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बहन के घर भाई ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

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कनखल थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में भाई ने बहन के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कनखल पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है। आत्महत्या करने से पहले युवक ने मां को फोन को अपना ध्यान रखने की बात कही थी।

कनखल थाना क्षेत्र के सर्वप्रिय विहार निवासी दुर्गा पाठक विहिप के अनुसांगिक संगठन दुर्गा वाहिनी से जुड़ी हैं। पिछले कुछ दिनों से दुर्गा पाठक का भाई किशोर पाठक (25) निवासी सती कुंड कनखल बहन के घर आया था। गुरुवार रात को दुर्गा परिजनों के साथ रिश्तेदारी में गई थीं, जबकि किशोर घर में अकेला था। मध्यरात्रि पौने दो बजे किशोर ने अपनी मां के मोबाइल पर फोन कर उन्हें अपना ध्यान रखने की बात कही। इसके बाद उसने फोन काट दिया। रात में फोन आने से परिजन घबरा गए। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और खुद भी दुर्गा के घर की ओर रवाना हुए।
सूचना पर पहुंचे एसओ अनुज सिंह ने देखा कि घर के दरवाजे खुले हैं, जबकि किशोर पंखे में फंदे से लटका हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। थानाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि किशोर डीजे संचालक था। गुरुवार रात को उसने भोजन भी नहीं किया था। उधर, प्रकरण की जांच कर रहे दारोगा महावीर रावत ने बताया कि किशोर के युवती से प्रेम प्रसंग की भी बात सामने आ रही है। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

‘पहाड़ी सोल’ का ‘कुखड़ी’ गाना रातों-रात मशहूर

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‘पहाड़ी सोल’ प्रोडक्शन का राकेश भारद्वाज द्वारा गाया हुआ गाना ‘कुखड़ी’ रातों-रात मशहूर हो गया है।4 मिनट 46 सेकेंड का कुखड़ी गढ़वाल का लोकगीत है जो रिलीज होने के साथ ही राकेश भारद्वाज के फैंस की पहली पसंद बन गया है।

राकेश से टीम न्यूज़पोस्ट की बातचीत में बताया कि, “यह गाना इतना पुराना है कि इतिहास में भी इसकी कोई पहचान नहीं बची है। मैं और मेरे साथी कृष्णा बागोट पिछले एक साल से इस लोकगीत पर काम कर रहे थे।”

इस गाने के बोल में अापकों गढ़वाल के पहाड़ों के आॅथेंटिक क्यूजिन जो आज भी लोगों का लोकप्रिय है मिलेंगे, पत्यूड़, लसन लोड़, उड़द दाल की पकौड़ी, तिल की चटनी, और ऐसे ही स्वादिष्ट खाने की चीजों से एक सास अपने जम्हाई को आकर्षित करती हैं ताकि वह एक रात और रुक जाए।

rakesh bharadwaj

यू तो इस गाने को महिलाओं का गाना कहा जाता है, लेकिन बाकि सभी गानों की तरह यह भी एक ऐसा गाना है जो समय के साथ लोग भूल चुके हैं। लेकिन राकेश और कृष्णा की कड़ी मेहनत ने एक बार फिर इस गाने को नए रुप में लोगों के सामने प्रस्तुत किया है।

राकेश का यह गाना उनके पिछले गानों की तरह फ्यूजन बेस्ड नहीं है। राकेश इस गाने के निर्देशक,निर्माता और गीतकार भी हैं क्योंकि उनका यह सोचना था कि केवल वही इस गाने को अपना सौ प्रतिशत दे पाऐंगे जिसपर उन्होंने इतनी मेहनत की है।

पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र जैसे की र्मोचंड और हुड़का जो अब पहाड़ से विलुप्त होने की कगार पर है इन यंत्रों ने इस गाने में प्रमाणिकता और मधुरता पर चार चांद लगा दिया है, इसके लिए राकेश अपने के पिता जी का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने र्मोचंग बजाने की कला से राकेश को बचपन में नवाज़ा था।

