशाहो’ एक हिसाब से पीरियड फिल्म जैसी है, जो आपातकाल के समय की कहानी को दिखाएगी। इसकी शूटिंग राजस्थान में की गई है।’ मिलन लूथरिया ने कहा, ‘हालांकि, यह पूरी तरह पीरियड फिल्म नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक कहानियों से प्रेरित फिल्म जरूर है, क्योंकि फिल्म की कहानी 1970 के दशक के दरम्यान लगी आपातकाल के दौर पर आधारित है। फिल्म को रजत अरोड़ा ने लिखा है।

फिल्म के बारे में अपनी राय रखते हुए इमरान हाशमी ने कहा, ‘‘बादशाहो‘ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें मैं बार-बार काम करना पसंद करूंगा। मैं वास्तव में ऐसे कॉन्सेप्ट का प्रशंसक हूं। हालांकि, यह एक बड़े बजट की फिल्म है और करियर की शुरुआत में मुझे कभी ऐसा गुमान भी नहीं हुआ था कि आगे जाकर मेरे हिस्से में ऐसी फिल्म भी आ सकती है।

फिल्म में मुख्य भूमिका में अजय देवगन, इमरान हाशमी, विद्युत जामवाल, इलियान डिक्रूज, ईशा गुप्ता, संजय मिश्रा समेत कई कलाकार हैं। फिल्म पहली सितंबर को रिलीज होगी। फिल्म में सनी लियोनी का एक आइटम सॉन्ग भी है, जिसे इमरान हाशमी के साथ फिल्माया गया है।’