गढ़वाल के मशहूर फोटोग्राफर मुकेश खुग्साल  इस लोकगीत के विडियो डायरेक्टर हैं, जिन्होंने अपनी कला से इस गाने और संगीत में और भी जान डाल दी है।

हॉलीवुड की फिल्म में वकील बनेंगी प्रियंका चोपड़ा

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अपनी पहली हॉलीवुड फिल्म बेवाच के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बाद प्रियंका चोपड़ा ने हॉलीवुड की दो नई फिल्में साइन की हैं। खबर मिल रही है कि इन दो फिल्मों में से एक फिल्म में वे वकील का किरदार निभाने जा रही हैं। इस फिल्म का निर्देशन सेठ गार्डन करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रियंका का किरदार एक ऐसी तेजतर्रार महिला वकील का होगा, जो क्राइम केस को चुटकियों में हल कर देती है।

ये फिल्म अगले साल मार्च में शुरू होगी। इस फिल्म के अलावा दूसरी हॉलीवुड फिल्म में प्रियंका एक सिंगल मदर का रोल करने जा रही हैं, ऐसा सूत्रों का कहना है। ये फिल्म कब शुरू होगी, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। जहां तक बॉलीवुड की बात है, तो कहा जा रहा है कि संजय लीला भंसाली के बैनर में उनकी फिल्म गुस्ताखी का मामला अटक गया है। पहले इस फिल्म में इरफान काम करने वाले थे, लेकिन इरफान ने दूसरी फिल्मों में व्यस्तता की बात कहकर इस फिल्म से खुद को अलग कर लिया है।

एक और खबर ये थी कि ‘रेस 3’ में सलमान के साथ प्रियंका चोपड़ा को कास्ट किया जा रहा है, लेकिन ये अफवाह साबित हुई। ‘रेस 3’ में सलमान के साथ जैकलीन फर्नांडिज को कास्ट किया गया है। प्रियंका चोपड़ा अपने प्रोडक्शन हाउस में प्रादेशिक भाषाओं की फिल्मों में ज्यादा व्यस्त हैं। उनकी कंपनी में बनी सिक्किमी भाषा की फिल्म पाहुना को टोरंटो में होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। 

पन्द्रह अगस्त 2019 पर भी रिलीज होगी अक्षय कुमार की फिल्म

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अक्षय कुमार की पिछले कई सालों से 15 अगस्त और इसके आसपास नई फिल्में रिलीज होती आ रही हैं। इस बार उनकी फिल्म टायलेट एक प्रेमकथा को 11 अगस्त को रिलीज हुई थी और अब खबर मिल रही है कि 2018 के बाद 2019 में भी 15 अगस्त को अक्षय कुमार की ही फिल्म रिलीज होगी। 2018 में 15 अगस्त के मौके पर फिल्म गोल्ड रिलीज होगी, जिसमें वे 40 के दशक में तीन लगातार गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के कप्तान बलबीर सिंह की जिंदगी का किरदार निभा रहे हैं।

बलबीर सिंह इन दिनों कनाडा में रहते हैं। लंदन में इस फिल्म के दो बड़े शेड्यूल पूरे हो चुके हैं। फरहान अख्तर की कंपनी यह फिल्म बना रही है। अक्षय कुमार पहली बार फरहान की कंपनी की फिल्म में काम कर रहे हैं। रीमा कातगी इस फिल्म का निर्देशन कर रही हैं, जो इसी कंपनी में आमिर खान के साथ फिल्म तलाश बना चुकी हैं। इस फिल्म में टीवी एक्ट्रेस मौनी राय को अक्षय कुमार के साथ बालीवुड में लांच किया जा रहा है।

2019 में 15 अगस्त पर रिलीज होने वाली फिल्म का नाम लैंड आफ लूंगी रखा गया है, जिसमें अक्षय कुमार एक बार फिर सिख गेटअप में नजर आएंगे। सिंह इज किंग और सिंह इज ब्लिंग में वे सिख की भूमिकाएं कर चुके हैं। लैंड आफ लूंगी का निर्माण साजिद नाडियाडवाला के बैनर तले होगा। फिल्म के निर्देशक का नाम अभी जाहिर नहीं हुआ है। साजिद के बैनर में अक्षय कुमार पूर्व में वक्त हमारा है, मुझसे शादी करोगी और हाउसफुल सीरीज की फिल्मों में काम कर चुके हैं। 

जल्द सुलझेगा सीबीएसई देहरादून भूमि आवंटन का मामला

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के देहरादून रीजन की जमीन की गुहार पर सरकार जल्द अमल करेगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बोर्ड को जल्द जमीन अलॉट करने का आश्वासन दिया है।

विधानसभा में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल पर सीबीएसई बोर्ड को जल्द जमीन मुहैया कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि इसे लेकर बोर्ड को विकल्प के रूप में कुछ इलाकों की जमीन बताई गई है, जिसमें से बोर्ड अपनी जरुरत के मुताबिक जमीन का चुनाव करेगा। इसके बाद सरकार की ओर से जमीन को अलॉट कर दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग की जमीन देने में कर रहे संकोच
बीते दिनों सीबीएसई दिल्ली से आई जांच टीम ने सरकार द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराई गई जमीन को फेल करार दिया था, जिसके बाद बोर्ड ने नए सिरे से जमीन की मांग शुरू की। बोर्ड ने अपनी पंसद के हिसाब से जमीन का चिन्हिकरण कर सरकार को भी इस बारे में बताया, लेकिन संबंधित जमीन शिक्षा विभाग की होने के कारण सरकार उसे बोर्ड को आवंटित करने में संकोच कर रही है।
मामले में शिक्षा मंत्री का कहना था कि शिक्षा विभाग की जमीन को सरकार शिक्षा से जुड़े नए प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकती है। इसी कारण वह जमीन आवंटित करना संभव नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कई दूसरे विकल्प बोर्ड को दिए गए हैं, जिसमें से चुनाव कर जमीन को बोर्ड को उपलब्ध करा दिया जाएगा।

बीते कई सालों से बोर्ड लगा रहा गुहार
सीबीएसई सरकार से लगातार जमीन की मांग कर रहा है। खास बात यह कि इसके लिए बोर्ड जमीन के वाजिब दाम तक देने को तैयार है, लेकिन इसके बाद भी सरकार की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिस कारण बोर्ड को कामकाज आदि में भी परेशानी हो रही है। काफी प्रयासों के बाद बोर्ड को राज्य सरकार की ओर से जो जमीन आवंटित की गई वह भी बोर्ड के मानकों पर खरी नहीं उतर पाई। जिस कारण अब दोबारा बोर्ड उचित स्थान पर जमीन की मांग कर रहा है।
मामले में बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सीबीएसई देहरादून रीजन उत्तरप्रदेश के 15 जिलों सहित उत्तराखंड के सभी जिलों के स्कूलों का जिम्मा संभालता है। प्रदेश में क्षेत्रीय कार्यालय होने का सीधा फायदा प्रदेश के स्कूलों और पहाड़ के बच्चों को है। अगर बोर्ड को प्रदेश में जमीन उपलब्ध नहीं की गई तो बोर्ड का कार्यालय उत्तरप्रदेश में स्थानांतरित करने का प्लान भी बोर्ड बना रहा है। ऐसे में राज्य के बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी, लेकिन अब शिक्षा मंत्री के जल्द कार्रवाई के आश्वासन के बाद बोर्ड को उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है।

बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई मार्ग अवरुद्ध

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उत्तराखंड में बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गढ़वाल क्षेत्र में बारिश से भारी नुकसान भी हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में मलबा आने से 100 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, तो देहरादून और हरिद्वार में जलभराव से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नदी-नाले उफान पर हैं। टिहरी झील का जलस्तर भी 817 मीटर पर पहुंच गया है। हरिद्वार में गंगा चेतावनी रेखा के करीब है तो यमुना का जलस्तर भी बढ़ गया है। हालात के मद्देनजर प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम के तेवरों को देखते हुए शासन ने भी सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

उधर, बद्रीनाथ के पास लामबगड़ में तीन मीटर हाईवे बह गया है। प्रशासन ने 250 से ज्यादा यात्रियों को गोविंदघाट और पांडुकेश्वर के साथ ही विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया है। सोनप्रयाग के पास भूस्खलन से केदारनाथ हाईवे पर भी आवागमन बाधित है। कुमाऊं के पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर हिमपात के समाचार हैं।
बारिश और भूस्खलन के चलते देहरादून के ग्रामीण क्षेत्रों में खासा नुकसान हुआ है। जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर में पुरटाड़ गांव में पहाड़ी दरकने से एक मकान और चार गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। दहशतजदा ग्रामीणों ने जागकर रात गुजारी। एसडीएम चकराता बृजेश कुमार तिवारी ने राजस्व टीम को मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर टिहरी जिले में मसूरी से 20 किलोमीटर दूर भटोली ग्रामसभा में चट्टान दरकने से एक गोशाला धवस्त हो गई। इससे मलबे में दबकर 31 बकरियों की मौत हो गई। हरिद्वार में भी बारिश का असर देखने को मिला। हाईवे पर कटाव से आवाजाही तो बाधित रही ही, कई स्थानों में घंटों बिजली गुल रही।
वहीं, पिथौरागढ़ में पंचाचूली राजरम्भा, नंदाकोट और नंदाघूंघट समेत 06 चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली। इसके अलावा नैनीताल, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के अधिकतर क्षेत्रों में दिनभर बारिश का दौर रहा।

अगले 24 घंटे भारी
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश पर अगले 24 घंटे भारी गुजर सकते हैं। विशेषकर पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी से भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रशासन से सतर्क रहने को कहा है।

डीएवी में एबीवीपी लगातार 11वीं बार, महासचिव पर आर्यन

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डीएवी पीजी कॉलेज में लगातार 11वीं बार एबीवीपी डायनामाइट की गूंज सुनाई दी। हालांकि, इस बार छात्र संघ चुनाव एक तरफा दिखाई नहीं दिया। मतगणना के दौरान मतों के कम अंतर ने प्रत्याशियों की सांसे हर सेकेंड अटकाए रखीं लेकिन मतगणना पूरी होने के बाद परिणामों की घोषणा के साथ ही एबीवीपी खेमे में जश्न का माहौल बन गया। भारी बारिश के बीच समर्थकों ने ढोल की थाप पर जमकर डांस किया।

35 वोट से बना 11 साल लगातार जीत का रिकॉर्ड
कॉलेज के छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने 11 बार लगातार जीत हासिल कर अपना रिकॉर्ड कायम रखा। हालांकि, जहां दो साल पिछले रिकॉर्ड वोट से जीत हासिल हुई थी, बीते साल महज 10 वोटों के साथ यह अंतर कम देखा गया। वहीं, इस साल अंतर केवल 35 वोटों का रहा। एबीवीपी के शुभम सिमल्टी ने 1346 वोट हासिल कर प्रतिद्वंदी एनएसयूआई के विकास नेगी को 35 वोट से मात दी। विकास को 1311 वोट प्राप्त हुए थे।

शानदार जीत के साथ महासचिव पर लौटा आर्यन
छात्र संघ महासचिव पद की बात करें तो लगातार आठ साल जीत के बाद बहते साल हार का मुंह देखने वाले आर्यन संगठन ने इस बार शानदार वापसी की। आर्यन संगठन के आकाश गौड़ ने 1263 वोट हासिल कर प्रतिद्वंदी सत्यम शिवम ग्रुप के अरविंद चौहान को रिकॉर्ड 344 वोटों से मात दी। अरविंद को 919 वोट प्राप्त हुए। जीत के बाद संगठन में जोश और जश्न का माहौल रहा।
विकास ग्रुप के नवीन बने विवि प्रतिनिधि
विकास ग्रुप ने बीते साल की तरह इस बार भी जीत का सिलसिला जारी रखा। यूनिवर्सिटी रिप्रेजेंटेटिव (यूआर) यानि विवि प्रतिनिधि पद पर संगठन के नवीन नेगी ने 1007 वोट हासिल कर प्रतिद्वंदी मोनिका को 153 वोटों से पराजित किया। मानिका को 854 वोट ही मिल पाई। वहीं वाइस प्रेसीडेंट यानि उपाध्यक्ष पद पर दिवाकर ग्रुप के हिमांशु नेगी ने शानदार 1745 वोटा प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने प्रतिद्वांदी शिवानी को 507 वोटों से मात दी। ज्वाइंट सेक्रेट्री पद पर आयुषी सेमवाल ने 952 वोट हासिल कर जीत हासिल की। वहीं, ट्रेजरार यानि कोषाध्यक्ष पद पर आर्यन संगठन के अजय कुमार ने 1080 वोट प्राप्त कर विजय पताका लहराया। छात्रा प्रतिनिधि पद पर प्रिंयका ने 1255 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। इसके अलावा छात्र प्रतिनिधि विज्ञान में सतीश नौटियाल, कॉमर्स प्रतिनिधि में विपिन पंत और व्यवसायिक कोर्स प्रतिनिधि के रूप में अभिषेक को निर्विरोध चुना गया।
52.44 प्रतिशत थे मतदाता
चुनाव के दौरान सभी पदों के लिए 6879 मतदाताओं में से 52.44 प्रतिशत यानि 3608मतदाताओं ने ही वोट किया था। वोटिंग 7 पदों के लिए की गई। शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में करीब सुबह साढ़े आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई थी। शुरूआती दौर में मतगणना एनएसयूआई का पलड़ा भारी करती चली गई। लेकिन दो राउंड के बाद तस्वीर बदल गई। इसके बाद एबीवीपी ने लगातार लीड बनाते हुए जीत हासिल कर ली। परिणामों की घोषणा होते ही कॉलेज के अंदर और बाहर जश्न का माहौल बन गया। परिणामों के बाद विजयी प्रत्याशियों के लिए शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया। जिसके बाद प्रत्याशियों ने अपनी जीत की खुशी रंग अबीर गुलाल के बीच एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मनाई।
इस बार नहीं दिखा नारी शक्ति का जलवा
बीते साल जहां 9 पदों में चार पर छात्राओं ने बाजी मारी थी, वहीं इस साल छात्रा प्रतयाशियों का जलवा फीका रहा। इस बार सात बड़े पदों में महासचिव पद पर डिंपल शैली, उपाध्यक्ष पद पर शिवानी और यूआर पद पर मोनिका चुनाव का रुख अपनी ओर करने में नाकाम रही। तीनों पदों पर प्रतिद्वंदी छात्र प्रत्याशियों ने भारी मतों से जीत हासिल की।
जमकर हुआ नोटा का उपयोग
छात्र संघ चुनाव में भले ही प्रतयाशियों ने अपना तन मन और धन झौंका हुआ था। लेकिन, इसके बाद भी सैंकड़ों ऐसे छात्र थे जिन्होंने प्रतयाशियों को सिरे से नकारते हुए जमकर नन आॅफ दी अबव यानि नोटा का उपयोग किया। आलम यह रहा कि कई पदों पर तो नोटा का आंकड़ा 600 से भी अधिक रहा। यहां अध्यक्ष पद पर 37, उपाध्यक्ष पद पर 126, महासचिव पद पर 28, सह सचिव पद पर 604, कोषाध्यक्ष के लिए 615, यूआर पर 236 और छात्रा प्रतिनिधि पद के लिए सबसे ज्यादा 658 छात्र-छात्राओं ने नोटा का विकल्प चुना।
सीसीटीवी की नजर में रहा चुनाव
कॉलेज में शुक्रवार को हुई मतगणना की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में संपन्न हुई। कॉलेज में बैडमिंटन हॉली में मतगणना स्थल बनाया गया था। स्थल को पूरी तरह से कैमरों की निगरानी में रखा गया। मुख्य चुनाव अधिकारी डा. डीके त्यागी ने बताया कि सभी कैमरे लगातार मतगणना पर नजर रखे हुए थे।
परिणामों के नजरिए से चुनाव
पद विनर वोट प्रतिद्वंदी वोट
प्रेसीडेंट शुभम सिमल्टी 1346 विकास नेगी 1311
वाइस प्रेसीडेंट हिमांशु नेगी 1745 शिवानी 1238
सेक्रेटरी आकाश गौड़ 1263 अरविंद चौहान 919
ज्वाइंट सेक्रेटरी आयुषी सेमवाल 952 दीपिका रावत 806
टे्रजरार अजय कुमार 1080 नितेश रावत 693
यूआर नवीन नेगी 1007 मोनिका 854
यूजीआर (छात्रा) प्रियंका 1255 काजल 1158
यूजीआर कॉमर्स विपिन पंत – – निर्विरोध
यूजीआर साइंस सतीश नौटियाल – – निर्विरोध
यूजीआर प्रोफेशनल कोर्स अभिषेक – – निर्विरोध
यूजीआर आर्ट्स कोई नामांकन नहीं
पीजी रिप्रेजेंटेटिव कोई नामांकन नहीं

बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद, 200 से अधिक यात्री फंसे

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बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ के पास पहाड़ी से मलबा आने से बाधित हो गया है। मार्ग बाधित होने से यहां पर दो सौ से अधिक तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं। क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा के कारण मार्ग खोलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। हालांकि एनएच के कर्मी मार्ग खोलने में जुटे हैं लेकिन पहाड़ी से बार-बार बोल्डर आने से मार्ग खोलने में परेशानी हो रही है।
जनपद चमोली में गुरुवार की रात्रि से हो रही मूसलाधार वर्षा के चलते बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ में सुबह से ही बंद हो गया है। जिसके कारण यहां पर दो सौ से अधिक तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं। एनएच द्वारा मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है लेकिन भारी वर्षा के कारण पहाड़ी से निरंतर गिर रहे मलबे से मार्ग खोलने में परेशानी हो रही है। एनएच के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही बारिश बंद होगी मार्ग को खोलकर यात्रियों को आवाजाही शुरू कराई जाएगी। 

अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में पति को आजीवन कारावास की सज़ा

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2010 में देहरादून में हुए अनुपमा गुलाटी हत्याकांड में अनुपमा के पति राजेश गुलाटी को अदालत ने आजीवन कारावास की सज़ा सुनाी है।राजेश को गुरूवार को ही अदालत ने अपनी पत्नी की हत्या करने और हत्या से जुड़े सबूतों को छुपाने का दोशी करार दिया था। दोशी करार दिया है। गुरूवार को आये फैसले में अदालत ने अनुपमा के पति राजेश को हत्या औऱ सबूत छिपाने औऱ नष्ट करने का दोशी करार दिया। इस जुर्म के लिये राजेश को सज़ा का ऐलान शुक्रवार को किया गया।

एडीजी पंचम विनोद कुमार की अदालत ने भरी अदालत में इसका ऐलान किया। इसके पहले दोनों पक्षों ने सजा के मामले पर लंबी बहस की। बचाव पक्ष की तरफ से आजीवन कारावास की मांग की गई जबकि सरकारी पक्ष के वकील ने इस मामले को जघन्यतम से भी ज्यादा क्रूर मानते हुए फांसी की सजा की मांग की।दोनों पक्ष के सुनवाई दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गौरतलब है कि आज से 7 साल पहले पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या कर दी हत्या करने के बाद 2 महीने तक शव के साथ रहा उसने शव के टुकड़े किए तथा कुछ पाट पोस्ट डीप फ्रीज में रखा था कुछ-कुछ जंगल में फेंक दिया मृतक महिला के भाई ने जब उसकी तलाश शुरु की तो मामले का खुलासा हुआ था

11 दिसंबर 2010 को देहरादून में उस समय सनसनी फैल गई जब करीब 72 टुकड़ों में कटी हुई एक महिला की लाश बरामद हुई। हत्या की जघ्नता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाश को काटने के बाद छिपाने के लिये डीप फ्रीजर में रखा गया था। दरअसल पेशे से इंजीनियर राजेश ने बेरहमी से अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की हत्या की और घर में ही आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। इन्हें बड़े फ्रीजर में डाला और धीरे-धीरे कर शव के टुकड़े जंगल में फेंकता गया। राजेश सत्य निकेतन नई दिल्ली में पत्नी अनुपमा और दो बच्चों के साथ रहता था। 17 अक्टूबर 2010 को अनुपमा अचानक लापता हो गई। अनुपमा की गुमशुदगी के बारे में राजेश ने करीब एक महीने तक सभी घरवालों को अंधेरे में रखा। इस दौरान शक के कारण अनुपमा के घर वालों ने पुलिस में शिकायत की जिसके चलते इस अपराध पर से परदा उठा।

क्या है अनुपमा गुलाटी केस?

यह हत्याकांड कैंट कोतवाली क्षेत्र के प्रकाशनगर में 11 दिसंबर 2010 को सामने आया था, जब नई दिल्ली के मूल निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी की पत्नी 17 अक्टूबर 2010 को अचानक लापता हो गई।

आपको बतादें कि डाक्टर राजेश गुलाटी अपनी पत्नी अनुपमा और 4 साल की बेटी के साथ घटना से लगभग 18 महीने पहले देहरादून में शिफ्ट हुए थे।17 अक्टूबर को राजेश की अपनी पत्नी के साथ कहासुनी होने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को धक्का दिया जिससे अनुपमा का सर दिवार में जा लगा।जिसके बाद अनुपमा बेहोश हो गई और राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी के 70 के करीब टुकड़े कर के उसे डिप फ्रिजर में डाल दिया।

अनुपमा के परिवार से उसकी बात ना होने के बाद अनुपमा का भाई राजेश उसे ढूंढता हुआ देहरादून पहुंचा, मगर उसे घर में नहीं घुसने दिया गया। यह सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो एक कमरे में रखे डीप फ्रीजर से अनुपमा गुलाटी के लाश के टुकड़े मिले।

राजेश ने पत्नी की  हत्या करने के बाद उसे दीप फ्रीजर में रख दिया था और खून जम जाने के बाद बाजार से पत्थर काटने वाली आरी से लाश के टुकड़े किए। लाश को ठिकाने लगाने के लिए राजेश ने तीन बार लाश के कुछ टुकड़े पॉलीथिन में डालकर मसूरी में पहाड़ी से नीचे फेंके। धीरे-धीरे लाश को फेकने के काम को राजेश अंजाम दे रहा था लेकिन इसी बीच उसका भेद खुल गया।

 

श्रमिकों का फूटा गुस्सा तो पुलिस भाजी लाठियां

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पंतनगर सिडकुल में स्थित अशोका लीलैंड कंपनी में  बीती देर शाम एक श्रमिक काम के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उत्तर प्रदेश के जिला बलिया का रहने वाला संजीत कुमार फैक्ट्री में ही दो वाहनों के बीच में आकर बुरी तरह से घायल हुआ। घायल श्रमिक को उपचार न मिलने की खबर फैली और इससे गुस्साए श्रमिक फैक्ट्री परिसर में ही विरोध पर उतर आए।

बताया जा रहा है कि  संजीत कुमार देर शाम की शिफ्ट में काम कर रहा था। फैक्ट्री परिसर में ही दो वाहनों के बीच आ जाने से वह बुरी तरह घायल हो गया। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से बताया गया कि घायल श्रमिक को उपचार के लिए हल्द्वानी स्थित बॉम्बे अस्पताल भेजा गया है। इ

स बीच श्रमिकों को जानकारी मिली की संजीत कुमार गंभीर रूप से घायल है और इसको कोई उपचार नहीं दिया जा रहा है। यह खबर फैलने पर श्रमिक भड़क उठे। अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले सभी श्रमिक एकत्र होकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ता देख सीओ स्वतंत्र कुमार और सिडकुल चौकी प्रभारी नरेश चौहान भी मय पुलिय फोर्स मौके पर पहुंचे। और श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस अधिकारियो की एक न सुनी और हंगामा करते रहे जिसपर पुलिस ने श्रमिकों पर लाठीचार्ज किया।